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दैनिक शौर्यपथ महासमुंद ब्यूरो संतराम कुर्रे
महासमुंद - गुरु घासीदास जयंती की शुरुआत करने वाले भोंरिग निवासी दादा नकुल देव ढीढी मंत्री जी की 112 वीं जयंती प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी के पदाधिकारियों ने गुरु घासीदास वार्ड के सांस्कृतिक भवन में प्रदेश महासचिव मोहन बंजारे के मुख्य अतिथि व एस आर बंजारे की अध्यक्षता तथा सहसचिव दिनेश बंजारे, नुतन कुर्रे व जिला ब्लॉक अठगंवा के पदाधिकारियों की उपस्थिति में मनाई गई।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलित व माल्यार्पण कर किया।इस मौके पर उपस्थित प्रदेश महासचिव मोहन बंजारे ने कहा कि दादाजी ने गुरु घासीदास जयंती की शुरुआत कर समाज को संगठित करने का बड़ा माध्यम दिया।वे तन-मन धन सब कुछ लगाकर जुनुनी तौर पर दिन रात पैदल गांव-गांव घुमकर गुरु घासीदास बाबा व डॉ भीमराव अम्बेडकर साहब के संदेशों का प्रचार प्रसार कर समाज को जागृत किया। जिसके बदौलत आज समाज में बड़ी बदलाव आया है।दादाजी ने सामाजिक विचारधारा से कभी समझौता नहीं किया।जिसके कारण पुरे छत्तीसगढ़ में आज उन्हे याद किया जा रहा है। नहीं तो उस दौर में बड़े राजनीतिक दल के विधायक मंत्री बन गये होते।दिनेश बंजारे ने स्मरण करते हुए प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज द्वारा दादा नकुल देव ढीढी जी के कार्यों का अनुकरण करने की बात कहा। संगठन शिक्षा रोजगार के लिए काम कर रही है। दादा जी उस दौर में समाज के गरीब बच्चों को अपने खर्च पर पढ़ाया आज हमारा संगठन पे बेक सोसायटी के माध्यम से जरुरत मंद बच्चों की मदद कर रही है तथा उनके सपना के अनुरूप अठगंवा कमेटी के द्वारा सामाजिक नरनियाव भी बिना दंडबोडी के संवैधानिक रूप से निपटारा कर रहे हैं।
एस आर बंजारे ने समाज में आ रही कुरितीयो को दुर करने सामाजिक पदाधिकारियों को पहल करने की अपील की। श्रीमती नुतन कुर्रे ने कहा संविधान लागू होने के बाद भी अनुसूचित जाति वर्ग के लिए नाई धोबी पौनी पसारी नहीं दिया गया था जिसके लिए दादा जी ने संघर्ष किया और वे खुद आजीवन अपने बाल को बढ़ाए रखा।
उपस्थित सभी पदाधिकारियों ने समाज में दादा नकुल देव ढीढी जी के विचारों पर चलने व संगठित करने का संकल्प लिया।इस मौके पर प्रमुख रूप से जिलाध्यक्ष विजय बंजारे, उपाध्यक्ष खोशिल गेंड्रे, सचिव रेखराज बघेल, कोषाध्यक्ष घनश्याम जांगड़े साहित्य प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष के सोनटके, पवन कुर्रे,महासमुंद ब्लॉक सचिव गणेश टंडन,किशुन पाटले, शिक्षा प्रकोष्ठ से फनेंद्र बंजारे, महेंद्र बंजारे, राधेश्याम परमार, राधेश्याम निराला, नंदकुमार भारतद्वाज, अठगंवा परिक्षेत्र से संतोष जांगड़े खल्लारी, गोवर्धन बांधे, राकेश जांगड़े बेलसोंडा, राजेश मारकंडेय,बलौदा बाजार से सहदेव जोशी,बल्लर कुर्रे, रमेश बंजारे ,दुलेश भारती रायपुर,लालदास गायकवाड़ पोखरा गरियाबंद, उड़ीसा से लल्लू चेलक व समाज के लोग उपस्थित रहे।
महासमुंद। शौर्यपथ।
जिले के पटेवा थाना क्षेत्र अंतर्गत पचरी ग्राम पंचायत में अवैध महुआ शराब का कारोबार बेखौफ जारी है। जानकारी के अनुसार गांव में लंबे समय से बड़े पैमाने पर महुआ शराब का निर्माण और बिक्री हो रही है, जिससे प्रशासनिक कार्रवाई पर भी असर पड़ रहा है।
मामला उस समय गंभीर हो गया जब अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची पुलिस टीम पर ग्रामीणों द्वारा हमला कर दिया गया। इस दौरान शासकीय वाहन में तोड़फोड़ की गई और हालात ऐसे बने कि पुलिसकर्मियों को पीछे हटना पड़ा।
सूत्रों के मुताबिक, क्षेत्र में अवैध शराब का कारोबार लंबे समय से संचालित हो रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस और प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से कानून-व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
दबंग थाना प्रभारी की मांग तेज
घटना के बाद स्थानीय लोगों और क्षेत्रवासियों के बीच कड़े और सख्त कार्रवाई की मांग उठने लगी है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए सख्त और प्रभावी पुलिस नेतृत्व की आवश्यकता है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की बात कही जा रही है।
दुर्ग। शौर्यपथ।
छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी द्वारा हज यात्रियों के लिए प्रशिक्षण शिविर का आयोजन स्वामी विवेकानंद सभागार, दुर्ग में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि Vijay Baghel, अध्यक्षता Mirza Ejaz Beg तथा विशिष्ट अतिथि Alka Baghmar रहीं।
कार्यक्रम में सुरेन्द्र कौशिक, रजा खोखर, गायत्री वर्मा, हाजी कासिम, आरिफ अली, ज्योति वर्मा, हैदर अली, खालिद रिजवी, अमजद अली सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
हज कमेटी के अध्यक्ष मिर्जा एजाज बेग ने कहा कि हज यात्रा के दौरान नियमों और व्यवस्थाओं की जानकारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष छत्तीसगढ़ से बड़ी संख्या में हाजी यात्रा पर जा रहे हैं, जिनमें दुर्ग जिले से लगभग 260 यात्री शामिल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि ऑनलाइन प्रक्रिया लागू होने से आवेदन की प्रक्रिया सरल हुई है तथा राज्य सरकार द्वारा यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
महापौर अलका वाघमार ने केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सभी हाजियों की सफल एवं सुरक्षित यात्रा की कामना की। सुरेन्द्र कौशिक ने जानकारी दी कि इस प्रशिक्षण शिविर का उद्देश्य हाजियों को स्वास्थ्य परीक्षण के साथ-साथ यात्रा से जुड़ी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराना है।
मुख्य अतिथि विजय बघेल ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की पहचान हिंदू-मुस्लिम एकता में निहित है। उन्होंने हज यात्रियों से देश और परिवार की खुशहाली के लिए दुआ करने का आग्रह किया। साथ ही उन्होंने कहा कि आज वैश्विक स्तर पर भारत का सम्मान बढ़ा है और भारतीयों को विश्वभर में सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है।
कार्यक्रम के अंत में सभी हाजियों को शुभकामनाएं देते हुए उनकी यात्रा के सफल एवं सुरक्षित होने की कामना की गई।
पंडरिया। शौर्यपथ।
भारत की नारी ने सदियों से समाज को दिशा दी है, संस्कारों को संजोया है और हर परिवर्तन की धुरी बनकर अपनी अहम भूमिका निभाई है। इसके बावजूद नीति और निर्णय के सर्वोच्च मंचों पर उनकी भागीदारी लंबे समय तक सीमित रही। अब यह स्थिति बदलने जा रही है।
विधायक भावना बोहरा ने कहा कि Narendra Modi के नेतृत्व में पारित "नारी शक्ति वंदन अधिनियम" महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। इस अधिनियम के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण सुनिश्चित किया गया है, जो भारतीय लोकतंत्र को और अधिक समावेशी बनाएगा।
उन्होंने कहा कि जब संसद से लेकर विधानसभा तक महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित होगी, तब देश के विकास में नारीशक्ति का योगदान और अधिक प्रभावी रूप से सामने आएगा। यह निर्णय न केवल महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देगा, बल्कि समाज में समानता और न्याय के नए आयाम भी स्थापित करेगा।
भावना बोहरा ने इस ऐतिहासिक पहल के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह नव युग का आरंभ है—नव संकल्प और नव शक्ति का उद्घोष। अब महिलाएं केवल कानून का पालन ही नहीं करेंगीं, बल्कि कानून निर्माण में भी सक्रिय भूमिका निभाएंगी। वे केवल इतिहास पढ़ेंगी नहीं, बल्कि इतिहास रचकर देश को नई दिशा देंगी।
*पूर्व भारतीय वन सेवा अधिकारी की कॉरपोरेट भूमिका क्यों,रायगढ़-तमनार के संदर्भ में यह नियुक्ति और भी अधिक संदिग्ध और चिंताजनक- संजीत विश्वकर्मा प्रदेश संगठन मंत्री आप*
रायपुर। जिंदल समूह द्वारा पूर्व भारतीय वन सेवा वरिष्ठ अधिकारी एस.एस. बाजाज को कॉरपोरेट लाइजनिंग का छत्तीसगढ़ राज्य प्रमुख नियुक्त किया गया है। आम आदमी पार्टी के प्रदेश संगठन मंत्री संजीत विश्वकर्मा ने कहा है कि यह नियुक्त बहुत साधारण सी लगती है लेकिन यह केवल एक पदस्थापना नहीं, बल्कि राज्य में कॉरपोरेट प्रभाव, प्रशासनिक पहुंच और सत्ता-संबंधों के खतरनाक गठजोड़ का संकेत है। सरकार, प्रशासन और पर्यावरणीय नियम-कानूनों की पूरी समझ रखने वाले ऐसे अधिकारी के पास पद, पहुँच और संवेदनशील जानकारियों का जो प्रभाव है, उसका दुरुपयोग होने की पूरी आशंका है। यह स्थिति जनहित और पारदर्शिता, दोनों के लिए गंभीर खतरा है। यह सांठगांठ, छत्तीसगढ़ में सरकार, अफसरशाही और कॉरपोरेट गठजोड़ के उस काले चेहरे को उजागर करता है, जिसके कारण जल, जंगल, जमीन और जनता के अधिकारों की खुलेआम नीलामी की बड़ी तैयारी की जा रही है।
लोक सभा अध्यक्ष श्रीमती गीतेश्वरी बघेल कि यह बेहद गंभीर और शर्मनाक मामला है। जिन अधिकारियों पर जनता के संसाधनों की रक्षा करने, कानून का पालन कराने और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने की जिम्मेदारी थी, वही लोग अब कॉरपोरेट घरानों के लिए रास्ता साफ करने के काम में लग जाएं, तो यह लोकतंत्र नहीं, बल्कि सत्ता और पूंजी के गठबंधन से चलने वाली लूट की व्यवस्था है।आखिर छत्तीसगढ़ की जनता यह कैसे माने कि जिन लोगों ने शासन तंत्र, नीतियों, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और संवेदनशील निर्णयों के बीच वर्षों तक काम किया, वे अब उन्हीं जानकारियों और संबंधों का इस्तेमाल कॉरपोरेट हित साधने के लिए नहीं करेंगे? यह सीधा-सीधा हितों का टकराव है। यह नैतिक पतन है। यह छत्तीसगढ़ की जनता के सार्वजनिक विश्वास के साथ विश्वासघात है। रायगढ़, तमनार और आसपास के क्षेत्रों में पहले से ही जनता जमीन, पर्यावरण, प्रदूषण, विस्थापन और जल संकट को लेकर त्रस्त है। वहां यदि कॉरपोरेट कंपनियां पूर्व अधिकारियों को लाइजनिंग के लिए आगे कर रही हैं, तो इसका सीधा मतलब है कि वे जनता की आवाज को दबाकर, प्रशासन पर प्रभाव डालकर और नियम-कानून को मोड़कर अपने हित सुरक्षित करना चाहती हैं।उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि छत्तीसगढ़ कोई कॉरपोरेट कंपनियों की जागीर नहीं है। यह राज्य यहां की जनता का है, आदिवासियों का है, किसानों का है, युवाओं का है, श्रमिकों का है। लेकिन भाजपा की सरकार ने इसे दलालों, पूंजीपतियों और सत्ता संरक्षित अफसरशाही के हवाले कर दिया है।
हम मांग करते हैं कि इस तरह की नियुक्तियों की स्वतंत्र जांच हो। पूर्व अधिकारियों के कॉरपोरेट रोल पर सख्त नियम बनें। और रायगढ़-तमनार सहित संवेदनशील क्षेत्रों में चल रही सभी कॉरपोरेट गतिविधियों की पारदर्शी समीक्षा की जाए। यदि सरकार ने इस मामले को हल्के में लिया, तो आम आदमी पार्टी सड़क में जाकर इस मुद्दे को उठाएगी। छत्तीसगढ़ महतारी को लूटने वालों, जनता के अधिकारों का सौदा करने वालों और अफसरशाही को कॉरपोरेट दलाली में बदलने वालों को जनता कभी माफ नहीं करेगी।
भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र के अंतर्गत आगामी जनगणना कार्य को सुचारू रूप से संपन्न कराने हेतु प्रगणकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम आधिकारिक रूप से प्रारंभ कर दिया गया है। इसी कड़ी में आज जोन क्रमांक 4, खुर्सीपार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले स्वामी आत्मानंद स्कूल में एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण शिविर जोन आयुक्त सह चार्ज जनगणना अधिकारी अमरनाथ दुबे के प्रत्यक्ष मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
खुर्सीपार क्षेत्र के लिए कुल 99 प्रगणकों को प्रशिक्षण हेतु बुलाया गया था। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य प्रगणकों को जनगणना के दौरान डेटा प्रविष्टि, प्रपत्र भरने की बारीकियों और तकनीकी पहलुओं से अवगत कराना, ताकि गणना कार्य त्रुटिहीन हो सके।
प्रशिक्षण के दौरान अनुशासन और गंभीरता बनाए रखने हेतु निगम प्रशासन पूरी तरह सख्त है। आज के सत्र में कुल 99 प्रगणकों में से 94 उपस्थित रहे, जबकि 5 प्रगणक बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित पाए गए।
"जनगणना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है, जिसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं है।"
— अमरनाथ दुबे, जोन आयुक्त सह चार्ज जनगणना अधिकारी (जोन-4)
ड्यूटी से नदारद रहने वाले इन 5 प्रगणकों की अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए, जोन आयुक्त सह चार्ज जनगणना अधिकारी के निर्देशानुसार उन्हें तत्काल 'कारण बताओ' नोटिस जारी किया गया है। निर्धारित समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब न मिलने पर संबंधितों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा अन्य जोनों में भी इसी प्रकार चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
गुवाहाटी। असम की राजनीति में जिस मुकाबले को अब तक एकतरफा बताया जा रहा था, जमीनी हकीकत उससे कहीं अधिक जटिल और रोचक नजर आ रही है। सूत्रों के अनुसार, सेंट्रल गुवाहाटी सीट पर चुनावी लड़ाई अब बेहद नजदीकी होती दिख रही है, जिससे राजनीतिक समीकरणों में हलचल तेज हो गई है।
बताया जा रहा है कि 26 वर्षीय उम्मीदवार कुंकी चौधरी को चुनौती देने के लिए HBS चार बार सेंट्रल गुवाहाटी में रोड शो और रैलियां कर चुके हैं। लगातार हो रही इन गतिविधियों से साफ संकेत मिल रहे हैं कि मुकाबला आसान नहीं, बल्कि पूरी ताकत के साथ लड़ा जा रहा है।
इधर, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गौरव गोगोई की सभाओं में उमड़ रही भीड़ भी चर्चा का विषय बनी हुई है। स्थानीय स्तर पर यह दावा किया जा रहा है कि रैलियों में अच्छी-खासी उपस्थिति देखी जा रही है, हालांकि इसे राष्ट्रीय मीडिया में अपेक्षित कवरेज नहीं मिल पा रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर तृणमूल कांग्रेस (TMC) और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) जैसे दल कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ते, तो विपक्षी गठबंधन की स्थिति और मजबूत हो सकती थी। कुछ आकलनों में यह भी कहा जा रहा है कि ऐसी स्थिति में सीटों का आंकड़ा 100 के पार जा सकता था।
वहीं, असम की सामाजिक संरचना भी इस चुनाव में निर्णायक भूमिका निभा सकती है। चर्चा है कि आदिवासी (लगभग 12%), ताई अहोम (8%) और मुस्लिम (35%)—इन तीन प्रमुख वर्गों का वोट बैंक यदि एकजुट होता है, तो कुल मिलाकर करीब 55% समर्थन किसी एक पक्ष को निर्णायक बढ़त दिला सकता है।
इसके अलावा, गोगोई समाज के तीन प्रमुख चेहरे—गौरव गोगोई, अखिल गोगोई और लुरिनज्योति गोगोई—का एक साथ आना भी सियासी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।
हालांकि, ये सभी दावे और आकलन फिलहाल सूत्रों और राजनीतिक चर्चाओं पर आधारित हैं। वास्तविक तस्वीर मतदान और परिणामों के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल इतना तय है कि असम में मुकाबला अब दिलचस्प मोड़ ले चुका है, जहां हर रणनीति और गठबंधन का असर सीधे नतीजों पर पड़ सकता है।
जयपुर। राजस्थान पुलिस के एक और काबिल अधिकारी अब देश की बाहरी सीमाओं की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाते नजर आएंगे। केंद्र सरकार ने राजस्थान कैडर के 2012 बैच के आईपीएस अधिकारी आदर्श सिद्धू को डेपुटेशन पर सीमा सुरक्षा बल (BSF) में उप महानिरीक्षक (DIG) के पद पर नियुक्त किया है।
गौरतलब है कि इससे पहले 5 मार्च 2026 को आईपीएस जय यादव की नियुक्ति के बाद अब आदर्श सिद्धू को भी यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिससे राजस्थान पुलिस की कार्यकुशलता और विश्वसनीयता एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित हुई है।
आदर्श सिद्धू उन चुनिंदा अधिकारियों में शुमार किए जाते हैं जिनकी छवि बेदाग और निर्विवाद रही है। वे कभी विवादों में नहीं रहे, लेकिन अपनी कठोर पुलिसिंग, प्रभावी कैंपेन और प्रशासनिक शैली को लेकर हमेशा चर्चा में रहे हैं।
अपने अब तक के कार्यकाल में सिद्धू ने राजस्थान के चूरू, भीलवाड़ा, टोंक और पाली जैसे महत्वपूर्ण जिलों में पुलिस अधीक्षक (SP) के रूप में जिम्मेदारी संभाली है। हर जिले में उनकी कार्यशैली और अपराध नियंत्रण को लेकर उनकी अलग पहचान बनी।
अब BSF में DIG के रूप में उनकी तैनाती को न केवल उनके करियर का अहम पड़ाव माना जा रहा है, बल्कि यह भी संकेत है कि देश की सीमाओं की सुरक्षा में अब एक और अनुभवी और सख्त अधिकारी की एंट्री हो चुकी है।
चेन्नई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एवं द्रमुक (DMK) अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय भूमिका को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगा दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उन्हें अपनी सीमाओं का ज्ञान है और उनका पूरा ध्यान तमिलनाडु पर ही केंद्रित है।
समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए एक साक्षात्कार में स्टालिन ने अपने पिता एवं पूर्व मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि के रुख को याद करते हुए कहा कि द्रमुक की प्राथमिकता हमेशा राज्य के हितों पर रही है। उन्होंने संकेत दिया कि फिलहाल वे राष्ट्रीय राजनीति में किसी बड़ी भूमिका की ओर अग्रसर नहीं हैं।
विधानसभा चुनाव की सरगर्मी के बीच स्टालिन ने दावा किया कि द्रमुक के नेतृत्व वाला सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस (SPA) राज्य की सभी 234 सीटों पर मजबूती से चुनाव लड़ रहा है और गठबंधन को 200 से अधिक सीटों पर जीत मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों के शासन में जनता का ‘असीम प्यार और भरोसा’ मिला है, जो इस बार भी जनादेश में तब्दील होगा।
मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि राज्य में “द्रविड़ मॉडल 2.0” की सरकार पुनः स्थापित होगी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार की नीतियां जनकल्याण और समावेशी विकास पर आधारित रही हैं, जिसे जनता का व्यापक समर्थन प्राप्त है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, स्टालिन का यह बयान स्पष्ट करता है कि वे फिलहाल राष्ट्रीय राजनीति में अग्रणी भूमिका निभाने के बजाय तमिलनाडु में अपनी स्थिति को और मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, हालांकि राष्ट्रीय स्तर पर गठबंधन की राजनीति में उनकी भूमिका अहम बनी रह सकती है।
दुर्ग।
शहर में कांग्रेस संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से मध्य, दक्षिण, पूर्वी, पश्चिम एवं उत्तर—सभी ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों की महत्वपूर्ण बैठकें क्रमशः संपन्न हुईं। इन बैठकों ने न केवल संगठनात्मक सक्रियता का संदेश दिया, बल्कि आगामी राजनीतिक रणनीति की स्पष्ट झलक भी प्रस्तुत की।
मध्य ब्लॉक कांग्रेस कमेटी की बैठक ब्लॉक अध्यक्ष श्री अल्ताफ अहमद की अध्यक्षता में आयोजित हुई, जिसमें प्रभारी श्रीमती सीमा वर्मा एवं जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्री धीरज बाकलीवाल की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसी क्रम में दक्षिण ब्लॉक की बैठक श्री गुरदीप सिंह भाटिया, पूर्वी ब्लॉक की बैठक श्री मनीष बघेल, पश्चिम ब्लॉक की बैठक श्री आनंद कपूर ताम्रकार तथा उत्तर ब्लॉक की बैठक श्री देवीश्री साहू की अध्यक्षता में संपन्न हुईं। सभी बैठकों में प्रभारी सीमा वर्मा और जिला अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल की सक्रिय मौजूदगी ने संगठन को एकजुटता का स्पष्ट संदेश दिया।
इन बैठकों की सबसे खास बात यह रही कि हर ब्लॉक में वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं की उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली। अनुभवी नेतृत्व और जमीनी कार्यकर्ताओं के बीच संवाद ने बैठकों को न केवल सार्थक बनाया, बल्कि संगठनात्मक मजबूती की दिशा में ठोस आधार भी तैयार किया।
सूत्रों के अनुसार, बैठकों में बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने, आमजन से सीधा संवाद बढ़ाने, और स्थानीय मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही, कार्यकर्ताओं को आगामी चुनावी चुनौतियों के लिए तैयार रहने और आपसी समन्वय को मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए।
राजनीतिक दृष्टि से देखें तो इन बैठकों को कांग्रेस के “संगठन सुदृढ़ीकरण अभियान” का हिस्सा माना जा रहा है। जिस तरह पांचों ब्लॉकों में एकसाथ बैठकें आयोजित की गईं, उससे यह संकेत मिलता है कि पार्टी अब बिखरी हुई गतिविधियों के बजाय समन्वित और योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ने की रणनीति पर काम कर रही है।
हालांकि, इन बैठकों के बाद सबसे बड़ा सवाल यह भी उठता है कि क्या यह संगठनात्मक सक्रियता जमीनी स्तर पर चुनावी परिणामों में तब्दील हो पाएगी। क्योंकि दुर्ग की राजनीति में कांग्रेस को पिछले कुछ समय से आंतरिक गुटबाजी और निष्क्रियता के आरोपों का सामना करना पड़ा है। ऐसे में यह बैठकों की श्रृंखला पार्टी के लिए एक अवसर भी है और परीक्षा भी।
निष्कर्ष:
पांचों ब्लॉकों की सफल बैठकों ने कांग्रेस के भीतर संगठनात्मक ऊर्जा का संचार जरूर किया है, लेकिन असली कसौटी यह होगी कि यह ऊर्जा जनसमर्थन में कितनी प्रभावी ढंग से परिवर्तित हो पाती है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
