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राशन की कतार से मिलेगी मुक्ति, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के जरिए 24×7 घंटे खाद्यान्न- मंत्री दयालदास बघेल
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडएस) को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल ने आज प्रदेश के पहले तीन ‘अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम‘ का रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में ऑनलाइन शुभारंभ किया। इस नवाचार के साथ छत्तीसगढ़ देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो गया है, जहां ग्रेन एटीएम के माध्यम से हितग्राहियों को खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। यह पीडएस प्रणाली में पारदर्शिता के लिए राज्य सरकार बड़ी पहल है।
अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम के माध्यम से राशनकार्डधारी हितग्राही अब अपनी सुविधा के अनुसार 24×7 घंटे चावल प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए मशीन की स्क्रीन पर राशनकार्डधारी को अपना आधार नंबर अथवा राशनकार्ड नंबर दर्ज करना होगा और बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के बाद निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न प्राप्त किया जा सकेगा। इस सुविधा से उचित मूल्य की दुकानों में राशन लेने के लिए लगने वाली कतार और समय की बाध्यता से हितग्राहियों को राहत मिलेगी।
वन नेशन.वन राशनकार्ड से दूसरे राज्यों के हितग्राहियों को भी सुविधा
अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम की खासियत यह है कि छत्तीसगढ़ के राशनकार्डधारियों के साथ.साथ अन्य राज्यों के राशनकार्डधारी भी ‘वन नेशन, वन राशनकार्ड‘ योजना के तहत बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के माध्यम से खाद्यान्न प्राप्त कर सकेंगे। इससे प्रवासी श्रमिकों और अन्य राज्यों से छत्तीसगढ़ आने वाले हितग्राहियों के लिए भी राशन प्राप्त करना आसान होगा।
छत्तीसगढ़ ग्रेन एटीएम संचालित करने वाला देश का पांचवां राज्य
अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम वर्तमान में उत्तराखंड, मेघालय, गुजरात और ओडिशा में संचालित हो रहे हैं। अब छत्तीसगढ़ भी ग्रेन एटीएम संचालित करने वाले राज्यों की सूची में शामिल हो गया है। प्रदेश में तीन ग्रेन एटीएम की शुरुआत पीडीएस व्यवस्था में तकनीक और नवाचार के प्रभावी उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
2500 किलोग्राम तक खाद्यान्न भण्डारण क्षमता
वर्ल्ड फूड प्रोग्राम के सहयोग से स्थापित अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम की भण्डारण क्षमता लगभग 2500 किलोग्राम है। मशीन में चावल की लोडिंग पूर्णतः स्वचालित प्रणाली से होगी। बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के बाद मशीन निर्धारित मात्रा में चावल उपलब्ध कराएगी। इससे खाद्यान्न वितरण की प्रक्रिया में पारदर्शिता और निगरानी को और मजबूत किया जा सकेगा।
गरीब से लेकर हर हितग्राही के लिए समय की बचत
खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और राज्य सरकार के मार्गदर्शन में पीडीएस व्यवस्था को आधुनिक, पारदर्शी और जनसुविधा केंद्रित बनाने के लिए लगातार नवाचार किए जा रहे हैं। अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। अब हितग्राही अपने अन्य कार्यों के बाद अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी समय राशन प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि ग्रेन एटीएम के उपयोग से समय की बचत होगी और उचित मूल्य दुकानों में भीड़ तथा कतार की समस्या कम होगी। अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम के शुरू होने से छत्तीसगढ़ में राशन वितरण व्यवस्था अधिक आधुनिक, सुरक्षित, विश्वसनीय और सुविधाजनक बनेगी। तकनीक आधारित यह पहल हितग्राहियों को समय की बचत के साथ सम्मानजनक तरीके से खाद्यान्न प्राप्त करने की सुविधा देगी और पीडीएस में पारदर्शिता को नई मजबूती प्रदान करेगी।
पारदर्शी पीडीएस की दिशा में प्रभावी कदम
वर्ल्ड फूड प्रोग्राम की प्रतिनिधि सुश्री नजी़नो हॉसीमोनी ने छत्तीसगढ़ सरकार को इस नवाचार के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम की स्थापना राज्य सरकार, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल तथा खाद्य विभाग की सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले के प्रयासों से संभव हुई है। उन्होंने इसे पारदर्शी एवं प्रभावी पीडीएस प्रणाली की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
शुभारंभ अवसर पर शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री प्रेमप्रकाश पांडे, विधायक श्री मोती लाल साहू, खाद्य विभाग की संचालक डॉ. फरिहा आलम नागरिक आपूर्ति निगम की एमडी श्रीमती इफ्फत आरा, अपर संचालक श्री नीलिमा एल्मा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, हितग्राही उपस्थित थे।
महतारी वंदन की राशि से जगन्नाथ मंदिर निर्माण में सहयोग, महिलाओं ने पेश की सामाजिक सहभागिता की मिसाल
रायगढ़ / शौर्यपथ / वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने रायगढ़ जिले के पुसौर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत आमापाली में आयोजित जन चौपाल में ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं और आवश्यकताएं सुनीं तथा क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और स्थानीय जरूरतों के संबंध में जानकारी ली।
जन चौपाल के दौरान आमापाली की माताओं-बहनों की एक प्रेरणादायी पहल भी सामने आई। महिलाओं ने महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्राप्त राशि में से स्वेच्छा से धनराशि एकत्रित कर भगवान जगन्नाथ मंदिर के प्रारंभिक निर्माण कार्य के लिए समर्पित की। महिलाओं के इस सामूहिक प्रयास की वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने सराहना की।
महिलाओं की सामाजिक सहभागिता बनी मिसाल
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि आमापाली की बहनों ने अपनी इच्छा और संकल्प से राशि एकत्रित कर मंदिर निर्माण में सहयोग दिया है। यह केवल आर्थिक योगदान नहीं, बल्कि सामाजिक सहभागिता, सामूहिक जिम्मेदारी और महिला नेतृत्व का प्रेरक उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि महिलाएं परिवार की जिम्मेदारियां निभाने के साथ-साथ समाज और सामुदायिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उनका स्वैच्छिक योगदान आपसी सहयोग और सामाजिक एकजुटता की भावना को मजबूत करता है।
श्री चौधरी ने कहा कि आमापाली की महिलाओं की यह पहल निश्चित रूप से अन्य लोगों को भी सामुदायिक कार्यों में आगे बढ़कर योगदान देने के लिए प्रेरित करेगी।
जन चौपाल में सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं
वित्त मंत्री ने इस सराहनीय पहल के लिए ग्राम पंचायत आमापाली की सभी माताओं-बहनों और सहभागी नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जन चौपाल के माध्यम से ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को सुनना और स्थानीय स्तर पर उनके समाधान की दिशा में पहल करना राज्य सरकार की जनकल्याण और सुशासन की प्रतिबद्धता का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
नीधि वर्मा के घर का बिजली बिल हुआ शून्य, 1.08 लाख रुपये की डबल सब्सिडी से मिली बड़ी राहत
अंबिकापुर में लक्ष्य से दोगुने से अधिक आवेदन, 1,136 घरों में स्थापित हुए रूफटॉप सोलर संयंत्र
रायपुर / शौर्यपथ / प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना सरगुजा जिले में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ ही आम परिवारों को बिजली खर्च से राहत दिलाने और ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने का प्रभावी माध्यम बन रही है। योजना का लाभ लेकर अंबिकापुर के मायापुर निवासी श्रीमती नीधि वर्मा का परिवार अब बिजली खर्च के बोझ से मुक्त होकर सौर ऊर्जा के माध्यम से अपनी जरूरतें पूरी कर रहा है। सोलर संयंत्र स्थापित होने के बाद उनके घर का बिजली बिल शून्य हो गया है।
4 से 5 हजार रुपये के मासिक बिजली बिल से मिली राहत
श्रीमती नीधि वर्मा ने बताया कि सोलर संयंत्र स्थापित करने से पहले उनके घर में प्रतिमाह लगभग 4 से 5 हजार रुपये तक बिजली बिल आता था। बढ़े हुए बिजली खर्च से परिवार के बजट पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता था। प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना के तहत घर की छत पर सोलर संयंत्र स्थापित कराने के बाद अब घरेलू बिजली की जरूरतें सौर ऊर्जा से पूरी हो रही हैं और बिजली बिल लगभग पूरी तरह समाप्त हो गया है। उन्होंने कहा कि योजना ने परिवार को आर्थिक राहत देने के साथ बिजली की जरूरतों को पूरा करने का स्थायी और स्वच्छ विकल्प उपलब्ध कराया है।
1.08 लाख रुपये की डबल सब्सिडी से आसान हुआ सोलर संयंत्र लगाना
श्रीमती वर्मा ने बताया कि योजना के तहत उन्हें लगभग 1 लाख 8 हजार रुपये की सब्सिडी मिली। इसमें केंद्र सरकार की ओर से 78 हजार रुपये तथा राज्य सरकार की ओर से 30 हजार रुपये की सब्सिडी शामिल है। इस आर्थिक सहायता से सोलर संयंत्र स्थापित करने की लागत का बड़ा हिस्सा कम हुआ और उनके लिए सौर ऊर्जा अपनाना आसान हो गया।
बिजली उपभोक्ता से बनीं ऊर्जादाता
सौर ऊर्जा से मिलने वाले लाभ को साझा करते हुए श्रीमती नीधि वर्मा ने कहा कि पहले उनका परिवार केवल बिजली का उपभोक्ता था, लेकिन अब वे स्वयं बिजली का उत्पादन कर रहे हैं। घरेलू आवश्यकता से अधिक उत्पादित बिजली विद्युत ग्रिड में वापस जाती है और नियमानुसार उसका लाभ भी प्राप्त होता है। उन्होंने कहा, “पहले हम बिजली उपभोक्ता थे, लेकिन अब ऊर्जा दाता बन गए हैं।” उनका मानना है कि सौर ऊर्जा अपनाने से परिवार को बिजली बिल में राहत मिलने के साथ देश की ऊर्जा व्यवस्था में आम नागरिक की भागीदारी भी बढ़ रही है।
अंबिकापुर में लक्ष्य से अधिक आवेदन, तेजी से बढ़ रहा रूफटॉप सोलर का दायरा
विद्युत विभाग के अनुसार सरगुजा जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना का लाभ तेजी से पहुंच रहा है। अंबिकापुर शहर में 1,000 रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापना के लक्ष्य के विरुद्ध 2,021 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें 1,985 हितग्राहियों के लिए वेंडर चयनित किए जा चुके हैं तथा 1,136 घरों में सोलर संयंत्र स्थापित हो चुके हैं।
वहीं अंबिकापुर ग्रामीण क्षेत्र में भी 1,000 के लक्ष्य के विरुद्ध 1,282 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें 1,200 हितग्राहियों के लिए वेंडर चयनित किए गए हैं तथा 305 घरों में रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं।
स्वच्छ ऊर्जा के साथ आर्थिक सशक्तिकरण की ओर बढ़ते परिवार
प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से सरगुजा में परिवारों को बिजली खर्च में राहत मिलने के साथ स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा मिल रहा है। रूफटॉप सोलर संयंत्रों की बढ़ती संख्या ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में जिले की बढ़ती भागीदारी को दर्शाती है।
श्रीमती नीधि वर्मा ने अधिक से अधिक परिवारों से प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना का लाभ उठाने की अपील करते हुए कहा कि सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी का लाभ लेकर घरों में सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करना परिवार और देश दोनों के हित में है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना आम नागरिकों को आर्थिक रूप से राहत देने के साथ स्वच्छ और हरित भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
पीएम आवास के हितग्राहियों को सौंपी खुशियों की चाबी
आवास निर्माण,जल सुरक्षा एवं ग्रामीण अधोसंरचना गुणवत्ता पर विशेष जोर
रायपुर / शौर्यपथ / आयुक्त वीबी - जीरामजी एवं संचालक प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण तारण प्रकाश सिन्हा शुक्रवार को बलौदाबाजार पहुंचे। इस दौरान विभिन्न ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण किया।
आयुक्त ने जनपद पंचायत बलौदाबाजार अंतर्गत ग्राम पंचायत बेमेतरा तथा जनपद पंचायत पलारी अंतर्गत ग्राम पंचायत सितदेवरी में विभिन्न विकास कार्यों का स्थल निरीक्षण करते हुए हितग्राहियों एवं ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। निरीक्षण के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण अंतर्गत निर्मित आवासों का अवलोकन किया तथा आवास पूर्ण कर चुके हितग्राहियों को प्रतीकात्मक रूप से खुशियों की चाबी प्रदान की। हितग्राहियों से आवास निर्माण, प्राप्त सहायता, निर्माण की गुणवत्ता एवं योजना से उनके जीवन में आए बदलाव के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पात्र परिवारों को योजना का लाभ समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित करें ।
आयुक्त ने वीबी- जीरामजी अंतर्गत जल सुरक्षा श्रेणी में निर्मित एवं प्रगतिरत कार्यों का भी विस्तृत निरीक्षण किया।इस दौरान नवीन तालाब, अमृत सरोवर, सैंड फिल्टर आधारित बोरवेल रिचार्ज संरचना तथा चेक डैम निर्माण कार्यों की स्थल पर तकनीकी एवं उपयोगिता संबंधी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल संरक्षण एवं भू-जल पुनर्भरण से जुड़े कार्य केवल निर्माण तक सीमित न रहें, बल्कि उनका चयन स्थानीय आवश्यकता, कैचमेंट, जलधारण क्षमता एवं दीर्घकालिक उपयोगिता के आधार पर किया जाए।
उन्होंने कहा कि वीबी-जीरामजी का उद्देश्य रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ ग्राम पंचायतों में टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण, जल सुरक्षा को सुदृढ़ करना, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण तथा ग्रामीण आजीविका को मजबूत बनाना है। अतः योजना अंतर्गत स्वीकृत प्रत्येक कार्य का प्रत्यक्ष लाभ ग्रामीण समुदाय को दिखाई देना चाहिए।स्थल निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने ग्रामीणों के साथ जमीन पर बैठकर सहज एवं आत्मीय वातावरण में चर्चा की तथा योजनाओं के क्रियान्वयन, स्थानीय आवश्यकताओं, रोजगार, आवास एवं विकास कार्यों के संबंध में उनके अनुभव और सुझाव सुने। उन्होंने मैदानी अमले को निर्देशित किया कि ग्रामीणों की वास्तविक आवश्यकताओं को समझते हुए ग्राम सभा से अनुमोदित कार्ययोजना के अनुरूप प्राथमिकता आधारित कार्य संपादित किए जाएं।
इसके पश्चात जिला पंचायत सभाक़क्ष बलौदाबाजार में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक मे वीबी- जी रामजी एवं पीएम आवास योजना ग्रामीण सहित ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। आयुक्त ने योजना अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्ध पूर्णता, श्रमिक नियोजन, तकनीकी मापदंडों के पालन तथा पारदर्शिता पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि फील्ड निरीक्षण को नियमित कार्यप्रणाली का हिस्सा बनाया जाए तथा प्रत्येक निर्माण कार्य की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता न किया जाए। जल संरक्षण संरचनाओं के माध्यम से अधिकतम वर्षाजल संचयन, भू-जल स्तर में सुधार और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी जल उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में परिणामोन्मुखी कार्य करने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण एवं समीक्षा के दौरान सीईओ जिला पंचायत सुश्री दिव्या अग्रवाल एवं संबंधित जनपद पंचायतों के अधिकारी-कर्मचारी, तकनीकी अमला, पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
महतारी वंदन से नीलम के जीवन में आया आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का उजाला
रायपुर / शौर्यपथ / विष्णु के सुशासन में महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण और आत्मनिर्भरता को नई मजबूती मिल रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, जिन्हें प्रदेश की महिलाएं स्नेह से ‘विष्णु भैया’ कहती हैं, के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा संचालित महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में आर्थिक संबल के साथ आत्मविश्वास और सम्मान का उजाला ला रही है। योजना के माध्यम से मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता महिलाओं को परिवार की आवश्यकताओं में सहभागी बनने के साथ अपने निर्णय स्वयं लेने का भरोसा भी दे रही है।
ग्राम पंचायत लालपुर, विकासखंड गौरेला की श्रीमती नीलम राठौर के जीवन में भी महतारी वंदन योजना बदलाव की नई उम्मीद लेकर आई है। नीलम बताती हैं कि उन्हें योजना की 30वीं किस्त की राशि उनके बैंक खाते में प्राप्त हुई है। नियमित रूप से मिलने वाली इस आर्थिक सहायता से वे अपनी और परिवार की दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने में योगदान दे पा रही हैं।
नीलम के लिए यह राशि केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का आधार बन गई है। उनका कहना है कि पहले परिवार की आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा करने के लिए भी कई बार इंतजार करना पड़ता था। अब महतारी वंदन योजना से नियमित सहायता मिलने के कारण वे अपनी आवश्यकताओं को प्राथमिकता के अनुसार पूरा कर पा रही हैं और परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में पहले से अधिक मजबूती के साथ भागीदारी निभा रही हैं।
आर्थिक सहयोग से बढ़ा आत्मविश्वास
नीलम बताती हैं कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि ने उनके भीतर आर्थिक निर्णय लेने का आत्मविश्वास बढ़ाया है। परिवार की छोटी-बड़ी जरूरतों में अपना योगदान देने से उन्हें यह महसूस होता है कि वे अपने परिवार की आर्थिक व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
उनका कहना है कि आर्थिक रूप से सक्षम होने से महिलाओं में अपने फैसले स्वयं लेने का भरोसा बढ़ता है। नियमित आर्थिक सहायता ने उन्हें भी अपने परिवार की जरूरतों को समझने, उन्हें प्राथमिकता देने और अपनी जिम्मेदारियों को अधिक आत्मविश्वास के साथ निभाने का अवसर दिया है।
विष्णु भैया की पहल से महिलाओं को मिल रहा आर्थिक संबल
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण को विकास की महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में आगे बढ़ा रही है। प्रदेश की महिलाओं के बीच लोकप्रिय ‘विष्णु भैया’ की सरकार की महतारी वंदन योजना महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के साथ उनके आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता को भी मजबूत कर रही है।
विष्णु के सुशासन में महिलाओं को परिवार की आर्थिक जरूरतों में सहभागी बनने और अपने जीवन से जुड़े निर्णयों में अधिक आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है। योजना से मिलने वाली सहायता महिलाओं के लिए आर्थिक सुरक्षा के साथ भविष्य के प्रति भरोसे का आधार भी बन रही है।
महिलाओं के सम्मान और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के साथ उनके आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है। नियमित रूप से मिलने वाली राशि से महिलाएं परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में अपना योगदान दे रही हैं और स्वयं को परिवार की आर्थिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा महसूस कर रही हैं।
विष्णु के सुशासन में राज्य सरकार की महिला केंद्रित योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाकर उन्हें परिवार और समाज के विकास में सक्रिय भागीदार बनाना है। महतारी वंदन योजना इसी सोच को धरातल पर साकार कर रही है।
नीलम ने ‘विष्णु भैया’ के प्रति जताया आभार
श्रीमती नीलम राठौर ने महतारी वंदन योजना के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, जिन्हें वे स्नेहपूर्वक ‘विष्णु भैया’ कहती हैं, के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि योजना से मिलने वाली राशि महिलाओं के लिए आर्थिक संबल के साथ आत्मविश्वास, सम्मान और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर दे रही है।
नीलम की कहानी यह दर्शाती है कि महिलाओं को समय पर मिलने वाला आर्थिक संबल उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव की शुरुआत कर सकता है। परिवार की जरूरतों में योगदान देने का अवसर मिलने से उनके आत्मविश्वास में वृद्धि हुई है और वे स्वयं को परिवार की आर्थिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा महसूस कर रही हैं।
छोटी-सी आर्थिक मदद, बड़े बदलाव की शुरुआत
नीलम के जीवन का अनुभव इस बात का उदाहरण है कि महिलाओं को मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता उनके जीवन में बड़े सकारात्मक बदलाव की शुरुआत कर सकती है। परिवार की जरूरतों में योगदान देने का अवसर मिलने से उनके आत्मविश्वास में वृद्धि हुई है और वे अधिक मजबूती के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभा रही हैं।
विष्णु के सुशासन में महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण को प्राथमिकता देते हुए संचालित महतारी वंदन योजना आज प्रदेश की अनेक महिलाओं के लिए आर्थिक संबल, आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता का आधार बन रही है। ‘विष्णु भैया’ की सरकार की यह पहल महिलाओं के जीवन में आर्थिक सुरक्षा के साथ नई उम्मीद, नया आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का उजाला लेकर आ रही है।
मुख्यमंत्री साय आईटीवी नेटवर्क और इंडिया न्यूज के युवा मंच कार्यक्रम में हुए शामिल
मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान के लिए विशिष्टजनों को किया सम्मानित
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज शाम यहां राजधानी रायपुर के महोबा बाजार स्थित एक निजी होटल में आयोजित आईटीवी नेटवर्क और इंडिया न्यूज के युवा मंच कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नक्सलवाद की समाप्ति के बाद अब छत्तीसगढ़ समन्वित रूप से प्रगति के पथ पर निरंतर अग्रसर है। सरगुजा से लेकर बस्तर तक पूरे प्रदेश के लक्ष्यकेंद्रित विकास के लिए सरकार संकल्पित है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान के लिए विशिष्टजनों सम्मानित किया।
युवा मंच कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास में नक्सलवाद एक बड़ी बाधा थी। हमारी सरकार के गठन के बाद केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में नक्सलवाद विषय पर हुई बैठक में यह तथ्य हमारे सामने आया कि देश में शेष नक्सल समस्या का अधिकांश हिस्सा छत्तीसगढ़ में ही था। ऐसे में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति से एक डेडलाइन तय हुई और हमारे सुरक्षाबल के जवानों ने अदम्य साहस का प्रदर्शन करते हुए छत्तीसगढ़ को नक्सलमुक्त बना दिया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पर्यटन के विकास की अपार संभावना है। बस्तर का चित्रकोट जलप्रपात नियाग्रा के नाम से प्रसिद्ध है। धुड़मारास गांव को संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन ने दुनिया के सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांवों की सूची में शामिल किया है। वहाँ बम्बू राफ्टिंग जैसी पर्यटन गतिविधियां संचालित हैं और होम स्टे में पर्यटक आकर रुक रहे हैं। राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नई उद्योग नीति में पर्यटन को भी शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश में धर्मांतरण रोकने सबसे सख्त कानून लाने वाला प्रदेश है। प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन करवाने वालों पर अब कड़ी कार्यवाही की जा रही है। अन्य प्रदेशों के कानूनों का विस्तार से अध्ययन करके छत्तीसगढ़ में धर्म स्वातंत्र्य बिल लाया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। पीएससी में भ्रष्टाचार करने वालों पर सख्त कार्रवाई की गई है। प्रदेश में अब पीएससी से लेकर सभी भर्ती परीक्षाएं पारदर्शिता के साथ सम्पन्न हो रही हैं और युवाओं के साथ उनके अभिभावक भी अब भर्ती प्रक्रिया को लेकर निश्चिंत हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार युवाओं से लगातार संवाद कर रही है। उनके सभी सुझावों का स्वागत है। युवा ही हमारे देश का भविष्य हैं। विकास की नीति निर्माण में युवाओं के सुझाव महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ एक आदिवासी बहुल राज्य है। पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी बाजपेई ने जनजातीय विकास के लिए आदिम जाति कल्याण मंत्रालय का गठन किया। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान में छत्तीसगढ़ के 6 हजार गांवों को शामिल किया गया है। हमारे प्रदेश में 5 विशेष पिछड़ी जनजातियां निवास करती हैं, जिनके उत्थान के लिए हम कटिबद्ध हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शिक्षा विकास का मूलमंत्र है। शिक्षा के बिना विकास संभव नहीं है। आज छत्तीसगढ़ में हर स्तर पर स्कूल संचालित हैं। हर ब्लॉक में कॉलेज हैं। बस्तर के नक्सलमुक्त होने के बाद वहां एजुकेशन सिटी बनायी जा रही है। इसके लिए बजट में प्रावधान किया गया है।राज्य में शिक्षा मिशन पर भी काम किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ के निकटवर्ती राज्यों में भी आदिवासी बहुलता है, इसे देखते हुए हमारा प्रयास है कि राज्य में ट्राइबल यूनिवर्सिटी भी स्थापित हो। जिसका लाभ इस क्षेत्र के जनजातीय बच्चों को मिल सके।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं का निरंतर विकास किया जा रहा है। आज हमारे प्रदेश में 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। पांच नए मेडिकल कॉलेजों को स्वीकृति मिल गई है। जिनमें कुल 250 सीटें स्वीकृत हुई हैं और इसी वर्ष से पढ़ाई भी शुरू हो जाएगी। बस्तर में सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल बन गया है। अब वहां ब्रेन ट्यूमर का भी इलाज हो रहा है। मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत 34 लाख लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है। 40 हजार लोगों का उपचार भी हुआ है। बस्तर मुन्ने और नियद नेल्लानार योजना के तहत लोगों को शासकीय योजनाओं का लाभ मिल रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश की नई उद्योग नीति के तहत हमने 8 लाख करोड़ के एमओयू साइन किए हैं, इसका असर धरातल पर भी दिखने लगा है। सेमीकंडक्टर प्लांट, एआई डाटा सेंटर, टेक्सटाइल जैसे सैक्टर में कार्य चल रहा है। ऐसे उद्यमी जो अपने 1000 युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराएंगे उनके लिए विशेष इंसेंटिव का प्रावधान किया गया है। बरसात के बात रोजगार मेला भी लगाया जाएगा, जहां विभिन्न उद्योगों में युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगें
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा, आईटीवी नेटवर्क और इंडिया न्यूज के पदाधिकारीगण तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
रायपुर / शौर्यपथ / स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ में इस वर्ष देशभक्ति और राष्ट्रप्रेम से जुड़े कार्यक्रमों का व्यापक आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में 7 से 17 अगस्त तक ‘हर घर तिरंगा’, ‘वंदे मातरम्’ गायन और विभिन्न सांस्कृतिक एवं देशभक्ति कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
देशभर में 9 से 17 अगस्त 2026 तक ‘हर घर तिरंगा’ अभियान मनाया जा रहा है। इस वर्ष का अभियान ‘वंदे मातरम्’ के 150वें वर्ष के स्मरणोत्सव से भी जुड़ा है। छत्तीसगढ़ में संस्कृति विभाग द्वारा केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप इन कार्यक्रमों को जनभागीदारी के साथ व्यापक रूप देने की तैयारी की गई है।
9 से 17 अगस्त तक ‘हर घर तिरंगा’, 7 से 15 अगस्त तक ‘वंदे मातरम्’
संस्कृति विभाग के अनुसार प्रदेश के सभी जिलों में 9 से 17 अगस्त तक ‘हर घर तिरंगा’ अभियान चलाया जाएगा। वहीं 7 से 15 अगस्त तक ‘वंदे मातरम्’ गायन सहित विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित होंगी।
15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह में ध्वजारोहण के बाद प्रदेशभर में सामूहिक राष्ट्रगान और ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया जाएगा।
तिरंगा यात्राओं से लेकर मैराथन तक होंगे आयोजन
अभियान के दौरान जिला मुख्यालयों, विकासखंडों, ग्राम पंचायतों और शैक्षणिक संस्थानों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होंगे। इनमें तिरंगा यात्रा, बाइक और कार रैली, मशाल रैली तथा तिरंगा मैराथन प्रमुख होंगे।
इन आयोजनों में जनप्रतिनिधियों के साथ स्व-सहायता समूहों, पुलिस, NCC, NSS, स्काउट-गाइड और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
तिरंगे के साथ सेल्फी और देशभक्ति कॉन्सर्ट
‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत नागरिक अपने घर पर फहराए गए तिरंगे के साथ सेल्फी लेकर उसे ‘हर घर तिरंगा’ पोर्टल पर अपलोड कर सकेंगे।
सार्वजनिक स्थानों पर तिरंगा कैनवास, तिरंगा मेले और देशभक्ति कॉन्सर्ट आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों के माध्यम से स्थानीय स्वदेशी उत्पादों और कारीगरों को भी प्रोत्साहन दिया जाएगा।
प्रदेशभर में ऑडियो एवं वीडियो बूथ भी लगाए जाएंगे, जहां नागरिक स्वयं ‘वंदे मातरम्’ गाकर उसकी रिकॉर्डिंग अपलोड कर सकेंगे।
14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मरण दिवस’
14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मरण दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा। इस अवसर पर भारत विभाजन की त्रासदी और स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानों को याद करते हुए विशेष प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी।
वहीं राज्य पुलिस बैंड द्वारा विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर देशभक्ति गीतों की संगीतमय प्रस्तुतियां दी जाएंगी।
इस वर्ष छत्तीसगढ़ में स्वतंत्रता पर्व केवल एक समारोह नहीं, बल्कि तिरंगे, राष्ट्रगान और ‘वंदे मातरम्’ के माध्यम से जन-जन को राष्ट्रभावना से जोड़ने वाले व्यापक जनअभियान के रूप में मनाने की तैयारी है।
कवर्धा। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने शनिवार शाम कवर्धा के पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास पहुंचकर छात्रावासी बच्चों से मुलाकात की। उन्होंने बच्चों के साथ बैठकर उनकी पढ़ाई, करियर प्लानिंग और छात्रावास में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में विस्तार से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने प्रत्येक छात्र से व्यक्तिगत रूप से संवाद कर उनकी आवश्यकताओं और समस्याओं की जानकारी ली।
उप मुख्यमंत्री ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में लक्ष्य निर्धारित कर उसे हासिल करने के लिए पूरी लगन और समर्पण के साथ मेहनत करनी चाहिए। परिणाम की चिंता में प्रयासों में कमी नहीं आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि पूरे समर्पण के साथ प्रयास किया जाए तो सफलता अवश्य मिलती है। असफलता मिलने पर भी निराश होने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि लक्ष्य प्राप्ति के लिए किया गया प्रत्येक प्रयास जीवन में किसी न किसी रूप में उपयोगी साबित होता है।
छात्रावास में लगेगा स्मार्ट क्लासरूम
छात्रों से करियर और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को लेकर चर्चा के दौरान उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने छात्रावास में विशेष स्मार्ट क्लासरूम स्थापित करने की घोषणा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रतियोगी परीक्षाओं के सिलेबस के अनुरूप अध्ययन सामग्री स्मार्ट क्लास में उपलब्ध कराई जाए। साथ ही ऑनलाइन क्लास से जुड़ने की सुविधा भी विकसित की जाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय तकनीक का है और तकनीक आधारित पढ़ाई न केवल समय बचाती है, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को भी अधिक प्रभावी बनाती है।
नीट, जेईई, पीएससी और एसएससी की किताबें होंगी उपलब्ध
छात्रों ने बताया कि छात्रावास में कक्षा 11वीं-12वीं के विद्यार्थियों के साथ स्नातक स्तर के छात्र भी रहते हैं, जो नीट, जेईई, लॉ, एसएससी, व्यापम और पीएससी सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं।
इस पर उप मुख्यमंत्री ने छात्रों से उनकी जरूरत के अनुसार पुस्तकों और मासिक पत्रिकाओं की जानकारी ली तथा अधिकारियों को निर्देशित किया कि छात्रावास की लाइब्रेरी में प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित आवश्यक किताबें, स्टडी मटेरियल और मासिक पत्रिकाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने लाइब्रेरी में इंटरनेट सुविधा से युक्त कंप्यूटर उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए।
छात्र की आंख की समस्या सुनकर रायपुर में इलाज का भरोसा
मुलाकात के दौरान एक छात्र ने उप मुख्यमंत्री को अपनी आंख में समस्या होने की जानकारी दी। श्री शर्मा ने संवेदनशीलता दिखाते हुए कहा कि छात्र का रायपुर के अच्छे अस्पताल में उपचार कराया जाएगा। इसके लिए आवश्यक समन्वय करने के निर्देश उन्होंने सहायक आयुक्त को दिए।
छात्रों को दिए पेन, बारिश को देखते हुए छाते की व्यवस्था के निर्देश
उप मुख्यमंत्री ने बच्चों को अच्छी तरह पढ़ाई करने की शुभकामनाएं देते हुए उन्हें उपहार स्वरूप पेन प्रदान किए। बारिश के मौसम को देखते हुए उन्होंने छात्रावास में बच्चों के लिए छाते उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने छात्रावास का निरीक्षण कर वहां विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया और छात्रों की आवश्यकताओं के अनुरूप सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
इस अवसर पर पार्षद बिहारी धुर्वे, मनीराम साहू, चंदन पटेल, ईश्वरी धुर्वे, मनीराम छेदावी, सहायक आयुक्त लक्ष्मी पटेल सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
“शांति का टापू” से अपराध और नशे के गढ़ तक पहुंचा छत्तीसगढ़ : राहुल शर्मा
दुर्ग / शौर्यपथ। जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग के महामंत्री राहुल शर्मा ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए छत्तीसगढ़ में बिगड़ती कानून-व्यवस्था, बढ़ते अपराध और नशे के कारोबार को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि कभी छत्तीसगढ़ की पहचान “शांति का टापू” के रूप में होती थी, लेकिन भाजपा की डबल इंजन सरकार के ढाई साल के कार्यकाल में प्रदेश अपराध, नशे और माफियाराज की गिरफ्त में पहुंच गया है।
राहुल शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में हरेली, तीजा, दीपावली, दशहरा सहित सभी त्योहार लोग प्रेम, भाईचारे और सौहार्द के साथ मनाते थे। महिलाएं रात के समय भी स्वयं को सुरक्षित महसूस करती थीं। लेकिन आज परिस्थितियां बदल गई हैं। त्योहारों के दौरान भी चोरी, गुंडागर्दी, नशे में मारपीट और आपराधिक घटनाओं की खबरें सामने आ रही हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल-कॉलेजों के आसपास 200 से 300 मीटर के दायरे में ड्रग्स, गांजा, स्मैक और अवैध शराब आसानी से उपलब्ध होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। पुलिस की नाक के नीचे नशे के अड्डे संचालित होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि इसका सबसे गंभीर असर प्रदेश के युवाओं पर पड़ रहा है। हजारों युवा नशे की गिरफ्त में आकर अपना भविष्य बर्बाद कर रहे हैं।
कांग्रेस नेता ने NCRB के आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि छत्तीसगढ़ में हत्या, लूट, डकैती, अपहरण और महिलाओं के खिलाफ अपराधों में 200 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि व्यापारी, किसान और आम नागरिक सहित कोई भी वर्ग स्वयं को पूरी तरह सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा है।
राहुल शर्मा ने प्रदेश के गृहमंत्री से सवाल करते हुए कहा, “नशा माफिया को किसका संरक्षण प्राप्त है? सरकार के तीन वर्ष के कार्यकाल में कानून-व्यवस्था सुधारने के बजाय इसे बदहाल क्यों होने दिया गया?” उन्होंने कहा कि सरकार को केवल दावे करने के बजाय नशे के नेटवर्क और उसके पीछे सक्रिय लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए।
उन्होंने सरकार से मांग की कि नशा माफिया और उनके संरक्षणदाताओं के खिलाफ NSA/रासुका के तहत कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही प्रदेश के प्रत्येक जिले में एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स गठित की जाए, ताकि नशे के कारोबार की जड़ तक पहुंचकर कार्रवाई की जा सके।
राहुल शर्मा ने त्योहारों के दौरान विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू करने, संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ाने और युवाओं को नशे से बचाने के लिए प्रभावी अभियान चलाने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को गंभीरता से कदम उठाकर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को मजबूत करना होगा।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की मांग है कि सरकार अपराध और नशे के खिलाफ ठोस एवं प्रभावी कार्रवाई करे, ताकि छत्तीसगढ़ की पुरानी पहचान “शांति का टापू” के रूप में फिर से स्थापित हो सके।
सौर ऊर्जा अपनाकर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे परिवार, स्वच्छ ऊर्जा को मिल रहा बढ़ावा
रायपुर / शौर्यपथ / प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना प्रदेश के आम नागरिकों के लिए आर्थिक राहत और स्वच्छ ऊर्जा का प्रभावी माध्यम बन रही है। योजना के तहत घरों की छतों पर रूफटॉप सोलर पैनल स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे परिवार अपनी बिजली जरूरतों के लिए सौर ऊर्जा का उपयोग कर रहे हैं। इससे बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी आने के साथ ही कई परिवारों को आर्थिक बचत का लाभ मिल रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सुशासन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के तहत विद्युत विभाग द्वारा प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। नागरिकों को योजना की प्रक्रिया, लाभ और सौर ऊर्जा के महत्व की जानकारी देकर अधिक से अधिक परिवारों को इससे जोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
योजना के अंतर्गत घरों की छत पर स्थापित सोलर पैनल सूर्य के प्रकाश से बिजली का उत्पादन करते हैं। घरेलू आवश्यकता पूरी करने के बाद अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजी जा सकती है, जिससे उपभोक्ताओं के बिजली खर्च में कमी आती है। इस प्रकार योजना एक ओर परिवारों को आर्थिक राहत प्रदान कर रही है, वहीं दूसरी ओर स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा देकर पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दे रही है।
जशपुर जिले के कुनकुरी निवासी संदीप कुमार गुप्ता ने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना को अपने परिवार के लिए लाभकारी बताते हुए कहा कि पहले उनके घर का बिजली बिल अपेक्षाकृत अधिक आता था। योजना के तहत घर में सोलर पैनल लगवाने के बाद बिजली की नियमित खपत के बावजूद उनके बिजली बिल में काफी कमी आई है। उन्होंने बताया कि सौर ऊर्जा के उपयोग से उन्हें हर महीने अच्छी बचत हो रही है, जिसका सकारात्मक असर परिवार के बजट पर पड़ा है।
श्री गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना आम नागरिकों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। इससे बिजली खर्च कम करने के साथ स्वच्छ ऊर्जा को अपनाने का अवसर भी मिल रहा है। उन्होंने इस जनहितकारी पहल के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने प्रदेशवासियों से प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का लाभ उठाने और अपने घरों में सौर ऊर्जा को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि अधिक से अधिक परिवारों के सौर ऊर्जा से जुड़ने से बिजली की बचत के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
