August 15, 2026
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    17 या 18 नवंबर कब से शुरू है छठ पूजा? जानें तिथि, कथा और भोग रेसिपी

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        व्रत त्यौहार /शौर्यपथ /छठ के पर्व का हिंदू धर्म में विशेष महत्व बताया गया है. छठ का पर्व बिहार, झारखंड, और उत्तर प्रदेश की कई जगहों पर घूमधाम से मनाया जाता है. पंचांग के अनुसार कार्तिक छठ पूजा की शुरूआत 17 नंवबर 2023, शुक्रवार से होगी, सोमवार को कार्तिक महीने में शुक्ल पक्ष की षष्ठी यानी छठी तिथि से आरंभ होगा. ये पर्व चार दिनों तक मनाया जाता है. छठ का पर्व दिवाली के 6 दिन बाद मनाया जाता है. छठ की शुरूआत नहाय-खाय के साथ होती है. छठ के दूसरे दिन को खरना कहते हैं. इस दिन व्रती को पूरे दिन व्रत रखना होगा. शाम को व्रती महिलाएं मिट्टी के चूल्हे पर गुड़वाली खीर का प्रसाद बनाती हैं. छठ व्रत के तीसरे दिन सूर्य देव की पूजा की जाती है. इस दिन महिलाएं शाम के समय तालाब या नदी में जाकर सूर्य भगवान को अर्घ्य देती है. चौथे दिन सूर्य देव को जल देकर छठ का समापन किया जाता है.
    छठ पूजा की पारंपरिक ठेकुआ रेसिपीः
    इस बार इन तरीकों से बनाएं ठेकुआ, सब करेंगे तारीफ
    छठ में ठेकुआ बनाया जाता है। यह एक ऐसा प्रसाद है जो आटे और सूजी से बनता है। आज हम आपको इस तरह से बनाने का तरीका बताएंगे।
    ठेकुआ छठ पूजा में बनने वाला एक प्रमुख प्रसाद है, जिसके बिना छठ अधूरा होता है। इसे ठेकरी और खजूरिया के नाम से भी जाना जाता है और यह बिहार में बहुत पॉपुलर है। इसके मुख्य इंग्रीडिएंट्स में चीनी, गेहूं का आटा और घी शामिल है। कई लोग इसमें घी की जगह गुड़ भी डालते हैं।
    इसे तेल और घी में डीप फ्राई किया जाता है और फिर छठ में ही नहीं, उसके बाद भी इसे खूब चाव से खाया जाता है। कुछ लोग इसे बेक करके भी बनाने लगे हैं। चूंकि छठ त्यौहार नजदीक है, इसलिए हम इस रेसिपी को आपके साथ शेयर करने से कैसे पीछे रहते?
    आज इस आर्टिकल में हम ठेकुआ की रेसिपीज बताने जा रहे हैं, वो भी दो अलग-अलग तरीके से। अब आप इन्हें देखें और खुद ही फैसला करें इस बार प्रसाद में किस तरह का ठेकुआ चढ़ाना पसंद करेंगे। तो चलिए बिना देरी के जानते हैं इसे कैसे बनाया जाता है।
    डीप फ्राई कर बनाएं ठेकुआ
    जो पहला तरीका हम आपके साथ शेयर कर रहे हैं, वो आम घरों में इस्तेमाल होता है। ठेकुआ बनाकर उसे घी में फ्राई किया जाता है और फिर उसका मजा लिया जाता है।
    सामग्री-
    1 कप गेहूं का आटा
    2 चम्मच बादाम
    1 बड़ा चम्मच सौंफ
    1/2 चम्मच किशमिश
    1/2 कप गुड़
    2 बड़े चम्मच ग्रेट किया नारियल
    बनाने का तरीका-
    सबसे पहले एक पैन में गुड़ और पानी डालकर मिलाएं। फिर इसे धीमी आंच पर रखकर पिघलने दें।
    अब एक परात में आटा डालें और घी डालकर मिलाएं। इसके बाद इसमें ड्राई फ्रूट्स और सौंफ डालकर अच्छी तरह से मिक्स करें।
    अब गुड़ के पानी को ठंडा कर, इस आटे में डालें और आटे को टाइट गूंथ लें। आटा गूंथ लेने के बाद इसे 15 मिनट के लिए ढककर रखें।
    15 मिनट के बाद आटा से छोटी-छोटी बॉल्स बनाकर रख लें। अब इन बॉल्स को हाथ में लेकर हथेली से दबाएं।
    आप छलनी, कांटे, ग्रेटर की मदद से इसमें तरह-तरह के डिजाइन बना सकती हैं। अब एक कढ़ाही में तेल और घी डालकर गर्म करें। इसमें ये तैयार ठेकुआ डालकर डीप फ्राई कर लें।
    आपके क्रंची और क्रिस्पी ठेकुआ प्रसाद तैयार है। छठी मैया को इसका भोग लगाएं।
    छठ पूजा में ठेकुआ का बहुत महत्व होता है. ठेकुआ ज्‍यादातर बिहार और झारखंड के लोग बनाते और खाते हैं. ठेकुआ को छठ पूजा के मौके पर विशेष रूप से तैयार किया जाता हैं. ठेकुआ को खजुरिया या थिकारी के नाम से भी जाना जाता है. इसे विशेष रूप से छठ पूजा के समय बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रों में ज्यादा बनाया जाता है.
    छठ से जुड़ी कथाः
    मान्यता के अनुसार छठ देवी सूर्य देव की बहन हैं और उन्हीं को प्रसन्न करने के लिए भगवान सूर्य की आराधना की जाती है. व्रत करने वाले मां गंगा और यमुना या किसी नदी या जलाशयों के किनारे आराधना करते हैं. इस पर्व में स्वच्छता और शुद्धता का विशेष ख्याल रखा जाता है. वहीं, पुराणों में मां दुर्गा के छठे रूप कात्यायनी देवी को भी छठ माता का ही रूप माना जाता है. छठ मईया को संतान देने वाली माता के नाम से भी जाना जाता है. माना जाता है कि ये व्रत संतान प्राप्ति और संतान की मंगलकामना के लिए रखा जाता है.

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