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रायपुर /शौर्यपथ/
राज्यपाल अनुसुईया उइके ने संत बाबा गुरू घासीदास की जयंती पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। राज्यपाल ने अपने शुभकामना संदेश में कहा है कि महान संत बाबा गुरू घासीदास ने मनखे-मनखे एक समान का संदेश देकर सद्मार्ग में चलने का रास्ता दिखाया। उन्होंने कहा कि समाज को एकता के सूत्र में पिरोने वाले बाबा गुरू घासीदास शांति, समरसता और सद्भावना के प्रतीक है। संत बाबा गुरू घासीदास ने समाज में व्याप्त भेदभाव एवं असमानता को दूर कर समतामूलक समाज स्थापित करने पर बल दिया। उनके उपदेश आज भी प्रासंगिक है।
रायपुर /शौर्यपथ/
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से आज यहाँ उनके निवास कार्यालय में सूरजपुर जिले से आये गुरूकुल विद्या आश्रम के सदस्यों ने सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री बघेल को उनके नेतृत्व में राज्य शासन के तीन वर्ष पूर्ण होने पर शॉल भेंट कर हार्दिक बधाई एवँ शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने उन्हें धन्यवाद दिया।
इस अवसर पर गुरुकुल के चेयरमेन डॉ. आर. के. लाल, वाइस चेयरमेन कृष्णचंद्र तिवारी, डी. डी. बैरागी, श्री उत्पल चटर्जी एवँ सदस्यगण उपस्थित थे।
बाबा गुरु घासीदास जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री ने जैतखाम में टेका मत्था: लोगों की खुशहाली के लिए मांगा आशीर्वाद
साधु, संतों और महापुरुषों के बताए मार्ग में चल रही छत्तीसगढ़ सरकार संत बाबा गुरु घासीदास की जयंती की प्रदेशवासियों को दी बधाई
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने पुस्तकालय और कम्प्यूटर के लिए 50 लाख रुपये की घोषणा की
रायपुर /शौर्यपथ/
बाबा गुरु घासीदास जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री ने जैतखाम में टेका मत्था
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 18 दिसम्बर को बाबा गुरू घासीदास की जयंती के एक दिन पूर्व राजधानी रायपुर के न्यू राजेन्द्र नगर में आयोजित सार्वजनिक गुरू घासीदास जयंती समारोह में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि मानव जाति के उत्थान में संत बाबा गुरू घासीदास जी का जीवन अनुकरणीय है। हम सभी को उनके बताए ’मनखे-मनखे एक समान’ के संदेश को जीवन में उतारने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सत्य के रास्ते में चलकर मानवता के हित में काम करना चाहिए। साधु-संतों और महापुरूषों के बताए रास्ते पर चलकर छत्तीसगढ़ सरकार के आज 3 साल पूरे हो रहे हैं। बाबा गुरुघासीदास जी का आशीर्वाद है कि उन्हें छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उनके ही आशीर्वाद से सभी लोगों के कल्याण और छत्तीसगढ़ के विकास के कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री बघेल ने यहाँ जैतखाम की पूजा अर्चना की और आरती में भाग लिया। समाज के लोगों ने मुख्यमंत्री बघेल को प्रतीक स्वरूप जैतखंभ स्मृति चिन्ह भेट किए। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर राजेन्द्र नगर स्थित सामाजिक भवन में पुस्तकालय एवं कम्प्यूटर के लिए 50 लाख रूपए देने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री बघेल ने आगे कहा कि बाबा गुरू गुरुघासीदास जी ने शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ ही समता रूपी समाज के निर्माण और सबके उत्थान की दिशा में काम किया। उनके संदेश को जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता है। छत्तीसगढ़ सरकार का प्रयास है कि सबकों समान न्याय मिले। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के अलावा अन्य प्रदेशों में भी गुरू पर्व का वातावरण बन गया है। मेरा सौभाग्य है कि मैं बाबा के आशीर्वाद से आज बाबा के दर्शन के लिए उपस्थित हो पाया हूँ। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में लक्ष्य के अनुसार धान की खरीदी चल रही है। प्रतिदिन लगभग डेढ़ लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हो रही है। धान खरीदी के मात्र 15 दिनों में ही एक चौथाई धान की खरीदी हो गई है। यह बाबा गुरुघासीदास जी की कृपा है कि प्रदेश में धान खरीदी के लिए बारदाने सहित अन्य कई संकट और चुनौतियों के बावजूद भी निर्बाध रूप से धान खरीदी हो रही है। उन्होंने कहा कि कोरोना के कारण कुछ काम जरूर प्रभावित हुए हैं। मेरे द्वारा की गई घोषणा के आधार पर बजट पास हो गया है। जो भी कार्य है वह शीघ्र प्रारंभ हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार हर समस्या के समाधान के लिए पूरी तरह तैयार हैं। सतनामी समाज के लोगों ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को गजमाला पहनाकर आत्मीय स्वागत किया।
कार्यक्रम में पंडित रविशंकर शुक्ल विश्विद्यालय के कुलपति प्रोफेसर के.के.वर्मा, गुरु घासीदास साहित्य एवं संस्कृति अकादमी के अध्यक्ष के पी खांडे, डॉ. जे. आर. सोनी, डी. एस. पात्रे, शकुन डहरिया, टामन सिंह सोनवानी, एल. एल. कोसले, एच.आर. रात्रे सहित सर्वश्री सुंदर जोगी, सुंदर लहरे, चेतन चंदेल, बबलू त्रिवेन्द्र सहित बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
रायपुर /शौर्यपथ/
सरकार को तीन वर्ष पूर्ण होने पर आज मुख्यमंत्री निवास में मंत्रियों, संसदीय सचिव एवँ विधायकगणों ने मुख्यमंत्री श्री बघेल को पुष्पगुच्छ एवँ शॉल भेंट कर बधाई एवँ शुभकामनाएं दी
तीन वर्ष पूर्ण होने
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली सरकार को तीन वर्ष पूर्ण होने पर आज मुख्यमंत्री निवास में मंत्रियों, संसदीय सचिव एवँ विधायकगणों ने मुख्यमंत्री बघेल को पुष्पगुच्छ एवँ शॉल भेंट कर बधाई एवँ शुभकामनाएं दी ।
इस अवसर पर कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, संसदीय सचिव विनोद सेवनलाल चंद्राकर, चिंतामणि महाराज, यू.डी. मिंज, विधायक बृहस्पति सिंह, ममता चंद्राकर और के.के. ध्रुव सहित मोती लाल देवांगन और आर.पी. सिंह ने मुख्यमंत्री को बधाई और शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री दूधाधारी मठ में पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवँ खुशहाली की कामना की
मुख्यमंत्री को शिवरीनारायण मंदिर से लाया गया कृष्णवट का पौधा भेंट किया गया
रायपुर /शौर्यपथ/
मुख्यमंत्री दूधाधारी मठ में पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवँ खुशहाली की कामना कीमुख्यमंत्री को शिवरीनारायण मंदिर से लाया गया कृष्णवट का पौधा भेंट किया गयामुख्यमंत्री ने कहा कि बीते तीन साल में हम सभी विपरीत परिस्थिति में एकजुट होकर सभी समस्याओं का निराकरण करने में सफल हुए
छत्तीसगढ़ सरकार के तीन वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज राजधानी रायपुर स्थित दूधाधारी मठ पहुँचे और यहां पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवँ खुशहाली की कामना की। उन्होंने मन्दिर प्रांगण में स्थित श्री राम पांचाल मंदिर में भी पूजा अर्चना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते तीन साल में हम सभी विपरीत परिस्थिति में एकजुट होकर सभी समस्याओं का निराकरण करने में सफल हुए। ऐसा कोई वर्ग नहीं जिसका सहयोग ना मिला हो, चाहे कोरोना के मामले हो या अन्य कोई भी मामला हो सभी वर्ग के लोगों का सहयोग, समर्थन और आशीर्वाद मिला है, तब जाकर आज छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय स्तर पर ऊंचाईयों को छू रहा है। सबका सहयोग मिला तभी यह संभव हो पाया। छत्तीसगढ़ में आज जो बदलाव दिखाई दे रहा है वह पूरे 2 करोड़ 80 लाख यहां के निवासियों का योगदान है और यहां के साधु, संत- महात्माओं के आशीर्वाद का परिणाम है। इस मौके पर उन्होंने सभी छत्तीसगढ़ वासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी
मुख्यमंत्री बघेल ने मंदिर परिसर में गौ पूजन कार्यक्रम में शामिल होकर गौ माता की आरती उतारी और चारा खिलाकर आशीर्वाद लिया। छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष राजेश्री महंत राम सुन्दर दास ने मुख्यमंत्री बघेल को इस मौके पर शिवरीनारायण मंदिर से लाया गया कृष्णवट का पौधा भेंट किया। ऐसी मान्यता है कि भगवान श्रीराम ने छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान इसी वट वृक्ष के पत्तों से बने दोने में माता शबरी द्वारा भेंट किये गए बेर खाये थे। इस अवसर पर वरिष्ठ विधायक श्री सत्यनारायण शर्मा, कोटमीसोनार महामंडलेश्वर सर्वेश्वर दास जी, रतनपुर महामंडलेश्वर दिव्यकान्त दास जी, सूरज निर्मलकर एवँ मठ के अन्य सदस्यगण उपस्थित थे। बघेल ने दूधाधारी मठ में राजेश्री महंत बलभद्र दास जी के समाधी स्थल पर पहुचकर उन्हें नमन किया।
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि तीन साल पहले आज ही के दिन उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में नई सरकार नेे शपथ ग्रहण लिया था। शपथ ग्रहण के तुरंत बाद यहां आकर उन्होंने भगवान राम और महंत जी से आशीर्वाद लिया था और काम-काज की शुरूआत की थी। आज 3 साल पूरे हो गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते 3 सालों में हमें किसानों, आदिवासियों, गौ माता की सेवा करने का अवसर मिला जिसका प्रतिफल है कि पूरे प्रदेश में खुशहाली और समृद्धि का वातावरण बना। चाहे किसान हो, मजदूर हो चाहे आदिवासी हो, व्यापारी हो उद्योगपति सभी वर्गों में नया उत्साह जागा है। उन्होंने कहा कि हमारे पुरखों ने जो समृद्ध छत्तीसगढ़ का सपना देखा था, उसे सच करने की दिशा में हम लगातार प्रयास कर रहे हैं । उन्हें पूरा विश्वास है कि जिस गति से विकास के कार्यों की अंजाम दे रहे हैं और इसमें बड़े बुजुर्गों का आशीर्वाद मिल रहा है, सब के सहयोग से बहुत तेजी से छत्तीसगढ़ को आगे बढ़ाने हम सफल होंगे और समृद्ध छत्तीसगढ़ का जो सपना हमारे पुरखों ने देखा था उसे पूरा करेंगे ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज राज्य में किसान वर्ग खुश है, उनकी उपज का भरपूर दाम मिल रहा है। समर्थन मूल्य में धान खरीदी लगातार हो रही है । हमने जो वादा किया था उसे पूरा किया है राह में कितनी भी अड़चनें आयी, केंद्र सरकार द्वारा अनेक अड़ंगे लगाए गए लेकिन हमने जो कहा था उसे पूरा कर रहे हैं । देश के 74 प्रतिशत लघु वनोपज की खरीदी हमारे वनांचल से हुई है। वैल्यू एडिशन का काम भी हमारे लोग कर रहे हैं, गौठान योजना हमारे यहां सफलतापूर्वक संचालित हैं । आज 7 हजार 777 गौठान पूर्ण हो चुके हैं, जिनमें गोबर खरीदी, वर्मी कंपोस्ट निर्माण का काम भी चल रहा है। उसी प्रकार राज्य में नरवा कार्यक्रम भी संचालित किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत 30 हजार नालों को पुनर्जीवित कर वाटर रिचार्जिंग का कार्य किया जा रहा है ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार से हमें इस वर्ष भी लगतार तीसरी बार स्वच्छता के क्षेत्र में प्रथम पुरस्कार मिला है। वन विभाग को 11 पुरस्कार मिले हैं, महिला बाल विकास विभाग, पंचायत विभाग और आज गृह विभाग को भी क्राइम एवं क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क में देश में दूसरा स्थान मिला है । उन्होंने कहा कि हमारी सारी योजनाएं सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ को केंद्रित कर संचालित की जा रही हैं। इसमें गरीबों के लिए चावल वितरण, रोजगार की व्यवस्था, बिजली बिल हाफ योजना का लाभ, शहरी क्षेत्रों में छोटे भूखंडों की रजिस्ट्री, पट्टा वितरण का कार्य, गांव हो या शहर हो प्रत्येक स्तर पर कार्य कर रहे हैं। शिक्षा के क्षेत्र में स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल संचालित किए जा रहे हैं। गांवों में हाट बाजार क्लिनिक योजना संचालित की जा रही है तो शहर में शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना संचालित हैं, वहीं महिलाओं के लिए दाई दीदी क्लीनिक योजना भी अलग से संचालित की जा रही है। सभी वर्गों के लिए राज्य सरकार कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी नवीन औद्योगिक नीति का ही परिणाम है कि राज्य में उद्योगों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। ऐसा कोई क्षेत्र नहीं जो हम से अछूता हो । राज्य शासन ने राम वन गमन पर्यटन परिपथ की शुरुआत की है, कौशल्या माता मंदिर के सौंदर्यीकरण का कार्य किया जा चुका है। अब शिवरीनारायण में आगामी समय से रामायण सम्मेलन करने का भी निर्णय लिया गया है। इस प्रकार से पर्यटन को भी बढ़ावा देने का कार्य शासन द्वारा किया जा रहा है। हमारी जो सांस्कृतिक धरोहर है उसे और पुष्ट करने तथा सहेजने का काम चाहे वह घोटुल का निर्माण हो, चाहे देवगुड़ी का निर्माण हो, चाहे वह आदिवासी नृत्य महोत्सव का आयोजन हो इन सब के माध्यम से सभी वर्ग को ऊपर लाने का काम छत्तीसगढ़ में हो रहा है।
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मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ के सत्याग्रहियों के त्याग और बलिदान को किया नमन
सत्याग्रहियों के परिवारजनों को किया सम्मानित
रायपुर /शौर्यपथ/
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ के सत्याग्रहियों के त्याग और बलिदान को किया नमन
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि गोवा मुक्ति संग्राम में हमारे पुरखों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। देश की आजादी की लड़ाई में छत्तीसगढ़ के लोगों ने जिस तरह योगदान दिया, उसी तरह गोवा के मुक्ति संग्राम में भी छत्तीसगढ़ के योद्धाओं ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ के अंतर्गत पूरे देश में मनाए जा रहे आजादी का अमृत महोत्सव के तहत आयोजित कार्यक्रम में गोवा मुक्ति संग्राम में शामिल हुए छत्तीसगढ़ के सत्याग्रहियों के त्याग और बलिदान को याद करते हुए उन्हें नमन किया। उन्होंने संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित इस समारोह में छत्तीसगढ़ के सत्याग्रहियों के परिवारजनों को सम्मानित भी किया ।
लड़ाई में छत्तीसगढ़ के लोगों ने जिस तरह योगदान दिया
बघेल ने आगे कहा कि गोवा से पुर्तगालियों को खदेड़ने के लिए वीर शिवाजी और सम्भाजी ने प्रयास किया आगे चलकर गोवा को मुक्त कराने के लिए डॉ.राम मनोहर लोहिया और मधुलिमिये सहित हमारे अनेक नेताओं ने भी प्रयास किया। छत्तीसगढ़ के पुरखों ने भी गोवा मुक्ति के लिए देश के लोगों के साथ अपनी भागीदारी दी। लगभग 150 सत्याग्रहियों का दल गोवा गया। इस दल में ठाकुर हरिनारायण सिंह, नंद कुमार पाठक, मोजेस मूलचंद, शरद कुमार रायजादा, बालाराम जोशी, हरि प्रसाद शर्मा, गांधी राम साहू अग्रिम पंक्ति के नेता थे। आगे चलकर सत्याग्रहियों की संख्या 530 पहुच गई। गोवा में सत्याग्रहियों ने पुर्तगालियों के अनेक प्रकार के अत्याचार और यातनाएं सहीं, गिरफ्तारियां भी दी। अंत में पुर्तगालियों के 450 साल के शासन की समाप्ति हुई।
पुर्तगालियों के 450 साल के शासन की समाप्ति हुई।
मुख्यमंत्री ने गोवा मुक्ति संग्राम में भाग लेने वाले छत्तीसगढ़ के सत्याग्रहियों में से ऐसे सत्याग्रही जिन्हें केन्द्रीय सम्मान निधि नहीं मिल रही है, उन्हें सम्मान निधि दिलाने और भूमि आबंटन करने की मांग का परीक्षण कराकर आवश्यक पहल करने के लिए आश्वस्त किया।
उन्हें सम्मान निधि दिलाने और भूमि आबंटन करने की मांग का परीक्षण कराकर
संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ के सत्याग्रहियों का गोवा मुक्ति संग्राम में भाग लेना हम सब के लिए गर्व का विषय है। छत्तीसगढ़ से इतनी दूर गोवा जाकर गोवा की आजादी के लिए संघर्ष करना हमारे लिए प्रेरणास्पद है। उन्होंने सत्याग्रहियों के योगदान को याद करते हुए नमन किया। संस्कृति सचिव श्री अन्बलगन पी. ने कहा कि छत्तीसगढ़ के सत्याग्रहियों ने देश के विभिन्न हिस्सों के एकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। यहां के सत्याग्रहियों ने अब्दुल रहमान फारूखी के नेतृत्व में गोवा मुक्ति संग्राम में भाग लिया। गोवा पहुचकर सत्याग्रहियों ने पुर्तगाली पुलिस का डटकर मुकाबला किया। उनका यह संघर्ष प्रेरणास्पद है। 1955 से शुरू हुआ यह संघर्ष लगभग 6 वर्ष तक चला। अंत में 19 दिसम्बर 1961 को गोवा भारत का अंग बना।
1955 से शुरू हुआ यह संघर्ष लगभग 6 वर्ष तक चला।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार के तीन वर्ष आज पूरा हो रहा है। ऐसे मौके पर गोवा मुक्ति संग्राम के सत्याग्रहियों के परिवारजनों को सम्मानित करने का उन्हें सौभाग्य मिल रहा है। उन्होंने कार्यक्रम में गोवा मुक्ति संग्राम के सत्याग्रही स्वर्गीय ठाकुर हरिनारायण सिंह के पुत्र आशीष सिंह ठाकुर तथा पौत्र उपमन्यु सिंह, स्वर्गीय नंद कुमार पाठक के पुत्र संजय पाठक और पुत्रवधु संध्या पाठक, स्वर्गीय श्री मोजेस मूलचंद के पुत्र मुकेश मोजेस और पुत्रवधु एलिजा शैलेष मोजेस, स्वर्गीय श्री शरद कुमार रायजादा के पुत्र शिवेन्द्र रायजादा और पुत्रवधु निशा रायजादा, स्वर्गीय बालाराम जोशी के पुत्र घनश्याम जोशी और पुत्रवधु हर्ष जोशी और स्वर्गीय गांधी राम साहू के पुत्र सुभाष चंद साहू और पौत्र आलहा राम साहू को शाल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेट कर सम्मानित किया।
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आयोग द्वारा पेगासस मामले की जांच जारी रखने के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सुनवाई की.CJI एन वी रमना, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस हिमा कोहली की बेंच ने यह सुनवाई की.
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
पेगासस मामले की जांच पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा गठित जस्टिस लोकुर आयोग नहीं करेगा. सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस लोकुर आयोग की जांच की कार्यवाही पर रोक लगाई और साथ ही नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. सुनवाई के दौरान CJI रमना ने पश्चिम बंगाल की ओर से पेश अभिषेक मनु सिंघवी से पूछा कि आपने पिछली बार कहा था कि जांच आगे नहीं बढ़ेगी. सिंघवी ने कहा कि उन्होंने ये कहा था कि वो आयोग को बता देंगे. आयोग वैधानिक बॉडी है और उसे सरकार आदेश जारी नहीं कर सकती.
आयोग द्वारा पेगासस मामले की जांच जारी रखने के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सुनवाई की.CJI एन वी रमना, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस हिमा कोहली की बेंच ने यह सुनवाई की. याचिका में जस्टिस लोकुर आयोग द्वारा जांच करने रोक लगाने की मांग की गई है. याचिकाकर्ता ने कहा है कि राज्य सरकार के जस्टिस लोकुर आयोग ने कोर्ट के आदेशों के बावजूद जांच जारी रखी है, इस पर CJI एन वी रमना ने कहा था कि पश्चिम बंगाल सरकार ने कहा था कि वो आगे नहीं बढ़ेंगे. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पेगासस मामले की जांच के लिए 27 अक्तूबर को सुप्रीम कोर्ट के रिटायर जज जस्टिस आर वी रविंद्रन की अध्यक्षता में जांच के आदेश जारी किए थे. हालांकि सुनवाई के दौरान पश्चिम बंगाल ने भरोसा दिलाया था कि वो जांच में आगे नहीं बढ़ेंगे लेकिन सुप्रीम कोर्ट के कमेटी गठित करने के आदेश के बाद जस्टिस लोकुर कमेटी ने जांच जारी रखी है. इस संबंध में आयोग ने कुछ लोगों को नोटिस भी भेजा है.इसी के खिलाफ NGO ग्लोबल विलेज फाउंडेशन ने सुप्रीम कोर्ट से सुनवाई की मांग की थी.
दरअसल पेगासस जासूसी आरोपों की जांच के लिए पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा जांच आयोग के गठन को चुनौती देने वाली याचिका दाखिल की गई थी. सुप्रीम कोर्ट ने मामले को पेगासस मामले की SIT जांच वाली याचिकाओं के साथ टैग किया था. 25 अगस्त को पश्चिम बंगाल सरकार ने अदालत को भरोसा दिलाया था कि सुप्रीम कोर्ट में मामले के लंबित रहने तक न्यायिक आयोग जांच शुरु नहीं करेगा.सुप्रीम कोर्ट ने 18 अगस्त को पेगासस जासूसी आरोपों की जांच के लिए पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा जांच आयोग के गठन को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार को नोटिस भेजकर जवाब मांगा था.सुनवाई में मुख्य न्यायाधीश एन वी रमना की अध्यक्षता वाली पीठ ने याचिका पर केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार को नोटिस जारी किया था. इस मामले में NGO ग्लोबल विलेज फाउंडेशन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी जिसमें कहा गया है कि जब सुप्रीम कोर्ट खुद इस मामले की सुनवाई कर रहा है तो आयोग का गठन क्यों किया गया? याचिका में पश्चिम बंगाल सरकार के 27 जुलाई के नोटिफिकेशन को रद्द करने की मांग की गई थी. याचिका में कमीशन पर रोक लगाने का आदेश देने की गुहार भी लगाई गई थी. याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील सौरभ मिश्रा ने पीठ से कहा था कि उन्होंने राज्य सरकार द्वारा जांच आयोग गठित करने की अधिसूचना को अधिकार क्षेत्र के आधार पर चुनौती दी है. इसमें कहा गया है कि जब सुप्रीम कोर्ट खुद इस मामले की सुनवाई कर रहा है तो ममता सरकार द्वारा आयोग का गठन क्यों किया गया?दरअसल ममता सरकार ने 27 जुलाई को अधिसूचना जारी कर पेगासस जासूसी मामले की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस मदन बी लोकुर की अध्यक्षता में एक आयोग का गठन किया था.राज्य सरकार की इस जांच कमेटी में हाईकोर्ट के दो रिटायर्ड जज भी शामिल हैं.ये कमेटी पश्चिम बंगाल में फोन हैकिंग, ट्रैकिंग और फोन रिकॉर्डिंग के आरोपों की जांच कर रही है.
लखनऊ में एक गठबंधन सहयोगी दल के साथ पहली बड़ी संयुक्त रैली को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह संबोधित करेंगे.
लखनऊ /शौर्यपथ/
अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनाव 2022 से पहले शुक्रवार को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक गठबंधन सहयोगी दल के साथ पहली बड़ी संयुक्त रैली को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह संबोधित करेंगे.
गुरुवार को ही पूर्व मुख्यमंत्री तथा समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने भी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के मद्देनज़र अपने चाचा शिवपाल यादव से रिश्तों को बहाल कर लिया, और उनकी पार्टी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के साथ गठबंधन कर लिया.
लखनऊ में शुक्रवार को होने वाली रैली का आयोजन निषाद पार्टी के डॉ संजय निषाद ने किया है, जो वर्ष 2019 में हुए लोकसभा चुनाव के समय से ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सहयोगी हैं. वर्ष 2016 में गठित हुई निषाद पार्टी की पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में, खासतौर से मल्लाह तथा निषाद समुदायों की आबादी वाले इलाकों में पकड़ है.
निषाद पार्टी पहली बार 2018 में हुए गोरखपुर लोकसभा उपचुनाव के समय चर्चा में आई थी, जब योगी आदित्यनाथ का घर मानी जाने वाली इस सीट पर निषाद पार्टी के संस्थापक के पुत्र प्रवीण निषाद ने समाजवादी पार्टी के टिकट पर बहुजन समाज पार्टी (BSP) की मुखिया मायावती के अनौपचारिक समर्थन से BJP को भौंचक्का करते हुए जीत हासिल की थी. इसी जीत ने उत्तर प्रदेश में SP और BSP के बीच गठबंधन की आधारशिला रखी थी.
हालांकि सिर्फ एक साल बाद, निषाद पार्टी ने पाला बदल लिया, और BJP के साथ आ गई. गोरखपुर की जीत के सितारे निषाद को BJP ने ने पड़ोसी संत कबीर नगर सीट से टिकट दिया, और वह जीते.
निषाद पार्टी लम्बे अरसे से यह मांग करती आ रही है, और माना जा रहा है कि लखनऊ की रैली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह इस बात का वादा कर सकते हैं कि निषाद समुदाय को अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) वर्ग के स्थान पर अनुसूचित जाति (SC) की सूची में स्थान दिया जाएगा, ताकि उन्हें आरक्षण का अधिक लाभ मिल सके.
कई सरकारें - जिनमें योगी आदित्यनाथ से लेकर अखिलेश यादव और उनके पिता मुलायम सिंह यादव की सरकारें भी शामिल रही हैं - 17 OBC जातियों को अनुसूचित जातियों की सूची में शामिल करने की कोशिश में नाकाम हो चुकी हैं, भले ही उसके पीछे कानूनी बाधाएं रही हों, या नौकरशाही से जुड़ी अड़चनें.
निषाद, मल्लाह और कुम्हार जातियां मिलकर राज्य की आबादी का कुल 10 फीसदी हिस्सा हैं.
उधर, अखिलेश यादव की रैलियों में ज़ोरदार भीड़ देखी जा रही है, और वह कई छोटे-छोटे दलों को साथ लाने की कोशिशों में जुटे नज़र आते हैं. वह पहले ही छह क्षेत्रीय दलों से गठबंधन कर चुके हैं, जिनमें उनके चाचा शिवपाल यादव भी शामिल हैं. इनके अलावा अखिलेश यादव अब तक जनवादी पार्टी (सोशलिस्ट), ओमप्रकाश राजभर की SBSP, केशवदेव मौर्य की महान दल, कृष्णा पटेल के नेतृत्व वाला अपना दल तथा जयंत चौधरी का राष्ट्रीय लोकदल से गठबंधन की घोषणा कर चुके हैं.
BJP ने अब तक निषाद पार्टी के अलावा केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल के नेतृत्व वाले अपना दल तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश की सात OBC-आधारित पार्टियों के समूह 'हिस्सेदारी मोर्चा' के साथ गठबंधन कर चुकी है.
दक्षिण अफ्रीका में मिले कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन ने दुनिया को चिंता ला दिया है. भारत में भी ओमिक्रॉन वैरिएंट के मामले अलग-अलग राज्यों में मिले हैं.
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
दक्षिण अफ्रीका में मिले कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन ने दुनिया को चिंता ला दिया है. भारत में भी ओमिक्रॉन वैरिएंट के मामले अलग-अलग राज्यों में मिले हैं. दिल्ली में ओमिक्रॉन वेरिएंट के 10 नए मामले सामने आए हैं. बता दें कि दिल्ली में गुरुवार को ही कोरोनावायरस संक्रमण के मामलों में तेजी दर्ज की गई थी.
पिछले 24 घंटे में रोना के 85 नए मामले सामने आए थे, जिसके बाद यहां सक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 14,41,935 हो गई थी. वहीं कोरोना संक्रमण दर भी बढ़कर 0.15 फीसदी हो गई थी. पिछले पांच महीनों में नए मामले और संक्रमण की दर सबसे ज्यादा दर्ज की गई थी. इससे पहले 8 जुलाई को 93 नए मामले सामने आए थे जबकि उस दिन संक्रमण दर 0.15 फीसदी थी.
बता दें कि देश के अलग-अलग राज्यों में गुरुवार को कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के कुल 14 नए मामले सामने आए थे. गुरुवार को कर्नाटक में ओमिक्रॉन के पांच मामले दर्ज किए गए थे, जबकि दिल्ली और तेलंगाना में चार-चार केस सामने आए थे.
गुजरात में एक मामला सामने आया था. कर्नाटक में कोरोना वायरस के नये स्वरूप ओमिक्रॉन के पांच नये मामले आने के साथ ही इससे संक्रमित लोगों की संख्या आठ हो गई थी. बता दें कि कोरोना के इस नए वेरिएंट के खिलाफ डब्ल्यूएचओ ने चेतावनी दी है. यह वेरिएंट बहुत तेजी से फैलता और वैक्सीन के असर को कम कर सकता है. इसके बाद चिंताएं और बढ़ गई हैं.
रायपुर /शौर्यपथ/
गुरु घासीदास जयंती कार्यक्रम
आयोजित गुरु घासीदास जयंती कार्यक्रम में शामिल हु
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल न्यू राजेन्द्र नगर में आयोजित गुरु घासीदास जयंती कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने वहां जैतखाम की आरती एवं पूजा अर्चना की और बाबा गुरु घासीदास के चित्र पर माल्यार्पण कर प्रदेश की समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में पहुंचने पर पंथी नर्तक दल द्वारा उनका भव्य स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने न्यू राजेन्द्र नगर स्थित गुरुघासी दास साहित्य एवँ संस्कृति अकादमी की लाइब्रेरी एवँ कम्प्यूटर खरीदी के लिए 50 लाख रुपये की घोषणा की।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
