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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
धमतरी। शौर्यपथ।
जिले में अवैध मादक पदार्थों के कारोबार के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत सिटी कोतवाली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हेरोइन (चिट्टा) बेचते दो आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मादक पदार्थ के साथ कार, नगदी और मोबाइल समेत कुल 2.29 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की है।
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि बस स्टैंड के पीछे एक सफेद रंग की Maruti Suzuki Swift (क्रमांक CG-13-C-4422) में दो युवक अवैध मादक पदार्थ बेचने के लिए ग्राहकों की तलाश कर रहे हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर दबिश दी और दोनों संदिग्धों को हिरासत में लिया।
तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से 10.30 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद हुआ, जिसकी अनुमानित कीमत 47,000 रुपये आंकी गई है।
जप्त सामग्री में शामिल:
10.30 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) – 47,000 रुपये
नगद राशि – 12,000 रुपये
Maruti Suzuki Swift – 1,50,000 रुपये
Apple iPhone 11 – 10,000 रुपये
Vivo Y31 – 10,000 रुपये
अन्य सामग्री (लाईटर, एल्युमिनियम फॉयल)
कुल जब्त संपत्ति का मूल्य लगभग 2,29,020 रुपये बताया गया है।
गिरफ्तार आरोपी:
कमर रजा (28 वर्ष), निवासी सदर बाजार, धमतरी
मोहम्मद शोएब अख्तर (26 वर्ष), निवासी केला बाड़ी, दुर्ग
दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना सिटी कोतवाली धमतरी में अपराध क्रमांक 101/2026 के तहत धारा 21(बी), 29 एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
नशे के खिलाफ सख्त संदेश
धमतरी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत लगातार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। असामाजिक तत्वों को चेतावनी दी गई है कि वे अवैधानिक गतिविधियों से बाज आएं, अन्यथा सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दैनिक शौर्यपथ महासमुंद ब्यूरो संतराम कुर्रे
महासमुंद, /
महिलाओं को लोकसभा एवं राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने के उद्देश्य से लाए गए नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर आज महासमुंद के सर्किट हाउस में एक महत्वपूर्ण प्रेसवार्ता आयोजित की गई। महासमुंद लोकसभा क्षेत्र की सांसद रुपकुमारी चौधरी ने इस अधिनियम को देश के इतिहास में एक मील का पत्थर बताते हुए इसे महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम बताया।
प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए सांसद श्रीमती चौधरी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाया गया यह अधिनियम महिलाओं को राजनीति में आगे बढ़ने का सशक्त अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि अब महिलाएं न केवल सामाजिक और आर्थिक क्षेत्र में बल्कि नीति-निर्माण की प्रक्रिया में भी प्रभावी भूमिका निभाएंगी। इससे देश के समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी।
उन्होंने आगे कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में महिलाओं की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह अधिनियम महिलाओं को नेतृत्व के अवसर प्रदान कर उनके योगदान को और अधिक सशक्त बनाएगा।
इस अवसर पर उपस्थित सेवानिवृत्त प्राचार्य शशि प्रभा थ्रिटे ने भी इस निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि यह नारी शक्ति के सम्मान और गौरव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के निर्णय से महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे समाज के हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित होंगी।
प्रेसवार्ता में यह भी जानकारी दी गई कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने के लिए 16, 17 और 18 अप्रैल को संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है। यह अधिनियम प्रारंभिक रूप से 15 वर्षों के लिए लागू किया जाएगा, जिससे महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।
देशभर में इस अधिनियम को लेकर व्यापक चर्चा हो रही है और इसे महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं दूरगामी पहल के रूप में देखा जा रहा है। इस अवसर पर जिले के प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधि मौजूद थे।
दैनिक शौर्यपथ महासमुंद ब्यूरो संतराम कुर्रे
*पिथौरा*। क्षेत्र में आदिवासी की जमीन पर कथित अवैध कब्जे का मामला एक बार फिर चर्चा में है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायत मिलने पर तहसीलदार पिथौरा द्वारा समुचित जांच के बाद कब्जा हटाने का विधिवत आदेश जारी किया गया है। हालांकि, इस आदेश से प्रभावित कुछ लोगों द्वारा प्रशासन की छवि धूमिल करने के लिए भ्रामक जानकारी फैलाए जाने का आरोप सामने आया है।
पीड़ित आदिवासी अरविंद नेताम ने बताया कि उन्होंने पिथौरा में अपने भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मकान सहित जमीन खरीदी थी। आरोप है कि उक्त मकान पर एक व्यक्ति ने जबरदस्ती कब्जा कर लिया। कब्जा हटवाने के लिए उन्होंने तत्कालीन तहसीलदार से गुहार लगाई, लेकिन उस समय उनके अनुसार संबंधित अधिकारी ने यह कहते हुए मामले से हाथ खड़े कर लिए कि मकान खाली कराना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता, और प्रकरण खारिज कर दिया गया।
नेताम का यह भी आरोप है कि न केवल उनके खरीदी गई जमीन पर कब्जा कराया गया, बल्कि शेष बची भूमि को भी हड़पने की नीयत से निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया। जैसे ही उन्हें इस गतिविधि की जानकारी मिली, उन्होंने पुनः तहसीलदार के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर निर्माण पर रोक लगाने की मांग की।
बताया जा रहा है कि इस बार तहसीलदार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पटवारी से दो बार रिपोर्ट मंगाई। जांच के आधार पर स्पष्ट आदेश जारी करते हुए अवैध कब्जा हटाने और पीड़ित को जमीन का कब्जा दिलाने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके बावजूद, पीड़ित का कहना है कि कुछ लोग उन्हें परेशान करने की नीयत से प्रशासन पर झूठे आरोप लगाकर भ्रामक जानकारी प्रसारित कर रहे हैं, जिसकी क्षेत्र में कड़ी निंदा की जा रही है। साथ ही यह भी बताया गया है कि इस प्रकार के मामलों में अपील का प्रावधान उपलब्ध है, लेकिन इसके बावजूद जानबूझकर प्रशासन को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है
दैनिक शौर्यपथ महासमुंद ब्यूरो संतराम कुर्रे
महासमुंद - गुरु घासीदास जयंती की शुरुआत करने वाले भोंरिग निवासी दादा नकुल देव ढीढी मंत्री जी की 112 वीं जयंती प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी के पदाधिकारियों ने गुरु घासीदास वार्ड के सांस्कृतिक भवन में प्रदेश महासचिव मोहन बंजारे के मुख्य अतिथि व एस आर बंजारे की अध्यक्षता तथा सहसचिव दिनेश बंजारे, नुतन कुर्रे व जिला ब्लॉक अठगंवा के पदाधिकारियों की उपस्थिति में मनाई गई।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलित व माल्यार्पण कर किया।इस मौके पर उपस्थित प्रदेश महासचिव मोहन बंजारे ने कहा कि दादाजी ने गुरु घासीदास जयंती की शुरुआत कर समाज को संगठित करने का बड़ा माध्यम दिया।वे तन-मन धन सब कुछ लगाकर जुनुनी तौर पर दिन रात पैदल गांव-गांव घुमकर गुरु घासीदास बाबा व डॉ भीमराव अम्बेडकर साहब के संदेशों का प्रचार प्रसार कर समाज को जागृत किया। जिसके बदौलत आज समाज में बड़ी बदलाव आया है।दादाजी ने सामाजिक विचारधारा से कभी समझौता नहीं किया।जिसके कारण पुरे छत्तीसगढ़ में आज उन्हे याद किया जा रहा है। नहीं तो उस दौर में बड़े राजनीतिक दल के विधायक मंत्री बन गये होते।दिनेश बंजारे ने स्मरण करते हुए प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज द्वारा दादा नकुल देव ढीढी जी के कार्यों का अनुकरण करने की बात कहा। संगठन शिक्षा रोजगार के लिए काम कर रही है। दादा जी उस दौर में समाज के गरीब बच्चों को अपने खर्च पर पढ़ाया आज हमारा संगठन पे बेक सोसायटी के माध्यम से जरुरत मंद बच्चों की मदद कर रही है तथा उनके सपना के अनुरूप अठगंवा कमेटी के द्वारा सामाजिक नरनियाव भी बिना दंडबोडी के संवैधानिक रूप से निपटारा कर रहे हैं।
एस आर बंजारे ने समाज में आ रही कुरितीयो को दुर करने सामाजिक पदाधिकारियों को पहल करने की अपील की। श्रीमती नुतन कुर्रे ने कहा संविधान लागू होने के बाद भी अनुसूचित जाति वर्ग के लिए नाई धोबी पौनी पसारी नहीं दिया गया था जिसके लिए दादा जी ने संघर्ष किया और वे खुद आजीवन अपने बाल को बढ़ाए रखा।
उपस्थित सभी पदाधिकारियों ने समाज में दादा नकुल देव ढीढी जी के विचारों पर चलने व संगठित करने का संकल्प लिया।इस मौके पर प्रमुख रूप से जिलाध्यक्ष विजय बंजारे, उपाध्यक्ष खोशिल गेंड्रे, सचिव रेखराज बघेल, कोषाध्यक्ष घनश्याम जांगड़े साहित्य प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष के सोनटके, पवन कुर्रे,महासमुंद ब्लॉक सचिव गणेश टंडन,किशुन पाटले, शिक्षा प्रकोष्ठ से फनेंद्र बंजारे, महेंद्र बंजारे, राधेश्याम परमार, राधेश्याम निराला, नंदकुमार भारतद्वाज, अठगंवा परिक्षेत्र से संतोष जांगड़े खल्लारी, गोवर्धन बांधे, राकेश जांगड़े बेलसोंडा, राजेश मारकंडेय,बलौदा बाजार से सहदेव जोशी,बल्लर कुर्रे, रमेश बंजारे ,दुलेश भारती रायपुर,लालदास गायकवाड़ पोखरा गरियाबंद, उड़ीसा से लल्लू चेलक व समाज के लोग उपस्थित रहे।
महासमुंद। शौर्यपथ।
जिले के पटेवा थाना क्षेत्र अंतर्गत पचरी ग्राम पंचायत में अवैध महुआ शराब का कारोबार बेखौफ जारी है। जानकारी के अनुसार गांव में लंबे समय से बड़े पैमाने पर महुआ शराब का निर्माण और बिक्री हो रही है, जिससे प्रशासनिक कार्रवाई पर भी असर पड़ रहा है।
मामला उस समय गंभीर हो गया जब अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची पुलिस टीम पर ग्रामीणों द्वारा हमला कर दिया गया। इस दौरान शासकीय वाहन में तोड़फोड़ की गई और हालात ऐसे बने कि पुलिसकर्मियों को पीछे हटना पड़ा।
सूत्रों के मुताबिक, क्षेत्र में अवैध शराब का कारोबार लंबे समय से संचालित हो रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस और प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से कानून-व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
दबंग थाना प्रभारी की मांग तेज
घटना के बाद स्थानीय लोगों और क्षेत्रवासियों के बीच कड़े और सख्त कार्रवाई की मांग उठने लगी है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए सख्त और प्रभावी पुलिस नेतृत्व की आवश्यकता है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की बात कही जा रही है।
दुर्ग। शौर्यपथ।
छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी द्वारा हज यात्रियों के लिए प्रशिक्षण शिविर का आयोजन स्वामी विवेकानंद सभागार, दुर्ग में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि Vijay Baghel, अध्यक्षता Mirza Ejaz Beg तथा विशिष्ट अतिथि Alka Baghmar रहीं।
कार्यक्रम में सुरेन्द्र कौशिक, रजा खोखर, गायत्री वर्मा, हाजी कासिम, आरिफ अली, ज्योति वर्मा, हैदर अली, खालिद रिजवी, अमजद अली सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
हज कमेटी के अध्यक्ष मिर्जा एजाज बेग ने कहा कि हज यात्रा के दौरान नियमों और व्यवस्थाओं की जानकारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष छत्तीसगढ़ से बड़ी संख्या में हाजी यात्रा पर जा रहे हैं, जिनमें दुर्ग जिले से लगभग 260 यात्री शामिल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि ऑनलाइन प्रक्रिया लागू होने से आवेदन की प्रक्रिया सरल हुई है तथा राज्य सरकार द्वारा यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
महापौर अलका वाघमार ने केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सभी हाजियों की सफल एवं सुरक्षित यात्रा की कामना की। सुरेन्द्र कौशिक ने जानकारी दी कि इस प्रशिक्षण शिविर का उद्देश्य हाजियों को स्वास्थ्य परीक्षण के साथ-साथ यात्रा से जुड़ी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराना है।
मुख्य अतिथि विजय बघेल ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की पहचान हिंदू-मुस्लिम एकता में निहित है। उन्होंने हज यात्रियों से देश और परिवार की खुशहाली के लिए दुआ करने का आग्रह किया। साथ ही उन्होंने कहा कि आज वैश्विक स्तर पर भारत का सम्मान बढ़ा है और भारतीयों को विश्वभर में सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है।
कार्यक्रम के अंत में सभी हाजियों को शुभकामनाएं देते हुए उनकी यात्रा के सफल एवं सुरक्षित होने की कामना की गई।
पंडरिया। शौर्यपथ।
भारत की नारी ने सदियों से समाज को दिशा दी है, संस्कारों को संजोया है और हर परिवर्तन की धुरी बनकर अपनी अहम भूमिका निभाई है। इसके बावजूद नीति और निर्णय के सर्वोच्च मंचों पर उनकी भागीदारी लंबे समय तक सीमित रही। अब यह स्थिति बदलने जा रही है।
विधायक भावना बोहरा ने कहा कि Narendra Modi के नेतृत्व में पारित "नारी शक्ति वंदन अधिनियम" महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। इस अधिनियम के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण सुनिश्चित किया गया है, जो भारतीय लोकतंत्र को और अधिक समावेशी बनाएगा।
उन्होंने कहा कि जब संसद से लेकर विधानसभा तक महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित होगी, तब देश के विकास में नारीशक्ति का योगदान और अधिक प्रभावी रूप से सामने आएगा। यह निर्णय न केवल महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देगा, बल्कि समाज में समानता और न्याय के नए आयाम भी स्थापित करेगा।
भावना बोहरा ने इस ऐतिहासिक पहल के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह नव युग का आरंभ है—नव संकल्प और नव शक्ति का उद्घोष। अब महिलाएं केवल कानून का पालन ही नहीं करेंगीं, बल्कि कानून निर्माण में भी सक्रिय भूमिका निभाएंगी। वे केवल इतिहास पढ़ेंगी नहीं, बल्कि इतिहास रचकर देश को नई दिशा देंगी।
*पूर्व भारतीय वन सेवा अधिकारी की कॉरपोरेट भूमिका क्यों,रायगढ़-तमनार के संदर्भ में यह नियुक्ति और भी अधिक संदिग्ध और चिंताजनक- संजीत विश्वकर्मा प्रदेश संगठन मंत्री आप*
रायपुर। जिंदल समूह द्वारा पूर्व भारतीय वन सेवा वरिष्ठ अधिकारी एस.एस. बाजाज को कॉरपोरेट लाइजनिंग का छत्तीसगढ़ राज्य प्रमुख नियुक्त किया गया है। आम आदमी पार्टी के प्रदेश संगठन मंत्री संजीत विश्वकर्मा ने कहा है कि यह नियुक्त बहुत साधारण सी लगती है लेकिन यह केवल एक पदस्थापना नहीं, बल्कि राज्य में कॉरपोरेट प्रभाव, प्रशासनिक पहुंच और सत्ता-संबंधों के खतरनाक गठजोड़ का संकेत है। सरकार, प्रशासन और पर्यावरणीय नियम-कानूनों की पूरी समझ रखने वाले ऐसे अधिकारी के पास पद, पहुँच और संवेदनशील जानकारियों का जो प्रभाव है, उसका दुरुपयोग होने की पूरी आशंका है। यह स्थिति जनहित और पारदर्शिता, दोनों के लिए गंभीर खतरा है। यह सांठगांठ, छत्तीसगढ़ में सरकार, अफसरशाही और कॉरपोरेट गठजोड़ के उस काले चेहरे को उजागर करता है, जिसके कारण जल, जंगल, जमीन और जनता के अधिकारों की खुलेआम नीलामी की बड़ी तैयारी की जा रही है।
लोक सभा अध्यक्ष श्रीमती गीतेश्वरी बघेल कि यह बेहद गंभीर और शर्मनाक मामला है। जिन अधिकारियों पर जनता के संसाधनों की रक्षा करने, कानून का पालन कराने और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने की जिम्मेदारी थी, वही लोग अब कॉरपोरेट घरानों के लिए रास्ता साफ करने के काम में लग जाएं, तो यह लोकतंत्र नहीं, बल्कि सत्ता और पूंजी के गठबंधन से चलने वाली लूट की व्यवस्था है।आखिर छत्तीसगढ़ की जनता यह कैसे माने कि जिन लोगों ने शासन तंत्र, नीतियों, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और संवेदनशील निर्णयों के बीच वर्षों तक काम किया, वे अब उन्हीं जानकारियों और संबंधों का इस्तेमाल कॉरपोरेट हित साधने के लिए नहीं करेंगे? यह सीधा-सीधा हितों का टकराव है। यह नैतिक पतन है। यह छत्तीसगढ़ की जनता के सार्वजनिक विश्वास के साथ विश्वासघात है। रायगढ़, तमनार और आसपास के क्षेत्रों में पहले से ही जनता जमीन, पर्यावरण, प्रदूषण, विस्थापन और जल संकट को लेकर त्रस्त है। वहां यदि कॉरपोरेट कंपनियां पूर्व अधिकारियों को लाइजनिंग के लिए आगे कर रही हैं, तो इसका सीधा मतलब है कि वे जनता की आवाज को दबाकर, प्रशासन पर प्रभाव डालकर और नियम-कानून को मोड़कर अपने हित सुरक्षित करना चाहती हैं।उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि छत्तीसगढ़ कोई कॉरपोरेट कंपनियों की जागीर नहीं है। यह राज्य यहां की जनता का है, आदिवासियों का है, किसानों का है, युवाओं का है, श्रमिकों का है। लेकिन भाजपा की सरकार ने इसे दलालों, पूंजीपतियों और सत्ता संरक्षित अफसरशाही के हवाले कर दिया है।
हम मांग करते हैं कि इस तरह की नियुक्तियों की स्वतंत्र जांच हो। पूर्व अधिकारियों के कॉरपोरेट रोल पर सख्त नियम बनें। और रायगढ़-तमनार सहित संवेदनशील क्षेत्रों में चल रही सभी कॉरपोरेट गतिविधियों की पारदर्शी समीक्षा की जाए। यदि सरकार ने इस मामले को हल्के में लिया, तो आम आदमी पार्टी सड़क में जाकर इस मुद्दे को उठाएगी। छत्तीसगढ़ महतारी को लूटने वालों, जनता के अधिकारों का सौदा करने वालों और अफसरशाही को कॉरपोरेट दलाली में बदलने वालों को जनता कभी माफ नहीं करेगी।
भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र के अंतर्गत आगामी जनगणना कार्य को सुचारू रूप से संपन्न कराने हेतु प्रगणकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम आधिकारिक रूप से प्रारंभ कर दिया गया है। इसी कड़ी में आज जोन क्रमांक 4, खुर्सीपार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले स्वामी आत्मानंद स्कूल में एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण शिविर जोन आयुक्त सह चार्ज जनगणना अधिकारी अमरनाथ दुबे के प्रत्यक्ष मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
खुर्सीपार क्षेत्र के लिए कुल 99 प्रगणकों को प्रशिक्षण हेतु बुलाया गया था। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य प्रगणकों को जनगणना के दौरान डेटा प्रविष्टि, प्रपत्र भरने की बारीकियों और तकनीकी पहलुओं से अवगत कराना, ताकि गणना कार्य त्रुटिहीन हो सके।
प्रशिक्षण के दौरान अनुशासन और गंभीरता बनाए रखने हेतु निगम प्रशासन पूरी तरह सख्त है। आज के सत्र में कुल 99 प्रगणकों में से 94 उपस्थित रहे, जबकि 5 प्रगणक बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित पाए गए।
"जनगणना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है, जिसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं है।"
— अमरनाथ दुबे, जोन आयुक्त सह चार्ज जनगणना अधिकारी (जोन-4)
ड्यूटी से नदारद रहने वाले इन 5 प्रगणकों की अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए, जोन आयुक्त सह चार्ज जनगणना अधिकारी के निर्देशानुसार उन्हें तत्काल 'कारण बताओ' नोटिस जारी किया गया है। निर्धारित समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब न मिलने पर संबंधितों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा अन्य जोनों में भी इसी प्रकार चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
राजनांगांव /शौर्यपथ / प्रदेश का किसान खरीफ सीज़न की तैयारी में है , सरकार सोसायटियों के माध्यम से खरीफ सीजन की खेती की तैयारियों के लिए किसानों को खाद व ऋण उपलब्ध कराना प्रारंभ कर चुकी है किंतु भाजपा सरकार के निर्देश पर किसानों को दिए जा रहें ऋण पर पूर्व विधायक छन्नी साहू ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि खेती की लागत दिनों दिन बढ़ रही है और सरकार किसानों को दिए जाने वाले ऋण की राशि में लगातार कम कर रही है जो कि सरकार की किसान विरोधी मानसिकता को स्पष्ट करती है, अनेक सोसायटी से लगातार शिकायत प्राप्त हो रही है कि सोसायटियों में दी जाने वाली ऋण की राशि मे कटौती करते हुए राशि दी जा रही है जो कि किसान विरोधी निर्णय है, जिसका दूरगामी परिणाम सरकार को भुगतने होंगे, ऐसा निर्णय लेकर सरकार लगातार किसानों को हतोत्साहित कर रही है। छन्नी साहू ने भाजपा सरकार से मांग किया है कि पूर्व की तरह सरकार किसानों को खरीफ सीजन की खेती के लिए प्रति एकड़ बीस हजार से अधिक की राशि व पर्याप्त खाद व बीज उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
0ऋण अनुदान की राशि से बचना चाह रही है भाजपा सरकार
खुज्जी विस पूर्व विधायक छन्नी साहू ने कहा है कि पूर्व में रबी व खरीफ सीजन में सरकार द्वारा पर्याप्त मात्रा में लिमिट के अनुसार प्रति एकड़ बीस हजार से अधिक की राशि किसानों को उपलब्ध कराते आई है, रबी सीजन के लिए ली गई ऋण की राशि 22 जून से पहले अदा कर खरीफ के लिए पुनः उतना ही राशि उपलब्ध कराते रही है, किन्तु किसान विरोधी भाजपा सरकार रबी और खरीफ को एकसाथ जोड़कर मात्र 13860 रुपये की राशि अभी सोसाइटी के माध्यम से उपलब्ध करा रही है जो कि खेती पर बढ़ते लागत मूल्य से बहुत कम है, यह पुरा खेल ऋण अनुदान की राशि को बचाने के चक्कर मे किया जा रहा है, जिससे खेती और किसान सकंट में दिखाई देते हुए दिख रहे है, पिछले दो वर्षों में भाजपा सरकार के दौरान किसानों का बहुत बुरा अनुभव रहा है बीते दो वर्षों में किसानों को न तो समय पर खाद मिल पाया और न ही बीज उपलब्ध हो पाया है जिसपर सरकार को गंभीरता से विचार करते हुए कार्य करना चाहिए, पूर्व विधायक छन्नी साहू ने किसानों से अपील करते हुए कहा है कि अब समय आ चुका है जब सरकार को उनके किये जा रहे कृत्य का किसानों द्वारा एकजुट होकर माकूल जवाब दिया जाए।
0 राजनांदगाँव में शिक्षा की नई क्रांति: रुद्राक्षम् इंटरनेशनल स्कूल ऑफ एजुकेशन देगा वैश्विक स्तर की पढ़ाई, वो भी कम शुल्क में
राजनांदगाँव।शौर्यपथ / शहर के शिक्षा जगत में एक नई क्रांति की शुरुआत करते हुए रुद्राक्षम इंटरनेशनल स्कूल ऑफ एजुकेशन का भव्य उद्घाटन आज क्षेत्र के माननीय सांसद संतोष पांडे जी के करकमलों से संपन्न हुआ। यह विद्यालय विशेष रूप से कम फीस में अंतर्राष्ट्रीय स्तर की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से प्रारंभ किया गया है, जिससे क्षेत्र के प्रत्येक वर्ग के बच्चों को उत्कृष्ट शिक्षा सुलभ हो सके।
अपने उद्बोधन में सांसद संतोष पांडे ने कहा कि राजनांदगाँव में “रुद्राक्षम्” एक ऐसा नाम है जिस पर पूरा शहर विश्वास करता है। उन्होंने इस पहल को एक नए सोपान, मजबूत नींव और उज्ज्वल भविष्य की शुरुआत बताते हुए कहा कि यहाँ से निकलने वाले विद्यार्थी क्षेत्र और देश का नाम रोशन करेंगे।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे समाजसेवी रेखा संतोष पांडे ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि स्कूल जाना केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि यह जीवन और करियर को बेहतर बनाने वाला अनुभव होना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि रुद्राक्षम इंटरनेशनल स्कूल ऑफ एजुकेशन में छात्रों को उत्कृष्ट शिक्षा के साथ-साथ एक संतुलित और शानदार जीवनशैली का प्रशिक्षण मिलेगा। रुद्राक्षम् वेलफेयर सोसाइटी द्वारा खेल, शिक्षा, अनुशासन, स्वास्थ्य एवं नशे से दूरी जैसे पाँच प्रमुख उद्देश्यों पर सतत कार्य किया जा रहा है।
संस्था द्वारा खेल, अनुशासन, स्वास्थ्य एवं नशे से दूरी के क्षेत्र में प्रत्यक्ष रूप से कार्य किया जा रहा था, वहीं शिक्षा के क्षेत्र में अब इस विद्यालय के माध्यम से प्रत्यक्ष रूप से कम फीस में उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान कर एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप मे उपस्थित वरिष्ठ पार्षद शिव वर्मा ने कहा कि इस विद्यालय में अध्ययन करने वाले छात्र एक मिलनसार और जीवंत शैक्षणिक समुदाय का हिस्सा बनेंगे, जो उनके व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। वहीं वरिष्ठ पार्षद सुनील कन्हैया साहू ने विद्यालय के शैक्षणिक वातावरण की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्थान विद्यार्थियों के व्यक्तिगत और व्यावसायिक विकास के लिए एक आदर्श मंच सिद्ध होगा। स्कूल मे पढ़ाई के साथ-साथ खेल एवं अन्य सह-शैक्षणिक गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे बच्चों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके। विद्यालय में म्यूजिक, डांस, शतरंज, आर्ट्स, रोबोटिक्स जैसे आधुनिक एवं रचनात्मक विषयों में भी छात्रों को दक्ष बनाया जा रहा है। एक अच्छा विद्यालय ही एक सशक्त और संस्कारित समाज की नींव रखता है, और रुद्राक्षम इसी दिशा में एक सार्थक पहल है। पटरीपार क्षेत्र में स्थापित यह विद्यालय नई पीढ़ी के लिए शिक्षा का एक नया आयाम प्रस्तुत करेगा। उद्घाटन समारोह में आशुतोष सिंग, देवेश वैष्णव, गेमू कुंजाम, स्कूल की प्राचार्या सरिता चौबे, शिक्षिका जान्हवी साहू, पूजा वासनिक, नम्रता ध्रुव, डॉली साहू सहित विद्यालय के छात्र-छात्राओं के पालकगण एवं क्षेत्र के नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम हर्षोल्लास एवं शिक्षा के नए युग की शुरुआत के संदेश के साथ संपन्न हुआ।
गुवाहाटी। असम की राजनीति में जिस मुकाबले को अब तक एकतरफा बताया जा रहा था, जमीनी हकीकत उससे कहीं अधिक जटिल और रोचक नजर आ रही है। सूत्रों के अनुसार, सेंट्रल गुवाहाटी सीट पर चुनावी लड़ाई अब बेहद नजदीकी होती दिख रही है, जिससे राजनीतिक समीकरणों में हलचल तेज हो गई है।
बताया जा रहा है कि 26 वर्षीय उम्मीदवार कुंकी चौधरी को चुनौती देने के लिए HBS चार बार सेंट्रल गुवाहाटी में रोड शो और रैलियां कर चुके हैं। लगातार हो रही इन गतिविधियों से साफ संकेत मिल रहे हैं कि मुकाबला आसान नहीं, बल्कि पूरी ताकत के साथ लड़ा जा रहा है।
इधर, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गौरव गोगोई की सभाओं में उमड़ रही भीड़ भी चर्चा का विषय बनी हुई है। स्थानीय स्तर पर यह दावा किया जा रहा है कि रैलियों में अच्छी-खासी उपस्थिति देखी जा रही है, हालांकि इसे राष्ट्रीय मीडिया में अपेक्षित कवरेज नहीं मिल पा रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर तृणमूल कांग्रेस (TMC) और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) जैसे दल कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ते, तो विपक्षी गठबंधन की स्थिति और मजबूत हो सकती थी। कुछ आकलनों में यह भी कहा जा रहा है कि ऐसी स्थिति में सीटों का आंकड़ा 100 के पार जा सकता था।
वहीं, असम की सामाजिक संरचना भी इस चुनाव में निर्णायक भूमिका निभा सकती है। चर्चा है कि आदिवासी (लगभग 12%), ताई अहोम (8%) और मुस्लिम (35%)—इन तीन प्रमुख वर्गों का वोट बैंक यदि एकजुट होता है, तो कुल मिलाकर करीब 55% समर्थन किसी एक पक्ष को निर्णायक बढ़त दिला सकता है।
इसके अलावा, गोगोई समाज के तीन प्रमुख चेहरे—गौरव गोगोई, अखिल गोगोई और लुरिनज्योति गोगोई—का एक साथ आना भी सियासी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।
हालांकि, ये सभी दावे और आकलन फिलहाल सूत्रों और राजनीतिक चर्चाओं पर आधारित हैं। वास्तविक तस्वीर मतदान और परिणामों के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल इतना तय है कि असम में मुकाबला अब दिलचस्प मोड़ ले चुका है, जहां हर रणनीति और गठबंधन का असर सीधे नतीजों पर पड़ सकता है।
जयपुर। राजस्थान पुलिस के एक और काबिल अधिकारी अब देश की बाहरी सीमाओं की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाते नजर आएंगे। केंद्र सरकार ने राजस्थान कैडर के 2012 बैच के आईपीएस अधिकारी आदर्श सिद्धू को डेपुटेशन पर सीमा सुरक्षा बल (BSF) में उप महानिरीक्षक (DIG) के पद पर नियुक्त किया है।
गौरतलब है कि इससे पहले 5 मार्च 2026 को आईपीएस जय यादव की नियुक्ति के बाद अब आदर्श सिद्धू को भी यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिससे राजस्थान पुलिस की कार्यकुशलता और विश्वसनीयता एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित हुई है।
आदर्श सिद्धू उन चुनिंदा अधिकारियों में शुमार किए जाते हैं जिनकी छवि बेदाग और निर्विवाद रही है। वे कभी विवादों में नहीं रहे, लेकिन अपनी कठोर पुलिसिंग, प्रभावी कैंपेन और प्रशासनिक शैली को लेकर हमेशा चर्चा में रहे हैं।
अपने अब तक के कार्यकाल में सिद्धू ने राजस्थान के चूरू, भीलवाड़ा, टोंक और पाली जैसे महत्वपूर्ण जिलों में पुलिस अधीक्षक (SP) के रूप में जिम्मेदारी संभाली है। हर जिले में उनकी कार्यशैली और अपराध नियंत्रण को लेकर उनकी अलग पहचान बनी।
अब BSF में DIG के रूप में उनकी तैनाती को न केवल उनके करियर का अहम पड़ाव माना जा रहा है, बल्कि यह भी संकेत है कि देश की सीमाओं की सुरक्षा में अब एक और अनुभवी और सख्त अधिकारी की एंट्री हो चुकी है।
चेन्नई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एवं द्रमुक (DMK) अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय भूमिका को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगा दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उन्हें अपनी सीमाओं का ज्ञान है और उनका पूरा ध्यान तमिलनाडु पर ही केंद्रित है।
समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए एक साक्षात्कार में स्टालिन ने अपने पिता एवं पूर्व मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि के रुख को याद करते हुए कहा कि द्रमुक की प्राथमिकता हमेशा राज्य के हितों पर रही है। उन्होंने संकेत दिया कि फिलहाल वे राष्ट्रीय राजनीति में किसी बड़ी भूमिका की ओर अग्रसर नहीं हैं।
विधानसभा चुनाव की सरगर्मी के बीच स्टालिन ने दावा किया कि द्रमुक के नेतृत्व वाला सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस (SPA) राज्य की सभी 234 सीटों पर मजबूती से चुनाव लड़ रहा है और गठबंधन को 200 से अधिक सीटों पर जीत मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों के शासन में जनता का ‘असीम प्यार और भरोसा’ मिला है, जो इस बार भी जनादेश में तब्दील होगा।
मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि राज्य में “द्रविड़ मॉडल 2.0” की सरकार पुनः स्थापित होगी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार की नीतियां जनकल्याण और समावेशी विकास पर आधारित रही हैं, जिसे जनता का व्यापक समर्थन प्राप्त है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, स्टालिन का यह बयान स्पष्ट करता है कि वे फिलहाल राष्ट्रीय राजनीति में अग्रणी भूमिका निभाने के बजाय तमिलनाडु में अपनी स्थिति को और मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, हालांकि राष्ट्रीय स्तर पर गठबंधन की राजनीति में उनकी भूमिका अहम बनी रह सकती है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
