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May 03, 2026
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PANKAJ CHANDRAKAR

PANKAJ CHANDRAKAR

रायपुर /शौर्यपथ/

राज्यपाल  अनुसुईया उइके से राजभवन में अखिल भारतीय रौतिया समाज विकास परिषद् जशपुर के सचिव पालुराम प्रधान के नेतृत्व में प्रतिनिधिमण्डल ने मुलाकात की। प्रतिनिधिमण्डल ने रौतिया जाति को अनुसूचित जनजाति में शामिल कराने का आग्रह किया। 

प्रतिनिधिमण्डल ने बताया कि छत्तीसगढ़ में निवासरत रौतिया जाति को 1931 में हुए जनगणना की सूची में तथा मध्यप्रदेश के राजपत्र में 1950 में बतौर अनुसूचित जनजाति अधिसूचित किया गया था, पर 1956 के भारत के राजपत्र में रौतिया जाति को अनुसूचित जनजाति की सूची से विलोपित कर सरल क्रमांक 15 में राठिया जाति को अधिसूचित किया गया है। प्रतिनिधिमण्डल का कहना था कि राठिया कोई जाति नहीं है यह केवल सरनेम के रूप में लिखा जाता है, जो वर्तनी त्रुटि के कारण रौतिया जाति की जगह गजट में राठिया लिखा गया है। इसलिए रौतिया जाति को अनुसूचित जनजाति में शामिल किया जाए।

प्रतिनिधिमण्डल में  मीनू प्रसाद सिंह,  निर्मल सिंह,  नंदकिशोर रौतेया एवं  राम किशोर राम शामिल थे।

 

 

हेल्थ टिप्स /शौर्यपथ/ 

दिल की सेहत के लिए अच्छे खानपान का अर्थ यह कतई नहीं है कि बर्गर, फ्रेंच फ्राइज या कोल्ड ड्रिंक से दूरी बना लें। पर यह ध्यान रखना होगा कि ये चीजें नियमित खानपान में शामिल न हो जाएं। यह कहना है अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के पूर्व प्रमुख डॉ. रॉबर्ट एकेल का। एसोसिएशन ने हाल में दिल तंदुरुस्त रखने वाले खानपान को लेकर गाइडलाइंस जारी की हैं। मुख्य लेखक डॉ. एलिस एच लिकटेंस्टाइन ने बताया कि ‘ये न खाएं’ जैसी नसीहतों से लोगों पर दबाव डालने के बजाय हमने खानपान के ऐसे पैटर्न को बढ़ावा देने की कोशिश की है, जिससे दिल स्वस्थ रहे। गाइडलाइंस के प्रमुख अंश...

6 आदतें जो खानपान का पैटर्न सही बनाने में मददगार होंगी, दिल से जुड़े जोखिम भी घटाएंगी

हफ्ते में 150 मिनट वर्कआउट

जीवनभर वजन को संतुलित रखकर दिल से जुड़े जोखिम कम किए जा सकते हैं। हफ्ते में 150 मिनट वर्कआउट, ऊर्जा संतुलन को सही रखता है। उम्र के हर दशक में ऊर्जा की जरूरत 70-100 कैलोरी तक घट जाती है। इसलिए डाइट की नियमित ट्रेकिंग जरूरी है।

गहरे रंग वाले फल-सब्जियां खाएं

विविधता वाले फल-सब्जियां खाएं, इनसे फाइटोकेमिकल्स ज्यादा मिलेंगे। ये गंभीर बीमारियों को रोकने में मददगार हैं। गहरे रंग वाले फल-सब्जी में पोषक तत्व ज्यादा होते हैं। जूस के बजाय साबुत खाने से फाइबर ज्यादा मिलेगा।

रिफाइंड के बजाय साबुत अनाज

रिफाइंड अनाज में पोषक तत्वों को हटा दिया जाता है। इसलिए साबुत अनाज से बने खाने को प्राथमिकता दें। साबुत अनाज में चोकर, एंडोस्पर्म और आंतरिक बीज तीनों परत होती है। इसलिए ये पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। कई सारी स्टडीज में साबित हो चुका है कि साबुत अनाज खाने से दिल को जोखिम पहुंचाने वाले कारकों के नियंत्रण में मदद मिली है।

प्रोटीन के स्वस्थ स्रोत चुनें

प्रोटीन की जरूरत पूरी करने के लिए फलियां, नट्स जैसे सोयाबीन, दालें, चना और मटर का सेवन करें। ये प्रोटीन के साथ फाइबर के भी अच्छे स्रोत हैं। डेयरी उत्पाद लो फैट या फैट मुक्त चुनें। इनसे वजन और मोटापा बढ़ने से रोकने में मदद मिलेगी।

नारियल/पाम जैसे तेल कम खाएं

विशेषज्ञों का मानना है पॉलीअनसैचुरेटेड फैट वाले तेल बेहतर होते हैं। इनमें सोयाबीन, कॉर्न, सनफ्लॉवर और अलसी तेल आते हैं। ये कार्डियोवस्कुलर खतरों को 30% तक घटा देते हैं। जबकि ट्रॉपिकल तेल जैसे नारियल और पाम तेल से एचडीएल और एलडीएल कॉलेस्ट्रॉल दोनों में बढ़ोतरी होती है।

इसलिए इन्हें खाने में शामिल करने से बचना चाहिए।

अतिरिक्त शुगर/नमक से बचें

उन वस्तुओं और पेय से बचें जिनमें अतिरिक्त शुगर हो। इससे डायबिटीज, दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। नमक (सोडियम क्लोराइड) का ब्लड प्रेशर के साथ सीधा संबंध है। इसके कम सेवन से ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है।

इसके अलावा विशेषज्ञों का मानना है कि डॉक्टरों को मरीजों से पांच मिनट इस विषय पर जरूर बात करना चाहिए कि वे फल, सब्जियां और साबुत अनाज कितनी मात्रा में खाते हैं। या उन्हें इनके फायदों के बारे में कितना पता है

 

 

टेक्नोलॉजी /शौर्यपथ/ 

जापान की क्योटो प्रिफेक्चुअल यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने कोरोना संक्रमण की जांच का नया तरीका खोजा है। उन्होंने ऐसा मास्क तैयार किया है, जो मोबाइल की फ्लैश लाइट के जरिए बता देता है कि मास्क पहनने वाला कोविड-19 से संक्रमित है या नहीं। मोबाइल के अलावा अल्ट्रा वॉयलेट लाइट से भी इसका पता लगाया जा सकता है। खास बात यह है कि इस मास्क के फिल्टर को शुतुरमुर्ग की कोशिकाओं से बनाया गया है।

रिसर्चर्स के मुताबिक, मास्क की परतों में एक फिल्टर लगाया गया है। इस पर एक फ्लोरोसेंट स्प्रे किया जाता है। इसमें ऐसी एंटीबॉडी होती है, जो वायरस के साथ बंध जाती है। यदि मास्क पर वायरस के कण मौजूद होते हैं तो फिल्टर UV लाइट में चमकता है। यह मास्क स्मार्टफोन की LED लाइट में भी चमकता है। इससे लोग घर बैठे ही अपना कोविड टेस्ट कर सकते हैं।

मास्क तैयार करने में शुतुरमुर्ग का रोल
यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट में बताया गया है कि वैज्ञानिकों ने सबसे पहले कोरोना वायरस को मादा शुतुरमुर्ग में इंजेक्ट किया। इसके बाद उसके अंडों से एंटीबॉडी निकालकर फ्लोरोसेंट स्प्रे तैयार किया। वैज्ञानिकों का दावा है कि शुतुरमुर्ग में मिलने वाली एंटीबॉडी कई तरह के वायरस और बैक्टीरिया के खिलाफ काम करती है।

32 मरीजों पर की गई रिसर्च
रिसर्च को लीड करने वाले साइंटिस्ट यासुहिरो सुकामोटो ने बताया कि मास्क का ट्रायल सिर्फ 10 दिन में किया गया है। एक्सपेरिमेंट में शामिल 32 कोरोना मरीजों का मास्क UV लाइट में तेजी से चमका। रिसर्च के दौरान वैज्ञानिकों ने यह भी पाया कि जैसे-जैसे मरीज रिकवर हुए, वैसे-वैसे मास्क का चमकना कम होता गया।

सुकामोटो का कहना है कि वे अगला ट्रायल 150 लोगों पर करना चाहते हैं। अगर ट्रायल कामयाब रहता है तो सरकार से इजाजत ली जाएगी। मंजूरी मिलने के बाद यह मास्क 2022 में मार्केट में आ सकता है।

 

 

 

हेल्थ टिप्स /शौर्यपथ 

कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन से पूरी दुनिया में दहशत का माहौल है। भारत में अब तक मिले ओमिक्रॉन संक्रमितों की कुल संख्या 166 हो गई है। साथ ही, दुनिया भर में इससे 12 लोगों की मौत हो चुकी है। आगे और क्या देखने मिल सकता है, ये सोचकर लोगों में चिंता, तनाव और घबराहट बढ़ती जा रही है। ऐसी स्थिति में हमें अपने शरीर के साथ-साथ मेंटल हैल्थ का ख्याल रखने की भी जरूरत है।

इन 5 साइन्स-बेस्ड तरीकों को फॉलो करके आप अपने मन को शांत रख सकते हैं..

1. अपने शरीर की सुनें

नकारात्मक भावनाओं से लड़ने के लिए सबसे पहले अपने शरीर की खामोश आवाजों को सुनना जरूरी है। क्या आपके पेट में अकड़न है? क्या आपके सिर में दर्द है? क्या आपकी मांसपेशियों में खिंचाव है? अगर इन सभी सवालों का जवाब हां है तो ये आपकी चिंता के शारीरिक लक्षण हैं। इसके लिए आपको रिलैक्स होने की जरूरत है।

शरीर को आराम देने के लिए अपनी पीठ के बल लेट जाएं। इसके बाद, एक किताब को अपने पेट पर रखें और दोनो हाथों को अपनी छाती पर रख लें। अब इतनी गहरी सांस लें कि किताब जितना हो सके उठ जाए। ये एक्सर्साइज कम से कम 7 मिनट तक करें। इसके अलावा, आप एक कटोरे में बर्फीला पानी लेकर अपने मुंह को धो सकते हैं।

2. टॉक्सिक पॉजिटिविटी से रहें दूर

अपनी चिंताओं को पूरी तरह से नजरंदाज करने से आप टॉक्सिक पॉजिटिविटी के शिकार हो सकते हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि ऐसा करके आप अपने दिमाग पर प्रेशर डालते हैं, जिससे मानसिक विकार और बढ़ सकते है। इसलिए जब भी चिंता में हों, खुद से बात करें। अपने दिल पर हाथ रखें और खुद को सहारा दें। ध्यान रखें, कभी-कभी चिंता करना भी सही होता है।

 3. गलत आदतों को सुधारें​​​​​​​

चिंता से भागने के लिए अगर सोशल मीडिया का सहारा लेते हैं, तो इस आदत को अभी बदल लें। बिना मतलब के सोशल मीडिया चलाने से आपकी घबराहट और बढ़ जाती है। जर्मनी में हुई एक स्टडी के मुताबिक, महामारी के बारे में ज्यादा पढ़ने से चिंता बढ़ती है।

यदि आप सोशल मीडिया के आदी हैं, तो ऐसे एप्स को अपने फोन से हटा दें जिन्हें चला​​​​​​​कर आप अच्छा महसूस नहीं करते। साथ ही, दूसरों पर निर्भर होने, आलस करने, काम टालने, शराब पीने और कम नींद लेने की आदतों को भी सुधारें।

4. अपना नजरिया बदलें​​​​​​​

कोरोना महामारी का अंत कब होगा, यह सवाल हम सभी के मन में है। हालांकि, इसका जवाब किसी के पास नहीं है। इसलिए हमें अपनी जिंदगी जीने का नजरिया बदलना होगा। चीजों के नकारात्मक और सकारात्मक दोनो ही पहलुओं को परखना होगा। आप यह कल्पना भी कर सकते हैं कि आपकी आज की चिंताएं एक दिन, हफ्ते, महीने या साल बाद कैसी लग सकती हैं।

5. अकेले ना रहें

अकेलापन आपको ज्यादा सोचने पर मजबूर करता है। चिंता दूर करने का सबसे अच्छा तरीका होता है अपने परिवार या दोस्तों से बात करना। साथ ही, आप अपने विचारों को लिखकर उनसे राहत पा सकते हैं। बच्चों और जानवरों के साथ खेलने, ताजी हवा में घूमने और नई हॉबीज एक्सप्लोर करने से भी आप अपनी चिंताओं से मुक्त हो सकते हैं।

 

 

रायपुर /शौर्यपथ/

राज्य सरकार के श्रम विभाग ने भवन एवं अन्य निर्माणों पर मानक दर पर उपकर कटौती के निर्देश दिए है। नवा रायपुर स्थित मंत्रालय से श्रम विभाग ने प्रदेश के समस्त नगर पालिक निगमों के आयुक्त, नगर पालिका परिषदों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों, नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारी, जिला पंचायतों और जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों सहित राज्य शासन के समस्त विभागीय सचिवों को पत्र जारी कर निर्देश दिए है कि भवन एवं सन्निर्माण उपकर अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार नियमानुसार प्रचलित दर पर उपकर कटौती की जाए। अधिकारियों को छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल द्वारा समय-समय पर लिए गए निर्णयों के अनुरूप ग्रामीण क्षेत्रों के निर्माण कार्यो के लिए ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के मानक दर और शहरी क्षेत्रों के निर्माण कार्यों के लिए लोक निर्माण विभाग के प्रचलित मानक दर के आधार पर निर्माण प्राक्कलन की गणना करने के निर्देश दिए गए हैं।

 

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर अपनी भड़ास निकाली है. उन्होंने उत्तराखंड में फ्री हैंड न मिलने और संगठन के लोगों से सहयोग न मिलने पर नाराजगी जाहिर की है.

नई दिल्ली /शौर्यपथ/

 कांग्रेस नेता और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर अपनी भड़ास निकाली है. उन्होंने उत्तराखंड में फ्री हैंड न मिलने और संगठन के लोगों से सहयोग न मिलने पर नाराजगी जाहिर की है. उत्तराखंड में विधान सभा चुनाव होने में अब दो से तीन महीने ही रह गए हैं. ऐसे में सीएम का चेहरा बनाने पर अभी तक फैसला नहीं लेने पर भी चिंता जताई है.

 ट्विटर पर एक लंबे पोस्ट में रावत ने लिखा, 'है न अजीब सी बात, चुनाव रूपी समुद्र को तैरना है, सहयोग के लिए संगठन का ढांचा अधिकांश स्थानों पर सहयोग का हाथ आगे बढ़ाने के बजाय या तो मुंह फेर करके खड़ा हो जा रहा है या नकारात्मक भूमिका निभा रहा है. जिस समुद्र में तैरना है, सत्ता ने वहां कई मगरमच्छ छोड़ रखे हैं. जिनके आदेश पर तैरना है, उनके नुमाइंदे मेरे हाथ-पांव बांध रहे हैं. मन में बहुत बार विचार आ रहा है कि #हरीश_रावत अब बहुत हो गया, बहुत तैर लिये, अब विश्राम का समय है!'

अगले ट्वीट में रावत ने लिखा है, "फिर चुपके से मन के एक कोने से आवाज उठ रही है "न दैन्यं न पलायनम्" बड़ी उहापोह की स्थिति में हूं, नया वर्ष शायद रास्ता दिखा दे. मुझे विश्वास है कि #भगवान_केदारनाथ जी इस स्थिति में मेरा मार्गदर्शन करेंगे."

 

 

 

पन्द्रह हजार हेक्टेयर क्षेत्र में बढ़ेगी सिंचाई सुविधा

रायपुर /शौर्यपथ/

छत्तीसगढ़ शासन ने नौ सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण एवं सुधार कार्यों के लिए 20 करोड़ 95 लाख 62 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी है। योजनाओं के पूरा होने से पन्द्रह हजार एक सौ छैसठ हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिल सकेगी।

बिलासपुर जिले के विकासखण्ड बिल्हा के अंतर्गत अरपा नदी पर कछार के पास डाईक निर्माण कार्य के लिए एक करोड़ 66 लाख 86 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। अरपा नदी पर कोनी के पास डाईक निर्माण कार्य के लिए एक करोड़ 44 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। कुआपाली जलाशय योजना के शीर्ष कार्य, नहर रिमॉडलिंग एवं लाईनिंग कार्य के लिए दो करोड़ 69 लाख 87 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। योजना के पूरा होने से 194 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिल सकेगी।

जांजगीर-चांपा जिले के विकासखण्ड बम्हनीडीह की सोन नदी पर सोनियापाट एनीकट योजना के लिए चार करोड़ 92 लाख 54 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। योजना के पूरा होने से 115 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिल सकेगी। जांजगीर-चांपा जिले के हसदेव बांगो परियोजना के चांपा शाखा नहर से सोंठी माईनर एक में आर.डी. 300 मी. से 750 मी. के मध्य सुरक्षावाल का निर्माण कार्य के लिए एक करोड़ 73 लाख 19 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। योजना के पूरा होने से 120 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिल सकेगी। विकासखण्ड सक्ती के देवरीपाली जलाशय योजना के नहर में सी.सी. लाईनिंग दो कि.मी. एवं पक्के कार्यों में सुधार एवं पुनर्निर्माण कार्य के लिए एक करोड़ 50 लाख 54 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। योजना के पूरा होने से 209 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिल सकेगी। विकासखण्ड पामगढ़ अंतर्गत डोंगाकोहरौद वितरक नहर के आर.डी. 0 कि.मी. से 17.88 कि.मी. तक क्षतिग्रस्त लाईनिंग, स्ट्रक्चर एवं बैंको का नवीनीकरण कार्य के लिए दो करोड़ 76 लाख 73 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। योजना के पूरा होने से 14082 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिल सकेगी।

मुंगेली जिले के विकासखण्ड लोरमी अंतर्गत कन्हैया नाला जलाशय के शीर्ष कार्य जीर्णोद्धार, मुख्य नहर एवं शाखा में सीमेंट कांक्रीट लाईनिंग कार्य के लिए दो करोड़ 32 लाख 67 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। योजना के पूरा होने से 217 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिल सकेगी। गब्दा जलाशय के शीर्ष कार्य का जीर्णोद्धार, मुख्य नहर एवं शाखा नहरों में सीमेेंट कांक्रीट लाईनिंग कार्य के लिए दो करोड़ 32 लाख 78 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। योजना के पूरा होने से 229 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिल सकेगी।

 

जगह-जगह अलाव की व्यवस्था करने तथा रैन बसेरा में जाने के इच्छुक को शिफ्ट करने के निर्देश

अम्बिकापुर /शौर्यपथ/ 

कलेक्टर  संजीव कुमार झा कड़ाके की सर्द रात्रि में मंगलवार को कड़ाके की सर्द रात्रि में अधिकारियो को साथ लेकर शहर भ्रमण पर निकले और ठंड से बचाव के लिए निगम प्रशासन की व्यवस्थओं का जायजा लिया। उन्होंने रात्रि 10 बजे से करीब 12 बजे तक कंपनी बाजार, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, मनेन्द्रगढ़ रोड़, बनारस रोड, प्रतापुर रोड, राममनुजगंज रोड आदि का भ्रमण किया। इस दौरान ठंड से बचाव हेतु 40 जरूरतमंदों को कंबल बांटा गया। कलेक्टर ने प्रमुख चौक. चौराहों के अलावा ऐसे स्थानों पर जहां लोग खुले आसमान के नीचे रात बिताते है वहां भी अलाव की व्यवस्था करने के निर्देश निगम के अधिकारियो को दिए। 

कंपनी बाजार में भ्रमण में दौरान कलेक्टर ने निगम आयुक्त को निर्देशित किया कि जो लोग कंपनी बाजार से निगम के रेन बसेरा में जाना चाहते है उन्हे उक्त रैन बसेरा में शिफ्ट करायें। ठंड से लोगो को राहत देने सानुचित व्यवस्था करें। भ्रमण के दौरान पीजी कॉलेज के समीप एक महिला ने बताया कि उसके एक बच्चे को अचानक किसी ने अपने साथ लेकर चला गया है। इसपर कलेक्टर ने सीएसपी को निर्देशित करते हुए कहा कि तत्काल बच्चे की तलाशी के लिए कार्यवाही शुरू करें और बच्चे को महिला को सुपुर्द करें ।
इस दौरान नगर निगम आयुक्त  प्रभाकर पांडेय, एसडीएम  प्रदीप साहू, सीएसपी  पुष्कर शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

 

सार्वजनिक स्थलों में रात में अलाव जलाने के साथ बेसहारों, जरूरतमंदों को दिए जा रहे कम्बल एवं गर्म कपड़े

रैन बसेरों, वृद्धाश्रमों और आश्रय गृहों में भी ठंड से बचाने की जा रही अतिरिक्त व्यवस्था

रायपुर /शौर्यपथ/

अलाव जलाने के साथ बेसहारों, जरूरतमंदों को दिए जा रहे कम्बल एवं गर्म कपड़े

रैन बसेरों, वृद्धाश्रमों और आश्रय गृहों में भी ठंड से बचाने की जा रही अतिरिक्त व्यवस्थादेश के साथ छत्तीसगढ़ में भी शीत लहर का प्रभाव देखा जा रहा है और कड़ाके की ठंड पड़ रही है। ऐसे में मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल के निर्देश पर लोगों को ठंड और शीत लहर से बचाने सक्रियता से प्रशासनिक अमला जुटा हुआ है। जिलों के कलेक्टर भी रात में चौक-चौराहों और सार्वजनिक जगहों पर पहुॅच कर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे है।

रैन बसेरों, वृद्धाश्रमों और आश्रय गृहों में भी ठंड से बचाने की जा रही अतिरिक्त व्यवस्था
रैन बसेरों, वृद्धाश्रमों और आश्रय गृहों में भी ठंड से बचाने की जा रही अतिरिक्त व्यवस्था

समय अलाव की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है

समाज कल्याण विभाग द्वारा सार्वजनिक स्थलों विशेषकर चौक-चौराहों, रेल्वे स्टेशन, बस स्टैंड, यात्री प्रतीक्षालय आदि में रात्रि के समय अलाव की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। इसके साथ ही स्वयंसेवी, समाजसेवी संस्थाओं, दान-दाताओं की मदद से बेसहारा एवं जरूरतमंद लोगों को गर्म कपड़े एवं कम्बल आदि वितरण किया जा रहा है। रैन बसेरा वृद्धाश्रम और आश्रय गृहों में भी बुजुर्गो, दिव्यांगों और बच्चों को ठंड से बचाने स्वेटर, शॉल, मंकी कैप, मफ्लर, मोजे, कम्बल प्रदान करने के साथ हीटर और कमरों को ठंड से सुरक्षित बनाने अतिरिक्त व्यवस्था की जा रही है। सार्वजनिक स्थलों में जरूरतमंद बेसहारा, विक्षिप्त लोगों को कंबल और गर्म कपड़े दिए जा रहे हैं।

शीत लहर के प्रकोप से लोगों को बचाने ठंडी रात में पूरी सक्रियता से जुटा प्रशासनिक अमला

शीत लहर के प्रकोप से लोगों को बचाने ठंडी रात में पूरी सक्रियता से जुटा प्रशासनिक अमला

शीत लहर के प्रकोप से लोगों को बचाने ठंडी रात में पूरी सक्रियता से जुटा प्रशासनिक अमला

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ राज्य में कुछ दिनों से पड़ रही कड़ाके की ठंड और शीत लहर के प्रकोप को देखते हुए जरूरतमंदों के लिए जिलों में आवश्यक उपाय किए जाने और विशेष सर्तकता बरतने के निर्देश कलेक्टरों को दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि शीत लहर के प्रकोप के चलते जरूरतमंदों को किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसका विशेष रूप से ध्यान रखा जाना चाहिए। इसके साथ ही आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा प्रदेश के विभिन्न भागों में शीत लहर के प्रकोप से बचाव हेतु जनसामान्य के लिए सलाह जारी की गई है।

 

राजनीति/शौर्यपथ/ 

 हंगामे और गतिरोध के चलते आज संसद शुरू होते ही दोनों सदनों को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया. राज्यसभा के सभापति वैेंकेया नायडु ने सदन न चल पाने को लेकर नाराजगी जताई.

संसद के शीतकालीन सत्र के आखिरी दो दिन बचे थे लेकिन हंगामे और गतिरोध के चलते आज संसद शुरू होते ही दोनों सदनों को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया. राज्यसभा के सभापति वैेंकेया नायडु ने सदन न चल पाने को लेकर नाराजगी जताई और सांसदों से कहा कि 'सदन अपनी क्षमता के मुकाबले बहुत कम चली. मैं आप सबसे आग्रह करता हूं कि आप आत्मावलोक करें कि इस सदन में काम कितना बेहतर हो सकता था. मेरा इसपर बहुत आलोचनात्मक नजरिया है.'

उधर, तृणमूल कांग्रेस से राज्यसभा सांसद डेरेक ओब्रायन कल निलंबित कर दिए गए थे, जिसके बाद आज वो संसद परिसर में गांधी प्रतिमा के पास 12 निलंबित सांसदों के धरने में शामिल हुए. डेरेक पर सदन की रूल बुक फाड़ने का आरोप लगा है. हालांकि, उन्होंने इससे इनकार किया है.

बता दें कि सरकार ने कल लोकसभा में स्मृति ईरानी ने लड़कियों की शादी की उम्र को 18 से बढ़ाकर 21 करने का प्रस्ताव पेश किया था. वहीं, निर्वाचन विधि संशोधन विधेयक को सोमवार को लोकसभा की मंजूरी मिल गई थी, जिसके बाद विपक्ष के विरोध के बीच इसे कल राज्यसभा में पेश किया गया था. शीकालीन सत्र के आखिरी सप्ताह में मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) संसदीय दल की बैठक भी हुई थी.


निलंबित सांसदों ने गांधी प्रतिमा के सामने संविधान की प्रस्तवना पढ़ा और न्याय की मांग की. डोला सेन, नासिर हुसैन, अखिलेश प्रसाद सिंह, राज मणि पटेल, रूपेन बोरा, फूलो देवी नेताम और प्रियंका चतुर्वेदी
को शीतकालीन सत्र के शुरुआती दिनों में ही सदन से निलंबित कर दिया गया था.

आज उन्होंने कहा कि 'सरकार अहंकारी हो चुकी है. इस सरकार में किसी को न्याय नही मिल रहा है. ये सच की लड़ाई हम जीते हैं. हम लोकतंत्र के लिये लड़ते रहेंगे. विपक्ष की एकता और मजबूत हुई है. हम माफी नही मांगे. मजबूर करने की कोशिश जरूर हुई लेकिन मजबूत हुए. सरकार किसानों के हत्यारे को बचा रही है.'

 

 

 

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