August 17, 2026
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    12 आसनों का योग होता है सूर्य नमस्कार, यहां जानिए इस अभ्यास करने का सही तरीका और फायदा

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      योग अभ्यास /शोर्यपथ / सूर्य नमस्कार, सूर्य देव को सम्मान देने का एक प्राचीन योग अभ्यास है. सूर्य नमस्कार में सात अलग-अलग आसन 12 चरणों में चक्रीय रूप से किया जाता है. यह एक असरदार कार्डियोवस्कुलर वर्कआउट माना जाता है, जो शरीर और दिमाग के लिए काफी लाभकारी माना जाता है. सूर्य नमस्कार को आमतौर पर सुबह का अभ्यास कहा जाता है, जिसे भोर में किया जाता है. 12 आसनों का योग सूर्य नमस्कार शरीर के सभी चक्रों को उत्तेजित करता है. इस आसन के अन्य स्वास्थ्य लाभों के अलावा, यह मन की शांति और फोकस को बेहतर करने में अहम भूमिका निभाता है. ऐसे में आज इस आर्टिकल में हम आपको सूर्य नमस्कार में कितने आसन हैं और इन्हें करने का सही तरीका और फायदे क्या हैं, डिटेल में जानेंगे.
    सूर्य नमस्कार की मुद्राए या क्या हैं?
    सूर्य नमस्कार 12 चरणों में किया जाने वाला आसन है जिसमें प्रणामासन, हस्त उत्तानासन, हस्तपादासन, अश्व संचलानासन, अधो मुख श्वानासन, पर्वतासन, अष्टांग नमस्कार , भुजंगासन, अधो मुख श्वानासन/ पर्वतासन, अश्व संचलानासन, हस्तपादासन शामिल हैं.
    सूर्य नमस्कार के स्वास्थ्य लाभ
        रीढ़ की हड्डी मजबूत और लचीली होती है, इससे पॉश्चर बेहतर होता है.
        पूरे स्पाइनल और पैरास्पाइनल में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है.
        ऊपरी और निचले अंगों के मस्कुलोस्केलेटल का फंक्शन अच्छा होता है.
        हार्ट की फंक्शनिंग में सुधार होता है.
        मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है.
        सुस्त न्यूरोएंडोक्राइन सिस्टम सक्रिय होता है.
        प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा मिलता है.
        पाचन क्रिया बेहतर होती है.
        अनिद्रा से निपटने में मदद मिलती है.
        ब्लड शुगर को मेंटेन रखता है.
        तनाव के स्तर को कम करता है.
        हार्मोन को नियंत्रित करता है
        रीढ़, गर्दन और भुजाओं को टोन करता है.
    सूर्य नमस्कार करने सही समय क्या है?
      हालांकि, सूर्य नमस्कार करने का सबसे अच्छा समय सूर्योदय है. इसके अलावा आप पूरे दिन में किसी भी समय कर सकते हैं.
    सूर्य नमस्कार करने की सावधानी
        सूर्य नमस्कार करने से पहले और बाद में कुछ भी न खाएं. सूर्य नमस्कार करने से पहले वार्म-अप जरूर करें.
        अगर आपको कोई हेल्थ इश्यू है तो फिर अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लीजिए.
        मासिक धर्म और गर्भावस्था के दौरान सूर्य नमस्कार से बचना चाहिए.
        शरीर की सही मुद्रा बनाए रखने के लिए निर्देशों का ठीक से पालन करें.
        कठिन मुद्रा में बहुत देर तक रहने की कोशिश न करें क्योंकि इससे शरीर को परेशानी हो सकती है.
        सूर्य नमस्कार करते समय आरामदायक कपड़े पहनें जिससे आप आराम से और बिना रुके अभ्यास कर सकें.

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