August 15, 2026
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    लोगों की जान के लिए खतरा बन रहा 'डॉक्टर गूगल', गूगल पर ही लक्षण देख बीमारी से छुटकारा पाना चाहते हैं लोग

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    आजकल लोग बीमार होने पर डॉक्टर के पास जाने के बजाए गूगल की शरण में जा रहे हैं। यहां वे अपने लक्षणों के आधार पर बीमारी के बारे में सर्च कर रहे हैं और उसका निदान जानने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन एक शोध में खुलासा किया गया है कि तीन में से दो लोगों को गूगल पर गलत जानकारी मिलती है।

    यह ट्रेंड उनकी सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। यह शोध ऑस्ट्रेलिया के पर्थ में स्थित एडिथ कोवान विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने किया। इसके लिए उन्होंने 36 से अधिक अंतरराष्ट्रीय वेब-आधारित लक्षण की जांच करने वाली वेबसाइट्स का विश्लेषण किया। उन्होंने पाया कि लक्षण के आधार पर रोग की पहचान वाले मामले केवल 36 फीसदी ही सही पाए गए। यही नहीं सिर्फ 52 फीसदी मामलों में ही बीमारी की सही जानकारी को सर्च रिजल्ट में शीर्ष तीन में दर्शाया गया।

    गूगल द्वारा चिकित्सकों के पास जाने की चेतावनी भी आधे से ज्यादा मामलों में गलत पाई गई। केवल 49 फीसदी मामलों में ही डॉक्टर के पास जाने की सलाह दी गई।

    49 % लोगों को ही डॉक्टर के पास जाने की सलाह दी गई
    36 % लक्षण के आधार पर रोग की पहचान वाले मामले सही मिले

    कई बीमारी पता नहीं होती-
    शोध बताता है कि ऐसी वेबसाइटों के पास स्थानीय बीमारियों का डाटा नहीं होता। ऑस्ट्रेलिया में वे रॉस रिवर फीवर और हेंड्रा वायरस को नहीं पहचान पाते। डाटा के आधार पर शोधकर्ताओं ने कहा कि इमरजेंसी के दौरान चिकित्सकों से मिलने की सलाह सिर्फ 60 फीसदी मामलों में ही सही पाई गई।

    यह एक सिंड्रोम है-
    अधिकांश लोग साइबरक्रॉ्ड्रिरयाक सिंड्रोम के शिकार होते हैं। इसके तहत सिरदर्द या बीमारी का पहला लक्षण दिखते ही गूगल पर सर्च करना शुरू कर देते हैं। लेकिन, हकीकत यह है कि इन वेबसाइट या एप को बहुत सावधानी से देखना चाहिए, क्योंकि आपकी मेडिकल हिस्ट्री इन्हें नहीं पता होती।

    कोरोना के बाद इजाफा-
    कोरोना संकट के बाद छोटी-मोटी बीमारियों जैसे पेट दर्द या हल्के जुकाम से पीड़ित लोग भी डॉक्टरों के पास जाने से बच रहे हैं। वे गूगल पर ही लक्षणों की पहचान करवाने वाले लोगों से बीमारी का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। इनकी संख्या में अचानक इजाफा हुआ है।

    डॉक्टर का कोई विकल्प नहीं-
    शोधकर्ता मिशेला हिल ने कहा, ये प्लेटफॉर्म डॉक्टर का विकल्प नहीं हो सकते। ये सिर्फ सुरक्षा की झूठी भावना प्रदान कर सकते हैं।

    इन्हें सबसे ज्यादा खोजा गया-
    -लगातार खांसी और बुखार
    -डायबिटीज के लक्षण
    -उच्च रक्तचाप के लक्षण
    -पेट दर्द

     

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