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May 05, 2026
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PANKAJ CHANDRAKAR

PANKAJ CHANDRAKAR

अखिलेश यादव ने रायबरेली में पत्रकारों से कहा, "पहले अभी तो IT आया है. अभी ED, CBI का उत्तर प्रदेश आना बाकी है. आपलोग देखते जाइए अभी कौन-कौन लोग दिल्ली से भेजे जाते हैं?" उन्होंने कहा कि चुनावों में हार को देखकर बीजेपी परेशान है. वो चाहे जो कर ले राज्य में उनकी सरकार नहीं बनने वाली. यादव ने कहा कि राज्य में फिर से समाजवादी पार्टी की सरकार बनने जा रही है.

नई दिल्ली /शौर्यपथ/

  समाजवादी पार्टी  के मुखिया अखिलेश यादव  ने पार्टी के राष्ट्रीय सचिव राजीव राय  और अपने पर्सनल सेक्रेटरी जैनेंद्र यादव समेत कई नेताओं के ठिकानों पर की गई आयकर विभाग की छापेमारी पर गहरी नाराजगी जताई है और कहा है कि चुनाव आते ही बीजेपी ने केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग शुरू कर दिया.

 अखिलेश यादव इन दिनों समाजवादी विजय यात्रा पर हैं. इसी क्रम में यादव ने रायबरेली में पत्रकारों से कहा, "अभी तो IT आया है. अभी ED, CBI का उत्तर प्रदेश आना बाकी है. आपलोग देखते जाइए अभी कौन-कौन लोग दिल्ली से भेजे जाते हैं?" उन्होंने कहा कि चुनावों में हार को देखकर बीजेपी परेशान है. वो चाहे जो कर ले राज्य में उनकी सरकार नहीं बनने वाली. यादव ने कहा कि राज्य में फिर से समाजवादी पार्टी की सरकार बनने जा रही है.

अखिलेश ने कहा कि बीजेपी की इन कोशिशों से साइकिल की रफ्तार नहीं रुकेगी. उन्होंने कहा कि यूपी में अभी कई एजेंसियां आएंगी. सपा प्रमुख ने कहा कि चुनावों के देखते हुए आयकर विभाग ने ये छापेमारी की गई है. ताकि सपा नेताओं को बदनाम किया जा सके. यादव ने कहा कि राज्य में ठोको राज चल रहा है. उन्होंने इस बात पर भी सवाल उठाए कि किसानों को कुचलने के मामले में जब जांच एजेंसी की रिपोर्ट आ चुकी है, तब बीजेपी मंत्री पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रही?

बता दें कि आयकर विभाग ने आज सपा के राष्ट्रीय सचिव राजीव राय के मऊ ठिकाने, अखिलेश यादव के पीएस जैनेंद्र यादव के लखनऊ ठिकाने और RCL ग्रुप के मालिक मनोज यादव के मैनपुरी ठिकाने पर एकसाथ छापेमारी की है.

राजीव राय को अखिलेश यादव का करीबी समझा जाता है और उन्हें 2012 में प्रदेश में सपा सरकार बनाने का मुख्य शिल्पकार समझा जाता है. राय कर्नाटक में कई शिक्षण संस्थान भी चलाते हैं. वह RVK ग्रुप ऑफ इन्स्टीट्यूशंस के चेयरमैन हैं. 2014 के लोकसभा चुनाव में घोसी संसदीय क्षेत्र से सपा के उम्मीदवार थे.

 

 

 

 

 

रायपुर /शौर्यपथ/

नगरीय प्रशासन एवं श्रम मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया

मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने प्रदेश के नगरीय प्रशासन एवं श्रम मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया को आज उनके जन्मदिवस पर बधाई एवँ शुभकामनाएं दी साथ ही उनके स्वस्थ एवँ दीर्घायु जीवन की कामना की ।

 

 गंगा एक्सप्रेस-वे पर शाहजहांपुर में 3.5 किलो मीटर लंबी हवाई पट्टी निर्मित की जाएगी, जो वायु सेना के विमानों को आपातकालीन उड़ान भरने और उतरने में सहायता प्रदान करेगी. एक्सप्रेस-वे के साथ एक औद्योगिक गलियारा बनाने का भी प्रस्ताव है. एक्सप्रेस-वे पर ट्रॉमा सेंटर बनाने का भी प्रस्ताव है

नई दिल्ली /शौर्यपथ/

  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी  आज उत्तर प्रदेश  के शाहजहांपुर में करीब 600 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेस-वे  के पहले चरण की आधारशिला रखेंगे. विकास और आर्थिक असंतुलन को दूर करने, रोजगार के अवसर पैदा करने और प्रति व्यक्ति आय बढ़ाने की दृष्टि से इस एक्सप्रेस-वे को ऐतिहासिक बताया जा रहा है.

प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा कि देश भर में तेज गति से संपर्क प्रदान करने को लेकर प्रधानमंत्री की दूरदृष्टि ही इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण की प्रेरणा रही है. इससे पहले पीएम मोदी ने पिछले महीने 16 नवंबर को सुल्तानपुर जिले में पूर्वांचल एक्सप्रेस  का उद्घाटन किया था. गंगा एक्सप्रेसवे को भी उनकी गतिशक्ति योजना का हिस्सा माना जा रहा है.

 दिल्ली बॉर्डर से बलिया तक गंगा कि किनारे 1020 किलोमीटर में यह एक्सप्रेस-वे बनाए जाने का प्रस्ताव है. प्रोजेक्ट के पहले चरण में 594 किलोमीटर लंबा छह लेन वाला यह एक्सप्रेस-वे मेरठ के बिजौली गांव के पास से शुरू होकर प्रयागराज के जुदापुर दांडू गांव तक जाएगा. इसकी पीएम मोदी आज आधारशिला रखेंगे. इसे 36,200 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित किया जाएगा.

 पूरी तरह से निर्मित होने के बाद, यह राज्य के पश्चिमी और पूर्वी क्षेत्रों को जोड़ने वाला, उत्तर प्रदेश का सबसे लंबा एक्सप्रेस-वे बन जाएगा. प्रोजेक्ट के दूसरे चरण में एक्सप्रेस-वे प्रयागराज से बलिया तक कुल 316 किलोमीटर लंबाई में बनाया जाना है. फेज -2 में ही दिल्ली के तिगड़ी से यूपी बॉर्डर तक 110 किलोमीटर में एक्सप्रेस-वे प्रस्तावित है.

गंगा एक्सप्रेस-वे पर शाहजहांपुर में 3.5 किलो मीटर लंबी हवाई पट्टी भी बनाई जाएगी, जो वायु सेना के विमानों को आपातकालीन उड़ान भरने और उतरने में सहायता प्रदान करेगी. एक्सप्रेस-वे के साथ एक औद्योगिक गलियारा बनाने का भी प्रस्ताव है. एक्सप्रेस-वे पर ट्रॉमा सेंटर बनाने का भी प्रस्ताव है. एक्सप्रेस-वे पर कई जगह हेडीपैड्स बनाने की भी योजना है, ताकि वहां से एयर एम्बुलेंस की सुविधा शुरू की जा सके.

किन-किन शहरों को जोड़ेगा गंगा एक्सप्रेस-वे?:
यह एक्सप्रेस-वे मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज से होकर गुजरेगा. इस एक्सप्रेस-वे के लिए जरूरी 518 ग्राम पंचायतों के 7368 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण का करीब 96 फीसदी काम पूरा हो चुका है.

पीएमओ ने कहा है, ‘‘गंगा एक्सप्रेस-वे से औद्योगिक विकास, व्यापार, कृषि, पर्यटन आदि क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा. इससे क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास को भी प्रोत्साहन मिलेगा.''

क्या है मायावती से कनेक्शन?:
राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने ही सहसे पहले इस एक्सप्रेस-वे की कल्पना की थी. साल 2007 में जब मायावती ने नई सोशल इंजीनियरिंग कर राज्य में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई थी, तब उन्होंने 1047 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेस-वे की योजना बनाई थी, जो दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा से शुरू होकर बिहार के नजदीक बलिया तक प्रस्तावित थी लेकिन एक एनजीओ ने प्रोजेक्ट के अलाइनमेंट को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दे दी थी.

साल 2009 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यह कहते हुए इस प्रोजेक्ट को खारिज कर दिया था कि यह पर्यावरण संरक्षण कानून के प्रावधानों के खिलाफ है. मायावती ने गंगा के किनारे-किनारे यह हाई-वे बनाने का प्रोजेक्ट बनाया था. इसके 10 साल बाद मायावती की गलती से सबक लेते हुए योगी सरकार ने जनवरी 2019 में फिर से गंगा एक्सप्रेस-वे बनाने का ऐलान किया लेकिन यह गंगा के किनारों पर स्थित न होकर वहां से 10 किलोमीटर दूर बनाने का प्रस्ताव पास किया.

 उत्तर प्रदेश और केंद्र की सत्ताधारी पार्टी बीजेपी विधान सभा चुनावों से पहले जहां एक्सप्रेस-वे, एयरपोर्ट, एम्स अस्पताल जैसे बड़े आधारभूत संरचनात्मक विकास वाली परियाजनाओं का ताबड़तोड़ शिलान्यास, आधारशिला और उद्घाटन कार्यक्रम कर रही है, वहीं विपक्षी समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव यह आरोप लगाते रहे हैं कि बीजेपी की सरकार पुरानी सरकारों की योजनाओं का फीता काट रही है.

 गंगा एक्सप्रेस-वे पर भी अखिलेश यादव ने कहा है कि यह परियोजना मायावती का ड्रीम प्रोजेक्ट था, योगी आदित्यनाथ या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नहीं. एक तरह से यह बात सही भी है लेकिन वह अदालती उलझनों में रुका हुआ था, जिसे अब जाकर क्लियर किया गया है और पीएम मोदी आज उसकी आधारशिला रखने जा रहे हैं. दरअसल, चुनावों से पहले विकास का श्रेय हर पार्टी अपने खाते में दर्ज कराना चाहती है, इसलिए इस पर राजनीति तेज है.

 

 

 

 

 

महापौर  सफीरा साहू ने किया संभागस्तरीय विकास छायाचित्र प्रदर्शनी का शुभारंभ
राज्य सरकार की नीतियों, योजनाओं, कार्यक्रमों और उपलब्धियों की मिल रही जानकारी
जगदलपुर /शौर्यपथ/

महापौर  सफीरा साहू ने आज जनसंपर्क विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ सरकार की विगत तीन वर्षो की उपलब्धियों पर आधारित विकास छायाचित्र प्रदर्शनी का विधिवत फीता काटकर उद्घाटन किया। संभाग मुख्यालय के शहीद पार्क के पास स्थित नेताजी सुभाष चन्द्र बोस तरणताल के समक्ष आयोजित तीन दिवसीय छायाचित्र प्रदर्शनी 19 दिसंबर तक आयोजित होगी। प्रदर्शनी स्थल पर जनसंपर्क संचालनालय द्वारा छत्तीसगढ़ सरकार की विगत तीन वर्षो की उपलब्धियों पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन प्रोजेक्टर के माध्यम से किया जा रहा है। महापौर  साहू ने राज्य सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं की उपलब्धियों को आमजनों तक विकास फोटो प्रदर्शनी के माध्यम से पहुंचाने की प्रशंसा की। विभाग द्वारा प्रदर्शनी में आकर्षक सनबोर्ड के माध्यम से राज्य सरकार की महत्वकांक्षी योजनाओं की जानकारी को प्रदर्शित किया गया है। उन्होंने आम नागरिकों से आग्रह करते हुए कहा कि प्रदर्शनी का अवलोकन कर योजनाओं की जानकारी लें और पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ लेने में सहयोग करें। इस अवसर पर सहायक संचालक  चन्द्रशेखर कश्यप, सहायक जनम्पर्क अधिकारी  अुर्जुन प्रसाद पांडेय सहित अन्य कर्मचारीगण उपस्थित थे।

प्रदर्शनी स्थल पर जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रकाशित मासिक पत्रिका जनमन एवं राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं की विस्तृत जानकारी वाले पॉम्पलेट का निःशुल्क वितरण किया जा रहा है। प्रदर्शनी में आकर्षक सनबोर्ड के माध्यम से राज्य सरकार की महत्वकांक्षी राजीव गांधी किसान न्याय योजना, गोधन न्याय योजना, लोक परम्पराओं और संस्कृति का उजास, आधुनिक शिक्षा से आसमान छुएंगे नौनिहाल, राम वन गमन पथ,  धन्वंतरि जेनेरिक मेडिकल स्टोर योजना, संसाधनों के वेल्यू एडिशन से औद्योगिक विकास, जल जीवन मिशन, नई प्रशासनिक इकाइयों की शुरुआत, जन सशक्तिकरण से आर्थिक विकास और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जा रही वनोपज खरीदी आदि योजनाओं का प्रदर्शन किया जा रहा है।

विकासखंड स्तरीय प्रदर्शनी 19 से 25 दिसंबर तक

विकासखंड स्तरीय प्रदर्शनी का आयोजन 19 से 25 दिसंबर तक जनपद पंचायत मुख्यालय या प्रमुख हाट बाजार स्थल में किया जाएगा। विकास प्रदर्शनी में जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रकाशित मासिक पत्रिका जनमन एवं राज्य सरकार की महत्वकांक्षी योजनाओं की विस्तृत जानकारी वाले पॉम्पलेट का निःशुल्क वितरण किया जाएगा। प्रदर्शनी की निर्धारित तिथि के अनुसार 19 रविवार को दिसंबर को बकावंड विकासखण्ड के जैतगिरी में प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसी प्रकार 20 दिसंबर सोमवार को तोकापाल, 21 दिसंबर मंगलवार को उसरीबेड़ा, 22 दिसंबर बुधवार को दरभा, 23 दिसम्बर गुरुवार को बस्तर और शनिवार 25 दिसंबर को बास्तानार में विकासखंड स्तरीय विकास फोटो प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा।

 

 महापौर एवं कलेक्टर ने फोटो प्रदर्शनी का किया अवलोकन

दो दिवसीय फोटो प्रदर्शनी में नागरिकों को मिलेगी शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी

फोटो प्रदर्शनी में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं उपलब्धियों की संजोई गई हैं तस्वीरें

फोटी प्रदर्शनी देखकर जनसामान्य ने की प्रशंसा

राजनांदगांव /शौर्यपथ/ 

 महापौर  हेमा देशमुख ने राज्य शासन के 3 वर्ष पूरा होने पर आज कलेक्टोरेट में जिला स्तरीय फोटो प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। इस अवसर पर कलेक्टर  तारन प्रकाश सिन्हा उपस्थित थे। प्रदर्शनी में जिला जनसंपर्क विभाग द्वारा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रदर्शित किया गया है।  हेमा देशमुख और कलेक्टर  तारन प्रकाश सिन्हा ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। महापौर  हेमा देशमुख ने कहा कि हमारे प्रदेश के मुखिया  भूपेश बघेल का आज 3 वर्ष पूरा हुआ है। हमारे सरकार के 3 साल बेमिसाल में हर क्षेत्र में कार्य हुआ है। हमारे मुखिया ने गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को पूरा किया। उन्होंने कहा कि अब हम कहते हैं गढ़हत हन छत्तीसगढ़। आज हम छत्तीसगढ़ गढ़ रहे हैं। शासन बच्चों के पोषण के क्षेत्र में, किसान के आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए कार्य कर रही है। किसानों की खुशहाली के लिए राजीव गांधी किसान न्याय योजना, बच्चों को अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा उपलब्ध कराने स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, नागरिकों को रोजगार देने, गोधन न्याय योजना, बिजली बिल हॉफ, जल जीवन मिशन योजना के तहत सभी को घर तक पानी, सड़क, रोका छेका अभियान के तहत किसानों को लाभ देने जैसे नये आयाम शासन रख रही है। आज 3 साल में छत्तीसगढ़ की आर्थिक स्थिति मजबूत हो गई है। कुपोषण दूर हो रहा है। राष्ट्रीय स्तर पर मनरेगा, स्वच्छता तथा अन्य अनेक क्षेत्र में उत्कृष्ट सम्मान मिले हैं। उन्होंने शासन के 3 वर्ष पूरा होने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

कलेक्टर  तारन प्रकाश सिन्हा ने कहा कि राज्य शासन के 3 साल पूरा होने के उपलक्ष्य में आयोजित फोटो प्रदर्शनी में प्रदेश की उपलब्धियों के साथ ही जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से जिले में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की जानकारी दी गई है। इस फोटो प्रदर्शनी में शासन के महत्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। जिससे जनसामान्य लाभान्वित होंगे। बिजली बिल हॉफ योजना के अंतर्गत 40 लाख उपभोक्ताओं को 2145 करोड़ रूपए की राहत मिली है। मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत जिले में व्यापक रूप से वृक्षारोपण किया जा रहा है। वहीं समर्थन मूल्य पर लघुवनोपज की खरीदी से वनवासियों को लाभ मिला है तथा शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर कोदो, कुटकी और रागी भी खरीदा जा रहा है। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का विवरण पुस्तिका एवं पाम्पलेट के रूप में दिया जा रहा है। जिसे पढ़कर नागरिक योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर लाभ ले सके।

शासन की शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं उपलब्धियों को जनसामान्य तक पहुंचाने के उद्देश्य से फोटो प्रदर्शनी लगाई गई है। प्रदर्शनी में राज्य शासन द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी के साथ ही जिला स्तर पर हुए विकास कार्यों के फोटो को संकलित कर संजोया गया है। इस अवसर पर आए नागरिकों ने प्रदर्शनी देखकर प्रशंसा की तथा छत्तीसगढ़ जनमन पत्रिका, आदिवासी सबसे आगे, ऐतिहासिक जीत को सलाम और शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के संबंध में पाम्पलेट से जानकारी प्राप्त कर खुशी जाहिर की। इस अवसर पर पार्षद  संतोष पिल्ले,  विनय झा,  चम्पू गुप्ता,  गणेश पवार,  अरविन्द्र वर्मा,  प्रभात गुप्ता, अपर कलेक्टर  सीएल मारकण्डेय, उप संचालक जनसंपर्क डॉ. उषा किरण बड़ाईक, सहायक सूचना अधिकारी  निखलेश देवांगन,  विदेशी लाल परजा,  प्रवीण रंगारी,  मच्छेन्द्र महाले,  आनंद सागर चतुर्वेदी,  भूपेन्द्र साहू,   विजय उजवने  सहित नागरिक उपस्थित थे।

रायपुर /शौर्यपथ/

राज्य सरकार के तीन वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर राजधानी रायपुर के ऐतिहासिक ‘‘बूढ़ातालाब स्वामी विवेकानंद सरोवर‘‘ उद्यान परिसर में जनसम्पर्क विभाग द्वारा तीन दिवसीय विकास प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। ’बात है अभिमान के, छत्तीसगढ़िया स्वाभिमान के’ थीम पर आधारित प्रदर्शनी का शुभारंभ आज राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ किरणमयी नायक ने किया। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  मयंक चतुर्वेदी, नगर निगम रायपुर के अपर आयुक्त  सुनील चंद्रवंशी,  कुलेश्वर साहू सहित गणमान्य उपस्थित थे।

छायाचित्र प्रदर्शनी के अवलोकन के बाद डॉ नायक ने कहा कि राज्य सरकार आम नागरिकों के व्यापक हित और विकास के लिए अनेक विकासपरक और जनसुविधा उपलब्ध करा रही है। ऐसी प्रदर्शनी आम नागरिकों के लिए काफी उपयोगी साबित होगी।

 यह प्रदर्शनी आम नागरिकों के लिए 19 दिसंबर तक निःशुल्क खुले रहेगी। इस प्रदर्शनी में राज्य सरकार के तीन वर्ष के उपलब्धियों, विकास कार्याे और योजनाओं को छायाचित्रों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। इसी तरह रायपुर जिले के विकासखण्ड स्तरों पर भी विकासपरक योजनाओं से संबंधित एक दिवसीय छायाचित्र प्रदर्शनियों का आयोजन किया जा रहा है।

इसी तरह प्रदर्शनी के साथ ही नगरीय निकाय और जिला पंचायत के माध्यम से स्व-सहायता समूह के महिलाओं के द्वारा बनायी गई विविध सामग्रियां प्रदर्शित की गई है।  नायक ने इन महिलाओं से बात की और कहा कि इनके उत्पाद पूरे देश में प्रसिद्ध हो रहे है। इस अवसर पर ‘‘बूढ़ातालाब स्वामी विवेकानंद सरोवर‘‘ उद्यान परिसर में दाई-दीदी क्लिनिक और मोबाइल मेडिकल यूनिट भी आम नागरिकों को निःशुल्क चिकित्सा सुविधाएं दे रही हैं। कोई भी महिला या नागरिक इनके माध्यम से अपने स्वास्थ्य की जांच करा सकता है तथा चिकित्सकीय परामर्श के साथ-साथ निःशुल्क दवाइयां भी प्राप्त कर सकता है।

 

बड़ी संख्या में लोगों ने देखा, गृह मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू ने किया शुभारंभ

दुर्ग /शौर्यपथ/

शासन के 3 वर्ष पूरे होने के अवसर पर राजेंद्र पार्क में लगाई गई प्रदर्शनी

शासन के 3 वर्ष पूरे होने के मौके पर जिला जनसंपर्क कार्यालय द्वारा दुर्ग के राजेंद्र पार्क मं प्रदर्शनी लगाई गई। इस मौके पर मुख्य अतिथि गृह मंत्री  ताम्रध्वज साहू ने इस प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इस मौके पर अपने संबोधन में  साहू ने कहा कि शासन ने 3 वर्षों में अनेक उपलब्धियां हासिल की है, हमने जो वायदे किए थे, उनमें से अधिकांश वायदे पूरे किए। चाहे कर्ज माफी का निर्णय हो या किसानों के फसल का उचित मूल्य देने का निर्णय हो अथवा अधोसंरचना की बेहतरी का मसला हो, हर क्षेत्र में शासन ने जन सरोकार को बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि नागरिक सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। गोधन न्याय योजना एवं अन्य योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने का कार्य किया गया है। इस मौके पर विधायक  अरुण वोरा एवं महापौर  धीरज बाकलीवाल ने भी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। अपने संबोधन में  वोरा ने कहा कि जनसंपर्क विभाग द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी में शासन की महत्वपूर्ण उपलब्धियां शामिल की गई हैं। इन सालों में अनेक कार्य हुए हैं, जिनमें चुनिंदा की झलक यहां पर दिखाई गई है। प्रदर्शनी निश्चित रूप से लोगों के लिए उपयोगी होगी। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी के साथ ही लोगों को प्रचार सामग्री भी वितरित की जा रही है। शासन की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी जा रही है। यह निश्चित रूप से लोगों की जागरूकता बढ़ाने में मदद करेगी। महापौर  धीरज बाकलीवाल ने कहा कि प्रदर्शनी निश्चित रूप से लोगों के लिए उपयोगी होगी। इसके माध्यम से अधिकाधिक लोगों को जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी मिल सकेगी। इस मौके पर बड़ी संख्या में लोगों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। लोगों ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा बहुत अच्छे कार्य किए गए हैं, जिसे बहुत सुंदर तरीके से दिखाया गया है। इस मौके पर पूर्व महापौर  आरएन वर्मा ने भी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस मौके पर अपर कलेक्टर  पद्मिनी भोई, एसडीएम  विनय पोयाम,  सौरभ शर्मा जनसंपर्क अधिकारी,  आर नटेश,  प्रदीप सिंह कंवर,  हेमलाल प्रभाकर एवं अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

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- लाईनिंग कार्य के बाद 611 हेक्टेयर क्षेत्र में रकबा में हुई वृद्धि

- 17 गांवों के किसान हो रहे लाभान्वित

- कृषकों में खुशी की लहर व्याप्त

राजनांदगांव /शौर्यपथ/

नवागांव जलाशय योजना राजनांदगांव जिले के विकासखंड खैरागढ़ ब्लाक मुख्यालय में लगभग 20 किलोमीटर दूरी पर स्थानीय नदी पर ग्राम नवागांव के समीप निर्मित है। जिसकी रूपांकित सिंचाई क्षमता 1582 हेक्टेयर है। योजना से रूपांकित सिंचाई क्षमता अनुरूप सिंचाई नहीं होने के कारण कृषकों एवं जनप्रतिनिधियों की मांग अनुरूप योजना के मुख्य नहर शाखा नहरों के जीर्णोद्वार एवं लाईनिंग कार्य प्रस्ताव शासन को प्रेषित किया गया जिसकी प्रशासकीय स्वीकृति राशि 24 करोड़ 28 लाख 29 हजार रूपए प्रदाय की गई। योजना से पूर्व कुल 9 ग्रामों में औसतन रकबा 1069 हेक्टेयर क्षेत्रों में सिंचाई होती थी। जिससे लगभग 872 कृषकों को ही सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो पा रही थी, किन्तु नहर लाईनिंग कार्य होने के बाद इस योजना से 17 ग्रामों नवागांव, तेलीटोला, चिचका, आमदनी, सिंगारघाट, धौराभाठा, सांकरा, घुघरीटोला, जंगलपुर, खैरबना, बरबसपुर, मण्डलाटोला, ईटार, भोरमपुर सुतिया, बेन्द्रीडीह, सर्रागोंदी की पूर्ण रूपंाकित सिंचाई क्षमता अनुसार रकबा 1582 हेक्टेयर क्षेत्रों में 1826 कृषकों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, साथ ही लाईनिंग कार्य होने से लगभग 98 हेक्टेयर क्षेत्र में अतिरिक्त सिंचाई अंतिम छोर ग्राम-सर्रागोंदी तक की गई। जिसमें अतिरिक्त 115 कृषकों को सिंचाई सुविधा का लाभ मिला। इस प्रकार नवागांव जलाशय के नहरों में लाईनिंग कार्य के बाद कुल 611 हेक्टेयर क्षेत्रों में सिंचाई रकबा में वृद्वि हुई है, जिससे 430 अतिरिक्त कृषकों को सिंचाई सुविधा का लाभ मिल रहा है। इस वर्ष नवागांव जलाशय योजना से कुल 17 ग्रामों में 1680 हेक्टेयर रकबे में खरीफ सिंचाई कर कुल 1941 किसानों को लाभान्वित किया गया। जिससे उस क्षेत्र के कृषकों में खुशी की लहर व्याप्त है।

 

दो एकड़ में 500 क्विंटल पपीता का उत्पादन, बिक्री से मिले 4 लाख रूपए

मनरेगा, उद्यानिकी विभाग और कृषि विज्ञान केन्द्र के अभिसरण से शुरू की पपीता की खेती, इस साल खुद के पैसे से लगाए हैं 2600 पौधे

रायपुर /शौर्यपथ/

पपीता का उत्पादन, बिक्री से मिले 4 लाख रूपए

मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गांरटी अधिनियम), उद्यानिकी विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र के अभिसरण से धान के बदले पपीता की खेती शुरू करने वाली  कुंजबाई साहू की किस्मत पपीता की एक फसल ने बदल दी है। उसके दो एकड़ खेतों में 500 क्विंटल पपीता का उत्पादन हुआ है। पपीता की गुणवत्ता ऐसी कि बिलासपुर के फल व्यवसाईयों ने खेत में खड़ी फसल ही खरीद ली। इससे कुंजबाई को चार लाख रूपए मिले। पपीता की पहली फसल के मुनाफे से उत्साहित कुंजबाई ने इस बार अपने पैसों से इसके 2600 पौधे लगाए हैं।

कुंजबाई ने इस बार अपने पैसों से इसके 2600 पौधे लगाए हैं।

बेमेतरा जिले के बाराडेरा ग्राम पंचायत के आश्रित गांव मुंगेली की श्रीमती कुंजबाई साहू चार एकड़ की सीमांत किसान है। मनरेगा तथा उद्यानिकी विभाग के अभिसरण से मिले संसाधनों और बेमेतरा कृषि विज्ञान केन्द्र के मार्गदर्शन में उन्होंने पिछले साल अपने दो एकड़ खेत में पपीते के दो हजार पौधे लगाए थे। इनसे 500 क्विंटल पपीता की पैदावार हुई, जिसे थोक फल विक्रेताओं ने आठ रूपए प्रति किलोग्राम की दर से उसके खेतों से ही खरीद लिया। पपीता के पेड़ों में फल आने के बाद उद्यानिकी विभाग की मदद से बिलासपुर के थोक फल विक्रेताओं ने उससे संपर्क किया। अच्छी फसल देखकर व्यापारियों ने तुरंत ही पूरे दो एकड़ के फल खरीद लिए। कुंजबाई को पपीता की बिक्री के लिए कहीं बाहर जाना नहीं पड़ा और घर पर ही फसल के अच्छे दाम मिल गए। इससे उत्साहित होकर उसने इस साल पपीता के 2600 पौधे लगाए हैं। कुंजबाई ने कृषि विशेषज्ञों की सलाह पर पिछले वर्ष पपीता के पौधों के बीच में अंतरवर्ती फसल के रूप में भुट्टा, कोचई और अन्य सब्जियों की भी खेती की। इससे उसे अतिरिक्त कमाई हुई।

कोचई और अन्य सब्जियों की भी खेती की। इससे उसे अतिरिक्त कमाई हुई

कुंजबाई का परिवार पहले परंपरागत रूप से धान की खेती से जीवन निर्वाह करता था। इसमें लगने वाली मेहनत और लागत की तुलना में फायदा कम होता था। कृषि विज्ञान केन्द्र बेमेतरा में सब्जी और फलों की खेती से होने वाले लाभ के संबंध में आयोजित प्रशिक्षण में शामिल होने से उसके विचार बदले। वहां विशेषज्ञों द्वारा सुझाए गए रास्ते पर चलने का निर्णय तो उसने ले लिया था, लेकिन आर्थिक रूप से सक्षम नहीं होने के कारण इसे शुरू नहीं कर पा रही थी। ग्राम पंचायत ने इस काम में उसकी सहायता की और मनरेगा के साथ उद्यानिकी विभाग की योजना का अभिसरण कर उसके दो एकड़ खेत में एक लाख 27 हजार रूपए की लागत से पपीता की खेती का प्रस्ताव स्वीकृत कराया।

कुंजबाई के खेत में जून-2020 में पपीता उद्यान का काम शुरू हुआ। मनरेगा से भूमि विकास का काम किया गया। इसमें दस मनरेगा मजदूरों को 438 मानव दिवस का रोजगार मिला, जिसके लिए 83 हजार रूपए से अधिक का मजदूरी भुगतान किया गया। कुंजबाई के परिवार को भी इसमें रोजगार मिला और 33 हजार रूपए की मजदूरी प्राप्त हुई। उद्यानिकी विभाग ने पपीता की खेती के लिए ड्रिप-इरिगेशन, खाद और पौधों की व्यवस्था की। खेत के तैयार होने के बाद  कुंजबाई ने अपने बेटे  रामखिलावन और बहू  मालती साहू के साथ कृषि विज्ञान केन्द्र के मार्गदर्शन में दो हजार पौधों का रोपण किया। वहां के वैज्ञानिकों ने उसके परिवार को पपीता की खेती की बारिकियों का प्रशिक्षण दिया। मनरेगा, उद्यानिकी विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र की सहायता से कुंजबाई के परिवार की मेहनत रंग लाई और उसकी दो एकड़ की फसल चार लाख रूपए में बिकी। आधुनिक तौर-तरीकों से खेती उसे अच्छा मुनाफा दे रही है। इससे उसका परिवार तेजी से समृद्धि का राह पर बढ़ रहा है।

गृह मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ को सीसीटीएनएस और आईसीजेएस के बेहतर क्रियान्वयन के लिए दिया अवॉर्ड

सीसीटीएनएस और आईसीजेएस में गुड प्रेक्टिस के लिए देशभर में छत्तीसगढ़ को मिला दूसरा स्थान

भारत सरकार से छत्तीसगढ़ को मिला एक और राष्ट्रीय पुरस्कार

गृह मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ को सीसीटीएनएस और आईसीजेएस के बेहतर क्रियान्वयन के लिये दिया अवॉर्ड

रायपुर /शौर्यपथ/

गृह मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ को सीसीटीएनएस और आईसीजेएस के बेहतर क्रियान्वयन के लिए दिया अवॉर्ड

मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ को सीसीटीएनएस (क्राईम एंड क्रिमिनल ट्रेकिंग नेटवर्क सिस्टम) और आईसीजेएस (Inter&operable Criminal Justice System) में बेहतर क्रियान्वयन हेतु द्वितीय पुरस्कार मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त की है ।

भारत सरकार, गृह मंत्रालय, एनसीआरबी, नई दिल्ली द्वाराGood Practices in CCTNS & ICJS पर दो दिवसीय (16-17 दिसम्बर 2021) आनलाइन कान्फ्रेंस का आयोजन किया गया, जिसमें देश के समस्त राज्य सम्मिलित हुये।ICJS योजना के अन्तर्गत फॉरेन्सिक में बेहतर क्रियान्वयन हेतु पूरे देश में छत्तीसगढ़ राज्य को दूसरा स्थान प्रदान करते हुये राष्ट्रीय पुरस्कार की घोषणा की गयी है। वहीं प्रथम स्थान उड़ीसा एवं तृतीय स्थान मध्य प्रदेश राज्य को प्रदान किया गया है।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य में सीसीटीएनएस, फोरेन्सिक, कोर्ट, अभियोजन एवं जेल को डिजिटल प्लेटफार्म पर आईसीजेएस के माध्यम से आपस में इंटीग्रेशन का कार्य पूर्ण हो गया है। राज्य फोरेन्सिक प्रयोगशाला द्वारा e-Forensic Software Application विकसित किया गया है, जिसके माध्यम से केस रजिस्ट्रेशन से लेकर रिपोर्ट तैयार करने तक की समस्त कार्यवाही अपलोड की जाती है। यह डेटा आईसीजेएस के अन्य स्तंभ को साझा किया जा रहा है।

भारत सरकार, गृह मंत्रालय, एनसीआरबी, नई दिल्ली द्वारा Inter & operable Criminal Justice System ICJS के माध्यम से सीसीटीएनएस, अभियोजन, जेल, कोर्ट एवं फोरेन्सिक एवं फिंगर प्रिंट के डिजिटल डेटा को आपस में इंट्रीगेट किया जा रहा है, ताकि उक्त सभी विभागों के डाटा आपस में साझा किया जा सके।

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