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May 09, 2026
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PANKAJ CHANDRAKAR

PANKAJ CHANDRAKAR

आम जनता का मिला अच्छा प्रतिसाद
गरियाबंद, फिंगेश्वर,मैनपुर,देवभोग एवं छुरा में लगाई गई छायाचित्र प्रदर्शनी

गरियाबंद /शौर्यपथ/

छायाचित्र प्रदर्शनी

राज्य सरकार के तीन वर्ष पूरे होने के अवसर पर जिला मुख्यालय सहित विकासखंड मुख्यालयों में भी छायाचित्र प्रदर्शनी के माध्यम से शासकीय योजनाओं का प्रचार-प्रसार तथा उपलब्धियों पर आधारित प्रचार सामग्रियों का आम जनता को वितरण किया गया। कलेक्टर  निलेशकुमार क्षीरसागर के मार्गदर्शन में जनसम्पर्क विभाग द्वारा जिला मुख्यालय गरियाबंद के अलावा विकासखंड मुख्यालय फिंगेश्वर, मैनपुर,देवभोग एवं छुरा में छायाचित्र प्रदर्शनी लगाई गई। प्रदर्शनी देखने बड़ी संख्या में कृषक , मजदूर, विद्यार्थी, व्यवसायी ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इन्होंने राज्य सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को करीब से जानने-समझने प्रदर्शनी को एक अच्छा माध्यम बताया। प्रदर्शनी में आकर्षक सनबोर्ड के माध्यम से राज्य सरकार की

महत्वकांक्षी योजना-

- मुख्यमंत्री किसान न्याय योजना, मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना, स्वास्थ्य योजनाएं, वनोपज, बिजली बिल हाफ योजना, श्रम सम्मान-श्रमिकों को सुविधाओं के नए आयाम, वनोपज से वन आश्रितों के जीवन में बहार, युवाओं को नए रोजगार के अवसर, छत्तीसगढ़ी तीज त्योहारों पर नए सार्वजनिक अवकाश, नारी सशक्तिकरण के नए कदम, रोका-छेका अभियान, गोधन न्याय योजना, जल जीवन मिशन, राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना, जन स्वास्थ्य के बड़े कदम, सुराजी गांव योजना, छत्तीसगढ़ महतारी दुलार योजना,  धन्वंतरी मेडिकल स्टोर के तहत सस्ती दवाइयों की उपलब्धता आदि की विस्तृत जानकारी प्रदर्शित की गई। विकास प्रदर्शनी में जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रकाशित मासिक पत्रिका जनमन एवं राज्य सरकार की महत्वकांक्षी योजनाओं की विस्तृत जानकारी वाले पॉम्पलेट का निःशुल्क वितरण किया गया। फिंगेश्वर के कृषक चतुर साहू , करीम खान, टिकेश साहू एवं रामकृष्ण तिवारी, फुलझर के हेमलाल यादव, चरोदा के थन्नुलाल ध्रुव, इंदागांव के कृषक पुनसिंग, कोयबा के कृषक हरिसिंह, जड़ापदर के कृषक सीताराम , भोला पुर के कृषि मजदूर लोचन जगत, खरीपथरा के पुनीतराम, सरगीगुड़ा के कृषक अंगदराम बघेल, सुकलूभांठा के कृषक उधोराम , दर्रीपारा के विजय कुमार , तेंदूबाय के मुकेश यादव, कुल्लीमुड़ा के नारायण नागेश, रावनाभाठा के धनेश्वरी, मडे़ली के प्रेम साहू, मेड़कीडबरी के विक्रम एवं ओमकार , फुलेश्वर निर्मलकर व मुकेश कुमार साहू ने छायाचित्र प्रदर्शनी का सराहना करते हुए इसे क्षेत्र की जनता को सरकार के कार्यो को करीब से देखने और समझने का बहुत बढ़ीया जरिया बताया। आगामी दिनों में छायाचित्र प्रदर्शनी का आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों में भी किया जायेगा

पुनरीक्षित दरों की स्वीकृति जारी

रायपुर /शौर्यपथ/  

राज्य शासन ने राज्य के पेंशनर/परिवार पेंशनरों को पुनरीक्षित दरों के हिसाब से महंगाई राहत स्वीकृत करने के आदेश जारी कर दिए है। वित्त विभाग मंत्रालय द्वारा जारी आदेशानुसार एक अक्टूबर 2021 से देय सातवें वेतनमान के मूल पेशन/परिवार पेंशन का पांच प्रतिशत महंगाई राहत में वृद्धि की गई है। वृद्धि उपरांत महंगाई राहत 17 प्रतिशत होगा। इसी तरह एक अक्टूबर 2021 से देय छठवें वेतनमान के मूल पेंशन/परिवार पेंशन का दस प्रतिशत महंगाई राहत में वृद्धि की गई है। वृद्धि के बाद महंगाई राहत 164 प्रतिशत होगा। 

यह महंगाई राहत अधिवार्षिकी/सेवानिवृत्त/असमर्थता तथा क्षतिपूर्ति पेंशन पर देय होगी। सेवा से हटाए गए कर्मचारियों को स्वीकृत किए गए अनुकम्पा भत्ता पर भी यह महंगाई राहत दी जाएगी। ऐसे मामलों में जहां पेंशन /परिवार पेंशन भोगी राज्य शासन या किसी स्वशासी संस्था में नियुक्त/पुनर्नियुक्त यह उन्हें पेंशन पर महंगाई राहत की पात्रता नहीं होगी। कोई व्यक्ति यदि पति/पत्नि की मृत्यु के समय सेवा में है और उसे अनुकम्पा के आधार पर सेवा में नही रखा गया है तो पति/पत्नि की मृत्यु के कारण देय परिवार पेंशन पर महंगाई राहत की पात्रता होगी। यदि किसी व्यक्ति को उसके पति/पत्नि की मृत्यु के कारण अनुकम्पा के आधार पर सेवा में रखा गया है तो ऐसे मामलों में परिवार पेंशन पर महंगाई राहत की पात्रता नही होगी। ऐसे पेंशनर जिन्हांेने अपनी पेंशन का एक भाग सारांशीकृत कराया है उन्हें महंगाई राहत उनके मूल पेंशन (सारांशीकरण के पूर्व की पेंशन) पर देय होगी।

 

ई-पंजीयन से युवाओं की बढी़ विकास कार्यों में भागीदारी
रायपुर /शौर्यपथ/

ई-पंजीयन से युवाओं की बढी़ विकास कार्यों में भागीदारी

मंजिलें उनकों मिलती है जिनके सपनों में जान होती है...पंखों से कुछ नहीं होता...हौसलों से उड़ान होती है...कुछ ऐसे ही हौसलों की कहानी है नीलिमा की। रायपुर जिले के आरंग में रहने वाली नीलिमा ने संघर्षों के साथ अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई इसलिये पूरी की थी कि डिग्री के बाद उनकी भी नौकरी पक्की हो जाएगी। पढ़ाई पूरी करने के बाद कई स्थानों में रोजगार तलाशनें की कोशिश जारी रखते हुए नीलिमा की उम्मीदों को पंख तब लगे जब प्रदेश के मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ के युवाओं को रोजगार से जोड़ने और विकास कार्यों में भागीदारी सुनिश्चित करने छत्तीसगढ़ में ई-श्रेणी पंजीयन प्रणाली लागू की। बेरोजगार नीलिमा ने ई-श्रेणी पंजीयन में अपना भी पंजीयन कराया और लड़की होने के साथ सड़क निर्माण के कार्य में चुनौतियां होने के बाद भी परवाह न करते हुए गांव में पक्की सड़क बनाकर अपनी तरक्की की राह आसान कर ली। 

अपनी तरक्की के द्वार खुद खोलने वाली नीलिमा साहू ने बताया कि वर्ष 2016 में बी.ई. की डिग्री हासिल करने के बाद वह लगातार जॉब की तलाश कर रही थी। इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद उन्हें उम्मीद थीं कि कहीं न कहीं उसकी जॉब जरूर लग जाएगी। डिग्री होने के बाद भी रोजगार और आमदनी का कोई जरिया नहीं होने से दुःख के साथ चिंता भी होती थी। इस बीच नौकरी की तलाश और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी करती रही। नीलिमा ने बताया कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल और लोक निर्माण मंत्री  ताम्रध्वज साहू ने जब प्रदेश के 12 वीं पास से लेकर स्नातक की पढ़ाई पूरी कर चुके बेरोजगार युवकों को लोक निर्माण विभाग के निर्माण कार्यों में काम देने की घोषणा की तो उसे भी काम मिलने की आस जगी। उन्होंने ई-श्रेणी पंजीयन में अपना नाम रजिस्टर कराया। आखिरकार नीलिमा को मुख्यमंत्री सुगम सड़क योजना के अंतर्गत आरंग विकासखण्ड के ग्राम रसनी में 13 लाख रुपए और ग्राम नारा में लगभग 8 लाख रुपए का काम मिला। शासकीय स्कूल भवन को मुख्य मार्ग तक जोड़ने नीलिमा ने सड़क बनवाई। पढाई पूरी करने के बाद पहली बार काम मिलने और रोजगार से जुड़ने की खुशी ने जहां नीलिमा को आगे बढ़ने के लिये प्रेरित किया, वहीं सड़क निर्माण जैसे कार्य में उतरना उसके लिए एक चुनौती की तरह रहा। इंजीनियर नीलिमा कहती है कि मेरे लिए यह गौरव की बात है कि मैं अपने घर के आसपास विकास कार्यों में अपनी भागीदारी दे पाई। छोटे-छोटे कार्यों से मुझे सीखने को मिला। उसने बताया कि सड़क निर्माण के दौरान कार्यों का नियमित निरीक्षण करती थीं और समय सीमा में कार्य पूरा कराई। पक्की सड़क बनने से जहाँ नीलिमा के तरक्की का मार्ग खुला वहीं स्कूली बच्चों के साथ ग्रामीणों को भी पक्की सड़क का लाभ आवागमन के रूप में होने लगा है। रसनी में पांचवीं में पढ़ने वाले छात्र आयुष चंद्राकर, तीसरी कक्षा में पढ़ने वाले खिलेश चंद्राकर सहित गांव की महिला ऊषा चंद्राकर ने बताया कि पहले धूल और बारिश में कीचड़ का सामना करना पड़ता था। अब पक्की सड़क से आना जाना बहुत सुखद हो गया है।
4606 युवाओं ने कराया ई-पंजीयन,193 करोड़ के काम आबंटित

प्रदेश में बेरोजगार युवाओं को निर्माण कार्यों में रोजगार का अवसर उपलब्ध कराने ब्लॉक स्तर में 20 लाख तक के कार्य देने ई-पंजीयन प्रणाली शुरू की गई है। इसके लिए गैर अनुसूचित क्षेत्र में योग्यता स्नातक और अनुसूचित क्षेत्र में 12वीं पास रखी गई है। इस योजना के तहत अभी तक प्रदेश में 4606 बेरोजगारों का पंजीयन कर 193.32 करोड़ रुपए के 1636 कार्य आबंटित किए गए हैं।

गरियाबंद /शौर्यपथ/
आर्थिक स्तर में आया सुधार

जिले के विकासखंड़ फिंगेश्वर अंतर्गत ग्राम कुम्ही के किसान  बालचंद साहू ने मत्स्य पालन कर अपने आर्थिक स्तर को सुधारने में सफलता पाई है।  बालचंद पहले अपने पुस्तैनी 18 एकड़ जमीन में धान फसल की पैदावारी ले रहा था, जिसमें लागत के मुताबिक आमदनी नहीं हो रही थी। ऐसी स्थिति में बालचंद ने खेती के अलावा अतिरिक्त आमदनी हेतु मत्स्य पालन का विकल्प चुना और मछली पालन गतिविधियों का अवलोकन कर इससे प्रोत्साहित होकर उन्होंने अपने 01 हेक्टेयर जमीन में तालाब का निर्माण करवाया और मत्स्य विभाग के अधिकारियों के मार्गदर्शन में मछली पालन का कार्य प्रारंभ किया।

मछली पालन का कार्य प्रारंभ किया।

उन्होंने बताया कि मत्स्य पालन विभाग द्वारा वर्ष 2019.20 में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना अंतर्गत, स्वयं की भूमि पर स्वयं के व्यय से 01 हेक्टेयर जलक्षेत्र निर्माण पर योजनानुसार 40 प्रतिशत की दर से अनुदान राशि 2ण्80 लाख रूपये भी प्राप्त किया। इस राशि से उन्होंने मत्स्य पालन गतिविधियों का विस्तार किया और सालभर के भीतर ही अक्टूबर 2020 में उन्होंने 50 टन मत्स्य उत्पादन कर बाजारों में बिक्री कर अच्छी आमदनी अर्जित किया, जिससे प्रोत्साहित होकर उन्होंने स्वयं की कृषि भूमि पर 01 हेक्टेयर का और तालाब बनवाया। साथ ही तालाब की मेढ़ो पर उद्यानिकी एवं दलहनों फसलों तथा कटहल, पपीता, नीबू पौधा रोपित कर अतिरिक्त आमदनी का जरिया बनाया। मछली पालन से बालचंद साहू आर्थिक रूप से सुदृढ़ हुए, साथ ही उनके मत्स्य पालन कार्य में संलग्न 05 मजदूर को रोजगार मिला तथा आसपास के फुटकर मछली विक्रेता रोजाना 25 से 50 किग्रा मछली खरीदकर गांवों में विक्रय कर आमदनी अर्जित कर रहे है।  बालचंद मत्स्य पालन व्यवसाय से अब सफल मछली पालक के रूप में जाने जाते है। अब वे हैचरी निर्माण की योजना बना रहे है।

नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के खतरे के चलते दिल्ली सरकार ने क्रिसमस और नए साल के जश्न के आयोजन के लिए होने वाले किसी भी जमावड़े पर रोक लगा दी है. DDMA ने इस बारे में औपचारिक आदेश जारी किया. किसी भी तरह के कल्चरल इवेंट, गैदरिंग पर रोक लगाई गई है.

नई दिल्‍ली /शौर्यपथ/

  नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के खतरे के चलते दिल्ली सरकार ने क्रिसमस और नए साल के जश्न के आयोजन के लिए होने वाले किसी भी जमावड़े पर रोक लगा दी है. DDMA ने इस बारे में औपचारिक आदेश जारी किया. किसी भी तरह के कल्चरल इवेंट, गैदरिंग पर रोक लगाई गई है.जिला प्रशासन के अधिकारियों और दिल्ली पुलिस के अधिकारियों को आदेश का पालन करने का निर्देश दिया गया है. इसके साथ हीजिला प्रशासन से रोजाना रिपोर्ट देने के लिए कहा गया. कोरोना के नए वेरिएंट Omicron के देश की राजधानी में बढ़ते मामलों के मद्देनजर DDMA का यह आदेश आया है. इसके साथ ही मार्केट ट्रेड एसोसिएशन को दुकानों पर नो मास्‍क, नो एंट्री लागू करने के लिए कहा गया है.

गौरतलब है कि राजधानी दिल्‍ली में कोरोना के नए केसों की संख्‍या में इजाफा हो रहा है. कुछ समय पहले ही दिल्‍ली में रोजाना 50 से कम कोरोना केस दर्ज हो रहे थे, यह संख्‍या अब बढ़कर 100 और इसके पार पहुंच गई है. मंगलवार को दिल्‍ली में पिछले 24 घंटे में 102 केस दर्ज हुए थे और कोरोना संक्रमण दर , 0.2 फीसदी हो गई है. मंगलवार को कोरोना संक्रमण से 1 मरीज की मौत हुई है, इसके साथ ही दिल्‍ली में कोरोना से मौत का कुल आंकड़ा 25,102 पहुंच गया है.

ओमिक्रॉन वेरिएंट की बात करें तो इसके देश में अब तक 200 से अधिक मामले दर्ज हो चुके हैं. ओमिक्रॉन के कुल केस देश में बढ़कर 213 हो गए हैं. हालांकि, 90 मरीज अब तक ठीक हो चुके हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि सबसे ज्यादा 57 मामले दिल्ली में हैं. इसके बाद महाराष्ट्र में 54 केस सामने आए हैं.

 

 

 

 

 

नईदिल्ली /शौर्यपथ/ 

पूर्व सांसद डिंपल ने बुधवार को एक ट्वीट करके यह जानकारी दी. उन्‍होंने अपने ट्वीट में लिखा' मैंने कोविड टेस्ट कराया जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव है.'

उत्तर बस्तर कांकेर /शौर्यपथ/  

जिले के पंजीकृत बाल देखरेख संस्थाओं में निवासरत देखरेख और संरक्षण की आवश्यकता वाले बालकों को फॉस्टर केयर के प्रावधान अनुसार अस्थाई संरक्षण में दिये जाने हेतु भारतीय दंपत्तियों से आवेदन आमंत्रित किया गया है। फॉस्टर केयर परिवार का दायित्व होगा कि बालक को समुचित भोजन, वस्त्र, आश्रय, शिक्षा, देखभाल एवं संरक्षण आवश्यकता अनुसार सभी प्रकार की चिकित्सा तथा उपचार, आयु एवं रूचि अनुसार व्यवसायिक प्रशिक्षण, बालक की विकास संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति, बालक का पोषण, दुर्व्यव्यवहार, हानि, उपेक्षा से सुरक्षा तथा बालक एवं उसके जैविक परिवार की निजता का सम्मान करें, इसके साथ ही फॉस्टर केयर मार्गदर्शिका 2016 में उल्लेखित सभी दायित्वों एवं शर्तों तथा बालक कल्याण समिति एवं जिला बाल संरक्षण इकाई के निर्देशों के पालन करना अनिवार्य होगा।

ऐसे भारतीय दंपत्ति जो देखरेख और संरक्षण की आवश्यकता वाले बालकों को अस्थायी रूप से संरक्षण में लेना चाहते हैं, वे बाल संरक्षण इकाई, महिला एवं बाल विकास विभाग कांकेर के कार्यालय में संपर्क कर निर्धारित प्रपत्र में आवेदन कर सकते हैं।

 

विजेता टीम 23 एवं 24 दिसंबर को आयोजित होने वाले संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में लेंगे भाग
सूरजपुर /शौर्यपथ/

एकलव्य विद्यालय शिवप्रसादनगर में आयोजित एकलव्य विद्यालयों के मध्य जिला स्तरीय खेल, सांस्कृतिक एवं बौद्धिक प्रतियोगिता का समापन हुआ। कार्यक्रम में कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह, जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी  राहुल देव, एसडीएम प्रकाश राजपूत, तहसीलदार ओपी सिंह, जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  साहू एवं मंडल संयोजक अजय राजवाड़े एवं आशिक उपाध्याय उपस्थित हुए। कलेक्टर ने सभी विजेता टीम को पुरस्कृत कर बधाई एवं अच्छे खेल खेलने के लिए शुभकामनाएं दी।

इस प्रतियोगिता में सूरजपुर के सभी 4 एकलव्य विद्यालय- शिवप्रसादनगर, ओड़गी, प्रतापपुर एवं प्रेमनगर के विद्यार्थी 14 एवं 19 वर्ग के एथलेटिक्स, शास्त्रीय गायन, वादन, नृत्य, निबंध, चित्रकला एवं भाषण अंतर्गत विभिन्न विधाओं में भाग लिया। एकलव्य विद्यालय शिवप्रसादनगर ओवर आल विजेता रहा एवं बेस्ट मार्च पास्ट का खिताब एकलव्य विद्यालय प्रतापपुर को दिया गया।

कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह ने अपने उद्बोधन में सभी बच्चों की प्रतिभा की प्रशंसा किया एवं विद्यार्थी जीवन मे बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने संभाग एवं राज्य स्तर की प्रतियोगिता के लिए सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दी। मुख्य कार्यपालन अधिकारी राहुल देव ने अपने उद्बोधन में विद्यार्थियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की प्रशंसा करते हुए उनके गुरुजनों को बधाई दिया।।समापन कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन सहायक आयुक्त विश्वनाथ रेड्डी के द्वारा प्रस्तुत किया गया।

सभी विधाओं में प्रथम आये विद्यार्थी 23 एवं 24 दिसंबर को स्टेडियम ग्राउंड सूरजपुर में आयोजित होने वाले संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में सरगुजा संभाग के सभी एकलव्य विद्यालयों के साथ प्रतिस्पर्धा में भाग लेंगे जिसमे प्रथम आये विद्यार्थियों को 27 से 29 दिसंबर को राज्य स्तर में भाग लेने का मौका मिलेगा।
कार्यक्रम के अंत अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया एवं विद्यालय के प्राचार्य बृजेश चौबे के द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया।

 

जिले के जलाशयों से नहरों में नहीं छोड़ा जाएगा ग्रीष्मकालीन धान के लिए पानी
धमतरी /शौर्यपथ/  

जिले में रबी सीजन वर्ष 2021-22 में धान के बदले दलहन, तिलहन, गेहूं और ग्रीष्मकालीन मक्का, मूंग उड़द की फसल के लिए जोर दिया जा रहा है, साथ ही किसानों से लगातार अपील भी की जा रही है। उप संचालक कृषि ने बताया कि जिले में दलहन-तिलहन की उतेरा फसलों के लिए 60 हजार 360 हेक्टेयर में बोनी का लक्ष्य रखा गया है जिसमें गत वर्ष के ग्रीष्मकालीन 45 हजार 830 हेक्टेयर क्षेत्र को भी दलहन, तिलहन में परिवर्तित किया जाना है।

उन्होंने बताया कि रबी में विभिन्न फसलों के 2840 क्विंटल बीज के वितरण का लक्ष्य है जिसके विरूद्ध 1732.32 क्विंटल का भण्डारण कर 1498.91 क्विंटल बीज का वितरण किया जा चुका है। इसके पहले भी जिले के किसानों से जनचौपाल, मुनादी एवं अन्य माध्यमों से अपील की गई थी कि किसान ग्रीष्मकालीन (रबी) धान के बदले कम पानी वाली दलहन, तिलहन, गेहूं, चना फसलों के अलावा रबी का मक्का, मूंग, उड़द की फसलें ली जाएं ताकि पानी की बचत की जा सके। उप संचालक कृषि ने बताया कि शासन द्वारा जलाशयों से ग्रीष्मकालीन धान के लिए नहरों में पानी नहीं दिया जा रहा है, ऐसी स्थिति में पेयजल के लिए नलकूप का पानी संरक्षित किया जाना अतिआवश्यक है। उन्होंने पुनः किसानों से अपील करते हुए कहा है कि किसान किसी भी स्थिति में ग्रीष्मकालीन धान की बोनी नहीं करें तथा जल संरक्षण में अपना अमूल्य सहयोग प्रदान करें।

 

राजनांदगांव /शौर्यपथ/

छुरिया विकासखंड के ग्राम करेगांव के कृषक  सुरेश कुमार द्वारा रकबे में अंतर के कारण आत्महत्या किए जाने के संबंध में समाचार पत्र में प्रकाशित तथ्य पूरी तरह से भ्रामक है। मृतक  सुरेश कुमार की पत्नी ने यह स्वीकार किया है कि भर्री जमीन जिसका रकबा 1.7 एकड़ है में धान की फसल नहीं ली गई है। गिरदावरी में किसी प्रकार की त्रुटि नहीं है। मृतक द्वारा 2.03 एकड़ में धान की फसल ली गई थी। जिसके लिए पात्रता के अनुसार उनको धान का विक्रय करने पर 76 हजार 415 रूपए की राशि मिलती। गिरदावरी के अनुसार मृतक का जितना धान का रकबा था उतने का पंजीयन किया है। शेष भूमि पर उसने कोई फसल नहीं लगाई थी, इसलिए गिरदावरी के अनुसार उसका पंजीयन नहीं किया गया है। उसने 44 हजार का ऋण लिया था, धान का विक्रय करने पर 76 हजार 415 रूपए की राशि मिलती। राजस्व विभाग द्वारा गिरदावरी का प्रकाशन किया गया था। दावा आपत्ति  के लिए आवेदन भी मंगाए गए थे। मृतक  सुरेश द्वारा दावा आपत्ति के लिए आवेदन भी नहीं किया गया था। न ही किसी राजस्व अधिकारी को जानकारी दी गई थी।

इस संबंध में जिला प्रशासन द्वारा स्थानीय स्तर पर जांच कराई गई, जांच में यह पाया गया कि मृतक के धान के रकबे एवं पंजीयन में किसी प्रकार की त्रुटि नहीं हुई थी। पुलिस द्वारा आत्महत्या की जांच की जा रही है। मृतक के पास से कोई सोसाईड नोट आदि प्राप्त नहीं हुआ है। उल्लेखनीय है कि मृतक का गिरदावरी के आधार पर ही धान बिक्री के लिए पंजीयन किया गया था।

जिले में रकबा को लेकर कोई समस्या नहीं है। धान खरीदी के लिए किसानों की सुविधा हेतु जिला प्रशासन द्वारा हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। गिरदावरी के अनुसार मृतक के संयुक्त खाते की भूमि रकबा 1.538 हेक्टेयर में से रकबा 0.825 हेक्टेयर पर धान बोया गया है जिसके अनुसार रकबा 0.825 हेक्टेयर का पूर्ण पंजीयन हुआ है। मृतक द्वारा धान बिक्री हेतु टोकन नहीं कटाया गया था, धान बिक्री होने पर मृतक को 76 हजार 415 रूपए मिलता।

 

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