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May 14, 2026
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PANKAJ CHANDRAKAR

PANKAJ CHANDRAKAR

नई दिल्ली /शौर्यपथ/

कोरोना के बढ़ते मामले पर दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल का बयान आया है. उन्होंने कहा है कि लॉकडाउन लगाने की कोई मंशा नहीं है. एलजी और वह पूरे हालात पर नजर रखे हुए हैं. केजरीवाल ने कहा कि केंद्र सरकार से लगातार संपर्क में हैं और केंद्र का पूरा सहयोग मिल रहा है. पहले भी दिल्ली वालों ने मिलकर कोरोना की लहर से पार पा लिया था, इस बार भी हम पार पा लेंगे. जिन्होंने वैक्सीन नहीं लगवाई है, वह वैक्सीन जरूर लगवा लें. वैक्सीन का मतलब यह नहीं है कि आप संक्रमित नहीं होंगे, लेकिन इसे लगवाने से आपकी जान के ऊपर खतरा कम हो जाता है. हमारी कोशिश होगी कि कम से कम पाबंदिया लगे, ताकि लोगों के सामने रोजी-रोटी की समस्या पैदा न हो. कल डीडीएमए की बैठक


है और हालातों की समीक्षा की जाएगी.

दिल्ली के सीएम ने कहा कि मुझे भी कोरोना हो गया था. लगभग 7-8 दिन मैं होम आइसोलेशन में रहा. लगभग 2 दिन बुखार रहा. उसके बाद ठीक हुआ. कोरोना नियमों के हिसाब से 7 से 8 दिन होम आइसोलेशन में रहा. होम आइसोलेशन में था, लेकिन फोन पर दिल्ली की हालात पर सबसे संपर्क में था.

 
उन्होंने कहा कि कल लगभग 20000 नए मामले आए थे. आज लगभग 22000 आएंगे. तेजी से मामले बढ़ रहे हैं. यह एक चिंता का विषय है, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है. पिछली जो लहर अप्रैल-मई में आई थी, उसमें 7 मई को रोजाना इतने ही मामले आ रहे थे.

 7 मई को 341 मौत हुई थी, कल 7 मौत हुई थी. 7 मई को दिल्ली में 20,000 बेड भरे हुए थे, कल जब 20000 मामले आए हैं तो लगभग डेढ़ हजार बेड भरे हुए हैं. इस लहर के दौरान मौत भी काफी कम हो रही हैं और लोगों को अस्पताल जाने की भी बहुत कम जरूरत पड़ रही है.

 

 

 

हेल्थ टिप्स /शौर्यपथ/ 

 भारत में ओमिक्रॉन के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं. हर कोई इससे बचाव का उपाय खोज रहा है. अगर आप भी घर पर मौजूद इन घरेलू उपाय को आज से आजमाना शुरू कर देंगे तो कुछ हद तक ओमिक्रॉन के खतरे से बचा जा सकता है. वैसे हम सबके घर में एक ऐसी चीज मौजूद है, जिसका रोजाना सेवन करने से काफी हद तक Omicron के खतरे से बचा जा सकता है. वह है औषधीय गुणों से भरपूर तुलसी (Basil). इसका सेवन सर्दी में बेहद ही असरदार होता है. आपको बता दें कि तुलसी इम्यूनिटी को बेहतर बनाती है. जो कोरोनाकाल में बेहद जरूरी मानी गई है. सच तो ये है कि सर्दी में हमारी इम्यूनिटी बेहद कमजोर हो जाती है और ऐसे में तुलसी का सेवन करने से सर्दी में होने वाली बीमारियों जैसे सर्दी-खांसी और जुकाम से काफी हद तक निजात पाई जा सकती है. अगर हम तुलसी में पाए जाने वाले पोषक तत्वों की बात करें, तो तुलसी की पत्तियों में विटामिन और खनिज तत्व भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं. इतना ही नहीं इसमें विटामिन सी, कैल्शियम, जिंक और आयरन भी काफी मात्रा में शामिल होते हैं. जो हमारी अच्छी सेहत के लिए बहुत उपयोगी हैं. आयुर्वेद के अनुसार तुलसी का इस्तेमाल चाय, काढ़ा वगैरह बनाने के लिए किया जाता है. वहीं आयुष मंत्रालय ने भी कोरोना से बचाव के लिए तुलसी (Basil) का सेवन करने की सलाह दी थी. तुलसी का काढ़ा गले में खराश, सर्दी, खांसी और बुखार का बेहतरीन घरेलू इलाज है. कोरोनाकाल में रोज़ाना 5-6 तुलसी के पत्तों का सेवन करना बेहद ही असरदार


है. इतने गुणों से भरपूर तुलसी का सेवन सेहत के लिए किस तरह फायदेमंद हो सकता है चलिए आपको बताते हैं.

शरीर को स्वस्थ बनाता है

आपको बता दें कि भारतीय घरों में जहां तुलती (Basil) का पौधा लगाना शुभ माना जाता है. वहीं, इसके औषधीय गुण के कारण भी इसे घर में उगाया जाता है. तुलसी बॉडी से टॉक्सिन बाहर निकालती है. तुलसी का सेवन करने से बॉडी से अपशिष्ट पदार्थ बाहर आते है. यह शरीर को स्वस्थ बनाता है.

इम्यूनिटी मजबूत करता


कोरोनाकाल में इम्यूनिटी का स्ट्रॉन्ग होने पर हर किसी का जोर था. तभी तो इम्यूनिटी को स्ट्रॉन्ग बनाने के लिए तुलसी (Basil) का सेवन बेहद ही असरदार माना गया है. दिन में एक बार तुलसी की चाय आपको सर्दी में होने वाली बीमारियों से तो बचाती है, वहीं इसके काढ़े का सेवन करने से आपकी इम्यूनिटी भी मजबूत होगी.

शुगर होगी कंट्रोल

अगर आपकी शुगर बढ़ी हुई है तो आप तुलसी का सेवन जरूर करें, इससे आपकी शुगर संबंधी समस्या काफी हद तक कम होगी. सुबह खाली पेट अगर तुलसी (Basil) का सेवन किया जाए तो दिन भर शुगर कंट्रोल रहती है.

पाचन ठीक बना रहता

सच तो ये है कि तुलसी (Basil) ना सिर्फ मौसमी बीमारियों का उपचार करती है बल्कि पाचन को भी ठीक बनाए रखती है. इसका सेवन करने से कब्ज और लूज मोशन जैसी समस्या से भी निजात मिलती है.

वायरल से बचाने में कारगर

कोरोनाकाल में वायरल इंफेक्शन का खतरा ज्यादा बना रहता है. ऐसे में तुलसी (Basil) का सेवन बेहद ही उपयोगी है. वायरल से बचाव के लिए दिन में तुलसी का काढ़ा बनाकर उसका सेवन आप रोज करें. आपको ये वायरल जैसी समस्या काफी हद तक कंट्रोल में हो जाएंगी.

 

 


कोदो, कुटकी, रागी जैसी फसलों के लिए कांकेर में प्रोसेसिंग की व्यवस्था

उत्तर बस्तर कांकेर /शौर्यपथ/

मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल की मासिक रेडियो वार्ता ’लोकवाणी’ के 25 वीं कड़ी का आज प्रसारण किया गया। जिसमें मुख्यमंत्री श्री बघेल ने प्रदेश की जनता को नववर्ष की बधाई देते हुए ‘‘युवा सपने और छत्तीसगढ़’’ के संबंध में अपने विचार रखते हुए कहा कि हमारा छत्तीसगढ़ राज्य भी अब 21 वर्ष पूर्ण कर चुका, एक युवा राज्य है। युवा महोत्सव के संबंध में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि हमने युवा महोत्सव 2022 के आयोजन की घोषणा कर दी थी, लेकिन फिर जिस तरह से कोरोना बढ़ रहा है, उसे देखते हुए आयोजन स्थगित करने का निर्णय लेना पड़ा है, जैसे ही सब कुछ ठीक होगा, हम इस तरह युवाओं के लिए आयोजन जरूर करेंगे। उन्होंने कहा कि आज के जमाने में युवाओं का कॅरियर केवल सरकारी नौकरी से ही नहीं बनता, बल्कि हमारे युवा साथियों ने अपनी रुचि और प्रतिभा के बल पर संभावनाओं का नया आकाश खोल दिया है। युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आपमें जो संभावनाएं दिखाई पड़ी हैं, उन्हें साकार करने की दिशा में हम बहुत से प्रयास कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार खेल प्रशिक्षण की समग्र अधोसंरचना का निर्माण किया गया है, जिसके अंतर्गत 9 अकादमी स्थापित की जा चुकी है। फुटबाल में बालिकाओं के लिए तथा कबड्डी, तीरंदाजी, एथलेटिक्स तथा हॉकी में बालक-बालिकाओं दोनों के लिए, इस तरह 9 अकादमियां शुरू हो चुकी हैं। टेनिस स्टेडियम और अकादमी भवन निर्माण के लिए राशि स्वीकृत की जा चुकी है। हम यह प्रयास कर रहे हैं कि हमारे खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, उपकरण तथा अन्य खर्चों की व्यवस्था छत्तीसगढ़ शासन की तरफ से हो, जिससे वे भविष्य में अपने राज्य की ओर से ही राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग ले सकें, इसके लिए पर्याप्त वित्तीय प्रावधान किए जाएंगे।

थिंक बी के सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल बस्तर के युवाओं के लिए है। ‘थिंक बी’ का फुलफॉर्म है- ‘टेक्नोलॉजी हब एंड इनोवेशन फॉर नॉलेज बस्तर’। इस परियोजना के अंतर्गत बस्तर के युवाओं को नवाचार, स्वरोजगार और उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित करेंगे। साथ ही युवाओं को आर्थिक, तकनीकी, प्रबंधकीय, कानूनी आदि कई तरह की सहायता दी जाएगी। युवाओं को ऑनलाइन तथा ऑफलाइन सामग्री, किताबें, ऑडियो-वीडियो प्रशिक्षण दिया जाएगा। ‘थिंक बी’ परियोजना के लिए आईआईएम रायपुर, टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज दिल्ली, ट्रिपल आईटी रायपुर तथा हिदायतुल्ला नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, रायपुर के साथ एमओयू किया गया है। ‘बस्तर अकादमी ऑफ डांस, आर्ट, लिटरेचर एण्ड लैंग्वेज’ संस्था के माध्यम से एक ओर जहां विभिन्न आदिवासी कलाओं, लोकगीत, नृत्यकला, शिल्पकला, संस्कृति, भाषा, साहित्य, खान-पान, वेशभूषा का संरक्षण तथा विकास किया जाएगा। वहीं हल्बी, गोंडी, धुरवा, भतरी जैसी बोली-भाषाओं से नई पीढ़ी के साथ ही पर्यटकों, शोधार्थियों को भी अवगत कराया जाएगा। मेरा मानना है कि युवा खतरे के खिलाड़ी होते हैं। उनमें न तो लगन की कमी है और न ही वे मेहनत से डरते हैं, लेकिन गलत नीतियों के कारण डेढ़ दशक में खेती के काम को अंधेरी सुरंग बना दिया गया था, जहां से उजाले की किरण दूर-दूर तक दिखाई नहीं पड़ती थी। हमने इस सुरंग में भी उजाला बिखेरने का काम किया है। हमने खेती-किसानी को बेहतर आय और प्रतिभा दिखाने के बेहतर अवसरों से जोड़ दिया है।
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि हमने छत्तीसगढ़ की फसलों को समर्थन मूल्य पर खरीदने की बेहतर व्यवस्था की है, पशुधन पालन को लाभ का जरिया बनाया है। वहीं दूसरी ओर ग्रामीण अर्थव्यवस्था, नई उपजों को बढ़ावा, उनकी प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, मार्केटिंग जैसी व्यवस्थाओं को संस्थागत रूप दिया है। कृषि की वैज्ञानिक शिक्षा के साथ शोध, अनुसंधान और आविष्कार के लिए बड़े पैमाने पर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं। राजीव गांधी किसान न्याय योजना, गोधन न्याय योजना, मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना, समर्थन मूल्य पर वनोपज खरीदी, वनोपज प्रसंस्करण, फूडपार्क की स्थापना जैसे प्रयासों से युवाओं को यह विश्वास हुआ है कि खेती-किसानी के काम में भी बहुत कुछ करने को है, जो नवीनता के अभाव में दिखाई नहीं पड़ता था। कोदो, कुटकी, रागी जैसी फसलों के लिए कांकेर जिले में तथा विभिन्न कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग हेतु दुर्ग जिले में प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित की जा रही है।

कमजोर आर्थिक स्थिति वाले परिवार केे बच्चों को कक्षा 12 वीं तक निःशुल्क शिक्षा दिलाने के लिए देश में पहली बार हमने शिक्षा के अधिकार के प्रावधान को बढ़ाया है। बेटियों को स्नातकोत्तर तक निःशुल्क शिक्षा दिलाने की व्यवस्था की है। शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय योजना लागू की गई है। हिन्दी माध्यम की शालाओं के लिए भी यह सुविधा उपलब्ध कराने की शुरुआत कर दी गई है। स्कूल से लेकर कॉलेज तक सुविधाओं में वृद्धि की गई है। साथ ही कमजोर तबकों की सुविधाओं में भी वृद्धि की गई है जैसे स्कॉलरशिप, भोजन सहायता राशि आदि में बढ़ोतरी की गई ताकि वे अपनी पढ़ाई पूरी करके बेहतर रोजगार के अवसर हासिल कर सकें।

मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने कोविड 19 से बचाव के लिए सावधानी बरतने की अपील करते हुए कि नाक, मुंह ढंककर रखें। फेस मास्क को सही ढंग से लगाएं। साबुन, पानी से हाथ धोते रहें। भीड़ वाली जगह से बचें। फिजिकल डिस्टेंसिंग रखकर ही किसी से मेल-मुलाकात करें। कोरोना प्रोटोकाल का पालन करें। हमने जिला प्रशासन को निर्देशित किया है कि स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार सार्वजनिक प्रतिबंधात्मक उपाय किए जाएं। कोरोना से बचने के लिए टीके का दोनों डोज लगवाना जरूरी है। जिन्होंने पहला डोज लेकर छोड़ दिया है वे दूसरा डोज पूरा करें। 15 से 18 वर्ष के उम्र के किशोर-किशोरियों के लिए टीकाकरण शुरू हो गया है और मुझे खुशी है कि हमारे नवयुवा बड़ी संख्या में टीका लगवा रहे हैं। मैं चाहूंगा कि यह अभियान शत-प्रतिशत सफल हो।

कांकेर विकासखण्ड के ग्राम आलबेड़ा के ग्राम पंचायत भवन में मुख्यमंत्री की मासिक रेडियो लोकवाणी के सामुहिक श्रवण की व्यवस्था किया गया था, जिसमें ग्राम पंचायत के सरपंच सेवती सलाम, उप सरपंच शिवप्रसाद तेता, हेमंत मण्डावी, उमा यादव, चैती, जहुरा, सुरजाबाई, रिखी कोरेटी, डफेश्वर, वोमित पोटाई, मलसूराम ठाकुर, श्यामसिंह सलाम एवं स्कूली छात्र-छात्राएं सहित ग्रामीणजन बड़ी संख्या में मौजूद थे।

लोकवाणी का आगामी प्रसारण 13 फरवरी को

मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल की मासिक रेडियो वार्ता लोकवाणी के 26 वीं कड़ी का प्रसारण 13 फरवरी को होगा, जिसमें ‘सुगम उद्योग, व्यापार-उन्नत कारोबार’ विषय पर मुख्यमंत्री चर्चा करेंगे। इस विषय पर लोग अपने विचार, सुझाव और सवाल 27, 28 और 29 जनवरी को दिन में दोपहर 3 से शाम 4 बजे के बीच फोन नंबर 0771-4003482, 4003483 और 4003484 पर रिकॉर्ड करा सकते हैं।

रायपुर /शौर्यपथ/

मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल की मासिक रेडियो वार्ता लोकवाणी के प्रसारण को आज पुरानी बस्ती रायपुर में बड़े उत्साह से सुना गया।
मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने लोकवाणी की 25वीं कड़ी में प्रदेशवासियों से चर्चा में कहा कि स्वामी विवेकानंद जी का रायपुर से अटूट नाता रहा है। वे सबसे अधिक समय कलकत्ता में रहे। उसके बाद सर्वाधिक समय छत्तीसगढ़ में ही रहे हैं। स्वामी विवेकानंद ने जो छाप छत्तीसगढ़ में छोड़ी है, उसे चिरस्थायी बनाने के लिए उनके जन्मदिन 12 जनवरी को युवा महोत्सव का आयोजन करने की शुरूआत 2020 में की थी। लोकवाणी में बताया गया कि युवा प्रतिभाओं को सवारने, उन्हें अवसर देने और आगे बढ़ाने की दिशा में नए कदम उठाये गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं का कैरियर केवल सरकारी नौकरी से ही नहीं बनता, बल्कि हमारे युवा साथियों ने अपनी रूचि और प्रतिभा के बल पर संभावनाओं का नया आकाश खोल दिया है। छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार खेल प्रशिक्षण की समग्र अधोसंरचना का निर्माण किया गया है, जिसके अंतर्गत 9 खेल अकादमी स्थापित की जा चुकी है। टेनिस स्टेडयम और अकादमी भवन निर्माण के लिए राशि स्वीकृत की जा चुकी है। इसी प्रकार मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना, थिंक बी, टेक्नोलॉजी हब एवं इनोवेशन फॉर नॉलेज बस्तर, बस्तर अकादमी ऑफ डांस, आर्ट लिटरेचर एंड लैंग्वेज, राजीव युवा मितान क्लब गठित, शिक्षा-दीक्षा तथा रोजगार के अवसरों पर ध्यान देने के साथ ही एक संस्कारवान युवा पीढ़ी तैयार करने की पहल, पिछले तीन वर्षों में सरकारी, अर्द्धसरकारी कार्यालयों में सीधी भर्ती के अलावा अन्य माध्यमों से भी भर्ती के साथ ही युवाओं के लिए खेती, किसानी को बेहतर आय और युवाओं को प्रतिभा दिखाने के बेहतर अवसरों से जोड़ दिया गया है। मुख्यमंत्री ने अपने मासिक रेडियो वार्ता में कहा कि हमने छत्तीसगढ़ की फसलों को समर्थन मूल्य पर खरीदने की बेहतर व्यवस्था की है, पशुधन पालन को लाभ का जरिया बनाया है। 

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने चर्चा के दौरान युवाओं की उपलब्धियों और कीर्तिमानों का राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन का उल्ल्ेख किया। उन्होंने कोरोना से बचने के लिए टीके लगवाने सहित कोरोना प्रोटोकॉल नियम का पालन करने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने माह जनवरी अंतर्गत मकर संक्रांति, पोंगल त्यौहार, छेरछेरा पुन्नी, शाकम्भरी जयंती एवं गणतंत्र दिवस की प्रदेश की जनता को शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर श्री सचिन शर्मा,  अविनाश दुबे, मलिका प्रजापति, मीला थवाइत, आतीका मरकाम सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

 

लोकवाणी (आपकी बात- मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के साथ) की 25वीं कड़ी प्रसारित

मुख्यमंत्री ने ‘युवा सपने और छत्तीसगढ़ विषय‘ पर की बात

छत्तीसगढ़ में युवा प्रतिभाओं को संवारने, अवसर देने और आगे बढ़ाने की दिशा में हो रहे निरंतर कार्य

प्रदेश के 13 हजार 269 नगरीय निकायों एवं ग्राम पंचायतों में गठित होंगे ‘राजीव युवा मितान क्लब‘

राज्य में 09 खेल अकादमियां शुरू: छत्तीसगढ़ खेल विकास प्राधिकरण का गठन शीध्र

प्रदेश के 200 से अधिक विकासखंडों में फूडपार्क की स्थापना हेतु भूमि आबंटित

कोविड अनुकूल व्यवहार का पालन करने अपील

छत्तीसगढ़ में विगत तीन वर्षों में रोजगार के अवसरों में हुई बढ़ोत्तरी

रायपुर /शौर्यपथ/

मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने आकाशवाणी से आज प्रसारित रेडियो वार्ता लोकवाणी की 25वीं कड़ी में ‘युवा सपने और छत्तीसगढ़‘ विषय पर प्रदेशवासियों से चर्चा की। उन्होंने बातचीत की शुरूआत करते हुए पूरे छत्तीसगढ़ वासियों को नववर्ष की बधाई दी और कहा कि राज्य में विगत तीन वर्षों में जनभागीदारी और विकास का जो ताना-बाना बना है, उससे यह विश्वास जागा है कि नए वर्ष में सफलताओं और जन सशक्तिकरण के नए रंग भरे जाएंगे। हमारा छत्तीसगढ़ राज्य भी अब 21 वर्ष पूर्ण कर चुका, एक युवा राज्य है। 12 जनवरी को युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद का जन्म दिवस है, जिसे हम युवा दिवस के रूप में मनाते हैं।

बघेल ने कहा कि नया वर्ष, युवा सपने, युवा दिवस और नवा छत्तीसगढ़ के बीच एक अंतर्संबंध है। स्वामी विवेकानंद जी का रायपुर से अटूट नाता है। उसे चिरस्थायी बनाने के लिए हमने उनके जन्मदिन 12 जनवरी को ‘युवा महोत्सव’ का आयोजन करने की शुरुआत सन् 2020 में की थी। स्वामी जी ने कहा था कि अगर जात-पात, धर्म-सम्प्रदाय के नाम पर हिंसा न होती तो आज का मानव समाज बहुत उन्नत होता। उस जमाने में भी स्वामी जी दुनिया में घूम-घूम कर कहते थे कि मैं यहां किसी एक धर्म का प्रचार करने नहीं आया बल्कि ऐसे दर्शन का प्रचार कर रहा हूं, जो दुनिया के सभी धर्माें में निहित है। उन्होंने कहा था कि मैं किसी धर्म का विरोधी नहीं हूं, हर धर्म के लोगों को तेजस्वी बनाने का प्रयास कर रहा हूं। आज जो स्वामी जी को आध्यात्मिक संत बताकर उनके योगदान को छोटा करना चाहते हैं उन्हें बताना चाहता हूं कि स्वामी जी विरक्ति की बात नहीं करते थे बल्कि क्रान्ति की बात करते थे। कुरीतियों से लड़ने और समाधान की बात करते थे।

मुख्यमंत्री  बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवाओं ने अपनी बहुमुखी प्रतिभा का प्रदर्शन पिछले दिनों किया है। यहां युवा प्रतिभाओं को संवारने, उन्हें अवसर देने और आगे बढ़ाने की दिशा में बहुत से नए कदम उठाए गए है, मेरा मानना है कि आज के जमाने में युवाओं का कॅरियर केवल सरकारी नौकरी से ही नहीं बनता, बल्कि हमारे युवा साथियों ने अपनी रुचि और प्रतिभा के बल पर संभावनाओं का नया आकाश खोल दिया है। आपमें जो संभावनाएं दिखाई पड़ी हैं, उन्हें साकार करने की दिशा में हम निरंतर प्रयास कर रहे हैं।

हम प्रदेश में युवाओं की शिक्षा-दीक्षा तथा रोजगार के अवसरों पर ध्यान देने के साथ ही एक संस्कारवान युवा पीढ़ी तैयार करने की पहल कर रहे हैं। मेरा मानना है कि पढ़ाई और अन्य गतिविधियों में सक्रिय होने के साथ ही युवा अवस्था में अपने परिवेश, अपने आसपास के लोगों की जिंदगी को करीब से देखने समझने और बेहतरी के लिए स्वस्फूर्त कदम उठाने की भावना बहुत जरूरी है। अपना नाम तथा अपनी कमाई का सपना तो एक दिन पूरा हो जाता है, लेकिन लोगों के दुख-दर्द में शामिल होने, अपनी संस्कृति तथा कमजोर तबकों की भलाई के लिए योगदान करने की भावना एक बीज की तरह युवाओं में डाली जानी चाहिए। हम छत्तीसगढ़ में ऐसी ही संस्कारवान युवा पीढ़ी का विकास करना चाहते हैं।

छत्तीसगढ़ के युवाओं को संगठित करने, सामूहिक रूप से समाज और प्रदेश में सकारात्मक बदलाव का आह्वान करते हुए हमने राजीव युवा मितान क्लब गठित करने की घोषणा भी की है, ताकि युवा इस क्लब में शामिल होकर रचनात्मक कार्यों में अपना सहयोग कर सके। इसके तहत प्रदेश के 13 हजार 269 नगरीय निकायों एवं ग्राम पंचायतों में राजीव युवा मितान क्लब गठित करने हेतु कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। प्रत्येक क्लब में 20 से लेकर 40 तक युवा शामिल होंगे। जिनकी आयु 15 से 40 वर्ष के बीच हो। वर्षभर में इन क्लबों को 132 करोड़ 69 लाख रुपए की राशि अनुदान के रूप में प्रदान की जाएगी। इसकी पहली किस्त के रूप में 19 करोड़ 43 लाख रुपए की राशि जारी की जा चुकी है।

छत्तीसगढ़ में विगत तीन वर्षों में रोजगार के अवसरों में बहुत बढ़ोतरी हुई है तथा निश्चित तौर पर इसका लाभ युवाओं को भी मिला है। मुझे खुशी है कि पिछले तीन वर्षों में सरकारी, अर्द्धसरकारी कार्यालयों में सीधी भर्ती के अलावा अन्य माध्यमों से भी भर्ती की गई है, जिसके कारण 4 लाख 65 हजार से अधिक लोगों को सरकारी और अर्द्धसरकारी कार्यालयों में कार्य करने का अवसर मिला है, इसके अलावा 30 हजार नौकरियां नए उद्योगों में मिली हैं। प्रदेश में निजी क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर नौकरियों का सृजन हुआ है। हमने ग्रामीण अंचलों में युवाओं को निर्माण कार्यों से जोड़ने के लिए ई-श्रेणी पंजीयन कराया था, जिसके अंतर्गत 3 हजार से अधिक युवाओं ने पंजीयन कराया है, जिन्हें बिना टेंडर के निर्माण कार्य का ठेका दिया जा रहा है। अभी तक लगभग एक हजार पंजीकृत युवाओं को सड़क, भवन आदि निर्माण कार्य आवंटित किए जा चुके हैं।

छत्तीसगढ़ में हम युवाओं के सर्वांगीण विकास की बात करते हैं। राज्य में बहुत बड़ी आबादी की आजीविका का साधन आज भी कृषि है। बहुत लंबे अरसे का अनुभव रहा है कि हमारे युवा साथी कृषि को व्यवसाय की तरह अपनाने में हिचकते थे, लेकिन विगत तीन वर्षों में स्थिति-परिस्थितियां बदली हैं। हमने निश्चित तौर पर राज्य गठन के बाद सर्वाधिक सरकारी नौकरियों का सृजन किया है। छत्तीसगढ़ में परम्परागत रूप से रोजगार का सबसे बड़ा साधन कृषि क्षेत्र है। लेकिन गलत नीतियों के कारण डेढ़ दशक में खेती के काम को अंधेरी सुरंग बना दिया गया था, जहां से उजाले की किरण दूर-दूर तक दिखाई नहीं पड़ती थी। हमने इस सुरंग में भी उजाला बिखेरने का काम किया है। हमने खेती-किसानी को बेहतर आय और प्रतिभा दिखाने के बेहतर अवसरों से जोड़ दिया है। एक ओर हमने छत्तीसगढ़ की फसलों को समर्थन मूल्य पर खरीदने की बेहतर व्यवस्था की है, पशुधन पालन को लाभ का जरिया बनाया है। वहीं दूसरी ओर ग्रामीण अर्थव्यवस्था, नई उपजों को बढ़ावा, उनकी प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, मार्केटिंग जैसी व्यवस्थाओं को संस्थागत रूप दिया है। कृषि की वैज्ञानिक शिक्षा के साथ शोध, अनुसंधान और आविष्कार के लिए बड़े पैमाने पर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं।

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि युवा खतरे के खिलाड़ी होते है, उनमें न तो लगन की कमी है और न ही वे मेहनत से डरते है। हमारा मानना है कि बच्चों को अच्छी शिक्षा मिलेगी तभी उनकी बुनियाद मजबूत होगी। तभी वे एक सक्षम युवा के रूप में बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल हो सकेंगे। शिक्षा में दो चीजे महत्वपूर्ण है, पहला उसकी व्यापकता अर्थात सभी को शिक्षा का अवसर तथा अधिकार मिलना चाहिए। वहीं दूसरी ओर शिक्षा उपयोगी, सार्थक हो इसके लिए शिक्षा का गुणवत्तापूर्ण होना आवश्यक है। हमने इन दोनों ही मोर्चों पर काम किया है। कमजोर आर्थिक स्थिति वाले परिवार केे बच्चों को कक्षा 12वीं तक निःशुल्क शिक्षा दिलाने के लिए देश में पहली बार हमने शिक्षा के अधिकार के प्रावधान को बढ़ाया है। बेटियों को स्नातकोत्तर तक निःशुल्क शिक्षा दिलाने की व्यवस्था की है। शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय योजना लागू की गई है। हिन्दी माध्यम की शालाओं के लिए भी यह सुविधा उपलब्ध कराने की शुरुआत कर दी गई है। स्कूल से लेकर कॉलेज तक सुविधाओं में वृद्धि की गई है। साथ ही कमजोर तबकों की सुविधाओं में भी वृद्धि की गई है जैसे स्कॉलरशिप, भोजन सहायता राशि आदि में बढ़ोतरी की गई ताकि वे अपनी पढ़ाई पूरी करके बेहतर रोजगार के अवसर हासिल कर सकें।

मुझे यह बताते हुए खुशी है कि हमने प्रयास आवासीय विद्यालयों की संख्या और गुणवत्ता भी बढ़ाई है, ताकि नक्सल प्रभावित जिलों और अनुसूचित क्षेत्रों के प्रतिभावान बच्चे देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में उच्च शिक्षा हासिल कर सकें। इन्हीं प्रयासों के कारण पहली बार नेशनल टैलेंट सर्च परीक्षा में छत्तीसगढ़ के 22 बच्चों ने सफलता पाई। वर्ष 2021 में आईआईटी में 27, एनआईटी एवं समकक्ष शैक्षणिक संस्थानों में 35, सीएस फाउंडेशन में 5, क्लैट में दो, इंजीनियरिंग कॉलेज में 61 विद्यार्थी सफल हुए हैं। प्रयास संस्थाओं की संख्या बढ़कर अब 9 हो गई है तथा इसमें सीटों की संख्या बढ़कर 4 हजार 500 कर दी गई है। यहां के नतीजे न सिर्फ शत्-प्रतिशत आए हैं बल्कि सभी बच्चे 80 प्रतिशत से अधिक अंक लेकर उत्तीर्ण हुए हैं।

छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार खेल प्रशिक्षण की समग्र अधोसंरचना का निर्माण किया गया है, जिसके अंतर्गत 9 अकादमी स्थापित की जा चुकी है। फुटबाल में बालिकाओं के लिए तथा कबड्डी, तीरंदाजी, एथलेटिक्स तथा हॉकी में बालक-बालिकाओं दोनों के लिए, इस तरह 9 अकादमियां शुरू हो चुकी हैं। टेनिस स्टेडियम और अकादमी भवन निर्माण के लिए राशि स्वीकृत की जा चुकी है। जहां तक ‘मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना’ का सवाल है तो मैं यह बताना चाहता हूं कि हमारे राज्य के युवा खिलाड़ियों को आवश्यक सुविधाएं नहीं मिलने के कारण वे देश की अन्य संस्थाओं के लिए खेलते हैं। अब हम यह प्रयास कर रहे हैं कि हमारे खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, उपकरण तथा अन्य खर्चों की व्यवस्था छत्तीसगढ़ शासन की तरफ से हो, जिससे वे भविष्य में अपने राज्य की ओर से ही राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग ले सकें। छत्तीसगढ़ खेल विकास प्राधिकरण के गठन का काम शीघ्र पूरा करके, जल्दी ही इसका कामकाज शुरू कर दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि आपने थिंक बी के बारे में अच्छा सवाल किया है। मैं बताना चाहता हूं कि यह पहल बस्तर के युवाओं के लिए है। ‘थिंक बी’ का फुलफॉर्म है- ‘टेक्नोलॉजी हब एंड इनोवेशन फॉर नॉलेज बस्तर’। इस परियोजना के अंतर्गत हम बस्तर के युवाओं को नवाचार, स्वरोजगार और उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित करेंगे। बादल का फुलफॉर्म है- ‘बस्तर अकादमी ऑफ डांस, आर्ट, लिटरेचर एण्ड लैंग्वेज’। इस संस्था के माध्यम से एक ओर जहां विभिन्न आदिवासी कलाओं, लोकगीत, नृत्यकला, शिल्पकला, संस्कृति, भाषा, साहित्य, खान-पान, वेशभूषा का संरक्षण तथा विकास किया जाएगा। इससे युवाओं को अपनी माटी से जुड़े रहते हुए अपनी रुचि का काम भी मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के युवाओं की बदौलत हम डेनेक्स रेडिमेड गॉरमेंट फैक्ट्री, काजू प्रसंस्करण इकाई, कॉफी उत्पादन से लेकर बंजर जमीन में पपीता उत्पादन तक के इंद्रधनुषी सपने पूरे कर पा रहे हैं। बस्तर के युवाओं ने यह साबित किया है कि थोड़ी मदद, थोड़ी सुविधाएं और थोड़ा मार्गदर्शन मिलने पर वे बस्तर को बदल सकते हैं। स्वावलंबन की नई कहानी लिखकर नक्सलवाद को पीछे हटा सकते हैं।

राजीव गांधी किसान न्याय योजना, गोधन न्याय योजना, मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना, समर्थन मूल्य पर वनोपज खरीदी, वनोपज प्रसंस्करण, फूडपार्क की स्थापना जैसे प्रयासों से युवाओं को यह विश्वास हुआ है कि खेती-किसानी के काम में भी बहुत कुछ करने को है, जो नवीनता के अभाव में दिखाई नहीं पड़ता था। हमने तीन वर्षों में आधा दर्जन कृषि और उद्यानिकी महाविद्यालय खोले जैसे बेमेतरा, जशपुर, धमतरी, अर्जुन्दा, लोरमी में। महात्मा गांधी के नाम पर दुर्ग जिले के पाटन विकासखण्ड के ग्राम सांकरा में उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय की स्थापना की गई, जिसमें अब प्रवेश की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। कोदो, कुटकी, रागी जैसी फसलों के लिए कांकेर जिले में तथा विभिन्न कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग हेतु दुर्ग जिले में प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित की जा रही है। 200 से अधिक विकासखंडों में फूडपार्क की स्थापना हेतु भूमि आवंटन किया जा चुका है। बंजर जमीन को कृषि के लिए उपयोगी बनाने हेतु डीएमएफ तथा अन्य मदों से सहायता दी जा रही है। इस तरह अब युवाओं को यह दिखने लगा है कि छत्तीसगढ़ में खेती-किसानी अब लाभ का धंधा है। यही वजह है कि बहुत से किसान पुत्र तथा पुत्रियां उच्च शिक्षित होने के बावजूद अब खेती-किसानी तथा इससे जुड़े हुए कारोबार अपना रहे हैं।

विशेष पिछड़ी जनजाति के शिक्षित युवाओं के लिए नियम को शिथिल करते हुए उन्हीं बसाहटों में शिक्षक के रूप में नौकरी दी गई है। आदिवासी अंचलों में शिक्षा के प्रति रूझान बढ़ाने के लिए संभाग स्तर पर कनिष्ठ सेवा चयन बोर्ड का गठन कर स्थानीय युवाओं की भर्ती सुनिश्चित की गई है। हमारे युवाओं की उपलब्धियों और कीर्तिमानों की खबरें सुनकर मेरा यह विश्वास और अधिक मजबूत हो जाता है कि छत्तीसगढ़ के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। भरोसा और सुविधाओं से ही हम वास्तविक युवा क्रांति कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि वर्तमान में कोरोना के नए वेरिएंट को ओमिक्रॉन के नाम से पहचाना गया है। लेकिन इसके भी शुरुआती लक्षण सर्दी, बुखार, गले में खराश जैसे, पहले की तरह ही हैं। हमारा पुराना अनुभव है कि कोरोना को लेकर किसी भी तरह की दहशत नहीं होनी चाहिए। सबसे पहले तो इतनी सावधानी बरतनी चाहिए कि कोरोना हो ही नहीं। सरकार की ओर से हरसंभव तैयारी की गई है। लेकिन प्रत्येक व्यक्ति को सचेत रहकर निजी सावधानी बरतनी आवश्यक है। नाक, मुंह ढंककर रखें। फेस मास्क को सही ढंग से लगाएं। साबुन, पानी से हाथ धोते रहें। भीड़ वाली जगह से बचें। फिजिकल डिस्टेंसिंग रखकर ही किसी से मेल-मुलाकात करें। हमने जिला प्रशासन को निर्देशित किया है कि स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार सार्वजनिक प्रतिबंधात्मक उपाय किए जाएं। कोरोना प्रोटोकाल का पालन करें। कोरोना से बचने के लिए टीके का दोनों डोज लगवाना जरूरी है। जिन्होंने पहला डोज लेकर छोड़ दिया है वे दूसरा डोज पूरा करें। 15 से 18 वर्ष के उम्र के किशोर-किशोरियों के लिए टीकाकरण शुरू हो गया है और मुझे खुशी है कि हमारे नवयुवा बड़ी संख्या में टीका लगवा रहे हैं। मैं चाहूंगा कि यह अभियान शत-प्रतिशत सफल हो।

छतीसगढ /शौर्यपथ/

पंजाब में सपीएम नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक के मसले पर सीएम भूपेश बघेल ने आरएसएस और भाजपा पर निशाना साधा है। सीएम ने कहा कि आरएसएस और भाजपा हमेशा षड्यंत्र करती रहती है। पंजाब की घटना भी उसी का हिस्सा है। शनिवार को पत्रकारों से चर्चा में सीएम बघेल ने कहा कि पीएम मोदी ने राजनीतिक लाभ के लिए बयान दिया है।

वे जिस सभा में जा रहे थे, वहां 70 हजार कुर्सियां लगी थीं और 700 लोग भी नहीं हो। खाली कुर्सियों को संबोधित करने के लिए वे कैसे जाते, इसलिए उन्होंने राजनीतिक लाभ के लिए बयान दिया। इससे पहले भी पूर्व पीएम मनमोहन सिंह को काले झंडे दिखाने और स्व. राजीव गांधी के एक श्रद्धांजलि सभा में शामिल होने के दौरान फायरिंग की घटना हुई थी, लेकिन उन्होंने तूल नहीं दिया।

भाजपा के आरोपों पर सीएम ने कहा कि उन्हें पॉलिटिकल माइलेज लेने की आवश्यकता नहीं है। छत्तीसगढ़ के लोग आशीर्वाद दे रहे हैं। नगरीय निकायों में एकतरफा जीत हुई है। सीएम ने सवाल किया कि जब पीएम को अपनी सुरक्षा एजेंसियों पर विश्वास नहीं है, किसानों पर विश्वास नहीं है तो देश की सुरक्षा कैसे करेंगे? पुलवामा-गलवान में अतिक्रमण पर पीएम चुप हैं। और काफिला लौट गया तो बयान दे रहे हैं कि मैं जिंदा बच गया।

आर्थिक गतिविधियों पर रोक लगाने की अभी जरूरत नहीं 

सीएम ने कहा कि कोरोना को लेकर देश-प्रदेश में जो परिस्थितियां हैं, उस पर नजर रखे हुए हैं। छत्तीसगढ़ के साथ-साथ अन्य प्रदेशों के हालात का अध्ययन किया जा रहा है। सीएम ने कहा कि फिलहाल आर्थिक गतिविधियां पर रोक लगाने या कंटेनमेंट जोन घोषित करने की आवश्यकता नहीं है। संक्रमण की रोकथाम के लिए जो जरूरी कदम हैं, वे उठाए जा रहे हैं। सरगुजा के एक वायरल वीडियो जिसमें एक समुदाय का बहिष्कार करने की बात हो रही है, उस पर सीएम ने कहा कि प्रशासन नजर रख रहा है।

वरुण गांधी ने बताया कि वह तीन दिन के पीलीभीत दौरे पर थे, उस दौरान वे वायरस की चपेट में आए हैं.

नई दिल्ली /शौर्यपथ/

भाजपा के सांसद वरुण गांधी कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए हैं. उन्होंने यह जानकारी खुद ट्वीट करते दी. उन्होंने बताया कि उनमें काफी गंभीर लक्षण दिखे हैं. वरुण गांधी ने बताया कि वह तीन दिन के पीलीभीत दौरे पर थे, उस दौरान वे वायरस की चपेट में आए हैं. इसके साथ ही उन्होंने चुनाव आयोग से मांग की है कि उम्मीदवार और पार्टी कार्यकर्ताओं को भी कोरोना वैक्सीन की Precaution डोज लगाई जाए. बता दें, पीलीभीत वरुण गांधी का संसदीय क्षेत्र है.

उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा है, 'तीन दिनों तक पीलीभीत में रहने के बाद, मेरी आज कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. और काफी गंभीर लक्षण दिखाई दिए हैं. अब हम एक तीसरी लहर के बीच हैं और चुनाव अभियान चल रहा है. चुनाव आयोग को उम्मीदवारों और पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए भी एहतियाती खुराक का इंतजाम करवाना चाहिए.'

देश में तेज होती कोरोना की रफ्तार

पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण के 1,59,632 नए मामले सामने आए, जो पिछले 224 दिन में सामने आए सर्वाधिक दैनिक मामले हैं. सक्रिय मरीजों की संख्या बढ़कर 5,90,611 हो गई है, जो करीब 197 दिन में सर्वाधिक है. वहीं, पिछले 24 घंटे में 327 लोगों की मौत होने के बाद मृतक संख्या बढ़कर 4,83,790 हो गई है.

इसके अलावा कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन से संक्रमण के 552 नए मामले सामने आने के बाद रविवार को इससे संक्रमित मरीजों की कुल संख्या बढ़कर 3,623 हो गई है. ओमिक्रोन के 3,623 मामलों में से 1,409 लोग या तो देश से बाहर चले गए हैं या स्वस्थ हो गए हैं. महाराष्ट्र में ओमीक्रोन के सर्वाधिक 1,009 मामले सामने आए. इसके बाद दिल्ली में 513, कर्नाटक में 441, राजस्थान में 373, केरल में 333 और गुजरात में 204 मामले सामने आए.

 

 

 

सेहत /शौर्यपथ/

कम सोना शरीर को बीमार कर सकता है, इसलिए रोजाना कम से कम 8 घंटे की नींद जरूर लें


आज के समय में कई लोगों की जीवनशैली अस्त व्यस्त है। देर से सोते हैं और देर से उठते हैं। कुछ लोग देर से सोते हैं, लेकिन सुबह जल्दी उठ भी जाते हैं। ऐसे में नींद भी सात घंटे से कम हो पाती है। अगर आप अच्छा खाते हैं और नियमित रूप से व्यायाम करते हैं लेकिन रोज़ कम से कम सात घंटे की नींद नहीं लेते हैं, तो आपको स्वास्थ्य से सम्बंधित गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। ज़रूरी है कि आप अपनी ऊर्जा को रिचार्ज करने के लिए रोज़ाना कम से कम 7- 8 घंटे की नींद अवश्य लें। यदि नहीं लेंगे, तो इसका सीधा असर याददाश्त पर पड़ सकता है, ग़ुस्सा और मूड स्विंग जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।

मन को खल जाती है नींद की कमी

नींद और मानसिक स्वास्थ्य एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। नींद की कमी से व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसलिए कहा जाता है कि जितनी अच्छी नींद होगी उतना ही अच्छा मानसिक स्वास्थ्य भी होगा। इसके अलावा जिन लोगों को मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हैं, उनमें अनिद्रा या अन्य नींद संबंधी समस्याओं से पीड़ित होने की संभावना ज़्यादा होती हैं। बेताबी (एंग्जाइटी), अवसाद, बाइपोलर डिसऑर्डर और अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर से पीड़ित मरीज़ों में नींद की समस्या (एडीएचडी) होने की संभावना अधिक होती है। नींद की कमी मानसिक क्षमता को कम कर देती है। पर्याप्त नींद न लेने से शारीरिक स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभाव पड़ता है। ऐसे में स्वस्थ मानसिक स्वास्थ्य के लिए आठ घंटे की नींद लेना बहुत ज़रूरी है। जिन लोगों को मानसिक स्वास्थ्य समास्याएं हैं उन्हें डिप्रेशन और एंग्जाइटी जैसी बीमारियों से बचने के लिए सोने की आदतों में सुधार करना चाहिए और पर्याप्त आठ घंटे की नींद लेनी चाहिए।

मासिक धर्म प्रभावित होगा

कम नींद लेने से मासिक धर्म की समस्याएं जैसे अनियमित पीरियड्स, स्पॉटिंग और हैवी फ्लो, ये सभी हो सकते हैं। ख़ासतौर पर पीरियड्स के दौरान महिलाओं को कम से कम 8 घंटे की नींद ज़रूर लेनी चाहिए। इससे मासिक धर्म के दौरान दर्द और मूड स्विंग जैसी समस्याएं भी कम होती हैं। स्लीप एपनिया यानी नींद की कमी का रोग शरीर के प्रतिरक्षा तंत्र को नुक़सान पहुंचता है। नींद के दौरान शरीर की लगभग हर कोशिका की मरम्मत होती रहती है। लेकिन नींद की कमी से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है और किसी भी तरह के संक्रमण का ख़तरा बढ़ जाता है।

वज़न बढ़ने का कारण है

नींद पूरी न होने से दिन भर थकान और सुस्ती बनी रहती है। इस वजह से लोगों में अस्वस्थ भोजन खाने की आदत बढ़ जाती है जिससे वज़न बढ़ता है। दूसरा कारण यह है कि जो लोग कम सोते हैं, उनकी शारीरिक क्रिया या व्यायाम छूटने से वज़न बढ़ जाता है।

हृदय के लिए भी हानिकारक

यूरोपियन हार्ट जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार नींद की कमी के कारण व्यक्ति के लिए दिल के रोगों का ख़तरा बढ़ जाता है। पाया गया कि जिन लोगों को हृदय की बीमारी थी वे लोग 6 घंटे से भी कम सोते थे। इस वजह से उनका हृदय का कार्य प्रभावित हो रहा था। कोरोनरी हार्ट डिज़ीज़ (हृदय रोग), कंजेस्टिव हार्ट फेलियर, स्ट्रोक और हृदयाघाट का कारण नींद की कमी हो सकता है।

मधुमेह का जोखिम

पर्याप्त नींद ना लेने से मधुमेह होने की संभावना बढ़ जाती है। कम नींद लेने से शरीर ब्लड शुगर (रक्त शर्करा) को नियंत्रित करने वाले हॉर्मोन इंसुलिन को ठीक से नियंत्रित नहीं कर पाता। नींद की कमी इंसुलिन उत्पादन और ग्लूटेन टोलरेंस (सहनशीलता) को कम करती है। इस वजह से कोशिकाएं इंसुलिन का उपयोग करने में कम प्रभावी हो जाती हैं, जिसके परिणामस्वरूप मधुमेह हो सकता है।

/शौर्यपथ /

मार्टिन लूथर किंग जूनियर, आंदोलनकारी एवं अफ्रीकी-अमेरिकी नागरिक अधिकारों के संघर्ष के प्रमुख नेता थे। इन्हें अमेरिका का गांधी भी कहा जाता है।


1. हमारे जीवन का उस दिन अंत होना शुरू हो जाता है, जिस दिन हम उन मुद्दों के बारे में चुप हो जाते हैं जो आम समाज के लिए मायने रखते हैं।

2. अंधकार को अंधकार से नहीं, बल्कि प्रकाश से दूर किया जा सकता है। नफरत को नफरत से नहीं, बल्कि प्रेम से खत्म किया जा सकता है।

3. मैंने प्रेम को ही अपनाने का निर्णय किया है, घृणा करना तो बेहद कष्टदायक है।

4. सही काम को करने के लिए, समय हर क्षण सही ही होता है।

5. हमें निराशा को स्वीकार करना चाहिए, लेकिन उम्मीद को कभी नहीं भूलना चाहिए।

6. व्यक्ति का निर्णायक आंकलन इससे नहीं होता कि वह सुख व सहूलियत की घड़ी में कहां खड़ा है, बल्कि इससे होता कि वह चुनौती व विवाद के समय में कहां खड़ा होता है।

7. सत्य से डराना अच्छी बात है, सत्य से डरना नहीं। सच का सामना करने के लिए हमेशा तैयार रहिए।

8. यदि आप उड़ नहीं सकते, तो दौड़िए। यदि दौड़ नहीं सकते, तो चलिए। यदि चल भी नहीं सकते तो रेंगते हुए बढ़िए यानी कुछ भी हो हमेशा आगे बढ़ते रहिए।

 

भिलाई /शौर्यपथ/

भिलाई नगर निगम में मेयर और सभापति के पदभार कार्यक्रम में जहां नेता गण महंगी-महंगी गाड़ियों से पहुंचे तो वहीं नव निर्वाचित सभापति बंटी गिरवर साहू स्कूटी से पहुंचे। पुलिस ने उन्हें निगम के अंदर नहीं घुसने दिया, इसके बाद उन्होंने हाथ जोड़कर बताया कि वह सभापति का पदभार ग्रहण करने आए हैं तो पुलिस ने उन्हें स्कूटी सहित निगम के अंदर जाने की अनुमति दी। वहीं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रिसाली, भिलाई और भिलाई चरौदा नगर निगम में आयोजित अलग-अलग कार्यक्रम में शिरकत की और नव निर्वाचित मेयर नीरज पाल और सभापति को पदभार ग्रहण कराया।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस मौके पर कहा कि लोग हमेशा कहते हैं कि कांग्रेस की सरकार ग्रामीण क्षेत्र में ज्यादा जोर देती हैं। ग्रामीण क्षेत्र में किया भी है। किसानों का ऋण माफी किया, 2500 रुपए में धान खरीदी किया, तेंदूपत्ता 4000 प्रति मानक बोरा की दर से खरीदा, पट्टा दिया, लघु वनोपज खरीदने की व्यवस्था की। उसका वैल्यू एडीशन भी किया। इससे लोगों को लगा कि सरकार केवल ग्रामीण विकास की ओर ध्यान दे रही है। गांधी जी के विचार हैं कि भारत की आत्मा गांव में बसती है। इसलिए उन्होंने ग्राम सुराज की बात कही। यदि भारत को मजबूत करना है तो गांव को मजबूत करना है। इसके लिए सबसे आवश्यक कार्य है कि उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत किया जाए।

नगर निगम भिलाई में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि आपने निगम के विकास को लेकर जो सपने देखे हैं उन्हें पूरा करने का अवसर जनता ने आपको दिया है। नए मेयर को सेक्टर 5 की तरह पटरी इस पार और पटरी उस पार दोनों क्षेत्रों का विकास करना है। अब वह पूरे भिलाई नगर निगम के मेयर है, न कि एक वार्ड के पार्षद। जनता से जो भी वादा किया गया है उसे युद्ध स्तर पर पूरा करने का समय है। चुनाव से पहले दो साल के अंदर पूरे निगम क्षेत्र का सर्वांगीण विकास होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने महापौर नीरज पाल को बधाई देते हुए कहा कि नीरज ने सेक्टर 5 क्षेत्र का जिस तरह से विकास किया है वह काबिले तारीफ है। चाहे वह स्टेडियम हो या फिर शहीद भगत सिंह के नाम पर बना पार्क। नीरज ने यह साबित कर दिया है कि उसके अंदर विकास का जुनून और जज्बा है। इस मौके पर गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, मंत्री मोहम्मद अकबर, विधायक अरुण वोरा, विधायक देवेंद्र यादव, धर्मेंद्र यादव, तुलसी साहू, भजन सिंह निरंकरी, बदरुद्दीन कुरैशी सहित सभी कांग्रेसी पार्षद मौजूद थे।

 

 

 

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