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May 06, 2026
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PANKAJ CHANDRAKAR

PANKAJ CHANDRAKAR

 मुख्यमंत्री ने खिलाडिय़ों को दी बधाई और शुभकामनाएं

थॉमस कप जीतकर भारतीय टीम ने रचा इतिहास

भारतीय बैडमिंटन संघ के सचिव ने मुख्यमंत्री को सौंपा उपहार

अंतर्राष्ट्रीय बैडमिंटन संघ द्वारा इंटरनेशनल बैडमिंटन चैलेंज स्पर्धा छत्तीसगढ़ में आयोजित करने का फैसला

आयोजन के लिए मुख्यमंत्री ने दी सहमति

रायपुर / शौर्यपथ /

थॉमस कप विजेता भारतीय टीम के खिलाडिय़ों ने उपहार स्वरूप छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के लिए अपने हस्ताक्षर किया हुआ बैडमिंटन किट भेजा है। जिसमें भारतीय खिलाडिय़ों के हस्ताक्षरयुक्त बैग और बैडमिंटन रैकेट शामिल है। भारतीय बैडमिंटन संघ के सचिव श्री संजय मिश्रा ने आज मुख्यमंत्री श्री बघेल से उनके निवास कार्यालय में मुलाकात कर उन्हें यह उपहार भेंट किया। मुख्यमंत्री ने खिलाडिय़ों की ओर से मिले इस उपहार को सहर्ष स्वीकार करते हुए भारतीय खिलाडिय़ों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि थॉमस कप जीतकर भारतीय टीम ने इतिहास रचा है। गौरतलब है कि भारत ने 73 वर्ष में पहली बार बैडमिंटन की सबसे बड़ी अंतर्राष्ट्रीय टीम प्रतियोगिता थॉमस कप जीता है।
छत्तीसगढ़ में आयोजित होगी इंटरनेशनल बैडमिंटन चैलेंज स्पधार्: आयोजन के लिए मुख्यमंत्री ने दी सहमति
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से मुलाकात के दौरान भारतीय बैडमिंटन संघ के सचिव ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय बैडमिंटन संघ द्वारा इस वर्ष छत्तीसगढ़ में बैडमिंटन की इंटरनेशनल चैलेंज स्पर्धा के आयोजन का फैसला किया गया है। इसके आयोजन की संभावित तिथि 20 से 25 सितम्बर 2022 तक रहेगी। उन्होंने इस आयोजन के लिए मुख्यमंत्री से सहयोग का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इस इंटरनेशनल स्पर्धा के आयोजन से वैश्विक खेल मानचित्र पर छत्तीसगढ़ की उपस्थिति दर्ज होगी और भविष्य में भी प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धाओं के आयोजन की संभावनाएं बढ़ेंगी। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने इस इंटरनेशनल स्पर्धा के आयोजन के लिए सहमति देते हुए आयोजन के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। भारतीय बैडमिंटन संघ के सचिव श्री मिश्रा ने मुख्यमंत्री से छत्तीसगढ़ में जल्द से जल्द बैडमिंटन अकादमी की स्थापना कराने का आग्रह भी किया। मुख्यमंत्री ने पिछले वर्ष सितम्बर माह में रायपुर में बैडमिंटन अकादमी की स्थापना की घोषणा की थी। श्री मिश्रा ने मुख्यमंत्री को बताया कि छत्तीसगढ़ में बैडमिंटन अकादमी संचालित होने से भारतीय बैडमिंटन संघ की ओर से राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के उत्कृष्ट कोच की सुविधा छत्तीसगढ़ को मिलेगी। साथ ही छत्तीसगढ़ में बैडमिंटन के राष्ट्रीय प्रशिक्षण केन्द्र के शुरू होने की संभावना भी बढ़ेगी। मुख्यमंत्री ने बैडमिंटन अकादमी की स्थापना की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
मुख्यमंत्री को भेजे गए बैडमिंटन किट पर थॉमस कप विजेता टीम के 10 खिलाडिय़ों के हस्ताक्षर
मुख्यमंत्री को थॉमस कप विजेता टीम के खिलाडिय़ों की तरफ से भेंट किए गए बैडमिंटन किट में थॉमस कप विजेता भारतीय टीम के खिलाडिय़ों में सर्वश्री किदांबी श्रीकांत, लक्ष्य सेन, एचएस प्रणॉय, चिराग शेट्टी, सात्विक साईराज, प्रियांशु रजावत, धु्रव कपिला, कृष्णा प्रसाद, विष्णु वर्धन और एम.आर. अर्जुन सहित देश के सुप्रसिद्ध बैडमिंटन खिलाड़ी गोपीचंद के हस्ताक्षर भी हैं।
इस अवसर पर संचालक खेल एवं युवा कल्याण श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा सहित छत्तीसगढ़ बैडमिंटन एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष श्री संजय भंसाली, छत्तीसगढ़ के राष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाडिय़ों में हीरल चौहान, तनु चंद्रा, रौनक चौहान, अंतर्राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी श्रीमती नीता डूमरे, सबा अंजूम, वेटलिफ्टर रूस्तम सारंग भी उपस्थित थे।

रायपुर / शौर्यपथ /

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल इन दिनों एक विशेष अभियान पर हैं। इस अभियान में वे प्रदेश की सभी विधानसभाओं का दौरा कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का धरातल पर प्रभाव देखना है। भेंट-मुलाकात की यह अनूठी यात्रा सरकार और जनता के बीच जुड़ाव और विकास की सतत सम्भावनाओं का मेल है। मुख्यमंत्री जहां भी जा रहे हैं, भेंट-मुलाकात में लोगों से उनकी समस्या पूछ रहे, उनका समाधान कर रहे हैं। हर वर्ग के लोगों से किसान, मजदूर, युवाओं, महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों सभी से बातचीत करते भेंट-मुलाकात की यात्रा आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री अब तक 9 जिलों की 16 विधानसभाओं का दौरा कर चुके हैं।
इस यात्रा में मुख्यमंत्री न केवल विधानसभावार सरकारी योजनाओं के कार्यों की समीक्षा कर रहे हैं बल्कि उन जगहों की संस्कृति, परम्परा और आध्यात्मिक पहलुओं को भी दुनिया तक पहुंचाने की कवायद में जुटे हैं। स्थानीयता के आधार पर लोग मुख्यमंत्री का स्वागत पारंपरिक वस्त्रों, विभिन्न पगडिय़ों, विशेष उत्पादों को भेंटकर और भोजन में क्षेत्रीय व्यंजन परोस रहे हैं।भेंट-मुलाकात में हर विधानसभा में मुख्यमंत्री स्वयं अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर धरातल पर योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ले रहे हैं। कमियों को दूर करने के निर्देश दे रहे हैं। मुख्यमंत्री की भेंट-मुलाकात में ग्रामीण खुलकर अपनी बात कह रहे हैं।
भेंट मुलाकात में कई ऐसे उदाहरण सामने आये हैं, जिन पर तत्क्षण मौके पर ही कार्रवाई हुई है। विशेषकर जरूरतमंदों को आर्थिक मदद देने, शासकीय कार्यों में लेट-लतीफी की कमियां दूर करने, शिकायतों एवं समस्याओं के समाधान पर त्वरित कदम उठाने जैसे महत्वपूर्ण कार्य ऑन द स्पॉट हो रहे हैं। जनता से सीधे संवाद के इस भेंट-मुलाकात की आज पूरे प्रदेश में चर्चा हो रही है। प्रशासनिक कार्यों में कसावट कायम रखने के साथ ही साथ ज़मीनी स्तर पर जरूरतों को समझकर उनके निराकरण की दिशा में मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की इस पहल को पूरे देश में भी सराहना मिल रही है।
अच्छे कार्यों की सराहना तो लापरवाही पर कार्रवाई
भेंट मुलाकात अभियान में जनहित में राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का मुख्यमंत्री स्वयं जमीनी निरीक्षण कर रहे हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री कमियां होने पर सुधार के निर्देश दे रहे हैं तो अच्छे कार्यों के लिए कर्मचारियों-अधिकारियों की सराहना भी कर रहे हैं। जरूरत पडऩे पर सख्त निर्णय भी ले रहे हैं।योजनाओं की बारीक़ जांच-पड़ताल के बाद दोषी पाए जाने पर मुख्यमंत्री अधिकारियों-कर्मचारियों पर निलंबन की कार्यवाही भी कर रहे हैं। ऐसे कई उदाहारण सामने आए जब जनहित से खिलवाड़ करने वाले लापरवाह अधिकारियों पर निलंबन की कार्रवाई हुई।

समस्या सुनते ही तुरंत निराकरण की अनूठी पहल
भेंट-मुलाकात में मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल लोगों की मांग और समस्याओं को बड़े ही उदार भाव से सुनकर उसका तत्काल निराकरण कर रहे है। मुख्यमंत्री का यह अंदाज़ लोगों को भा रहा है, लोग बेझिझक होकर मुख्यमंत्री से सीधे अपनी समस्या बता रहे हैं। भेंट-मुलाकात के क्रम में मुख्यमंत्री जहां भी जा रहे हैं, वहां स्थानीय उद्यम और नवाचार को भी प्रोत्साहित कर रहे हैं। सभी से मुलाकात करते हुए लगातार वे अच्छे कार्यों की सराहना और उन्हें प्रोत्साहित कर रहे हैं। अभियान के दौरान उनके द्वारा स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने की कवायद भी की जा रही है।

मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता के कायल हुए लोग
ऐसे कई उदाहरण देखने को मिले जहां मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता ने लोगों का दिल जीत लिया। भेंट-मुलाकात अभियान के अलग-अलग गांवों में मुख्यमंत्री जनता से संवाद करते हुए उन्हें सुन रहे हैं। इस दौरान उनके संवेदनशील निर्णयों ने कई जिंदगियां बदली हैं, कहीं दिव्यांग के इलाज के लिए राशि की स्वीकृति दी तो कहीं ब्रेन ट्यूमर से पीडि़त मरीज के इलाज की जिम्मेदारी उठायी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने संवेदनशील निर्णय लेते हुए शिक्षा में बाधा को दूर करने के लिए दृष्टिबाधित भाई-बहनों को स्मार्ट फोन व अन्य उपकरण खरीदने के लिए राशि देने की घोषणा कर दी। साथ ही एक नन्ही बच्ची के हाथ-पैर अविकसित होने पर उसके इलाज का पूरा खर्चा उठाने के साथ ही साथ उसके लिए 5 लाख रुपए की एफडी करवाने के भी निर्देश दिए।

दुर्ग / शौर्यपथ/

वंशवाद का साक्षात उदाहरण पेश करता हुआ युवा संगठन चुनाव दुर्ग में नजर आ गया प्रदेश में इन दिनों युवा संगठन का चुनाव चल रहा है जिसमें प्रदेश समिति के लिए संदीप वोरा मैदान में उतरे हुए हैं वही जिलाध्यक्ष के लिए आयुष शर्मा मैदान में उतरे हैं बता दें कि यह वही आयुष शर्मा है जो अध्यक्ष मनोनीत होने के बाद साल भर बाद अपनी कार्यकारिणी समिति का गठन किए हैं दुर्ग कांग्रेस के युवाओं की अगर बात माने तो दुर्ग में सबसे निष्क्रिय कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में अगर किसी का नाम आता है तो वह आयुष शर्मा का आता है किंतु वर्तमान में एक बार फिर संदीप वोरा प्रदेश कार्यसमिति में चुने जाने के लिए चुनाव लड़ रहे हैं वहीं आयुष शर्मा जिला अध्यक्ष के लिए चुनाव लड़ रहे हैं राजनीतिक हलकों में यह चर्चा का विषय है कि आयुष शर्मा काफी मतों से जीत जाएंगे दूसरी तरफ संदीप वोरा भी प्रदेश कार्यसमिति में अपनी जगह पक्की कर लेंगे कांग्रेस के कई कार्यकर्ताओं का यह कहना है कि संदीप वोरा और आयुष शर्मा की जीत संदीप वोरा शहर के लाडले विधायक अरुण वोरा के लाडले पुत्र हैं और विरासत में राजनीति प्राप्त हुई है वहीं आयुष शर्मा विधायक के काफी करीबी हैं पेशे से ठेकेदार होने के साथ-साथ होने के साथ-साथ आयुष शर्मा युवा नेता भी हैं ऐसे में यह भी चर्चा है कि दुर्ग में कांग्रेस के पार्षदों मंडल अध्यक्षों एवं वरिष्ठ कांग्रेसियों को यह फरमान जारी किया गया है कि अध्यक्ष पद के लिए आयुष शर्मा के पास में एवं महासचिव पद के लिए संदीप वोरा के पक्ष में मतदान कराया जाए जिसके लिए पार्षदों को एल्डरमैनो को एक टारगेट दे दिया गया है चर्चा यह भी है कि अगर टारगेट पूरा नहीं होता है तो भविष्य में पार्षद टिकट मिलना भी मुश्किल हो सकता है ऐसे में ना चाहते हुए कांग्रेसी पार्षद इस मतदान प्रक्रिया में अहम भूमिका निभा रहे हैं यह राजनीति है राजनीति में चुनाव कैसा जीता जाए यह मायने नहीं रखता मायने रखता है कि चुनाव में जीत हो इस रणनीति के तहत कॉन्ग्रेस आगे बढ़ रहा है उसे यह तो निश्चित है कि एक बार फिर युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष के पद पर आयुष शर्मा विराजमान होंगे वही प्रदेश महामंत्री के लिए संदीप बुरा भी चुने जा सकते हैं आप सभी को इंतजार है परिणाम का......

 दुर्ग / शौर्यपथ/

कल का दिन दुर्ग की राजनीति में एक नया अध्याय जोड़ दिया काफी दिनों बाद या कहे तो काफी सालों बाद दुर्ग के आंदोलन में राज्यसभा सांसद सरोज पांडे मैदान पर उतरी वही दुर्ग निगम क्षेत्र के समस्याओं को लेकर चिंतित दिखाई दी दुर्ग की बदहाली को लेकर भी राज्य सभा सांसद ने दुर्ग विधायक और महापौर पर सीधे सीधे हमला बोल दिया सुश्री सरोज पांडे ने व्यंगात्मक लहजे में विधायक अरुण वोरा पर भी वार कर दिया एक के साथ एक की महापौर की बात कह कर सीधे-सीधे विधायक वोरा के द्वारा दुर्ग निगम में जबरदस्त हस्तक्षेप की बात सामने रख दी वही निगम के कर्मचारियों के प्रताडि़त होने और प्रताडि़त होकर वालंटियर रिटायरमेंट लेने की बात कहकर सत्ता पक्ष को घेरा एवं सत्ता पक्ष पर बड़ा हमला कर दिया दूसरी तरफ अपरोक्ष रूप से प्रशासन को भी चुनौती दे दी अपने भाषण में राज्यसभा सांसद सरोज पांडे ने यहां तक कह दिया कि अगर वह चाहे तो 15 मिनट में सारे बैरियर उनके कार्यकर्ता तोड़ सकते हैं विभिन्न मुद्दों पर राज्यसभा सांसद ने महापौर धीरज बाकलीवाल और विधायक अरुण वोरा को दुर्ग की बदहाली के लिए जिम्मेदार ठहरा दिया ।

दुर्ग निगम आयुक्त को विज्ञप्ति देने के मामले पर भी राज्य सभा सांसद ने विधायक वोरा और महापौर धीरज बाकलीवाल पर हमला करते हुए कहा कि विधायक और महापौर को ज्ञापन देने का कोई अर्थ नहीं क्योंकि उनकी बात तो उनके पार्टी के पार्षद ही नहीं सुनते हैं इस तरह से उन्होंने यह साफ इशारा कर दिया कि दुर्ग में कांग्रेस के विधायक और महापौर को नापसंद करने वालों में कार्यकर्ता ही नहीं पार्षद भी शामिल हैं।

राज्यसभा सांसद सरोज पांडे के इस राजनीतिक हमले के जवाब में महापौर धीरज बाकलीवाल भी मैदान पर उतर गए महापौर धीरज बाकलीवाल ने राज सभा सांसद सरोज पांडे के इस आंदोलन पर चुटकी लेते हुए कहा कि लगता है चुनाव आ गया और भाजपा सक्रिय हो गई महापौर धीरज बाकलीवाल ने राज सभा सांसद सरोज पांडे पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि दुर्ग में कोरोना काल के समय सांसद महोदय कहां थी जब दुर्ग की जनता कोराना काल में परेशान थी तब राज्यसभा सांसद सामने क्यों नहीं आए वहीं शहर के विकास के बारे में राज सभा सांसद सरोज पांडे पर हमला बोलते हुए महापौर बाकलीवाल ने कहा कि किसने साढ़े 3 साल में राज्य सभा सांसद सरोज पांडे ने दुर्ग के विकास के लिए किया ही क्या है यह बता दें । उनकी निधि से दुर्ग के विकास में क्या-क्या कार्य हुए इस बारे में राज्यसभा सांसद क्यों नहीं बोलती ? वही वही डमी महापौर के बारे में बात करते हुए धीरज बाकलीवाल ने कहा कि पिछले 20 सालों से दुर्ग निगम की सत्ता में भाजपा का शासन रहा और पिछले 10 सालों में भाजपा के महापौर ने विकास के कौन से कार्य कर दिए । भ्रष्टाचार की सारी सीमा लांघते हुए नल घर और गंजपारा शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में करोड़ों का निर्माण कार्य करवा दिया जबकि यह जमीन निगम के नाम पर नामांतरण भी नहीं हुई थी सिर्फ भ्रष्टाचार है के सिवा कोई दूसरा कार्य पूर्ववर्ती भाजपा शासन में नहीं हुआ । चौपाटी का बुरा हाल है पुष्प वाटिका में पुष्प ही नहीं है सौरमंडल का आभा खो चुका है टॉय ट्रेन में न ट्राय दिखा ना ट्रेन दिखा । जिस तरह से महापौर धीरज बाकलीवाल ने राज्य सभा सांसद पर हमला बोला उससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि आने वाले समय में महापौर धीरज बाकलीवाल कि सरकार के द्वारा जल परिसर में निगम द्वारा बिजली बिल के भुगतान के मामले की भी फाइल खुल सकती है एवं पूर्व महापौर चंद्रिका चंद्राकर के कार्यकाल में हुए डॉग हाउस की फाइल भी सामने आ सकती है वही आने वाले समय में कई ऐसे मामले सामने आएंगे जिसमें एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगातार जारी रहेगा । महापौर धीरज बाकलीवाल अपने ढाई साल के कार्यकाल में अभी तक राज्य सभा सांसद सरोज पांडे पर राजनैतिक वारे करने से बस से आ रहे हैं जबकि कई बार भाजपा के कार्यकर्ता महापौर धीरज बाकलीवाल और विधायक अरुण वोरा के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे भी लगा चुके हैं हाय हाय के नारे भी लगा चुके हैं अबकी चुनाव के लिए 1 साल बचे हैं ऐसे में देखना है कि भाजपा के तेवर उग्र होते हैं या कांग्रेस भाजपा पर भारी पड़ती है।

लेकिन इन सब में एक बात जो सामने आई है उस पर दुर्ग में एक बहस का मुद्दा छोड़ गया है डॉ सरोज पांडे जिनकी कर्मभूमि दुर्ग विधानसभा क्षेत्र या कहने की दुर्ग निगम से शुरू हुई है उनके द्वारा राज्यसभा सांसद की निधि से दुर्ग निगम क्षेत्र में कितने रुपए का विकास कार्य हुआ है इसी दुर्ग की जनता ने डॉक्टर सरोज पांडे को महापौर से लेकर केंद्रीय राजनीतिक तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है दुर्ग की जनता अब डॉक्टर सरोज पांडे से यह जानना चाहती है कि पिछले साढे 3 साल में राज्यसभा सांसद सरोज पांडे ने दुर्ग के विकास में अपने निजी का कितना उपयोग किया है प्राप्त जानकारी के अनुसार है मुक्तिधाम में एक करोड़ की राशि से संधारण का कार्य तो चल रहा है किंतु प्राप्त जानकारी के अनुसार इस कार्य में भी कहीं ना कहीं अनियमितता उजागर हो रही है बावजूद इसके राज सभा सांसद सरोज पांडे मौन है दुर्ग की जनता के मन में भी अब यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या डॉ सरोज पांडे एक बार फिर दुर्ग से चुनाव लड़ कर प्रदेश की राजनीति में कोई बड़ी भूमिका निभा ने का मन बना चुकी है ।

देहरादून /शौर्यपथ/

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चंपावत निर्वाचन क्षेत्र सीट से चुनाव जीत लिया है. CM पुष्कर सिंह धामी ने चंपावत उपचुनाव में रिकार्ड जीत दर्ज करते हुए अपनी निकटतम प्रतिद्वंदी कांग्रेस की निर्मला गहतोड़ी को 55 हजार से अधिक मतों से पराजित किया है. वहीं इस शानदार जीत के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धामी को बधाई दी और विश्वास जताया कि वे अब राज्य की प्रगति के लिए और भी मेहनत करेंगे.

धामी की जीत के बाद मोदी ने ट्वीट किया, ''उत्तराखंड के गतिशील सीएम पुष्कर सिंह धामी को चंपावत से रिकॉर्ड जीत के लिए बधाई.'' मुझे विश्वास है कि वह उत्तराखंड की प्रगति के लिए और अधिक मेहनत करेंगे. मैं चंपावत के लोगों को भाजपा में विश्वास रखने के लिए धन्यवाद देता हूं और हमारे कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत के लिए उनकी सराहना करता हूं."
चंपावत जिला निर्वाचन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री को 13 चक्रों में हुई मतगणना में 55 हजारे से अधिक मत मिले और उनके खिलाफ चुनाव लड़ने वाले कांग्रेस समेत सभी प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गयी.

उपचुनाव में गहतोड़ी को 3147 मत, समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी मनोज कुमार को 409 और निर्दलीय उम्मीदवार हिमांशु गरकोटी को 399 वोट मिले. कुल 372 मतदाताओं ने नोटा (उपरोक्त में से कोई नहीं) का बटन दबाया. उपचुनाव के लिए मतदान 31 मई को हुआ था. हालांकि, डाक से आए मतपत्रों की गिनती अभी चल रही है जिससे जीत के इन आंकड़ों में कुछ बदलाव हो सकता है.

केरल की त्रिक्काकारा सीट पर कांग्रेस की उम्मीदवार उमा थॉमस आगे चल रही हैं. उनके खिलाफ सीपीआई ने प्रख्यात हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टर जो जोसेफ को मैदान में उतारा है. जबकि भाजपा ने एएन राधाकृष्णन को टिकट दी है.

ओडिशा की ब्रजराजनगर विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव के लिए 11 उम्मीदवार खड़े हैं. उपचुनाव में बीजू जनता दल, भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस उम्मीदवारों के बीच त्रिकोणीय मुकाबला माना जा रहा है. बीजू ने ब्रजराजनगर सीट से अलका मोहंती को खड़ा किया है. बीजेपी ने पूर्व विधायक राधा रानी पांडा को और कांग्रेस ने वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष किशोर पटेल को टिकट दिया है.

नई दिल्ली /शौर्यपथ/

कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और वायनाड सांसद राहुल गांधी की अपील परवर्तन निदेशालय ने मान ली है. नेशनल हेराल्ड केस में गुरुवार के बदले अब 13 जून को पेश होने का समन किया है. बता दें कि राहुल फिलहाल देश से बाहर हैं. ऐसे में उन्होंने ईडी से अपील की थी कि उन्हें पांच जून के बाद किसी भी दिन पेश होने की तारीख दी जाए. उनकी अपील मानते हुए पेशी की तारीख आगे बढ़ा दी गई और नया समन जारी किया गया.

बता दें कि राहुल ही नहीं उनकी मां और कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को भी आठ जून को नेशनल हेराल्ड अखबार से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) में पेश होना है. हालांकि वे कोरोना संक्रमित हो गई हैं और खुद को आइसोलेट कर लिया है. लेकिन पार्टी की ओर से कहा गया है कि सोनिया की तबीयत का पेशी पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

इस संबंध में जानकारी देते हुए कांग्रेस के नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा था कि सोनिया गांधी कोरोना पॉजिटिव पाई गई हैं. उनमें हल्का बुखार और कुछ अन्य लक्षण विकसित हुए हैं. ऐसे में उन्हें आवश्यक चिकित्सा दी जा रही है. वो फिलहाल आइसोलेशन में हैं. लेकिन इसका उनकी पेशी पर कोई असर नहीं पड़ेगा. गौरतलब है कि सोनिया ही नहीं उनकी बेटी प्रियंका गांधी वाड्रा भी कोरोना वायरस से संक्रमित हो गई हैं. शुक्रवार को ये जानकारी सामने आई है.

रायपुर /शौर्यपथ/

मुख्यमंत्री बघेल का 90 विधानसभा क्षेत्रों में भेंट- मुलाकात अभियान 4 मई से प्रारंभ हुआ है। मुख्यमंत्री ने प्रथम चरण में 4 मई से 11 मई तक सरगुजा संभाग की 7 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा किया । इसके बाद वे द्वितीय चरण में 18 से 20 मई तक बस्तर संभाग की तीन विधानसभा क्षेत्रों के दौरे पर रहे। बघेल इसके बाद 23 से 28 मई तक बस्तर संभाग के 6 विधानसभा क्षेत्रों के दौरे पर रहे

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भेंट-मुलाकात अभियान के तहत अब तक सरगुजा संभाग की सामरी,रामानुजगंज, प्रतापपुर, भटगांव, प्रेमनगर, लुंड्रा, सीतापुर तथा बस्तर संभाग की कोंटा, बीजापुर, नारायणपुर, दंतेवाडा, चित्रकूट, जगदलपुर, बस्तर, कोंडागांव और केशकाल विधानसभा क्षेत्रों का दौरा कर आम जनता से रूबरू हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने इस अभियान के तहत अब तक प्रदेश के 9 जिलों के 16 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा किया है।

भेंट मुलाकात अभियान के दौरान मुख्यमंत्री  बघेल गांवों का दौरा कर सीधे ग्रामीणों से शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन, शासकीय कार्यालयों और मैदानी अमले की कार्यप्रणाली की सीधे जानकारी ले रहे हैं

मुख्यमंत्री ने इस अभियान के तहत सामने आई समस्याओं के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए, वहीं ग्रामीणों और आम जनता की मांग पर स्थानीय जरूरतों और समस्याओं के समाधान के लिए मौके पर ही घोषणाएं की ।

रायपुर /शौर्यपथ/

मुख्यमंत्री आज कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम गितपहर, दुर्गकोंदल और भानबेड़ा में आम जनता से मुलाकात करने के बाद भानुप्रतापपुर पहुंचेंगे

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के तहत बस्तर संभाग के भानुप्रतापपुर विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर रवाना

मुख्यमंत्री आज कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम गितपहर, दुर्गकोंदल और भानबेड़ा में आम जनता से मुलाकात करने के बाद भानुप्रतापपुर पहुंचेंगे

मुख्यमंत्री भानुप्रतापपुर में विभिन्न प्रतिनिधि मंडलों से भेंट करेंगे और वहां रात्रि विश्राम करेंगे

 

रायपुर /शौर्यपथ/

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर नवीन अंशदायी पेंशन योजना के तहत एनएसडीएल को अंतरित 17 हजार 240 करोड़ रुपए छत्तीसगढ़ सरकार को वापस करने के लिए पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण को निर्देशित करने का अनुरोध किया है, ताकि शासकीय कर्मचारियों तथा उनके परिजनों के सुरक्षित भविष्य के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू करने के लिए राज्य शासन द्वारा लिए गए निर्णय का क्रियान्वयन किया जा सके।

मुख्यमंत्री बघेल ने पत्र में लिखा है- राज्य सरकार द्वारा एनपीएस ट्रस्ट तथा एनएसडीएल के साथ किये गये अनुबंधों में ऐसा कोई विशिष्ट प्रावधान नहीं है जो राज्य शासन को नवीन अंशदायी पेंशन योजना के संबंध में किये गए अनुबंध से बाहर जाने तथा पुरानी पेंशन योजना की बहाली से बाधित करता हो ।
उन्होंने लिखा है- संघीय ढांचे में यह राज्य सरकार का संप्रभु निर्णय है। शासकीय कर्मचारियों और उनके परिवार के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए राज्य की बजट घोषणा व मंत्रिमंडल के निर्णय के अनुक्रम में निर्णय के क्रियान्वयन से रोका जाना उचित नहीं है।

श्री बघेल ने लिखा है- राज्य सरकार के पास उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार एनएसडीएल को 1 नवम्बर, 2004 से 31 मार्च 2022 तक कुल 11,850 करोड़ (कर्मचारी एवं नियोक्ता अंशदान) अंतरित किये गये हैं। एनएसडीएल से प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्तमान में इस जमा राशि का बाजार मूल्य लगभग 17, 240 करोड़ रूपये है। राज्य सरकार द्वारा 20 मई 2022 को पत्र के माध्यम से उपरोक्त सभी तथ्यों से पेंशन निधि विनियामक एवं विकास प्राधिकरण को अवगत कराते हुए इस जमा राशि को राज्य शासन को वापस करने का अनुरोध किया गया था। प्राधिकरण द्वारा अपने पत्र दिनांक 26 मई 2022 के माध्यम से यह लेख किया गया है कि पेंशन निधि विनियामक एवं विकास प्राधिकरण अधिनियम, 2013, सहपठित पीएफआरडीए (राष्ट्रीय पेंशन योजना अंतर्गत निकासी एवं प्रत्याहरण) विनियमन, 2015 तथा अन्य सुसंगत नियमों में इस आशय का कोई प्रावधान नहीं है जिसमें राज्य सरकार को कर्मचारी एवं नियोक्ता अंशदान की जमा राशि वापस की जा सके।

 बघेल ने लिखा है कि छत्तीसगढ़ राज्य के वर्ष 2022-23 के बजट भाषण में राज्य शासन की पेंशन योग्य स्थापना में 1 नवम्बर 2004 अथवा उसके पश्चात नियुक्त समस्त शासकीय कर्मचारियों के लिये नवीन अंशदायी पेंशन योजना के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की घोषणा की गई है। राज्य मंत्रि-परिषद की बैठक दिनांक 1 मई 2022 में इस निर्णय का अनुमोदन किया जा चुका है तथा इस निर्णय के क्रियान्वयन हेतु आवश्यक अधिसूचना छत्तीसगढ़ राजपत्र (असाधारण) दिनांक 11 मई 2022 को जारी की जा चुकी है।

बघेल ने लिखा है - लोक हित की शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में राज्य के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। राज्य शासन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की पुरानी मांग पर उनके एवं उनके परिवार के भविष्य को सुरक्षित बनाने की दृष्टि से पुरानी पेंशन योजना की बहाली का निर्णय लिया गया है। 1 अप्रैल 2022 से शासकीय सेवकों के वेतन से किये जाने वाले मासिक पेंशन अंशदान को समाप्त करते हुए एनएसडीएल को जमा किये जाने वाले कर्मचारी एवं राज्य शासन के अंशदान को बंद कर दिया गया है। इसके स्थान पर पुरानी पेंशन योजना के अनुरूप ऐसे प्रत्येक कर्मचारी का नवीन सामान्य भविष्य निधि खाता खोलकर प्रतिमाह उनके मूल वेतन का 12 प्रतिशत अंशदान इस खाते में जमा किया जा रहा है, जो कि कर्मचारी की सेवानिवृत्ति पर सामान्य भविष्य निधि नियमों के अनुरूप ब्याज सहित अंतिम भुगतान किया जायेगा।

 बघेल ने लिखा है- राज्य शासन द्वारा यह निर्णय भी लिया गया है कि 31 मार्च 2022 तक एनएसडीएल के पास कर्मचारियों एवं राज्य शासन के अंशदान की जमा कुल राशि को राज्य सरकार द्वारा वापस प्राप्त किया जाए तथा इसमें से कर्मचारियों के अंशदान की कुल जमा राशि उनके सामान्य भविष्य निधि खाते में अंतरित की जाए तथा राज्य शासन के अंशदान की कुल जमा राशि को लोक लेखे के अंतर्गत एक पृथक पेंशन निधि में जमा रखा जाए। इस निधि से भविष्य में पेंशनरी दायित्वों के भुगतान हेतु आवश्यक होने पर राशि का आहरण किया जा सकेगा। साथ ही इस निधि के और संवर्धन हेतु जमा राशि को भारत सरकार, राज्य सरकारों की प्रतिभूतियों में सुरक्षित रूप से निवेशित किया जायेगा तथा प्रतिवर्ष गत वर्ष के पेंशन भुगतान की 4 प्रतिशत के बराबर राशि निवेशित की जायेगी।

 

रायपुर /शौर्यपथ/

मैदानी अधिकारियों

मनरेगा के अंतर्गत वृक्षारोपण कार्यों में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के क्लस्टर संगठन पीआईए के रूप में काम करेंगे। इसके लिए क्लस्टर संगठन की महिलाओं और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के मैदानी अधिकारियों को निमोरा स्थित ठाकुर प्यारेलाल राज्य ग्रामीण विकास प्रशिक्षण संस्थान में ‘प्रदान’ संस्था के तकनीकी सहयोग से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) और मनरेगा द्वारा प्रशिक्षण के लिए इस चार दिवसीय विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया है।

को दिया जा रहा प्रशिक्षण

केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार मनरेगा के माध्यम से वृक्षारोपण कार्यों में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत गठित क्लस्टर संगठन पीआईए के रूप में काम करेंगी। क्लस्टर संगठनों द्वारा नर्सरी रोपण, सड़क व नहर किनारे वृक्षारोपण एवं ब्लॉक प्लांटेशन के काम किए जाएंगे। इससे विकास कार्यों में महिलाओं की सहभागिता और दायित्व दोनों बढ़ेंगे। वृक्षारोपण कार्यों में पीआईए के रूप में श्रमिकों का प्रबंधन तथा सामग्री की व्यवस्था व इसके भुगतान का काम क्लस्टर संगठनों द्वारा किया जाएगा।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में 'बिहान' के मिशन संचालक श्री अवनीश कुमार शरण एवं मनरेगा कमिश्नर श्री मोहम्मद कैसर अब्दुलहक ने क्लस्टर प्रतिनिधियों को पी.आई.ए. के दायित्वों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। 'बिहान' की मुख्य संचालन अधिकारी (COO) श्रीमती एलिस लकड़ा, मनरेगा के श्री विनय गुप्ता एवं 'प्रदान' संस्था के श्री मनोज कुमार ने भी प्रतिभागियों को मार्गदर्शन दिया ।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत गठित क्लस्टर संगठनों को वृक्षारोपण के लिए मनरेगा पीआईए के रूप में कार्य किए जाने हेतु 1 जून से 4 जून तक आयोजित कार्यशाला के पहले दिन नौ जिलों रायपुर, महासमुंद, दुर्ग, बालोद, गरियाबंद, बलौदाबाजार-भाटापारा, बेमेतरा, बिलासपुर और मुंगेली के क्लस्टर संगठनों के पदाधिकारियों और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के मैदानी अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया। इस दौरान उन्हें वृक्षारोपण के लिए नर्सरी तैयार करने, मस्टर-रोल, कार्ययोजना, प्राक्कलन, मांग तैयार करने हितग्राहियों के चयन और एम.आई.एस. में एंट्री इत्यादि के बारे में जानकारी दी गई।

कार्यशाला के दूसरे दिन आज कांकेर, राजनांदगांव, कबीरधाम, धमतरी और रायगढ़ के क्लस्टर संगठनों व अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। 3 जून को कोरबा, जांजगीर-चांपा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कोंडागांव, बस्तर और नारायणपुर तथा 4 जून को बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, कोरिया, जशपुर, सूरजपुर, बलरामपुर-रामानुजगंज और सरगुजा के क्लस्टर संगठनों एवं अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। चार दिवसीय कार्यशाला में 89 सीएलएफ सहित कुल 323 प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया जाएगा।

 

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