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सेहत टिप्स /शौर्यपथ /सर्दी के मौसम में तिल का सेवन काफी अच्छा माना जाता है. ये शरीर को गर्म रखने के साथ साथ शरीर को हेल्दी बनाए रखने में भी काफी मदद करता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, तिल के छोटे छोटे बीजों में भरपूर मात्रा में विटामिन, प्रोटीन, कैल्शियम, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट पाये जाते हैं. जिस वजह से ये बढ़ते बच्चों से लेकर बड़ों तक के लिए काफी फायदेमंद हो सकता है. आइए जानते हैं कि तिल के बीज को डाइट में शामिल कर आप किन बीमारियों को दूर रख सकते हैं.
छोटे से दिखने वाले यह सफेद दाने रोज चबाइए, कुछ ही दिनों में कोलेस्ट्रॉल हो जाएगा एकदम नॉर्मल
तिल के बीज को डाइट में शामिल कर आप किन बीमारियों को दूर रख सकते हैं.
तिल का बीज खाने के फायदे
बैड कोलेस्ट्रॉल करता है कम
तिल के बीज में कई ऐसे प्लांट बेस्ड एलिमेंट होते हैं जो कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने का काम करते हैं. इस तरह ये एलिमेंट हाई ब्लड प्रेशर को भी कंट्रोल करने में काफी सहायक हो सकता है.
इंफेक्शन रखे दूर
तिल के बीज में एंटीऑक्सीडेंट और एंटीबैक्टीरियल तत्व होते हैं जो शरीर को किसी भी तरह के संक्रमण से बचाने के लिए जरूरी होता है. इस तरह शरीर कई तरह की बीमारियों से बचा रहता है और सेल डैमेज की संभावना कम हो जाती है.
दांतोंके लिए फायदेमंद
तिल के बीज ओरल हाइजीन को बढ़ावा देता है और दांतों को कैविटी से बचाने में मदद करता है. इसमें भरपूर मात्रा में कैल्शियम भी पाया जाता है जो दांतों को मजबूत रखने के लिए जरूरी है.
डायबिटीज रखे कंट्रोल
शोधों में पाया गया है कि अगर आप तिल के तेल को डाइट में शामिल कर लें तो यह डायबिटीज टाइप टू के खतरे को भी कम कर सकता है. यही नहीं, ये ब्लड में शुगर की संख्या को भी कंट्रोल कर सकता है.
कैंसर से बचाव
इसमें एंटीऑक्सीडेंट सहित कई ऐसे तत्व मौजूद हैं जो कैंसर से बचाव करने में हेल्प कर सकते हैं.
आस्था /शौर्यपथ / कहते हैं कि अगर दिन की शुरुआत अच्छे ढंग से हो, तो पूरा दिन अच्छा जाता है. लेकिन अक्सर देखा जाता है कि जब दिन की शुरुआत की बात होती है तो लोग सुबह उठकर पहले तो खूब देर तक बिस्तर पर पड़े रहते हैं और फिर मोबाइल स्क्रॉल करके अपना टाइम बर्बाद करते हैं. लेकिन शास्त्रों के अनुसार, सुबह जल्दी उठकर हमें हाथ जोड़कर सबसे पहले भगवान का शुक्रिया अदा करना चाहिए और इस दौरान एक विशेष मंत्र का अगर जाप किया जाए तो इससे न सिर्फ आपके जीवन के क्लेश दूर होते हैं बल्कि घर में सुख शांति और समृद्धि आती है.
सुबह उठते ही सबसे पहले करें इस मंत्र का जाप
मान्यताओं के अनुसार, सुबह उठते से ही सबसे पहले व्यक्ति को अपनी दोनों हथेलियां को देखकर हाथ जोड़कर भगवान का शुक्रिया अदा करना चाहिए. इस दौरान आचार्य प्रदीप के लिखे-
कराग्रे वसति लक्ष्मीः,कर मध्ये सरस्वती. करमूले तू ब्रह्मा, प्रभाते कर दर्शनम्
मंत्र का जाप एक बार या जितनी बार आप कर सके करना चाहिए. इस मंत्र का मतलब होता है कि हथेलियां के अग्रभाग में मां लक्ष्मी, मध्य भाग में देवी सरस्वती और मूल भाग में भगवान गोविंद यानी विष्णु निवास करते हैं, हम सुबह सबसे पहले उनके दर्शन कर रहे हैं. कहते हैं इस मंत्र को पढ़ने से देवी लक्ष्मी, ज्ञान की देवी सरस्वती और भगवान विष्णु अपना आशीर्वाद देते हैं और जीवन में सुख शांति और समृद्धि बनी रहती है.
जमीन पर पैर रखने से पहले करें इस मंत्र का जाप
सुबह उठते से ही बिस्तर पर मां लक्ष्मी, मां सरस्वती और भगवान विष्णु का मंत्र पढ़ने के बाद आप जैसे ही बिस्तर से उतरे, तो जमीन के पैर छुए और धरती मां का आभार व्यक्त करें. इसके साथ ही
समुद्रवसने देवि पर्वतस्तनमण्डिते. विष्णुपत्नि नमस्तुभ्यं पादस्पर्शं क्षमस्व मे.
इसश्लोक का पाठ करें.
कहते हैं रोज सुबह अपने दिन की शुरुआत इस तरह से करने से दिनभर पॉजिटिविटी बनी रहती है, घर से नकारात्मकता दूर होती है और मन भी शांत होता है. इतना ही नहीं मां लक्ष्मी, सरस्वती मां और भगवान विष्णु का आशीर्वाद आपको मिलता है, जिससे कष्ट दूर होते हैं और आप जीवन में तरक्की करते हैं.
ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ / दूध सेहत ही नहीं बल्कि स्किन के लिए भी बेहद फायदेमंद साबित होता है. इसका सही तरह से इस्तेमाल किया जाए तो चेहरे पर नजर आने वाले रूखेपन से छुटकारा मिलने में भी मदद मिलती है. दूध में लैक्टिक एसिड पाया जाता है जो एक अच्छे क्लेंजर की तरह काम करता है और एक्ने बढ़ाने वाले बैक्टीरिया को दूर करता है. इसके अलावा दूधमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो चेहरे को पिंपल फ्री बनाते हैं. सर्दियों की शुष्क हवा स्किन को भी रूखा बना देती है. ऐसे में दूध के इस्तेमाल से स्किन की ड्राइनेस दूर करने की कोशिश की जा सकती है.
ड्राइनेस दूर करने के लिए दूध |
रूखी-सूखी त्वचा पर नमी पाने के लिए दूध में गुलाबजल डालकर चेहरे पर लगाया जा सकता है. एक कटोरी में कच्चा दूध लें और उसमें गुलाबजल की कुछ बूंदे मिला लें. इस मिश्रण में रूई डुबोकर चेहरे पर मलें और 15 से 20 मिनट लगाए रखने के बाद चेहरा धो लें. स्किन पर निखार आ जाएगा. दूध को चेहरे पर इस तरह रोजाना लगाने पर स्किन का रूखापन दूर होता है.
ये तरीके भी आएंगे काम
दूध को चेहरे पर ताजा भी लगाया जा सकता है. इससे स्किन एक्सफोलिएट होती है और चेहरे पर नजर आने वाली डेड स्किन सेल्स से छुटकारा मिल जाता है.
दूध और दही को साथ मिलाकर भी चेहरे पर लगा सकते हैं. इससे स्किन पर चमक और निखार देखने को मिलता है.
स्किन ड्राइनेस की वजह से खुरदुरी हो गई है तो दूध में शहद डालकर चेहरे पर लगाकर देखें. दूध और शहद को चेहरे पर लगाने से स्किन गुलाब सी मुलायम हो जाती है.
त्वचा पर सोने सा सुनहरा निखार पाने के लिए दूध में हल्दी मिलाकर चेहरे पर लगा सकते हैं. 2 चम्मच दूध लें और उसमें एक चुटकी हल्दी मिलाकर रूई की मदद से चेहरे पर लगा लें. 10 से 15 मिनट बाद चेहरे को धो लें. स्किन चमकने लगेगी.
ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ /सेहत को दुरुस्त रखने के लिए या स्किन का ख्याल रखने के लिए आपने ABCG जूस के बारे में जरूर सुना होगा, आज जानिए बालों की ग्रोथ प्रोमोट करने वाले ABCG जूस के बारे में. ABCG जूसबनाने के लिए आपको सिर्फ 4 चीजों की जरूरत होगी, आंवला, चुकुंदर, करी पत्ते और अदरक. हफ्ते में 2 से 3 बार इस जूस को पिया जाए तो बाल जड़ से मजबूत होने लगते हैं और हेयर ग्रोथ होती है. जानिए किस तरह इस जूस को तैयार किया जा सकता है और बालों को इससे कौन-कौनसे पोषक तत्व मिलते हैं.
हेयर ग्रोथ के लिए ABCG जूस |
ABCG जूस बनाने के लिए आपको 2 आंवला, चुकुंदर के 2 छोटे टुकड़े, 6 से 8 करी पत्ते, अदरक का छोटा टुकड़ा और पानी की जरूरत होगी. सभी चीजों को अच्छे से धोकर एकसाथ ब्लेंडर में मिला लीजिए और पीस लीजिए. बस तैयार है ABCG जूस. इस जूस को हेयर ग्रोथ के लिए पिया जा सकता है.
आंवला, चुकुंदर, करी पत्ते और अदरक बालों की ग्रोथ तो बूस्ट करते ही हैं, साथ ही शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी सहायक होते हैं. इन चारों ही चीजों को मिलाकर जूस बनाने पर शरीर को विटामिन सी, के, ए और बी कॉम्प्लेक्स और विटामिन ई मिलता है. बालों ही नहीं बल्कि स्किन के लिए भी यह जूस फायदेमंद है. एंटी-एजिंग गुण पाने के लिए और त्वचा को जवां बनाए रखने के लिए भी इस जूस को पिया जा सकता है.
आंवला विटामिन सी का अच्छा स्त्रोत है जो बालों से जुड़ी कई दिक्कतों को दूर करने में बेहद असरदार साबित होता है. ब्लड फ्लो बढ़ाने के लिए भी आंवले का सेवन किया जाता है. आंवले के सेवन के अलावा इसे सुखाकर और पीसकर बालों पर हेयर मास्क की तरह भी लगा सकते हैं.
चुकुंदर विटामिन ए, सी, पौटेशियम, आयरन, फोलेट और मैग्नीशियम का अच्छा स्त्रोत है. इसके सेवन से बालों को नेचुरल चमक भी मिलती है. जूस के अलावा चुकुंदर को सलाद में शामिल करके भी खाया जा सकता है.
करी पत्ते एंटी-ऑक्सीडेंट्स और विटामिन ए, बी के अच्छे स्त्रोत हैं. इसे हेयर ग्रोथ के लिए खाया जा सकता है. अदरक विटामिन और खनिजों का अच्छा स्त्रोत है और इससे बालों को मैग्नीशियम, विटामन बी6 और हेयर फॉलिकल्स को बेहतर करने वाले गुण मिलते हैं.
व्रत त्यौहार /शौर्यपथ / हिंदू धर्म में शिवरात्रि का विशेष महत्व होता है. शिवरात्रि पर मान्यतानुसार भगवान शिव की पूजा की जाती है. मासिक शिवरात्रि का अर्थ है वो शिवरात्रि जो हर महीने मनाई जाती है. पंचांग के अनुसार, चिरकाल में फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर भोलेनाथ और माता पार्वती का विवाह हुआ था, दोनों परिणय सूत्र में बंधे थे. इसके बाद से ही हर साल फाल्गुन मास में महाशिवरात्रि मनाई जाती है और हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर भक्त मासिक शिवरात्रि मनाते हैं. शिवरात्रि के दिन भक्त भोलेनाथ और माता पार्वती के लिए व्रत रखते हैं. जिन लोगों का विवाह नहीं हो रहा है उन्हें शिवरात्रि का व्रत रखने की सलाह दी जाती है. इसके अलावा, अच्छा वर पाने के लिए भी कन्याएं शिवरात्रि का व्रत रखती हैं. दिसंबर का महीना मार्गशीर्ष महीना है. जानिए इस मार्गशीर्ष महीने में कब रखा जाएगा मार्गशीर्ष शिवरात्रि का व्रत.
मासिक शिवरात्रि कब है |
पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि इस महीने 11 दिसबंर, शनिवार के दिन है. 11 दिसंबर की सुबह 7 बजकर 10 मिनट पर कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि शुरू होगी और इस तिथि का समापन अगले दिन 12 दिसंबर, रविवार सुबह 6 बजकर 24 मिनट पर होगा. उदया तिथि को ध्यान में रखते हुए 11 दिसंबर के दिन ही मासिक शिवरात्रि का व्रत रखा जाएगा.
इस दिन कई खास योग बन रहे हैं. मासिक शिवरात्रि पर इस बार दुर्लभ सुकर्मा योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है. माना जाता है कि इस योग में पूजा करने पर भक्तों पर भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष कृपादृष्टि पड़ती है.
मासिक शिवरात्रि की पूजा विधि
मासिक शिवरात्रि पर पूजा करने के लिए सुबह स्नान पश्चात व्रत का संकल्प लिया जाता है. व्रत का संकल्प लेने के बाद भक्त सूर्य देव को अर्घ्य देते हैं और भगवान शिव का ध्यान करते हैं. शिवरात्रि की पूजा आमतौर पर मंदिर जाकर की जाती है. पूजा में भांग, सफेद रंग के फूल, मदार के फूल, धतूरा और अक्षत आदि अर्पित किए जाते हैं. शिवलिंग पर पंचामृत से अभिषेक कराया जाता है और बेलपत्र भी चढ़ाए जाते हैं. पूजा के पश्चात आरती की जाती है और मनोकामनाएं मांगी जाती हैं.
आस्था /शौर्यपथ / सनातन धर्म में भगवान श्रीकृष्ण को त्रेता युग का कल्याण करने वाले देव के रूप में पूजा गया है. दुखियों के दुख दूर करने के लिए भगवान श्री कृष्ण की पूजा की जाती है. कहते हैं कि भगवान कृष्ण की पूजा करने पर जीवन के सभी दुख दूर हो जाते हैं और जातक के घर परिवार में शांति और सुख बना रहता है. शास्त्रों में गुरुवार का दिन भगवान श्रीकृष्ण का कहा गया है और इस दिन कान्हा की पूजा करने पर विशेष फल प्राप्त होता है. अगर आप दुखों और परेशानियों से जूझ रहे हैं तो गुरुवार के दिन भगवान श्रीकृष्ण के खास मंत्रों का जाप करने पर आपकी परेशानियों और चिंताओं का हल निकल सकता है. लेकिन इस दिन भी भगवान श्रीकृष्ण के मंत्रों का जाप करने के कुछ खास नियम है जिनका पालन सभी को करना चाहिए. आइए भगवान श्रीकृष्ण के मंत्र और उनसे संबंधित नियमों के बारे में जानते हैं.
भगवान श्रीकृष्ण के मंत्र
अगर आपको जीवन के कष्ट दूर करने हैं और जीवन में सुख शांति और समृद्धि की कामना है तो किसी भी गुरुवार को आप इन मंत्रों का जाप सच्चे मन से करें. इन मंत्रों को जपना आसान है . ये मंत्र इस तरह हैं- कृष्णाय नम: ऊँ नमो भगवते श्रीगोविन्दाय नम:, हरे कृष्ण हरे कृष्ण । कृष्ण कृष्ण हरे हरे । हरे राम हरे राम । राम राम हरे हरे ॥, कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने।, प्रणत क्लेशनाशाय गोविन्दाय नमो नम:. आप इन मंत्रों को नहा धोकर सच्चे मन के साथ भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति या तस्वीर के सामने खड़े होकर जपें.
भगवान श्रीकृष्ण के मंत्र जाप के नियम
शास्त्रों में कहा गया है कि किसी भी माह की अष्टमी के दिन या भी गुरुवार के दिन आप मंत्रों का जाप शुरू कर सकते हैं. जब भी जाप करें तो आपका मुंह उत्तर दिशा की तरह होना चाहिए.मंत्र का जाप करते समय जातक को पीले रंग के वस्त्र धारण करने चाहिए. मंत्र का जापन करने से पहले भगवान की मूर्ति के आगे शुद्ध घी का दीपक जलाना चाहिए. धूप जलाकर भगवान का फूलों से श्रंगार करना चाहिए. मंत्रों का जाप करते वक्त ध्यान रखें कि एक माला यानी कुल 108 बार जाप करना सही होता है. ऊपर दिए गए मंत्रों में से आप किसी भी एक मंत्र का 108 बार जाप कर सकते हैं.
सेहत /शौर्यपथ /प्रेगनेंसी में वजन बढऩा आम बात हैं। वहीं, डिलीवरी के बाद भी खान-पान के कारण मां का वजन भी काफी बढ़ जाता है। वक्त के साथ अगर एक्सरसाइज और डाइट से वेट कंट्रोल न किया जाए, तो वजन बढ़ता ही जाता है। खासतौर पर डिलीवरी के बाद कुछ ऐसी चीजें खाने से परहेज करना चाहिए, जिनसे वजन बढ़ता है। आज हम आपको डिलीवरी स्पेशल डाइट बता रहे हैं।
ये चीजें खाएं
फल अपनी डिलीवरी के बाद की डाइट में ताजे फलों की एक प्लेट शामिल करना आपके और बच्चे की सेहत के लिए बहुत अच्छा है। शरीर में एनर्जी लेवल बढ़ाने के लिए विटामिन, खनिज और कार्बोहाइड्रेट जैसे आवश्यक पोषक तत्व बढ़ जाते हैं।
सब्जियां सिर्फ हरी पत्तेदार सब्जियां ही नहीं, सफेद, नारंगी और कई अन्य सब्जियां आपके और आपके बच्चे के लिए फायदेमंद हैं। सब्जियों में मौजूद विटामिन, कैल्शियम और आयरन जैसे पोषक तत्व आपके स्वास्थ्य में बहुत कुछ शामिल कर सकते हैं।
घी डिलीवरी के बाद रिकवरी भी नई मां बनने का एक हिस्सा है। घी आपके स्वास्थ्य को ठीक करने और वापस सामान्य होने में बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है। अगर आप सही मात्रा में घी का सेवन करते हैं, तो यह मांसपेशियों को मजबूत करने और मरम्मत करने में मदद कर सकता है। गोंद लड्डू और पंजिरी में भी घी का उपयोग किया जाता है, जो मां और बच्चे के लिए बहुत अच्छा होता है।
दलिया गर्भावस्था के हार्मोन के कारण, महिलाओं में कब्ज एक बहुत ही सामान्य दुष्प्रभाव है। वास्तव में, प्रसव के बाद भी कुछ कमजोरी हो सकती है। समस्याओं को दूर करने के लिए फाइबर का सेवन करना महत्वपूर्ण है। तो, दलिया शरीर में फाइबर बढ़ा सकता है और आपके स्वास्थ्य को बेहतर बना सकता है।
खजूर खजूर का सेवन नेचुरल शुगर का सेवन करने का एक तरीका है। चीनी आपके शरीर में ऊर्जा प्राप्त करने में मदद करती है। आप रोजाना लगभग 4-5 खजूर खा सकते हैं।
इन चीजों का सेवन न करें
कॉफी कॉफी और चाय में कैफीन अधिक मात्रा में होता है। यह आपके शिशु के लिए अच्छा नहीं है। यह आपके और बच्चे के लिए नींद के लिए भी ठीक नहीं है इसलिए जितना हो सके, डिलीवरी के बाद कॉफी से बचना चाहिए।
मछली मछली प्रोटीन और ओमेगा-3 फैटी एसिड का एक समृद्ध स्रोत हैं। हालांकि, स्तनपान के दौरान कम मात्रा में इसका सेवन करना चाहिए। कुछ प्रकार की मछलियों में हाई लेवल का पारा होता है जो आपके बच्चे को नुकसान पहुंचा सकता है।
ऑयली फूड्स पकौड़े और पुरी जैसे तैलीय फूड्स गैस्ट्रिक समस्याओं का कारण बन सकते हैं। ऑयली और गैस फूड से बचना चाहिए क्योंकि ये आपके शरीर के लिए बहुत भारी होते हैं। वास्तव में, इनमें हाई कैलोरी होती है और यह तेजी से वजन बढ़ा सकता है।
हेयर टिप्स /शौर्यपथ / बालों की देखरेख में कई तरह के तेलों का इस्तेमाल होता है. लेकिन, कुछ ही तेल हैं जो बालों पर सचमुच असरदार साबित होते हैं. इन तेलों में से ही एक है आंवले का तेल. आंवला विटामिन सी से भरपूर होता है और इसमें कई फायदेमंद एंटी-ऑक्सीडेंट्स भी पाए जाते हैं. आंवले का तेल बाजार से भी खरीदा जा सकता है या इसे घर पर भी तैयार कर सकते हैं. इस तेल को यूं तो बाल बढ़ाने वाला कहा जाता है, लेकिन इसके असर को बढ़ाने के लिए इसमें घर की ही कुछ चीजें मिलाई जा सकती हैं. जानिए आंवले का तेल बनाने और बालों पर लगाने का तरीका.
घने बालों के लिए आंवले का तेल |
ताजे आंवले से या आंवले के रस से आंवले का तेल बनाने के लिए आपको एक बेस तेल की जरूरत होगी जिसके लिए ऑलिव ऑयल या नारियल के तेल का इस्तेमाल किया जा सकता है. नारियल के तेल में आंवले का रस या ताजा आंवला काटकर डालें और पका लें. इस तरह आंवले का तेल तैयार हो जाएगा.
एक चम्मच सूखे आंवले के पाउडर को 5 गुना नारियल तेल के साथ पकाने पर भी आंवले का तेल बन जाता है. इस तेल को आपको 10 से 15 मिनट ही पकाना है. इसके बाद आंच बंद करके तेल ढककर रख दें और 24 घंटे बाद से ही इसका इस्तेमाल शुरू करें.
आंवले के तेल का असर बढ़ाने के लिए इसमें नींब का रस मिलाकर बालों पर लगाया जा सकता है. इससे बालों को बढ़ने और मजबूत बनने में तो मदद मिलती ही है, साथ ही इससे सिर पर जमने वाले डैंड्रफ और बिल्ड अप से भी छुटकारा मिल जाता है.
बालों पर आंवले के असर को बढ़ाने के लिए इसे रीठा और शिकाकाई के साथ मिलाकर भी सिर पर लगाया जा सकता है. आंवला, रीठा और शिकाकाई बालों को बढ़ाने का रामबाण नुस्खा कहे जाते हैं और यह बालों की सेहत को दुरुस्त रखता है सो अलग. इस्तेमाल के लिए बराबर मात्रा में आंवला, रीठा और शिकाकाई को बराबर मात्रा में मिलाएं और पीसकर पेस्ट बना लें. इस पेस्ट को बालों पर आधा घंटा लगाए रखने के बाद सिर धो लें. हफ्ते में एक बार इस्तेमाल करने पर बाल लंबे होने लगते हैं.
ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ / स्किन केयर रूटीन में यूं तो अलग-अलग चीजों को शामिल किया जाता है, लेकिन घर की ऐसी कई आम चीजें हैं तो त्वचा पर लगाई जाएं तो स्किन को एक नहीं बल्कि कई फायदे देती हैं. इन चीजों को सुबह भी चेहरे पर लगाया जा सकता है लेकिन रात में लगाकर सोया जाए तो सुबह उठने पर चेहरा चमकदार और खिला हुआ नजर आता है. अगर अगले दिन आपको किसी शादी या समारोह में जाना हो तो रात के समय स्किन केयर बेहद काम आता है. यहां जानिए कौनसी हैं ये चीजें जिन्हें रोजाना रात में सोने से पहले चेहरे पर लगाया जा सकता है.
त्वचा को ग्लोइंग बनाने वाले चीजें |
कच्चा दूध
स्किन को क्लेंज करने में कच्चा दूध बेहतरीन साबित होता है. इसे आमतौर पर सुबह के समय इस्तेमाल किया जाता है लेकिन रात में भी आप इसे चेहरे पर लगा सकती हैं. एक कटोरी में 2 चम्मच कच्चा दूध लें और इसमें रूई डुबोकर चेहरे पर मलें. पूरे चेहरे पर 3 से 4 मिनट कच्चा दूध मलने के बाद चेहरा धोकर साफ कर लें. अगली सुबह स्किन पर डेड स्किन सेल्स की परत जमी हुई नजर नहीं आएगी.
त्वचा को ग्लोइंग बनाने वाले चीजें |
कच्चा दूध
स्किन को क्लेंज करने में कच्चा दूध बेहतरीन साबित होता है. इसे आमतौर पर सुबह के समय इस्तेमाल किया जाता है लेकिन रात में भी आप इसे चेहरे पर लगा सकती हैं. एक कटोरी में 2 चम्मच कच्चा दूध लें और इसमें रूई डुबोकर चेहरे पर मलें. पूरे चेहरे पर 3 से 4 मिनट कच्चा दूध मलने के बाद चेहरा धोकर साफ कर लें. अगली सुबह स्किन पर डेड स्किन सेल्स की परत जमी हुई नजर नहीं आएगी.
बादाम का तेल
सभी स्किन टाइप्स के लिए बादाम का तेल फायदेमंद होता है. इस तेल से चेहरे पर नेचुरल ग्लो आता है जो देखते ही बनता है. चेहरे पर बादाम का दूध लगाने के लिए इसे हथेली पर लेकर चेहरे पर मलें. विटामिन ई से भरपूर यह तेल त्वचा का ख्याल रखता है.
नारियल का तेल
अगर आपकी स्किन जरूरत से ज्यादा ड्राई है तो यह तेल आपके लिए परफेक्ट है. अक्सर सुबह उठने पर त्वचा में खिंचावट महसूस होती है और चेहरा सफेद नजर आता है. इस स्थिति में नारियल के तेल को चेहरे पर लगाया जा सकता है. नारियल तेल की कुछ बूंदे लेकर चेहरे पर मलें और सो जाएं. अगली सुबह चेहरे पर निखार दिखने लगेगा.
एलोवेरा जैल
स्किन सूदिंग इफेक्ट्स वाले एलोवेरा जैल को चेहरे पर कई तरीकों से लगाया जाता है. इसे चेहरे पर मलने का सबसे अच्छा तरीका यही है कि इसमें बिना कुछ मिलाए जस का तस ही चेहरे पर लगा लें.
ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ/जब भी स्किन केयर में फूलों की बात होती है तो सबसे पहले गुलाब के फूल का जिक्र आता है. लेकिन, गुलाब के अलावा भी ऐसे कई फूल हैं जो त्वचा के लिए अच्छे साबित होते हैं, चाहे फिर वो गेंदे का फूल हो, गुड़हल का फूल हो या फिर कमल का. आज हम त्वचा पर कमल का फूल लगाने की ही बात कर रहे हैं. कमल के फूल को चेहरे पर लगाने के कई फायदे हैं. यह फूल स्किन पर होने वाले एक्ने और पिग्मेंटेशन को दूर करता है, डेड स्किन सेल्स को दूर करता है और साथ ही त्वचा को निखार भी देता है. ऐसे में कमल के फूल को चेहरे पर लगाने के लिए इसके फेस पैक्स बनाकर लगाए जा सकते हैं. कमल के फूल से फेस पैक्स बनाना आसान है और इन फेस पैक्स से त्वचा कई गुना तक निखर भी जाती है.
कमल के फूल के फेस पैक्स |
कमल का फूल और दूध
निखरी त्वचा के लिए इस फेस पैक को बनाने के लिए कमल के फूल की पंखुड़ियां पीस लें. इन पंखुड़ियों को सुखाकर पीसने से महीन पाउडर बन जाता है. एक चम्मच पिसी पंखुड़ियां, एक चम्मच शहद और एक चम्मच ही दूध मिला लें. अच्छे से मिक्स करने के बाद इस फेस पैक को चेहरे पर 20 मिनट लगाकर रखने के बाद धो लें. हफ्ते में एक बार यह फेस पैक चेहरे पर लगाया जा सकता है.
कमल का फूल और मसूर दाल
इस फेस को बनाने के लिए कमल के फूलों की कुछ पंखुड़ियां कूटकर पेस्ट बना लें. इसमें एक चम्मच दूध और एक चम्मच ही पिसी हुई मसूर की दाल मिला लें. फेस पैक ज्यादा गाढ़ा हो तो थोड़ा और दूध मिला लें. इस फेस पैक को चेहरे पर 15 मिनट लगाकर रखें और फिर धो लें.
कमल का फूल और हल्दी
एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर हल्दी और कमल के फूल का यह फेस पैक चेहरे पर सुनहरा निखार ला देता है. फेस पैक बनाने के लिए कमल के फूल को कूटकर उसमें आधा चम्मच हल्दी मिलाएं और पेस्ट बना लें. इस फेस पैक को चेहरे पर 15 से 20 मिनट बाद चेहरा धोकर साफ करें.
कमल का फूल और दही
दही के साथ कमल के फूल का फेस पैक बनाने पर चेहरे से डेड स्किन सेल्स हट जाती हैं. एक चम्मच दही में गुलाब फूल की पंखुड़ियों को पीसकर मिलाएं. चेहरे को ताजगी देने वाला यह फेस पैक हफ्ते में एक बार लगाया जा सकता है.
ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ / मौसम में बदलाव होता है तो स्किन भी बदलना शुरू हो जाती है. सर्दियों के मौसम में खासतौर से शुष्क हवाएं चेहरे को बेजान और रूखा बना देती हैं. रूखी-सूखी त्वचा देखने पर सफेद और कटी-फटी नजर आती है तो वहीं हाथ लगाने पर त्वचा खुरदरी महसूस होती है. ऐसे में यहां दिए कुछ नुस्खे आजमाए जा सकते हैं. ये नुस्खे ड्राई स्किन को कोमल, मुलायम और ग्लोइंग बनाने में कारगर हैं. इन नुस्खों को आजमाना आसान तो है ही, साथ ही किफायती भी है.
रूखी-सूखी त्वचा पर क्या लगाएं |
दूध
ड्राई स्किन को मुलायम बनाने के लिए चेहरे पर दूध लगाया जा सकता है. दूध के इस्तेमाल से त्वचा का रूखापन कम होता है और स्किन मुलायम होने लगती है. इसके असर को बढ़ाने के लिए दूध (Milk) में शहद मिलाया जा सकता है.
नारियल का तेल
फैटी एसिड से भरपूर नारियल का तेल त्वचा के लिए कमाल का साबित होता है. नारियल के तेल को चेहरे पर सुबह ना लगाना हो तो रात के समय लगाकर सो जाएं. इससे आपको दिनभर चेहरा चिपचिपा भी नहीं लगेगा.
शहद
शहद के इस्तेमाल से स्किन का रूखापन दूर हो सकता है. हथेली पर शहद लें और इसे चेहरे पर लगाकर 10 मिनट रखें. अब चेहरा धोकर साफ कर लें. चेहरे पर रूखेपन से नजर आने वाली दरारें भर जाएंगी और चेहरा ग्लो करने लगेगा.
एलोवेरा
एलोवेरा जैल स्किन को सूदिंग इफेक्ट्स देता है. इसे चेहरे पर लगाने से स्किन का खुरदरापन और रूखापन कम होने लगता है. चेहरे पर आप ताजा एलोवेरा का गूदा भी लगा सकते हैं या फिर सुबह-शाम एलोवेरा जैल का इस्तेमाल कर सकते हैं.
ऑलिव ऑयल
ड्राई स्किन पर ऑलिव ऑयल भी लगाया जा सकता है. यह तेल स्किन की दरारों को कम करता है और स्किन को चिकनाहट देता है जिससे त्वचा शुष्क नहीं रहती है.
बादाम का तेल
विटामिन ई से भरपूर बादाम का तेल स्किन को कई फायदे देता है. इस तेल से चेहरे पर हल्के हाथ से मसाज करने पर ड्राई स्किन की दिक्कत कम तो होती ही है, साथ ही त्वचा पर निखार भी आता है.
आस्था /शौर्यपथ / हिंदू धर्म में पूर्णिमा का विशेष महत्व होता है. मान्यतानुसार इस दिन स्नान-दान करने को बेहद शुभ माना जाता है. पंचांग के अनुसार, कार्तिक माह में कार्तिक पूर्णिमा मनाई जाती है. इस साल कार्तिक पूर्णिमा की तिथि 26 नवंबर, रविवार के दिन दोपहर 3 बजकर 53 मिनट से शुरू हो रही है और पूर्णिमा तिथि का समापन 27 नवंबर, सोमवार दोपहर 2 बजकर 45 मिनट पर होगा. इस चलते 27 नवंबर के दिन पूर्णिमा मनाई जाएगी. मान्यतानुसार पूर्णिमा पर भक्त यदि पूरे मनोभाव से श्री हरि की पूजा करते हैं और उन्हें प्रसन्न करते हैं तो भक्तों को श्री हरि की विशेष कृपा मिलती है और जीवन में खुशहाली आती है.
कार्तिक पूर्णिमा पर भगवान विष्णु को प्रसन्न करना
मान्यतानुसार कार्तिक पूर्णिमा के दिन पवित्र नदी में स्नान करना बेहद शुभ होता है. कहते हैं इससे व्यक्ति के सब पाप धुल जाते हैं. जो लोग पवित्र नदी तक नहीं जा सकते वे घर में बाल्टी में गंगाजल को सादे पानी में मिलाकर भी स्नान करते हैं.
इस दिन घर का साफ-सुथरा होना अनिवार्य माना जाता है. घर में गंदगी हो तो श्री हरि ऐसे घर से दूर रहते हैं. इसीलिए सफाई का ध्यान रखना जरूरी होता है. सफाई वाले घर में ही मां लक्ष्मी का भी आगमन होता है.
इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा करना भी शुभ है. मां लक्ष्मी और तुलसी माता की पूजा की जा सकती है.
कार्तिक पूर्णिमा पर दान का विशेष महत्व है. इस दिन गरीबों और जरूरतमंदों को दान देने पर शुभ फल की प्राप्ति होती है.
धार्मिक मान्यतानुसार पूर्णिमा के दिन शाम के समय दीप जलाना और दीपदान करना शुभ होता है. घर में दीये जलाने पर विशेष लाभ मिलता है.
भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के क्रम में कुछ बातों का खास ख्याल रखना चाहिए. इस दिन तुलसी के पत्ते तोड़ने से परहेज करना चाहिए. तुलसी के पत्ते तोड़ने पर भगवान विष्णु क्रोधित हो सकते हैं.
शराब और मांसाहार का सेवन करने से बचना चाहिए. कार्तिक पूर्णिमा पर सात्विक भोजन करने की सलाह दी जाती है.
आस्था /शौर्यपथ / हिंदू धर्म में एकादशी का विशेष धार्मिक महत्व होता है. इस दिन पूजा करने पर भगवान विष्णु की कृपा मिलती है. पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली एकादशी को उत्पन्ना एकादशी कहा जाता है. इस एकादशी पर मान्यतानुसार भगवान विष्णु के साथ ही माता लक्ष्मी की पूजा भी की जाती है. कहतें हैं ऐसा करने पर जीवन से पाप ही नहीं दूर होते बल्कि माता लक्ष्मी की कृपा से घर में सुख-समृद्धि का निवास भी होता है. वहीं, एकादशी का व्रत रखने पर माना जाता है कि भक्तों को मोक्ष की प्राप्ति होती है.
कब है उत्पन्ना एकादशी |
इस साल पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष माह की एकादशी तिथि 8 दिसंबर, शुक्रवार सुबह 5 बजकर 6 मिनट पर शुरू होगी और 9 दिसंबर, शनिवार सुबह 6 बजकर 30 मिनट पर समाप्त हो जाएगी. उदया तिथि को ध्यान में रखते हुए उत्पन्ना एकादशी का व्रत 8 दिसंबर के दिन ही रखा जाएगा. इसी बीच पूजा की जाती है.
कैसे करें एकादशी की पूजा
एकादशी के दिन सुबह उठकर स्नान पश्चात स्वच्छ वस्त्र धारण किए जाते हैं और भगवान विष्णु का स्मरण करते हैं. इसके पश्चात भक्त उत्पन्ना एकादशी के व्रत का संकल्प लेते हैं. पूजा में भगवान विष्णु के समक्ष फल, फूल, तुलसी, दूध, दही, शहद, घी और चीनी आदि अर्पित किए जाते हैं. तुलसी को भगवान विष्णु की प्रिय माना जाता है इसीलिए एकादशी की पूजा और प्रसाद में तुलसी का उपयोग बेहद शुभ मानते हैं. धूप और दीप जलाए जाते हैं. एकादशी की असल पूजा शाम के समय होती है. भगवान विष्णु की आरती की जाती है, विष्णु सहस्त्रनाम और श्री हरि स्तोत्रम का पाठ होता है और भगवान विष्णु का आशीर्वाद मांगा जाता है. एकादशी व्रत का पारण अगले दिन द्वादशी तिथि पर किया जाता है.
आस्था /शौर्यपथ /नया साल आने में बस एक महीने का वक्त बचा है. नए साल में भी कुछ राशियों पर शनिदेव की टेढ़ी नजर बनी रहेगी. ऐसे में इन राशि के जातकों के जीवन में कई चुनौतियां आती रहेंगी. ज्योतिष शास्त्र में शनिदेव को न्याय का देवता माना जाता है. कहा जाता है कि शनि सभी के साथ बुरा ही नहीं करते हैं, कुछ लोगों की जिंदगी भी बदलकर रख देते हैं. गलत कर्म करने वालों पर उनकी नजर टेढ़ी रहती है. माना जाता है कि शनिदेव लोगों को कर्मों के हिसाब से फल देते हैं. शनि वर्तमान में कुंभ राशि में मार्गी हैं. कहा जा रहा है कि साल 2024 में शनिदेव की साढ़ेसाती व ढैय्या 5 राशियों पर रहेगी. जानें इस साल 2024 में किन-किन राशियों पर शनि का प्रभाव रहेगा.
राशियों पर शनि का प्रभाव
कर्क राशि
ऐसे जातक जिनकी राशि कर्क है, उन पर शनि की ढैय्या 2024 के अंत तक रहेगी. इसलिए इन राशि वालों को जोखिम भरे काम करने से बचना चाहिए. चूंकि कर्क राशि के अष्टम में शनि गोचरकर रहे हैं, जो मृत्यु का भाव भी है. ऐसे में सावधान रहें, क्योंकि छोटी सी गलती भी बड़ा नुकसान करवा सकती है.
वृश्चिक राशि
जो लोग वृश्चिक राशि के जातक हैं, उन पर भी शनि की ढैय्या साल 2024 के अंत तक रहेगी. इस दौरान उन्हें पूरे साल गाड़ी चलाते समय सावधानी रखनी चाहिए. भूमि, भवन और वाहन को लेकर किसी तरह की लापरवाही नहीं करनी चाहिए. जल्दीबाजी में फैसले लेने से बचें. हनुमानजी की पूजा करते रहें.
मकर राशि
मकर राशि के जातकों पर पहले से ही शनि की साढ़ेसाती चल रही है जो साल 2024 में भी जारी रहेगी. इस दौरान शनिदेव कड़ा रुख भी अपना सकते हैं. ऐसे जातक जिनकी राशि मकर है, उन्हें सेवा, दान-पुण्य करते रहना चाहिए. हनुमानजी का पूजा-पाठ आपको हर तरह की बाधाओं से बचाने का काम करेगा.
कुंभ राशि
ऐसे जातक जिनकी राशि कुंभ है, उन पर भी शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव देखने को मिलेगा. नए साल 2024 में शनि की साढ़ेसाती का इस राशि पर मध्य चरण चलेगा. ऐसे में इन जातकों को किसी तरह के विवाद से खुद को दूर रखना है तो शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए शनि स्तोत्र का पाठ करना चाहिए.
मीन राशि
मीन राशि के जातकों पर भी नए साल में शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव रहेगा. 2024 में इन राशि के जातकों पर साढ़ेसाती का प्रथम चरण चलेगा. इस कारण उनके सामने आएदिन किसी न किसी तरह की समस्या आ सकती है. ऐसे में इन्हें सावधान रहना है और हनुमानजी का पाठ करते रहना है.
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
