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रायपुर। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CGMSC) ने स्पष्ट किया है कि राज्य में दवा क्रय एवं आपूर्ति की पूरी प्रक्रिया गुणवत्ता मानकों और निर्धारित नियामक प्रावधानों के अनुरूप संचालित की जाती है। किसी भी दवा को आम जनता तक पहुंचाने से पहले मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं में गुणवत्ता परीक्षण अनिवार्य रूप से कराया जाता है।
सीजीएमएससी के अनुसार, Unicure India Ltd. ने 18 मई 2026 को निगम को सूचित किया कि मध्यप्रदेश पब्लिक हेल्थ सर्विसेस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MPPHCL), भोपाल द्वारा 8 मई 2026 को कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। यह कार्रवाई Lactulose Solution IP 10 gm/15 ml (100 ml बोतल) के तीन बैच सरकारी प्रयोगशालाओं में गुणवत्ता परीक्षण में अमानक पाए जाने के बाद की गई।
निगम ने बताया कि उक्त दवा के एक बैच को पहले ही मध्यप्रदेश में प्रोडक्ट ब्लैकलिस्ट किए जाने के बाद CGMSC ने अपनी निविदा शर्तों के अनुसार संबंधित दर अनुबंध (Rate Contract) को ब्लॉक कर दिया था तथा जारी क्रयादेशों को निरस्त करने की प्रक्रिया पूरी कर ली थी।
CGMSC ने स्पष्ट किया कि कंपनी द्वारा पूर्व में आपूर्ति की गई दवाओं का परीक्षण निगम की अनुबंधित NABL मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं में कराया गया था। जांच रिपोर्ट में दवाएं गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पाई गईं, जिसके बाद ही उनका वितरण स्वास्थ्य संस्थानों को किया गया।
कंपनी ने यह भी जानकारी दी है कि उसने ब्लैकलिस्टिंग आदेश को चुनौती देते हुए मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर में याचिका दायर की है, जिसकी सुनवाई 10 जून 2026 को निर्धारित है। न्यायालय के आदेश के अनुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
CGMSC ने कहा कि ब्लैकलिस्टिंग की सूचना प्राप्त होने के बाद संबंधित कंपनी के साथ कोई नया दर अनुबंध या नया क्रयादेश जारी नहीं किया गया है। यह कदम निगम की गुणवत्ता-केंद्रित और दवा विनियामक मानकों पर आधारित नीति के अनुरूप उठाया गया है।
निगम ने पुनः दोहराया कि राज्य में दवा खरीद और आपूर्ति की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी एवं गुणवत्ता आधारित है। स्वास्थ्य केंद्रों में दवा भेजने से पहले प्रत्येक दवा का निर्धारित मानकों के तहत परीक्षण कराया जाता है, ताकि मरीजों को केवल सुरक्षित और गुणवत्तायुक्त दवाएं ही उपलब्ध हो सकें।
बड़े कनेरा और राजागांव मिनी स्टेडियम निर्माण राशि में अनियमितता का मामला, एफआईआर के बाद भेजे गए जेल
कोंडागांव/शौर्यपथ। बड़े कनेरा और राजागांव ग्राम पंचायतों में मिनी स्टेडियम निर्माण के लिए स्वीकृत लगभग 26 लाख रुपये से अधिक की राशि के कथित गबन मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने जिला पंचायत के दो कर्मचारियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामले में सामने आए तथ्यों और लगातार उठ रहे सवालों के बाद जांच तेज हुई, जिसके पश्चात यह कार्रवाई की गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिला पंचायत में पदस्थ सहायक परियोजना अधिकारी गजेंद्र कश्यप तथा शाखा लिपिक (बाबू) मनीष पटेल पर मिनी स्टेडियम निर्माण मद की राशि के भुगतान में अनियमितता और वित्तीय गड़बड़ी के आरोप लगे हैं। आरोप है कि दोनों ने पंचायत प्रतिनिधियों पर दबाव बनाकर राशि का भुगतान कराया।
मामले की प्रारंभिक जांच के बाद अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) द्वारा वसूली संबंधी कार्रवाई की गई। इसके उपरांत जिला पंचायत प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की अनुशंसा की।
बड़े कनेरा और राजागांव के सरपंच एवं सचिवों ने कोंडागांव कोतवाली पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने अपराध पंजीबद्ध कर त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि आरोपियों के विरुद्ध संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।
मामले की विवेचना अभी जारी है और जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि राशि के उपयोग और भुगतान प्रक्रिया में और कौन-कौन लोग शामिल थे। इस कार्रवाई को ग्रामीण विकास कार्यों में वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
शौर्यपथ द्वारा इस मामले को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद जांच और कार्रवाई में तेजी आने की चर्चा भी क्षेत्र में है।
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर दुनिया भर के नेताओं ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। वैश्विक नेताओं ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व, भारत के आर्थिक-सामाजिक परिवर्तन, ‘ग्लोबल साउथ’ की मजबूत आवाज़ बनने और समावेशी विकास की उनकी सोच की सराहना की है।
श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने प्रधानमंत्री मोदी को भेजे अपने संदेश में कहा कि यह उपलब्धि केवल लंबे कार्यकाल का रिकॉर्ड नहीं, बल्कि भारत की जनता द्वारा उनके नेतृत्व में व्यक्त किए गए विश्वास और भरोसे का प्रतीक है। उन्होंने भारत के आर्थिक और सामाजिक बदलावों की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का दृष्टिकोण श्रीलंका सहित कई देशों के लिए प्रेरणास्रोत बना है।
राष्ट्रपति ने भारत और श्रीलंका के मजबूत संबंधों का उल्लेख करते हुए 2022 के आर्थिक संकट के दौरान भारत द्वारा दिए गए सहयोग को भी याद किया। उल्लेखनीय है कि अप्रैल 2025 में श्रीलंका यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को वहां के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘मित्र विभूषण’ से सम्मानित किया गया था।
पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री जेम्स मारापे ने वीडियो संदेश जारी कर प्रधानमंत्री मोदी को “रोल मॉडल और नेतृत्व की मिसाल” बताया। उन्होंने कहा कि करोड़ों लोगों को गरीबी से बाहर निकालकर बेहतर जीवन उपलब्ध कराना एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
उन्होंने भारत और पापुआ न्यू गिनी के बीच संबंधों को और मजबूत करने की इच्छा जताई। मई 2023 में प्रधानमंत्री मोदी की पापुआ न्यू गिनी यात्रा को दोनों देशों के संबंधों में एक ऐतिहासिक पड़ाव माना जाता है।
त्रिनिदाद और टोबैगो की प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर ने प्रधानमंत्री मोदी को बधाई देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में भारत वैश्विक मंच पर एक प्रभावशाली और निर्णायक आवाज़ बनकर उभरा है।
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के साधारण पृष्ठभूमि से दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का नेतृत्व करने तक के सफर की सराहना करते हुए विदेश नीति, आर्थिक विकास, बुनियादी ढांचे और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों का उल्लेख किया।
उन्होंने जुलाई 2025 में प्रधानमंत्री मोदी की त्रिनिदाद और टोबैगो यात्रा को भी ऐतिहासिक बताया, जो 26 वर्षों बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली द्विपक्षीय यात्रा थी।
विश्व नेताओं के संदेशों में एक समान स्वर दिखाई दिया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाई है। आर्थिक विकास, कूटनीतिक सक्रियता, ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति और ‘ग्लोबल साउथ’ की आवाज़ को अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाने में भारत की भूमिका को व्यापक सराहना मिली है।
चंडीगढ़/नई दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा है कि संसद और विधानसभाओं में लगातार होने वाले व्यवधान लोकतांत्रिक संस्थाओं के सामने गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं। इन चुनौतियों से निपटने के लिए जनप्रतिनिधियों को अपने आचरण, संवाद और सार्थक बहस के माध्यम से जनता का विश्वास मजबूत करना होगा।
कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन (CPA) इंडिया रीजन ज़ोन-II (नॉर्थ ज़ोन) के दो दिवसीय सम्मेलन के समापन अवसर पर श्री बिरला ने कहा कि जनता ने अपने प्रतिनिधियों को लोकतांत्रिक संस्थाओं में भेजा है, इसलिए उनके व्यवहार और कार्यशैली का सीधा प्रभाव समाज पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि "जैसा नेतृत्व होगा, वैसा ही समाज का स्वरूप भी विकसित होगा।"
उन्होंने जोर देकर कहा कि विकसित भारत-2047 का लक्ष्य केवल मजबूत संसदीय और विधायी संस्थाओं के माध्यम से ही प्राप्त किया जा सकता है। इसके लिए नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने, आधुनिक तकनीकों का उपयोग करने, विधायकों की क्षमता विकसित करने और संविधान के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है।
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि भारत के संघीय ढांचे में राज्यों और केंद्र सरकार का समन्वय अत्यंत महत्वपूर्ण है। राज्यों का समग्र विकास ही राष्ट्रीय विकास का आधार बनेगा। उन्होंने कहा कि नई चुनौतियों का समाधान नए विचारों और नवाचारों से ही संभव है तथा सम्मेलन में विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों द्वारा दिए गए सुझाव इस दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगे।
उन्होंने युवाओं और महिलाओं की लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में अधिक भागीदारी पर बल देते हुए कहा कि छात्र जीवन से ही संविधान, लोकतंत्र और नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूकता विकसित की जानी चाहिए।
8-9 जून को चंडीगढ़ में आयोजित इस सम्मेलन में हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और दिल्ली सहित 12 राज्यों की विधानसभाओं के पीठासीन अधिकारियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण तथा अन्य वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों ने भी अपने विचार रखे।
आउटरीच कार्यक्रमों के माध्यम से नागरिकों और विधायकों के बीच संवाद बढ़ाने तथा तकनीक के जिम्मेदार उपयोग के जरिए जागरूक और सशक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया गया।
निरंतर प्रशिक्षण, आधुनिक तकनीकों के उपयोग, अनुसंधान सहयोग और श्रेष्ठ संसदीय परंपराओं के आदान-प्रदान के माध्यम से जनप्रतिनिधियों को अधिक सक्षम बनाने पर सहमति बनी।
नीति निर्माण और उसके क्रियान्वयन में नागरिकों की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता का विश्वास मजबूत करने पर जोर दिया गया।
सार्वजनिक सेवाओं को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और सुलभ बनाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डिजिटल तकनीक और डेटा आधारित निर्णय प्रणाली को बढ़ावा देने का निर्णय लिया गया।
चंडीगढ़ सम्मेलन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि विकसित भारत-2047 का मार्ग मजबूत लोकतांत्रिक संस्थाओं, जनभागीदारी, तकनीकी नवाचार और जवाबदेह शासन से होकर गुजरता है। सम्मेलन में पारित चारों संकल्प आने वाले वर्षों में देश की संसदीय और विधायी कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी, आधुनिक और जनोन्मुख बनाने की दिशा तय करेंगे।
रेरा का कड़ा संदेश – फ्लैट बेचकर जिम्मेदारी से नहीं बच सकेंगे प्रमोटर, 15 दिन में देना होगा जवाब
रायपुर,।
छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (CGRERA) ने राज्यभर के रियल एस्टेट सेक्टर में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए 989 पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं से जुड़े 595 प्रमोटरों (बिल्डरों) को नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई उन मामलों में की गई है जहां परियोजनाएं पूरी होने और पूर्णता प्रमाण-पत्र (Completion Certificate) प्राप्त होने के बावजूद कॉमन एरिया, सुविधाओं एवं संबंधित दस्तावेजों का हस्तांतरण आवंटित हितग्राहियों की सोसायटी या एसोसिएशन को नहीं किया गया।
रियल एस्टेट सेक्टर में जवाबदेही तय करने की दिशा में बड़ा कदम
CGRERA द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, रेरा अधिनियम-2016 के प्रभावी क्रियान्वयन तथा आवंटितों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह व्यापक समीक्षा की गई। समीक्षा में पाया गया कि बड़ी संख्या में ऐसी परियोजनाएं हैं जिनमें प्रमोटरों ने कानूनी दायित्वों का पालन नहीं किया है।
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि परियोजना पूर्ण होने के बाद आवंटितों की सोसायटी/एसोसिएशन का गठन सुनिश्चित करना तथा परियोजना के सामान्य क्षेत्रों, सुविधाओं एवं अभिलेखों का विधिवत हस्तांतरण करना प्रमोटर की वैधानिक जिम्मेदारी है।
15 दिन में देना होगा स्पष्टीकरण
CGRERA ने नोटिस प्राप्त करने वाले सभी प्रमोटरों को निर्देशित किया है कि वे 15 दिनों के भीतर यह स्पष्ट करें कि उन्होंने रेरा अधिनियम के प्रावधानों का पालन क्यों नहीं किया। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
केवल बिल्डर ही नहीं, खरीदारों की भी जिम्मेदारी
प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया है कि रेरा कानून केवल प्रमोटरों पर ही दायित्व नहीं डालता, बल्कि आवंटितों के लिए भी कुछ कानूनी जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं। अधिनियम की धारा 19(9) के अनुसार प्रत्येक आवंटी का कर्तव्य है कि वह एसोसिएशन, सोसायटी या सहकारी समिति के गठन में सक्रिय सहभागिता निभाए।
हितग्राहियों से जागरूक रहने की अपील
CGRERA ने सभी आवंटितों से अपील की है कि वे अपने वैधानिक अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहें तथा सोसायटी गठन एवं परियोजना प्रबंधन हस्तांतरण की प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग प्रदान करें। इससे आवासीय परियोजनाओं के बेहतर संचालन और पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा।
रियल एस्टेट जगत में मचेगी हलचल
विशेषज्ञों का मानना है कि 595 प्रमोटरों को एक साथ नोटिस जारी किया जाना छत्तीसगढ़ के रियल एस्टेट इतिहास की महत्वपूर्ण कार्रवाइयों में से एक है। इससे न केवल बिल्डरों की जवाबदेही बढ़ेगी, बल्कि फ्लैट एवं प्लॉट खरीदारों के अधिकारों को भी मजबूती मिलेगी।
नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) भले ही कई राज्यों में मजबूत स्थिति में हो, लेकिन दक्षिण भारत के कई प्रमुख राज्यों में पार्टी अभी भी व्यापक जनाधार बनाने के लिए संघर्ष कर रही है। उपलब्ध विधानसभा आंकड़ों के अनुसार केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, पंजाब और झारखंड की कुल 971 विधानसभा सीटों में भाजपा के पास केवल 97 विधायक हैं, जो कुल सीटों का लगभग 10 प्रतिशत है।
केरल और तमिलनाडु में भाजपा का सीमित प्रभाव
आंकड़ों के अनुसार केरल की 140 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के केवल 3 विधायक हैं, जबकि तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा की उपस्थिति मात्र 1 विधायक तक सीमित है। यह दर्शाता है कि इन राज्यों में पार्टी अभी भी क्षेत्रीय और पारंपरिक दलों के मजबूत प्रभाव को चुनौती नहीं दे पाई है।
कर्नाटक बना सबसे बड़ा आधार
दक्षिण भारत में भाजपा का सबसे मजबूत प्रदर्शन कर्नाटक में दिखाई देता है। 224 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के 62 विधायक हैं। हालांकि पार्टी सत्ता से बाहर है, लेकिन विपक्ष के रूप में उसकी स्थिति मजबूत बनी हुई है।
आंध्र प्रदेश में भी सीमित प्रतिनिधित्व
175 सीटों वाली आंध्र प्रदेश विधानसभा में भाजपा के केवल 8 विधायक हैं। राज्य की राजनीति में क्षेत्रीय दलों का दबदबा होने के कारण भाजपा को अभी लंबा राजनीतिक सफर तय करना है।
झारखंड और पंजाब में भी चुनौती
झारखंड की 81 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के 21 विधायक हैं, जबकि पंजाब की 117 सीटों में भाजपा के केवल 2 विधायक हैं। पंजाब में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के प्रभाव के बीच भाजपा का संगठन विस्तार अभी भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
राज्यवार स्थिति
राज्य
कुल विधानसभा सीटें भाजपा विधायक केरल
140 3
तमिलनाडु 234 1
कर्नाटक 224
62
आंध्र प्रदेश 175
8
पंजाब 117
2
झारखंड 81
21
कुल 971
97
राजनीतिक विश्लेषण
इन छह राज्यों के आंकड़े बताते हैं कि भाजपा का राष्ट्रीय विस्तार होने के बावजूद कुछ क्षेत्रों में उसे अभी भी मजबूत क्षेत्रीय दलों, स्थानीय मुद्दों और सामाजिक समीकरणों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से केरल, तमिलनाडु और पंजाब जैसे राज्यों में पार्टी का जनाधार सीमित है, जबकि कर्नाटक और झारखंड भाजपा के लिए अपेक्षाकृत मजबूत आधार बने हुए हैं।
दुर्ग संभाग के गंभीर शिशुओं के लिए संजीवनी बनी अत्याधुनिक एम्बुलेंस; चलती-फिरती आईसीयू (ICU) जैसी सुविधाओं से है लैस
दुर्ग:शौर्यपथ ।
दुर्ग संभाग के चिकित्सा इतिहास में आज का दिन एक मील का पत्थर साबित होने जा रहा है। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के नवजात शिशुओं को बेहतर स्वास्थ्य लाभ देने और आपातकालीन स्थिति में उनकी जान बचाने के लिए जिला अस्पताल दुर्ग को पहली अत्याधुनिक 'नियोनेटल एम्बुलेंस' (Neonatal Ambulance) की सौगात मिली है।
यह विशेष और हाईटेक एम्बुलेंस पूरे दुर्ग संभाग में एक माह तक के गंभीर रूप से बीमार नवजात शिशुओं को बिना समय गंवाए उच्च चिकित्सा सुविधा केंद्रों तक सुरक्षित पहुंचाने में सबसे बड़ी मददगार साबित होगी।
एम्बुलेंस नहीं, यह है 'व्हील्स पर आईसीयू' (ICU on Wheels)
नवजात शिशुओं की नाजुक स्थिति को देखते हुए इस एम्बुलेंस को विशेष रूप से डिजाइन किया गया है। इसमें वे सभी जीवनरक्षक उपकरण मौजूद हैं जो किसी बड़े अस्पताल के आईसीयू में होते हैं:
हाई ऑक्सीजन सपोर्ट: सांस लेने में तकलीफ से जूझ रहे बच्चों के लिए त्वरित ऑक्सीजन की व्यवस्था।
मेडिकल वार्मर (Warmer): समय से पहले जन्मे (Pre-mature) बच्चों के शरीर के तापमान को नियंत्रित रखने के लिए आधुनिक वार्मर।
इन्फ्यूजन पंप (Infusion Pump): सफर के दौरान भी शिशु को अत्यंत सटीक मात्रा में दवाइयां और जरूरी तरल पदार्थ देने की सुविधा।
विशेष मानवीय पहल: इस अत्याधुनिक सेवा के तहत एक बेहद संवेदनशील और विशेष सुविधा जोड़ी गई है— यात्रा के दौरान गंभीर शिशु के साथ उसकी मां भी इस एम्बुलेंस में सफर कर सकेगी, ताकि बच्चे को मानसिक और शारीरिक संबल मिलता रहे।
आपातकाल में कैसे करें संपर्क? नोट करें ये जरूरी नंबर
स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस सेवा को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए त्वरित हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं:
बुकिंग के लिए: एक माह तक के नवजात शिशु को इस एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल में भर्ती कराने के लिए सीधे 108 सेवा पर कॉल किया जा सकता है। इसके अलावा डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (108) के मोबाइल नंबर 7000085006 पर भी संपर्क साधा जा सकता है।
लोकेशन ट्रैकिंग के लिए: आपातकालीन स्थिति में एम्बुलेंस की लाइव लोकेशन और स्थिति जानने के लिए परिजन मोबाइल नंबर 6269002641 पर कॉल कर सकते हैं।
शिशु मृत्यु दर को कम करने में मिलेगी ऐतिहासिक कामयाबी
दुर्ग संभाग के ग्रामीण, आदिवासी और दूरस्थ अंचलों में कई बार सही समय पर इलाज न मिल पाने के कारण नवजात शिशुओं की स्थिति बिगड़ जाती थी। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस हाईटेक नियोनेटल एम्बुलेंस के सड़क पर उतरने से अब अस्पताल पहुंचने के दौरान (In-transit) भी बच्चों का इलाज जारी रहेगा। यह अनूठी पहल क्षेत्र में शिशु मृत्यु दर (Infant Mortality Rate) में प्रभावी कमी लाने में एक क्रांतिकारी कदम साबित होगी।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़ी पार्टी, अगले शनिवार फिर जंतर-मंतर पर होगा शक्ति प्रदर्शन
नई दिल्ली, । जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपनी लड़ाई को और तेज करने का ऐलान कर दिया है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार को 7 दिनों का अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि यदि इस अवधि के भीतर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपना इस्तीफा नहीं देते, तो आंदोलन को देशव्यापी स्वरूप दिया जाएगा।
पार्टी का आरोप है कि नीट (NEET) परीक्षा में कथित पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में अनियमितताओं के कारण लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। इसी मुद्दे को लेकर 6 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर पांच घंटे तक प्रदर्शन किया गया था, जिसके बाद आंदोलनकारियों ने आगे की रणनीति की घोषणा की।
देशभर में होगा विरोध प्रदर्शन
CJP नेतृत्व का कहना है कि अब आंदोलन केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहेगा। पार्टी अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं को देश के विभिन्न राज्यों में संगठित कर जिला एवं राज्य स्तर पर विरोध प्रदर्शन आयोजित करेगी। संगठन का दावा है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर करोड़ों समर्थकों की ताकत को अब जमीनी स्तर पर उतारा जाएगा।
अगले शनिवार फिर जंतर-मंतर में जुटेंगे समर्थक
प्रदर्शनकारियों ने घोषणा की है कि यदि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक कदम नहीं उठाती, तो अगले शनिवार को एक बार फिर दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। पार्टी का दावा है कि इस बार पहले से अधिक संख्या में छात्र, युवा और अभिभावक आंदोलन में भाग लेंगे।
डिजिटल सेना को जमीनी ताकत में बदलने की तैयारी
सोशल मीडिया अभियानों और राजनीतिक व्यंग्य के माध्यम से चर्चा में आई CJP अब अपनी ऑनलाइन लोकप्रियता को वास्तविक जनआंदोलन में बदलने की रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी का मानना है कि शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों पर युवाओं की भागीदारी बढ़ रही है, जिसका प्रभाव आगामी दिनों में राष्ट्रीय राजनीति पर भी दिखाई दे सकता है।
शौर्यपथ विश्लेषण
जंतर-मंतर का यह आंदोलन केवल एक मंत्री के इस्तीफे की मांग तक सीमित नहीं दिख रहा, बल्कि यह देश की परीक्षा प्रणाली, युवाओं के विश्वास और शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता को लेकर उठ रहे व्यापक सवालों का प्रतीक बनता जा रहा है। अब निगाहें सरकार की प्रतिक्रिया और अगले सात दिनों के घटनाक्रम पर टिकी हैं, जो इस आंदोलन की दिशा और प्रभाव तय करेंगे।
नई दिल्ली: 08 जून 2026 का दिन देश की राजनीति, अर्थव्यवस्था और सामाजिक मोर्चे पर भारी उठापटक का गवाह रहा। राजधानी दिल्ली में जहां एक तरफ विपक्षी खेमे ने अपनी सियासी बिसात बिछानी शुरू की, वहीं दूसरी तरफ आम जनता पर महंगाई का एक और बड़ा बोझ डाल दिया गया। आइए विस्तार से जानते हैं कल दिनभर की उन प्रमुख खबरों को, जो आज के अखबारों की मुख्य सुर्खियां बनी हैं:
1. दिल्ली में विपक्षी एकजुटता: 'इंडिया' गठबंधन की महाबैठक
आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए कल नई दिल्ली में विपक्षी एकजुटता का एक बड़ा नजारा देखने को मिला। देश की 23 प्रमुख विपक्षी पार्टियों के दिग्गज नेताओं ने एक मंच पर आकर 'इंडिया' गठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक में हिस्सा लिया। इस हाई-प्रोफाइल बैठक में आने वाले चुनावों के मद्देनजर सीटों के तालमेल, साझा एजेंडे और सरकार को घेरने की रणनीतियों पर घंटों गहन मंथन किया गया।
2. रसोई का बजट बिगड़ा: एलपीजी सिलेंडर ₹29 महंगा
आम आदमी के घरेलू बजट को कल एक और करारा झटका लगा। देश में घरेलू रसोई गैस (LPG) सिलेंडर की कीमतों में ₹29 की सीधी बढ़ोतरी लागू कर दी गई है। इस नए इजाफे के बाद देश की राजधानी दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर का दाम बढ़कर अब ₹942 के स्तर पर पहुंच गया है, जिससे गृहणियों की चिंताएं बढ़ गई हैं。
3. पंजाब में भड़का आक्रोश: 17 जिलों में किसानों का उग्र प्रदर्शन
अपनी लंबित मांगों को लेकर पंजाब में एक बार फिर किसान सड़कों पर उतर आए हैं। कल पंजाब के 17 जिलों में किसानों ने एक साथ मोर्चा खोलते हुए केंद्र और राज्य सरकारों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उनके पुतले फूंके। किसानों की मुख्य नाराजगी भूमि अधिग्रहण की नीतियों और खेतों के लिए बेहद जरूरी यूरिया खाद की भारी किल्लत को लेकर है। किसान संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो यह आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है।
4. रेल यात्रियों और कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर: शुरू हुआ विशेष अभियान
रेलवे सेक्टर से एक सकारात्मक और बड़ी खबर सामने आई है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के कड़े निर्देशों के बाद, भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने एक अभूतपूर्व और विशेष अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य रेलवे कर्मचारियों की विभागीय और व्यक्तिगत समस्याओं का महज 24 घंटे के भीतर निवारण करना है। इसके साथ ही, ट्रेनों के सफर को सुरक्षित बनाने के लिए 'कोच सुरक्षा' पर भी इस अभियान के तहत विशेष फोकस किया जा रहा है।
शौर्यपथ दैनिक समाचार विश्लेषण: कल की घटनाएं यह साफ संकेत देती हैं कि जहां एक ओर देश में चुनावी बिसात बिछने लगी है, वहीं दूसरी ओर बुनियादी जरूरतें (गैस, खाद और सुरक्षा) जनता और सरकार के बीच संवाद और संघर्ष का मुख्य केंद्र बिंदु बनी हुई हैं।
राजनीति, कला और विज्ञान के लिए ऐतिहासिक रहा है आज का दिन; जानिए 09 जून का विशेष घटनाक्रम
नई दिल्ली: 09 जून का दिन भारतीय और विश्व राजनीति के साथ-साथ कला, खेल और संस्कृति के क्षेत्र में कई युगांतरकारी घटनाओं का साक्षी रहा है। आज ही के दिन भारत को अपना दूसरा प्रधानमंत्री मिला था, तो वहीं कला जगत ने अपने एक महान चितेरे को खोया था। आइए नजर डालते हैं आज के दिन की उन प्रमुख सुर्खियों पर जिन्होंने इतिहास की दिशा बदल दी:
राष्ट्रीय सुर्खियां: लाल बहादुर शास्त्री ने संभाली थी देश की कमान
शास्त्री युग की शुरुआत (1964): देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के निधन के बाद, आज ही के दिन सादगी और दृढ़ता के प्रतीक लाल बहादुर शास्त्री ने भारत के दूसरे प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी।
ताजमहल का निर्माण पूरा (1653): मुग़ल बादशाह शाहजहाँ के कार्यकाल में प्रेम के इस प्रतीक का निर्माण कार्य आज ही के दिन पूरा हुआ था। लगभग 22 वर्षों के कड़े परिश्रम के बाद ताजमहल पूरी तरह बनकर तैयार हुआ था।
इतिहास का बड़ा विश्वासघात (1659): दादर के बलूची प्रमुख जीवन खान ने दारा शिकोह को धोखे से बंदी बनाकर औरंगज़ेब के हवाले कर दिया था, जिसने मुग़ल सल्तनत का रुख हमेशा के लिए बदल दिया।
अंतरराष्ट्रीय हलचल: हांगकांग समझौता और ब्रिटेन की संसद का सीधा प्रसारण
हांगकांग लीज समझौता (1898): ब्रिटेन ने चीन के साथ एक ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके तहत हांगकांग के नए क्षेत्रों को 99 वर्षों के लिए पट्टे (lease) पर लिया गया था।
संसदीय इतिहास में नया अध्याय (1975): लोकतंत्र को और पारदर्शी बनाते हुए ब्रिटेन की संसद की कार्यवाही का आम जनता के लिए पहली बार सीधा प्रसारण (ब्रॉडकास्ट) शुरू किया गया था।
कनाडा की नींव (1534): फ्रांसीसी नाविक जैक्स कार्टियर ने पहली बार सेंट लॉरेंस नदी में प्रवेश किया था, जिससे आगे चलकर कनाडा पर फ्रांस के दावों की मजबूत नींव पड़ी।
खेल और कला जगत: पेस-भूपति का कमाल और 'पिकासो' की विदाई
फ्रेंच ओपन में भारत का परचम (2001): भारतीय टेनिस की सबसे सफल जोड़ी लिएंडर पेस और महेश भूपति ने फ्रेंच ओपन का पुरुष युगल (डबल्स) खिताब जीतकर देश को गौरवान्वित किया था।
एम.एफ. हुसैन का महाप्रयाण (2011): आधुनिक भारतीय चित्रकला के सबसे प्रसिद्ध शिल्पी और भारत के 'पिकासो' कहे जाने वाले महान कलाकार एम.एफ. हुसैन का आज ही के दिन लंदन में निधन हुआ था।
नमन और स्मरण: जननायक की पुण्यतिथि और महान आविष्कारक का जन्म
धरती आबा बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि: आज महान आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी और जननायक बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि है। उन्होंने जल, जंगल और जमीन के साथ-साथ आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए अंग्रेज़ों के खिलाफ 'उलगुलान' (क्रांति) का नेतृत्व किया था।
स्टीफेंसन का जन्म (1781): दुनिया की रफ्तार बदलने वाले और भाप के इंजन (रेलवे) के आविष्कारक जॉर्ज स्टीफेंसन का जन्म आज ही के दिन हुआ था, जिन्होंने आधुनिक परिवहन की नींव रखी।
आज का संदेश: इतिहास सिर्फ बीता हुआ कल नहीं, बल्कि आने वाले कल को संवारने का सबसे बड़ा मार्गदर्शक है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
