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बर्खास्तगी के खिलाफ टीएमसी का बड़ा दांव, अगले कुछ दिनों में सुप्रीम कोर्ट में हो सकती है सुनवाई
कोलकाता/नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की राजनीति में अभूतपूर्व संवैधानिक संकट के बीच पूर्व मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने अपनी सरकार की बर्खास्तगी और चुनाव परिणामों को चुनौती देने का फैसला किया है। 7 मई 2026 को राज्यपाल द्वारा मंत्रिमंडल को बर्खास्त किए जाने के तुरंत बाद तृणमूल कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी शुरू कर दी है।
सूत्रों के अनुसार, यह याचिका मई 2026 के दूसरे सप्ताह में सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष आ सकती है। मामले की गंभीरता और संवैधानिक प्रभाव को देखते हुए टीएमसी की कानूनी टीम “अर्जेंट मेंशनिंग” के जरिए जल्द सुनवाई की मांग करेगी।
ममता और चंद्रिमा खुद लड़ेंगी कानूनी लड़ाई
जानकारी के मुताबिक, Mamata Banerjee और पूर्व मंत्री Chandrima Bhattacharya स्वयं वकील के रूप में इस संवैधानिक लड़ाई में पक्ष रख सकती हैं। पार्टी का दावा है कि राज्य में लोकतांत्रिक प्रक्रिया और जनादेश को नजरअंदाज किया गया है।
हालांकि फिलहाल सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक कॉज लिस्ट में इस मामले की सुनवाई की कोई तारीख तय नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक घटनाक्रमों को देखते हुए अगले 2-3 कार्य दिवसों के भीतर इस पर सुनवाई होने की संभावना जताई जा रही है।
पहले भी मिल चुके हैं कानूनी झटके
चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मामलों में टीएमसी को हाल ही में अदालत से राहत नहीं मिल सकी थी।
2 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने मतगणना के लिए केंद्रीय कर्मचारियों की नियुक्ति को वैध ठहराते हुए टीएमसी की याचिका खारिज कर दी थी।
वहीं अप्रैल 2026 में चुनाव आयोग द्वारा अधिकारियों के तबादलों को लेकर दायर याचिका पर भी अदालत ने हस्तक्षेप से इनकार कर दिया था।
बीजेपी सरकार के शपथ ग्रहण की तैयारी तेज
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 207 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। नई सरकार का शपथ ग्रहण 9 मई 2026 को Brigade Parade Ground में प्रस्तावित है।
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, ममता बनर्जी की याचिका का मुख्य उद्देश्य नई सरकार के गठन की प्रक्रिया पर रोक लगाना या चुनाव परिणामों को चुनौती देकर चुनाव निरस्त कराने की मांग करना हो सकता है।
राजनीतिक गलियारों में बढ़ी हलचल
राज्य में तेजी से बदलते राजनीतिक हालात के बीच अब सबकी नजर सुप्रीम कोर्ट पर टिक गई है। यदि अदालत इस मामले में त्वरित सुनवाई स्वीकार करती है, तो पश्चिम बंगाल की राजनीति में आने वाले दिन बेहद निर्णायक साबित हो सकते हैं।
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Feb 09, 2021 Rate: 4.00
