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April 15, 2026
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स्पोर्ट्स

स्पोर्ट्स (417)

खेल / शौर्यपथ / कीमो पॉल के चार विकेट और शिमरोन हटमायेर के 44 गेंद में 71 रन की मदद से गयाना अमेजन वॉरियर्स ने हीरो कैरेबियाई प्रीमियर लीग (सीपीएल 2020) में सेंट किट्स एंड नेविस पैट्रियट्स को तीन विकेट से हराकर पहली जीत दर्ज की। हेटमायेर ने अपनी पारी में तीन छक्के और आठ चौके लगाए।

वॉरियर्स ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। पैट्रियट्स ने पांच विकेट 83 पर पर गंवा दिए, लेकिन बेन डंक (29) और कप्तान रेयाद एमरिट (17) ने आखिरी में आक्रामक पारियां खेलकर टीम को आठ विकेट पर 127 रन तक पहुंचाया । वहीं, क्रिस लिन ने 16 और एविन लुईस ने 30 की पारी खेली। बाकी कोई खिलाड़ी दहाई का आंकड़ा नहीं छू पाया।

गयाना अमेजन वॉरियर्स के लिए शिमरोन हेटमायेर ने शानदार पारी खेली। गयाना अमेजन वॉरियर्स की तरफ से ब्रैंडन किंग ने 10 रन, चंद्रपॉल हेमराज ने 19 और शेफरन रदरफोर्ड ने 10 रन की पारी खेली। गयाना अमेजन वॉरियर्स की तरफ से सिर्फ शिमरोन हेटमायर ही बल्लेबाजी में चल पाए और उन्हीं की वजह से टीम को जीत हासिल हुई। कीमो पॉल ने 19 रन देकर 4 और इमरान ताहिर ने 18 रन देकर 2 विकेट झटके।

वहीं, एक अन्य मैच में जमैका तालावाहज ने सेंट लूसिया जोक्स को पांच विकेट से मात दी। सेंट लूसिया जोक्स ने 20 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 158 रन बनाए। जवाब में जमैका ने 18.5 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 160 रन बनाकर जीत हासिल की। जमैका की तरफ से ग्लेन फिलिप्स ने 44 और आसिफ अली ने नाबाद 47 रनों की पारी खेली।

बता दें कि इससे पहले टूर्नामेंट के ओपनिंग दिन पर त्रिनबागो नाइट राइडर्स ने 17 ओवर के मुकाबले में ग्याना एमेजन वॉरियर्स को चार विकेट से हराकर उसके लगातार 11 जीत के क्रम को तोड़ा था। वहीं, दूसरी तरफ बारबाडोस ट्राइडेंट्स ने सेंट किट्स एवं नेविस पेट्रियट को छह रन से हराया। इसी के साथ सीपीएल 2020 में सेंट किट्स एवं नेविस पेट्रियट की यह दूसरी हार हो गई है।

 

खेल / शौर्यपथ / भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने 15 अगस्त की शाम अचाकन इंटरलैनशनल क्रिकेट से रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया। धोनी के संन्यास की खबर के कुछ मिनटों बाद ही अनुभवी बल्लेबाज सुरेश रैना ने भी इंटरलैनशनल क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया। इन दोनों दिग्गजों के एक साथ संन्यास की घोषणा पर हर कोई हैरान था। धोनी के संन्यास की खबरों से फैन्स को हैरानी तो हुई, लेकिन शायद उतनी नहीं। इसकी एक वजह यह भी थी कि 2019 के वर्ल्ड कप के बाद से धोनी क्रिकेट से दूर थे और उनके संन्यास को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन सुरेश रैना पिछले काफी वक्त से कह रहे थे कि वह एक बार फिर से भारतीय क्रिकेट टीम के लिए खेलना चाहते हैं।

ऐसे में पूर्व भारतीय क्रिकेटर और वर्तमान में कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने अपने यूट्यूब चैनल पर सुरेश रैना के करियर को लेकर एक बड़ा बयान दिया। आकाश चोपड़ा ने कहा, ''यह सचमुच झटका है। इसके दो-तीन कारण हैं। पहला- सुरेश रैना की उम्र अभी केवल 33वर्ष है, यानी वह अभी युवा हैं। दूसरा- रैना ने कुछ वक्त पहले एक इंटरव्यू में कहा था कि उनकी नजर भारत के लिए वापसी पर है।''

आकाश चोपड़ा ने कहा, ''सुरेश रैना ने इंटरव्यू में कहा था कि वह टीम में वापसी के लिए खूब रन बना रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि घुटने के ऑपरेशन के बाद वह अधिक मजबूत होकर उभरे हैं और गेंद को अच्छी तरह हिट कर पा रहे हैं।''

उन्होंने आगे कहा, ''सुरेश रैना इससे बेहतर के हकदार थे। मुझे लगता है कि रैना को बेहतर ढंग से हैंडल किया जाना चाहिए था। क्योंकि जब भी उन्होंने वापसी की है तो तीन में से एक मैच में 40-50 रन जरूर बनाए। एक मैच में नाबाद रहे और एक में वह जल्दी आउट हुए। इसके बाद उन्हें कोई मौका नहीं दिया गया।''

उन्होंने कहा, ''रैना लगातार इंस्टाग्राम और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वीडियो पोस्ट कर रहे थे। इन वीडियोज में देखा जा सकता था कि वह नियमित रूप से प्रैक्टिस कर रहे थे और बहुत कोशिश भी कर रहे थे। जब आप किसी को इतनी कोशिश करते देखते हैं, तो आपको लगता है कि यह होने जा रहा है। वास्तव में, मैं इंतजार कर रहा था कि वह केवल सीएसके के लिए खेल रहे थे और बहुत सारे रन बनाए। अपनी परफॉर्मेंस के दम पर उन्होंने चयनकर्ताओं को उन्हें टीम में लेने के लिए मजबूर किया। मैं बहुत खुश था क्योंकि रैना एक विशेष खिलाड़ी हैं और दो साल में दो टी-20 विश्व कप आ रहे हैं, तो क्यों नहीं रैना।''

आकाश चोपड़ा ने सुरेश रैना की बल्लेबाजी और भारतीय क्रिकेट में उनके योगदान की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि सुरेश रैना अब तक के सबसे अच्छे बाएं हाथ के भारतीय बल्लेबाज थे। रैना को मैच विजेता और चैंपियन खिलाड़ी के रूप में लेबल किया। उन्होंने कहा, ''अगर अब भारतीय क्रिकेट के बाएं हाथ बल्लेबाजों को देखते हैं तो वहां सुरेश रैना का नाम जरूर होगा।''

 

खेल / शौर्यपथ / पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि भारत और पाकिस्तान के मौजूदा तनाव को देखते हुए इन दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सीरीज होना बहुत मुश्किल है। स्काई स्पोर्ट्स की डॉक्यूमेंटरी में पूर्व पाकिस्तानी कप्तान इमरान ने कहा, ''इस माहौल में क्रिकेट बहुत उपयोगी नहीं होगा। भारत में जिस तरह की सरकार है, मैं यही कहूंगा इस भयानक समय में द्विपक्षीय सीरीज संभव नहीं है।''

2008 के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच कोई टेस्ट सीरीज नहीं हुई है। मुंबई हमले के बाद से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सीरीज विराम लग गया था। हालांकि, 2012 में पाकिस्तान ने व्हॉइट बॉल क्रिकेट के लिए भारत दौरा किया था। पाकिस्तान ने इमरान खान के नेतृत्व में 1992 का विश्व कप जीता था। वह भारत में 1979 और 1987 में दो सीरीज खेल चुके हैं। तब दोनों देशों के बीच क्रिकेट के लिए अच्छा माहौल था।

इमरान खान ने कहा, ''स्टेडियम में दर्शकों की भीड़ होती थी और सरकार भी आपसी बाधाओं को दूर कर रही थी, यानी मैदान पर माहौल अच्छा था। 1979 में दोनों देश क्रिकेट में अच्छे थे, लेकिन 1987 में जब पाकिस्तान क्रिकेट टीम ने भारत का दौरा किया मैं कप्तान था, उस समय माहौल ठीक नहीं था। दोनों देशों के बीच तनाव था, इसलिए दर्शकों के व्यवहार में भी नफरत दिखाई दे रही थी।

इमरान खान ने कहा कि भारत ने 2005 में पाकिस्तान का दौरा किया और भीड़ ने मेहमान टीम को चीयर किया। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत पाकिस्तान सीरीज एशेज से भी बड़ा ईवेंट है। एशेज की अपनी महत्ता है, लेकिन भारत पाकिस्तान के बीच मैच का मजा ही कुछ अलग है, क्योंकि यह अलग माहौल और बेहद तनाव, दबाव और आनंद में खेला जाता है।

उन्होंने कहा, ''भारत और पाकिस्तान सीरीज हीरोज पैदा करती है और जो परफॉर्म नहीं कर पाते, उन्हें खलनायक बना देती है।'' इमरान खान ने टेस्ट फॉर्मैट को बेस्ट बताते हुए कहा कि टी-20 में जिस तरह के स्ट्रोक खेले जाते हैं, उनसे वह बहुत प्रभावित हुए हैं। इमरान ने कहा कि यदि टी20 का कोई करीबी मैच हो तो वह मजेदार होता है, लेकिन मेरे लिए टेस्ट ही श्रेष्ठ है।

 

खेल / शौर्यपथ / मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने इंटरनैशनल क्रिकेट में सेंचुरी की सेंचुरी लगाई है, ऐसा करने वाले वो दुनिया के इकलौते बल्लेबाज हैं। आज से ठीक 30 साल पहले सचिन ने करियर की पहली सेंचुरी ठोकी थी। 1989 में इंटरनैशनल डेब्यू करने वाले तेंदुलकर 1990 में इंग्लैंड दौरे पर टीम इंडिया का हिस्सा थे। तीन मैचों की टेस्ट सीरीज का दूसरा टेस्ट मैच 9 से 14 अगस्त के बीच मैनचेस्टर में खेला गया था। इस मैच के आखिरी दिन यानी कि 14 अगस्त को तेंदुलकर ने करियर की पहली सेंचुरी ठोकी थी।

इस सेंचुरी के साथ ही तेंदुलकर ने इंटरनैशनल क्रिकेट में 100 सेंचुरी के सफर का आगाज किया था। तेंदुलकर को उस टेस्ट में मैन ऑफ द मैच भी चुना गया था, उनकी सेंचुरी के दम पर ही भारत वो टेस्ट मैच ड्रॉ कराने में सफल रहा था। भारत को दूसरी पारी में इंग्लैंड ने 408 रनों का टारगेट दिया था। तेंदुलकर छठे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे थे। टीम इंडिया ने 127 रनों पर पांच विकेट गंवा दिए थे और टीम पर हार का संकट मंडरा रहा था, तब तेंदुलकर क्रीज पर उतरे थे।

तेंदुलकर ने पहले कपिल देव के साथ और फिर मनोज प्रभाकर के साथ मिलकर टीम इंडिया को हार से बचाया था। तेंदुलकर उस मैच में 119 रन बनाकर नॉटआउट लौटे थे। पहली पारी में भी तेंदुलकर ने जबर्दस्त बल्लेबाजी करते हुए 68 रन बनाए थे। उस समय टीम इंडिया के कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन थे और उन्होंने पहली पारी में 179 रन बनाए थे।

टीम इंडिया सीरीज का पहला मैच 247 रनों से गंवा चुकी थी, ऐसे में दूसरा टेस्ट मैच हारने का मतलब था कि इंग्लैंड को सीरीज में अजेय बढ़त मिल जाती, लेकिन तेंदुलकर ने इंग्लैंड के इरादों को पूरा नहीं होने दिया था। सीरीज का आखिरी टेस्ट मैच भी ड्रॉ रहा था और इंग्लैंड ने सीरीज 1-0 से अपने नाम कर ली थी। तेंदुलकर ने भारत के लिए 200 टेस्ट मैचों में 51 सेंचुरी और 463 वनडे इंटरनैशनल मैचों में 49 सेंचुरी जड़ी हैं। तेंदुलकर ने 2013 में अपना आखिरी इंटरनैशनल मैच खेला था।

खेल / शौर्यपथ / मुंबई के क्रिकेटर करन तिवारी ने सोमवार रात को मलाड में अपने घर में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। करन मुंबई की प्रोफेशनल क्रिकेट टीम के सदस्य नहीं थे, लेकिन नेट बॉलर के तौर पर जुड़े थे। अभी तक उनकी मौत का कारण पता नहीं चला है, लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि वो अपने करियर को लेकर डिप्रेशन में थे और इसी वजह से उन्होंने आत्महत्या कर ली। कोविड-19 महामारी के चलते करियर में आए ब्रेक से वो परेशान थे। करन महज 27 साल के थे। कुरार पुलिस स्टेशन में एक्सिडेंटल डेथ का केस दर्ज किया गया है, कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है।

टाइम्स नाउ में छपी खबर के मुताबिक करन मिडिल क्लास परिवार से थे। पुलिस ने कहा कि करन ने अपने एक करीबी दोस्त को फोन किया था और उनसे मौजूदा स्थिति के बारे में बात की थी। करन इस बात से परेशान थे कि उन्हें अपना टैलेंट दिखाने के लिए मौका नहीं मिल रहा है। करन ने राजस्थान में रह रहे अपने दोस्त से बात की थी। करन के दोस्त ने यह सारी बातें उनकी बहन को बताईं, जो राजस्थान में ही रहती हैं। सोमवार रात करीब 10:30 बजे करन अपने कमरे में गए और दरवाजा बंद कर लिया, जब तक दरवाजा तोड़ा गया वो मर चुके थे।

करन सीनियर टीम में जगह बनाने के लिए संघर्ष कर रहे थे, उन्होंने काफी बार कोशिश की, लेकिन ऐसा हो नहीं सका। कोविड-19 के चलते देश में क्रिकेट के तमाम इवेंट्स स्थगित हो गए थे, जिससे करन की मुश्किलें और बढ़ गई थीं। एक्टर जीतू वर्मा करन के करीबी दोस्त थे और उन्होंने बताया कि करन काफी समय से संघर्ष कर रहा था।

खेल / शौर्यपथ / इंग्लैंड के सीनियर तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड को वेस्टइंडीज के खिलाफ बुधवार (8 जुलाई) से शुरू होने वाले पहले टेस्ट क्रिकेट मैच की प्लेइंग इलेवन में जगह मिलने की संभावना नहीं है। इंग्लैंड का टीम प्रबंधन तेज गेंदबाजी के अगुआ जेम्स एंडरसन के साथ जोफ्रा आर्चर और मार्क वुड को प्लेइंग इलेवन में रखने पर गंभीरता से विचार कर रहा है। 'द गार्डियन' की रिपोर्ट के अनुसार, ''ब्रॉड को आठ साल में पहली बार घरेलू टेस्ट मैच से बाहर होना पड़ सकता है, क्योंकि इंग्लैंड जोफ्रा आर्चर और मार्क वुड की तेज गेंदबाजी की जोड़ी को जल्द से जल्द मौका देने पर गंभीरता से विचार कर रहा है।

मार्क वुड और जोफ्रा आर्चर दोनों चोटों से परेशान थे, लेकिन अब वे फिट है। इंग्लैंड के दक्षिण अफ्रीकी दौरे के दौरान चोटिल होने वाले वुड अब खेलने के लिए तैयार है। टीम में ऑफ स्पिनर डोमिनिक बेस के रूप में केवल एक स्पिनर है और ऐसे में ब्रॉड को प्लेइंग इलेवन से बाहर रखा जा सकता है।

रिपोर्ट में कहा गया है, ''बुधवार से शुरू होने वाले मैच के लिए चुनी गई (13 सदस्यीय) टीम में कोई अतिरिक्त बल्लेबाज नहीं है और एक स्पिनर डॉम बेस है, ऐसे में मुख्य कोच क्रिस सिल्वरवुड और कार्यवाहक कप्तान बेन स्टोक्स को केवल तेज गेंदबाजी आक्रमण के बारे में ही सोचना होगा।''

यहां तक कि इंग्लैंड की टीम के बीच आपस में खेले गए अभ्यास मैच में अच्छा प्रदर्शन करने वाले क्रिस वोक्स को भी एजिस बॉउल में मौका मिलने की संभावना नहीं है। ब्रॉड को आखिरी बार 2012 में वेस्टइंडीज के खिलाफ ही घरेलू टेस्ट में विश्राम दिया गया था। उन्होंने अब तक 485 टेस्ट विकेट लिए हैं और इंग्लैंड की तरफ से एंडरसन के बाद सर्वाधिक विकेट लेने वाले दूसरे गेंदबाज हैं।

इंग्लैंड के मुख्य कोच सिल्वरवुड और कार्यवाहक कप्तान स्टोक्स हालांकि वुड को प्राथमिकता दे सकते हैं जो 90 मील प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करते हैं। इंग्लैंड को वेस्टइंडीज और पाकिस्तान के खिलाफ लगातार छह टेस्ट मैच खेलने हैं और ऐसे में तेज गेंदबाजों को तरोताजा बनाये रखने के लिए वह रोटेशन की नीति अपना सकता है।

इंग्लैंड की 13 सदस्यीय टीम : बेन स्टोक्स (कप्तान), जेम्स एंडरसन, जोफ्रा आर्चर, डोमिनिक बेस, स्टुअर्ट ब्रॉड, रोरी बर्न्स, जोस बटलर (विकेटकीपर), जॉक क्रॉली, जो डेनली, ओली पोप, डोम सिबली, क्रिस वोक्स, मार्क वुड।

 

खेल / शौर्यपथ / टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली अपनी फिटनेस को लेकर काफी सीरियस रहते हैं। विराट अपनी डाइट और वर्कआउट दोनों से किसी तरह का समझौता करना पसंद नहीं करते हैं। कोविड-19 महामारी (कोरोना वायरस संक्रमण) के चलते वो भले ही क्रिकेट के मैदान से दूर हैं, लेकिन अपनी फिटनेस कैसे बनाई रखनी है, यह उनको अच्छी तरह पता है। विराट ने वेटलिफ्टिंग का एक वीडियो शेयर किया, जिसके लिए इंग्लैंड के पूर्व कप्तान केविन पीटरसन ने उन्हें ट्रोल किया। विराट ने अपने जवाब से केपी की बोलती बंद कर दी।


विराट ने वेटलिफ्टिंग का वीडियो शेयर करते हुए लिखा, 'अगर मुझे मौका मिले रोज एक एक्सरसाइज चुनने का तो ये ही होगी। Love the power snatch' इस वीडियो पर कमेंट करते हुए पीटरसन ने लिखा, 'बाइक पर चढ़िए।' जिस पर विराट ने जवाब में लिखा, 'रिटायरमेंट के बाद।' इस तरह से विराट ने अपने जवाब से केपी को शांत कर दिया। केपी के अलावा ऑस्ट्रेलिया के सलामी बल्लेबाज डेविड वॉर्नर ने भी विराट को ट्रोल किया।
वॉर्नर ने कमेंट में लिखा, 'यह भार उठाना काफी आसान दिख रहा है।' हालांकि वॉर्नर को विराट ने जवाब नहीं दिया। विराट इन दिनों मुंबई में अपनी पत्नी अनुष्का शर्मा के साथ हैं। मुंबई में कोविड-19 के बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए अभी तक क्रिकेटरों ने पूरी तरह से आउटडोर ट्रेनिंग शुरू नहीं की है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने भी अभी क्रिकेटरों का ट्रेनिंग कैंप नहीं शुरू किया है।

 

खेल / शौर्यपथ / कोरोना वायरस काल या इसके बाद क्रिकेट में कोई हाई फाइव्स, हग्स, हेड का एक-दूसरे रब करना नहीं होगा। अब केवल कोहनी और स्माइल से ही एक-दूसरे से संपर्क करना होगा और सेलिब्रेशन मनाना होगा। हाल ही में इंग्लैंड के अभ्यास सत्र में टीम स्टोक्स और टीम बटलर के बीच हुए मैच में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। न्यूजीलैंड में चोटिल होने के बाद पहली बार मैदान में लौटे तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन ने विकेट सेलिब्रेशन टीममेट से कोहनी से कोहनी टकराकर किया।

कोरोना वायरस महामारी के दो माह बाद शुरू हुए फुटबॉल में भी कोहनी से कोहनी टकराकर खुशी मनाने की नई अभिव्यक्ति शुरू हुई। क्रिकेट में सेलिब्रेशन अब कैसे होंगे यदि इसमें कोई संदेह है तो बुधवार के इंग्लैंड के अभ्यास सत्र को देख सकते हैं। इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के बीच तीन टेस्ट मैचों की सीरीज तीन माह के बाद शुरू होने वाली है। यह सीरीज 8 जुलाई से खेली जाएगी। इससे पहले इंग्लैंड और वेस्टइंडीज की टीमों ने अलग-अलग प्रैक्टिस मैच खेला।

इंग्लैंड क्रिकेट ने अपने ऑफिशियल टि्वटर हैंडल पर एक वीडियो शेयर किया है। इसमें जेम्स एंडरसन जो डेनले का विकेट लेने के बाद कोहनी से कोहनी टकराकर विकेट सेलिब्रेट कर रहे हैं। विकेटकीपर बेन फोक्स हाईफाइव के लिए स्वभावतः अपना हाथ ऊपर उठा रहे हैं। यह मैच इंग्लैंड के ट्रेनिंग दल को दो टीमों में बांटकर कराया जा रहा है।

टीम स्टोक्स ने टॉस जीतकर पहले फील्डिंग करने का फैसला किया था। टीम स्टोक्स के लिए खेलते हुए एंडरसन ने 18 ओवर में 49 रन देकर 2 विकेट लिए। एंडरसन को बार-बार सैनेटाइजर का प्रयोग करते भी देखा जा सकता है।

टीम बटलर ने तीन दिवसीय अभ्यास मैच में टीम बटलर ने अपनी पहली पारी 90 ओवर में पांच विकेट पर 287 रन बनाकर घोषित कर दी थी। जेम्स ब्रासी और डेन लारेंस ने अर्द्धशतक बनाए। बेन स्टोक्स के नेतृत्व में इंग्लैंड की टीम पहले टेस्ट में साउथम्पटन में वेस्टइंडीज का सामना 8 जुलाई को करेगी। नए नियमों के साथ यह पहला इंटरनेशनल टेस्ट मैच होगा। इसमें गेंद को चमकाने के लिए मुंह की लार का प्रयोग नहीं किया जाएगा।

टीम बटलर की तरफ से ओपनर रोरी बर्न्स ने 21, ओपनर जेम्स ब्रेसी ने 85, जो डेनले ने 48, डैन लॉरेंस ने 58, ओली पोप ने 25 और कप्तान जोस बटलर ने नाबाद 24 रन बनाए। टीम स्टोक्स की तरफ से जेम्स एंडरसन और क्रेग ओवर्टन ने दो-दो विकेट लिए।

 

खेल / शौर्यपथ / भारतीय तेज गेंदबाज श्रीसंत ने अपने करियर में कई दिग्गज क्रिकेटरों को देखा है। वह उन कुछ चुनिंदा क्रिकेटरों में से एक हैं, जिन्होंने अपने देश के लिए टी-20 और वनडे विश्वकप दोनों जीते हैं। वह 2007 के टी-20 वर्ल्ड कप और 2011 के वनडे वर्ल्ड कप में भारतीय टीम का हिस्सा थे। टी-20 वर्ल्ड कप के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच हुए मैच में वह सेंटर में थे। इस मैच में श्रीसंत ने चार ओवर में 44 रन देकर सोहैल तनवीर का विकेट झटका था। श्रीसंत ने हाल ही में बताया कि 2007 के टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल मैच में उनका सबसे ज्यादा दबाव वाला लम्हा कौन-सा था।

2007 टी-20 वर्ल्ड कप के भारत और पाकिस्तान के फाइनल मैच में उनकी गेंदबाजी से ज्यादा चर्चा उनकी फील्डिंग की हुई थी। खासतौर पर मिसबाह उल हक के उस कैच की, जिसकी वजह से भारतीय क्रिकेट टीम इंतिहास रच पाई। पाकिस्तान को चार गेंदों पर छह रन की जरूरत थी। मिसबाह ने शॉट खेला और श्रीसंत ने फाइन लेग पर शानदार कैच लपक कर टीम इंडिया की इतिहास रचने में मदद की।

हालांकि कई लोग आज भी उस कैच को नहीं भूले हैं, लेकिन 37 वर्षीय श्रीसंत के मुताबिक मिसबाह के कैच से ज्यादा वह शाहिद अफरीदी के कैच के दौरान दबाव में थे। उस वाकये को याद करते हुए श्रीसंत ने क्रिकट्रेकर के साथ बातचीत में कहा कि इरफान पठान को पता था कि शाहिद अफरीदी गेंद को हवा में मारेंगे और पहले ही उन्होंने मुझसे कैच लेने के लिए तैयार रहने को कह दिया था।

श्रीसंत ने बताया, ''मेरे लिए शाहिद अफरीदी का कैच ज्यादा मुश्किल था। इरफान पठान ने मुझसे कहा था कि अफरीदी जरूर सिक्स के लिए हिट करेंगे, बॉल लॉन्ग ऑफ के लिए आएगी और पहली ही गेंद में वह आउट हो जाएंगे। तू पकड़ लेना। उन्होंने पहले ही देख लिया था कि क्या होने वाला है।वह कई बार अफरीदी का विकेट ले चुके थे। किस्मत से गेंद हवा में ऊपर चली गई, और मैंने उसे पकड़ लिया।''

श्रीसंत की तरह और भी कई हैं, जो आज भी मिसबाह के कैच को याद करते हैं। मिसबाह के कैच के बारे में श्रीसंत ने कहा कि जब गेंद मेरी तरफ आ रही थी, मैं सचमुच उस वक्त कैच के बारे में नहीं सोच रहा था, बल्कि मैं उन्हें दो रन लेने से रोकने की तरफ सोच रहा था।

उन्होंने कहा, ''मिसबाह के विकेट के समय, मैं दाएं या बाएं डाइव कर गेंद को रोकने के बारे में सोच रहा था, ताकि मिसबाह दो रन न ले सकें। मैं गेंद को कैच करने के बारे में नहीं सोच रहा था। यहां तक कि धोनी भाई ने भी एक इंटरव्यू में कहा था कि मिसबाह का कैच भारतीय क्रिकेट के इतिहास में सबसे दबाव वाला कैच था। लेकिन मेरे लिए उस मैच में अफरीदी का कैच मेरे करियर का सबसे दबाव वाला कैच था।''

 

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