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रायपुर /शौर्यपथ/
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ के साहित्य मनीषी, कुशल अध्यापक और सम्पादक पदुमलाल पुन्नालाल बक्शी की जयंती पर उन्हें नमन किया है। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा है कि मास्टरजी के नाम से जाने जाने वाले बक्शी जी ने हिन्दी साहित्य की कई विधाओं को अपनाया और साहित्य जगत में अपना अलग स्थान बनाया। सरस्वती जैसी प्रसिद्ध साहित्यिक पत्रिका का भी उन्होंने संपादन किया । पाश्चात्य निबन्ध शैली, समालोचना और ललित निबन्धों की सुन्दर परम्परा के लिए वे विशेष रूप से जाने जाते हैं। छत्तीसगढ़ की माटी की सौंधी खुशबु उनके निराले कथा-शिल्प में हमेशा मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बक्शी जी अपनी रचनाओं के रूप में विचार मूल्यों की अमूल्य थाती सौंप गए हैं। कामना है उनके साहित्य परम्परा की अविरल धारा हमेशा छत्तीसगढ़ साहित्य को पोषित करती रहे।
रायपुर /शौर्यपथ/
पंडित जवाहर लाल नेहरू की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उनके तैलचित्र पर माल्यार्पण कर देश के प्रथम प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री ने जगदलपुर सर्किट हाउस में नेहरू जी की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया।
रायपुर /शौर्यपथ/
आवश्यकता सभी को है, यदि पानी की कमी रही तो जानवर शहरों का रुख करते हैं, पक्षी पलायन करते हैंसर्किट हाउस जगदलपुर में अधिकारियों की समीक्षा बैठक प्रारंभ।
अधिकारियों की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा हमें मूलरूप से नाला पर काम करना जरूरी है, खेति का समय आ रहा है।पानी की आवश्यकता सभी को है, यदि पानी की कमी रही तो जानवर शहरों का रुख करते हैं, पक्षी पलायन करते हैं।
उन्होंने कहा कि लोगों की आय में जबरदस्त वृद्धि दर्ज हुई है। हमारी नीतियों का लाभ मिल रहा है। खेती के प्रति आकर्षण बढ़ गया है तो पानी की जरूरत बढ़ी है।पानी की बढ़ती उपयोगिता को देखते हुए पानी को सहेजने की आवश्यकता है। फ़ारेस्ट एरिया में नरवा नालों में स्टाप डेम का विकास ज़रूरी है। नदी नालों में जल का स्तर कम हो गया है इसलिए हमें प्राथमिकता के साथ जल संरक्षण के कार्य करने हैं।उद्योग मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री कवासी लखमा, सांसद श्री दीपक बैज, संसदीय सचिव श्री रेखचन्द जैन, बस्तर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री लखेश्वर बघेल , विधायक श्री राजमन बेंजाम, मुख्यमंत्री के सचिव श्री सिदार्थ कोमल सिंह परदेशी सहित अधिकारी बैठक में मौजूद हैं
नरवा के कामों की मॉनिटरिंग कलेक्टर करें, चाहे वे वन क्षेत्रों में भी हों। जमीन एवं वनों के वास्तविक स्वामी आदिवासी हैं, वन विभाग की जिम्मेदारी प्रबंधक की है।
आय बढ़ी तो लोगों के जेब में पैसा आया है, यही कारण है कि साढ़े तीन साल में नक्सली कम हुए। अब भर्ती तक नही कर पा रहे हैं।
सब ग्रामीणों को काम मिलेगा तो नक्सली भर्ती बन्द होगी, नक्सली अपने आप खत्म होंगे।
उपलब्ध चीज़ों का वैल्यू एडिशन करते जाएं, आय बढ़ेगी। सभी विभागों का उद्देश्य सभी को काम मिले, यह होना चाहिए। लोगों को रोजगार से जोड़े, कृषि कार्य में संलग्न करें, वनोपज संग्रहण, वनोपज का वैल्यू एडिशन करें, इससे लोग प्रोत्साहित होंगे।
पानी की प्रबन्ध पहली आवश्यकता है। स्थानीय किसानों को तिलहन फसल लगाने के लिए प्रेरित करें। साढ़े तीन साल में बड़ा बदलाव आया है। लोगों का बढ़ा है विश्वास। राजस्व प्रकरणों के निराकरण हेतु शिविर लगाएं।
अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे सरकार के फैसलों की जानकारी ज्यादा से ज्यादा लोगों को दें।
सभी अधिकारी-कर्मचारी दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करें। आप सभी के सहयोग हम साढ़े तीन वर्षों में लोंगो का विश्वास जितने में सफल हुए हैं।
भेंट-मुलाकात में सबसे ज्यादा डिमांड सहकारी बैंक की आ रही है। बैंकिंग काम तेजी से करें। बैंक की मांग लगभग सभी जगह है, जहां घोषणा हुई है, वहां बैंक खोलें।
हाट बाजार क्लिनिक को और मजबूत करें, बारिश में जल आधारित बीमारियों के बढ़ने की आशंका रहती है, ऐसे में स्वास्थ्य विभाग सजगता काम करे।
नई दिल्ली / शौर्यपथ/
कथित 'वीजा घोटाले' में शामिल होने के आरोपों पर नौ घंटे तक पूछताछ के बाद सीबीआई कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम से शुक्रवार को दूसरे दिन भी पूछताछ कर रही है. वहीं इससे पहले कांग्रेस नेता ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि केंद्रीय जांच ब्यूरो ने एक सांसद के रूप में उनके विशेषाधिकारों और अधिकारों का उल्लंघन किया है. उन्होंने कहा कि सीबीआई ने पिछले सप्ताह छापेमारी के दौरान उनके कामकाज के दस्तावेज तक जब्त कर लिए.
कार्ति चिदंबरम ने ओम बिड़ला को लिखा, "मैं एक घोर अवैध और स्पष्ट रूप से असंवैधानिक कार्रवाई का शिकार हो गया हूं. केंद्रीय जांच ब्यूरो ने भारत सरकार के एक 11 साल पुराने फैसले की जांच करने की आड़ में दिल्ली में मेरे निवास पर छापा मारा, जिसमें मेरी कोई भागीदारी नहीं है.”
चिदंबरम ने कहा, "इस तथाकथित छापे के दौरान, सीबीआई के कुछ अधिकारियों ने सूचना और प्रौद्योगिकी के लिए संसदीय स्थायी समिति जिसका मैं सदस्य हूं, से संबंधित मेरे बेहद गोपनीय और संवेदनशील व्यक्तिगत नोट और कागजात जब्त किए."
उन्होंने कहा, "आश्चर्यजनक रूप से, मेरे ड्राफ्ट नोट्स और प्रश्न जो मैंने समिति को बुलाए गए गवाहों से पूछने का इरादा किया था, वो भी जब्त कर लिए गए. इसके अलावा गवाहों द्वारा समिति को दिए गए बयानों से संबंधित मेरे हस्तलिखित नोट भी जब्त कर लिए गए और ये किन कारणों से हुआ ये एजेंसी बेहतर जानती है."
कांग्रेस नेता ने कहा, "सीबीआई द्वारा की गई ये कार्रवाइयां, एक सांसद के रूप में मेरे कर्तव्यों में हस्तक्षेप है, लोकतांत्रिक सिद्धांतों पर एक सीधा हमला है, जिस पर हमारी संसद की स्थापना की गई है, ये मेरे संसदीय विशेषाधिकार का खुला उल्लंघन है. इसलिए, मैं आपसे इस पर तत्काल संज्ञान लेने का आग्रह करता हूं."
चिदंबरम ने कहा, "वह और उनका परिवार वर्तमान सरकार और उसकी जांच एजेंसियों द्वारा एक अथक अभियान का लक्ष्य रहा है, जो पिछले कुछ सालों के दौरान एक के बाद एक फर्जी मामले को थोपकर हमारी असहमति की आवाज को दबाने की कोशिश कर रहे हैं. सदन के किसी सदस्य को इस तरह की टारगेटेड धमकी विशेषाधिकार के उल्लंघन के बराबर है."
कथित 'वीजा घोटाले' में शामिल होने के आरोपों पर नौ घंटे तक पूछताछ के बाद सीबीआई ने कांग्रेस सांसद को शुक्रवार को दूसरे दिन भी तलब किया. रास्ते में उन्होंने मीडिया से कहा, "मुझे फोन करना उनका विशेषाधिकार है और जाना मेरा कर्तव्य है."
यह मामला तब का है, जब कार्ति के पिता पी चिदंबरम केंद्रीय गृह मंत्री थे. उनपर पंजाब में बिजली संयंत्र लगाने वाली एक कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी ने अपने करीबी सहयोगी एस भास्कररमन के साथ 50 लाख रुपये रिश्वत लेने का आरोप लगाया है. हालांकि, कार्ति चिदंबरम ने सभी आरोपों का खंडन किया है. उन्होंने मामले को फर्जी और राजनीति प्रतिशोध का परिणाम करार दिया है.
सीबीआई ने अपनी पहली सूचना रिपोर्ट में कहा है कि बिजली परियोजना की स्थापना का काम एक चीनी कंपनी द्वारा किया जा रहा था और समय से पीछे चल रहा था. परियोजना पर 263 चीनी कामगारों के लिए वीजा फिर से जारी करने के लिए, कथित तौर पर ₹ 50 लाख रिश्वत का भुगतान किया गया था.
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
दिल्ली एनसीआर समेत उत्तर भारत के ज्यादातर हिस्सों में भयंकर गर्मी पड़ रही थी. लेकिन पिछले दिनों हुईं बारिश से लोगों को राहत जरूर मिली है. यही वजह है कि आजकल लोगों को पहले जैसी चिलचिलाती गर्मी का सामना नहीं करना पड़ रहा. 27 मई दिल्ली में शुक्रवार सुबह न्यूनतम तापमान सामान्य से एक डिग्री कम 25.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम विभाग ने दिन में हल्की बारिश की संभावना के साथ बादल छाए रहने की संभावना जताई है.
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने कहा कि अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है. सुबह साढ़े आठ बजे सापेक्षिक आर्द्रता 66 फीसदी रही. सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च के अनुसार, दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक सुबह नौ बजे 176 था, जो 'मध्यम' श्रेणी में है. शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को 'अच्छा', 51 और 100 को 'संतोषजनक', 101 और 200 को 'मध्यम', 201 और 300 को 'खराब', 301 और 400 के बीच 'बहुत खराब' और 401 और 500 को 'गंभीर' माना जाता है.
इस बार उत्तर भारत के इलाकों में गर्मी कहर बरपा रही है. आलम ये है कि दिल्ली में तो तापमान तकरीबन 50 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया. वहीं यूपी के बांदा में भी गर्मी की वजह से पारा कई बार 47 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है. लेकिन हाल ही में हुईं बारिश की वजह से लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिली है.
नई दिल्ली / शौर्यपथ/
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी. प्रधानमंत्री ने आज एक ट्वीट में लिखा, "पंडित जवाहरलाल नेहरू जी को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि." भारत के स्वतंत्रता संग्राम में पहले प्रधानमंत्री की प्रमुख भूमिका थी. भारत को ब्रिटिश शासन से मुक्त करने के लिए, नेहरू जी ने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी. ये भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के प्रमुख नेताओं में से एक थे. 27 मई, 1964 को भारत के पहले प्रधानमंत्री का निधन हो गया. उन्हें बच्चों से बहुत लगाव था और बच्चे उन्हें चाचा नेहरू कहकर बुलाते थे. उन्होंने अगस्त 1947 से मई 1964 तक देश की कमान संभाली थी.
वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी ट्वीट कर लिखा कि, निधन के 58 साल बाद, पंडित जवाहरलाल नेहरू के विचार, राजनीति और हमारे राष्ट्र के लिए दृष्टिकोण उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने पहले थे. भारत के इस अमर सपूत के मूल्य हमेशा हमारे कार्यों और विवेक का मार्गदर्शन करें."
इसके अलावा कांग्रेस पार्टी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल ने भी भारत के पहले प्रधानमंत्री को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी. कांग्रेस पार्टी ने ट्वीट करते हुए लिखा कि "एक बहादुर स्वतंत्रता सेनानी, आधुनिक भारत के शिल्पकार, एक राजनेता, एक दूरदर्शी, एक देशभक्त, पंडित जवाहरलाल नेहरू भारत माता के सच्चे सपूत थे. हमारे पहले प्रधानमंत्री को उनकी पुण्यतिथि पर एक अरब नमन और अरबों श्रद्धांजलि,
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज प्रगति मैदान में दो दिवसीय 'भारत ड्रोन महोत्सव 2022' का उद्घाटन किया. इस दौरान पीएम मोदी ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि ड्रोन तकनीक को लेकर भारत में जो उत्साह देखने को मिल रहा है, वे अद्भुत है. जो ऊर्जा नज़र आ रही है, वह भारत में ड्रोन सर्विस और ड्रोन आधारित इंडस्ट्री की लंबी छलांग का प्रतिबिंब है. यह भारत में रोजगार के एक उभरते हुए बड़े सेक्टर की संभावनाएं दिखाती हैं. पीएम मोदी ने खेती के दौरान ड्रोन का क्या महत्व है, इसपर भी बात की और कहा कि ड्रोन टेक्नोलॉजी कैसे एक बड़ी क्रांति का आधार बन रही है, इसका एक उदाहरण पीएम स्वामित्व योजना भी है. इस योजना के तहत पहली बार देश के गांवों की हर प्रॉपर्टी की डिजिटल मैपिंग की जा रही है, डिजिटल प्रॉपर्टी कार्ड लोगों को दिए जा रहे हैं.
'भारत ड्रोन महोत्सव 2022' के उद्घाटन कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि पहले की सरकारों के समय तकनीक को समस्या का हिस्सा समझा गया, उसको गरीब विरोधी साबित करने की कोशिशें हुईं. इस कारण 2014 से पहले गवर्नेंस में टेक्नॉलॉजी के उपयोग को लेकर उदासीनता का वातावरण रहा. इसका सबसे अधिक नुकसान गरीब, वंचितों, मिडिल क्लास को हुआ.
पीएम मोदी ने आगे कहा कि जब केदारनाथ के पुनिर्माण का काम शुरू हुआ था, तो हर बार मेरे लिए वहां जाना संभव नहीं था. तो मैं ड्रोन के जरिए केदारनाथ के काम का निरीक्षण करता था. आज सरकारी कामों की गुणवत्ता को देखना है तो यह ज़रूरी नहीं है कि मैं बता दूं कि मुझे वहां निरीक्षण करने के लिए जाना है. मैं ड्रोन भेज दूं तो जानकारी वे लेकर आ जाता है और उन्हें पता भी नहीं चल पाता है कि मैंने जानकारी ले ली है.
कश्मीर /शौर्यपथ /
प्रवर्तन निदेशालय ने जम्मू एवं कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कान्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता फारूक अब्दुल्ला को समन जारी किया है. फारूक अब्दुल्ला को मनी लॉन्डरिंग केस में ये समन जारी किया गया है. प्रवर्तन निदेशालय ने उन्हें 31 मई को जांचकर्ताओं के सामने पेश होने के लिए कहा है. एक अधिकारी ने ये जानकारी दी. कहा जा रहा है कि ये मामला जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन घोटाला से जुड़ा हुआ है.
84 वर्षीय फारूक अब्दुल्ला से ईडी इस मामले में कई बार पूछताछ कर चुकी है. ईडी ने आरोप लगाया है कि अब्दुल्ला ने अतीत में जेकेसीए के अध्यक्ष के रूप में अपने पद का "दुरुपयोग" किया और खेल निकाय में नियुक्तियां कीं ताकि बीसीसीआई द्वारा प्रायोजित धन का दुरुपयोग किया जा सके.
प्रवर्तन निदेशालय ने जम्मू कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (जेकेसीए) के पूर्व पदाधिकारियों से संबंधित धनशोधन के मामले में जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला की संपत्ति को दिसंबर 2020 में अस्थायी रूप से कुर्क किया था. अब्दुल्ला 2001 से 2012 तक जेकेसीए के अध्यक्ष थे. इसके अलावा प्रवर्तन निदेशालय ने अहसान अहमद मिर्जा की 7.25 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति ‘‘अस्थायी रूप से कुर्क'' की थी.
श्रीनगर के राममुंशी बाग थाने में दर्ज एक मामले के आधार पर जेकेसीए पदाधिकारियों के खिलाफ धनशोधन की जांच शुरू की थी. बाद में उच्च न्यायालय के निर्देश पर मामला सीबीआई को स्थानांतरित कर दिया गया था. सीबीआई जेकेसीए के पूर्व पदाधिकारियों के खिलाफ 43.69 करोड़ रुपये के धन की हेराफेरी के मामले में आरोपपत्र दायर कर चुकी है. केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) तथा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा की जा रही जांच 2004 एवं 2009 के बीच कथित वित्तीय हेराफेरी के बारे में है.
जयपुर / शौर्यपथ /
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के करीबी माने जाने वाले एक मंत्री ने सूबे की नौकरशाही पर गुस्सा ज़ाहिर किया है, और मंत्रिपद छोड़ देने की बात कही है. राजस्थान के मंत्री अशोक चांदना ने माइक्रो-ब्लॉगिंग वेबसाइट ट्विटर पर मुख्यमंत्री से अपील की है कि उन्हें मंत्रिपद से मुक्त कर दिया जाए, और सभी विभाग CM के प्रधान सचिव कुलदीप रांका को सौंप दिए जाएं.
अशोक चांदना राजस्थान में खेल, युवा मामलों, कौशल विकास, रोज़गार, उद्यमिता तथा आपदा प्रबंधन व राहत विभागों के मंत्री हैं.
उन्होंने ट्वीट में लिखा, "माननीय मुख्यमंत्री, मेरा व्यक्तिगत अनुरोध है, कि आप मुझे इस क्रूर मंत्री पद से मुक्त कर दें, मेरे सभी विभागों का प्रभार कुलदीप रांका जी को दे दिया जाना चाहिए, क्योंकि वैसे भी सभी विभागों के मंत्री वही हैं... धन्यवाद..."
माननीय मुख्यमंत्री जी मेरा आपसे व्यक्तिगत अनुरोध है की मुझे इस ज़लालत भरे मंत्री पद से मुक्त कर मेरे सभी विभागों का चार्ज श्री कुलदीप रांका जी को दे दिया जाए, क्योंकि वैसे भी वो ही सभी विभागों के मंत्री है।
धन्यवाद
गौरतलब है कि बूंदी विधानसभा क्षेत्र के जनप्रतिनिधि अशोक चांदना की इस शिकायत से कुछ ही दिन पहले राज्य के जनजातीय नेता तथा विधायक गणेश घोगरा का सूबे की नौकरशाही के साथ ज़मीनों की डीड के वितरण को लेकर विवाद हुआ था.
विधानसभा में डूंगरपुर सीट की प्रतिनिधित्व करने वाले युवा कांग्रेस की राजस्थान इकाई के प्रमुख गणेश घोगरा ने 18 मई को इस्तीफा दे दिया था, और कहा था कि सत्तासीन पार्टी का विधायक होने के बावजूद उन्हें दरकिनार किया जा रहा है.
चांदना के ट्वीट के कुछ ही मिनट बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) की राजस्थान इकाई के प्रमुख सतीश पूनिया ने कांग्रेस नेता पर कटाक्ष करते हुए ट्वीट किया, और 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव की तरफ इशारा किया. उन्होंने लिखा, "जहाज़ डूब रहा है... 2023 के रुझान सामने आने शुरू हो गए हैं..."
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के लिए मंत्रियों तथा विधायकों का राज्य की नौकरशाही से नाराज़ होना चिंता का सबब है, क्योंकि राज्यसभा चुनाव सिर पर हैं, और एक-एक वोट बेहद कीमती है.
राजस्थान में मामूली राजनैतिक उथल-पुथल भी चिंता का कारण बन सकती है, क्योंकि पार्टी में वैसे भी अशोक गहलोत और उनके युवा प्रतिद्वंद्वी के बीच विधायक बंटे हुए हैं. कांग्रेस अगले साल विधानसभा चुनाव में लगातार दूसरा कार्यकाल पाने की उम्मीद कर रही है, लेकिन राजस्थान के पिछले 30 साल के इतिहास में किसी भी दल को कभी लगातार दूसरा मौका नहीं मिला है.
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
दिल्ली दंगे मामले में आरोपी शाहरुख पठान का एक वीडियो वायरल हो रहा है. जिसमें शाहरुख पठान का भीड़ जोरदार स्वागत कर रही है. वहीं शाहरुख भीड़ के सामने हाथ हिलाकर उनका जवाब दे रहा है. साल 2020 में नॉर्थ ईस्ट दिल्ली में दंगे हुए थे. इस दौरान शाहरुख पुलिसवालों की तरफ बंदूक ताने हुए दिख रहा था. मौजपुर इलाके का यह वीडियो काफी वायरल हुआ था.
दिल्ली दंगों के दौरान पुलिसकर्मी पर पिस्तौल तानने वाला ये वीडियो जब वायरल हुआ. इसके बाद शाहरुख को गिरफ्तार कर लिया गया था. अदालत ने दिल्ली दंगो के मामले में शाहरुख को दोषी करार दिया था. 23 मई को शाहरुख कुछ घंटों की पैरोल पर बाहर आया था. ये पैरोल उसे बीमार पिता से मिलने के लिए दी गयी थी.
सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो में देख सकते हैं कि किस तरह सजा मिलने के बाद भी शाहरुख के चेहरे पर कोई शिकन नही थी. इलाके के लोग सैकड़ो की संख्या में इकठ्ठे होकर उसका स्वागत कर रहे हैं. पुलिस कर्मियों की मौजूदगी में हाथ मिलाने की कोशिश कर रहे है. आपको बता दें कि फिलहाल शाहरुख को वापस जेल भेज दिया गया है
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
