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June 18, 2026
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शौर्यपथ

शौर्यपथ


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टूटे खंभे के सहारे टिका प्रवेश द्वार, हजारों लोगों की जान जोखिम में; गंदगी, अव्यवस्था और लापरवाही पर उठे सवाल

दुर्ग। शहर के मध्य स्थित इंदिरा मार्केट इन दिनों नगर निगम की कार्यप्रणाली और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा कर रहा है। जिस बाजार में प्रतिदिन हजारों नागरिक खरीदारी के लिए पहुंचते हैं, वहां मुख्य प्रवेश द्वार की छत को एक टूटे हुए खंभे के सहारे टिकाकर रखा गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह जर्जर संरचना कभी भी धराशायी हो सकती है और किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

विडंबना यह है कि यह पूरा मामला नगर निगम के सभापति श्याम शर्मा के वार्ड का है। सभापति को निगम की कार्यवाही, पार्षदों के कार्यों की समीक्षा और जनहित से जुड़े मुद्दों पर निगरानी रखने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है, लेकिन उनके ही वार्ड में स्थित शहर के प्रमुख बाजार की ऐसी स्थिति आम जनता को सोचने पर मजबूर कर रही है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि यह खंभा या उससे सहारा प्राप्त संरचना अचानक गिरती है तो बाजार में मौजूद लोगों की जान पर बन सकती है। इसके बावजूद नगर निगम प्रशासन, बाजार विभाग के जिम्मेदार पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और प्रतिदिन क्षेत्र का निरीक्षण करने वाले अधिकारी इस गंभीर खतरे से अनजान बने हुए हैं या फिर जानबूझकर आंखें मूंदे हुए हैं।

केवल जर्जर ढांचा ही नहीं, बल्कि इंदिरा मार्केट का सार्वजनिक मूत्रालय भी बदहाल स्थिति में है। पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण वहां हमेशा गंदगी और दुर्गंध बनी रहती है। इससे बाजार आने वाले नागरिकों, व्यापारियों और महिलाओं को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। स्वच्छता के दावे करने वाली शहरी सरकार के लिए यह स्थिति किसी आईने से कम नहीं है।

जनता यह भी सवाल उठा रही है कि जब भीषण गर्मी के दौरान मीना बाजार क्षेत्र में वाटर एटीएम से पानी बेचे जाने का मामला सामने आया था, तब भी जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों ने कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी। जनहित से जुड़े ऐसे मामलों पर लगातार चुप्पी कहीं न कहीं जनता की अपेक्षाओं और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारियों के बीच बढ़ती दूरी को दर्शाती है।

सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि क्या नगर निगम और उसके जनप्रतिनिधि किसी बड़ी दुर्घटना के बाद जागेंगे? क्या किसी निर्दोष नागरिक की जान जाने के बाद ही मरम्मत और सुरक्षा उपायों की याद आएगी? आखिर जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना किसकी जिम्मेदारी है?

शहर की जनता अब यह जानना चाहती है कि जिन जनप्रतिनिधियों को विकास, सुरक्षा और व्यवस्था सुधारने के लिए चुना गया था, वे इन मूलभूत समस्याओं पर कब जवाब देंगे। यदि शहर के मध्य स्थित सबसे व्यस्त बाजार की यह स्थिति है तो अन्य क्षेत्रों की हालत का सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है।

जनहित में आवश्यक है कि नगर निगम तत्काल तकनीकी जांच कराए, जर्जर संरचना को सुरक्षित बनाए, सार्वजनिक सुविधाओं की व्यवस्था सुधारे और इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों एवं संबंधित विभागों की जवाबदेही भी तय करे। क्योंकि प्रशासन की पहली जिम्मेदारी विकास नहीं, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा होती है।

10.30 करोड़ की स्वीकृति के बावजूद अस्पताल स्थानांतरण की चर्चा से बढ़ी चिंता, भाजपा पदाधिकारियों, पार्षदों और नागरिकों ने सौंपा ज्ञापन

दुर्ग। पटरीपार क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ा एक अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दा अब जनआंदोलन का स्वरूप लेता दिखाई दे रहा है। सिकोला बस्ती, धमधा नाका स्थित प्रस्तावित शासकीय नवीन आयुर्वेदिक चिकित्सालय भवन को उसके वर्तमान स्थान से कहीं और स्थानांतरित किए जाने की आशंकाओं के बीच क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, भारतीय जनता पार्टी सिकोला भाठा पटरीपार मंडल के पदाधिकारियों एवं बड़ी संख्या में नागरिकों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अस्पताल भवन का निर्माण उसी स्वीकृत स्थल पर कराने की मांग की है।

ज्ञापन में कहा गया है कि पटरीपार क्षेत्र में लगभग एक लाख से अधिक नागरिक निवासरत हैं, जो वर्षों से पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं। ऐसे में सिकोला बस्ती, धमधा नाका स्थित आयुर्वेदिक चिकित्सालय गरीबों, मजदूरों, महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के लिए स्वास्थ्य सेवा का एक महत्वपूर्ण केंद्र बना हुआ है।

जनता के लिए जीवनरेखा बना हुआ है अस्पताल

ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि आयुर्वेदिक चिकित्सालय के नवीन भवन निर्माण के लिए लगभग 10 करोड़ 30 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की जा चुकी है। किंतु क्षेत्र में यह चर्चा है कि प्रस्तावित भवन को उसके मूल स्थान से हटाकर किसी अन्य क्षेत्र में निर्मित करने का प्रयास किया जा रहा है। इस संभावना ने क्षेत्रवासियों में गहरी चिंता और असंतोष पैदा कर दिया है।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि जिस उद्देश्य से यह राशि स्वीकृत हुई है, उसकी सार्थकता तभी सिद्ध होगी जब अस्पताल का निर्माण उसी क्षेत्र में किया जाए जहां इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है। वर्तमान स्थल पर भवन निर्माण के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध होने का भी दावा किया गया है।

15 वार्डों की जनता होगी प्रभावित

ज्ञापन के अनुसार यदि अस्पताल को वर्तमान स्थान से हटाकर किसी अन्य क्षेत्र में स्थापित किया जाता है तो पटरीपार क्षेत्र के लगभग 15 वार्डों की जनता सीधे तौर पर प्रभावित होगी। हजारों गरीब परिवारों, दिहाड़ी मजदूरों, महिलाओं, बुजुर्गों और जरूरतमंद नागरिकों को उपचार के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं तक उनकी पहुंच और अधिक कठिन हो जाएगी।

जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यह केवल एक भवन निर्माण का विषय नहीं है, बल्कि लाखों उम्मीदों, जनभावनाओं और नागरिकों के स्वास्थ्य अधिकारों का प्रश्न है। यदि अस्पताल को अन्यत्र स्थानांतरित किया गया तो यह क्षेत्र की जनता के साथ अन्याय होगा तथा स्वास्थ्य सुविधाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

भाजपा मंडल और पार्षदों ने दिखाई एकजुटता

ज्ञापन पर भाजपा सिकोला भाठा पटरीपार मंडल अध्यक्ष मनमोहन शर्मा के साथ क्षेत्र के कई पार्षदों एवं जनप्रतिनिधियों के हस्ताक्षर हैं। सभी ने एक स्वर में मांग की है कि जनहित को सर्वोपरि रखते हुए आयुर्वेदिक चिकित्सालय के नवीन भवन का निर्माण सिकोला बस्ती, धमधा नाका स्थित वर्तमान स्थल पर ही कराया जाए।

स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए निर्णायक साबित हो सकता है यह फैसला

पटरीपार क्षेत्र लंबे समय से स्वास्थ्य, शिक्षा और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की मांग करता रहा है। ऐसे में यदि स्वीकृत आयुर्वेदिक चिकित्सालय भवन का निर्माण यथास्थान होता है तो यह क्षेत्र की बड़ी आबादी के लिए राहत और स्वास्थ्य सुरक्षा का मजबूत आधार बनेगा। वहीं यदि परियोजना का स्थान बदला जाता है तो यह निर्णय हजारों जरूरतमंद परिवारों के लिए गंभीर कठिनाइयों का कारण बन सकता है।

अब निगाहें जिला प्रशासन के निर्णय पर टिकी हैं। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि जनभावनाओं, जनहित और स्वास्थ्य सुविधाओं की वास्तविक आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ऐसा निर्णय लेगा जो पटरीपार क्षेत्र की एक लाख से अधिक आबादी के हितों की रक्षा कर सके।

दुर्ग। राजनीति में भीड़ केवल संख्या नहीं होती, बल्कि वह जनस्वीकृति, संगठनात्मक शक्ति और भविष्य की संभावनाओं का संकेत भी मानी जाती है। प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के 49वें जन्मदिवस पर दुर्ग के सेवा सदन में उमड़ा जनसैलाब अब केवल जन्मदिन समारोह तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसने शहर की राजनीति में कई नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।

15 जून को आयोजित जन्मदिन समारोह में हजारों लोगों की उपस्थिति, घंटों तक बधाई देने के लिए लगी कतारें और पूरे शहर में दिखाई दिए बैनर-पोस्टर अब राजनीतिक विश्लेषण का विषय बन चुके हैं। स्वयं मंत्री गजेंद्र यादव ने भी सार्वजनिक रूप से कहा कि शायद ही किसी नेता के जन्मदिन पर इतनी बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए होंगे। सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक इस आयोजन की चर्चा लगातार जारी है।

भाजपा में वर्चस्व की नई तस्वीर?

दुर्ग भाजपा की राजनीति में लंबे समय तक डॉ. सरोज पांडे को सबसे प्रभावशाली और लोकप्रिय नेताओं में गिना जाता रहा है। उनके समर्थकों की मजबूत टीम और संगठन पर पकड़ हमेशा चर्चा का विषय रही है। लेकिन इस बार मंत्री गजेंद्र यादव के जन्मदिन पर जो दृश्य देखने को मिला, उसने भाजपा के भीतर शक्ति संतुलन को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

विशेष रूप से यह चर्चा इसलिए भी तेज है क्योंकि डॉ. सरोज पांडे के परंपरागत समर्थक माने जाने वाले कई कार्यकर्ताओं और नेताओं ने भी मंत्री गजेंद्र यादव के जन्मदिन पर बड़े पैमाने पर बधाई संदेश, पोस्टर और बैनर लगाए। पूरा शहर मानो गजेंद्र यादव के जन्मोत्सव के रंग में रंगा दिखाई दिया।

अब राजनीतिक पर्यवेक्षकों की निगाहें 22 जून पर टिक गई हैं, जब डॉ. सरोज पांडे का जन्मदिवस मनाया जाएगा। राजनीतिक हलकों में यह चर्चा आम है कि दोनों आयोजनों की तुलना स्वाभाविक रूप से होगी और इससे भाजपा के भीतर लोकप्रियता तथा जनाधार को लेकर नए निष्कर्ष निकाले जाएंगे।

कांग्रेस में भी बढ़ी बेचैनी

मंत्री गजेंद्र यादव की बढ़ती लोकप्रियता का असर केवल भाजपा तक सीमित नहीं है। कांग्रेस के भीतर भी इसे गंभीरता से देखा जा रहा है। दुर्ग की राजनीति में चार दशकों तक प्रभावशाली रहे वोरा परिवार के राजनीतिक भविष्य को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।

पूर्व विधायक अरुण वोरा लंबे समय तक कांग्रेस का प्रमुख चेहरा रहे हैं। हालांकि वर्तमान राजनीतिक माहौल में उनकी स्वीकार्यता और प्रभाव को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। भाजपा समर्थकों का दावा है कि प्रदेश और केंद्र में कांग्रेस की सरकारें रहने के बावजूद दुर्ग शहर को वह विकास नहीं मिला, जिसकी जनता अपेक्षा करती थी। दूसरी ओर वर्तमान सरकार के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों को भाजपा अपनी उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत कर रही है।

इसी बीच कांग्रेस के युवा और सक्रिय चेहरों में धीरज बाकलीवाल का नाम तेजी से उभर रहा है। लगातार जनसंपर्क, सामाजिक गतिविधियों और आम जनता के बीच सक्रिय उपस्थिति के कारण उन्हें कांग्रेस का संभावित मजबूत चेहरा माना जा रहा है। राजनीतिक चर्चाओं में यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि भविष्य में भाजपा पुनः गजेंद्र यादव को उम्मीदवार बनाती है, तो कांग्रेस की ओर से मुकाबले के लिए कौन सबसे सक्षम प्रत्याशी होगा।

क्या भीड़ भविष्य की राजनीति तय करती है?

राजनीतिक इतिहास बताता है कि किसी आयोजन में उमड़ी भीड़ हमेशा चुनावी जीत की गारंटी नहीं होती, लेकिन यह जनभावना और संगठनात्मक क्षमता का महत्वपूर्ण संकेत अवश्य देती है। गजेंद्र यादव के जन्मोत्सव ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वर्तमान समय में उनका जनसंपर्क और राजनीतिक प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है।

साथ ही यह भी सत्य है कि विधानसभा चुनाव अभी दूर हैं और राजनीति में परिस्थितियां तेजी से बदलती हैं। आने वाले समय में भाजपा और कांग्रेस दोनों की रणनीतियां, उम्मीदवार चयन और जनसंपर्क अभियान राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित करेंगे।

निष्कर्ष

फिलहाल इतना स्पष्ट है कि मंत्री गजेंद्र यादव का जन्मदिन समारोह केवल एक सामाजिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि उसने दुर्ग की राजनीति में वर्चस्व, लोकप्रियता और भविष्य के नेतृत्व को लेकर नई बहस को जन्म दे दिया है। भाजपा में कौन सबसे बड़ा जननेता है और कांग्रेस का अगला मजबूत चेहरा कौन होगा—इन दोनों सवालों के उत्तर भविष्य देगा।

लेकिन वर्तमान परिदृश्य में यदि कोई नेता सबसे अधिक चर्चा के केंद्र में है, तो वह निस्संदेह प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव हैं, जिनके जन्मोत्सव ने दुर्ग की राजनीति का तापमान बढ़ा दिया है।

प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं एवं उनके उज्ज्वल राजनीतिक भविष्य की मंगलकामनाएं।

*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों ने की मुलाकात*

*बस्तर से सरगुजा तक के अनुभव साझा कर प्रशिक्षु अधिकारियों ने बताया छत्तीसगढ़ को अद्भुत प्रदेश*

 

रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी, निमोरा में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे भारतीय प्रशासनिक सेवा के तीन प्रशिक्षु अधिकारियों ने सौजन्य मुलाकात कर उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रशिक्षु अधिकारियों को उनकी सफलता के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कि प्रशासनिक सेवा जनसेवा का सबसे प्रभावी माध्यम है और प्रशासनिक अधिकारी के रूप में आपकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि एक प्रशासनिक अधिकारी के निर्णय हजारों लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, इसलिए प्रत्येक निर्णय में जनहित सर्वोपरि होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वे संवेदनशीलता, निष्पक्षता और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें तथा लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझें। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शिक्षा और प्रशिक्षण के दौरान अर्जित ज्ञान का वास्तविक महत्व तभी है, जब उसका उपयोग समाज और आमजन के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए किया जाए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ संभावनाओं से परिपूर्ण प्रदेश है। यहां के लोग सरल, सहज, मेहनती और आत्मीय स्वभाव के हैं। उन्होंने अधिकारियों को प्रदेश की सामाजिक एवं आर्थिक परिस्थितियों, तेजी से विकसित हो रही कनेक्टिविटी, पर्यटन की संभावनाओं, नक्सल उन्मूलन की सफलता तथा राज्य के विकास की यात्रा से अवगत कराया। उन्होंने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता, जनजातीय परंपराओं और विकास के नए अवसरों पर भी अपने अनुभव साझा किए।

मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षु अधिकारियों को कहा कि ईमानदारी, निष्ठा और जनहित की भावना से लिया गया प्रत्येक निर्णय प्रदेश और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

प्रशिक्षु अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि प्रशिक्षण के दौरान उन्हें बस्तर संभाग के सुकमा और बीजापुर जिलों सहित सरगुजा संभाग के जशपुर, सरगुजा और कोरिया जिलों का भ्रमण करने का अवसर मिला। इस दौरान उन्होंने स्थानीय जनजीवन, संस्कृति, विकास गतिविधियों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का अध्ययन किया तथा मां दंतेश्वरी के दर्शन भी किए।

अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ विविधताओं, सांस्कृतिक समृद्धि और आत्मीयता से भरपूर प्रदेश है। यहां के लोगों के स्नेह, जनजातीय परंपराओं और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की संभावनाओं ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सेवा के माध्यम से जनहित में कार्य करना उनके लिए गौरव और जिम्मेदारी दोनों है।

मुलाकात के दौरान प्रशिक्षु अधिकारियों ने प्रशासनिक सेवा की तैयारी से जुड़े अनुभव, चुनौतियां और प्रेरणादायक प्रसंग भी साझा किए। मुख्यमंत्री ने अपने सार्वजनिक जीवन और जनसेवा के अनुभवों का उल्लेख करते हुए उन्हें निरंतर सीखते रहने, जमीनी स्तर से जुड़े रहने तथा मानवीय दृष्टिकोण अपनाकर कार्य करने की प्रेरणा दी।

उल्लेखनीय है कि भारतीय प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी श्री गोकुल आर. के., श्री वी. यशवंत नायक एवं श्री ईशांत जायसवाल वर्तमान में छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी, निमोरा में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। तीनों अधिकारियों को छत्तीसगढ़ कैडर आवंटित हुआ है। जिला प्रशिक्षण पर रवाना होने से पूर्व उन्होंने मुख्यमंत्री से भेंट कर उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के महानिदेशक एवं अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू, संचालक श्री टी.सी. महावर तथा संयुक्त संचालक श्री प्रणव सिंह उपस्थित थे।

16 से 27 जून तक चलेगा विशेष अभियान, “कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे” लक्ष्य को साकार करने जनसहभागिता पर जोर

  रायपुर । छत्तीसगढ़ में नए शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ के साथ शिक्षा को जन आंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने प्रदेश के सभी जनप्रतिनिधियों से शाला प्रवेश उत्सव में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया है। मुख्यमंत्री ने 16 से 27 जून 2026 तक आयोजित होने वाले “शाला प्रवेश उत्सव” के सफल संचालन हेतु मंत्री, सांसद, विधायक, जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत अध्यक्ष, महापौर तथा नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधियों को पत्र लिखकर अभियान से जुड़ने की अपील की है।

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि शिक्षा किसी भी समाज और राष्ट्र की उन्नति का सबसे मजबूत आधार है तथा यह हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है कि प्रदेश का कोई भी बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे। उन्होंने नए शैक्षणिक सत्र के लिए विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों एवं शिक्षा जगत से जुड़े सभी लोगों को शुभकामनाएं भी दीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शाला प्रवेश उत्सव का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक बालक-बालिका का विद्यालय में प्रवेश सुनिश्चित करना तथा नियमित अध्ययन के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से अपने-अपने क्षेत्रों के विद्यालयों में पहुंचकर ऐसे बच्चों की पहचान करने और उनके नामांकन में सहयोग करने का आग्रह किया, जो अब तक स्कूल से नहीं जुड़े हैं या किसी कारणवश पढ़ाई बीच में छोड़ चुके हैं।

उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी इस अभियान को केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि एक व्यापक सामाजिक जनआंदोलन का स्वरूप प्रदान करेगी, जिससे शिक्षा का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सकेगा।

शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए सरकार प्रतिबद्ध

मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि राज्य सरकार विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। पीएम श्री विद्यालयों के माध्यम से उत्कृष्ट शिक्षण वातावरण तैयार किया जा रहा है। साथ ही वर्ष 2026 से प्रदेश में 150 विवेकानंद विद्यालयों की स्थापना कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के नए मानक स्थापित किए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि नई शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप शासकीय विद्यालयों को आधुनिक, तकनीक-संपन्न और छात्र-केंद्रित संस्थानों के रूप में विकसित किया जा रहा है। विद्यार्थियों को मध्यान्ह भोजन, निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, गणवेश तथा बालिकाओं को सरस्वती साइकिल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि आर्थिक कारणों से किसी भी बच्चे की शिक्षा प्रभावित न हो।

हर बच्चे तक पहुंचे शिक्षा का अधिकार

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विश्वास जताया कि जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, अभिभावकों और समाज की व्यापक भागीदारी से शाला प्रवेश उत्सव को सफल बनाया जा सकेगा तथा प्रदेश के प्रत्येक बच्चे तक शिक्षा का अधिकार पहुंचाने का लक्ष्य हासिल होगा। उन्होंने कहा कि शिक्षित छत्तीसगढ़ ही विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत की मजबूत नींव बनेगा।

रायपुर । नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के शुभारंभ के अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने प्रदेश के विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उन्हें पूरी लगन, अनुशासन और उत्साह के साथ अध्ययन करने का संदेश दिया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा प्राप्त करने का स्थान नहीं है, बल्कि बच्चों के सपनों को साकार करने और उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखने का माध्यम भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित रूप से विद्यालय जाने, आत्मविश्वास के साथ पढ़ाई करने तथा अपने लक्ष्यों को निर्धारित कर निरंतर आगे बढ़ने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्राप्त की गई शिक्षा और किया गया परिश्रम ही भविष्य में सफलता का आधार बनता है। उन्होंने बच्चों को ज्ञान, संस्कार और व्यक्तित्व विकास के माध्यम से समाज, प्रदेश और देश के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।

श्री साय ने विश्वास जताया कि छत्तीसगढ़ के विद्यार्थी अपनी प्रतिभा, मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर आने वाले समय में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेंगे तथा प्रदेश का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करेंगे।

मुख्यमंत्री ने नए शैक्षणिक सत्र के अवसर पर सभी विद्यार्थियों के सफल, उज्ज्वल और प्रेरणादायी भविष्य की कामना करते हुए कहा कि शिक्षा ही वह शक्ति है जो जीवन को नई दिशा और बेहतर अवसर प्रदान करती है।

रायपुर / मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में मंत्रालयीन अधिकारी एवं कर्मचारियों को ई-ऑफिस के माध्यम से नस्तियों का निराकरण करने और कार्यालयीन समय पर उपस्थित होने वाले श्रेष्ठ अधिकारी-कर्मचारियों को मई माह के लिए प्रशंसा पत्र प्रदान किये है। इस अवसर पर मुख्य सचिव ने सभी अधिकारी-कर्मचारियों से अपेक्षा की है कि वे ई-ऑफिस पर अच्छे से अच्छा कार्य करें। उन्होंने सभी अधिकारी-कर्मचारियों को निर्धारित कार्यालय में समय पर उपस्थित होने के निर्देश दिए है। मुख्य सचिव ने कार्यक्रम में अच्छा प्रदर्शन करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को प्रोत्साहित किया और उन्हें प्रशंसा पत्र प्राप्त करने के लिए बधाई दी।

                  विभागों में ई-ऑफिस पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रथम स्थान पर गृह विभाग और दूसरे स्थान पर समाज कल्याण और तीसरे स्थान पर सामान्य प्रशासन रहा। प्रशंसा पत्र समाज कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार, गृह विभाग की सचिव श्रीमती नेहा चम्पावत और सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री रजत कुमार ने प्राप्त किया।

                मुख्य सचिव ने ई-ऑफिस पर श्रेष्ठ कार्य करने के लिए विभागीय सचिव को सम्मानित किया। इसमें श्रेष्ठ फाईल निष्पादन के लिए ई-ऑफिस पर सामान्य प्रशासन विभाग एवं उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के सचिव श्री रजत कुमार को प्रथम स्थान पर सम्मानित किया। वहीं पर विधि एवं विधायी की प्रमुख सचिव श्रीमती सुषमा सावंत को दूसरे स्थान ई-ऑफिस पर श्रेष्ठ कार्य करने के लिए सम्मानित किया गया। इसी तरह से तीसरे स्थान पर गृह एवं श्रम विभाग के सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता को ई-ऑफिस पर श्रेष्ठ कार्य करने के लिए सम्मानित किया गया। मुख्य सचिव ने संयुक्त सचिव, उप सचिव, अवर सचिव, अनुभाग अधिकारी, वरिष्ठ सचिवालय सहायक एवं कनिष्ठ सचिवालय सहायक सहित अन्य कर्मचारियों को भी ई-ऑफिस पर श्रेष्ठ कार्य करने के लिए प्रशंसा पत्र प्रदान किए है। 

                   संयुक्त सचिव श्रेणी में ई-ऑफिस पर श्रेष्ठ कार्य करने के लिए अनुसूचित जनजाति विकास विभाग के संयुक्त सचिव श्री अनुपम त्रिवेद्वी को प्रथम, दूसरे स्थान पर अनुसूचित जनजाति विकास विभाग के श्री भूपेन्द्र कुमार राजपूत को सम्मानित किया गया। वहीं पर परिवहन विभाग के संयुक्त सचिव श्री कमलेश बंसोड को तीसरे स्थान पर सम्मानित किया गया है। उप सचिव श्रेणी में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के उप सचिव श्री दूरदेशी राम सोन्टापर को प्रथम स्थान पर, दूसरे स्थान पर सामान्य प्रशासन विभाग-एक के उप सचिव श्री किशोर कुमार भूआर्य को सम्मानित किया गया। तीसरे स्थान पर सामान्य प्रशासन विभाग-6 की उप सचिव ऋतु वर्मा को सम्मानित किया गया। अवर सचिव श्रेणी में प्रथम स्थान पर विधि एवं विधायी कार्य विभाग के अवर सचिव श्री अरूण कुमार मिश्रा को सम्मानित किया गया। दूसरे स्थान पर गृह विभाग के उप सचिव श्री पूरन लाल साहू को सम्मानित किया गया। तीसरे स्थान पर वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के अवर सचिव श्री मगनलाल पवार को सम्मानित किया गया।

               मुख्य सचिव ने अनुभाग अधिकारी श्रेणी में ई-ऑफिस में श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए अनुभाग अधिकारी प्रथम स्थान पर सामान्य प्रशासन विभाग-4 व 1 के अनुभाग अधिकारी श्री नंदकुमार मेश्राम को सम्मानित किया। दूसरे स्थान पर स्वास्थ्य विभाग के अनुभाग अधिकारी श्री विरेन्द्र कुमार को और तीसरे स्थान के लिए वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अनुभाग अधिकारी श्री भोलेनाथ सारथी को सम्मानित किया। इसी तरह से वरिष्ठ सचिवालय सहायक श्रेणी में चिकित्सा शिक्षा विभाग के वरिष्ठ सचिवालय सहायक श्री दूर्गेश रात्रे को सम्मानित किया गया। दूसरे स्थान पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के वरिष्ठ सचिवालय सहायक श्री रामगोपाल सेन और तीसरे स्थान पर स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ कार्यालय सहायक श्री कमलेश यदु सम्मानित हुए। 

इसी प्रकार से कनिष्ठ सचिवालय सहायक श्रेणी में प्रथम स्थान पर नगरीय प्रशासन विभाग के कनिष्ठ सचिवालय सहायक श्री उमेश यादव, दूसरे स्थान पर इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के कनिष्ठ सचिवालय सहायक श्री भानुप्रसाद और तीसरे स्थान पर सामान्य प्रशासन विभाग-2 के कनिष्ठ सहायक श्री सुरेन्द्र कुमार सम्मानित हुए। इसी प्रकार से टेक्नीकल सेक्शन (सेकेट्रीयेट) के ग्रेड-1,2,3 कम्प्यूटर ऑपरेटर श्रेणी में श्री दीपेश कुमार को प्रथम स्थान पर सम्मानित किया गया।

                  समयबद्धता के लिए कार्यालयीन समय पर उपस्थिति के लिए अधिकारियों-कर्मचारियों को सम्मानित किया गया है। इसमें नगरीय प्रशासन विभाग के अवर सचिव श्री आनंद कुमार पटेल, राजस्व विभाग के स्टोनोटायपिस्ट भावना यादव, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के कनिष्ठ सचिवालय सहायक श्री हरि प्रसाद, सामान्य प्रशासन विभाग के निज सचिव श्री हरिश देवांगन, सामान्य प्रशासन विभाग के मुख्य लेखा अधिकारी श्री जयंत कुमार देवांगन को सम्मानित किया गया। इसी तरह से सामान्य प्रशासन विभाग के भृत्य श्री जीधन राम साहू, उच्च शिक्षा विभाग के सहायक अनुभाग अधिकारी श्री लोक नारायण शर्मा, मुख्य सचिव कार्यालय के अवर सचिव श्री ओम प्रकाश पात्रे को सम्मानित किया गया। सामान्य प्रशासन विभाग के वरिष्ठ सचिवालय सहायक श्री पुरूषोत्तम लाल निषाद, वित्त विभाग की सहायक ग्रेड-2 पुष्पांजलि गजभिये, सामान्य प्रशासन विभाग के भृत्य श्री राजकुमार सोरी, पशुपालन विभाग की सेक्शन ऑफिसर श्री राजेश कुमार जैन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के स्टोनोटायपिस्ट श्री रमाकांत, सामान्य प्रशासन विभाग के सहायक अनुभाग अधिकारी श्री रमेश कुमार पटेल, अनुसूचित जनजाति एवं विकास विभाग के सहायक ग्रेड-2 श्री शेष नारायण साहू और वित्त विभाग के अनुभाग अधिकारी श्री सुनील मैत्री और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के सहायक अनुभाग अधिकारी श्री उमेश कुमार ठाकरे को समयबद्धता के लिए सम्मानित किया गया।

फुटबॉल के सबसे बड़े उत्सव का आगाज़, दुनिया की निगाहें फीफा वर्ल्ड कप 2026 पर टिकीं

दुनिया के सबसे लोकप्रिय खेल फुटबॉल का सबसे बड़ा महाकुंभ फीफा वर्ल्ड कप 2026 अपने ऐतिहासिक और भव्य स्वरूप के कारण वैश्विक आकर्षण का केंद्र बन गया है। यह पुरुष फुटबॉल विश्व कप का 23वां संस्करण है, जो 11 जून से 19 जुलाई 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। इस बार का टूर्नामेंट कई मायनों में नया इतिहास रच रहा है।

पहली बार विश्व कप की मेजबानी तीन देशों—अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको—द्वारा संयुक्त रूप से की जा रही है। इतना ही नहीं, पहली बार टूर्नामेंट में 32 के बजाय 48 टीमें हिस्सा ले रही हैं, जिससे यह अब तक का सबसे बड़ा और सबसे व्यापक फुटबॉल विश्व कप बन गया है।

48 टीमों के बीच विश्व विजेता बनने की जंग

फीफा द्वारा लागू किए गए नए प्रारूप के तहत 48 देशों को 12 समूहों में विभाजित किया गया है, जिनमें प्रत्येक समूह में चार-चार टीमें शामिल हैं। टूर्नामेंट में कुल 104 मुकाबले खेले जाएंगे, जिनमें 72 ग्रुप चरण के और 32 नॉकआउट चरण के मैच होंगे।

मेजबान होने के कारण अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको को सीधे विश्व कप में प्रवेश मिला है, जबकि बाकी देशों ने कठिन क्वालीफिकेशन प्रक्रिया के बाद अपनी जगह बनाई है।

16 शहरों में फैला विश्व कप का रोमांच

फुटबॉल का यह महासंग्राम तीन देशों के कुल 16 शहरों में आयोजित किया जा रहा है। कनाडा के टोरंटो और वैंकूवर, मैक्सिको के ग्वाडलजारा, मैक्सिको सिटी और मोंटेरे, तथा अमेरिका के अटलांटा, बोस्टन, डलास, ह्यूस्टन, कैनसस सिटी, लॉस एंजिल्स, मियामी, न्यूयॉर्क/न्यू जर्सी, फिलाडेल्फिया, सैन फ्रांसिस्को और सिएटल जैसे शहर विश्व कप के रंग में रंगे हुए हैं।

दुनिया भर से लाखों फुटबॉल प्रेमियों के इन शहरों में पहुंचने की उम्मीद है, जिससे खेल के साथ-साथ पर्यटन और अर्थव्यवस्था को भी बड़ा लाभ मिलने की संभावना है।

मैक्सिको से हुई शुरुआत, न्यू जर्सी में होगा विश्व विजेता का फैसला

टूर्नामेंट का उद्घाटन मुकाबला मैक्सिको में खेला गया, जहां मेजबान टीम ने अपने अभियान की शुरुआत की। वहीं विश्व कप का सबसे बड़ा मुकाबला—फाइनल—19 जुलाई 2026 को अमेरिका के न्यू जर्सी स्थित विशाल स्टेडियम में खेला जाएगा, जहां दुनिया को नया फुटबॉल सम्राट मिलेगा।

भारत में भी दिखेगा विश्व कप का रोमांच

भारतीय फुटबॉल प्रेमियों के लिए भी इस बार विश्व कप का रोमांच पूरी तरह उपलब्ध रहेगा। मैचों का सीधा प्रसारण डिजिटल प्लेटफॉर्म Zee5 और यूनाइटेड स्पोर्ट्स पर किया जा रहा है, जिससे देशभर के करोड़ों दर्शक अपने पसंदीदा खिलाड़ियों और टीमों का लाइव एक्शन देख सकेंगे।

फुटबॉल इतिहास का सबसे बड़ा अध्याय

48 टीमों, 104 मुकाबलों, तीन मेजबान देशों और करोड़ों प्रशंसकों की भागीदारी के साथ फीफा वर्ल्ड कप 2026 केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि वैश्विक एकता, प्रतिस्पर्धा और खेल भावना का विराट उत्सव बन चुका है। अगले कुछ सप्ताह तक दुनिया की धड़कनें फुटबॉल के साथ चलेंगी और हर मैच के साथ इतिहास के नए पन्ने लिखे जाएंगे।

दुर्ग में प्रेस वार्ता: पीएम मोदी के 12 साल के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाईं, कहा- रिकॉर्ड टूटना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा

दुर्ग। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र की भाजपा एवं एनडीए सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर दुर्ग स्थित सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता में छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने केंद्र सरकार की उपलब्धियों का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बीते 12 वर्षों में भारत ने विकास, सुशासन, जनकल्याण, राष्ट्रीय सुरक्षा और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं तथा देश विकसित भारत की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के संकल्प को धरातल पर उतारा है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT), डिजिटल गवर्नेंस, प्रधानमंत्री आवास योजना तथा आधारभूत संरचना के विस्तार जैसी योजनाओं ने देश के करोड़ों नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है।

मोदी नेहरू से आगे, लेकिन तुलना नहीं

प्रेस वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आजाद भारत में सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने और पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड पीछे छोड़ने को लेकर पूछे गए सवाल पर विजय शर्मा ने कहा कि यह किसी व्यक्ति विशेष की तुलना का विषय नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की एक स्वाभाविक प्रक्रिया है।

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार किसी की आलोचना या तुलना नहीं कर रही है। यह केवल एक रिकॉर्ड था जो समय के साथ टूटा है और इसे उसी दृष्टि से देखा जाना चाहिए।

धारा 370 हटाने को बताया ऐतिहासिक निर्णय

गृह मंत्री ने कहा कि एक समय ऐसा था जब जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने की कल्पना मात्र से बड़े विवाद और अशांति की आशंका व्यक्त की जाती थी। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह निर्णय बेहद शांतिपूर्ण तरीके से लागू हुआ, जो देश की लोकतांत्रिक शक्ति और 140 करोड़ भारतीयों के विश्वास का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि यह निर्णय राष्ट्रीय एकता और अखंडता को मजबूत करने वाला साबित हुआ है।

डिजिटल इंडिया बना विश्व के लिए उदाहरण

विजय शर्मा ने डिजिटल ट्रांजेक्शन और डिजिटल इंडिया अभियान को मोदी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल करते हुए कहा कि आज देश के छोटे गांवों से लेकर बड़े शहरों तक डिजिटल भुगतान आम जीवन का हिस्सा बन चुका है।

उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया में सबसे बड़े डिजिटल ट्रांजेक्शन नेटवर्क वाले देशों में शामिल है, जो जनता पर सरकार के विश्वास और तकनीक को जनसुलभ बनाने की सोच का परिणाम है।

चिनाब ब्रिज और भिलाई इस्पात संयंत्र का किया उल्लेख

गृह मंत्री ने जम्मू-कश्मीर में बने विश्व के सबसे ऊंचे रेलवे आर्च ब्रिज चिनाब पुल का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भारत की इंजीनियरिंग क्षमता और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। उन्होंने गर्व के साथ बताया कि इस पुल के निर्माण में उपयोग किया गया इस्पात भिलाई इस्पात संयंत्र में निर्मित हुआ है, जो छत्तीसगढ़ के लिए भी गौरव का विषय है।

4 करोड़ से अधिक परिवारों को मिला आवास

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत देशभर में 4 करोड़ से अधिक मकानों का निर्माण किया जा चुका है, जिससे करोड़ों परिवारों को पक्की छत का सपना साकार हुआ है। साथ ही भारत आज विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में तेजी से अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है।

नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक अभियान

छत्तीसगढ़ में नक्सल उन्मूलन के प्रयासों पर चर्चा करते हुए विजय शर्मा ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से नक्सलवाद को समाप्त करने तथा भटके हुए युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने का लगातार प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि बस्तर सहित दूरस्थ आदिवासी अंचलों में विकास पहुंचाने के लिए सड़क संपर्क सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। इसी उद्देश्य से विशेष पिछड़ी जनजातियों और दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए लगभग 800 सड़कों के निर्माण और विस्तार पर कार्य किया जा रहा है, जिससे विकास की रोशनी अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

पत्रकारों के सवालों के दिए जवाब

प्रेस वार्ता के दौरान गृह मंत्री विजय शर्मा ने पत्रकारों द्वारा पूछे गए विभिन्न सवालों का विस्तार से जवाब दिया और मोदी सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल की उपलब्धियों, विकसित भारत के संकल्प तथा छत्तीसगढ़ के विकास संबंधी योजनाओं पर अपनी बात रखी।

प्रेस वार्ता में दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर, भाजपा प्रदेश मंत्री (संगठन) जितेन्द्र वर्मा,भाजपा जिला अध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक, पूर्व मंत्री रमशीला साहू, दुर्ग नगर निगम की महापौर अलका बाघमार सहित भाजपा के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के उपरांत उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने जनप्रतिनिधियों और पत्रकारों के साथ भोजन कर विभिन्न समसामयिक विषयों पर अनौपचारिक चर्चा भी की।

 

मुख्य संदेश

“विकास, सुशासन, राष्ट्रीय सुरक्षा, डिजिटल क्रांति और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचती योजनाएं—यही मोदी सरकार के 12 वर्षों की पहचान है।” – विजय शर्मा।

बोदरी में संत गाडगे बाबा की 150वीं जयंती समारोह में हुए शामिल, 42 करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास

सामुदायिक भवन, खेल मैदान, स्कूल उन्नयन और तालाब सौंदर्यीकरण सहित कई महत्वपूर्ण घोषणाएं

रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज बिलासपुर जिले के बोदरी में आयोजित संत शिरोमणि गाडगे बाबा की 150वीं जयंती, शपथ ग्रहण एवं सम्मान समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने संत गाडगे बाबा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया और उनके बताए सेवा, स्वच्छता, सामाजिक समरसता तथा मानव कल्याण के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने लगभग 42 करोड़ रुपये की लागत की सड़क परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि मजबूत सड़क अधोसंरचना विकास की आधारशिला है और इन परियोजनाओं से क्षेत्र में आवागमन की सुविधा बढ़ने के साथ आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि संत गाडगे बाबा का संपूर्ण जीवन समाज सुधार, स्वच्छता और मानव सेवा के लिए समर्पित रहा। उन्होंने छुआछूत, अंधविश्वास और सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध संघर्ष कर समाज को नई दिशा दी। उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं और एक बेहतर समाज के निर्माण के लिए प्रेरणा प्रदान करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित स्वच्छ भारत मिशन, संत गाडगे बाबा के स्वच्छता और जनजागरण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य कर रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कन्नौजे रजक समाज के सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 60 लाख रुपये तथा संत गाडगे भवन निर्माण हेतु 25 डिसमिल भूमि उपलब्ध कराने की घोषणा की। साथ ही सन्नडय कुर्मी समाज के सामुदायिक भवन के लिए 60 लाख रुपये और वर्मा समाज के सामुदायिक भवन के लिए 20 लाख रुपये स्वीकृत करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने धमनी-चकरभाठा मिडिल स्कूल को हाई स्कूल में उन्नयन, बोदरी में एयरपोर्ट के समीप खेल मैदान उपलब्ध कराने तथा जोरा तालाब के सौंदर्यीकरण की भी घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने समाज के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों और समाज के पदाधिकारियों का सम्मान करते हुए कहा कि ऐसे सम्मान समाज में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा और सेवा की भावना को प्रोत्साहित करते हैं। उन्होंने कहा कि समाज को संगठित और जागरूक बनाने में सामाजिक संगठनों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, समाज के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।


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