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रायपुर /शौर्यपथ/
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में आयोजित गोधन न्याय योजना के राशि अंतरण कार्यक्रम में पशुपालक ग्रामीणों, गौठानों से जुड़ी महिला समूहों और गौठान समितियों को 5 करोड़ 37 लाख रूपए की राशि ऑनलाइन जारी की। इस राशि में 16 दिसम्बर से 31 दिसम्बर 2021 तक राज्य के गौठानों में पशुपालक ग्रामीणों, किसानों, भूमिहीनों से गोधन न्याय योजना के तहत क्रय किए गए गोबर के एवज में 2 करोड़ 78 लाख रूपए का भुगतान तथा गौठान समितियों को एक करोड़ 70 लाख और महिला समूहों को 89 लाख रूपए की लाभांश राशि शामिल है। गोबर विक्रेताओं को आज जारी की गई राशि को मिलाकर अब तक उन्हें 119.41 करोड़ रूपए की राशि का भुगतान किया जा चुका है। इसी तरह गौठान समितियों को अब तक 42.73 करोड़ रूपए तथा महिला स्व-सहायता समूहों 27.99 करोड़ रूपए राशि लाभांश के रूप में दी जा चुकी है।
इस अवसर पर कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा, विनोद वर्मा और श्री राजेश तिवारी, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव रेणु जी पिल्ले और सुब्रत साहू, प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला, कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. कमलप्रीत सिंह, गोधन न्याय योजना के नोडल अधिकारी डॉ. एस. भारतीदासन सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
बेमेतरा /शौर्यपथ/
जिले को वर्ष 2021-22 के लिए 85977 परिवारो का घरेलू नलजल कलेक्शन प्रदाय करने हेतु लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिसमे 209 रेट्रेफिटिंग योजना एवं 251 एकल ग्राम योजना से पूर्ण किया जाना है 08 दिसम्बर 2021 के पश्चात् प्राप्त 23 योजनाओं की लागत रू. 2993.50 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति का अनुमोदन किया गया, अभी तक 215 रेट्रोफिटिंग योजना के अंतर्गत 44515 एफएचटीसी एवं 354 एकल ग्राम योजना के अंतर्गत 70394 एफएचटीसी की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त की जा चुकी है। प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त योजनाओं में से 215 रेट्रोफिटिंग योजना एवं 140 एकल ग्राम योजना की निविदा जारी की गई। तथा अभी तक 265 निविदाओं के ग्राम 202 के 202 रेट्रोफिटिंग योजना 135 ग्राम के 138 योजना में कुल 65252 एफएचटीसी हेतु राशि रू. 181.33 करोड़ के कार्यादेश जारी किये गये, शेष निविदा प्रक्रियाधीन है।
8 दिसम्बर 2021 के पश्चात् प्राप्त 23 एकल ग्राम योजनाओं की लागत रू. 2993.50 लाख की प्रशासकीय स्वीकृत का अनुमोदन हेतु समिति को अवगत कराया गया। सदस्य सचिव द्वारा अवगत कराया गया है कि जिले के शालाओं, आंगनबाड़ी केन्द्रों, आश्रमों एवं स्वास्थ्य केन्द्रों में रनिंग वाटर का कार्य पूर्ण कराकर कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र, उपयोगिता प्रमाण पत्र, फोटोग्राॅफ्स, इत्यादि के साथ जिला जल एवं स्वच्छता मिशन से आवश्यक स्वीकृत राशि की मांग किये जाने हेतु समिति को अवगत कराया गया। सदस्य सचिव द्वारा 01 अप्रैल 2021 से 29 दिसम्बर 2021 तक विभिन्न मदों में प्राप्त आबंटन एवं व्यय की जानकारी से समिति को अवगत कराया गया।
बेमेतरा /शौर्यपथ/
बेमेतरा जिला अन्तर्गत कोविड-19 एवं नये वेरियन्ट ओमिक्रान के संक्रमण के नियंत्रण एवं रोकथाम को ध्यान मे रखते हुए जिले मे स्थित समस्त सभी डीजल पेट्रोल पम्पों, व्यापारिक/व्यवसायिक केन्द्रों व मदिरा दुकानों मे कार्यरत कर्मचारियों एवं उक्त संस्थानों मे आने वाले ग्राहकों के द्वारा मास्क/फेस कव्हर लगाया जाना अनिवार्य किया गया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी विलास भोसकर संदीपान द्वारा इस आशय का आदेश जारी किया गया है। आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित संस्थान/व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर विधि सम्मत कार्यवाही की जायेगी।
देश में कोरोना के नए मामलों में संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है. दिल्ली, मुंबई और देश के अन्य बड़े शहरों में कोरोना के मामलों में भारी उछाल देखा गया है, इसमें नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के मामले भी शामिल हैं. अब तक देश के 26 राज्यों में ओमिक्रॉन के मामले सामने आए हैं. देश में गुरुवार को कोरोना के 90,928 नए केस दर्ज किए गए जो कि 200 दिनों में सर्वाधिक हैं.
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
देश में कोरोना के नए मामलों में संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है. दिल्ली, मुंबई और देश के अन्य बड़े शहरों में कोरोना के मामलों में भारी उछाल देखा गया है, इसमें नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के मामले भी शामिल हैं. अब तक देश के 26 राज्यों में ओमिक्रॉन के मामले सामने आए हैं. देश में गुरुवार को कोरोना के 90,928 नए केस दर्ज किए गए जो कि 200 दिनों में सर्वाधिक हैं.
मामले से जुड़ी 10 खास बातें...
देश में 24 घंटे में कोरोना के 495 मामले आए. ओमिक्रॉन वेरिएंट के भारत में कुल मामले बढ़कर 2,630 हो गए हैं. हालांकि, अब तक 995 मरीज ठीक हो चुके हैं. कोरोना का यह नया वेरिएंट 26 राज्यों में पांव पसार चुका है. दिल्ली (465) और महाराष्ट्र (797) में ओमिक्रॉन के सबसे ज्यादा मामले अब तक सामने आए हैं.
वर्ष की शुरुआत से देश में रोजाना के कोरोना के मामलों में लगभग चार गुना इजाफा हुआ है.देश में गुरुवार को कोरोना के 90,928 नए केस दर्ज किए गए. एक दिन पहले यानी बुधवार को देश में कोरोना के 58,097 केस दर्ज हुए थे.
दिल्ली और मुंबई के अलावा कोलकाता, चेन्न्नई और बेंगलुरू में भी कोरोना के मामलों की बढ़ती संख्या चिंता का विषय बनी हुई है.
मुंबई में बुधवार को कोरोना के 15,166 मामले सामने आए थे, यह संख्या पिछले साल की अधिकतम संख्या (11000) से भी ज्यादा है. करीब 90 फीसदी नए मरीजों को कोई लक्षण नहीं दिखे जबकि केवल 8 फीसदी को अस्पताल में भर्ती कराने की नौबत आई.
देश की राजधानी दिल्ली में बुधवार को कोविड केसों की संख्या एक दिन पहले की तुलना में करीब दोगुनी हो गई. दिल्ली में बुधवार को 10,665 केस दर्ज हुए. हालांकि राहत यह रही कि कम मरीजों को ही अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत पड़ रही है.
कुछ दिन पहले तक पश्चिम बंगाल में कोरोना के नए केसों में से आधे राजधानी कोलकाता से आ रहे थे लेनि आसपास के जिलों में भी अब केस तेजी से बढ़ रहे हैं.
पश्चिम बंगाल में स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक अजय चक्रबर्ती ने कहा, 'हम आसपास के जिलों और ग्रामीण इलाकों की स्थिति पर नजर जमाए हैं जहां केसों की संख्या बढ़ रहे हैं. '
कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण के लिए देश के कई प्रमुख शहरों में नाइट कर्फ्यू और वीकेंड लॉकडाउन लागू किया गया है. स्कूलों को बंद कर दिया गया है हालांकि कई राज्यों में चुनावी रैलियां जारी है, यहां अगले कुछ माह में विधानसभा चुनाव होने हैं.
कोरोना के नए मामलों में भारी उछाल के मुकाबले ठीक होने वाले मरीजों की कम संख्या से देश में एक्टिव केस भी तेजी से बढ़ रहे हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, एक्टिव केस की संख्या बढ़कर 2,85,401 हो गई है अर्थात् 2,85,401 मरीजों का कोरोना का इलाज चल रहा है.
देशव्यापी वैक्सीनेशन अभियान के तहत, अब तक लोगों को वैक्सीन की कुल 1,48,67,80,227 खुराकें दी जा चुकी हैं. इसमें पिछले 24 घंटे में दिए गए 91,25,099 डोज भी शामिल हैं. बुधवार के दौरान 14,13,030 टेस्ट किए गए.
वरिष्ठ वकील मनिंदर सिंह ने प्रधानमंत्री की सुरक्षा में हुई चूक का मामला मुख्य न्यायाधीश की बेंच के सामने उठाया है. सिंह ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि इस तरह की घटना भविष्य में दोबारा ना हो.
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
पंजाब में PM मोदी की सुरक्षा में हुई चूक का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. गुरुवार को इस संबंध में एक याचिका डालकर शीर्ष अदालत से पीएम की सुरक्षा में चूक की गहन जांच की मांग की गई है. सुप्रीम कोर्ट मामले में सुनवाई को तैयार हो गया है. शुक्रवार को मामले की सुनवाई होगी. मुख्य न्यायधीश एन वी रमना ने याचिकाकर्ता से कहा कि वह केंद्र और पंजाब सरकार को याचिका की कॉपी सौंपें. उधर प्रधानमंत्री के दौरे में हुई सुरक्षा चूक की जांच के लिए पंजाब सरकार ने उच्चस्तरीय टीम का गठन किया है. जांच टीम तीन दिन में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी.
बता दें कि लॉयर्स वॉयस संगठन की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील मनिंदर सिंह ने प्रधानमंत्री की सुरक्षा में हुई चूक का मामला मुख्य न्यायाधीश की बेंच के सामने उठाया है. सिंह ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि इस तरह की घटना भविष्य में दोबारा ना हो.
याचिका में पंजाब के बठिंडा में पीएम के काफिले को रोकने में सुरक्षा उल्लंघन की गहन जांच की मांग की गई है. वहीं, पीएम की यात्रा के लिए पुलिस बंदोबस्त से संबंधित सभी सबूतों को बठिंडा जिला जज को अपने कब्जे में लेने का निर्देश देने की मांग भी की गई है.
याचिका में ये भी कहा गया है कि प्रोटोकॉल के अनुसार, मुख्य सचिव और DGP या उनके नामांकित अफसरों के लिए कार निर्धारित की जाती है और उन्हें काफिले में शामिल होना चाहिए. हालांकि, रिपोर्टों के अनुसार, प्रधानमंत्री के आने के दौरान न तो मुख्य सचिव/प्रतिनिधि और न ही डीजी/प्रतिनिधि काफिले में शामिल हुए. घटनाओं से यह स्पष्ट है कि निजी व्यक्तियों को प्रधान मंत्री के मार्ग तक पहुंच प्रदान की गई थी. अन्य व्यक्तियों को नाकाबंदी में शामिल होने के लिए उकसाया गया था, जो राज्य तंत्र और राजनीतिक प्रतिष्ठान द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा के गंभीर और अक्षम्य उल्लंघन का संकेत देता है.
याचिका में क्या-क्या कहा गया है
याचिका में कहा गया है कि पंजाब राज्य के सचिव और पुलिस महानिदेशक ने विशेष सुरक्षा समूह को आश्वासन दिया कि रास्ता साफ है. यह पाया गया कि यह सच नहीं था जिसके परिणामस्वरूप एक अनिश्चित स्थिति पैदा हुई. यह निवेदन है कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चूक पंजाब पुलिस की मिलीभगत से स्पष्ट रूप से हुई थी.
यह केवल पंजाब सरकार थी जो प्रधान मंत्री के सटीक मार्ग को जानती थी जिसे उच्च सुरक्षा कारणों से कभी साझा नहीं किया जाता. यह बताया गया है कि हाल के वर्षों में किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री की सुरक्षा में यह सबसे बड़ी चूक हो सकती है. प्रधानमंत्री की सुरक्षा सुनिश्चित करने की समग्र जिम्मेदारी राज्य सरकार की है और निकटवर्ती सुरक्षा प्रदान करने की जिम्मेदारी एसपीजी अधिनियम 1988 के अनुसार विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) की होगी.
इसके विपरीत, क्या चौंकाने वाला था कि मौके पर मौजूद स्थानीय पुलिस कर्मियों को उन हुड़दंगियों के साथ भाग लेते देखा गया, जिन्होंने प्रधानमंत्री की सुरक्षा को खतरे में डाला था. घटनाओं का क्रम और ऊपर वर्णित तथ्य स्पष्ट रूप से इंगित करते हैं कि राज्य सरकार और राज्य पुलिस प्रधान मंत्री के लिए प्रभावी सुरक्षा प्रदान करने में पूरी तरह से विफल रही है.
राजनीति /शौर्यपथ/
कांग्रेस नेता श्रीनिवास बीवी ने अपने 'हाउज द जोश' ट्वीट पर सफाई देते हुए कहा कि वह उनका ट्वीट सुरक्षा में चूक के बारे में मजाक नहीं था.
पंजाब दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक के मामले में राजनीतिक संग्राम छिड़ गया है. बीजेपी ने प्रधानमंत्री मोदी की सुरक्षा में चूक की घटना को "साजिश" करार देते हुए पंजाब की कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं.
कांग्रेस ने इस पर चुटकी ली, जिसमें कांग्रेस के एक नेता का विवादित ट्वीट 'How's the Josh' भी शामिल था. इस ट्वीट पर केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ बीजेपी नेता स्मृति ईरानी ने तीखी प्रतिक्रिया दी.
यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास बीवी ने फिल्म "उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक" के एक लोकप्रिय डायलॉग का हवाला देते हुए अपने पोस्ट में लिखा, "मोदीजी, हाउज द जोश?"
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने बुधवार को संवाददाताओं से कहा, "किस बात का उत्सव है उनका... किस बात का जोश है... देश के प्रधानमंत्री को मौत की कगार पर ले गए थे."
उन्होंने सवाल किया, ‘‘किस बात का इंतजार कर रही थी कांग्रेस की सरकार पंजाब में? शायद इसीलिए लौटते वक्त प्रधानमंत्री ने चन्नी जी (मुख्यमंत्री) के लिए संदेश दिया कि ‘जिंदा लौट रहा हूं'.''
दुर्ग भिलाई /शौर्यपथ/
दुर्ग जिले के रिसाली में भी कांग्रेस की शहर सरकार बन गई है। पार्षदों ने वार्ड-9 से पार्षद चुनी गईं शशि सिन्हा शहर की नई मेयर होंगी। इसके साथ ही सभापति पद के लिए केशव बंछोर काे चुना गया है। शशि सिन्हा पहली बार जीत कर आई हैं, जबकि केशव तीन बार के पार्षद हैं। ।
महापौर पद के लिए 3 उम्मीदवारों और अध्यक्ष पद के लिए 2 प्रत्याशियों ने नामांकन किया था। मेयर पद के लिए निर्दलीय सुनंदा चंद्राकर, भाजपा से रमा साहू और कांग्रेस से शशि सिन्हा दावेदार थीं। जबकि अध्यक्ष पद के लिए भाजपा से धर्मेंद्र भगत और कांग्रेस से केशव बंछोर दावेदार थे। कांग्रेस उम्मीदवार शशि सिन्हा को 27 वोट मिले, जबकि भाजपा की रमा साहू को महज 9 और निर्दलीय सुनंदा चंद्राकर को 4 वोट से संतोष करना पड़ा। वहीं अध्यक्ष के लिए कांग्रेस को 27 और भाजपा को 13 वोट मिले।
इससे पहले निगम के पहले चुनाव में नव निर्वाचित पार्षदों ने बुधवार सुबह अपने पद और गोपनीयता की शपथ ली। निर्वाचन अधिकारी डॉ. एसएन भुरे ने कोविड प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए पांच-पांच पार्षदों को शपथ दिलवाई। शपथ ग्रहण कार्यक्रम पूरा होने के बाद कांग्रेसी पार्षद गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू के साथ निकल गए थे। थोड़ी देर बाद लौटे तो मेयर और सभापति पद के लिए नामांकन की प्रक्रिया को पूरा किया गया।
भिलाई से अलग होकर पहली बार अस्तित्व में आए 40 सीटों वाले इस निगम में कांग्रेस 21 सीटों के साथ पूर्ण बहुमत में है। जबकि सात में से पांच निर्दलीय भी साथ होने का दावा कांग्रेस ने किया था। वहीं दूसरी ओर बीजेपी सांसद विजय बघेल ने कहा था कि कांग्रेस के पास पूर्ण बहुमत है इसके बाद भी वह निर्दलियों का सहारा ले रही है। कांग्रेस को अपने ही पार्षदों पर विश्वास नहीं है। इसीलिए वह उन्हें लेकर अज्ञातवास में घूम रही है। उनको पूरे घेराबंदी के साथ ही शपथ ग्रहण में ले जाया जा रहा है। यह पार्षदों का अपमान है।
भाजपा नेताओं का कहना था कि वह अपना प्रत्याशी खड़ा करेगी और नॉकआउट नहीं करेगी। बीजेपी की बात करें तो उसके पास अभी 15 पार्षद ही हैं। उसे बहुमत का आंकड़ा छूने के लिए 6 पार्षदों की और जरूरत पड़ेगी। रिसाली नगर निगम में महापौर और सभापति पद अन्य पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित किया गया है।
देश में सबसे कम बेरोजगारी वाले राज्यों में प्रदेश चौथे क्रम पर
सीएमआईई ने जारी किये आंकड़े : छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी दर मात्र 2.1 प्रतिशत, जबकि देश में 7.7 प्रतिशत
रायपुर /शौर्यपथ/
सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनॉमी संगठन द्वारा हाल ही में जारी किये गये बेरोजगारी के आंकड़ों ने एक बार फिर विकास के छत्तीसगढ़ मॉडल की सफलता का परचम बुलंद कर दिया है। आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ 2.1 प्रतिशत के साथ देश में सबसे कम बेरोजगारी वाले राज्यों में चौथे क्रम पर आया है। दिसंबर 2021 की स्थिति के अध्ययन के बाद सीएमआईई द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार देश में सबसे कम बेरोजगारी दर कर्नाटक में 1.4 प्रतिशत और सर्वाधिक बेरोजगारी दर हरियाणा में 34.1 प्रतिशत बताई गई है।
छत्तीसगढ़ ने समावेशी विकास का लक्ष्य निर्धारित करते हुए तीन साल पहले महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज्य की परिकल्पना के अनुरूप नया मॉडल अपनाया था, जिसके तहत गांवों और शहरों के बीच आर्थिक परस्परता बढ़ाने पर जोर दिया गया है। इसी मॉडल के अंतर्गत गांवों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए सुराजी गांव योजना, नरवा-गरवा-घुरवा-बारी कार्यक्रम, गोधन न्याय योजना, राजीव गांधी किसान न्याय योजना, राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना, रूरल इंडस्ट्रीयल पार्कों की स्थापना, लघु वनोपजों के संग्रहण एवं वैल्यू एडीशन, उद्यमिता विकास जैसी योजनाओं और कार्यक्रमों का क्रियान्वयन किया जा रहा है। कोरोना की पहली और दूसरी लहर के दौरान भी देशव्यापी आर्थिक मंदी से छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था अछूती रही। तब भी छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी दर पूरी तरह नियंत्रित रही। अब नये आंकड़ों के मुताबिक जहां देश में बेरोजगारी दर में लगातार चिंताजनक उछाल है, वहीं छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी दर केवल 2.1 प्रतिशत है।
नये आंकड़ों के मुताबिक गुजरात 1.6 प्रतिशत के साथ कम बेरोजगारी वाला दूसरा राज्य है, जबकि पड़ोसी ओड़िशा 1.6 प्रतिशत के साथ तीसरे क्रम पर एवं मध्यप्रदेश 3.4 प्रतिशत के साथ 07 वें क्रम पर है। उत्तरप्रदेश में 4.9 प्रतिशत की बेराजगारी दर है। असम 5.8 प्रतिशत के साथ 12 वें क्रम पर है। राजस्थान में 27.1 प्रतिशत, झारखंड में 17.3 और बिहार में 16 प्रतिशत बेरोजगारी की दर रही है।
रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल जनवरी 2021 की स्थिति में देश में बेरोजगारी दर 6.52 फीसदी थी जिसमें शहरी बेरोजगारी 8.9 प्रतिशत और ग्रामीण बेरोजगारी 5.81 प्रतिशत थी, वहीं दिसंबर 2021 की स्थिति में देश में बेरोजगारी की दर 7.7 प्रतिशत रही जिसमें शहरी बेरोजगारी 9.1 प्रतिशत और ग्रामीण बेरोजगारी 7.1 प्रतिशत रही।
सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनॉमी संगठन 45 वर्षों से भारतीय अर्थव्यवस्था विदेशी मुद्रा, कृषि, उद्योग आदि क्षेत्रों में सतत अध्ययन करके डेटाबेस का निर्माण करता आया है और इसके द्वारा जारी आंकड़ों को प्रामाणिक माना जाता है।
दुर्ग /शौर्यपथ/
दुर्ग जिले में भी कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। मंगलवार को यहां सबसे अधिक 90 कोरोना संक्रमित पाए गए। एक ही दन में शतक के करीब आंकड़ा पहुंचने से यहां के हालात चिंताजनक हो गए हैं। कलेक्टर ने जिले में धारा 144 लगा दी है। यहां सभी निजी और सार्वजनिक आयोजनों में बंदिशें लगा दी गई हैं। साथ ही दूसरे राज्यों से आने वाले सभी लोगों का कोरोना टेस्ट अनिवार्य किया गया है।
दूसरी लहर के बाद 4 जनवरी को दुर्ग जिले में महज 1940 की जांच में अब तक के सबसे ज्यादा केस आए हैं। 2 और 3 जनवरी को जो यहां का आंकड़ा 33 और 43 पर था, वह बढ़कर मंगलवार को 90 पहुंच गया। इसके साथ ही यहां संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 237 पहुंच गई है। वहीं पॉजीटिविटी रेट 4.81 दर्ज किया गया। जिले के डॉक्टर भी अब तीसरी लहर की बात कहने लगे हैं।
इन इलाकों से मिले मरीज
वैशालीनगर, आदर्श नगर दुर्ग, शांतिनगर, सुपेला, मोहन नगर दुर्ग, हुडको, सीआईएसएफ उतई, सेक्टर-4, कुबेर इन्क्लेव, आनंद नगर दुर्ग, फरीदनगर, कुरुद स्थित कॉलेज के हॉस्टल में, रामनगर मुक्तिधाम, बटंग, दल्लीराजहरा, पावर हाउस, दशहरा मैदान भिलाई, कैंप-1, सेक्टर-5, जवाहर नगर, आदर्श नगर दुर्ग, सेक्टर-1, कोहका पुरानी बस्ती, भटगांव, रिसाली एनएसपीसीएल, पदुमनगर भिलाई-3, सुभाष चौक भिलाई-3 चरोदा, ब्राम्हणपारा दुर्ग, पंचशील सोसाइटी दुर्ग, सीआईएसएफ आरटीसी, बैकुंठधाम पावर हाउस में कोरोना मरीज मिले हैं।
सभी जिलों में जुलूस, रैलियों, पब्लिक गैदरिंग, सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और खेल आयोजनों पर लगाई जाए रोक
चार प्रतिशत या अधिक पॉजिटिव रेट वाले जिलों में सभी स्कूलों, आंगनबाड़ी केन्द्रों, पुस्तकालयों, स्वीमिंग पूल और सार्वजनिक स्थानों को बंद रखा जाए: रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक रात्रिकालीन क्लैम्प डाउन लगाएं
सार्वजनिक स्थानों, भीड़-भाड़ वाले बाजारों और दुकानों में संक्रमण से बचाव के लिए मास्क के उपयोग को सख्ती से लागू करें
सभी एयरपोर्ट पर आरटीपीसीआर जांच अनिवार्य की जाए
सभी रेल्वे स्टेशनों और राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण की रेन्डम टेस्टिंग के निर्देश
आवश्यतानुसार माइक्रो और मिनी कंटेनमेन्ट जोन बनाएं
होम आईसोलेशन वाले मरीजों के लिए सप्ताह में सातों दिन 24 घंटे कॉल सेंटर्स संचालित हों
कोविड-19 संक्रमण के नियंत्रण के लिए निजी डॉक्टरों, निजी अस्पतालों, एनजीओ, मीडिया प्रतिनिधियों के साथ आयोजित की जाएं बैठकें
हॉस्पिटल बेड, दवाईयों के स्टॉक, पीएसए प्लांट्स और ऑक्सीजन की उपलब्धता की डेली रिपोर्टिंग के निर्देश
चार प्रतिशत या अधिक पॉजिटिव रेट वाले स्थानों में मॉल, सिनेमा, स्वीमिंग पूल, मेरिज पैलेस, होटल, रेस्टोरेंट, ऑडिटोरियम पर प्रतिबंध लगाने और अन्य जिलों में एक तिहाई क्षमता से संचालित करने के निर्देश
रायपुर /शौर्यपथ/
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश मेें कोविड-19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए सभी कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए कोविड-19 गाइडलाईन के तहत सख्ती से हर संभव उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि हमारा मुख्य उद्देश्य कोविड-19 संक्रमण और इससे संबंधित रिस्क को सीमित करना है, न कि आर्थिक गतिविधियों को धीमा करना।
इस संबंध में जारी निर्देश में कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों से कहा गया है कि प्रदेश के ऐसे जिले जहां पॉजिटिव रेट 4 प्रतिशत या इससे अधिक है, वहां रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक रात्रिकालीन क्लैम्प डाउन लगाया जाए और नॉन कमर्शियल गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगाई जाए। इसके लिए जहां जरूरी हो वहां धारा 144 तथा महामारी अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाए, जिन जिलों में पॉजिटिव रेट 4 प्रतिशत से ज्यादा है, वहां सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केन्द्रों, पुस्तकालयों, स्वीमिंग पूल और ऐसे सार्वजनिक स्थानों को बंद रखा जाए। ऐसे जिले जहां बीते 7 दिनों में कोरोना पॉजिटिविटी रेट 4ः से कम है, वहां कलेक्टर अन्य जिलो के प्रावधान लागू कर सकेंगे।
सभी जिलों में जुलूसों, रैलियों, पब्लिक गैदरिंग, सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और खेल आयोजनों पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए गए हैं। जहां जरूरी हो वहां धारा 144 तथा महामारी अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई करने को कहा गया है।
सभी कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों से कहा गया है कि कोविड-19 संक्रमण के नियंत्रण के लिए निजी डॉक्टरों, निजी अस्पतालों, एनजीओ, मीडिया प्रतिनिधियों के साथ बैठकें आयोजित की जाएं। कोरोना संक्रमण नियंत्रण के उपायों का स्थानीय प्रचार माध्यमों में प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए और नकारात्मक तथा असत्य खबरों पर सख्ती से रोक लगाई जाए। कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक, चेम्बर ऑफ कामर्स के प्रतिनिधियों, मॉल के मालिकों, थोक विक्रेताओं, जिम, सिनेमा और थिएटर के मालिकों, होटल-रेस्टोरेंट, स्वीमिंग पूल, ऑडिटोरियम, मेरिज पैलेस, इवेंट मैनेजमेंट समूहों के साथ बैठक करके यह सुनिश्चित करें कि इन स्थानों में क्षमता के केवल एक तिहाई लोगों को प्रवेश दिया जाए। ऐसे जिलों में जहां पॉजिटिव रेट 4 प्रतिशत से अधिक है, वहां इनकी गतिविधियों पर रोक लगाई जाए।
कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि प्रदेश के सभी एयरपोर्ट पर आरटीपीसीआर जांच अनिवार्य की जाए। ऐसे व्यक्ति जिन्हें कोविड-19 के दोनो टीके लगाए जा चुके हैं वे यात्रा की तिथि के 72 घंटे की आरटीपीसीआर की नेगेटिव रिपोर्ट प्रस्तुत करें। साथ ही एयरपोर्ट पर आने वाले सभी यात्रियों की आरटीपीसीआर जांच अनिवार्य रूप से की जाए। सभी रेल्वे स्टेशनों और राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण की रेन्डम जांच के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को यह निर्देश भी दिए हैं कि जहां आवश्यक हो, वहां कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए माइक्रो या मिनी कंटेनमेंट जोन बनाए जाएं। जहां आवश्यक हो वहां संक्रमितों की पहचान के लिए ट्रेसिंग और ट्रेकिंग की जाए। होम आईसोलेशन वाले संक्रमितों के लिए सप्ताह में सातों दिन 24 घंटे कॉल सेंटर्स को सक्रिय किया जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में मितानिनों के माध्यम से संक्रमण की स्थिति पर नजर रखी जाए। उन्होंने जिला प्रशासन को हॉस्पिटल बेड, दवाईयों के स्टॉक, पीएसए प्लांट्स और ऑक्सीजन की उपलब्धता डेली रिपोर्टिंग के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने जिला प्रशासन को यह सुुनिश्चित करने के यह भी निर्देश दिए हैं कि कोरोना की पिछली दो लहर के दौरान सभी शासकीय और निजी अस्पतालों में बिस्तरों की उपलब्धता की जानकारी रियल टाईम में ऑनलाईन उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने एनजीओ और निजी संगठनों को कोरोना नियंत्रण के उपायों के लिए सहयोग और आवश्यक सामाग्रियों के दान हेतु प्रोत्साहित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक स्थानों, भीड़-भाड़ वाले बाजारों और दुकानों में संक्रमण से बचाव के लिए मास्क के उपयोग को सख्ती से लागू करने के निर्देश जिला प्रशासन को दिए हैं। ऐसे लोग जो मास्क नहीं लगाते हैं उनका पुलिस और नगर निगम के स्टाफ के माध्यम से सख्ती से चालान किया जाए। मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठकें आयोजित करने तथा शासकीय अधिकारियों, कर्मचारियों को जब तक बहुत जरूरी न हो हवाई यात्रा या रेल से यात्रा नहीं करने को कहा है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
