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लखीमपुर खीरी / शौर्यपथ /
छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने यूपी के लखीमपुर खीरी जिले में यूपी सरकार और केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा. कहा कि यूपी में अगर सबसे कोई डरपोक है तो वह सीएम योगी आदित्यनाथ हैं, जिन्हें कांग्रेस के सीएम के कार्यक्रम से डर लगता है.
नकहा ब्लाक के जवाहर उत्तर माध्यमिक विद्यालय मैदान पर कांग्रेस की प्रतिज्ञा रैली में उन्होंने कहा कि संत-महात्मा निडर होते हैं लेकिन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी सबसे ज्यादा डरपोक हैं. मुझे जब लखीमपुर आना था तो मेरा हेलीपैड नहीं बनने दिया. योगी के कलेक्टर ने परमिशन नहीं दी और परमिशन दी तो इस शर्त के साथ कि लखीमपुर कांड का जिक्र नहीं करेंगे.
किसानों की बात नहीं करेंगे. साथ ही यह भी शर्त थी कि मंच से केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी का नाम नहीं लेंगे. सीएम बघेल ने मंच से ऐलान किया कि उन्होंने योगी की सभी शर्ते तोड़ दीं हैं. अब जो करना हो कर लें. गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी पर भी उन्होंने निशाना साधा. साथ ही किसानों पर गाड़ी चढ़ाने के आरोपी केंद्रीय मंत्री के बेटे का भी नाम लिया.
सीएम भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री बनारस में अपनी शूटिंग कर आते हैं. गंगा में डुबकी लगाते हैं, तब भी अकेले डगमगा जाते हैं पर फिर समझ जाते हैं क्योंकि उन्हें पता है कि लाइट, एक्शन और कैमरा चल रहा है. देश में हर चीज बेची जा रही है. प्रधानमंत्री जी का गुजरात मॉडल हम दो, हमारे दो पर चल रहा है.
सीएम भूपेश बघेल शहीद किसानों के परिवार से भी मिले. उन्होंने आईएएस और आईपीएस अफसरों को चेताया. साथ ही कहा कि उन्होंने जो संविधान की शपथ ली थी उसका पालन करें. भूपेश बघेल ने कहा कि आज पूरे देश में दो मॉडल की चर्चा होती है. इसमें एक गुजरात मॉडल है और दूसरा छत्तीसगढ़ मॉडल. बघेल ने कहा कि गुजरात मॉडल बताकर प्रधानमंत्री बन गए लेकिन गुजरात मॉडल कहीं देखा नहीं गया. उन्होंने यह भी कहा कि गुजरात महात्मा गांधी और सरदार पटेल की जन्मस्थली है, वह धरती पूजनीय है लेकिन अब गुजरात में सिर्फ दो बेचने वाले और दो खरीदने वाले हैं.
उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि लखीमपुर से नकहा आते समय रास्ते में एक नहर पड़ी. उन्होंने कार्यकर्ताओं से पूछा कि यह नहर किसने बनवाई तो बताया गया कि यह नहर इंदिरा गांधी जी ने बनवाई थी. मैंने कहा धीरे बोलो कहीं यह नाम सुन लेंगे तो नहर भी बेंच देंगे.
उन्होंने कांग्रेस के 70 सालों के विकास की बात करते हुए कहा कि इनकी जमीनों पर पहले से ही नजर थी अब पानी पर भी नजर है. उन्होंने मोदी और योगी के विकास पर तंज कसते हुए कहा कि पहले मुफ्त सिलेंडर की बात कहते थे, बाद में 1000 का सिलेंडर कर दिया.
महंगाई और बेरोजगारी चरम पर है. उन्होंने छत्तीसगढ़ मॉडल की बात करते हुए कहा कि 2018 में छत्तीसगढ़ में सरकार बनते ही जैसे शपथ ली तुरंत 18000 किसानों का कर्ज माफ किया. आज पूरे देश के किसान समर्थन मूल्य की मांग कर रहे हैं. छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य से अधिक दिया जा रहा है. वहां गेंहू और धान 2540 रुपए प्रति कुंतल खरीदा जा रहा है. क्या यूपी के किसानों को यह मूल्य नहीं मिलना चाहिए? उन्होंने कहा कि यूपी के किसान छुट्टा जानवरों से परेशान हैं पर छत्तीसगढ़ में 8000 गोठान बनवाए गए हैं, यहां जानवरों के चारा-पानी की पूरी व्यवस्था है.
किसानों से दो रुपए किलो गोबर खरीदा जाता है. उन्होंने कहा कि यूपी में एक पार्टी जाति की बात करती है और दूसरी हल्की बात कह कर राजनीति कर रही है. नौजवानों, मजदूरों और किसानों की बात कोई नहीं करता है.
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का नाम उत्तर देने वाला प्रदेश है. यहां महिलाओं, मजदूरों, नौजवानों के प्रश्न हैं, उनके उत्तर मिलने चाहिए. उन्होंने कहा कि झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए. जनता जिसको चाहे अर्श पर पहुंचा दे.
यही जनता तुरंत फर्श पर भी गिरा देती. कहा कि हिमांचल में जब हार का सामना करना पड़ा तब डीजल और पेट्रोल के रेट कम कर दिए गए.उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या का मायका है. उत्तर प्रदेश माता कौशल्या की ससुराल है. वह अपनी बहन की ससुराल में क्या नहीं आ सकते हैं.
उन्होंने बताया कि वह लखनऊ आए तो एयरपोर्ट से बाहर नहीं निकलने दिया गया. बताया गया कि लखनऊ में धारा 144 लागू है जबकि वहां प्रधानमंत्री का कार्यक्रम था, मुझे क्यों रोका गया. उन्होंने कहा कि अगर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी छत्तीसगढ़ आते तो उनको मुख्यमंत्री आवास बुलाकर चाय पिलाते लेकिन मेरे यहां आने पर निकलने पर भी प्रतिबंध लगाया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि उनके सभा स्थल का परमिशन कलक्टर ने दिया तो कहा कि लखीमपुर की घटना का जिक्र नहीं कर सकते और टेनी का नाम नहीं ले सकते. कहा कि योगी बताते हैं कि प्रदेश अपराध मुक्त है लेकिन किसानों के सीने पर गाड़ी चलाने वाले मंत्री के बेटे पर बुलडोजर नहीं चलता, न कोई कार्यवाही होती है. उन्होंने आरोप लगाया कि यूपी सरकार मंत्री के बेटे और मंत्री को बचा रही है.
रायपुर /शौर्यपथ/
छत्तीसगढ़ शासन के जल संसाधन विभाग मंत्रालय द्वारा रायपुर जिले के आरंग विकासखण्ड स्थित कुरूद जलाशय के जीर्णोद्धार एवं नहर लाईनिंग कार्य के लिए 4 करोड़ 77 लाख 80 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति मुख्य अभियंता महानदी गोदावरी कछार रायपुर को प्रदान की गई है। इस जलाशय के जीर्णोद्धार एवं नहर की लाईनिंग से इसकी सिंचाई क्षमता में हो रही 251 हेक्टेयर की कमी को पूरा करने के साथ ही 45.48 हेक्टेयर में अतिरिक्त सिंचाई सहित कुल 1534.28 हेक्टेयर में सिंचाई हेतु जलापूर्ति हो सकेगी।
रायपुर /शौर्यपथ/
छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष ने किया बांस शिल्प प्रशिक्षण का शुभारंभ
छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष एवं नारायणपुर विधायक चंदन कश्यप ने आज बस्तर ब्लॉक के ग्राम तारागांव में बांस शिल्प प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड द्वारा आयोजित यह प्रशिक्षण 22 दिसंबर 2021 से 21 मार्च 2022 तक चलेगी। जिसमें 20 प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष चंदन कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड के द्वारा संचालित सभी योजना और प्रशिक्षण का लाभ युवाओं को मिले, ताकि भविष्य में इसका समुचित लाभ मिले और उन्हें नियमित रोजगार उपलब्ध होगा। तीन माह की इस प्रशिक्षण अवधि में उन्हें बहुत कुछ सीखने अवसर मिलेगा। उन्होंने सभी प्रशिक्षणार्थियों को बधाई देते हुए इसका भरपूर लाभ उठाने की बात कही। इस अवसर पर तारागांव के सरपंच, स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।
रायपुर /शौर्यपथ/
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज बिलासपुर जिले के कोटा तहसील अंतर्गत केंदाघाट में हुई बस दुर्घटना पर दुख जताया है। उन्होंने जिला प्रशासन बिलासपुर को बस दुर्घटना के घायलों को तत्काल राहत पहुंचाने और बेहतर उपचार के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।
गौरतलब है कि अमरकंटक से राजनांदगांव जिले के खैरागढ़ ठेलकाडीह आ रही बाल्वो की बस केंदाघाट में दुर्घटनाग्रस्त हो गई है। इस बस में 40 से ज्यादा यात्री सवार थे। 10 यात्रियों को गंभीर चोटे आई हैं।
भाजपा नेताओं के रिश्तेदारों और सरकारी अधिकारियों द्वारा अयोध्या में आगामी राम मंदिर के पास कथित रूप से जमीन हड़पने के मामले पर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने योगी सरकार पर निशाना साधा है.
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
भाजपा नेताओं के रिश्तेदारों और सरकारी अधिकारियों द्वारा अयोध्या में आगामी राम मंदिर के पास कथित रूप से जमीन हड़पने के मामले पर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने योगी सरकार पर निशाना साधा है. प्रियंका गांधी ने कहा कि पहले राम मंदिर के चंदे में घोटाला किया गया और अब दलितों की जमीन को हड़पा जा रहा है. उन्होंने कहा कि जिला अधिकारी स्तर पर जांच हो रही है. जांच भी उच्च न्यायालय की निगरानी में की जानी चाहिए, क्योकि राम मंदिर को बनवाने का आदेश सुप्रीम कोर्ट ने दिया था. देश भर में चंदा मांगा गया और सभी की भावनाएं हैं और वे उन भावनाओं को आहत कर रहे हैं.
उन्होंने आरोप लगाया कि भगवान राम ने इतना बड़ा बलिदान दिया था. उनके नाम पर भी भ्रष्टाचार कर रहे हैं. अयोध्यापति मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के नाम पर सारी मान-मर्यादा को ताक पर रखकर राम मंदिर के चंदे की ‘‘लूट का खेल'' खेला जा रहा है. 2 करोड़ की ज़मीन को राममंदिर निर्माण ट्रस्ट को 26.50 करोड़ रु. में बेचा गया . इससे बड़ा ‘‘मंदिर की चंदाचोरी'' का क्या कोई सबूत हो सकता है.
5 नवंबर, 2017 को हवेली अवध, बाग बिजैसी, अयोध्या की 2.334 हैक्टेयर जमीन को महज़ूज़ आलम इत्यादि द्वारा भगोड़े अपराधी हरीश कुमार पाठक उर्फ बाबा हरीदास व उसकी पत्नी, कुसुम पाठक को 2 करोड़ में बेचा गया. यह जमीन वक्फ की संपत्ति थी. 18 मार्च, 2021 को शाम 6:51 बजे उपरोक्त में से 10,370 वर्गमीटर यानि 1.037 हैक्टेयर जमीन ₹8,00,000,000 (8 करोड़ रु.) में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, मार्फ़त सेक्रेटरी, चंपत राय को बेच दी गई.
बाबा हरीदास उर्फ हरीश पाठक व उसकी पत्नी, कुसुम पाठक ने 18 मार्च, 2021 को ही शाम के 7:10 बजे इसमें से 1.208 हैक्टेयर (12,080वर्गमीटर) जमीन रजिस्टर्ड सेल डीड से रविमोहन तिवारी व सुल्तान अंसारी को ₹2 करोड़ में बेच दी.
उसी समय पांच मिनट के बाद यानि 18 मार्च, 2021 को शाम 7:15 बजे यही 12,080 वर्गमीटर जमीन रवि मोहन तिवारी व सुल्तान अंसारी द्वारा श्री रामजन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट मार्फ़त सेक्रेटरी, चंपत राय को ₹18,50,00,000 (18.5 करोड़ रु.) में बेचने का रजिस्टर्ड इकरारनामा कर ट्रस्ट द्वारा ₹18.50 करोड़ का भुगतान कर दिया गया. गड़बड़झाला केवल इस बात से ही साफ है कि 18 मार्च 2021 को शाम 7:10 व 7:15 बजे यानि पांच मिनट के बीच रजिस्टर्ड दोनों कागजात में राम मंदिर निर्माण के लिए खरीदी जा रही जमीन की कीमत ₹2 करोड़ से बढ़कर ₹18.5 करोड़ हो जाती है.
तीनों ही रजिस्टर्ड डॉक्युमेंट्स पर अनिल मिश्रा व ऋषिकेश उपाध्याय गवाह हैं. अनिल मिश्रा श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी भी हैं व राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के पूर्व प्रांत कार्यवाहक तथा राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के आजीवन सदस्य हैं. बता दें कि कांग्रेस ने यह आरोप लगाया था कि बीजेपी के कई नेताओं और उत्तर प्रदेश शासन के कुछ अधिकारियों ने अयोध्या में निर्माणाधीन राम मंदिर के आसपास की जमीनों को औने-पौने दाम पर खरीदा है. वहीं इससे पहले कथित रूप से जमीन हड़पने की खबर आने के बाद यूपी सरकार ने जांच के आदेश दे दिए हैं. एडीशनल चीफ सेक्रेटर (सूचना) नवनीत सहगल ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजस्व विभाग को मामले की गहन जांच करने का आदेश दिया है.
प्रधानमंत्री ने कहा, "हमारे यहां गाय की बात करना कुछ लोगों ने गुनाह बना दिया है. गाय कुछ लोगों के लिए गुनाह हो सकती है, हमारे लिए गाय माता है, पूजनीय है."
वाराणसी /शौर्यपथ /
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को अपने संसदीय निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी के करखियांव में गुजरात के बनासकांठा जिला दुग्ध उत्पादक संघ लिमिटेड की बनास डेयरी का शिलान्यास करने के साथ क्षेत्र को 2095 करोड़ रुपये की लागत वाली 27 विभिन्न परियोजनाओं की सौगात दी. इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि गाय कुछ लोगों के लिए गुनाह हो सकती है, हमारे लिए गाय माता है.
प्रधानमंत्री ने कहा, "हमारे यहां गाय की बात करना कुछ लोगों ने गुनाह बना दिया है. गाय कुछ लोगों के लिए गुनाह हो सकती है, हमारे लिए गाय माता है, पूजनीय है. गाय-भैंस का मजाक उड़ाने वाले लोग ये भूल जाते हैं कि देश के 8 करोड़ परिवारों की आजीविका ऐसे ही पशुधन से चलती है."
उन्होंने कहा कि डबल इंजन की हमारी सरकार पूरी ईमानदारी और शक्ति से किसानों और पशुपालकों का साथ दे रही है. आज यहां जो बनास काशी संकुल का शिलान्यास किया गया है, वो भी सरकार और सहकार की इसी भागीदारी का प्रमाण है.
विपक्ष पर हमला बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, "मैं यूपी के विकास में डबल इंजन की डबल शक्ति की बात करता हूं तो कुछ लोगों को कष्ट ज्यादा ही हो जाता है. ये वो लोग हैं जिन्होंने उत्तर प्रदेश को सिर्फ जाति, मजहब, पंथ, के चश्मे से ही देखा. सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास की भाषा भी उनके सिलेबस, उनकी डिक्शनरी से बाहर है. उनके सिलेबस में, उनकी डिक्शनरी में, उनकी सोच में है- माफियावाद, परिवारवाद. उनके सिलेबस में है- घरों-जमीनों पर अवैध कब्जा."
पिछले 10 दिनों में मोदी की यह वाराणसी की दूसरी यात्रा है. इससे पहले 13 दिसंबर को उन्होंने काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का उद्घाटन किया था.
प्रधानमंत्री ने सबसे पहले करखियांव में उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण फूड पार्क में 'बनास डेयरी संयंत्र' का शिलान्यास किया. करीब 30 एकड़ क्षेत्र में यह डेयरी 475 करोड़ रुपए की लागत से बनाई जाएगी और इसमें पांच लाख लीटर प्रतिदिन दूध तैयार किया जाएगा. प्रधानमंत्री ने बनास डेरी से जुड़े 170000 से अधिक दुग्ध उत्पादकों को करीब 35 करोड़ रुपए का बोनस डिजिटल माध्यम से उनके बैंक खातों में अंतरित किया.
उन्होंने वाराणसी के रामनगर में ‘मिल्क प्रोड्यूसर्स कोऑपरेटिव यूनियन' की बायो गैस आधारित बिजली उत्पादन संयंत्र की आधारशिला भी रखी. इसके अलावा दुग्ध उत्पादकों के लिए ‘कनफॉरमेटी एसेसमेंट स्कीम' से संबंधित एक पोर्टल का उद्घाटन करने के साथ-साथ उसका लोगो भी जारी किया.
प्रधानमंत्री ने नगर विकास से संबंधित अनेक परियोजनाओं का भी उद्घाटन किया. इनमें पुरानी काशी के वार्ड के पुनर्विकास से जुड़ी छह परियोजनाएं, बेनी बाग में पार्किंग, दो तालाबों का सौंदर्यीकरण, रमना गांव में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट तथा स्मार्ट सिटी मिशन के तहत 720 स्थानों पर आधुनिक निगरानी कैमरा संबंधी योजनाएं भी शामिल हैं.
मोदी ने महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर सेंटर, 130 करोड़ रुपए की लागत से चिकित्सकों तथा नर्सों के लिए बनाए गए छात्रावासों का भी उद्घाटन किया. उन्होंने आयुष मिशन के तहत पिंडरा तहसील में सरकारी होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज की आधारशिला भी रखी.
मोदी ने प्रयागराज तथा भदोही के लिए सड़क चौड़ीकरण की दो परियोजनाओं की आधारशिला रखी और ‘इंटरनेशनल राइस रिसर्च इंस्टीट्यूट' में ब्रीडिंग फैसिलिटी दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केंद्र का भी उद्घाटन किया.
हेल्थ टिप्स /शौर्यपथ /
कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन से वैक्सीन और बूस्टर डोज लेने वाले लोग भी संक्रमित हो रहे हैं। हालांकि, इसमें गंभीर रूप से बीमार होने वाले लोगों की संख्या कम है। ऐसे में माइल्ड या बिना लक्षणों वाले वैक्सीनेटिड मरीजों को कितने दिन के लिए आइसोलेट होना चाहिए, ये सवाल दुनिया भर के एक्सपर्ट्स को परेशान कर रहा है।
ये कहती हैं आइसोलेशन गाइडलाइंस
भारत सरकार के नियमों के अनुसार, यदि किसी मरीज को कोरोना के माइल्ड लक्षण हैं, तो उसे लक्षण आने वाले दिन से लेकर अगले 10 दिन तक आइसोलेट रहना चाहिए। साथ ही, कोई लक्षण न होने पर मरीज को टेस्टिंग के दिन से लेकर अगले 10 दिन तक आइसोलेट रहना जरूरी है। फिलहाल मरीजों को यही फॉलो करना चाहिए।
अमेरिकी हैल्थ एजेंसी सेंटर्स फॉर डिसीस कंट्रोल (CDC) के दिशानिर्देश भी कुछ ऐसा ही कहते हैं। इनके अनुसार, पॉजिटिव रिजल्ट मिलने के बाद बिना लक्षण वाले मरीजों को 10 दिन के लिए आइसोलेट हो जाना चाहिए।
यूनाइटेड किंगडम इकलौता ऐसा देश है जिसने हाल ही में आइसोलेशन पीरियड को कम किया है। यहां आइसोलेशन की अवधि 10 दिन से घटकर 7 दिन हो गई है।
आइसोलेशन पीरियड पर इतनी चर्चा क्यों?
इस समय दुनिया भर में आइसोलेशन पीरियड का सवाल खूब चर्चा में है। इसका कारण यह है कि आइसोलेशन गाइडलाइंस को तब बनाया गया था, जब वैक्सीनेशन की शुरुआत भी नहीं हुई थी। आज काफी लोगों को वैक्सीन के साथ-साथ बूस्टर डोज भी लग रहे हैं। इनका इम्यून रिस्पॉन्स वायरस के खिलाफ पहले से बेहतर है। गंभीर रूप से बीमार होने का खतरा भी कम हो गया है।
जहां एक तरफ ओमिक्रॉन के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ विशेषज्ञ कह रहे हैं कि आइसोलेट होने का फैसला मरीजों पर छोड़ देना चाहिए। ध्यान रखें कि यहां वैक्सीन या बूस्टर डोज लगवाए हुए कोरोना मरीजों की बात हो रही है।
जॉन होप्किंस सेंटर फॉर हैल्थ सिक्योरिटी के डॉ. अमेश अदलजा का कहना है कि पूरी तरह वैक्सीनेटिड लोगों को रैपिड टेस्ट का इस्तेमाल करके अपना आइसोलेशन पीरियड डिसाइड करने की अनुमति होनी चाहिए। इससे मरीजों का आइसोलेशन पीरियड और छोटा होने की संभावना बढ़ेगी।
सीएनएन से बात करते हुए अमेरिका के टॉप साइंटिस्ट डॉ. एंथनी फौसी ने बताया कि देश में वैक्सीनेटिड लोगों का आइसोलेशन पीरियड कम करने पर चर्चा की जा रही है। उनके मुताबिक, यदि कोई व्यक्ति पूरी तरह वैक्सीनेटिड है और उसके अंदर कोरोना का एक भी लक्षण नहीं हैं, तो वह एन-95 मास्क और पीपीई किट पहनकर काम पर जल्दी लौट सकता है।
आइसोलेशन पीरियड का छोटा होना क्यों है जरूरी?
सीएनएन की मेडिकल एनालिस्ट लीना वेन कहती हैं कि आइसोलेशन पीरियड लंबा होने के कारण लोग कोरोना का टेस्ट करवाने से बचते हैं। उनके मुताबिक, यदि किसी व्यक्ति को कोरोना के लक्षण नहीं हैं, तो वो इतने दिन आइसोलेट होना नहीं चाहेगा। और यदि किसी को कोरोना के हल्के से लक्षण आते भी हैं, तो वो आइसोलेशन पीरियड के डर से ही कोरोना का टेस्ट नहीं करवाएगा। इसलिए ऐसे मरीजों के लिए आइसोलेशन पीरियड को कम करना बेहद जरूरी है।
भारत /शौर्यपथ /
लुधियाना की जिला अदालत में गुरुवार को ब्लास्ट हुआ है। धमाका अदालत की तीसरी मंजिल पर हुआ और इसमें 2 लोगों की मौत हो गई है। जबकि 4 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। यह धमाका पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के लुधियाना पहुंचने से कुछ देर पहले ही हुआ है।
बताया जा रहा है कि धमाका तीसरी मंजिल पर स्थित बाथरूम में हुआ। बाथरूम से एक क्षत-विक्षत बॉडी बरामद हुई है। आशंका जाहिर की जा रही है कि यह बॉडी सुसाइड बॉम्बर की है। पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने जानकारी दी है कि अब तक की जांच में सामने आया है कि जिस व्यक्ति की डेड बॉडी मिली है, उसी के पास एक्सप्लोसिव था।
हालांकि भुल्लर ने सुसाइड बॉम्बर वाले एंगल पर कुछ नहीं कहा, लेकिन उन्होंने इतना कहा कि प्राथमिक जांच में सामने आया है कि मृतक यह एक्सप्लोसिव घटनास्थल पर प्लांट कर रहा था और उसी दौरान ब्लास्ट हुआ है। अभी मामले की गंभीरता से जांच हो रही है। सूत्रों के मुताबिक, इस कथित सुसाइड बॉम्बर के धड़ और टांगों के ब्लास्ट में चिथड़े उड़ गए हैं। फोरेंसिक टीम शव की जांच कर रही है, जिससे उसके प्राथमिक तौर पर सुसाइड बॉम्बर होने की पुष्टि की जा सके।
दिल्ली से NSG और चंडीगढ़ से NIA टीम लुधियाना रवाना
ब्लास्ट की आतंकी एंगल से जांच के लिए NIA की दो सदस्यीय टीम चंडीगढ़ से रवाना हो चुकी है। NIA की टीम पंजाब पुलिस की फोरेंसिक टीम के साथ मिलकर धमाके की जांच करेगी। सूत्रों ने इस बात की भी पुष्टि की है कि दिल्ली से भी NSG की टीम भी लुधियाना भेजी गई है। ये दोनों टीम जांच में यह देखेंगे कि यह ब्लास्ट विदेशी ताकतों की हरकत तो नहीं है। इसके अलावा चंडीगढ़ से फोरेंसिक टीम को भी लुधियाना भेजा गया है।
हाईकोर्ट ने लिया घटना का संज्ञान
पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट ने भी लुधियाना कोर्ट में हुए ब्लास्ट का संज्ञान लेते हुए चिंता जताई है। हाईकोर्ट ने पंजाब और हरियाणा के सभी कोर्ट में सुरक्षा बढ़ाने के आदेश दिए हैं। साथ ही पंजाब और हरियाणा के पुलिस अफसरों की बैठक बुलाई है।
ब्लास्ट के समय अदालत में मौजूद क्लर्क गुरपाल सिंह ने कहा कि फोटो स्टेट की मशीन के पीछे बाथरूम में ब्लास्ट हुआ है। चार घायल हैं। एक या दो की हालत इतनी गंभीर है कि उनकी डेथ भी हो सकती है। तीन को मैं खुद नीचे छोड़कर आया हूं।
हड़ताल के चलते अदालत में भीड़ कम थी
यह धमाका तीसरी मंजिल पर कोर्ट नंबर 9 के पास बाथरूम में हुआ। धमाका होने से कोर्ट की पूरी इमारत हिल गई। इमारत की खिड़कियों के शीशे चटक गए और पार्किंग में खड़ी कारें भी क्षतिग्रस्त हो गईं। मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने सिलेंडर फटने की भी आशंका जताई। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने अभी धमाके के बारे में कोई बयान नहीं दिया है। अदालत में अफरातफरी का माहौल है। हालांकि वकीलों की हड़ताल के चलते आम दिनों की तुलना में गुरुवार को यहां भीड़ कम थी।
आला पुलिस अधिकारी, प्रशासन के अधिकारी और बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंच गया है। पुलिस बल ने कोर्ट परिसर को चारों तरफ से घेर लिया है। शहरभर में हाईअलर्ट जारी करते हुए नाकेबंदी कर दी गई है। शहर में आज मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी भी एक जनसभा को संबोधित करने पहुंच रहे हैं।
चुनाव से पहले पंजाब में गड़बड़ी की साजिश
धमाके के बाद CM चन्नी ने कहा कि चुनाव नजदीक आते ही देश और पंजाब विरोधी ताकतें माहौल खराब कर रही हैं। पहले बेअदबी के जरिए पंजाब में गड़बड़ी की कोशिश की गई, उसमें कामयाब नहीं हुए। अब इस तरह की हरकत की जा रही है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने कहा कि मैं किसानों के साथ मीटिंग कर रहा था। इसे जल्दी खत्म करके अब लुधियाना जा रहा हूं। वहां जाकर पूरे हालात की जानकारी लूूंगा। सरकार इस पर पूरी तरह सचेत है। लोगों को भी सचेत रहने की जरूरत है।
रायपुर /शौर्यपथ/
मुख्य सचिव अमिताभ जैन से आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में केन्द्रीय सिल्क बोर्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रंजित रंजन, रेमण्ड प्राइवेट लिमिटेड के संचालक एस.के.सोम और कसारे वन्या सिल्क मिल्क प्राईवेट लिमिटेड के संचालक डी.एस. कसारे ने सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने छत्तीगसढ़ राज्य में टसर-मलबरी-ईरी रेशम के उत्पादन के क्षेत्र में निवेश करने की मंशा जतायी है। मुख्य सचिव ने ग्रामोद्योग विभाग को इस संबंध में बैठक करने और योजना के क्रियान्वयन के संबंध में विस्तृत रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिए है। इस मौके पर छत्तीसगढ़ के ग्रामोद्योग विभाग की प्रमुख सचिव डॉ. मनिन्दर कौर द्विवेदी भी उपस्थित थीं।
मनरेगा, डीएमएफ और 14वें वित्त आयोग के अभिसरण से सामुदायिक मुर्गीपालन
परंपरागत मुर्गीपालन को व्यावसायिक रूप देकर महिलाओं ने कमाए 25 लाख रूपए
रायपुर /शौर्यपथ/
मुर्गीपालन को व्यावसायिक रूप देकर अपने पैरों पर खड़ी
आदिवासी अंचल की महिलाएं घर पर किए जाने वाले परंपरागत मुर्गीपालन को व्यावसायिक रूप देकर अपने पैरों पर खड़ी हो रही हैं। अलग-अलग स्वसहायता समूहों की ये महिलाएं स्वरोजगार के साथ ही कुपोषण को मात देने का भी काम कर रही हैं। मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम), डीएमएफ (जिला खनिज न्यास निधि) और 14वें वित्त आयोग के अभिसरण से सुदूर वनांचल बीजापुर जिले की 43 समूहों की महिलाएं सामुदायिक मुर्गीपालन कर अंडा उत्पादन कर रही हैं। स्थानीय जिला प्रशासन महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान हेतु आंगनबाड़ियों के लिए इन अंडों की खरीदी कर रही है। समूह की महिलाएं स्थानीय बाजारों में भी इन अंडों को बेचती हैं। विभिन्न स्वसहायता समूहों द्वारा जिले के 43 सामुदायिक मुर्गीपालन केन्द्रों में तीन लाख 77 हजार अण्डों का उत्पादन किया गया है। इनमें से तीन लाख 44 हजार अंडों की बिक्री से महिलाओं ने 25 लाख रूपए से अधिक की कमाई की है।
मुर्गीपालन को व्यावसायिक रूप देकर अपने पैरों पर खड़ी
नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में वनोपज संग्रहण, कृषि और पशुपालन ग्रामीणों की आजीविका का प्रमुख आधार है। वहां के आदिवासी परिवार घरों में परंपरागत रूप से मुर्गीपालन करते हैं। स्थानीय महिलाओं की मुर्गीपालन में दक्षता और कुपोषण दूर करने में अंडा की उपयोगिता को देखते हुए बीजापुर जिला प्रशासन ने वर्ष 2020-21 में अलग-अलग योजनाओं के अभिसरण से सामुदायिक मुर्गीपालन के माध्यम से अंडा उत्पादन की आधारशिला रखी। इस परियोजना के अंतर्गत जिले में अभी 43 सामुदायिक मुर्गीपालन शेड संचालित किए जा रहे हैं। इनका निर्माण मनरेगा से प्राप्त 60 लाख नौ हजार रूपए, 14वें वित्त आयोग के 29 लाख 72 हजार रूपए और डीएमएफ के एक करोड़ 27 लाख 26 हजार रूपए के अभिसरण से हुआ है। इस दौरान जिले के मनरेगा श्रमिकों को 6536 मानव दिवस का सीधा रोजगार भी प्राप्त हुआ।
स्वरोजगार के साथ ही कुपोषण से मुक्ति की लड़ाई
स्वरोजगार के साथ ही कुपोषण से मुक्ति की लड़ाई में जिले के बीजापुर विकासखण्ड के नौ, भैरमगढ़ विकासखण्ड के 14, भोपालपटनम विकासखण्ड के सात और उसूर विकासखण्ड के 13 स्वसहायता समूहों की महिलाएं अपनी सहभागिता दे रही हैं। पशुपालन विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन में मुर्गीपालन में व्यावसायिक दक्षता हासिल कर ये महिलाएं बी.वी. 380 लेयर बर्ड्स प्रजाति की मुर्गियों का पालन शेड में कर रही हैं। सामुदायिक मुर्गीपालन के लिए चूजों की आपूर्ति, केज की व्यवस्था तथा वर्षभर के लिए चारा एवं आवश्यक दवाईयों का इंतजाम डीएमएफ के माध्यम से किया गया था।
बीजापुर विकासखण्ड के तोयनार ग्राम पंचायत में मुर्गी शेड का संचालन करने वाली रानी दुर्गावती स्वसहायता समूह की अध्यक्ष श्रीमती सोनमणि पोरतेक बताती हैं कि उसके समूह द्वारा अब तक 49 हजार अण्डों का उत्पादन किया गया है। इनमें से साढ़े 48 हजार अण्डों की बिक्री से करीब तीन लाख रूपए की आमदनी हुई है। उसूर विकासखण्ड के नुकनपाल पंचायत में मुर्गी शेड संचालित करने वाली काव्या स्वसहायता समूह की सचिव सुश्री पार्वती कहती है कि इस परियोजना से हम महिलाओं को अपनी आजीविका चलाने का साधन मिल गया है। आर्थिक रूप से हम सक्षम हो गई हैं। मुर्गीपालन से समूह को हर माह अच्छी कमाई हो रही है। जिला प्रशासन की कोशिशों और महिलाओं की मेहनत का असर अब दिखने लगा है। बीजापुर में कुपोषण तेजी से घट रहा है। अक्टूबर-2019 में कुपोषण की दर वहां लगभग 38 प्रतिशत थी, जो जुलाई-2021 में आयोजित वजन त्यौहार के आंकड़ों के मुताबिक 13 प्रतिशत गिरकर 25 प्रतिशत पर आ गई है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
