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June 18, 2026
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शौर्यपथ

शौर्यपथ


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  नई दिल्ली / प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुरुष अंडर-18 एशिया कप 2026 का खिताब जीतने वाली भारतीय पुरुष अंडर-18 हॉकी टीम को बधाई दी है। उन्होंने युवा खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि टीम ने पूरे टूर्नामेंट में उत्कृष्ट कौशल, अनुशासन और बेहतरीन टीमवर्क का परिचय दिया।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि भारतीय टीम ने फाइनल में यादगार जीत दर्ज कर देश को गौरवान्वित किया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि देश के युवाओं में हॉकी के प्रति बढ़ते उत्साह और लोकप्रियता को दर्शाती है।
श्री मोदी ने टीम के सभी खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा आने वाली प्रतियोगिताओं में भी सफलता की उम्मीद जताई।

    अगरतला/नई दिल्ली। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने त्रिपुरा के सालबगान में भारत-बांग्लादेश सीमा से जुड़े सुरक्षा मुद्दों की समीक्षा करते हुए कहा कि सीमा सुरक्षा केवल BSF की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जिला प्रशासन, पुलिस, राजस्व अमला, पंचायतों और आधुनिक तकनीक की संयुक्त जिम्मेदारी है।
उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, डीजीपी तथा सीमा से लगे सभी 8 जिलों के कलेक्टर और एसपी मौजूद रहे।
गृह मंत्री ने “टोटल टेरिटोरियल डिफेंस” की अवधारणा पर जोर देते हुए कहा कि केवल फेंसिंग नहीं, बल्कि स्थानीय प्रशासन, स्मार्ट टेक्नोलॉजी और BSF के समन्वय से फुली सिक्योर्ड और लीक-प्रूफ बॉर्डर ग्रिड तैयार किया जाएगा।
उन्होंने सीमा क्षेत्रों में हथियारों और ड्रग्स तस्करी के खिलाफ सघन अभियान चलाने तथा पूरे नेटवर्क पर रूथलेस कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही सीमावासियों को जागरूक और प्रशिक्षित करने के लिए विशेष कैंप आयोजित करने को कहा।
अमित शाह ने गृह मंत्रालय के CCTV मॉडल को सबसे पहले त्रिपुरा में लागू करने तथा BSF के सभी कैमरों को अपग्रेड कर जिला प्रशासन से जोड़ने के निर्देश भी दिए।
बैठक में फेक करेंसी, संदिग्ध आर्थिक लेनदेन, बड़े निर्माण कार्यों और प्रॉपर्टी खरीद-बिक्री पर कड़ी निगरानी रखने तथा सीमावर्ती क्षेत्रों के पिछले 5 वर्षों के भूमि रिकॉर्ड की जांच कराने पर भी जोर दिया गया।
गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार सीमा सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सीमावर्ती क्षेत्रों को सुरक्षित और सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

7 जून का दिन विश्व और भारतीय इतिहास में कई महत्वपूर्ण घटनाओं, महान व्यक्तित्वों के जन्म एवं निधन तथा महत्वपूर्ण दिवसों के कारण विशेष महत्व रखता है। आइए जानते हैं 7 जून को इतिहास में दर्ज प्रमुख घटनाओं के बारे में—

प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएं

? मुमताज महल का निधन (1631)

मुगल सम्राट शाहजहां की प्रिय बेगम मुमताज महल का बुरहानपुर में 14वीं संतान को जन्म देते समय निधन हो गया था। उनकी स्मृति में आगरा स्थित विश्व प्रसिद्ध ताजमहल का निर्माण कराया गया।

? महात्मा गांधी का दक्षिण अफ्रीका में संघर्ष (1893)

दक्षिण अफ्रीका में नस्लभेद के खिलाफ गांधीजी के संघर्ष को नई दिशा मिली। ट्रेन के श्वेतों के लिए आरक्षित डिब्बे से बाहर निकाले जाने की घटना ने उनके सत्याग्रह और सविनय अवज्ञा के विचारों को मजबूत आधार प्रदान किया।

? चौसा का युद्ध (1539)

बक्सर के निकट हुए इस युद्ध में शेरशाह सूरी ने मुगल बादशाह हुमायूं को पराजित किया था।

? लेटरन संधि की पुष्टि (1929)

इटली द्वारा लेटरन संधि की पुष्टि के बाद वेटिकन सिटी को संप्रभु राष्ट्र का दर्जा प्राप्त हुआ।

? क्रिकेट विश्व कप की शुरुआत (1975)

लंदन के लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड में पहला एकदिवसीय क्रिकेट विश्व कप मैच भारत और इंग्लैंड के बीच खेला गया।

? भास्कर-1 का प्रक्षेपण (1979)

भारत ने अपने दूसरे उपग्रह भास्कर-1 को सोवियत संघ के प्रक्षेपण केंद्र से सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में भेजा।

जन्म दिवस

? ख्वाजा अहमद अब्बास (1914)

प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक, पत्रकार और उर्दू साहित्यकार।

? महेश भूपति (1974)

भारत के महान टेनिस खिलाड़ियों में शामिल और ग्रैंड स्लैम विजेता।

पुण्यतिथि

⚫ एलन ट्यूरिंग (1954)

आधुनिक कंप्यूटर विज्ञान और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के जनक माने जाते हैं।

⚫ बी. डी. जत्ती (2002)

भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति एवं कार्यवाहक राष्ट्रपति रहे।

आज के महत्वपूर्ण दिवस

? विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस

सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है।

?️ राष्ट्रीय कैंसर उत्तरजीवी दिवस

कैंसर से सफलतापूर्वक लड़कर जीवन जी रहे लोगों के सम्मान में मनाया जाने वाला दिवस।

आज का विचार

"इतिहास केवल बीते हुए समय का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि भविष्य के लिए मार्गदर्शक भी होता है।"

नई दिल्ली/रायपुर: नक्षत्रों की चाल और ग्रहों की जुगलबंदी के साथ आज का सूर्योदय देश-दुनिया के लिए नई ऊर्जा लेकर आया है। आज 07 जून 2026 के इस खास दिन पर कैसी रहेगी आपकी राशियों की स्थिति, किसे मिलेगा भाग्य का साथ और कहाँ बरतनी होगी सावधानी? आइए डालते हैं आज के महा-राशिफल पर एक नजर:

मेष राशि (Aries) - 'उत्साह और नई शुरुआत का दिन'

मेष राशि के जातकों के लिए आज का दिन तरक्की के नए द्वार खोलने वाला है। कार्यक्षेत्र में आपके साहस और निर्णय लेने की क्षमता की सराहना होगी। लंबे समय से रुका हुआ कोई काम आज गति पकड़ेगा। आर्थिक दृष्टिकोण से दिन मजबूत है।

वृषभ राशि (Taurus) - 'धन लाभ और पारिवारिक सुख'

आज आपके सितारे बुलंद हैं। विशेषकर व्यापार से जुड़े लोगों को बड़ा मुनाफा होने के संकेत हैं। परिवार में किसी मांगलिक कार्य की रूपरेखा बन सकती है। वाणी पर थोड़ा संयम रखें, बाकी दिन आपके पक्ष में है।

मिथुन राशि (Gemini) - 'मान-सम्मान में वृद्धि'

मिथुन राशि के लोगों के लिए आज का दिन सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ाने वाला रहेगा। आपकी कला और रचनात्मकता की लोग तारीफ करेंगे। नए संपर्क स्थापित होंगे जो भविष्य में मील का पत्थर साबित हो सकते हैं। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा।

कर्क राशि (Cancer) - 'सोच-समझकर कदम बढ़ाने का समय'

आज आपको थोड़ा संभलकर चलने की आवश्यकता है। निवेश या लेन-देन के मामलों में जल्दबाजी न करें। मानसिक शांति के लिए योग या अध्यात्म का सहारा लें। शाम होते-होते कोई शुभ समाचार मिलने से मन प्रसन्न हो जाएगा।

सिंह राशि (Leo) - 'सफलता का परचम'

सिंह राशि के जातकों के लिए आज का दिन किसी वरदान से कम नहीं है। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। अधिकारियों का पूरा सहयोग प्राप्त होगा। समाज में आपका प्रभाव और बढ़ेगा।

कन्या राशि (Virgo) - 'करियर में चमक और तरक्की'

आज कार्यस्थल पर आपकी कार्यशैली की धूम रहेगी। रुके हुए प्रोजेक्ट्स दोबारा शुरू होने से राहत मिलेगी। कोर्ट-कचेहरी या प्रशासनिक मामलों में चल रहे प्रयास सफल होंगे। जीवनसाथी के साथ संबंध और मधुर होंगे।

तुला राशि (Libra) - 'भाग्य का भरपूर साथ'

तुला राशि वालों के लिए आज भाग्य का सितारा चमक रहा है। धार्मिक यात्रा या किसी मांगलिक कार्य में शामिल होने का अवसर मिलेगा। छात्रों के लिए उच्च शिक्षा के मार्ग प्रशस्त होंगे। आर्थिक स्थिति में सुधार निश्चित है।

वृश्चिक राशि (Scorpio) - 'संयम और सतर्कता जरूरी'

आज के दिन आपको अपनी सेहत और खान-पान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। वाहन चलाते समय सावधानी बरतें। कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों के साथ वाद-विवाद से बचें। धैर्य से काम लें, दोपहर के बाद स्थितियां सुधरेंगी।

धनु राशि (Sagittarius) - 'साझेदारी और प्रेम में मधुरता'

व्यापार में साझेदारी (Partnership) से बड़ा लाभ होने की उम्मीद है। वैवाहिक जीवन में खुशियां लौटेंगी और आपसी समझ बढ़ेगी। यदि कोई नया अनुबंध या डील साइन करनी हो, तो आज का दिन बेहद शुभ है।

मकर राशि (Capricorn) - 'शत्रुओं पर विजय और सफलता'

मकर राशि के जातकों के लिए आज का दिन ऊर्जा से भरा रहेगा। आपके प्रतिस्पर्धी या विरोधी आज आपके सामने टिक नहीं पाएंगे। कर्ज से मुक्ति के प्रयास सफल होंगे। अपनी मेहनत पर भरोसा रखें, परिणाम आपके पक्ष में आएगा।

कुंभ राशि (Aquarius) - 'बुद्धि और विवेक से लाभ'

विद्यार्थियों और प्रेमियों के लिए आज का दिन अत्यंत सुखद रहने वाला है। संतान पक्ष से कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है। आपकी बौद्धिक क्षमता और सटीक निर्णय आपको कार्यक्षेत्र में दूसरों से आगे ले जाएंगे।

मीन राशि (Pisces) - 'सुख-साधनों में वृद्धि'

मीन राशि वालों के लिए आज भूमि, भवन या वाहन की खरीदारी के योग बन रहे हैं। घर में सुख-शांति का माहौल रहेगा और माता का सहयोग प्राप्त होगा। कार्यक्षेत्र में काम का बोझ जरूर रहेगा, लेकिन आप उसे आसानी से संभाल लेंगे।

आज का विशेष मंत्र: "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" का जाप करें, दिन और भी मंगलमय और ऊर्जावान रहेगा।

नई दिल्ली। इतिहास में कुछ तिथियां ऐसी होती हैं जो अपने भीतर गौरव, संघर्ष, बलिदान और परिवर्तन की अनेक कहानियां समेटे रहती हैं। 06 जून भी ऐसी ही एक महत्वपूर्ण तारीख है, जिसने भारत और विश्व इतिहास में कई निर्णायक घटनाओं को जन्म दिया। यह दिन जहां छत्रपति शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक की गौरवगाथा का साक्षी है, वहीं द्वितीय विश्व युद्ध के सबसे बड़े सैन्य अभियान 'डी-डे' की शुरुआत के रूप में भी याद किया जाता है।

छत्रपति शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक

06 जून 1674 को रायगढ़ किले में मराठा साम्राज्य के संस्थापक वीर योद्धा छत्रपति शिवाजी महाराज का भव्य राज्याभिषेक संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक अवसर पर उन्हें विधिवत "छत्रपति" की उपाधि प्रदान की गई। शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक ने भारतीय इतिहास में स्वराज की अवधारणा को नई पहचान दी और विदेशी शासन के विरुद्ध आत्मसम्मान तथा स्वतंत्रता के संघर्ष को नई दिशा प्रदान की।

ऑपरेशन ब्लू स्टार का समापन

06 जून 1984 भारतीय इतिहास के एक अत्यंत संवेदनशील अध्याय के रूप में दर्ज है। अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर परिसर में छिपे खालिस्तान समर्थक उग्रवादियों के खिलाफ भारतीय सेना द्वारा चलाया गया "ऑपरेशन ब्लू स्टार" इसी दिन समाप्त हुआ। इस अभियान का उद्देश्य पंजाब में बढ़ती उग्रवादी गतिविधियों पर नियंत्रण स्थापित करना था। हालांकि इस घटना ने देश की राजनीति और सामाजिक परिस्थितियों पर गहरा प्रभाव छोड़ा।

बिहार रेल हादसे की दर्दनाक याद

06 जून 1981 को बिहार में एक भीषण रेल दुर्घटना हुई थी, जब एक यात्री ट्रेन बागमती नदी में गिर गई। यह हादसा भारतीय रेल इतिहास की सबसे दुखद घटनाओं में से एक माना जाता है। दुर्घटना में सैकड़ों यात्रियों की जान चली गई थी और पूरा देश शोक में डूब गया था।

डी-डे : जिसने बदल दिया विश्व युद्ध का इतिहास

विश्व इतिहास में 06 जून 1944 को "डी-डे" के नाम से जाना जाता है। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान मित्र राष्ट्रों की सेनाओं ने फ्रांस के नॉर्मंडी तट पर इतिहास का सबसे बड़ा संयुक्त जल, थल और वायु सैन्य अभियान शुरू किया था। इस अभियान ने नाजी जर्मनी के विरुद्ध निर्णायक मोर्चा खोला और अंततः यूरोप में हिटलर के शासन के पतन का मार्ग प्रशस्त किया।

छह दिवसीय युद्ध की शुरुआत

06 जून 1967 को मध्य पूर्व में चल रहे छह दिवसीय युद्ध के दौरान इजरायली सेना ने गाजा पट्टी पर नियंत्रण स्थापित कर लिया। इस संघर्ष ने पश्चिम एशिया की राजनीति, सीमाओं और कूटनीतिक समीकरणों को लंबे समय तक प्रभावित किया।

इतिहास से सीख का दिन

06 जून केवल घटनाओं की तारीख नहीं, बल्कि साहस, रणनीति, संघर्ष और परिवर्तन का प्रतीक भी है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि इतिहास केवल बीते समय का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य को दिशा देने वाला महत्वपूर्ण मार्गदर्शक भी है।

आज जब देश और दुनिया तेजी से बदलते दौर से गुजर रहे हैं, तब 06 जून की ऐतिहासिक घटनाएं हमें नेतृत्व, राष्ट्रनिर्माण, एकता और चुनौतियों का सामना करने की प्रेरणा प्रदान करती हैं।

नई दिल्ली । देश में शुक्रवार का दिन राजनीति, अर्थव्यवस्था, पर्यावरण, खेल और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घटनाओं का साक्षी बना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुजरात दौरे से लेकर भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति, विश्व पर्यावरण दिवस के कार्यक्रमों, मानसून की दस्तक और खेल जगत में हुई बड़ी कार्रवाई तक कई घटनाएं राष्ट्रीय चर्चा का केंद्र रहीं।

गुजरात दौरे पर प्रधानमंत्री मोदी, हजारों करोड़ की परियोजनाओं की सौगात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात और दमन का दौरा करते हुए विकास परियोजनाओं की सौगात दी। सूरत में लगभग 1,800 करोड़ रुपये तथा दमन में करीब 2,970 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया गया। इस दौरान आयोजित जनसभा में प्रधानमंत्री ने विकास कार्यों को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए विपक्षी दलों पर भी तीखा राजनीतिक हमला बोला।

तमिलनाडु की राजनीति में नया मोड़

तमिलनाडु की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया, जहां भाजपा से अलग हुए के. अन्नामलाई ने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के विचारों से प्रेरित एक नए राजनीतिक आंदोलन की शुरुआत की। उनके इस कदम को दक्षिण भारतीय राजनीति में नए समीकरणों के रूप में देखा जा रहा है।

कर्नाटक में विभागों का बंटवारा, असंतोष की चर्चाएं

कर्नाटक में डी.के. शिवकुमार के नेतृत्व वाली सरकार ने मंत्रियों के बीच विभागों का आवंटन कर दिया। वित्त मंत्रालय मुख्यमंत्री खेमे के पास ही रहा, जबकि बेंगलुरु विकास मंत्रालय कृष्णा बायरे गौड़ा को सौंपा गया। विभागों के बंटवारे के बाद कुछ वरिष्ठ नेताओं में नाराजगी की खबरें भी सामने आई हैं।

राज्यसभा चुनाव को लेकर बढ़ी राजनीतिक सक्रियता

18 जून को प्रस्तावित राज्यसभा चुनाव के मद्देनजर विभिन्न दलों ने अपनी रणनीति तेज कर दी है। कांग्रेस ने झारखंड में वरिष्ठ नेताओं भूपेश बघेल और अजय शर्मा को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। वहीं आंध्र प्रदेश में जनसेना पार्टी ने लिंगमनेनी रमेश को अपना उम्मीदवार घोषित किया है।

आरबीआई का बड़ा फैसला, रेपो रेट यथावत

भारतीय रिजर्व बैंक ने अपनी मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रखने का निर्णय लिया। हालांकि केंद्रीय बैंक ने चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान 6.9 प्रतिशत से घटाकर 6.6 प्रतिशत कर दिया है। इस निर्णय को वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और घरेलू मांग के संतुलन के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

विदेशी निवेशकों को बड़ी राहत

केंद्र सरकार ने सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश करने वाले विदेशी संस्थागत निवेशकों को पूंजीगत लाभ कर से छूट देने की घोषणा की है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे विदेशी निवेश को बढ़ावा मिलेगा और भारतीय वित्तीय बाजारों में नई पूंजी का प्रवाह संभव होगा।

विश्व पर्यावरण दिवस पर देशभर में अभियान

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर देशभर में वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। नई दिल्ली में 18 नए ‘नमो ऑक्सीजन पार्कों’ का उद्घाटन किया गया। सरकार ने पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण पहल बताया।

मानसून की दस्तक, कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

लंबे इंतजार के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून ने देश में प्रवेश कर लिया है। केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक के कई क्षेत्रों में भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है। केरल के कुछ जिलों में एहतियातन स्कूल और कॉलेज बंद रखने के निर्देश जारी किए गए हैं।

खेल जगत में बड़ी कार्रवाई

भारतीय कुश्ती महासंघ ने आयु संबंधी दस्तावेजों में अनियमितता पाए जाने पर अंडर-20 एशियाई चैंपियनशिप ट्रायल के विजेता दीपांशु सहित पांच पहलवानों को चार वर्षों के लिए निलंबित कर दिया है। खेल जगत में इस कार्रवाई को अनुशासन और पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

एनआईए की बड़ी कार्रवाई

राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने कोलकाता में कार्रवाई करते हुए तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक शौकत मोल्ला को गिरफ्तार किया। मामले को लेकर जांच एजेंसियां आगे की कार्रवाई में जुटी हुई हैं।

हिमाचल में भूकंप के झटके

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा और आसपास के क्षेत्रों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। हालांकि किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली, लेकिन लोगों में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल रहा।

दिनभर की प्रमुख तस्वीर

05 जून 2026 का दिन देश में विकास, राजनीतिक गतिविधियों, आर्थिक निर्णयों, पर्यावरणीय जागरूकता, खेल अनुशासन और प्राकृतिक घटनाओं के कारण सुर्खियों में रहा। एक ओर सरकार ने विकास और निवेश को गति देने के संकेत दिए, वहीं पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक चुनौतियों ने भी देश का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।

चेन्नई । तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़ा और अप्रत्याशित घटनाक्रम सामने आया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन द्वारा उनका इस्तीफा स्वीकार किए जाने के बाद अब अन्नामलाई ने अपनी नई राजनीतिक राह चुन ली है। उन्होंने युवाओं और जनभागीदारी को केंद्र में रखते हुए "वी द लीडर्स" (We The Leaders) नामक एक नए जन आंदोलन की शुरुआत की है, जिसे जल्द ही एक क्षेत्रीय राजनीतिक दल का स्वरूप दिए जाने की घोषणा की गई है।

गठबंधन की राजनीति बनी इस्तीफे की वजह

राजनीतिक सूत्रों के अनुसार अन्नामलाई और भाजपा केंद्रीय नेतृत्व के बीच तमिलनाडु की चुनावी रणनीति को लेकर लंबे समय से मतभेद चल रहे थे। अन्नामलाई का मानना था कि भाजपा को राज्य में अपने संगठन और जनाधार के बल पर स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ना चाहिए तथा किसी बड़े क्षेत्रीय दल पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।

वहीं भाजपा नेतृत्व ने आगामी चुनावों को देखते हुए एआईएडीएमके के साथ पुनः गठबंधन का रास्ता चुना। इसी निर्णय के बाद दोनों पक्षों के बीच मतभेद और गहरे हो गए। बताया जाता है कि केंद्रीय नेतृत्व ने अन्नामलाई को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी देने और राज्यसभा भेजने का प्रस्ताव भी दिया था, लेकिन उन्होंने इन सभी प्रस्तावों को अस्वीकार कर दिया।

"वी द लीडर्स" से नई राजनीतिक पारी

भाजपा से अलग होने के कुछ ही समय बाद अन्नामलाई ने "वी द लीडर्स" आंदोलन की शुरुआत कर दी। उन्होंने कहा कि यह केवल एक राजनीतिक मंच नहीं बल्कि युवाओं, पेशेवरों और आम नागरिकों को नेतृत्व की मुख्यधारा में लाने का प्रयास है।

अन्नामलाई ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन शीघ्र ही एक पूर्ण राजनीतिक दल के रूप में पंजीकृत होगा और तमिलनाडु के स्थानीय निकाय चुनावों से लेकर आगामी विधानसभा चुनाव तक सक्रिय रूप से भाग लेगा।

आईपीएस से राजनीति तक का सफर

राजनीति में आने से पहले के. अन्नामलाई कर्नाटक कैडर के एक चर्चित और लोकप्रिय आईपीएस अधिकारी रहे हैं। प्रशासनिक सेवा छोड़कर उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया और कम समय में तमिलनाडु भाजपा का प्रमुख चेहरा बनकर उभरे। आक्रामक शैली, जमीनी संपर्क और युवा वर्ग में लोकप्रियता के कारण उन्होंने राज्य की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई।

भाजपा के लिए चुनौती, विपक्ष के लिए नया समीकरण

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अन्नामलाई का भाजपा से अलग होना केवल एक नेता का इस्तीफा नहीं, बल्कि तमिलनाडु की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत हो सकता है। यदि उनकी नई पार्टी युवाओं और शहरी मतदाताओं को आकर्षित करने में सफल होती है, तो राज्य की पारंपरिक राजनीतिक संरचना में बदलाव देखने को मिल सकता है।

भाजपा के लिए यह घटनाक्रम संगठनात्मक चुनौती के रूप में देखा जा रहा है, जबकि द्रविड़ राजनीति के बीच एक नए विकल्प की तलाश कर रहे मतदाताओं के लिए यह एक नया राजनीतिक प्रयोग साबित हो सकता है।

आगे क्या?

तमिलनाडु में द्रमुक और अन्नाद्रमुक के लंबे राजनीतिक वर्चस्व के बीच के. अन्नामलाई की नई राजनीतिक पारी पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं। आने वाले महीनों में यह स्पष्ट होगा कि "वी द लीडर्स" केवल एक आंदोलन बनकर रह जाता है या फिर तमिलनाडु की राजनीति में एक प्रभावशाली शक्ति के रूप में उभरता है।

फिलहाल इतना तय है कि अन्नामलाई के इस फैसले ने दक्षिण भारतीय राजनीति में नई बहस और नए समीकरणों को जन्म दे दिया है।

 

नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के एक हालिया बयान ने देश की राजनीतिक सरगर्मियों को तेज कर दिया है। राहुल गांधी ने दावा किया है कि देश की नौकरशाही और विभिन्न संवैधानिक संस्थाओं पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का नियंत्रण पहले जैसा नहीं रहा है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में नई बहस छिड़ गई है, जबकि भारतीय जनता पार्टी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।

संस्थाओं के भीतर से जानकारी मिलने का दावा

एक बंद कमरे में आयोजित आदिवासी पेशेवर सम्मेलन को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें देश की विभिन्न संस्थाओं के भीतर से महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त हो रही हैं। उन्होंने दावा किया कि नौकरशाही, खुफिया एजेंसियों, चुनाव आयोग और न्यायिक व्यवस्था से जुड़े कुछ लोग अब सरकार के कामकाज को लेकर असंतोष व्यक्त कर रहे हैं।

राहुल गांधी के अनुसार, सरकारी तंत्र में कार्यरत अधिकारी अब स्वयं आगे आकर महत्वपूर्ण सूचनाएं साझा कर रहे हैं, जो इस बात का संकेत है कि सत्ता के शीर्ष नेतृत्व की पकड़ पहले जैसी मजबूत नहीं रही।

"आर्थिक सुनामी" की चेतावनी

अपने संबोधन के दौरान राहुल गांधी ने देश की आर्थिक स्थिति को लेकर भी गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भारत निकट भविष्य में एक बड़े आर्थिक संकट या "आर्थिक सुनामी" का सामना कर सकता है। उनके अनुसार बेरोजगारी, महंगाई और आर्थिक असमानता जैसे मुद्दे लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे आम जनता पर दबाव बढ़ता जा रहा है।

उन्होंने आशंका जताई कि यदि जन असंतोष और आर्थिक दबाव तेजी से बढ़ता है, तो सरकार कठोर प्रशासनिक कदम उठा सकती है, जिससे लोकतांत्रिक संस्थाओं पर भी प्रभाव पड़ सकता है।

भाजपा का पलटवार

राहुल गांधी के इन बयानों पर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। भाजपा नेताओं ने आरोपों को पूरी तरह निराधार, भ्रामक और राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित बताया है।

भाजपा का कहना है कि देश की संवैधानिक संस्थाएं स्वतंत्र रूप से कार्य कर रही हैं और विपक्ष द्वारा बार-बार संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास है। पार्टी नेताओं ने राहुल गांधी से अपने दावों के समर्थन में तथ्य प्रस्तुत करने की भी मांग की है।

राजनीतिक माहौल गरमाया

राहुल गांधी के बयान ऐसे समय में सामने आए हैं जब देश में कई राज्यों में चुनावी गतिविधियां तेज हो रही हैं और केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर राजनीतिक बहस अपने चरम पर है। विपक्ष जहां आर्थिक और सामाजिक मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है, वहीं भाजपा विकास, बुनियादी ढांचे और वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका को अपनी उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत कर रही है।

आगे क्या?

राहुल गांधी के दावों और भाजपा की प्रतिक्रिया के बाद यह मुद्दा आने वाले दिनों में राष्ट्रीय राजनीति का प्रमुख विषय बन सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावी माहौल में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होने की संभावना है।

फिलहाल राहुल गांधी के बयान ने राजनीतिक बहस को नया आयाम दे दिया है, जबकि देश की जनता और राजनीतिक पर्यवेक्षकों की नजर अब इस पर टिकी है कि दोनों पक्ष अपने-अपने दावों को किस प्रकार आगे बढ़ाते हैं।

रायपुर । छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज का कार्यकाल जुलाई 2026 में पूरा होने जा रहा है, जिसके साथ ही संगठन में बड़े फेरबदल की संभावनाओं ने जोर पकड़ लिया है। आगामी 2028 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस आलाकमान संगठन को नए सिरे से मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रहा है। इसी कड़ी में पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव का नाम प्रदेश अध्यक्ष पद की दौड़ में सबसे मजबूत दावेदार के रूप में उभरकर सामने आया है।

टी.एस. सिंहदेव ने जताई संगठन संभालने की इच्छा

सरगुजा अंचल के प्रभावशाली नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव ने पहली बार सार्वजनिक रूप से संगठन की कमान संभालने की इच्छा व्यक्त की है। हाल के दिनों में उनकी संगठनात्मक सक्रियता बढ़ी है और वे लगातार कार्यकर्ताओं के संपर्क में दिखाई दे रहे हैं। सिंहदेव का मानना है कि कांग्रेस को जमीनी स्तर पर मजबूत संगठन और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनकी साफ-सुथरी छवि, प्रशासनिक अनुभव और प्रदेशभर में स्वीकार्यता उन्हें इस पद के लिए मजबूत दावेदार बनाती है।

दीपक बैज भी दावेदारी में बरकरार

वर्तमान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज का कार्यकाल भले ही समाप्ति की ओर हो, लेकिन वे अभी भी अपनी दावेदारी बनाए हुए हैं। बस्तर क्षेत्र के आदिवासी चेहरे के रूप में उनकी पहचान कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। आदिवासी बहुल क्षेत्रों में उनकी पकड़ और संगठनात्मक अनुभव को देखते हुए उनके समर्थक नेतृत्व परिवर्तन के पक्ष में जल्दबाजी नहीं चाहते।

भूपेश बघेल का नाम भी चर्चा में

पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल का नाम भी राजनीतिक चर्चाओं में शामिल है। पार्टी के एक वर्ग का मानना है कि 2028 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए संगठन को एक आक्रामक और जनाधार वाले नेतृत्व की जरूरत है। बघेल समर्थकों का तर्क है कि उनके नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार हो सकता है।

हालांकि अभी तक बघेल की ओर से इस विषय पर कोई सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है।

जातीय और क्षेत्रीय संतुलन पर विशेष जोर

सूत्रों के अनुसार कांग्रेस आलाकमान केवल प्रदेश अध्यक्ष के नाम पर ही नहीं बल्कि संगठनात्मक संतुलन के व्यापक फार्मूले पर भी विचार कर रहा है। चर्चा है कि नए अध्यक्ष के साथ दो कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किए जा सकते हैं ताकि प्रदेश के विभिन्न सामाजिक वर्गों और क्षेत्रों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिल सके।

यदि टी.एस. सिंहदेव को प्रदेश अध्यक्ष बनाया जाता है, तो आदिवासी, ओबीसी और अनुसूचित जाति वर्ग के नेताओं को कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी देकर संतुलन साधने की रणनीति अपनाई जा सकती है।

कार्यकारी अध्यक्ष पद के संभावित चेहरे

पूर्व मंत्री अमरजीत भगत आदिवासी समाज के वरिष्ठ नेता माने जाते हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि मुख्य अध्यक्ष पद किसी गैर-आदिवासी नेता को दिया जाता है तो आदिवासी समाज को संगठन में मजबूत प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।

इंद्रशाह मंडावी और लखेश्वर बघेल के नाम भी आदिवासी नेतृत्व के रूप में चर्चा में हैं। वहीं ओबीसी वर्ग से राम कुमार यादव का नाम तेजी से उभर रहा है।

अनुसूचित जाति वर्ग से पूर्व मंत्री शिव डहरिया की सक्रियता भी राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई है। माना जा रहा है कि संगठन में सामाजिक संतुलन स्थापित करने के लिए उन्हें भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।

सचिन पायलट और आलाकमान की नजर

छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट लगातार संगठनात्मक गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। बताया जा रहा है कि कांग्रेस हाईकमान सभी संभावित नामों, क्षेत्रीय प्रभाव, सामाजिक समीकरणों और चुनावी रणनीति का विस्तृत अध्ययन कर रहा है।

कांग्रेस नेतृत्व का लक्ष्य केवल नया अध्यक्ष चुनना नहीं, बल्कि ऐसा संगठनात्मक ढांचा तैयार करना है जो 2028 विधानसभा चुनाव में भाजपा को कड़ी चुनौती दे सके।

2028 की तैयारी का संकेत

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पीसीसी अध्यक्ष का चयन केवल संगठनात्मक नियुक्ति नहीं होगा, बल्कि यह कांग्रेस की आगामी चुनावी रणनीति का आधार भी बनेगा। यही कारण है कि प्रदेश अध्यक्ष और कार्यकारी अध्यक्षों के चयन में सामाजिक प्रतिनिधित्व, क्षेत्रीय संतुलन और राजनीतिक प्रभाव जैसे सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है।

फिलहाल छत्तीसगढ़ कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है, लेकिन इतना तय माना जा रहा है कि आने वाले कुछ सप्ताह संगठन की दिशा और भविष्य की राजनीति तय करने में बेहद महत्वपूर्ण साबित होंगे।

  राजनांदगांव । जनपद पंचायत डोंगरगढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत मुरमुंदा में स्वच्छता त्यौहार का आयोजन किया गया। प्रत्येक शनिवार को ग्राम पंचायतों में आयोजित स्वच्छता त्यौहार के तहत ग्राम पंचायत मुरमुंदा के विभिन्न चौक-चौराहों की साफ-सफाई की गई और ग्रामीणों को नियमित सफाई के लाभ के बारे में बताया गया। ग्राम मुरमुन्दा का बड़े तालाब का यह स्थल प्रवासी पक्षियों का निवास स्थल है। पर्यावरण के संरक्षण के तहत ग्राम के बड़े तालाब में कचरा संग्रहण एवं श्रमदान कर साफ-सफाई की गई। एसडीएम डोंगरगढ़ श्री एम भार्गव ने ग्रामीणों को ग्रामसभा में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कचरा के चारों प्रकार के बारे में बताया एवं नियमित सफाई रखने कहा। उन्होंने ग्रामीणों से कचरा संग्रहण करने व यूजर चार्ज समय पर देने का आग्रह किया। इस अवसर पर एसडीएम डोंगरगढ़ श्री एम भार्गव, तहसीलदार श्री अमीय श्रीवास्तव, ग्राम पंचायत सरपंच, पंच, अतिरिक्त सीईओ जनपद पंचायत डोंगरगढ़, पटवारी, राजस्व निरीक्षक एवं स्वच्छ भारत मिशन से विकासखण्ड समन्वयक व संकुल समन्वयक, सचिव, रोजगार सहायक, महिला समूह की महिलाएं, स्वच्छाग्राही दीदी एवं ग्रामीणों ने स्वच्छता त्यौहार में हिस्सा लिया।


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