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May 10, 2026
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PANKAJ CHANDRAKAR

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दोनों जिलों के सामाजिक संगठनों, व्यापारियों, समाज सेवियों और जनप्रतिनिधियों से चर्चा कर कोरोना नियंत्रण में सहयोग का किया आग्रह

प्रदेश में अभी लॉक-डाउन लगाने की नौबत नहीं –  टी.एस. सिंहदेव

रायपुर /शौर्यपथ/

प्रदेश में अभी लॉक-डाउन लगाने की नौबत नहीं –  टी.एस. सिंहदेव

पंचायत एवं ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य तथा बेमेतरा एवं कबीरधाम जिले के प्रभारी मंत्री  टी.एस. सिंहदेव ने आज दोनों जिलों के अधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंस से बैठक कर कोरोना नियंत्रण और रोकथाम के लिए किए जा रहे उपायों की समीक्षा की। उन्होंने पंचायत एवं नगरीय निकाय के जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों, सामाजिक संगठनों तथा समाज सेवियों से चर्चा कर उनसे कोरोना नियंत्रण एवं आवश्यक व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग का आग्रह किया। उन्होंने लोगों को कोविड अनुरूप व्यवहार के प्रति जागरूक करने की अपील की और कहा कि नागरिक भीड़-भाड़ वाली जगहों में जाने से बचें। मास्क का उपयोग और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। अति आवश्यक होने पर ही घर से निकलें। बेमेतरा के विधायक  आशीष छाबड़ा भी बैठक में शामिल हुए।

 सिंहदेव ने दोनों जिलों के साथ अलग-अलग आयोजित ऑनलाइन बैठक में कहा कि प्रदेश में अभी लॉक-डाउन लगाने की नौबत नहीं है। आर्थिक, व्यावसायिक और व्यापारिक गतिविधियां सतर्कता, सावधानी और कोविड अनुकूल व्यवहारों के पालन के साथ जारी रहेंगी। उन्होंने दोनों जिलों के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देशित किया कि कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए जमाखोरी व मुनाफाखोरी को बढ़ावा न मिले। किसी भी वस्तु का कृत्रिम संकट पैदा न हो, इसका खाद्य विभाग विशेष ध्यान रखें।  सिंहदेव ने बैठक में जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों, सामाजिक संगठनों तथा समाज सेवियों से अनुरोध किया कि वे कोरोना के नियंत्रण और इससे जुड़ी व्यवस्थाएं बनाने में जिला प्रशासन का सहयोग करें। कोरोना संक्रमण की पहली और दूसरी लहर के दौरान आप लोगों ने दिल खोलकर सहयोग प्रदान किया था जिससे इस पर नियंत्रण और रोकथाम में मदद मिली थी।

स्वास्थ्य मंत्री  सिंहदेव ने कोरोना संक्रमण के प्रभावी रोकथाम के लिए मिशन मोड पर कार्ययोजना बनाकर त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कबीरधाम सरहदी जिला है। वहां देश के कई राज्यों से नागरिक पर्यटक के रूप में भी आते हैं। प्रदेश के अन्य जिलों के श्रमिकों का भी आना-जाना रहता है। इसके लिए जिला प्रशासन को बहुत सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने जिले में प्रवेश करने वाले सभी अंतर्राज्यीय बसों के यात्रियों की कोरोना जांच अनिवार्य रूप से करने कहा। बैठक में कलेक्टर  रमेश कुमार शर्मा ने बताया कि कबीरधाम जिले के तीनों प्रवेश मार्गों में कोरोना की जांच अनिवार्य किया गया है। उन्होंने जिले में कोरोना नियंत्रण के लिए किए जा रहे उपायों की जानकारी दी।

 सिंहदेव ने बैठक में कहा कि संक्रमण से बचाने के लिए कोरोना वैक्सीन बहुत कारगर है। जिन लोगों ने अब तक टीका नहीं लगाया है, उनके टीकाकरण में तेजी लाएं। उन्होंने दोनों जिलों में आश्रमों, छात्रावासों और स्कूलों को क्वारेंटाइन सेन्टर या कोविड केयर सेंटर के रूप में चिन्हांकित करने कहा।  सिंहदेव ने सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और उप स्वास्थ्य केन्द्रों को मिशन-मोड पर रखते हुए आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में दोनों जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

 

रायपुर /शौर्यपथ/

दन्तेवाड़ा जिले में राज्य शासन के निर्देशानुसार

दन्तेवाड़ा जिले में राज्य शासन के निर्देशानुसार 15 से 18 वर्ष के बच्चो का टीकाकरण 3 जनवरी 2022 से प्रारंभ किया गया है। जिले के 10 स्कूलों में शत-प्रतिशत टीकाकरण कर अपना परचम लहराया है। जिला कलेक्टर  दीपक सोनी ने इन विद्यालयों के सभी प्राचार्य और स्वास्थ्य टीम को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। जिले के समस्त स्कूलों में शिक्षा विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग के बेहतर समन्वय से लगातार छात्र-छात्राओं का टीकाकरण किया जा रहा है। जिले में कुल 17 हजार 560 छात्र-छात्राओं का टीकाकरण किया जाना है। जिले में अब तक 7011 छात्र-छात्राओं का टीकाकरण कर 40 प्रतिशत से अधिक बच्चों टीकाकरण किया जा चुका है।

जिला प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के आस्था विद्यामंदिर जावंगा, शासकीय हाई स्कूल बालूद, शासकीय हाई स्कूल पंडेवार, गायत्री पीठ दंतेवाड़ा, निर्मलादेश पांडे धुरली, पोटाकेबिन कुआकोंडा-1, और पोटाकेबिन कुआकोंडा-2, शासकीय हाई स्कूल मैलावाड़ा, शासकीय हाई स्कूल कोडेनार-1, पोटाकेबिन पालनार के स्कूलों ने शत-प्रतिशत टीकाकरण पूर्ण कर लिया है।

दन्तेवाड़ा जिले के समस्त हाई स्कूल, हायर सेकंडरी स्कूलों में 2007 और उससे पहले जन्म लिए 15 से 18 वर्ष के छात्र -छात्राओं का टीकाकरण किया जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा टीकाकरण हेतु कार्ययोजना तैयार कर आगामी तीसरी लहर को देखते हुए युद्धस्तर पर टीकाकरण किया जा रहा है। टीकाकरण अभियान में बच्चों में गजब का उत्साह देखा जा रहा है। जिले के समस्त विकास खण्ड में स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग द्वारा बेहतर कार्ययोजना के साथ टीकाकरण दलों का गठन किया गया है। स्कूलों में टीकाकरण के प्रतिकूल प्रभाव से निपटने के लिए प्रत्येक केन्द्रों में एएफआई प्रबंधन हेतु चिकित्सा अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। बढ़ते संक्रमण में टीकाकरण एक प्रभावी माध्यम है अतः निर्धारित आयु वर्ग 15 से 18 वर्ष तक के छात्र-छात्राओं को अनिवार्य टीकाकरण के लिए अभिभावकों से अपील की गई है कि कोविड-19 के संक्रमण से बचाव सबंधित दिशा-निर्देश और कोविड अनुकूल व्यवहार का पालन करें।

रायपुर /शौर्यपथ/

मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल से आज शाम यहाँ उनके निवास कार्यालय में खैरागढ़ नगर पालिका परिषद के नवनिर्वाचित अध्यक्ष  शैलेन्द्र वर्मा, उपाध्यक्ष श्री अब्दुल रज्जाक खान एवं पार्षदगणों ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री  बघेल ने खैरागढ़ नगर पालिका परिषद के सभी नवनिर्वाचित सदस्यों को नगर पालिका परिषद चुनाव में जीत के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

इस अवसर पर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  मोहम्मद अकबर, खाद्य मंत्री  अमरजीत भगत, राज्य खनिज विकास निगम के अध्यक्ष  गिरीश देवांगन, राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष  जितेन्द्र मुदलियार, राजनांदगांव जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष  नवाज खान सहित पार्षदगण मौजूद थे।

योजना से 3.56 लाख से अधिक भूमिहीन परिवार होंगे लाभान्वित

शहरी किरायेदारों को मिलेगा आवास

गौठानों में महिला समूहों द्वारा तैयार किये जा रहे उत्पादों की मार्केटिंग की होगी पुख्ता व्यवस्था

नामांतरण और बंटवारों के प्रकरणों का हो शीघ्र निराकरण

रायपुर /शौर्यपथ/

मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने कहा है कि राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के हितग्राहियों को गणतंत्र दिवस के अवसर पर पहली किश्त का भुगतान किया जाएगा। इस योजना से प्रदेश के 3 लाख 56 हजार 485 पात्र परिवार लाभान्वित होंगे। इन परिवारों को सालाना 6 हजार रूपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में आयोजित विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक में यह घोषणा की। राज्य सरकार द्वारा राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के लिए 1 सितम्बर 2021 से 30 नवम्बर 2021 तक हितग्राहियों का पंजीयन किया गया था। इस योजना के क्रियान्वयन के लिए राज्य शासन के बजट मे का प्रावधान किया गया है।

इस अवसर पर कृषि मंत्री  रविन्द्र चौबे, मुख्यमंत्री के सलाहकार  प्रदीप शर्मा,  विनोद वर्मा और  राजेश तिवारी, मुख्य सचिव  अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव  रेणु जी पिल्ले और  सुब्रत साहू, प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला, कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. कमलप्रीत सिंह, सचिव वित्त  अलरमेल मंगई डी., राजस्व सचिव  एन.एन.एक्का, मुख्यमंत्री के सचिव  सिद्धार्थ कोमल परदेशी, गोधन न्याय योजना के नोडल अधिकारी डॉ. एस. भारतीदासन सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने शहरी किरायेदार को भूमिस्वामी हक पर मकान उपलब्ध कराने के लिए नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों को त्वरित कार्यवाई के निर्देश दिए। उन्होंनेे शहरी क्षेत्रों में निवासरत आवासहीनों को मकान मुहैया कराये जाने के उद्देश्य से प्राइवेट कालोनियों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्लूएस) के लिए आरक्षित भूमि का उपयोग इन वर्गों के लिए सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राइवेट कालोनियों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए आरक्षित 15 प्रतिशत भूमि कालोनाइजरों द्वारा नगरीय निकायों को हस्तांतरित की गई है। उन्होंने इस भूमि का लाभ कमजोर आर्थिक वर्ग के लोगों को की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि स्व-सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों को मार्केट से लिंकेज उपलब्ध कराया जाना चाहिए। ताकि उन्हें अच्छा बाजार मिले और महिलाओं की आय में बढ़ोतरी हो सके। उन्होंने कहा कि मार्केट सर्वे कर यह जानकारी ली जाए कि बाजार में किन वस्तुओं की मांग है। मांग के आधार पर गौठानों में महिला समूहों द्वारा उत्पाद तैयार कराए जाएं। श्री बघेल ने कहा कि अनुसूचित क्षेत्रों में महिला समूहों को सोलर पैनल तैयार करने का प्रशिक्षण देकर उनसे सोलर पैनल तैयार कराये जाएं। हालर और पेराई के लिए एक्सपेलर जैसी मशीनें अनुदान पर स्व-सहायता समूहों को उपलब्ध कराई जाए।

 बघेल ने कहा कि महिला समूहों के माध्यम से कोरबा, कांकेर और कोंडागांव जिले में वनौषधियों को तैयार कराने, बीजापुर और सुकमा जिले में लघु वनोपजों के प्रसंस्करण से ऐसे उत्पाद तैयार कराए जाएं, जिनकी बाजार में अच्छी मांग है। महिला समूहों के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बाजार दिलाने के लिए संबंधित क्षेत्रों की अच्छी कंपनियों से सहयोग लिया जाए और उनके गुणवत्ता मानकों के अनुसार उत्पाद तैयार कराए जाएं। उन्होंने कहा कि कौशल विकास योजना के अंतर्गत युवाओं को ऐसे ट्रेड में प्रशिक्षित किया जाए, जिनमें रोजगार के अच्छे अवसर हैं और जिनकी अच्छी मांग है।

मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन के लंबित प्रकरणों का तेजी से निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने नारंगी वनों के संयुक्त सर्वे का कार्य जल्द पूरा करने और नारंगी वनों को डिनोटिफाई करने के लिए भूमि के चिन्हांकन कर राजस्व भूमि में परिवर्तित करने के लिए कार्ययोजना तैयार करने को कहा और इसके लिए राजस्व और वन विभाग की अधिकारियों की संयुक्त बैठक आयोजित करने के भी निर्देश दिए।

बीजापुर /शौर्यपथ/

छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्यकर एवं आबकारी मंत्री कवासी लखमा भोपालपटनम प्रवास के दौरान रूद्रारम के प्राचीन तालाब का जीर्णोद्वार हेतु भूमी पूजन किया। एक करोड़ 24 लाख की लागत से तालाब का जीर्णाेद्वारा किया जायेगा। 50 एकड़ में विस्तृत तालाब के जीर्णोद्वार से सिंचाई सुविधा विकसीत होगी जिसमें 126 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचित किया जा सकेगा। जीर्णोद्वार के अर्न्तगत 2 सुलुस गेट का निर्माण, 80 मीटर का 1 वेस्ट वियर, दायीं एवं बायीं तट मिलाकर 2.91 किलोमीटर कैनाल में अर्थ वर्क और सीसी लाईनिंग के साथ विलेज रोड ब्रिज का कार्य शामिल है। उक्त तालाब के जीर्णोद्वार से प्राचीन तालाब को नया स्वरूप मिलेगा। वहीं क्षेत्र में सिंचाई की इस रकबा में वृद्धि होगी। मंत्री  कवासी लखमा ने भूमि पूजन के दौरान क्षेत्रीय विधायक एवं बस्तर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री विक्रम शाह मंडावी, जिला पंचायत अध्यक्ष  शंकर कुड़ियम, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के सदस्य  अजय सिंह, जिला पंचायत सदस्य एवं बस्तर विकास प्राधिकरण के सदस्य  नीना रावतिया उद्दे, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  कमलेश कारम, जिला पंचायत सदस्य  सरिता चापा, जनपद पंचायत अध्यक्ष भोपालपटनम  निर्मला मरपल्ली, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष  मिच्चा मुतैया, नगर निगम जगदलपुर के सभापति यशवर्धन राव, पार्टी पदाधिकारी  लालू राठौर, सीईओ जिला पंचायत  रविकुमार साहू, डीएफओ  अशोक पटेल, अनुविभागीय अधिकारी भोपालपटनम  हेमेन्द्र भूआर्य सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी कर्मचारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

रायपुर /शौर्यपथ/

उच्च शिक्षा मंत्री तथा बालोद जिले के प्रभारी मंत्री  उमेश पटेल ने आज वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए बालोद जिले में कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव व रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की। उन्होंने जिले में कोविड पॉजिटिव प्रकरण, मेडिकल किट तथा दवाईयों की उपलब्धता आदि की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। प्रभारी मंत्री  पटेल ने कहा कि जिले में कोरोना को हम समाज के सभी वर्गाें के सहयोग से ही हरा सकते है। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव व रोकथाम हेतु सामाजिक सहभागिता जरूरी है।

कलेक्टर  जनमेजय महोबे ने प्रभारी मंत्री को जिले में कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव व रोकथाम हेतु अब तक की गई तैयारियॉ, टीकाकरण, कोरोना जॉच, आक्सीजन प्लांट, आइसीयू बेड, आक्सीजनेटेड बेड, दवाईयों की व्यवस्था, जनजागरूकता सहित अन्य कार्यवाही के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले मेें कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम व बचाव के लिए 04 जनवरी 2022 से जिले के राजस्व सीमा के अंतर्गत सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक एवं खेलकूद, वृहद आयोजन तथा जन समुदाय को एक स्थान पर एकत्रित होने पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाया गया है। उन्होंने बताया कि जिले में कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने हेतु जनसामान्य को मास्क के उपयोग तथा प्रभावी व्यवहारात्मक परिवर्तन हेतु प्रेरित किया जा रहा है। जिला कार्यालय के एन.आई.सी कक्ष में पुलिस अधीक्षक  सदानंद कुमार, जिला पंचायंत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी, डॉ. रेणुका श्रीवास्तव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  डी.आर. पोर्ते, कोविड-19 के जिला नोडल अधिकारी व डिप्टी कलेक्टर  सुब्रत प्रधान, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.जे.पी. मेश्राम सहित समस्त एस.डी.एम. उपस्थित थे।

 

रायपुर /शौर्यपथ/

छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष तथा दूधाधारी मठ के महंत डॉ. रामसुंदर दास ने नववर्ष के अवसर पर प्रदेश के आवास एवं पर्यावरण मंत्री मोहम्मद अकबर से मुलाकात की और उनसे राजधानी स्थित अंतर्राज्यीय बस स्टैण्ड के संबंध में चर्चा की। महंत डॉ. रामसुंदर दास ने इस अवसर पर वनमंत्री अकबर को शाल भेंटकर उनका सम्मान किया।

उल्लेखनीय है कि अंतर्राज्यीय बस स्टैण्ड के लिए श्री दूधाधारी मठ ने भूमि उपलब्ध करायी है। राज्य शासन ने मठ को इसके बदले में नवा रायपुर, अटल नगर में 30 एकड़ भूमि दी है। राजधानी के भाठागांव स्थित बालाजी स्वामी ट्रस्ट श्री दूधाधारी मठ अंतर्राज्यीय बस स्टैण्ड के सामने दूधाधारी मठ की रिक्त भूमि है। महंत श्री रामसुंदर दास ने मंत्री  मोहम्मद अकबर को बताया कि मठ अपनी आय के लिये यहां पर निर्माण कार्य कराना चाहता है। इस पर आवास मंत्री मोहम्मद अकबर ने महंत रामसुंदर दास से कहा कि श्री दूधाधारी मठ को उसकी भूमि को निर्माण के संबंध में आवास एवं पर्यावरण विभाग की ओर से हर संभव सहयोग किया जाएगा। मंत्री मोहम्मद अकबर के आश्वासन पर महंत डॉ. रामसुंदर दास ने उनका आभार जताया।

सभी वर्गाें के सहयोग से कोरोना की तीसरी लहर को देंगे मात

गोधन न्याय योजना के तहत जारी की 5.37 करोड़ की राशि

गौपालकों को हो चुका 119.41 करोड़ रूपए का भुगतान

रायपुर /शौर्यपथ/

मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ राज्य के लोगों के सहयोग और सावधानी से हम कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर को भी हराएंगे। उन्होंने लोगों से राज्य में बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए कोविड गाईडलाईन का कड़ाई से पालन करने और सावधानियां बरतने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण जरूरी है, टीकाकरण से छूटे लोगों और 15 से 18 वर्ष के किशोरों से उन्होंने अनिवार्य रूप से टीका लगवाने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना की बीती दोनों लहरों को छत्तीसगढ़ राज्य ने सभी वर्गाें के सहयोग से जिस प्रभावी ढंग निपटने में कामयाबी हासिल की थी, वैसी ही कामयाबी हम तीसरी लहर में भी हासिल करेंगे। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण के बावजूद भी हम राज्य की आर्थिक गतिविधियों को पूरी सावधानी के साथ जारी रखेंगे।

मुख्यमंत्री  बघेल आज अपने निवास कार्यालय में आयोजित गोधन न्याय योजना के राशि अंतरण कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर पशुपालक ग्रामीणों, गौठानों से जुड़ी महिला समूहों और गौठान समितियों को 5 करोड़ 37 लाख रूपए की राशि ऑनलाइन जारी की, जिसमें बीते एक पखवाड़े में क्रय गोबर के एवज में 2 करोड़ 78 लाख रूपए भुगतान तथा गौठान समितियों को एक करोड़ 70 लाख और महिला समूहों को 89 लाख रूपए की लाभांश राशि शामिल है। गोबर खरीदी के एवज में राज्य के गौपालकों को 119.41 करोड़ रूपए हो चूका हैं। गौठान समितियों को अब तक 44.43 करोड़ रूपए तथा महिला स्व-सहायता समूहों 28.88 करोड़ रूपए राशि लाभांश के रूप में दी जा चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गोधन न्याय योजना को हम मिशन मोड में संचालित कर रहे हैं, ताकि इसके जरिए गौठानों में महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से मार्केट की डिमांड के आधार पर प्रोडक्ट तैयार है और उसकी मार्केटिंग से समूह को ज्यादा से ज्यादा लाभ हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोबर से विद्युत उत्पादन की शुरूआत करने के बाद अब गोबर से प्राकृतिक पेंट के निर्माण की ओर हम बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि बीते सवा सालों में गौठान आर्थिक रूप से मजबूत हुए हैं। गौठानों के जरिए स्वावलंबन के कार्याें में पूरे देश का ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने गौठानों में रूरल इंडस्ट्रियल पार्क की स्थापना के कार्य में तेजी लाने के साथ ही महिला स्व-सहायता समूहों को मार्केट की डिमांड के अनुसार उत्पादन तैयार करने की ट्रेनिंग देने की बात कही।

कृषि एवं जल संसाधन मंत्री रविन्द्र चौबे ने गोधन न्याय योजना के तहत हर पखवाड़े में नियमित रूप से मुख्यमंत्री द्वारा गौपालकों को राशि जारी करने के लिए मुख्यमंत्री  बघेल का आभार जताया। उन्होंने कहा कि गोधन न्याय योजना की पूरे देश में चर्चा है। देश के कई राज्य इसे अपनाने की दिशा में बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब वह दिन दूर नहीं जब छत्तीसगढ़ राज्य के प्रत्येक ग्राम पंचायत में गौठान होगा। उन्होंने कहा कि 10591 गौठानों की स्वीकृति दी जा चुकी है, जिसमें से 7889 गौठान सक्रिय रूप से कामकाज करने लगे हैं। शत-प्रतिशत गौठानों के चालू हो जाने से आय की गतिविधियां बढ़ेंगी। उन्होंने कहा कि वर्मी कम्पोस्ट और अन्य उत्पादों के लाभांश से लगभग 100 करोड़ रूपए की आय हो चुकी है। वर्मी कम्पोस्ट और सुपर कम्पोस्ट को खेती-किसानी के लिए बेहद उपयोगी बताते हुए उन्होंने कहा कि राज्य के किसानों का वर्मी खाद की ओर रूझान बढ़ा है। उन्होंने कहा कि रासायनिक खाद डीएपी की कमी को पूरा करने में गौठानों में बनी वर्मी कम्पोस्ट ने अहम रोल अदा किया है। उन्होंने गौठानों के रूरल इंडस्ट्रियल पार्क में आयमूलक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए स्थापित किए जाने वाले मशीने जैसे दोना पत्तल मशीन, धान कुट्टी, कोदो-कुटकी प्रसंस्करण मशीन, हर्बल उत्पाद तैयार करने एवं तेल निकालने वाली मशीन की स्थापना के लिए शासन की योजनांतर्गत अनुदान सहायता दिए जाने का भी प्रावधान करने की बात कही।

कार्यक्रम के प्रारंभ में कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. कमलप्रीत सिंह ने गोधन न्याय योजना की प्रगति के बारे में विस्तार से जानकारी दी। विशेष सचिव कृषि एवं गोधन न्याय योजना के राज्य नोडल अधिकारी डॉ. एस. भारतीदासन ने गोधन न्याय मिशन की कार्ययोजना के संबंध में पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार  प्रदीप शर्मा, विनोद वर्मा, राजेश तिवारी, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव  सुब्रत साहू एवं  रेणु जी. पिल्ले, प्रमुख सचिव शिक्षा डॉ. आलोक शुक्ला, सचिव वित्त  अलरमेलमंगई डी., राजस्व विभाग के सचिव  एन.एन. एक्का, संचालक भू-अभिलेख अभिजीत सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

 

रायपुर /शौर्यपथ/

मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल से आज

मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल से आज यहाँ उनके निवास कार्यालय में नगर निगम भिलाई के नवनिर्वाचित महापौर  नीरजपाल, सभापति  गिरीवर बंटी साहू एवं पार्षदगणों ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री  बघेल ने नगर निगम भिलाई के सभी नवनिर्वाचित सदस्यों को नगरीय निकाय चुनाव में जीत के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
इस अवसर पर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  मोहम्मद अकबर, खाद्य मंत्री  अमरजीत भगत, विधायक  चक्रधर सिंह सिदार, विधायक  देवेंद्र यादव, विधायक  रामकुमार यादव, छत्तीसगढ़ राज्य खनिज विकास निगम के अध्यक्ष  गिरीश देवांगन, अंत्यवसायी विकास निगम की उपाध्यक्ष  नीता लोधी सहित पार्षदगण मौजूद थे।

 

छत्तीसगढ़ /शौर्यपथ /

सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (CMIE) ने छत्तीसगढ़ को सबसे कम बेरोजगारी वाले राज्यों में शुमार किया है। आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ 2.1 % के साथ देश में सबसे कम बेरोजगारी वाले राज्यों में चौथे क्रम पर है। 1.4% के साथ कर्नाटक पहले स्थान पर, 1.6% के साथ गुजरात दूसरे और ओडिशा तीसरे स्थान पर आया है।

सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी के नए आंकड़ों के मुताबिक छत्तीसगढ़ के पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश में बेरोजगारी दर 3.4% है। वह 7वें स्थान पर है। उत्तर प्रदेश 4.9% की बेरोजगारी दर के साथ 9वें स्थान पर है। असम 5.8 % के साथ 12वें क्रम पर है। वहीं राजस्थान में 27.1%, झारखंड में 17.3% और बिहार में 16% की बेरोजगारी दर रही है।

देश में सर्वाधिक बेरोजगारी दर हरियाणा में 34.1 % बताई गई है। इस रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल जनवरी 2021 की स्थिति में देश में बेरोजगारी दर 6.52 % थी। जिसमें शहरी बेरोजगारी 8.9% और ग्रामीण बेरोजगारी 5.81% थी। वहीं दिसंबर 2021 की स्थिति में देश में बेरोजगारी की दर 7.7% रही जिसमें शहरी बेरोजगारी 9.1% और ग्रामीण बेरोजगारी 7.1% रही।

क्या है CMIE

सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (CMIE) एक थिंक टैंक है। यह संगठन पिछले 45 सालों से भारतीय अर्थव्यवस्था विदेशी मुद्रा, कृषि, उद्योग आदि क्षेत्रों में सतत अध्ययन करके डेटा बेस का निर्माण करता आया है। अर्थव्यवस्था पर इसकी ओर से जारी आंकड़ों को प्रमाणिक माना जाता है।

अफसरों का दावा, सरकारी नीतियों से बने रोजगार के अवसर

अफसरों का कहना है, छत्तीसगढ़ ने पिछले तीन साल पहले महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज्य की परिकल्पना के अनुरूप नया मॉडल अपनाया था। इसके तहत गांवों और शहरों के बीच आर्थिक परस्परता बढ़ाने पर जोर दिया गया है। इसी मॉडल के अंतर्गत गांवों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए सुराजी गांव योजना, नरवा-गरवा-घुरवा-बारी कार्यक्रम, गोधन न्याय योजना, राजीव गांधी किसान न्याय योजना, रुलर इंडस्ट्रियल पार्कों की स्थापना, लघु वनोपजों के संग्रहण एवं वैल्यू एडीशन, उद्यमिता विकास जैसी योजनाओं और कार्यक्रमों का क्रियान्वयन किया जा रहा है। कोरोना की पहली और दूसरी लहर के दौरान भी देशव्यापी आर्थिक मंदी से छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था अछूती रही। तब भी छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी दर पूरी तरह नियंत्रित रही

 

 

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