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June 19, 2026
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PANKAJ CHANDRAKAR

PANKAJ CHANDRAKAR


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रायपुर /शौर्यपथ/

मुख्यमंत्री ने आज अपने प्रदेशव्यापी भेंट मुलाकात कार्यक्रम में दौरान कोंडागांव में सी-मार्ट का उद्घाटन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सी मार्ट में विक्रय की जा रही शबरी बांसुरी को भी बजा कर मधुर तान छेड़ी। शबरी बांसुरी एक अनोखा वाद्य है जिसे मुंह से फूंक कर बजाने की बजाय हाथों से हिलाकर बजाया जाता है। यह वाद्य हाथों के व्यायाम के लिए भी उपयोगी है।

शबरी बांसुरी की मधुर तान के साथ किया कोंडागांव सी-मार्ट का उद्घाटनबिहान अंतर्गत उड़ान महिला कृषक प्रोड्यूसर की महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों का विक्रय सी-मार्ट में किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने सी मार्ट में हर्बल उत्पाद, कोदो, कुटकी, रागी कुकीज, जामुन चिप्स सहित सभी उत्पादों का अवलोकन किया। कोंडागांव के चिखलपुटी में खुले इस सी-मार्ट स्टोर से एक ही छत के नीचे स्थानीय उत्पाद उपलब्ध होंगे। मुख्यमंत्री ने सी मार्ट के उत्पादों की सराहना की।

शबरी बांसुरी की मधुर तान के साथ किया कोंडागांव सी-मार्ट का उद्घाटनउल्लेखनीय है कि सी मार्ट कोंडागांव में लगभग 19 लाख रुपये लागत के उत्पादों का विक्रय किया जा रहा है। सी मार्ट में मुख्यमंत्री ने जामुन चिप्स की तारीफ की। उन्होंने कहा कि यहां पहली बार मैं जामुन के चिप्स देख रहा हूँ। मुख्यमंत्री को स्टोर की महिलाओं ने बताया कि जामुन हर सीजन में उपलब्ध नहीं होता इसलिए हमने जामुन के चिप्स बनाये हैं, ताकि बारहों महीने जामुन का स्वाद लिया जा सके । उड़ान समूह में महिलाएं कुल 587 उत्पाद बना रही हैं। इस अवसर पर उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा, लोकसभा सांसद श्री दीपक बैज, राज्यसभा सांसद श्रीमती फूलोदेवी नेताम, विधायक श्री चंदन कश्यप भी उपस्थित थे

 

 

 

रायपुर /शौर्यपथ/

प्रदेशव्यापी भेंट मुलाकात कार्यक्रम के अनुक्रम में आज मुख्यमंत्री भूपेश बघेल केशकाल विधानसभा के बड़ेडोंगर पहुंचे। बड़ेडोंगर की ऐतिहासिक दंतेश्वरी माता की पूजा अर्चना कर मुख्यमंत्री ने क्षेत्रवासियों और प्रदेशवासियों की खुशहाली की कामना की हैे।

 

रायपुर /शौर्यपथ/

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उपस्थिति में माँ दंतेश्वरी मक्का प्रसंस्करण एवं विपणन सहकारी समिति मर्यादित कोंडागांव तथा चॉइस कंसल्टेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के मध्य इथेनॉल परियोजना निर्माण के लिए प्रबंधकीय सलाहकार के लिए अनुबंध का निष्पादन किया गया।

 

रायपुर /शौर्यपथ/

पत्रकारों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि वन संसाधन और वनाधिकार पट्टे दिए जा रहे, फलदार वृक्ष से पेड़ कटाई रुकेगी।
अब ज्यादा से ज्यादा फलदार वृक्ष लगाने पर जोर दिया जा रहा है।
कोंडागांव में भी गारमेंट के कार्य हो रहे, सभी को रोजगार मिल रहा है।
गौठानों को रूरल इंडस्ट्रीयल पार्क के रूप में बदला जाएगा। जहां गोबर खरीदी के साथ-साथ अन्य एक्टिविटी भी किया जाएगा। जिससे लोगो के पास पैसा जाएगा।
गोबर से पेंट उत्पादन, बिजली, गोठान में तेल पेराई मशीन स्थापित कर कई रोजगार मूलक कार्य हो रहे।
भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के अंतर्गत कल मैंने कोंडागांव विधानसभा क्षेत्र में लोगों से भेंट-मुलाकात की। लोगों से सीधी बातचीत कर योजनाओं का फीड बैक लिया।
बस्तर में रुझान खेती की तरफ बढ़ा, सिंचाई की मांग बढ़ी है।
लोक संस्कृति को बचाने के लिए हम घोटूल और देवगुड़ी के जीर्णोद्धार का कार्य कर रहे हैं।
बस्तर के जन-जीवन मे बड़ा परिवर्तन आया है, भू-जल का उपयोग बढ़ा है।
नालों को रिचार्ज करने की जरूरत है। पेयजल उपलब्धता के लिए हम घर-घर नल लगा रहे, बस्तर में ज़्यादा काम करने की ज़रूरत है।
बस्तर में अब बैंकों की मांग हो रही है, जबकि यहां कभी बैंक की मांग नही होती थी, यह अच्छा संकेत है।
बस्तर बदल रहा, विकास की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। हम विश्वास विकास सुरक्षा को लेकर कार्य कर रहे हैं।
हमारे कार्यों से लोगों का विश्वास बढ़ा है, नक्सल पीछे हटे हैं

रायपुर /शौर्यपथ/

अधिकारियों की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने सीमांकन, नामांतरण, बंटवारे के शिविर नियमित संचालित करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने स्कूलों में बन रहे अस्थायी जाति प्रमाण पत्र की संख्या की जानकारी ली।
राजस्व विभाग के अधिकारियों को अस्थायी जाति प्रमाण पत्रों को समयसीमा में स्थायी करवाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा है कि आदिवासी इलाकों में मात्रात्मक त्रुटि से लाभ से वंचित हो रहे लोगों के लिए अंग्रेजी नाम को मानक मान कर जाति प्रमाण पत्र प्रदान करें।

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने अधिकारियों को राशन कार्ड बनने के बाद भी छूटे हुए लोगों का नाम जोड़ने और नए कार्ड बनाने के निर्देश दिए हैं।
सभी नाले उपचारित होने चाहिए, उन्होंने कहा कि आवर्ती चराई योजना में ध्यान देने की जरूरत है।
लॉकडाउन का एक समय था, उस वक्त पलायन करके वापस लौटे लोगोंको चिह्नकित करके काम दें।
अब नक्सल समस्या में कमी आयी है, लोगों को रोजगार देने से नक्सलवाद खत्म होगा।

समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा प्रशासनिक अधिकारी भी स्कूल में जाकर बच्चों का मार्गदर्शन करें।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अपने कार्य को आनंद मानकर कीजिए, काम का बोझ बिल्कुल न लें बस सोच बदलने की जरूरत है

 

आस्था /शौर्यपथ/

हिंदू धर्म को मानने वाले अमूमन हर लोग अपने घर में तुलसी का पौधा लगाते हैं. कई घरों में तुलसी के पौधे की पूजा की जाती है. तुलसी के पौधे के बारे में ऐसी मान्यता है कि यह भगवान श्रीकृष्ण का स्वरूप है. माना जाता है कि तुलसी भगवान श्रीकृष्ण को प्रिय है. इस धार्मिक मान्यता को ध्यान में रखकर कई लोग शाम के वक्त तुलसी के नीचे दीया भी जलाते हैं. तुलसी से जुड़े कई नियम वास्तु शास्त्र में भी बताए गए हैं. आइए जानते हैं तुलसी से जुड़े कुछ खास नियम.

तुलसी से जुड़े वास्तु नियम

-तुलसी के पौधे में जल देने की परंपरा वर्षों से चली आ रही है. जो कि आज भी जीवंत है. लेकिन, धार्मिक मान्यतानुसार एकादशी, रविवार, सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण के दिन तुलसी में जल देने की मनाही है.

-मान्यतानुसार, शाम ढलने के बाद तुलसी के पत्तों को तोड़ने से भी मना किया जाता है. माना जाता है कि ऐसा करने से दोष लगता है. इसलिए कुछ लोग ऐसा करने से बचते हैं.
-कहा जाता है कि जो कोई गुरुवार को तुलसी के पौधे में दूध अर्पित करता है और रविवार को छोड़कर प्रतिदिन शाम के समय तुलसी के नीचे घी का दीया जलाते हैं, उनके घर मां लक्ष्मी का हमेशा वास होता है.

-धार्मिक मान्यता है कि घर में कभी भी सूखा हुआ तुलसी का पौधा नहीं रखना चाहिए. दरअसल इसे अशुभ माना गया है. कहा जाता है कि सूखे हुए तुलसी के पौधे को किसी पवित्र नदी में प्रविहित कर देना चाहिए और उसकी जगह नया पौधा लगाना चाहिए.

-वास्तु शास्त्र के अनुसार तुलसी को दक्षिण दिशा में नहीं लगाया जाता है. माना जाता है कि इस दिशा में लगाई गई तुलसी हमेशा अशुभ फल देती है. तुलसी लगाने के लिए उत्तर दिशा का इस्तेमाल किया जाता है. इसके अलावा तुलसी को हमेशा गमले में गया जाता है. कहा जाता है घर में जमीन पर लगाया हुआ तुलसी का पौधा अशुभ फल देता है.

खाना खजाना /शौर्यपथ/

आइसक्रीम किसे पसंद नहीं है?! यह रिच क्रीमी डिलाइट हॉट समर के दिनों में सुकून देता है! बस आइसक्रीम का एक स्कूप इतना स्वर्गीय हो सकता है. जैसे ही मीठी और ठंडी आइसक्रीम हमारे मुंह में पिघल जाती है, हम मदद नहीं कर सकते, लेकिन हमारे चेहरे पर मुस्कान आ जाती है. हम आइसक्रीम से इतना प्यार करते हैं कि कुकिंग उत्साही लोगों ने इसके साथ प्रयोग किया और आइसक्रीम रेसिपीज की एक नई किस्म बनाई! और, आज हमने ऐसी ही एक यूनिक फ्यूज़न डेज़र्ट की रेसिपी ढूंढी है. आइसक्रीम बर्फी के नाम से मशहूर यह मिठाई बहुत ही स्वादिष्ट होती है!

क्या होता है जब आपकी पसंदीदा वनिला आइसक्रीम अल्टीमेट देसी मिठाई बर्फी से मिलती है? आपको मिल जाएगी आइसक्रीम बर्फी! यह कोल्ड एंड मिल्क मिठाई केवल कुछ सामग्रियों से बनाई जाती है, जैसे दूध पाउडर, घी, चीनी और वनिला एसेंस. इस इंडियन मिठाई की रेसिपी पारुल गुप्ता ने अपने यूट्यूब चैनल 'कुक विद पारुल' पर शेयर की थी.

 दूध पाउडर और पिघला हुआ घी का उपयोग करके आटा गूंथना शुरू करें. जिस बर्तन में आइसक्रीम बर्फी जमने वाली है उसे तैयार कर लें, इसके लिए आपको बस एक चौकोर बर्तन में बेकिंग पेपर रखना है, घी लगाकर चिकना करना है और कटे हुए पिस्ता और बादाम छिड़कना है.

एक पैन में चीनी, पानी और वनिला एसेंस को तब तक उबालें जब तक कि चाशनी गाढ़ी और कड़ी न हो जाए. इसे आंच से हटा लें और दूध पाउडर के आटे में चीनी की चाशनी के साथ मिला लें. इससे एक स्मूद पेस्ट बन जाएगा. स्मूद पेस्ट को ग्रीस लगे पैन में डालें और इसे फ्रिज में तब तक रहने दें जब तक यह साइज में न आ जाए

आसान लगता है, है ना?! इस आइसक्रीम बर्फी को घर पर बनाएं और अपनी कुकिंग स्किल से अपने परिवार को सरप्राइज दें.

 

 

 

लाइफ स्टाइल /शौर्यपथ/

कुछ लोग घर बनवाते वक्त वास्तु शास्त्र का ध्यान नहीं देते हैं और बनवाना शुरू कर देते हैं. उनकी नजर में वास्तु विज्ञान का कोई महत्व नहीं होता है. जिसका दुष्परिणाम उन्हें घर बनवाने के बाद भुगतना पड़ता है, क्योंकि घर की सही दिशा-दशा से ही जीवन में सुख शांति और समृद्धि का वास होता है. लेकिन जब उसी में दोष हो तो फिर घर में खुशहाली कैसे आएगी. इसलिए हम आपको यहां घर बनवाते वक्त किन वास्तु टिप्स को ध्यान में रखना है के बारे में बताएंगे. तो चलिए जानते हैं.
घर बनवाते वक्त इन टिप्स का रखें ध्यान
- आपको बता दें कि प्राचीन धर्म ग्रंथों में गरुड़ पुराण, भविष्य पुराण, मत्स्य पुराण, अग्नि पुराण इत्यादि में वास्तु नियमों के महत्व के बारे में बताया गया है.
- जिस जगह पर घर बनवाने जा रहे हैं वहां की मिट्टी को छूकर देखें कि वह कोमल और सुगंधित है कि नहीं. अगर ऐसा है तो उस जगह भवन निर्माण बहुत अच्छा होगा. इससे आपके घर में सुख-शांति और समृद्धी का वास होगा.
- वहीं, जिस मिट्टी को छूने से रक्त की सुगंध आए या मिट्टी लाल हो, उस स्थान पर भी घर बनवाना शुभ माना जाता है. ऐसे स्थान पर भवन निर्माण कराने से साहस बढ़ता है. इस तरह की मिट्टी भी घर निर्माण के लिए अच्छी है.
-जबकि जो मिट्टी पीली हो छूने में अधिक कठोर हो और जिसमें सुगंध न आती हो, ऐसी जगह व्यपार के लिए बहुत बढ़िया मानी जाती है.
- वहीं घर में ओम और स्वास्तिक धार्मिक चित्र लगाने से नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश नहीं करती है. घर में पेड़ पौधे लगाने से भी घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है.

हेल्थ टिप्स /शौर्यपथ/

ब्लड प्रेशर की समस्या दुनिया भर में तेजी से अपने पैर पसार रहा है. ब्लड प्रेशर का लेवल अधिक होना या हाई ब्लड प्रेशर एक बेहद गंभीर समस्या है. इसे हाइपरटेंशन के नाम से भी जाना जाता है. हाई ब्लड प्रेशर खानपान और लाइफस्टाइल से जुड़ी एक बीमारी है, जिसे खान-पान और लाइफस्टाइल में बदलाव करके कंट्रोल किया जा सकता है. हाई ब्लड प्रेशर में हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है. इस समस्या से निपटने के लिए जानकारी बेहद जरूरी है. क्योंकि कई ऐसी चीजें हैं जिन्हें ब्लड प्रेशर में नहीं खाना चाहिए, तो वहीं कुछ ऐसी चीजें हैं जो ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए किसी औषधी से कम नहीं हैं. और आज हम आपको एक ऐसी ही चीज के बारे में बता रहे हैं जिसे डाइट में शामिल कर ब्लड प्रेशर को कंट्रोल किया जा सकता है.
ब्लड प्रेशर के मरीज ऐसे करें तिल का सेवन-
1. मील-
ब्लड प्रेशर के मरीज तिल के तेल से बने खाने का सेवन कर सकते हैं. तिल के तेल को सेहत के लिए काफी गुणकारी माना जाता है. तिल में पाए जाने वाले गुण ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद कर सकते हैं.
2. सलाद-
सलाद को सेहत के लिए कितना फायदेमंद माना जाता है, ये तो हम सभी जानते हैं. तो अगर आप भी ब्रेकफास्ट में सलाद खाना पसंद करते हैं. तो अपने सलाद बाउल में तिल को शामिल कर ब्लड प्रेशर को कंट्रोल कर सकते हैं.
3. स्मूदी-
गर्मियों के मौसम में बहुत से लोग स्मूदी का सेवन करना पसंद करते हैं. और आप भी उन्हीं में से एक हैं, तो आप अपनी स्मूदी में तिल को शामिल कर ब्लड प्रेशर को कंट्रोल कर सकते हैं.
4. ब्रेड-
ब्रेड सुबह के सबसे पसंदीदा ब्रेकफास्ट में से एक है. ज्यादातर लोग सुबह के समय ब्रेड, बटर जैम खाना पसंद करते हैं. और अगर आप ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करना चाहते हैं, तो ब्रेड में तिल को एड कर सकते हैं

 मनोरंजन /शौर्यपथ/

जहा हम खड़े हो जाते हैं लाइन वही से शुरू होती है...यह मशहूर डायलॉग तो आपको याद ही होगा. हिंदी सिनेमा के इतिहास में इस डायलॉग का अपना एक अलग महत्व है. अगर एटीट्यूड दिखाना हो तो कोई भी इस डायलॉग को झट से बोल देते हैं. यह डायलॉग Amitabh Bachchan की फिल्म 'कालिया' का है. कालिया सुपरहिट फिल्म रही है जिसमें प्राण ने जेलर का किरदार निभाया था. अमिताभ बच्चन के इस फिल्म से डायलॉग काफी फेमस हुए थे. लेकिन यह हमारी फोकस कालिया यानी अमिताभ बच्चन की बचपन की वो फोटो है जो कुछ समय पहले अभिषेक बच्चन ने अपने इंस्टाग्राम एकाउंट पर शेयर की थी.

Amitabh Bachchan की इस फोटो को अभिषेक बच्चन ने पापा के 78वें जन्मदिन पर शेयर की थी. यह फोटो अमिताभ बच्चन के बचपन की है. इस फोटो में सीनियर बच्चन बहुत ही क्यूट लग रहे हैं और यह ब्लैक व्हाइट फोटो हैं. इस फोटो को इंस्टाग्राम पर शेयर करते हुए अभिषेक बच्चन ने लिखा था, 'माय हीरो, लव यू पापा.' इस फोटो पर फैन्स ने खूब प्यार बरसाया है और लाखों में लाइक्स भी आए हैं.

अगर Amitabh Bachchan की आने वाली फिल्मों की बात करें तो वह अलग-अलग तरह की कई फिल्मों के साथ आने वाले हैं. इनमें 4 मार्च को रिलीज हो रही है 'झुंड' भी शामिल है, जिसे नागराज पोपटराव मंजुले ने किया है. इसके अलावा वह आलिया भट्ट और रणबीर कपूर की ब्रह्मास्त्र में भी नजर आएंगे. इसके अलावा वह रनवे 34, बटरफ्लाई, गुड बाय, ऊंचाई जैसी फिल्मों में नजर आने वाले हैं. यही नहीं, वह प्रभास के साथ भी एक फिल्म कर रहे हैं.


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