August 10, 2026
Hindi Hindi

Login to your account

Username *
Password *
Remember Me
    रायपुर

    रायपुर (6085)

    पीएम आवास के हितग्राहियों को सौंपी खुशियों की चाबी
    आवास निर्माण,जल सुरक्षा एवं ग्रामीण अधोसंरचना गुणवत्ता पर विशेष जोर

    रायपुर / शौर्यपथ / आयुक्त वीबी - जीरामजी एवं संचालक प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण तारण प्रकाश सिन्हा शुक्रवार को बलौदाबाजार पहुंचे। इस दौरान विभिन्न ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण किया।

    आयुक्त ने जनपद पंचायत बलौदाबाजार अंतर्गत ग्राम पंचायत बेमेतरा तथा जनपद पंचायत पलारी अंतर्गत ग्राम पंचायत सितदेवरी में विभिन्न विकास कार्यों का स्थल निरीक्षण करते हुए हितग्राहियों एवं ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। निरीक्षण के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण अंतर्गत निर्मित आवासों का अवलोकन किया तथा आवास पूर्ण कर चुके हितग्राहियों को प्रतीकात्मक रूप से खुशियों की चाबी प्रदान की। हितग्राहियों से आवास निर्माण, प्राप्त सहायता, निर्माण की गुणवत्ता एवं योजना से उनके जीवन में आए बदलाव के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पात्र परिवारों को योजना का लाभ समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित करें ।

    आयुक्त ने वीबी- जीरामजी अंतर्गत जल सुरक्षा श्रेणी में निर्मित एवं प्रगतिरत कार्यों का भी विस्तृत निरीक्षण किया।इस दौरान नवीन तालाब, अमृत सरोवर, सैंड फिल्टर आधारित बोरवेल रिचार्ज संरचना तथा चेक डैम निर्माण कार्यों की स्थल पर तकनीकी एवं उपयोगिता संबंधी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल संरक्षण एवं भू-जल पुनर्भरण से जुड़े कार्य केवल निर्माण तक सीमित न रहें, बल्कि उनका चयन स्थानीय आवश्यकता, कैचमेंट, जलधारण क्षमता एवं दीर्घकालिक उपयोगिता के आधार पर किया जाए।

    उन्होंने कहा कि वीबी-जीरामजी का उद्देश्य रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ ग्राम पंचायतों में टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण, जल सुरक्षा को सुदृढ़ करना, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण तथा ग्रामीण आजीविका को मजबूत बनाना है। अतः योजना अंतर्गत स्वीकृत प्रत्येक कार्य का प्रत्यक्ष लाभ ग्रामीण समुदाय को दिखाई देना चाहिए।स्थल निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने ग्रामीणों के साथ जमीन पर बैठकर सहज एवं आत्मीय वातावरण में चर्चा की तथा योजनाओं के क्रियान्वयन, स्थानीय आवश्यकताओं, रोजगार, आवास एवं विकास कार्यों के संबंध में उनके अनुभव और सुझाव सुने। उन्होंने मैदानी अमले को निर्देशित किया कि ग्रामीणों की वास्तविक आवश्यकताओं को समझते हुए ग्राम सभा से अनुमोदित कार्ययोजना के अनुरूप प्राथमिकता आधारित कार्य संपादित किए जाएं।

    इसके पश्चात जिला पंचायत सभाक़क्ष बलौदाबाजार में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक मे वीबी- जी रामजी एवं पीएम आवास योजना ग्रामीण सहित ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। आयुक्त ने योजना अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्ध पूर्णता, श्रमिक नियोजन, तकनीकी मापदंडों के पालन तथा पारदर्शिता पर विशेष जोर दिया।
    उन्होंने अधिकारियों से कहा कि फील्ड निरीक्षण को नियमित कार्यप्रणाली का हिस्सा बनाया जाए तथा प्रत्येक निर्माण कार्य की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता न किया जाए। जल संरक्षण संरचनाओं के माध्यम से अधिकतम वर्षाजल संचयन, भू-जल स्तर में सुधार और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी जल उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में परिणामोन्मुखी कार्य करने के निर्देश दिए गए।

    निरीक्षण एवं समीक्षा के दौरान सीईओ जिला पंचायत सुश्री दिव्या अग्रवाल एवं संबंधित जनपद पंचायतों के अधिकारी-कर्मचारी, तकनीकी अमला, पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

    बीईओ धरसींवा के नेतृत्व में 117 अधिकारी-कर्मचारियों ने ली आजीवन सदस्यता
    मानव सेवा के लिए हर हाथ जरूरी, इंडियन रेडक्रॉस से जुड़कर बनें नेक कार्य का हिस्सा : कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह

       रायपुर / शौर्यपथ / मानवता की सेवा और जरूरतमंदों की सहायता के उद्देश्य से रायपुर जिले में इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी की सदस्यता के लिए चलाए जा रहे जागरूकता अभियान को लगातार सकारात्मक प्रतिसाद मिल रहा है। जिला रेडक्रॉस अध्यक्ष एवं कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशन में चल रहे अभियान से जिले के अधिकारी-कर्मचारी और आम नागरिक जुड़कर समाजसेवा में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर रहे हैं।
    इसी क्रम में विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) धरसींवा श्री अमित तिवारी के नेतृत्व में 117 अधिकारी-कर्मचारियों ने इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी की आजीवन सदस्यता ग्रहण की। शुक्रवार को जिला कलेक्टोरेट के सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम में कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने बीईओ श्री अमित तिवारी से सदस्यता राशि ग्रहण की।

    मानव सेवा के लिए प्रत्येक प्रयास महत्वपूर्ण : कलेक्टर

    कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने रेडक्रॉस की आजीवन सदस्यता लेने वाले सभी अधिकारी-कर्मचारियों की पहल की सराहना करते हुए कहा कि मानव सेवा के लिए किया गया प्रत्येक प्रयास समाज में संवेदनशीलता, सहयोग और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करता है।
    उन्होंने जिले के अधिक से अधिक अधिकारी-कर्मचारियों और नागरिकों से इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि जरूरतमंदों की सहायता के इस पुनीत कार्य में हर व्यक्ति अपनी भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि रेडक्रॉस से जुड़ना केवल सदस्यता लेना नहीं, बल्कि जरूरत के समय समाज के साथ खड़े होने की प्रतिबद्धता भी है।

    आपदा और संकट के समय राहत पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका
    इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी एक स्वतंत्र मानवतावादी एवं समाजसेवी संस्था है, जो आपदा और संकट की परिस्थितियों में प्रभावित लोगों की सहायता के लिए कार्य करती है। संस्था द्वारा भूकंप, आग, बाढ़ और सूखा जैसी प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने के साथ-साथ प्राथमिक उपचार प्रशिक्षण, स्वास्थ्य जागरूकता अभियान और रक्तदान शिविरों का आयोजन भी किया जाता है।

    अलग-अलग श्रेणियों में सदस्यता का प्रावधान
    इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी से जुड़ने के लिए विभिन्न श्रेणियों में सदस्यता का प्रावधान किया गया है। इसके तहत संरक्षक सदस्य के लिए 25 हजार रुपये, उप संरक्षक सदस्य के लिए 12 हजार रुपये, आजीवन सदस्य के लिए 1 हजार रुपये तथा वार्षिक सदस्यता के लिए 100 रुपये निर्धारित किए गए हैं।
    कार्यक्रम में निगम आयुक्त संबित मिश्रा, सीईओ जिला पंचायत कुमार बिश्वरंजन सहित जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

    आरंग राजस्व अनुविभाग की समीक्षा बैठक में बकेटिंग, स्वामित्व योजना, अवैध प्लाटिंग और लंबित प्रकरणों पर हुई गहन समीक्षा
    100 प्रतिशत बकेटिंग और समयबद्ध राजस्व कार्यों पर कलेक्टर का जोर

    रायपुर / shouryapath / कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आज आरंग राजस्व अनुविभाग के भू-अभिलेख एवं राजस्व विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि राजस्व रिकॉर्ड शत-प्रतिशत अद्यतन किए जाएं तथा राजस्व सेवाओं को लेकर आमजनों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने सभी लंबित राजस्व प्रकरणों का निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिया। बैठक में तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक (आरआई) एवं पटवारी उपस्थित थे।

    कलेक्टर ने के खातों की 100 प्रतिशत बकेटिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक खसरा नंबर का संबंधित किसान के नाम से सही मैपिंग किया जाए, ताकि किसानों का रिकॉर्ड त्रुटिरहित एवं प्रामाणिक रहे। उन्होंने पटवारीवार बकेटिंग की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक सुधार तत्काल पूर्ण करने के निर्देश दिए।

    बैठक में स्वामित्व योजना की पटवारीवार समीक्षा की गई। कलेक्टर ने पात्र हितग्राहियों को शीघ्र पट्टा वितरण सुनिश्चित करने तथा योजना की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही डिजिटल सिग्नेचर, मोबाइल नंबर, जेंडर सहित सभी आवश्यक प्रविष्टियों को शत-प्रतिशत पूर्ण करने पर जोर दिया।

    कलेक्टर ने अवैध प्लाटिंग के मामलों में प्रकरण दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई करने तथा संबंधित अधिकारियों को ऐसे मामलों की सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए।

    बैठक में नक्शा बटांकन, स्वामित्व योजना, डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (डीएससी) एवं अन्य लंबित ऑनलाइन राजस्व प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी प्रकरणों का शीघ्र निराकरण कर ऑनलाइन रिकॉर्ड अद्यतन करने के निर्देश दिए।

    उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निराकरण सर्वोच्च प्राथमिकता पर किया जाए। इसके साथ ही जाति प्रमाण-पत्र, आय प्रमाण-पत्र तथा आरबीसी 6-4से संबंधित लंबित प्रकरणों का भी शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    बैठक में अपर कलेक्टर श्री कीर्तिमान सिंह राठौर, एडीएम श्री उमाशंकर बंदे, संयुक्त कलेक्टर श्री के.एम. अग्रवाल, एसडीएम आरंग श्रीमती अभिलाषा पैकरा सहित आरंग राजस्व अनुविभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

    पिता के सपने ने दी आगे बढ़ने की प्रेरणा, कॉमनवेल्थ गेम्स की सिल्वर मेडलिस्ट ज्ञानेश्वरी यादव ने साझा की अपने संघर्ष और सफलता की कहानी
    उप मुख्यमंत्री ने ज्ञानेश्वरी और उनके माता-पिता का किया सम्मान

    रायपुर / शौर्यपथ / उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में भारोत्तोलन में देश के लिए रजत पदक जीतने वाली राजनांदगांव की युवा खिलाड़ी सुश्री ज्ञानेश्वरी यादव को सम्मानित किया। उन्होंने नवा रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में आयोजित सम्मान समारोह में उनके माता-पिता को भी सम्मानित किया। उप मुख्यमंत्री श्री साव और ज्ञानेश्वरी ने इस दौरान प्रेस-कॉन्फ्रेंस को भी संबोधित किया। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार, संयुक्त संचालक श्री प्रभाकर पाण्डेय और उप संचालक श्रीमती रश्मि ठाकुर सहित भारोत्तोलन संघ के पदाधिकारी एवं विभिन्न खेलों का प्रशिक्षण ले रहे खिलाड़ी भी इस दौरान मौजूद थे।

    उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने प्रेस-कॉन्फ्रेंस में कहा कि आज ऐतिहासिक और गौरव का पल है। हम छत्तीसगढ़ और भारत की बेटी ज्ञानेश्वरी का अभिनंदन कर रहे हैं, जिन्होंने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीतकर छत्तीसगढ़ और भारत का नाम रोशन किया है। ज्ञानेश्वरी की इस उपलब्धि से खेलों के लिए एक नए वातावरण की शुरुआत छत्तीसगढ़ में होगी। मैं उनके पिता श्री दीपक यादव और माता श्रीमती दुर्गा यादव का भी हार्दिक अभिनंदन करता हूं, जिन्होंने ऐसी होनहार बेटी को जन्म दिया जिन्होंने दुनिया में भारत और छत्तीसगढ़ को प्रतिष्ठा दिलाई। छत्तीसगढ़ के युवा ज्ञानेश्वरी से प्रेरणा लेकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में अच्छा प्रदर्शन करेंगे, ऐसी उम्मीद है।

    उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि राज्य में हमारी सरकार बनने के बाद से हम लगातार खेल और खिलाड़ियों की तरक्की एवं बेहतरी के लिए काम कर रहे हैं। खेलों और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने हम बस्तर ओलंपिक, सरगुजा ओलंपिक, स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव जैसे आयोजन लगातार कर रहे हैं। खेल अलंकरण और उत्कृष्ट खिलाड़ियों की घोषणा को हमने पुनः शुरू किया है। छत्तीसगढ़ में खेल अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए भी लगातार काम हो रहे हैं। राज्य में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। उन्हें अच्छा प्रशिक्षण दिलाने, उन्हें तराशने का और संवारने की जरूरत है। आने वाले समय में और भी प्रतियोगिताओं में भारत को पदक मिले, इसकी तैयारी हमने प्रारंभ कर दी है।

    चुनौतियों ने बनाया और मजबूत - सुश्री ज्ञानेश्वरी यादव

    ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स की रजत पदक विजेता राजनांदगांव की वेटलिफ्टर सुश्री ज्ञानेश्वरी यादव ने प्रेस-कॉन्फ्रेंस में कहा कि कुछ समय पहले विश्व चैंपियनशिप जैसे बड़े मंच पर पहली बार उतरते समय वह काफी दबाव और घबराहट महसूस कर रही थीं। उस समय ऐसा लग रहा था कि यह एक ऐसा मुकाबला है, जिसका अनुभव पहले कभी नहीं हुआ। हालांकि उसी अनुभव ने उन्हें सिखाया कि बड़ी प्रतियोगिताओं का सामना कैसे करना है और मानसिक रूप से स्वयं को किस तरह तैयार करना है।

    ज्ञानेश्वरी ने कहा कि विश्व चैंपियनशिप से मिले अनुभव के बाद उन्होंने हर प्रतियोगिता के लिए खुद को मानसिक रूप से तैयार करना सीखा। किसी भी बड़े मंच पर पहुंचकर उनका लक्ष्य अपना शत-प्रतिशत प्रदर्शन देना रहता है और यही सोच उन्हें लगातार आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।

    उन्होंने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए कहा कि उनके पिता का सपना ही उनकी सबसे बड़ी ताकत रहा। शुरुआती दिनों में उनके पिता साइकिल से उन्हें जिम तक लेकर जाते थे। उसी दौरान उनके पिता ने उनसे कहा था कि वह स्वयं कभी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक नहीं पहुंच सके, लेकिन चाहते हैं कि उनकी बेटी भारत का प्रतिनिधित्व करे और तिरंगा ऊंचा लहराए।

    भावुक होते हुए ज्ञानेश्वरी ने कहा कि उनके पिता ने उनके लिए अथक मेहनत की है। उन्होंने बताया कि उनके खान-पान से लेकर प्रशिक्षण तक हर छोटी-बड़ी जरूरत का ध्यान उनके पिता ने रखा। परिवार के बेहतर भविष्य और उनकी तैयारी के लिए उनके पिता रात-रात भर मेहनत करते थे। आज उनकी हर उपलब्धि के पीछे उनके पिता का त्याग, समर्पण और संघर्ष ही सबसे बड़ी प्रेरणा है।

    ज्ञानेश्वरी ने कहा कि जीवन में आने वाली हर चुनौती ने उन्हें और अधिक मजबूत बनाया है। कठिन परिस्थितियों से मिले अनुभवों ने उन्हें न केवल बेहतर खिलाड़ी बनाया, बल्कि बड़े मंच पर आत्मविश्वास के साथ देश का प्रतिनिधित्व करने का हौसला भी दिया।

      रायपुर / छत्तीसगढ़ राज्य में किफायती परिवहन की दिशा में सतत् विकल्प योजना (एस.ए.टी.ए.टी.) के क्रियान्वयन एवं निगरानी हेतु गठित समिति की बैठक आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में ऊर्जा विभाग एवं मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में कचरे और बायोगैस से संपीड़ित जैव गैस (CBG) के उत्पादन को ईंधन के रूप में उपयोग करने के संबंध में व्यापक चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया की सी.बी.जी. प्लांटों के लिए जिलों में भूमि चिन्हित कर प्लांट लगाने के लिए सभी जरूरी कार्य किए जा रहें हैं। राज्य में छत्तीसगढ़ सी.बी.जी. पॉलिसी 2026 नीति का क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसके लिए राज्य शासन के विभिन्न विभागों की भूमिका एवं जिम्मेदारियां निर्धारित की गई है।

    बैठक में सी.बी.जी. प्लांट की स्थापना तथा इसमें निवेश करने वाले उद्यमियों और निवेशकों को प्रोत्साहित करने के बारे में चर्चा हुई। बैठक में अधिकारियो ने बताया कि किफायती परिवहन की दिशा में सतत् विकल्प (SATAT) योजना भारत सरकार के पेट्रोलियम और प्राकृति गैस मंत्रालय की पहल है। अधिकारियों नें बताया कि यह योजना पूरे देश में लागू है, तथा छत्तीसगढ़ में भी लागू है। योजना के तहत तेल विपणन कंपनियाँ (ओ.एम.सी. व ओ.एन.जी.सी.)जैसे इंडियन ऑईल बी.पी.सी.एल. और पी.सी.एल. इन प्लांटों से उत्पादित सी.बी.जी. को खुद खरीदने का अनुबंध किया जाता है। सी.बी.जी. प्लांटस लगाने से खेता की पराली, धान का पैरा और कचरा सड़ने से होने वाले वायु प्रदूषण को कम किया जा सकता है। इसमें किसानों को उनके कृषि अवशेषों और पशु अपशिष्ट के एवज में अतिरिक्त आय होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों को बढाया जायेगा। बैठक में राज्य के विभिन्न नगर पालिका, निगमों में सी.बी.जी. संयंत्रों की स्थापना की प्रगति की भी समीक्षा की गई।

    बैठक में बताया गया कि छत्तीसगढ़ राज्य में भी सतत् ऊर्जा उत्पादक और नगरीय निकायों में कचरे के बेहतर प्रबंधन के लिए योजना के तहत नये प्रयास किये जा रहें हैं। राज्य के भिलाई, रायपुर, बिलासपुर, राजनांदगांव, धमतरी, कोरबा, अंबिकापुर, रायगढ़ नगरीय निकायो में सी.बी.जी. संयंत्र स्थापित करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

    बैठक में परिवहन विभाग के सचिव श्री एस.प्रकाश, ऊर्जा विभाग के सचिव श्री सारांश मित्तर, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह और नगरीय प्रशासन एवं विकास, पशुधन विकास, पर्यावरण संरक्षण मंडल, कृषि एवं किसान कल्याण, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण, राज्य अक्षय ऊर्जा विकास प्राधिकरण, सी.एस.आई.डी.सी. और ऑईल मार्केटिंग कम्पनी के अधिकारी शामिल हुए।

      रायपुर / शौर्यपथ / राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (चिरायु) के तहत राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ विकासखंड के ग्राम डुंडेरा की जन्मजात श्रवण बाधित बच्ची जीविका का एम्स रायपुर में सफल कॉक्लियर इम्प्लांट किया गया। आंगनबाड़ी में नियमित स्वास्थ्य जांच के दौरान आरबीएसके (चिरायु) टीम ने उसकी समस्या की पहचान कर समय पर एम्स रेफर किया, जहां विशेषज्ञों ने सफल ऑपरेशन किया।
    अब नियमित स्पीच थेरेपी और पुनर्वास के माध्यम से जीविका धीरे-धीरे सुनने और बोलने की क्षमता विकसित कर सकेगी। यह सफलता राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की प्रभावी कार्यप्रणाली का उदाहरण है, जिसके तहत बच्चों में जन्मजात विकारों और गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान कर निःशुल्क उपचार एवं उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। डोंगरगढ़ की आरबीएसके टीम की तत्परता ने एक मासूम के जीवन में खामोशी की जगह उम्मीद और आवाजों की नई दुनिया बसा दी।

    रायपुर। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय (केटीयू), रायपुर में 'नशा मुक्त युवा अभियान' के अंतर्गत रविवार को नशा मुक्ति शपथ ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने स्वयं नशे से दूर रहने तथा समाज को नशामुक्त बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. मनोज दयाल ने कहा कि युवा शक्ति ही राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत है और उनका स्वस्थ, अनुशासित एवं सकारात्मक जीवन ही विकसित भारत की आधारशिला बनेगा। उन्होंने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह 'दिनकर' की प्रसिद्ध पंक्ति, "जब नाश मनुष्य पर छाता है, पहले विवेक मर जाता है" का उल्लेख करते हुए कहा कि नशा व्यक्ति के विवेक, परिवार और उज्ज्वल भविष्य—तीनों को बर्बाद कर देता है। उन्होंने विद्यार्थियों से मोबाइल का भी संयमित एवं सार्थक उपयोग करने का आग्रह किया तथा विश्वविद्यालय परिसर को पूर्णतः नशा मुक्त कैंपस बनाने की घोषणा की।

    कुलसचिव सुनील कुमार शर्मा ने कहा कि जीवन में किसी भी निर्णय या निवेश से पहले उसके आर्थिक और सामाजिक प्रभावों का आकलन आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नशे की शुरुआत अक्सर क्षणिक सुख के आकर्षण से होती है, लेकिन धीरे-धीरे यही आदत व्यक्ति के जीवन पर गंभीर दुष्प्रभाव डालने वाली लत बन जाती है।

    कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष पंकज नयन पांडेय, डॉ. नृपेन्द्र शर्मा, डॉ. राजेन्द्र मोहंती सहित विश्वविद्यालय के अधिकारी, शिक्षक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने 'नशा मुक्त भारत' के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने और स्वयं नशे से दूर रहने की शपथ ली।

    कार्यक्रम का संचालन एवं संयोजन डॉ. शैलेन्द्र खंडेलवाल ने किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने युवाओं से नशामुक्त, अनुशासित और जागरूक समाज के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने का आह्वान किया।

    400 यूनिट से अधिक खपत करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या लगभग आधी हुई

    मौसमी बदलाव, ऊर्जा संरक्षण और हाफ बिजली बिल योजना का दिखा सकारात्मक प्रभाव

    रायपुर / रायपुर सिटी रीजन के जून एवं जुलाई 2026 के बिजली उपभोग के आधिकारिक आंकड़ों के विश्लेषण से यह स्पष्ट हुआ है कि जुलाई माह में बिजली की खपत में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। जून 2026 में कुल बिजली खपत 131.27 मिलियन यूनिट (एमयू) थी, जो जुलाई में घटकर 89.38 मिलियन यूनिट रह गई। इस प्रकार एक माह में बिजली खपत में 31.91 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।

    आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि अधिक बिजली उपयोग करने वाले सभी उपभोक्ता वर्गों में खपत के साथ-साथ उपभोक्ताओं की संख्या में भी कमी आई है। 600 यूनिट से अधिक बिजली उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या में 64.23 प्रतिशत तथा उनकी कुल बिजली खपत में 38.13 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। इसी प्रकार 401 से 600 यूनिट श्रेणी में उपभोक्ताओं की संख्या 33.99 प्रतिशत तथा बिजली खपत 32.58 प्रतिशत घटी है।

    विश्लेषण से यह भी सामने आया है कि राज्य शासन की हाफ बिजली बिल योजना का सकारात्मक प्रभाव उपभोक्ताओं के बिजली उपयोग के स्वरूप में दिखाई दे रहा है। जून माह में 400 यूनिट तक बिजली उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या 1 लाख 96 हजार 777 थी, जो जुलाई में बढ़कर 2 लाख 56 हजार 471 हो गई। यह 30.34 प्रतिशत की वृद्धि है। वहीं 400 यूनिट से अधिक बिजली उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या 1 लाख 20 हजार 615 से घटकर 60 हजार 921 रह गई, जो लगभग 50 प्रतिशत की कमी है। इससे यह संकेत मिलता है कि बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने अपनी बिजली खपत को 400 यूनिट के भीतर रखने का प्रयास किया, जिससे उन्हें शासन की राहतकारी योजना का लाभ मिल सके।

    आंकड़ों के अनुसार 0 से 100 यूनिट श्रेणी में उपभोक्ताओं की संख्या 53.12 प्रतिशत तथा 101 से 200 यूनिट श्रेणी में 51.79 प्रतिशत बढ़ी है। विशेषज्ञों का मानना है कि गर्मी का मौसम समाप्त होने, एयर कंडीशनर एवं कूलर जैसे विद्युत उपकरणों के उपयोग में कमी आने तथा ऊर्जा संरक्षण के प्रति बढ़ती जागरूकता का भी बिजली खपत में आई कमी पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।

    ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के अनुसार रायपुर सिटी रीजन के आधिकारिक आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि जुलाई माह में बिजली की मांग में कमी आई है और उपभोक्ताओं ने अपनी बिजली खपत को नियंत्रित किया है। उपलब्ध आंकड़ों के विश्लेषण से यह स्पष्ट होता है कि बिजली उपयोग में आया यह परिवर्तन मुख्यतः मौसमी परिस्थितियों, ऊर्जा संरक्षण की प्रवृत्ति तथा राज्य शासन की जनहितकारी योजनाओं के प्रभाव का परिणाम है।

    आधिकारिक आंकड़ों का विश्लेषण यह भी दर्शाता है कि बड़ी संख्या में उपभोक्ता अब 400 यूनिट तक की श्रेणी में आ गए हैं, जिससे उन्हें शासन की राहतकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त हो रहा है। उपलब्ध तथ्यों एवं आंकड़ों के आधार पर स्मार्ट मीटर के संबंध में प्रचलित विभिन्न प्रकार की भ्रांतियों की पुष्टि नहीं होती।

    *जलापूर्ति योजनाओं के संचालन व रखरखाव पर राज्य स्तरीय कार्यशाला में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री*

    *पीएचई द्वारा यूनिसेफ और एसीई के सहयोग से हर घर जल प्रमाणित गांवों की महिला सरपंचों के लिए कार्यशाला का आयोजन*

     

    रायपुर.शौर्यपथ. उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री अरुण साव आज जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर घर जल प्रमाणित गांवों की महिला सरपंचों के लिए ग्रामीण पाइपलाइन जल आपूर्ति योजनाओं के संचालन एवं रखरखाव पर राज्य स्तरीय कार्यशाला में शामिल हुए। उन्होंने नवा रायपुर स्थित राजीव गांधी राष्ट्रीय भूमि जल प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (RGNGWTRI) में आयोजित कार्यशाला में महिला सरपंचों को संबोधित करते हुए कहा कि जल आपूर्ति की योजनाओं के लंबे समय तक सुचारू संचालन के लिए बारिश के पानी का संचय और जल संरक्षण आवश्यक है। यह भूजल को रिचार्ज करने के साथ ही दीर्घ काल तक जल स्रोतों में जल की उपलब्धता बनाए रखेगा। 

    उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कार्यशाला में सरपंचों से गांवों में हर घर नल से जल पहुंचने के बाद ग्रामीणों, खासकर महिलाओं के जीवन में आए बदलावों की जानकारी ली। उन्होंने नल जल योजनाओं के संचालन-संधारण के लिए पंचायतों द्वारा की गई व्यवस्था के बारे में पूछा। उन्होंने गांवों में जलस्रोतों, जल की गुणवत्ता के नियमित परीक्षण तथा रखरखाव शुल्क की भी जानकारी ली। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा यूनिसेफ और एसीई (Action for Community Development) संस्था के सहयोग से इस एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया था। इसमें करीब 100 महिला सरपंच शामिल हुईं। 

    कार्यशाला में हर घर जल प्रमाणित गांवों में नल जल योजनाओं के संचालन, संधारण और मरम्मत पर व्यापक विचार-विमर्श और बेस्ट प्रेक्टिसेस पर गहन चर्चा की गई। महिला सरपंचों ने इस दौरान जल जीवन मिशन के तहत अपनी-अपनी पंचायतों में जल आपूर्ति की व्यवस्था तथा नल जल योजना के संचालन-संधारण के अनुभव साझा किए। कार्यशाला में विशेषज्ञों ने महिला सरपंचों को नल जल योजनाओं के सफल, निर्बाध और दीर्घकालीन संचालन के गुर बताए।

    उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कार्यशाला में कहा कि जल आपूर्ति के लिए उपयोग हो रहे जल स्रोतों की देखभाल और सावधानीपूर्वक उपयोग जरूरी है। इसके टिकाऊपन (Sustainability) पर ही योजना की दीर्घकालीन सफलता निर्भर है। उन्होंने कहा कि नल जल योजनाओं के काम पूर्ण होने तथा पंचायतों को इसके हस्तांतरण के बाद इसका संचालन व संधारण ग्राम पंचायतों को करना है। जल जीवन मिशन हमारे घर और हमारे गांव के लिए योजना है। ग्राम पंचायतों को गांववालों के साथ मिलकर जल आपूर्ति की व्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाना है। श्री साव ने जल स्तर बनाए रखने तथा भू-जल स्रोतों को रिचार्ज करने स्टॉपडैम बनाने और बारिश के पानी को संग्रहित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बारिश के पानी के प्राकृतिक बहाव के अवरोधों व अतिक्रमणों को हटाकर तालाबों को अच्छे से भरने की व्यवस्था सभी गांवों को करना चाहिए।

    लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव श्री मोहम्मद कैसर अब्दुलहक, राजीव गांधी राष्ट्रीय भूमि जल प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान की निदेशक सुश्री रूबी मुखर्जी और यूनिसेफ की जल एवं स्वच्छता विशेषज्ञ सुश्री श्वेता पटनायक ने भी कार्यशाला को संबोधित किया। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख अभियंता श्री के.के. मरकाम और अधीक्षण अभियंता श्री समीर गौड़ भी कार्यशाला में मौजूद थे।

    Page 1 of 677

    हमारा शौर्य

    हमारे बारे मे

    whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
     
    CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
    CONTECT NO.  -  8962936808
    EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
    Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
    LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
    © 2015 Shouryapath. All Rights Reserved. Designed By Global Vision