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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
रॉयल एकेडेमी पाउवारा स्कूल के एनुअल फंक्शन में 3 महीने पुराना एक्सपायर्ड जंक फूड बेचा गया, अभिभावकों का फूटा गुस्सा, पुलिस मौके पर पहुंची
दुर्ग / शौर्यपथ/
दुर्ग जिला, जो वर्तमान में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव का कार्यक्षेत्र है और जहां पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू का मूल प्रभाव वाला पाउवारा गांव क्षेत्र आता है, वहीं एक निजी स्कूल में बच्चों की सेहत से जुड़ा बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पाउवारा स्थित रॉयल एकेडेमी पब्लिक स्कूल के वार्षिक समारोह (एनुअल फंक्शन) के दौरान स्कूल परिसर में लगाए गए जंक फूड स्टॉल पर करीब तीन महीने पहले एक्सपायर हो चुकी खाद्य सामग्री बच्चों को बेची जा रही थी।
जैसे ही कुछ सतर्क अभिभावकों ने बच्चों द्वारा खरीदे गए चिप्स, कुरकुरे, बिस्कुट और अन्य पैकेज्ड स्नैक्स के पैकेट चेक किए, तो उनकी एक्सपायरी डेट तीन महीने पुरानी पाई गई। इसके बाद पूरे समारोह स्थल पर हड़कंप मच गया। नाराज अभिभावकों ने स्टॉल को घेर लिया और स्कूल प्रबंधन पर बच्चों की सुरक्षा के साथ घोर लापरवाही के आरोप लगाते हुए जोरदार हंगामा शुरू कर दिया।
दुकानदार के बहाने, गुस्सा और भड़का
मामला उजागर होने पर स्टॉल संचालक ने खुद को बचाने के लिए अजीब दलीलें दीं। उसने दावा किया कि "सामान खराब नहीं है, सिर्फ पैकेट पर डेट गलत छप गई है।" इस गैर-जिम्मेदार बयान ने अभिभावकों के गुस्से को और भड़का दिया। सवाल उठने लगे कि स्कूल प्रबंधन ने बिना किसी जांच-पड़ताल के ऐसे दुकानदार को स्टॉल लगाने की अनुमति कैसे दे दी?
स्थिति बिगड़ी, पुलिस को बुलाना पड़ा
शाम होते-होते माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया कि पुलिस प्रशासन को मौके पर बुलाना पड़ा। पुलिस ने स्थिति को संभाला और मामले की प्रारंभिक जांच शुरू की। गनीमत यह रही कि समय रहते मामला पकड़ में आ गया, वरना एक्सपायर्ड जंक फूड से बच्चों को फूड पॉइजनिंग, उल्टी-दस्त या गंभीर स्वास्थ्य समस्या हो सकती थी।
स्कूल प्रबंधन की चुप्पी पर सवाल
घटना के बाद जब स्कूल प्रबंधन से जवाब मांगा गया तो केवल औपचारिक और गोलमोल बयान सामने आए—
"मामले की जांच की जा रही है" और "उचित कार्रवाई होगी।"
लेकिन न तो कोई स्पष्ट माफी सामने आई और न ही यह बताया गया कि स्टॉल की अनुमति किस आधार पर दी गई थी। इससे अभिभावकों का आक्रोश और गहरा गया।
राजनीतिक संदर्भ में मामला और संवेदनशील
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब दुर्ग जिला शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की जिम्मेदारी में है और यह क्षेत्र पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू के प्रभाव वाले इलाके से भी जुड़ा हुआ है। ऐसे में आम लोगों के बीच यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि
– क्या स्कूलों की निगरानी व्यवस्था इतनी कमजोर हो चुकी है?
– क्या निजी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासनिक लापरवाही बरती जा रही है?
अब उठ रहे हैं ये बड़े सवाल
– क्या रॉयल एकेडेमी पाउवारा स्कूल प्रबंधन पर सख्त कार्रवाई होगी?
– क्या एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री बेचने वाले दुकानदार पर स्नस्स््रढ्ढ नियमों के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी?
– क्या इस घटना के बाद दुर्ग जिले के सभी स्कूलों में फूड स्टॉल, खाद्य गुणवत्ता और एक्सपायरी जांच को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी होंगे?
फिलहाल पुलिस जांच जारी है और आगे की कार्रवाई की प्रतीक्षा की जा रही है। यह मामला साफ तौर पर चेतावनी देता है कि उत्सव और कार्यक्रमों के नाम पर बच्चों की सेहत से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जा सकता, खासकर ऐसे जिले में जहां शिक्षा और प्रशासन से जुड़े शीर्ष नेता सक्रिय भूमिका में हैं।
'मोर गांव मोर पानीÓ महाअभियान के तहत मनरेगा में ऐतिहासिक पहल
बारिश से पहले 10 हजार से अधिक आजीविका डबरी निर्माण का लक्ष्य
निजी भूमि पर टिकाऊ परिसंपत्तियां, पंचायत-समुदाय की सहभागिता से विकसित हो रहा मॉडल
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण, ग्रामीण रोजगार और सतत आजीविका को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 'मोर गांव मोर पानीÓ महाअभियान के अंतर्गत महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत आजीविका डबरी (फार्म पोंड) निर्माण का विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभिनव पहल के अंतर्गत प्रदेशभर में 10,000 से अधिक आजीविका डबरी का निर्माण कार्य प्रगति पर है। यह कार्य समाज के सबसे कमजोर वर्ग के हितग्राहियों की निजी भूमि पर किया जा रहा है, जिससे एक ओर वर्षा जल संरक्षण सुनिश्चित हो रहा है, वहीं दूसरी ओर दीर्घकालीन एवं टिकाऊ आजीविका के अवसर सृजित किए जा रहे हैं।
अभियान के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के हितग्राहियों को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि जल संसाधन और आवास आधारित आजीविका को एकीकृत रूप में मजबूत किया जा सके।
इस योजना के माध्यम से जहां मनरेगा के अंतर्गत स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन हो रहा है, वहीं वर्षा जल संचयन को संस्थागत रूप से बढ़ावा मिल रहा है। आजीविका डबरी के माध्यम से अंतर्विभागीय अभिसरण के तहत कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन एवं अन्य जल आधारित गतिविधियों की योजनाबद्ध रूप से रूपरेखा तैयार कर उनका क्रियान्वयन किया जाएगा।
प्रत्येक आजीविका डबरी का निर्माण निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप 20 मीटर म 20 मीटर म 3 मीटर आकार में किया जा रहा है। जल की गुणवत्ता और दीर्घकालीन टिकाऊपन सुनिश्चित करने के लिए इनलेट-आउटलेट व्यवस्था तथा सिल्ट अरेस्टिंग चैंबर की अनिवार्य व्यवस्था की गई है।इस अभियान में पंचायतों और समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है। डबरी निर्माण कार्य का शुभारंभ पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्रामवासियों की उपस्थिति में किया जा रहा है। ग्राम पंचायत स्तर पर विषय पर विस्तृत चर्चा कर हितग्राहियों की जानकारी सार्वजनिक रूप से साझा की जा रही है, जिससे पारदर्शिता बनी रहे। साथ ही हितग्राहियों से आवश्यक अंशदान भी लिया जा रहा है, ताकि स्वामित्व और सहभागिता की भावना मजबूत हो।
आजीविका डबरी का निर्माण सैटेलाइट आधारित क्लार्ट ऐप के माध्यम से वैज्ञानिक ढंग से 'रिज-टू-वैली एप्रोचÓ पर किया जा रहा है। यह कार्य विभिन्न विभागों के अभिसरण के साथ कन्वर्जेन्स पैकेज के रूप में लागू किया जा रहा है। पंचायतों के साथ-साथ प्रदान, ट्राइफ, एफईएस सहित अन्य सिविल सोसायटी संगठनों का भी सक्रिय सहयोग प्राप्त हो रहा है।
सभी निर्माण कार्यों को बारिश से पूर्व पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रति आजीविका डबरी अधिकतम लागत तीन लाख रुपये तय की गई है। जल संरक्षण के साथ-साथ निजी भूमि पर टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण के माध्यम से यह पहल ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण, अभिनव और अनुकरणीय मॉडल के रूप में उभर रही है।
जनजातीय परंपराओं के संरक्षण के साथ बस्तर को नई ऊँचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है सरकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर / शौर्यपथ / प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 7 से 9 फरवरी के बीच छत्तीसगढ़ में आयोजित बस्तर पंडुम को बस्तर की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और जनजातीय विरासत का भव्य उत्सव बताते हुए इससे जुड़े सभी सहभागियों को हार्दिक बधाई दी है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने के साथ-साथ स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि एक समय बस्तर का नाम आते ही माओवाद, हिंसा और विकास में पिछड़ेपन की छवि उभरती थी, लेकिन आज परिस्थितियाँ पूरी तरह बदल चुकी हैं। अब बस्तर शांति, विकास और स्थानीय लोगों के बढ़ते आत्मविश्वास के लिए जाना जा रहा है। उन्होंने कामना की कि बस्तर का आने वाला समय शांति, प्रगति और सांस्कृतिक गौरव से परिपूर्ण हो।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और निरंतर मार्गदर्शन से बस्तर आज सांस्कृतिक गौरव और समावेशी विकास के सशक्त प्रतीक के रूप में अपनी नई पहचान गढ़ रहा है। 'बस्तर पंडुमÓ जैसे आयोजन जनजातीय परंपराओं, लोक-संस्कृति और विरासत को सहेजने के साथ-साथ शांति, विश्वास और समावेशी प्रगति का प्रभावी संदेश देते हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से बस्तर के जनजीवन में सकारात्मक परिवर्तन स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और आजीविका के अवसरों के विस्तार से क्षेत्र में भरोसे और सहभागिता का नया वातावरण बना है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में जनजातीय समाज की परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण के साथ-साथ बस्तर को शांति, समृद्धि और विकास की नई ऊँचाइयों तक निरंतर अग्रसर करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
राज्य में सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप (ष्टशश्व) और इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड डेवलपमेंट सेंटर की होगी स्थापना
प्रदेश में नवाचार, स्टार्ट-अप और कौशल आधारित रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
आईटी, आईटीईएस एवं इमरजिंग टेक्नोलॉजी आधारित उद्योगों के भरोसेमंद और आकर्षक गंतव्य के रूप में उभर रहा है छत्तीसगढ़
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है। हमारा लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ ज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में भी देश में अपनी विशिष्ट पहचान बनाए। छत्तीसगढ़ सरकार राज्य को ज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही है।आधुनिक अधोसंरचना, प्रभावी ई-गवर्नेंस प्रणाली और निवेश-अनुकूल नीतियों के चलते छत्तीसगढ़ आज आईटी, आईटीईएस एवं इमरजिंग टेक्नोलॉजी आधारित उद्योगों के लिए एक भरोसेमंद और आकर्षक गंतव्य के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, छत्तीसगढ़ शासन एवं सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पाक्र्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) के मध्य हुए महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) उपरांत कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि युवाओं में उद्यमिता विकसित करने और उन्हें आईटी एवं आईटीईएस जैसे क्षेत्रों में विश्वस्तरीय अवसर राज्य के भीतर ही उपलब्ध कराने की दिशा में यह पहल की गई है। इस एमओयू के तहत राज्य में सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप (ष्टशश्व) एवं इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड डेवलपमेंट (श्वस्ष्ठष्ठ) सेंटर की स्थापना की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वन एवं औषधीय उत्पाद आधारित मेडटेक, स्मार्ट सिटी समाधान तथा स्मार्ट कृषि जैसे चार महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नवाचार और स्टार्ट-अप को प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही, एक अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड डेवलपमेंट (श्वस्ष्ठष्ठ) सेंटर की स्थापना की जाएगी, जो प्रति वर्ष लगभग 30 से 40 हार्डवेयर स्टार्ट-अप और एमएसएमई को प्रोडक्ट डिजाइन, प्रोटोटाइपिंग, कौशल विकास एवं क्षमता निर्माण की सुविधाएं प्रदान करेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस पहल से प्रदेश के युवाओं को राज्य के भीतर ही इनक्यूबेशन, मेंटरशिप, फंडिंग और आधुनिक प्रयोगशालाओं की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे उच्च कौशल वाले युवाओं का बड़े शहरों की ओर पलायन रुकेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने एसटीपीआई जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित संस्था के सहयोग को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि देशभर में 68 केंद्रों और 24 सेक्टर-विशेष सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप के माध्यम से एसटीपीआई का व्यापक अनुभव छत्तीसगढ़ के स्टार्ट-अप और नवाचार इकोसिस्टम को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह एमओयू राज्य के आर्थिक विकास में एक मील का पत्थर साबित होगा और छत्तीसगढ़ को डिजिटल नवाचार, तकनीकी उद्यमिता और स्टार्ट-अप के क्षेत्र में राष्ट्रीय मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाएगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, इलेक्ट्रॉनिक और प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, निदेशक एसटीपीआई श्री रवि वर्मा, चिप्स के सीईओ श्री प्रभात मलिक सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
दुर्ग / शौर्यपथ / श्रुति फाउंडेशन छत्तीसगढ़ संस्था द्वारा समाज के बुजुर्ग माता-पिताओं के प्रति सम्मान, संवेदना और सेवा-भाव को समर्पित एक भावनात्मक एवं प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसके अंतर्गत संस्था द्वारा पुलगांव स्थित वृद्धाश्रम में निवासरत बुजुर्ग माता-पिताओं को देशभक्ति से ओत-प्रोत फिल्म “बॉर्डर 2” दिखाने के लिए ले जाया गया।
इस कार्यक्रम में बुजुर्गों एवं श्रुति फाउंडेशन छत्तीसगढ़ के सभी सदस्यों की फिल्म टिकट संस्था की ओर से पूर्णतः निःशुल्क रखी गई थी। फिल्म के दौरान बुजुर्गों के चेहरों पर दिखी मुस्कान और भावनाएं इस पहल की सार्थकता को दर्शा रही थीं।
इस अवसर पर संस्था की संस्थापिका एवं अध्यक्ष नीतू श्रीवास्तव जी ने जानकारी देते हुए बताया कि श्रुति फाउंडेशन छत्तीसगढ़ को स्थापित हुए 8 वर्ष पूर्ण हो चुके हैं और इन आठ वर्षों में संस्था द्वारा कई आयोजन किया गए पर यह संस्था का पहला ऐसा भावनात्मक कार्यक्रम रहा जिसका वर्णन शब्दों में नहीं किया जा सकता सिर्फ महसूस किया जा सकता है।नीतू जी ने कहा कि
इस पहल से संस्था को एक नया अनुभव प्राप्त हुआ है और बुजुर्ग माता-पिताओं के साथ इस प्रकार का कार्यक्रम कर अत्यंत खुशी महसूस हुई।
नीतू श्रीवास्तव जी ने आगे कहा कि वृद्धाश्रम में निवासरत बुजुर्गों को आप के प्रेम,साथ ओर सब से कीमती थोड़ा सा आप के समय की आवश्यकता है हमारा प्रयास रहेगा कि ऐसे सेवा और प्रेम से जुड़े कार्यों से प्रेरणा लेकर समाज के अन्य लोग भी आगे आएँ और बुजुर्गों, जरूरतमंदों एवं संवेदनशील विषयों पर कार्य करें, ताकि समाज को एक सकारात्मक, मानवीय और प्रेरक संदेश मिल सके।
कार्यक्रम में श्रुति फाउंडेशन छत्तीसगढ़ संस्था के सदस्य साधना चौधरी, रूपलता साहू, श्रुति श्रीवास्तव, मनीषा सोनी,सीमा गुप्ता, मनीषा सोनी, निष्ठा सोनी,सुरभि ठाकुर,रानी साहू,कविता विश्वास की सक्रिय उपस्थिति रही।नीतू जी ने कहा कि संस्था के सभी सदस्यों का पूर्ण रूप से साथ होने के कारण कोई भी कार्य संस्था के लिए आसान हो जाता है।
बुजुर्गों ने संस्था के इस स्नेहपूर्ण प्रयास के लिए आभार व्यक्त करते हुए इसे उनके जीवन का सुखद और भावुक क्षण बताया। श्रुति फाउंडेशन छत्तीसगढ़ संस्था भविष्य में भी इसी प्रकार समाजसेवा, मानवीय संवेदना और सकारात्मक सोच से जुड़े कार्यक्रम निरंतर आयोजित करती रहेगी।
रायपुर/ शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नक्सलवाद खात्मे की तिथि 31 दिसम्बर 2026 बताये जाने पर सवाल खड़ा करते हुए प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा नक्सलवाद खात्मे को लेकर क्या केंद्रीय गृहमंत्री एवं मुख्यमंत्री के बीच मतभेद है? केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह नक्सलवाद खात्मे की डेड लाईन 31 मार्च 2026 बताते है, वही गृहमंत्री के साथ बैठक के पश्चात मुख्यमंत्री मीडिया के सवालो का जवाब देते हुए कहते है, 31 दिसम्बर 2026 तक नक्सलवाद खत्म होगा। आखिर क्या चल रहा है? इन दोनों प्रमुखों के बयान से जनता भ्रमित है।सच क्या है? जनता जाना चाहती है। जनता केंद्रीय गृहमंत्री के बयान पर भरोसा करें या राज्य के मुखिया पर?
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा पूरा प्रदेश चाहता है कि नक्सलवाद खत्म हो।इसकी ठोस रणनीति बने ताकि भविष्य में इस प्रकार से हिंसात्मक गतिविधियों पर पूर्ण रोक लगे। फोर्स और सुरक्षा के जवान लगातार नक्सलियों के खिलाफ आक्रामक कार्यवाही कर रहे है। लेकिन गृहमंत्री और मुख्यमंत्री के बयान का विरोधभास संसय पैदा कर रहा है। क्या केंद्रीय गृहमंत्री हड़बड़ी में है, इसलिये 31 मार्च की बात कर रहे है और मुख्यमंत्री वास्तविकता को जान रहे है, इसलिये 31 दिसम्बर 2026 तक कि डेड लाईन बता रहे है।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा नक्सलवाद खात्मे को लेकर मुख्यमंत्री को स्पस्ट जवाब जनता को देना चाहिए। नक्सलवाद के खिलाफ चलाये जा रहे मुहिम में पूरा प्रदेश एक साथ खड़ा हुआ है, लेकिन गृहमंत्री और मुख्यमंत्री के बीच समन्वय की कमी नजर आ रही जो दोनों के अलग-अलग बयान से झलक रहा है। ये प्रदेश के हित में नही है।
रायपुर/ शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नक्सलवाद खात्मे की तिथि 31 दिसम्बर 2026 बताये जाने पर सवाल खड़ा करते हुए प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा नक्सलवाद खात्मे को लेकर क्या केंद्रीय गृहमंत्री एवं मुख्यमंत्री के बीच मतभेद है? केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह नक्सलवाद खात्मे की डेड लाईन 31 मार्च 2026 बताते है, वही गृहमंत्री के साथ बैठक के पश्चात मुख्यमंत्री मीडिया के सवालो का जवाब देते हुए कहते है, 31 दिसम्बर 2026 तक नक्सलवाद खत्म होगा। आखिर क्या चल रहा है? इन दोनों प्रमुखों के बयान से जनता भ्रमित है।सच क्या है? जनता जाना चाहती है। जनता केंद्रीय गृहमंत्री के बयान पर भरोसा करें या राज्य के मुखिया पर?
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा पूरा प्रदेश चाहता है कि नक्सलवाद खत्म हो।इसकी ठोस रणनीति बने ताकि भविष्य में इस प्रकार से हिंसात्मक गतिविधियों पर पूर्ण रोक लगे। फोर्स और सुरक्षा के जवान लगातार नक्सलियों के खिलाफ आक्रामक कार्यवाही कर रहे है। लेकिन गृहमंत्री और मुख्यमंत्री के बयान का विरोधभास संसय पैदा कर रहा है। क्या केंद्रीय गृहमंत्री हड़बड़ी में है, इसलिये 31 मार्च की बात कर रहे है और मुख्यमंत्री वास्तविकता को जान रहे है, इसलिये 31 दिसम्बर 2026 तक कि डेड लाईन बता रहे है।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा नक्सलवाद खात्मे को लेकर मुख्यमंत्री को स्पस्ट जवाब जनता को देना चाहिए। नक्सलवाद के खिलाफ चलाये जा रहे मुहिम में पूरा प्रदेश एक साथ खड़ा हुआ है, लेकिन गृहमंत्री और मुख्यमंत्री के बीच समन्वय की कमी नजर आ रही जो दोनों के अलग-अलग बयान से झलक रहा है। ये प्रदेश के हित में नही है।
रायपुर/शौर्यपथ / प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि 2 साल में ही भाजपा सरकार जनता की नजरों से गिर गई है, अब भाजपा के ही सांसद, विधायक अपने सरकार के क्रियाकलापों के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल रहे हैं। राजिम कुंभ में करोड़ों रुपए का बजट कहां खर्च हुआ? जब वहां भारी अव्यवस्था है साधु संतों से लेकर स्थानीय कलाकारों का अपमान हो रहा है, श्रद्धालुओं को भारी अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ रहा है। कोई ढंग का इंतजाम नहीं है फिर पैसे कहां खर्च किया गया? क्या कुंभ के आयोजन के नाम से भ्रष्टाचार कर उसमें भी बंदरबांट किया जा रहा है? भाजपा विधायक रोहित साहू मेला स्थल में अधिकारियों पर भड़ास निकालकर जनता को भ्रमित कर रहे है क्योंकि कुंभ के आयोजन में वो भी कमेटी में है। ऐसे में उनकी नाराजगी बताती है कि सरकार में कितना भर्राशाही चल रही है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि वरिष्ठ भाजपा नेता ननकी राम कंवर लगातार सरकार के भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अराजकता के खिलाफ आवाज उठा रहे लेकिन उनके आवाज की अनदेखी की जा रही। ननकी राम के आरोपों पर सरकार की चुप्पी बताती है कि सभी गड़बड़ियां सरकार के इशारे पर हो रही है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि जम्बूरी में करोड़ो रुपया की गड़बड़ी हुई, 33 हजार शिक्षकों की भर्ती, यातायात अव्यवस्था और कानून व्यवस्था पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने उठाया फिर चुप हो गये? सांसद विजय बघेल मोदी की गारंटी पूरा करने सरकार को पत्र लिखे, फिर चुप्पी साध ली? राजेश मूणत शहर की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाये, फिर चुप हो गये? विधायक सुनील सोनी खराब सड़क, खराब सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़ा किये, फिर चुप हो गये? अब रोहित साहू राजिम कुंभ पर सवाल खड़ा कर रहे है। यह बताता है कि पूरी की पूरी सरकार भ्रष्ट है जो भाजपाई हिस्सा नहीं पा रहे वो तिलमिला रहे।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा सरकार के कामकाजों से नाराज सवाल उठाने वाले सांसद, विधायक यदि जनता के प्रति खुद को जिम्मेदार मानते है तो सरकार की नाकामियों के चलते इस्तीफा क्यों नहीं देते? इसी को कहते है मुंह में राम बगल में छुरी, एक ओर जनता की हितैषी बनने का स्वांग करो, दूसरी ओर सत्ता की मलाई खाओ। भाजपा नेताओं की राजनैतिक नौटंकी जनता देख और समझ रही है। ये प्रोपोगंडा चलने वाला नहीं है।
दैनिक शौर्यपथ महासमुंद ब्यूरो संतराम कुर्रे
मड़वा में तीन दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम साहित्य संगोष्ठी कवि सम्मेलन सहित निःशुल्क भोजन भण्डारा के आयोजन करने।
रायपुर में एक करोड़ के लागत से बहुद्देशीय सतनाम धर्मशाला के निर्माण कराने।प्रदेश भर में सामाजिक समन्वय बनाकर संगठन विस्तार करने का निर्णय।50 लाख में होगा मड़वा धर्मशाला का कायाकल्प।। *प्रदेश कार्यकारिणी सदस्यों को विभिन्न जिलों का प्रभार
रायपुर --प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज के प्रदेश कार्यकारिणी एवं पदाधिकारियों का आवश्यक बैठक न्यू राजेन्द्र नगर रायपुर में रखा गया था। जिसमें प्रमुख रूप से प्रदेश अध्यक्ष एल एल कोसले ,उपाध्यक्ष दिनेश लाल जांगड़े, महिला उपाध्यक्ष श्रीमती सुशीला सोनवानी, साहित्य समिति के अध्यक्ष पूर्व महासचिव एस आर बांधे,महासचिव मोहन बंजारे, कोषाध्यक्ष श्यामजी टांडे, सहसचिव दिनेश बंजारे, प्रदेश प्रवक्ता राजमंहत प्यारेलाल कोसरिया,महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष सुश्री अंजलि बरमाल, युवा प्रकोष्ठ प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप श्रृगी, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य एस आर बंजारे, गुलाब दास टंडन, डमरू मनहर, श्रीमती निशा ओग्रे द्रौपदी जोशी, गणेश बघेल, भुवन जांगड़े, विजय टंडन, यूथ उपाध्यक्ष अरुण मिरि, हेमंत भारतद्वाज, संतोष कोसरिया, रायपुर से नगर अध्यक्ष मनोज बंजारे, जिला अध्यक्षगण में महासमुंद से विजय बंजारे, शक्ति रेशमलाल कुर्रे, बेमेतरा राजा लाल बंजारे, बलौदा बाजार दीपक घृतलहरे,जांजगीर चांपा भूषण खटकर, प्रदेश उपाध्यक्ष महिला युवा प्रकोष्ठ श्रीमति मधुबाला रात्रे गरियाबंद से, रायगढ़ से भानू खुंटे, आजीवन सदस्य बिलोकचंद खरे आजीवन सदस्य, मोहन बंजारे यूथ अध्यक्ष रायपुर सहित युवा प्रकोष्ठ,महिला प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों की उपस्थिति में बैठक हुई। बैठक में गिरौदपुरी मेला के दौरान सतनाम धर्मशाला मड़वा में तीन दिवसीय भोजन भण्डारा, सांस्कृतिक कार्यक्रम कवि सम्मेलन एवं साहित्य संगोष्ठी के आयोजन।
मुख्यमंत्री द्वारा समाज के रायपुर बहुद्देशीय भवन के लिए एक करोड़ की स्वीकृत राशि के लिए जमीन की रजिस्ट्री, रायगढ़, सारंगढ़ -बिलाईगढ बेमेतरा ,कवर्धा, गरियाबंद,खैरागढ़, दुर्ग संभाग एवं महासमुंद में जिला अध्यक्ष एवं पदाधिकारियों के निर्वाचन कराने सहित विभिन्न जिलों में संगठन विस्तार के तहत जिला, अठगवा, एवं ग्रामीण कमेटी के गठन करने एवं मई के प्रथम सप्ताह में गिरौदपुरी मड़वा में प्रदेश स्तरीय दो दिवसीय "आमसभा" के आयोजन सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा कर निर्णय लिया गया।
दैनिक शौर्यपथ महासमुंद ब्यूरो संतराम कुर्रे
बसना विधानसभा प्रवास के दौरान युवा मोर्चा के नवनियुक्त जिला अध्यक्ष आदरणीय बड़े भैया श्री अमन वर्मा जी का बल्दीडीह में युवा साथियों द्वारा भव्य एवं जोरदार स्वागत किया गया। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं में विशेष उत्साह देखने को मिला तथा युवाओं ने पुष्पमालाओं एवं नारों के साथ उनका अभिनंदन किया।
स्वागत कार्यक्रम में प्रमुख रूप से कमलेश डड़सेना, राजा सिन्हा, मनीष डड़सेना, ओम सिन्हा, विजय चौधरी, सुशील प्रधान, भुवन बरिहा, सौरभ निषाद, शिव बरिहा, समीर चौहान, राकेश ध्रुव, फिरत भाई, सुमीत निषाद, नोहर भाई, संजय यादव, डिगेश यादव, अनिल यादव, अजय ध्रुव, चन्दन राव, निकी राव, हिमांशु मांझी, परमेश्वर बरिहा एवं भूपेंद्र यादव सहित अनेक युवा साथी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान संगठन की मजबूती एवं युवाओं की सक्रिय भागीदारी पर भी चर्चा की गई।
दैनिक शौर्यपथ महासमुंद ब्यूरो संतराम कुर्रे
खल्लारी-भीमखोज - शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गौरव ग्राम बी. के. बाहरा में 12वीं के विद्यार्थियों के सम्मान में विदाई समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि द्रोण पटेल, शाला विकास एवं प्रबंधन समिति के अध्यक्ष,विशेष अतिथि आर्य प्रकाश चंद्राकर,सांसद प्रतिनिधि,अंकित चंद्राकर प्राचार्य,पंचूराम ध्रुव,धनेश्वरी चंद्राकर,कांति यादव द्वारा संयुक्त रूप से माँ सरस्वती क़े समक्ष वैदिक मंत्रोच्चार एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिससे वातावरण आध्यात्मिक और प्रेरणादायक बन गया। कक्षा 11 के विद्यार्थियो ने कक्षा 12 के छात्र-छात्राओ का तिलक लगाकर स्वागत किया। कक्षा 11 के छात्र-छात्राओं ने कविता, भाषण, गेम, नाटक आदि रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी।विदा होने वाले विद्यार्थियों ने कविता, कॉमेडी आदि के माध्यम से विद्यालय में एकत्र की गई अपनी यादों को प्रधानाचार्य और शिक्षकों के साथ साझा किया।
शाला विकास प्रबंधन समिति क़े अध्यक्ष द्रोण पटेल नें कक्षा बारहवीं के विद्यार्थियों को लक्ष्य पर केंद्रित रहकर आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि इन विद्यार्थियों ने अपने परिश्रम और अनुशासन से विद्यालय की गरिमा बढ़ाई है और उन्हें पूर्ण विश्वास है कि ये छात्र-छात्राएं जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर विद्यालय का नाम रोशन करेंगे। अंत में उन्होंने परीक्षा के लिए सभी को शुभकामनाएं दीं। सांसद प्रतिनिधि आर्य प्रकाश चंद्राकर नें जीवन में योग के माध्यम से योगासन, प्राणायाम, और ध्यान के नियमित अभ्यास द्वारा शरीर और मन को शांत करना,व मानसिक शांति प्राप्त कर स्मरण शक्ति को बढ़ाने के उपाय बताएं। प्राचार्य अंकित चंद्राकर नें महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन के विचारों का उदाहरण समझाते हुए बच्चों को उज्जवल भविष्य की कामनायें प्रेषित किया।समारोह के दौरान कक्षा 12वीं से सुरेंद्र ध्रुव को "मिस्टर फेयरवेल" एवं कुमारी रानी ध्रुव को "मिस फेयरवेल" चुना गया।कार्यक्रम के पश्चात समस्त विद्यार्थियों को प्रतीक चिन्ह अतिथियों के द्वारा प्रदान किया गया।
इस विदाई समारोह में कलाराम साहू,हरिशंकर हिरवानी,अजय चंद्राकर, भारत तंबोली, रमेश गिरी,घनश्याम साहू,धर्मेंद्र साहू, धनेश्वरी चंद्राकर,यामिनी साहू,योगिता कुर्वंशी, सुनीता साहू, दिव्या साहू,शैलेंद्र साहू , सुनीता बाई साहू,तारा क्षेत्रपाल एवं विद्यालय के समस्त शिक्षक, शिक्षिकाएं एवं कर्मचारीगण,गाँव क़े गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
नगर के सभी देवी–देवताओं को मंदिर जाकर आमंत्रण, गुजरात से मंगवाया गया अलौकिक ध्वज, फूल–इत्र वर्षा के साथ निकलेगी ऐतिहासिक यात्रा
दुर्ग /
छत्तीसगढ़ की धार्मिक नगरी दुर्ग इस वर्ष फाल्गुन एकादशी के पावन अवसर पर भक्ति और श्रद्धा के एक अद्भुत दृश्य की साक्षी बनने जा रही है। पहली बार शहर में श्री श्याम बाबा की खाटू धाम की तर्ज पर विशाल और भव्य फाल्गुन निशान यात्रा निकाली जाएगी। इस ऐतिहासिक आयोजन को लेकर पूरे शहर में धार्मिक उत्साह और श्याम भक्ति का माहौल बन गया है।
फाल्गुन मास की पावन ग्यारस पर आयोजित होने वाली श्री श्याम फाल्गुन निशान यात्रा 2026 की तैयारियां पूरे जोर-शोर से चल रही हैं। आयोजन का मुख्य उद्देश्य उन श्याम भक्तों को खाटू श्याम की अनुभूति कराना है, जो किसी कारणवश राजस्थान के सीकर स्थित खाटू धाम नहीं पहुंच पाते। अब दुर्ग में ही भक्तों को खाटू जैसी परंपरा, रीति-रिवाज और भव्यता के साथ बाबा श्याम के सजीव दर्शन का सौभाग्य मिलेगा।
खाटू की झलक दिखेगी दुर्ग की सड़कों पर
निशान यात्रा आयोजक समिति के योगेन्द्र शर्मा ‘बंटी’ ने बताया कि फाल्गुन एकादशी के दिन दुर्ग की सड़कों पर खाटू धाम जैसा दिव्य वातावरण नजर आएगा। बाबा श्याम का रथ, घोड़े-बग्गी, मधुर भजनों की स्वर लहरियां, फूलों व इत्र की वर्षा और सैकड़ों श्रद्धालुओं के हाथों में श्याम बाबा का निशान—यह यात्रा श्रद्धा और भक्ति का अनुपम संगम होगी।
यात्रा की प्रमुख विशेषताएं
निशान यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरेगी, जहां जगह-जगह पुष्पवर्षा और इत्र वर्षा की विशेष व्यवस्था की जा रही है। सैकड़ों की संख्या में श्याम भक्त केसरिया, नारंगी और लाल रंग के पवित्र निशान लेकर बाबा के जयकारों के साथ पदयात्रा करेंगे।
निशान का धार्मिक महत्व
बंटी शर्मा ने बताया कि बाबा खाटू श्यामजी को चढ़ाया जाने वाला निशान (ध्वज) विजय, बलिदान और दान का प्रतीक है। मान्यता है कि बाबा ने भगवान श्रीकृष्ण के कहने पर धर्म की विजय के लिए अपना शीश समर्पित किया था। इसी परंपरा के तहत भक्त मन्नत पूरी होने पर या मन्नत पूर्ण होने से पहले भी निशान चढ़ाते हैं। इस ध्वज पर श्रीकृष्ण व श्याम बाबा के चित्र, मंत्र, नारियल और मोरपंख अंकित होते हैं। मान्यता है कि निशान चढ़ाने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन मंगलमय होता है।
नगर के देवी–देवताओं को दिया गया आमंत्रण
भव्य आयोजन से पूर्व आयोजक समिति ने धार्मिक परंपरा का पालन करते हुए नगर के प्रमुख मंदिरों में जाकर देवी–देवताओं का आह्वान किया और निशान यात्रा में आशीर्वाद देने हेतु आमंत्रण पत्र भेंट किया। सत्ती माता मंदिर, माँ दुर्गा मंदिर, लंगूरवीर मंदिर, श्याम मंदिर, राम मंदिर, सिद्धि विनायक गणेश मंदिर, राधा-कृष्ण मंदिर, रामदेव बाबा मंदिर सहित अन्य मंदिरों में पूजा-अर्चना कर यात्रा की विधिवत शुरुआत की गई।
गुजरात से मंगवाया गया अलौकिक ध्वज
आयोजकों ने बताया कि गुजरात से विशेष रूप से बाबा श्याम का आकर्षक और अलौकिक निशान मंगवाया गया है, जिसे श्री सत्तीचौरा माँ दुर्गा मंदिर में श्याम भक्तों द्वारा विधि-विधान से तैयार किया जाएगा।
सर्वसमाज का सहयोग, शहर में भक्तिमय माहौल
निशान यात्रा को लेकर दुर्ग शहर में उत्साह चरम पर है। सभी समाजों के लोग इस धार्मिक आयोजन में बढ़-चढ़कर सहयोग कर रहे हैं। फाल्गुन एकादशी पर दुर्ग नगरी श्याम भक्ति के रंग में रंगी नजर आएगी और यह आयोजन आने वाले वर्षों के लिए एक नई धार्मिक परंपरा की नींव रखेगा।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
