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रायपुर /शौर्यपथ/
राज्यपाल अनुसुईया उइके से राजभवन में नार्थ अमेरिका छत्तीसगढ़ एसोसिएशन के संस्थापक एवं कार्यकारी अध्यक्ष गणेश कर ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर नमिता खण्डेलवाल एवं दिलीप तिवारी भी उपस्थित थे।
दिल्ली की मुख्य विपक्षी पार्टी बीजेपी और कांग्रेस ने घटना को लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन से इस्तीफे की मांग की है और तीन बच्चों के पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की मांग की है.
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
दिल्ली के कलावती सरन चिल्ड्रेन हॉस्पिटल में कथित तौर पर आम आदमी मोहल्ला क्लिनिक के डॉक्टरों द्वारा प्रेस्क्राइब किए गए नशीले कफ सीरप पीने से तीन बच्चों की मौत हो गई है. इस हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने तीन डॉक्टरों को बर्खास्त कर दिया है और मामले की जांच के आदेश दिए हैं.
दिल्ली की मुख्य विपक्षी पार्टी बीजेपी और कांग्रेस ने घटना को लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन से इस्तीफे की मांग की है और तीन बच्चों के पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की मांग की है.
अधिकारियों के अनुसार, केंद्र द्वारा संचालित कलावती सरन चिल्ड्रन हॉस्पिटल ने 29 जून से 21 नवंबर तक एक से छह वर्ष की आयु के बच्चों में डेक्सट्रोमेथॉर्फ़न प्वायजनिंग के 16 मामले दर्ज किए हैं. अस्पताल के एक सीनियर डॉक्टर ने समाचार एजेंसी PTI को बताया, "ज्यादातर बच्चों को सांस लेने में तकलीफ थी और मरने वाले तीन बच्चों की हालत ज्यादा खराब थी."
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा है कि सरकार ने बच्चों की मौत के मामले में तीन डॉक्टरों की सेवाएं समाप्त कर दी हैं और घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.
जैन ने कहा, "कुछ दिनों पहले प्रतिकूल दवा प्रतिक्रिया के कारण कलावती सरन अस्पताल में तीन बच्चों की मौत हो गई. जैसे ही हमें इसके बारे में पता चला, हमने तीन डॉक्टरों की सेवाओं को समाप्त कर दिया और जांच के आदेश दिए. हमने घटना के बारे में दिल्ली मेडिकल काउंसिल में भी शिकायत की है."
दिल्ली सरकार ने सोमवार को चार सदस्यीय जांच कमेटी का भी गठन किया है. एक आदेश के अनुसार, मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारी (दक्षिण-पूर्वी दिल्ली) डॉ गीता उस पैनल की अध्यक्षता करेंगी. पैनल को सात दिनों में रिपोर्ट देने को कहा गया है.
कोलकाता नगर निगम की 144 में से 119 सीटों पर तृणमूल कांग्रेस आगे चल रही है.
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
कोलकाता नगर निगम चुनाव के लिए मंगलवार को भारी सुरक्षा के बीच हो रही मतगणना में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस को बड़ी बढ़त मिली है. कोलकाता नगर निगम की 144 में से 17 सीटें तृणमूल कांग्रेस जीत चुकी है, जबकि 118 पर आगे चल रही है. यहां रविवार को मतदान हुआ था. राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वियों, भाजपा और लेफ्ट से बहुत आगे है. भाजपा और लेफ्ट तीन-तीन वार्डों में आगे चल रही हैं. वहीं, कांग्रेस सिर्फ दो वार्डों में आगे चल रही है.
2015 के निकाय चुनाव में टीएमसी को 114 सीटें मिली थी, इस बार भी ऐसा लग रहा है कि टीएमसी इसी आंकड़े के करीब ही सीटें पाएगी. वहीं, भाजपा और लेफ्ट की पिछली बार की तुलना में इस बार सीटें घटती हुई दिख रही हैं. कांग्रेस चौथे नंबर पर बनी हुई है और उसकी सीटें पहले से भी कम होती दिख रही हैं.
लेफ्ट और कांग्रेस ने गठबंधन में विधानसभा चुनाव लड़ने के बाद, कोलकाता निकाय चुनाव अलग-अलग लड़ने का फैसला किया था. मेयर पद के लिए किसी पार्टी ने उम्मीदवार का ऐलान नहीं किया है. इस बार तृणमूल के प्रमुख उम्मीदवारों में से एक मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की भाभी कजरी बनर्जी हैं. वह वार्ड नंबर 73, भवानीपुर से चुनाव लड़ रही हैं.
बंगाल भाजपा ने हिंसा और चुनाव नियम उल्लंघन का आरोप लगाया है. रविवार को राज्य चुनाव आयोग को लिखे एक पत्र में, पार्टी ने कोलकाता नगर निगम (केएमसी) चुनावों को एक तमाशा बताया और आरोप लगाया कि पुलिस हिंसा को रोकने में नाकाम रही है. इससे पहले तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा पर आरोप लगाया था कि वह एक वार्ड में बिरयानी का लालच देकर मतदाताओं को आकर्षित करने की कोशिश कर रही है.
रविवार को मतदान के दौरान छिटपुट हिंसा की घटनाएं हुईं. दो मतदान केंद्रों पर कथित तौर पर बम फेंके गए.
उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू और उनकी पत्नी उषा नायडू ने अपनी नातिन निहारिका की शादी के उपलक्ष्य में अपने आवास पर रिसेप्शन पार्टी आयोजित की थी, जिसमें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और देश के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एनवी रमना भी पहुंचे थे.
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू के सरकारी आवास पर आयोजित एक पारिवारिक समारोह में संघ प्रमुख मोहन भागवत के साथ एक ही सोफे पर समाजवादी पार्टी के संरक्षक और संस्थापक मुलायम सिंह यादव के बैठने पर राजनीति शुरू हो गई है. कांग्रेस ने इसे सपा का संघवाद बताया है.
यूपी कांग्रेस के ट्विटर हैंडल से सोमवार की देर रात दोनों नेताओं के साथ वाली तस्वीर पोस्ट करते हुए समाजवादी पार्टी पर तंज कसा गया है. ट्वीट में यूपी कांग्रेस ने लिखा है, "नई सपा" में 'स' का मतलब 'संघवाद' है?
इसके जवाब में समाजवादी पार्टी ने कांग्रेस पर शिष्टाचार भूलने का आरोप लगाया. समाजवादी पार्टी ने अपने ट्विटर हैंडल से मुलायम सिंह यादव और राष्ट्रवादी कांग्रेस प्रमुख शरद पवार की तस्वीर साझा करते हुए लिखा है, "राजनीतिक शिष्टाचार भूल चुकी है कांग्रेस! जिस कार्यक्रम की तस्वीर लगा रही कांग्रेस, उसी कार्यक्रम में कांग्रेस की सहयोगी एनसीपी के नेताओं ने भी लिया नेताजी का आशीर्वाद। इस पर क्या कहेगी कांग्रेस ?"
उधर, यूपी बीजेपी ने भी मोहन भागवत और मुलायम सिंह की तस्वीर क्रॉप कर ट्वीट किया है और लिखा है, "तस्वीर बहुत कुछ बोलती है."
दरअसल, उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू और उनकी पत्नी उषा नायडू ने अपनी नातिन निहारिका की शादी के उपलक्ष्य में अपने आवास पर रिसेप्शन पार्टी आयोजित की थी, जिसमें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और देश के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एनवी रमना भी पहुंचे थे.
इसी समारोह में संघ प्रमुख मोहन भागवत और सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव एक सोफे पर बैठे नजर आए थे. यह तस्वीर सबसे पहले केंद्रीय मंत्री अर्जुन मेघवाल ने शेयर की थी, जिसमें वह खुद भी नजर आ रहे हैं. मेघवाल संघ प्रमुख से अपने जन्मदिन पर शुभकामनाएं ले रहे हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं सहायता समूहों के खातों मे 1000 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित करेंगे, जिससे लगभग 16 लाख महिला सदस्यों को लाभ पहुंचेगा.
लखनऊ /शौर्यपथ/
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूपी में ताबड़तोड़ दौरे कर रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी मंगलवार को महिलाओं को बड़ी सौगात देने जा रहे हैं. प्रधानमंत्री मंगलवार को प्रयागराज का दौरा करेंगे और दो लाख से अधिक महिलाओं की मौजूदगी वाले एक अनोखे कार्यक्रम में भाग लेंगे. सरकार ने इस बात की जानकारी दी. पिछले एक महीने में पीएम मोदी उत्तर प्रदेश में 10वां दिन बिताएंगे. चुनाव से पहले पीएम मोदी ने बीजेपी के चुनावी अभियान की कमान अपने हाथ में ले ली है. उत्तर प्रदेश में दो महीने से कम में चुनाव होने की संभावना है.
समाचार पत्र में दिए गए विज्ञापनों में सरकार ने बताया कि यह कार्यक्रम महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी के दृष्टिकोण के अनुरूप आयोजित किया जा रहा है. प्रधानमंत्री स्वयं सहायता समूहों के खातों मे 1000 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित करेंगे, जिससे लगभग 16 लाख महिला सदस्यों को लाभ पहुंचेगा.
प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक विज्ञप्ति में कहा,"यह ट्रांसफर दीनदयाल उपाध्याय योजना- राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई) के तहत किया जाएगा, जिसमें 80,000 सेल्फ हेल्प ग्रुप को प्रति एसएचजी 1.10 लाख रुपये का सामुदायिक निवेश कोष (CIF) प्राप्त होगा और 60,000 एसएचजी को प्रति एसएचजी 15,000 रुपये की चक्रीय (रिवॉल्विंग) निधि प्राप्त होगी."
कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री व्यापार अभिकर्ता-सखियों (बीसी-सखियों) को प्रोत्साहित करने के लिए, उनमें से 20,000 के खाते में पहले महीने के वजीफे के रूप में 4,000 रुपये की राशि भी स्थानांतरित करेंगे. जब बीसी-सखियां जमीनी स्तर पर वित्तीय सेवाओं के प्रदाता के रूप में अपना काम शुरू करती हैं, तो उन्हें छह महीने के लिए 4,000 रुपये का वजीफा दिया जाता है, ताकि वे अपने काम में स्थिर हो जाएं और फिर लेन-देन पर कमीशन के माध्यम से कमाई शुरू करें.
इस कार्यक्रम में पीएम मोदी 'मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना' के तहत एक लाख से अधिक लाभार्थियों को कुल 20 करोड़ से रुपये अधिक की राशि हस्तांतरित करेंगे. यह योजना एक बालिका को उसके जीवन के विभिन्न चरणों में सशर्त नकद हस्तांतरण प्रदान करती है. कुल हस्तांतरण 15,000 रुपये प्रति लाभार्थी है.
राहुल गांधी ने ‘थैंक्यू मोदी जी’ हैशटैग के साथ ट्वीट करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा.
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने पंजाब और कुछ अन्य जगहों पर भीड़ द्वारा पीट-पीटकर कथित तौर पर मार डालने (लिंचिंग) की हालिया घटनाओं की पृष्ठभूमि में मंगलवार को आरोप लगाया कि साल 2014 में नरेंद्र मोदी सरकार बनने से पहले ‘लिंचिंग' शब्द सुनने में नहीं आता था.
उन्होंने ‘थैंक्यू मोदी जी' हैशटैग के जरिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया, ‘2014 से पहले ‘लिंचिंग' शब्द सुनने में भी नहीं आता था.'
गौरतलब है कि गत रविवार को पंजाब के कपूरथला के निजामपुर गांव में एक गुरुद्वारा में सिख धर्म के ‘निशान साहिब' (ध्वज) का अनादर करने के आरोप में एक अज्ञात व्यक्ति को भीड़ ने पीट-पीटकर कथित तौर पर मार डाला.
इससे पहले अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में शनिवार को कथित बेअदबी को लेकर भीड़ ने एक अन्य व्यक्ति की पीट-पीट कर कथित तौर पर जान ले ली थी.
“समस्या के समाधान के लिए साथ बैठकर चर्चा करना जरूरी”
“हमने उद्योगपतियों से चर्चा के बाद औद्योगिक नीति 2019-24 बनाई”
“किसानों की बात, उद्यमियों के साथ” कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री बघेल
किसान नेता श्री शिवकुमार शर्मा और श्री राकेश टिकैत ने किसान हितैषी फैसलों के लिए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की सराहना की
रायपुर /शौर्यपथ/
“कृषि उत्पादन का बढ़ना देश की ताकत होनी चाहिए, समस्या नहीं”“समस्या के समाधान के लिए साथ बैठकर चर्चा करना जरूरी”“हमने उद्योगपतियों से चर्चा के बाद औद्योगिक नीति 2019-24 बनाई”
हमारा देश और प्रदेश कृषि प्रधान है। ऐसे में देश की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा कृषि पर निर्भर है। व्यापार और उद्योग की अर्थव्यवस्था भी कहीं-न-कहीं किसानों से जुड़ी होती है। उद्योग का पहिया तब घूमेगा जब व्यापारी उनसे सामान खरीदेंगे और व्यापारी का सामान तब बिकेगा जब जनता की जेब में पैसा होगा। अर्थव्यवस्था बचाने के लिए जनता की जेब में पैसा डालना होगा। यह बातें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ‘हरिभूमि’ मीडिया समूह के आयोजन “किसानों की बात, उद्यमियों के साथ” के मंच से कहीं। किसानों और उद्योगपतियों की ओर से कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री बघेल के साथ कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, पूर्व कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, किसान नेता शिवकुमार शर्मा ‘कक्का जी’ व राकेश टिकैत एवं ‘हरिभूमि’ मीडिया समूह के प्रधान संपादक हिमांशु द्विवेदी ने मंच साझा किया। कार्यक्रम में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री अमरजीत भगत भी मौजूद थे।
कार्यक्रम में उद्बोधन के दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सबसे पहले किसान आंदोलन के दरम्यान शहीद हुए 703 किसानों की आत्मा की शांति के लिए मौन धारण कराया और उन्हें श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने उद्बोधन में कहा कि देश में अनाज की कमी को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी जी ने चुनौती के तौर पर लिया और देश के किसानों से आह्वान किया कि हमें अनाज उत्पादन के मामले में आत्मनिर्भर बनना होगा। इसके बाद ही देश में हरित क्रांति आयी। ये वही दौर था जब 1967 में एमएसपी घोषित हुआ। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि हमने सरकार बनने के बाद छत्तीसगढ़ में धान, कोदो, कुटकी, गन्ना, मक्का सबके लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी के साथ उचित कीमत देना शुरू किया। छत्तीसगढ़ कोदो, कुटकी को समर्थन मूल्य में खरीदने वाला देश का पहला राज्य है। यहां तीन हजार रुपए प्रति क्विंटल की दर से इसकी खरीदी की जा रही है। वहीं हमने छत्तीसगढ़ में धान, कोदो, कुटकी, गन्ना, मक्का के साथ ही वनोपजों की खरीदी भी शुरू की, जिसमें 7 से बढ़ाकर 52 प्रकार के लघु वनोपजों को शामिल किया। इसके अलावा हमने वनोपजों का वैल्यू एडिशन भी किया। आज महुआ लड्डू, एनर्जी बार, बस्तर काजू पूरे देश में लोकप्रिय हो रहा है।
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि केन्द्र सरकार से एक फरमान जारी हुआ, जिसमें कहा गया कि कोई भी राज्य सरकार फसल की खरीदी पर किसानों को बोनस देगी तो उसे केन्द्रीय पुल में नहीं लिया जाएगा, लेकिन फिर दो साल की छूट मिली। उसी छूट में हमने किसानों को बोनस मिलाकर धान खरीदी में प्रति क्विंटल 2500 रुपए दे दिया। केन्द्र सरकार ने बोनस देने पर आपत्ति की और राज्य का चावल लेने से मना कर दिया। केंद्र सरकार की आपत्ति के बाद अब हम किसानों को 10 हजार रुपए प्रति एकड़ की दर से इनपुट सब्सिडी दे रहे हैं। मुख्यमंत्री केन्द्र द्वारा उसना क्वॉलिटी का धान लेने से इंकार करने पर राज्य के किसानों से अरवा क्वॉलिटी के धान उत्पादन की अपील की।
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि कृषि उत्पादन का बढ़ना किसी देश और प्रदेश के लिए ताकत होनी चाहिए, समस्या नहीं। हम प्रदेश के अतिरिक्त धान से एथेनॉल ईंधन बनाना चाहते हैं, लेकिन केन्द्र से इसकी अनुमति ही नहीं मिल रही है। गन्ना और मक्का से एथेनॉल बनाने के लिए 12 औद्योगिक घरानों से एमओयू भी हो चुका है और उन्हें जमीन भी दे दी गई है। राज्य में कृषि के साथ उद्योग को भी बढ़ावा देने पर मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि हमने उद्योगपतियों से चर्चा के बाद 2019-24 की औद्योगिक नीति बनाई। अब तक 150 एमओयू हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन के बाद सबसे पहले उद्योगों का पहिया घूमा है तो वो छत्तीसगढ़ में घूमा है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान व्यापारिक गतिविधियों के संचालन के लिए समय-समय पर व्यापारियों से भी चर्चा की गई और उन्हें आवश्यक राहत पहुंचाई गई।
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि हम किसानों का हित करना चाहते हैं लेकिन किसानों के नाम से किसी को बेजा फायदा उठाने नहीं दिया जाएगा। साथ ही डीएपी की कमी पर मुख्यमंत्री ने किसानों, पशुपालकों व ग्रामीणों से गोबर से वर्मी कम्पोस्ट अधिक-से-अधिक बनाने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए सभी प्रकार की चर्चा में शामिल होना चाहिए। लोगों को सुनना चाहिए। असहमति के बावजूद भी उनका सम्मान करना चाहिए। जब सब साथ बैठेंगे तभी किसी समस्या का समाधान निकलेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर आज यहां शुरू हुई चर्चा सही दिशा में आगे बढ़ेगी और निष्कर्ष तक पहुंचेगी।
कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि देश में सबसे ज्यादा कीमत पर धान खरीदी हम कर रहे हैं। राजीव गांधी किसान न्याय योजना के माध्यम से किसानों और गोधन न्याय योजना के माध्यम से पशुपालकों को आर्थिक लाभ पहुंचाया जा रहा है। भूमिहीन कृषि मजदूरों को भी राहत देने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार नई योजना लेकर आ रही है। कृषि मंत्री चौबे ने कहा कि कोरोना काल में जहां देश और दुनियाभर में मंदी की स्थिति थी, हमारी सरकार ने राज्य में राजीव गांधी किसान न्याय योजना का लाभ किसानों को दिया। किसानों को हमने समृद्ध किया तो व्यापारी वर्ग पर भी मंदी का असर नहीं हुआ। चौबे ने कहा कि कृषि मंत्री होने के नाते मैं आज अपना सौभाग्य समझता हूं कि आज पूरे देश में छत्तीसगढ़ मॉडल की चर्चा हो रही है।
कार्यक्रम को पूर्व कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, किसान नेता शिवकुमार शर्मा ‘कक्का जी’, राकेश टिकैत और उद्योगपति कमल सारडा ने भी संबोधित किया। शिवकुमार शर्मा ‘कक्का जी’ एवं राकेश टिकैत ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सराहना करते हुए कहा कि किसानों से जुड़े इस तरह के आयोजन में मुख्यमंत्री का आना यह बताता है कि उनके मन में किसानों के लिए कितनी पीड़ा और आत्मीय भाव है। शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में किसानों के उपज की पूरे देश में सर्वाधिक कीमत पर खरीदी की जा रही है। एमएसपी पर चर्चा करने वाला छत्तीसगढ़ पहला राज्य है। टिकैत ने कहा कि भूपेश बघेल पहले मुख्यमंत्री हैं जो किसानों की समस्या पर उनके साथ बैठकर बात कर रहे हैं। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में ख़रीफ़ फसलों पर इनपुट सब्सिडी देकर किसानों को समृद्ध करने का काम किया जा रहा है।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण परिषद के अध्यक्ष सुरेन्द्र शर्मा, छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष सुभाष धुप्पड़, खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष राजेन्द्र तिवारी, पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष शैलेष नितिन त्रिवेदी, मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा, नगर निगम रायपुर के महापौर एजाज ढेबर, सभापति प्रमोद दुबे, कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. कमलप्रीत सिंह, कृषि विभाग के विशेष सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, आयुक्त जनसंपर्क दीपांशु काबरा समेत अनेक किसान, उद्योगपति, व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
हेल्थ टिप्स /शौर्यपथ/
माइग्रेन विश्व की सबसे सामान्य बीमारियों में से एक है। साथ ही, यह दुनिया में सबसे ज्यादा होने वाला न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर भी है। इससे पीड़ित लोगों को लगातार सिर दर्द की परेशानी होती है। आंकड़ों के मुताबिक, इससे जूझने वाले 20% लोग सिर दर्द रोकने के लिए ओपिओइड नामक ड्रग का इस्तेमाल करते हैं। वैज्ञानिकों की मानें, तो दवाइयों के बिना भी माइग्रेन का इलाज संभव है। जर्नल ऑफ अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन में प्रकाशित हुई एक हालिया रिसर्च में कहा गया है कि माइंडफुल मेडिटेशन और योगा करने से माइग्रेन कम हो सकता है।
माइग्रेन से जुड़े कुछ तथ्य:
माइग्रेन रिसर्च फाउंडेशन के अनुसार दुनिया में 100 करोड़ लोग इस बीमारी से पीड़ित हैं।
माइग्रेन सबसे ज्यादा दर्दनाक 18 से 44 की उम्र के बीच होता है।
90% मरीजों में यह बीमारी आनुवंशिक होती है।
तकरीबन 40 लाख लोगों को रोज माइग्रेन की शिकायत होती है।
माइग्रेन की 85% मरीज महिलाएं होती हैं।
आधे से ज्यादा मरीजों को पहला माइग्रेन अटैक 12 साल की उम्र के पहले आता है
क्या कहती है रिसर्च
रिसर्च में माइग्रेन के मरीजों को दो ग्रुप्स में बांटा गया। पहले ग्रुप को इलाज के तौर पर माइंडफुलनेस (सचेतना) प्रैक्टिस करने को कहा गया। इसमें मेडिटेशन, हठ योग और सांस लेने के पैटर्न पर ध्यान दिया गया। इसके अलावा, उन्हें घर में भी ये प्रैक्टिस करने का सुझाव दिया गया। दूसरे ग्रुप को केवल सिर दर्द के बारे में शिक्षा दी गई। माइग्रेन के हर पहलू के बारे में बताया गया। क्लास के दौरान उनसे सवाल-जवाब और डिस्कशन करवाए गए।
8 हफ्तों के इस ऐक्सपैरिमैंट में ये बात सामने आई कि माइंडफुलनेस-बेस्ड इलाज माइग्रेन अटैक्स को कम करने में कारगर है। लगातार मेडिटेशन और योग करने वाले लोगों में ना केवल माइग्रेन, बल्कि डिप्रेशन और चिंता भी कम हुई। वहीं दूसरी ओर, शिक्षा पाने वाले लोगों की स्थिति में ज्यादा सुधार नहीं हुआ।
कैसे करें माइंडफुल मेडिटेशन
आज के दौर में मरीजों को दवाइयों के साथ-साथ लाइफस्टाइल में परिवर्तन करने की भी सलाह दी जाती है। अपने रोजमर्रा के जीवन में ये टिप्स फॉलो कर आप घर बैठे माइग्रेन को कम कर सकते हैं:
सबसे पहले अपनी शारीरिक और मानसिक स्थिति को स्वीकारें।
बिना किसी डिस्ट्रैक्शन के अपनी पीठ के बल लेट जाएं। आंखें बंद कर, अपनी सांस की गति की ओर ध्यान लगाएं। सिर से लेकर पैर तक, पूरे शरीर को स्कैन करें।
आरामदायक पोजिशन में बैठकर आंखें बंद करें और गहरी सांस लें, फिर छोड़ें। यह ब्रीदिंग एक्सरसाइज करने से मन शांत होता है।
रोजाना ताजी हवा और अच्छे वातावरण में 30 मिनट वॉक करें। चलते हुए अपनी सांसों पर ध्यान दें।
हर दिन 20 से 30 मिनट के लिए स्ट्रेचिंग और हठ योग करें।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने राज्यसभा में कहा कि, स्वास्थ्य सचिव तीन बार राज्य सरकारों के साथ सलाह मशवरा कर चुके हैं
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
अभी तक भारत में ओमिक्रॉन के 161 मामले पाए गए हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे वैरिएंट ऑफ कंसर्न डिक्लेयर किया है. ओमिक्रॉन डेल्टा वेरिएंट का ही म्यूटेंट वैरिएंट है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने राज्यसभा में आज कहा कि ''ओमिक्रॉन से लड़ने के लिए हमने पूरी तैयारी की है.'' मंडाविया ने कहा कि रिस्क कैटेगरी में उन देशों को रखा गया है जहां पर ओमिक्रॉन ज्यादा फैला है. सरकार की ओर से की गई तैयारियों को लेकर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ''मैंने सभी राज्य सरकारों से खुद बातचीत की है. स्वास्थ्य सचिव तीन बार राज्य सरकारों के साथ सलाह मशवरा कर चुके हैं. हम देख रहे हैं कि इसका वैक्सीनेटेड लोगों पर क्या असर हो रहा है.''
मनसुख मंडाविया ने कहा कि ''सभी राज्यों के पास दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक है. अगर जरूरत पड़ी तो हम बफर स्टॉक का इस्तेमाल करेंगे. देश में ऑक्सीजन की कैपेसिटी बढ़ाई गई है. राज्यों के पास 48000 वेंटिलेटर पहुंचा दिए गए हैं.''
गौरतलब है कि देश में ओमिक्रॉन के अब तक 161 मरीज सामने आए हैं, यह मामले 12 राज्यों से मिले हैं जबकि ओमिक्रॉन के 42 मरीज़ ठीक हो चुके हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि ठीक होने वाले ओमिक्रॉन के ज़्यादातर मरीजों में महाराष्ट्र, दिल्ली और कर्नाटक के हैं. अब ओमिक्रॉन से संक्रमित कोई भी मरीज़ गंभीर नहीं है. महाराष्ट्र से अब तक सबसे ज्यादा 54 केस आए हैं. इसके बाद दूसरे स्थान पर दिल्ली (32) है जबकि तेलंगाना से ओमिक्रॉन वेरिएंट के 20 केस आए हैं.
देश में अब तक आए ओमिक्रॉन के केस
महाराष्ट्र : 54
दिल्ली : 32
तेलंगाना : 20
राजस्थान : 17
गुजरात : 13
केरल : 11
कर्नाटक : 8
यूपी : 2
तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश, पश्चिम बंगाल और चंडीगढ़ : 1
हालांकि ओमिक्रॉन को लेकर चिंता के बीच भारत में कोरोना के नए मामलों की संख्या में लगातार कमी आ रही है. देश में सोमवार को समाप्त 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के 6,563 नए मामले दर्ज किए गए हैं. यह आंकड़ा रविवार की तुलना में 7.3 फीसदी कम है. वहीं, इस दौरान 132 लोगों की संक्रमण की वजह से मौत हुई है. पिछले 24 घंटे में 8,077 लोगों ने कोरोना को मात दी है, इसके साथ ही कोरोना से ठीक होने वालों की संख्या बढ़कर 3,41,87,017 हो गई है.
भाभा एटामिक रिसर्च सेंटर से गोबर से बिजली एवं फूड इररेडियेशन प्लांट के लिए टेक्नॉलाजी हस्तांतरण को लेकर पहल शुरू
आश्रित ग्रामों के गौपालक ग्रामीण भी गौठानों में बेच सकेंगे गोबर: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल
पशुपालकों, गौठान समितियों और स्व-सहायता समूहों को जारी किए 3.93 करोड़ रूपए
रायपुर /शौर्यपथ/
भाभा एटामिक रिसर्च सेंटर से गोबर से बिजली एवं फूड इररेडियेशन प्लांट के लिए टेक्नॉलाजी हस्तांतरण को लेकर पहल शुरू
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य में शासकीय क्षेत्र में फूड इररेडियेशन पार्क (खाद्य पदार्थाे का किरणन) की स्थापना के लिए सैद्धांतिक सहमति दी है। उन्होंने शासन स्तर भाभा एटामिक रिसर्च सेंटर से छत्तीसगढ़ में गोबर से विद्युत उत्पादन तथा फूड इररेडियेशन प्लांट की टेक्नालॉजी हस्तांतरण के लिए से जा रही पहल पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि इससे राज्य के किसानों को उनके उत्पाद का और अधिक लाभ दिलाने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज अपने निवास कार्यालय में गोधन न्याय योजना के तहत गोबर विक्रेता पशुपालकों, गौठान समितियों एवं महिला स्व-सहायता समूहों को 3 करोड़ 93 लाख रूपए की राशि ऑनलाईन अंतरित करते हुए पशुपालकों, गौठान समितियों एवं समूह की महिलाओं को बधाई और शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर गौठानों में आश्रित ग्रामों के पशुपालक ग्रामीणों से भी गोबर की खरीदी किए जाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर गौठानों में संचालित गतिविधियों की मॉनिटरिंग के लिए एनआईसी द्वारा विकसित गौठान मैप एप का भी शुभारंभ किया। इस अवसर पर कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, पूर्व केन्द्रीय मंत्री भक्त चरणदास, मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा, खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन, विशेष रूप से उपस्थित थे।
गौठानों की स्थापना और गोधन न्याय योजना के माध्यम से राज्य में गौमाता की सेवा एवं संरक्षण का काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि गांवों में गौठानों की स्थापना और गोधन न्याय योजना के माध्यम से राज्य में गौमाता की सेवा एवं संरक्षण का काम किया जा रहा है। गौमाता की सेवा पशुपालक, ग्रामीण किसान, चरवाहा, गौठान समिति से जुड़े सभी लोग कर रहे हैं। गौठानों में पशुओं के चारे एवं पानी का प्रबंध किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोधन न्याय योजना के तहत गोबर बेचने का लाभ सभी गांव के पशुपालकों को मिले, इसके लिए गौठानों में आश्रित ग्रामों के लोगों से भी गोबर खरीदी की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। गौठानों में पशुओं के चारे के लिए पैरादान की अपील उन्होंने किसानों से की। मुख्यमंत्री नेे कहा कि अभी गौठानों में एकत्र किया गया पैरा पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कृषि उत्पादन आयुक्त को सभी कलेक्टरों के माध्यम से पैरादान का अभियान वृहद पैमाने पर संचालित करने और किसानों के खेत से पैरा एकत्र कराए जाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने गौठानों में हरे चारे की व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वन विभाग द्वारा हरे चारे की कटाई की गई है। पशुपालकों हरा चारा क्रय करने के लिए प्रेरित किए जाए। वन विभाग से समन्वय कर गौठानों में भी हरा चारा लाने की व्यवस्था और उसे स्लाईज के रूप में एकत्र किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने सभी गौठानों में कम से कम पांच प्रकार की आयमूलक गतिविधियां अनिवार्य रूप से शुरू कराए जाने के निर्देश दिए, ताकि गौठानों से जुड़ी महिला समूह की आय में वृद्धि हो सके। उन्होंने वनांचल इलाके के गौठानों में लघुवनोपजों के प्रसंस्करण एवं वैल्यु एडीशन के काम को प्राथमिकता से शुरू कराए जाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के गौठानों में उत्पादित वर्मी कम्पोस्ट एवं सुपर कम्पोस्ट का उपयोग राज्य के किसानों ने अपने खेतों में किया है। इसके बड़े उत्साहजनक परिणाम सामने आए हैं। किसानों का कहना है कि वर्मी कम्पोस्ट से भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ी है और खेतों की मिट्टी की स्थिति सुधरी है। मुख्यमंत्री ने वर्मी कम्पोस्ट एवं सुपर कम्पोस्ट के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए इसका व्यापक प्रचार-प्रसार एवं किसानों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।
कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि मुख्यमंत्री भूूपेश बघेल के निर्देशानुसार कृषि विभाग द्वारा गांवों में तेजी से गौठानों की स्वीकृति एवं निर्माण का काम किया जा रहा है। राज्य के सभी ग्राम पंचायतों में गौठानों की स्थापना की जाएगी। गौठानों में गोधन न्याय योजना के तहत गोबर खरीदी को भी अब विभाग विस्तार देगा। अब तक गोबर से लगभग 14 लाख क्विंटल वर्मी एवं सुपर कम्पोस्ट का उत्पादन किया गया है। गौठानों में गोबर से बिजली उत्पादन के बाद अब गोबर से प्राकृतिक पेंट निर्माण की शुरूआत करने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि गोधन न्याय योजना पूरे देश के लिए अनुकरणीय है, इस योजना की प्रशंसा पूरे देश में हो रही है। कार्यक्रम के प्रारंभ में कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. कमलप्रीत ने गोधन न्याय योजना की प्रगति के संबंध में पॉवर प्वाईंट प्रेजेंटेशन दिया। उन्होंने भाभा एटामिक रिसर्च सेंटर से छत्तीसगढ़ में गोबर से विद्युत उत्पादन एवं फूड इररेडियेशन प्लांट की तकनीकी हस्तांतरण की प्रगति के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में पहला फूड इररेडियेशन प्लांट शासन द्वारा स्थापित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि फूड इररेडियेशन प्लांट की टेक्नालॉजी को अमेरिका, यूरोप के कई देशों में मान्यता दी है। छत्तीसगढ़ में स्थापित होने वाले फूड इररेडियेशन प्लांट की खाद्य सामग्री सीधे विदेशों को सप्लाई की जाएगी। कृषि विभाग के विशेष सचिव एवं गोधन न्याय मिशन के प्रबंध संचालक डॉ. एस. भारतीदासन ने गौठान मैप एप के बारे में पॉवर प्वाईंट प्रेजेंटेशन देते हुए बताया कि इसके माध्यम से गौठानों की गतिविधियों की मॉनिटरिंग एवं वहां उत्पादित सामग्री की मार्केटिंग में मदद मिलेगी। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, संचालक कृषि यशवंत कुमार, संचालक उद्यानिकी माथेश्वरन व्ही., संचालक पशु चिकित्सा चंदन त्रिपाठी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
