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बिलासपुर/ छत्तीसगढ़ को शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षा तैयारी के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत बिलासपुर प्रवास के दौरान मधुबन-जूना बिलासपुर क्षेत्र में निर्माणाधीन नालंदा परिसर एवं एजुकेशन हब का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति का जायजा लिया।
मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन परियोजना का अवलोकन करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए तथा परियोजना को निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाए।
उन्होंने कहा कि यह केवल एक अधोसंरचना परियोजना नहीं, बल्कि प्रदेश के हजारों युवाओं के भविष्य को नई दिशा देने वाला ज्ञान एवं अवसरों का केंद्र बनने जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बिलासपुर पहले से ही प्रदेश के विभिन्न जिलों से आने वाले विद्यार्थियों का प्रमुख शैक्षणिक केंद्र रहा है। हर वर्ष बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं सीजीपीएससी, यूपीएससी, नीट, जेईई, एसएससी, बैंकिंग, व्यापम और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए यहां पहुंचते हैं।
ऐसे में आधुनिक सुविधाओं से युक्त एजुकेशन हब युवाओं को बेहतर अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराएगा और बिलासपुर को प्रदेश के प्रमुख शिक्षा केंद्र के रूप में स्थापित करेगा।
“यह परियोजना युवाओं के सपनों को नई उड़ान देगी और बिलासपुर को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाएगी।”
— मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
लगभग 13 एकड़ शासकीय भूमि पर 120 करोड़ रुपये की लागत से विकसित हो रही इस महत्वाकांक्षी परियोजना में विद्यार्थियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अत्याधुनिक सुविधाएं तैयार की जा रही हैं।
? नालंदा डिजिटल पब्लिक लाइब्रेरी
? 300-300 सीटर बालक एवं बालिका छात्रावास
? आधुनिक शैक्षणिक ब्लॉक
? डिजिटल अध्ययन एवं शोध सुविधाएं
? प्रतियोगी परीक्षा तैयारी हेतु अनुकूल वातावरण
? 48 बड़े रेंटल हॉल का निर्माण
इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता यह होगी कि विद्यार्थियों को अध्ययन, आवास और शैक्षणिक संसाधनों के लिए अलग-अलग स्थानों पर भटकना नहीं पड़ेगा।
एक ही परिसर में लाइब्रेरी, छात्रावास, अध्ययन कक्ष और अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता से विद्यार्थियों को बेहतर और व्यवस्थित तैयारी का अवसर मिलेगा।
विशेष रूप से दूरस्थ जिलों से आने वाले छात्रों को इसका सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि परिसर में बनाए जा रहे 48 रेंटल हॉल भविष्य में नगर निगम के लिए नियमित आय का स्रोत बनेंगे।
यह परियोजना पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर विकसित की जा रही है, जिससे इसका संचालन वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर रहेगा और नगर निगम पर अतिरिक्त आर्थिक भार नहीं पड़ेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का सपना तभी साकार होगा जब युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक संसाधन और प्रतिस्पर्धी माहौल उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने कहा कि नालंदा परिसर और एजुकेशन हब केवल भवनों का समूह नहीं, बल्कि प्रदेश के युवाओं की आकांक्षाओं और सपनों को साकार करने वाला एक सशक्त “ज्ञान केंद्र” होगा।
परियोजना पूर्ण होने के बाद बिलासपुर की पहचान केवल संभागीय मुख्यालय तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह शहर प्रदेश और देश के उभरते शैक्षणिक केंद्रों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह एजुकेशन हब आने वाले वर्षों में हजारों विद्यार्थियों के लिए सफलता का आधार बनेगा और क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास को भी नई गति देगा।
120 करोड़ रुपये की यह परियोजना केवल अधोसंरचना विकास नहीं, बल्कि मानव संसाधन निर्माण में निवेश है। यदि निर्धारित समय में यह एजुकेशन हब पूर्ण हो जाता है, तो बिलासपुर छत्तीसगढ़ में प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा की तैयारी का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभर सकता है, जिससे युवाओं को महानगरों की ओर पलायन की आवश्यकता भी कम होगी।
स्वच्छता जनआंदोलन की मिसाल: एनटीपीसी सीपत की जागरूकता रैली में 800 लोगों ने किया श्रमदान
बिलासपुर / शौर्यपथ / स्वच्छता पखवाड़ा-2026 के अंतर्गत राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम (एनटीपीसी) सीपत द्वारा शनिवार को वृहत स्वच्छता जागरूकता रैली एवं सामूहिक श्रमदान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। परियोजना प्रमुख श्री स्वपन कुमार मंडल के नेतृत्व में आयोजित इस अभियान में लगभग 800 लोगों ने सहभागिता कर स्वच्छता को जनआंदोलन बनाने का संदेश दिया।
एनटीपीसी सीपत के मुख्य द्वार से प्रारंभ हुई रैली लगभग 1.5 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए सीपत हाट पहुंची। रैली के दौरान प्रतिभागियों ने स्वच्छता संबंधी संदेशों के माध्यम से लोगों को अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने तथा स्वच्छ भारत अभियान से सक्रिय रूप से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।
अभियान के तहत एनटीपीसी मुख्य द्वार से सीपत हाट तक चिन्हित आठ स्थानों पर विशेष श्रमदान कर लंबे समय से जमा कूड़ा-कचरा हटाया गया और क्षेत्र की व्यापक सफाई की गई। इसके साथ ही मुख्य मार्ग से लगे बलदेव तालाब क्षेत्र में भी विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों के आवागमन वाले इस क्षेत्र को स्वच्छ बनाने के लिए व्यापक जनसहभागिता देखने को मिली। विभिन्न स्थलों पर स्वच्छता संबंधी संदेश प्रदर्शित कर नागरिकों से सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ बनाए रखने तथा स्वच्छता गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की गई।
इस अभियान में एनटीपीसी सीपत के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ उनके परिजन, यूनियन एवं एसोसिएशन के प्रतिनिधि, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के जवान, बाल भारती पब्लिक स्कूल के शिक्षक एवं विद्यार्थी, स्थानीय पुलिस प्रशासन, संविदा एजेंसियों के कर्मचारी, ठेका श्रमिक, ग्रामीणजन तथा पत्रकार बड़ी संख्या में शामिल हुए। सभी प्रतिभागियों ने स्वच्छता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए अभियान को सफल बनाने में सक्रिय योगदान दिया।
सीपत हाट पहुंचने पर परियोजना प्रमुख सहित अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्थानीय नागरिकों एवं व्यापारियों से संवाद किया तथा स्वच्छ परिवेश के सामाजिक, स्वास्थ्य एवं पर्यावरणीय महत्व पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर श्री मंडल ने कहा कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से स्वच्छता को दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने और अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ, सुंदर एवं स्वस्थ बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
उल्लेखनीय है कि इस अभियान के सफल आयोजन के लिए पूर्व में ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, बाल भारती पब्लिक स्कूल, स्वामी आत्मानंद महाविद्यालय, स्थानीय पुलिस प्रशासन, संविदा एजेंसियों तथा प्रेस प्रतिनिधियों के साथ समन्वय बैठकें आयोजित की गई थीं, ताकि अधिकाधिक जनभागीदारी सुनिश्चित की जा सके।
कार्यक्रम में महाप्रबंधक (प्रचालन एवं अनुरक्षण) सुरोजीत सिन्हा, महाप्रबंधक (प्रचालन एवं ईंधन प्रबंधन) अशोक सरकार, महाप्रबंधक (इंजीनियरिंग) विकास खरे, अपर महाप्रबंधक (मेंटेनेंस) अनुराग गौतम, मानव संसाधन प्रमुख जयप्रकाश सत्यकाम सहित सभी विभागाध्यक्ष, वरिष्ठ अधिकारी, बाल भारती पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य सलभ निगम, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस प्रशासन के प्रतिनिधि तथा अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
गौरतलब है कि 16 से 31 मई तक आयोजित स्वच्छता पखवाड़ा-2026 के अंतर्गत एनटीपीसी सीपत द्वारा प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, चित्रकला, निबंध लेखन, स्वच्छता शपथ तथा विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। यह पहल सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से स्वच्छ एवं स्वस्थ समाज के निर्माण के प्रति एनटीपीसी सीपत की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।
बिलासपुर।
भारत सरकार के कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चन्द्र दुबे ने एसईसीएल के एक दिवसीय दौरे के दौरान कंपनी के कार्यों, उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। इस अवसर पर उन्होंने डिजिटल परिवर्तन और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी कई महत्वपूर्ण पहलों का शुभारंभ एवं लोकार्पण किया।
एसईसीएल मुख्यालय पहुंचने पर मंत्री दुबे ने कोयला श्रमिक स्मारक पर माल्यार्पण कर कोयला श्रमिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की और देश की ऊर्जा सुरक्षा में उनके योगदान को नमन किया। इसके बाद आयोजित समीक्षा बैठक में कोयला उत्पादन, डिस्पैच, गुणवत्ता प्रबंधन, सुरक्षा, कोल गैसीफिकेशन, पर्यावरणीय पहल, डिजिटलीकरण, सीएसआर गतिविधियों और भविष्य की कार्ययोजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
मंत्री दुबे ने सुरक्षित एवं सतत खनन, आधुनिक तकनीकों के उपयोग और परिचालन दक्षता बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि एसईसीएल देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि सीएसआर गतिविधियों के माध्यम से कोयलांचल क्षेत्रों में अंतिम व्यक्ति तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्राथमिकता है।
एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहन ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक कोल इंडिया के 100 मिलियन टन उत्पादन में एसईसीएल ने 26.86 मिलियन टन का सर्वाधिक योगदान दिया है।
बैठक के दौरान मंत्री ने “ई-डाडास” (डिजाइन एंड ड्रॉइंग्स अप्रूवल इन एसईसीएल) पोर्टल और “हॉस्पिटल मैनेजमेंट एंड इन्फॉर्मेशन सिस्टम” (HMIS) पोर्टल का शुभारंभ किया। ई-डाडास पोर्टल के जरिए आधारभूत संरचना परियोजनाओं की इंजीनियरिंग डिजाइनों की ऑनलाइन जांच और अनुमोदन प्रक्रिया डिजिटल होगी, जबकि HMIS पोर्टल से एसईसीएल अस्पतालों में मरीजों के रिकॉर्ड प्रबंधन और स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी अधिक प्रभावी होगी।
दौरे के दौरान मंत्री दुबे ने बिलासपुर स्थित इंदिरा विहार स्वास्थ्य केंद्र में अत्याधुनिक 5-पार्ट हेमेटोलॉजी एनालाइज़र यूनिट का लोकार्पण भी किया। यह मशीन संक्रमण और विभिन्न बीमारियों की सटीक जांच में सहायक होगी तथा अस्पताल सेवाओं की गति और गुणवत्ता को बेहतर बनाएगी।
लोकार्पण के बाद मंत्री ने स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की सराहना की। बैठक में एसईसीएल के निदेशकगण, सीवीओ, विभागाध्यक्ष और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बिलासपुर ।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के प्रभावी क्रियान्वयन में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए 50 हजार से अधिक ग्रामीण परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराए हैं। यह सफलता प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), पीएम जनमन योजना तथा मुख्यमंत्री आवास योजना के समन्वित और प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम है, जिससे हजारों जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन की नई शुरुआत मिली है।
राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर जिले ने ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज करते हुए 50 हजार 44 परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराए। जिला प्रशासन द्वारा योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। इस दौरान 781.13 करोड़ रुपये की राशि सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से हस्तांतरित की गई, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई और निर्माण कार्यों में तेजी आई।
क्षेत्रवार आंकड़ों पर नजर डालें तो मस्तूरी विकासखंड 14 हजार 973 आवासों के साथ जिले में शीर्ष पर रहा। इसके बाद बिल्हा में 13 हजार 762, कोटा में 11 हजार 205 और तखतपुर में 10 हजार 104 आवासों का निर्माण पूर्ण किया गया। ये आंकड़े प्रशासनिक दक्षता और जमीनी स्तर पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को दर्शाते हैं।
इस ऐतिहासिक सफलता में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। जिले में 113 महिलाओं को ‘रानी मिस्त्री’ के रूप में प्रशिक्षित कर निर्माण कार्य में शामिल किया गया, जिससे वे आत्मनिर्भर बनीं। वहीं 331 महिलाओं को ‘डीलर दीदी’ बनाकर निर्माण सामग्री की आपूर्ति की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके अलावा 2,231 महिलाओं को शटरिंग सामग्री किराये पर उपलब्ध कराने के लिए प्रोत्साहित किया गया, जिससे निर्माण कार्यों में तेजी आई और महिलाओं के लिए आय के नए अवसर विकसित हुए।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत वर्ष 2016-17 से 2025-26 तक बिलासपुर जिले ने 1 लाख 3 हजार 873 आवास पूर्ण कर छत्तीसगढ़ में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि जिले की मजबूत कार्ययोजना, सतत मॉनिटरिंग और जनसहभागिता का परिणाम है।
योजना का मानवीय पक्ष भी उतना ही प्रेरणादायक है। ग्राम डारसागर की झांगली बैगा और ग्राम नेवसा की कैलाशा बाई जैसी हितग्राही, जो वर्षों तक कच्चे मकानों में कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन कर रही थीं, आज पक्के घर में सुरक्षित और सम्मानपूर्वक जीवन जी रही हैं। उनके लिए यह घर केवल चार दीवारें नहीं, बल्कि सुरक्षा, आत्मसम्मान और बेहतर भविष्य का प्रतीक है।
कलेक्टर बिलासपुर ने इस उपलब्धि को जिले के लिए गौरवपूर्ण बताते हुए कहा कि ये 50 हजार से अधिक घर केवल ईंट और सीमेंट की संरचनाएं नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के सम्मान और सुरक्षा की मजबूत नींव हैं। वहीं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने कहा कि भविष्य में भी पारदर्शिता और प्रतिबद्धता के साथ प्रत्येक पात्र हितग्राही तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।
बिलासपुर / बिलासपुर जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन के संबंध में खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में खाद्यान्न भंडारण एवं वितरण कार्य सुचारू रूप से संचालित हो रहा है।
खाद्य नियंत्रक, जिला बिलासपुर द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, अप्रैल से जून 2026 तक तीन माह के खाद्यान्न के भंडारण एवं वितरण की व्यवस्था की गई है। इसके तहत जिले में संचालित 695 शासकीय उचित मूल्य दुकानों में आबंटन के विरुद्ध 70 प्रतिशत से अधिक खाद्यान्न का भंडारण किया जा चुका है।
विभाग ने बताया कि किसी भी उचित मूल्य दुकान में तीन माह के खाद्यान्न भंडारण हेतु स्थान की कोई समस्या नहीं आई है। साथ ही, एपीएल मद के चावल का बीपीएल मद में समायोजन या वितरण नहीं किया जा सकता, जिसका पालन किया जा रहा है।
राशन वितरण प्रक्रिया के तहत हितग्राहियों को तीन माह का राशन प्राप्त करने के लिए ई-पॉस मशीन में छह बार फिंगरप्रिंट सत्यापन करना पड़ रहा है। विभाग के अनुसार, जिले में अब तक 37 प्रतिशत हितग्राहियों को तीन माह का खाद्यान्न वितरित किया जा चुका है तथा वितरण कार्य निरंतर जारी है।
खाद्य विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि ई-पॉस मशीन में किसी प्रकार की तकनीकी समस्या नहीं है तथा एपीएल राशनकार्डधारियों के लिए मासिक आबंटन नियमित रूप से प्राप्त हो रहा है। जिले में राशन वितरण कार्य पूर्णतः व्यवस्थित एवं सुचारू रूप से संचालित हो रहा है।
दिव्यांग सोनी
बिलासपुर। जिले में लगातार बढ़ रही वाहन चोरी की घटनाओं पर लगाम कसते हुए बिलासपुर पुलिस एवं एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) की संयुक्त टीम ने एक संगठित बाइक चोरी गैंग का पर्दाफाश किया है। तकनीकी विश्लेषण, मुखबिर की सटीक सूचना और टीमवर्क के दम पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरोह के 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह शहर और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय था और योजनाबद्ध तरीके से बाइक चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहा था। गिरफ्तार आरोपियों में साहिल मरावी, रितेश सेन, निलेश शुक्ला उर्फ राजा, हिमांशु जगत, नंदकुमार रजक एवं सोनू केंवट शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, आरोपी अब तक चोरी के कम से कम 6 प्रकरणों में संलिप्त पाए गए हैं। आरोपियों से पूछताछ जारी है और संभावना जताई जा रही है कि इनके द्वारा अन्य वारदातों को भी अंजाम दिया गया हो सकता है।
इस सफलता के पीछे पुलिस की सतत निगरानी, तकनीकी इनपुट और मुखबिर तंत्र की अहम भूमिका रही। बिलासपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में अपराधों के खिलाफ इसी तरह सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
पुलिस की अपील:
नागरिक अपने वाहनों की सुरक्षा के प्रति सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखा जा सके।
बिलासपुर / शौर्यपथ / अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2026 के अवसर पर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर के यूनिटी ऑडिटोरियम में एक गरिमामय सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ न्यायाधीशगण एवं विशिष्ट अतिथियों के आगमन के बाद राष्ट्रीय गान और पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर न्यायपालिका और विधिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली कुल 54 महिलाओं को सम्मानित किया गया, जिनमें न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता तथा उच्च न्यायालय में कार्यरत विभिन्न श्रेणियों की महिला कर्मचारी शामिल रहीं।
समारोह के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने अपने प्रेरक उद्बोधन में महिलाओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि न्यायपालिका में महिलाओं की भागीदारी केवल समानता का प्रश्न नहीं है, बल्कि इससे न्याय व्यवस्था अधिक संवेदनशील, संतुलित और सशक्त बनती है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की बुद्धिमत्ता, संवेदनशीलता और समर्पण न्याय व्यवस्था को अधिक मानवीय और प्रभावी बनाते हैं।
मुख्य न्यायाधीश ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2026 के थीम “Give to Gain” का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाना और उन्हें बेंच तथा बार में समान अवसर प्रदान करना लोकतांत्रिक मूल्यों और विधि के शासन को मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि जब महिलाओं को न्यायपालिका में समान अवसर मिलते हैं, तो उसका लाभ केवल महिलाओं तक सीमित नहीं रहता बल्कि पूरा समाज इससे लाभान्वित होता है।
न्यायमूर्ति सिन्हा ने इस अवसर पर उच्च न्यायालय, जिला न्यायालयों, सिविल न्यायालयों और विभिन्न शासकीय कार्यालयों में कार्यरत महिलाओं के समर्पण और योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनकी प्रतिबद्धता और कार्यकुशलता विधिक क्षेत्र को समृद्ध बनाती है तथा न्याय को निष्पक्ष और संतुलित बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने यह भी कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस केवल महिलाओं का सम्मान करने का अवसर नहीं है, बल्कि समाज में समानता, सुरक्षा और समावेशिता सुनिश्चित करने की सामूहिक प्रतिबद्धता को मजबूत करने का भी महत्वपूर्ण अवसर है।
कार्यक्रम में न्यायमूर्ति पार्थ प्रतीम साहू, न्यायमूर्ति रजनी दुबे, न्यायमूर्ति नरेन्द्र कुमार व्यास, न्यायमूर्ति नरेश कुमार चंद्रवंशी, न्यायमूर्ति सचिन सिंह राजपूत, न्यायमूर्ति राकेश मोहन पाण्डेय, न्यायमूर्ति राधाकिशन अग्रवाल, न्यायमूर्ति संजय कुमार जायसवाल, न्यायमूर्ति रविन्द्र कुमार अग्रवाल, न्यायमूर्ति अरविन्द कुमार वर्मा, न्यायमूर्ति बिभू दत्ता गुरु और न्यायमूर्ति अमितेन्द्र किशोर प्रसाद सहित कई वरिष्ठ न्यायाधीश उपस्थित रहे।
इसके अलावा महाधिवक्ता, वरिष्ठ अधिवक्तागण, उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी, रजिस्ट्रार जनरल, रजिस्ट्री के अधिकारी, न्यायिक कर्मचारी तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी भी समारोह में शामिल हुए।
उल्लेखनीय है कि मुख्य न्यायाधीश के मार्गदर्शन में राज्य के सभी जिला न्यायालयों में भी अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिला न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित करने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिससे न्यायिक व्यवस्था में महिलाओं के योगदान को सम्मानित करने की परंपरा को और सशक्त बनाया गया।
रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश श्री रमेश सिन्हा की पूज्य माता स्वर्गीय श्रीमती कुसुम सिन्हा को श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने बिलासपुर के बोदरी स्थित मुख्य न्यायाधीश निवास में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में पहुंचकर श्रीमती कुसुम सिन्हा के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित किए और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। उन्होंने शोक संतप्त परिवारजनों से मुलाकात कर उन्हें ढाढ़स बंधाया और कहा कि माता जी का स्नेह, संस्कार और त्याग जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। उनका सरल, स्नेहमयी और अनुपम स्वभाव सदैव स्मरणीय रहेगा।
इस अवसर पर केंद्रीय शहरी विकास राज्य मंत्री एवं सांसद श्री तोखन साहू, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस, विधायक श्री सुशांत शुक्ला ने भी श्रद्धांजलि अर्पित कर शोक संवेदना व्यक्त की। कार्यक्रम में उच्च न्यायालय और अधीनस्थ न्यायालयों के न्यायाधीशगण, अधिवक्तागण, महाधिवक्ता कार्यालय के अधिकारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
बिलासपुर। जिले में अवैध नशे के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने हेतु पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के अंतर्गत बेलगहना चौकी क्षेत्र में निर्णायक कार्रवाई की गई है। पुलिस टीम ने सुनियोजित तलाशी अभियान के दौरान 300 ग्राम गांजा के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार कर कानून के समक्ष प्रस्तुत किया है।
प्राप्त प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान देवचरण वैष्णव (50 वर्ष), निवासी ग्राम कोंचरा के रूप में हुई है। पुलिस द्वारा विधिवत तलाशी लेने पर आरोपी के घर से कुल 300 ग्राम गांजा बरामद किया गया। इसके अतिरिक्त नशीले पदार्थ की तौल में प्रयुक्त होने वाला तराजू एवं बाट भी जब्त किया गया है। बरामद मादक पदार्थ एवं उपकरणों की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 16,000 रुपये आंकी गई है।
आरोपी के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी पूर्व में भी एनडीपीएस एक्ट के प्रकरणों में संलिप्त रहा है तथा नशे के अवैध व्यापार से उसका पुराना आपराधिक संबंध रहा है।
विशेष नशा विरोधी अभियान के तहत सतत कार्रवाई
जिले में संचालित विशेष नशा विरोधी अभियान के तहत अवैध शराब, गांजा एवं अन्य मादक पदार्थों के भंडारण, परिवहन एवं विक्रय में लिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध निरंतर कार्रवाई की जा रही है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से मुक्त रखने तथा समाज को सुरक्षित वातावरण प्रदान करने के उद्देश्य से यह अभियान सतत जारी रहेगा।
अधिकारियों ने आमजन से अपील की है कि क्षेत्र में किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या अवैध नशे के कारोबार की सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
अपराधियों को स्पष्ट संदेश
बेलगहना क्षेत्र में की गई इस कार्रवाई से नशा तस्करों एवं अवैध कारोबार से जुड़े तत्वों में हड़कंप की स्थिति उत्पन्न हुई है। पुलिस प्रशासन ने दोहराया है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने एवं मादक पदार्थों के अवैध नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए सभी थाना क्षेत्रों में सघन निगरानी रखी जा रही है।
यह कार्रवाई न केवल विधि के प्रभावी क्रियान्वयन का प्रमाण है, बल्कि आम नागरिकों में सुरक्षा एवं विश्वास की भावना को भी सुदृढ़ करती है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में नशे के अवैध कारोबारियों को किसी भी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी और भविष्य में भी इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
