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April 21, 2026
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स्पोर्ट्स

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खेल /शौर्यपथ /भारत और इंग्लैंड के बीच खेली टेस्ट सीरीज के तीसरे मैच का पहले दिन अक्षर पटेल के नाम रहा। 38 रन खर्च करके अक्षर ने 6 विकेट लिए। अक्षर की इस शानदार गेंदबाजी की बदौलत टीम इंडिया इंग्लैंड को 112 रनों पर ही समटने में कामयाब रही। जवाब में टीम इंडिया ने सधी हुई शुरुआत की, पहले दिन का खेल समाप्त होने तक भारत बल्लेबाजों ने 3 विकेट के नुकसान पर 99 रन बना लिए थे। अक्षर पटेल ने जिस तरह से पहली इंनिंग में गेंदबाजी की उससे सुनील गावस्कर काफी प्रभावित हुए हैं और उन्होंने बाएं के स्पिनर की जमकर तारीफ की है।
अक्षर पटेल की तारीफ करते हुए पूर्व दिग्गज बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने स्टार स्पोर्ट्स से कहा, 'उन्होंने यह बात बहुत जल्दी समझ लिया था कि ऑड-बाॅल पर टर्न मिल रही है। जिसके बाद उन्होंने अपनी गेंदबाजी में बहुत बदलाव नहीं किया और एक ही जगह निरंतरता के साथ बाॅलिंग करने लगे।' उन्होंने कहा, 'कई बार गेदबाज अपने फर्स्ट क्लास क्रिकेट की बाॅलिंग को इंटरनैशनल क्रिकेट में बदल देते हैं। वह परिस्थितियों को बहुत जल्दी परखने में सफल रहा। जिसके कारण वह अपनी स्ट्रेंथ के हिसाब से गेंदबाजी करता रहा।'
सुनील गावस्कर ने कहा, 'जैसे-जैसे अनुभव बढ़ेगा वह अपने साथ और विविधता लाएंगे। दूसरे मैच में उसका मजबूत पक्ष है लगातार एक तरह की गेंद करना, बस उसे आगे भी यही करते रहना है।' तीसरे टेस्ट मैच के पहले दिन अक्षर पटेल के अलावा आर अश्विन को तीन सफलताएं मिली थी, वहीं 100वां टेस्ट मैच खेल रहे हैं ईशांत शर्मा को भी एक सफलता मिली थी।

राजनांदगांव / शौर्यपथ / प्रथम राज्य स्तरीय मिनी फुटबाल प्रतियोगिता 21 फरवरी से 23 फरवरी 2021 तक दिग्विजय स्टेडियम में आयोजित की गई। प्रतियोगिता में बालक वर्ग में जशपुर प्रथम, द्वितीय स्थान पर सुकमा तथा तीसरा स्थान पर राजनांदगांव रहा। वहीं बालिका वर्ग में प्रथम स्थान पर जगदलपुर, द्वितीय स्थान पर सुकमा एवं तृतीय स्थान पर कांकेर विजेता बनी। समापन समारोह में मुख्य अतिथि महापौर श्रीमती हेमा सुदेश देशमुख थी। कार्यक्रम की अध्यक्षता संतोष पिल्ले ने की। इस अवसर पर पार्षद ममता नगर विशिष्ट अतिथि विधेंश्वर शरण सिंह, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सूरजपूर एवं मिनी फुटबाल के संरक्षक हेमंत यादव, अध्यक्ष नगर पालिक निगम सूरजपूर, विशिष्ट अतिथि प्रवीण जैन तथा अध्यक्ष छत्तीसगढ़ मिनी फुटबाल एसोसिएशन किशोर कुमार मेहरा उपस्थित थे।
कार्यक्रम का संचालन मेें विशेष रूप से उपाध्यक्ष कन्हैया पटेल, सचिव छत्तीसगढ़ मिनी फुटबाल एसोसिएशन गगनदीप सिंह, आशिष राउत, जतीन साहू, गुरजीत सिंह,रणविजय प्रताप सिंह, अशोक कुमार मेहरा, राजराज देवांगन, शैलेन्द्र तिवारी, दिनेश सिंह, योगेश द्विवेदी, आकाश यादव, श्री मोहनराव, मोद साहू, अखिलेश मिश्रा, देवेन्द्र ठाकुर, अनुराज श्रीवास्तव, भूपेश यदु का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम का संचालन रणविजय प्रताप सिंह द्वारा किया गया।

खेल /शौर्यपथ /भारतीय टीम के सबसे सफल कप्तान रहे महेंद्र सिंह धोनी ने 30 दिसंबर 2014 के दिन बॉक्सिंग डे टेस्ट बचाने के बाद क्रिकेट के सबसे बड़े फॉर्मेट से संन्यास का ऐलान करके दुनियाभर के करोड़ों फैन्स को चौंका दिया था। मेलबर्न में खेले गए टेस्ट सीरीज के तीसरे टेस्ट की दूसरी पारी में धोनी ने नाबाद 24 रनों की पारी खेलकर मैच को ड्रॉ करवाने में अहम भूमिका निभाई थी। फैन्स को यह यकीन ही नहीं हो रहा था कि धोनी ऐसे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज के बीच में संन्यास का फैसला ले लेंगे। उनकी जगह विराट कोहली को टीम का नया कप्तान बनाया गया था। इस मैच में टीम की तरफ से खेले तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा ने एमएस धोनी को लेकर बड़ा खुलासा किया है।
ईशांत ने आर अश्विन के साथ बातचीत के दौरान कहा कि, ''उस मैच में मैं भी खेला था, जो माही भाई का आखिरी टेस्ट था। उस मैच के दौरान मेरे घुटनों में बहुत दर्द था और मैं हर सेशन में इंजेक्शन ले रहा था।'' धोनी के संन्यास लेने की बात पर ईशांत ने कहा कि उस समय हम में से किसी के दिमाग में यह बात नहीं था कि वे अपने टेस्ट करियर पर ऐसे विराम लगा देंगे। उन्होंने कहा कि, ''मुझे यह जानकर बहुत बुरा लगा था कि धोनी भाई ने संन्यास ले लिया था।''
अपने दर्द पर बात करते हुए ईशांत ने बताया कि वे बार-बार इंजेक्शन लेने की वजह से परेशान हो गए थे। इसलिए वो धोनी के पास गए और उनसे कहा कि अब वो और इंजेक्शन नहीं ले पाएंगे। इस पर धोनी ने कहा कि ठीक है, अब तुम बॉलिंग मत करो। उसके कुछ समय बाद ही धोनी ने उनसे कहा था कि, ''लंबू, तूने मुझे टेस्ट मैच में अकेले छोड़ दिया।'' ईशांत के मुताबिक, वो धोनी की इस बात को सही से समझ नहीं पाए थे।
धोनी की उपलब्धियों की बात करें तो उन्होंने भारत की तरफ से 90 टेस्ट मैच खेले हैं। वो चाहते तो अपने द्वारा खेले गए टेस्ट मैचों की संख्या को 100 भी कर सकते थे, लेकिन उन्होंने इस उपलब्धि के बारे में जरा सा भी नहीं सोचा और संन्यास का ऐलान कर दिया। धोनी दुनिया के एकमात्र ऐसे कप्तान हैं, जिन्होंने अपनी कप्तानी में आईसीसी के तीनों खिताब पर कब्जा जमाया है। उनकी कप्तानी में भारत ने 2007 में टी-20 वर्ल्ड कप, 2011 में क्रिकेट विश्व कप और 2013 में चैम्पियंस ट्रॉफी का खिताब जीता है। इसके अलावा धोनी की ही कप्तानी में टीम इंडिया पहली बार टेस्ट की नंबर एक टीम बनी थी।

शौर्यपथ खेल / टीम इंडिया के कैप्टन विराट कोहली की पूर्व इंडियन क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर के साथ पहले मुलाकात बेहद दिलचस्प औ मज़ेदार थी. एक इंटरव्यू में उन्होंने सचिन के साथ ड्रेसिंग रूम में अपनी पहली मुलाकात का पूरा किस्सा सुनाया.
भारतीय क्रिकेट टीम के मौजूदा कप्तान विराट कोहली की गिनती विश्व के दिग्गज बल्लेबाज़ों में की जाती है. इंटरनेशनल क्रिकेट में सचिन तेंदुलकर के बाद सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले कोहली तीनों फॉर्मेट में 50 से ज्यादा की औसत से रन बनाने वाले इकलौते क्रिकेटर हैं. हालांकि, करोड़ो भारतीय की तरह कोहली भी पूर्व भारतीय क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर के बहुत बड़े फैन हैं. फेमस शो ब्रेकफास्ट विथ चैंपियन में उन्होंने सचिन के साथ अपनी पहली मुलाकात के बारे में बात की है.
विराट ने सुनाया मज़ेदार किस्सा
एक निजी चेनल को दिए इंटरव्यू में सचिन के साथ अपनी पहली मुलाकात के बारे में बात करते हुए इंडियन कैप्टन ने कहा, "मैं दो दिन से उनसे (सचिन तेंदुलकर) मिलने का प्लान बना रहा था. मैंने किसी से बोला था कि मुझे बहुत घबराहाट हो रही है, मैं सचिन पाजी से इंडियन ड्रेसिंग रूम में मिलूंगा. इन लोगों ने प्लान बनाया और मुझसे कहा कि जो भी टीम में नया आता है वो पाजी के सामने माथा टेकता है. मैं इनकी बात मान गया. मैं उनसे मिला, मैंने कहा हेल्ले पाजी, जैसे ही मैं उनके पैरों में जाने लगा, वो बोले क्या कर रहा है. मैंने उन्हें बताया कि इन लोगों ने बोला है कि पहले आपके पैरों में माथा टेकना होता है. तो उन्होंने बताया कि नहीं, ये लोग तुम्हारी टांग खींच रहे हैं."
कोहली आगे बोलते हैं कि उनसे ऐसा करने को युवराज सिंह, हरभजन सिंह, इरफान पठान और मुनाफ पटेल ने बोला था. उन्होंने आगे बताया कि इसमें सबसे बड़ी भूमिका मुनाफ पटेल की थी. उसने बोला था कि कुछ भी हो ऐसा करना ही पड़ेगा.
कोहली आगे कहते हैं कि जब मैं पहली बार इंडियन ड्रेसिंग रूम में सचिन पाजी से मिला तो मैं उन्हें देखता ही रहा. मुझे ये अहसास ही नहीं हो रहा था कि बीच में कोई टीवी स्क्रीन नहीं है. मेरे लिए वो बेहद ही खास पल था.
सचिन के साथ तुलना पर ये बोले विराट
इंटरव्यू में जब उनसे पूछा गया कि जब आपकी तुलना सचिन तेंदुलकर से होती है तो आपको कैसा लगता है. इसके जवाब में कोहली ने कहा कि आप मेरी तुलना ऐसे इंसान से करते हो, जिसकी वजह से मैंने क्रिकेट खेलना शुरू किया. स्किल लेवल में मेरा उनसे कोई मुकाबला ही नहीं है. वह दुनिया के इकलौते कंप्लीट बल्लेबाज़ हैं. उनके साथ मेरी तुलनी हो ही नहीं सकती. क्योंकि उन्होंने जो हमें दिया है. उनसे हमारी तुलना ही नहीं हो सकती है.

खेल / शौर्यपथ / भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर ने कहा है कि युवा बल्लेबाज शुभमन गिल ने ऑस्ट्रेलिया दौरे में खुद को साबित किया लेकिन उन्हें सफलता को खुद पर हावी नहीं होने देना चाहिए।
गंभीर ने भारत-इंग्लैंड टेस्ट श्रृंखला से पहले अपने विचार साझा करते हुए कहा, 'इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला में शुभमन गिल को ऊपरी क्रम में राेहित शर्मा का साथी होना चाहिए। इसमें कोई दो राय नहीं है, लेकिन इस फैसले पर जल्दबाजी नहीं होनी चाहिए। आप यहां किसी को इतना बोझ नहीं दे सकते। शुभमन गिल में प्रतिभा है, लेकिन उन्हें सफलता को खुद पर हावी नहीं होने देना है और अपने खेल पर ध्यान केंद्रित रखने की जरूरत है, क्योंकि अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मुश्किल होता है।'
गंभीर ने कहा, 'बेशक शुभमन को अपने अंतर्राष्ट्रीय करियर में अच्छी शुरुआत मिली है। इससे बढ़िया और क्या हो सकता है। ऑस्ट्रेलिया में खेलना और युवा खिलाड़ियों के साथ श्रृंखला जीतना बहुत अच्छी बात है। इसमें कोई शक नहीं है कि शुभमन ने बेहतरीन बल्लेबाजी की, लेकिन उस पर अधिक दबाव डालने और उम्मीदें लगाने के बजाय उसे समय और खुद ही बेहतर होने देना चाहिए।'

गंभीर ने बुधवार को स्टार स्पोर्ट्स के कार्यक्रम 'गेम प्लान' में कहा, 'श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला में शानदार जीत के बाद इंग्लैंड यहां आ रही है। बेशक भारत में स्थिति एक समान नहीं होगी, क्योंकि भारत श्रीलंका से कहीं अच्छी टीम है, लेकिन इंग्लैंड का खेमा भी बेहतर है। ऐसे में भारत को अपने सर्वश्रेष्ठ देने की जरूरत है। साथ ही भारत को अपना आत्मविश्वास भी बरकरार रखना होगा, क्योंकि भारत ने हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ऐतिहासिक जीत दर्ज की है।'

नरेन्द्र भवानी की रिपोर्ट जगदलपुर से ....

जगदलपुर / शौर्यपथ / उड़ीसा राज्य के कोटपाड़ में आयोजित स्व. वासूदेव बिसाइ स्मृति अंतराज्यीय वालीबाल प्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह में शामिल होने पहुंचे विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने भगवान जगन्नाथ की मूर्ति पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलित कर किया प्रतियोगिता का शुभारंभ . इस अवसर पर पहला मैच कोटापेटा रायगढ़ विरुद्ध जयपुर के मध्य खेला गया . उपस्थित लोगों एवं खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने कहा की उड़ीसा के कोटपाड़ एवं छत्तीसगढ़ के जगदलपुर का संबंध बहुत पुराना है है इन दोनों क्षेत्रों की संस्कृति एवं रहन सहन में भी समानता रही है कोटपाड़ एवं जगदलपुर हमेशा एक-दूसरे के सुख दुख में सहभागी रहे हैं विगत दिनों जब छत्तीसगढ़ के कलचा ग्राम के वाहन की यहां दुर्घटना हुई थी तो आप सबने जिस तरह से साथ दिया था उसके लिए मैं आप सभी लोगों का आभार व्यक्त करता हूं
उपस्थित खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि " ना जीतना जरूरी है ना हारना जरुरी है खेल को खेल भावना से खेलना जरूरी है" और आप सभी खेल को खेल भावना के साथ खेलेंगे ऐसी कामना करता हूं . विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव के साथ शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजीव शर्मा प्रदेश महासचिव यशवर्धन राव शहर जिला महामंत्री अनवर खान हेमू उपाध्याय वरिष्ठ नेता संजय जैन विधि विभाग के जिलाध्यक्ष अवधेश झा वीडी ब्लाग के एडिटर इन चीफ विकास दुग्गड कोटपाड़ के पूर्व विधायक चंद्र शेखर मांझी ,एम शंकर राव, गणेश चंद्र पांडा मनोहर बिसाई मणी प्रसाद पटनायक राजेंद्र प्रसाद पटनायक सहित आयोजन समिति के सदस्य उपस्थित रहे .

खेल /शौर्यपथ / इंग्लैंड ने कोरोना काल में पहली बार भारत में खेली जा रही पहली इंटरनेशनल क्रिकेट सीरीज के पहले मुकाबले में भारत को 227 रनों से हरा दिया। चेन्नई में खेले गए इस मैच में भारत लेफ्ट आर्म स्पिनर जैक लीच (76 रन पर चार विकेट) और अनुभवी तेज गेंदबाज एंडरसन (17 रन पर तीन विकेट) की सधी हुई गेंदबाजी के सामने 420 रन के विश्व रिकॉर्ड लक्ष्य का पीछा करते हुए कप्तान विराट कोहली (72) और शुभमन गिल (50) के अर्धशतकों के बावजूद 58.1 ओवर में 192 रन पर ढेर हो गई। भारत की पारी शुरू होने से पहले उस समय विश्व क्रिकेट में एक बहस छिड़ गई कि क्यों इंग्लैंड के कप्तान जो रूट ने दूसरी पारी को घोषित ना करते हुए टीम के ऑलआउट होने तक का इंतजार किया।
मैच खत्म होने के बाद उनसे इस बात पर राय भी ली गई कि आखिरकर क्यों उन्होंने ऐसा किया। इस पर जवाब देते हुए रूट ने कहा कि, ''मैं सुनिश्चित करना चाहता था कि मैच के दो ही संभावित नतीजे हो। अगर हम यह मैच हार जाते तो खराब शुरुआत होती।'' इसके अलावा उन्होंने दूसरे कारण में भारतीय विकेटकीपर ऋषभ पंत का भी नाम लिया। वो अच्छे से जानते थे कि मौका मिलने पर पंत उनके खिलाफ कितने खतरनाक साबित हो सकते हैं।
रूट का यह डर जायज भी है, क्योंकि हाल ही में पंत ने टीम को ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी जिताने में अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने दोनों देशों के बीच ब्रिसबेन के गाबा मैदान पर खेले गए सीरीज के निर्णायक मैच में नाबाद 89 रनों की पारी खेलकर जीत दिलाई थी। उस समय भारत 328 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रहा था। उन्होंने यहां वनडे क्रिकेट की स्टाइल में खेलते हुए कंगारू टीम से उनके घर में ही जीत छीन ली और टीम को लगातार दूसरी बार सीरीज का विजेता बनाया। उनके इस प्रदर्शन के लिए आईसीसी द्वारा जनवरी महीने का बेस्ट क्रिकेटर भी चुना गया।

खेल /शौर्यपथ /कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद शशि थरूर ने संजू सैमसन को विजय हजारे ट्रॉफी के लिए केरल टीम के कप्तानी पद से हटाए जाने पर नाराजगी जाहिर की है। केरल ने सैमसन की जगह युवा सचिन बेबी को टीम का कप्तान नियुक्त किया गया है। राजस्थान रॉयल्स ने हाल ही में आईपीएल 2021 के लिए ऑस्ट्रेलिया के स्टीव स्मिथ को रिलीज करके सैमसन को टीम का नया कप्तान नियुक्त किया था।
थरूर ने सोमवार को गुस्सा जतात हुए ट्वीट किया, 'यह देखकर हैरान हूं कि केरल ने संजू सैमसन को कप्तानी से हटा दिया है, जिन्होंने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में कप्तान के रूप में शानदार प्रदर्शन किया। टीम में राज्य के दो बेस्ट पेसर आसिफ या बासिल थम्पी के लिए कोई जगह नहीं है और ना ही शानदार बल्लेबाज रोहन प्रेम को मौका दिया गया है। संकीर्णता खुद के लिए विनाशकारी है।'
बता दें कि 26 वर्षीय युवा विकेटकीपर सैमसन पहली बार आईपीएल में किसी टीम की कप्तानी करेंगे। सैमसन हाल ही में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भी वह टीम इंडिया का हिस्सा थे, लेकिन उन्हें टेस्ट सीरीज में खेलने का मौका नहीं मिला। 2020 के आईपीएल में उन्होंने 28.84 की औसत से 375 रन बनाए थे। स्टीव स्मिथ की कप्तानी में राजस्थान रॉयल्स का आईपीएल 2020 में प्रदर्शन बहुत शानदार नहीं रहा था। साथ ही उनकी खुद की फॉर्म भी सवालों के घेरे में थी। हालांकि बॉर्डर-गावस्कर टेस्ट सीरीज में उन्होंने एक शतक जरूर लगाया था। लेकिन वह स्पिनर के सामने जूझते हुए ही नजर आए थे।

खेल /शौर्यपथ /विजय हजारे ट्राॅफी के सिलेक्शन में अभी समय है। लेकिन युवा खिलाड़ी अपने प्रदर्शन से सिलेक्शन कमेटी को प्रभावित करने का एक भी मौका नहीं छोड़ रहे हैं। विजय हजारे ट्राॅफी से पहले हुए प्रैक्टिस मैच में अर्जुन तेंदुलकर एक बार फिर कुछ खास कमाल नहीं कर पाए। जिसके कारण उनके सिलेक्शन को संशय बन हुआ है कि उन्हें आगे मौका मिलेगा भी या नहीं, साथ ही इस प्रदर्शन का असर आईपीएल के लिए होने वाली उनकी नीलामी पर भी पड़ेगा।
टूर्नामेंट से पहले हुए प्रैक्टिस मैच में ऑलराउंडर अर्जुन तेंदुलकर ने 4.1 ओवर की गेंदबाजी में 53 रन लुटाए, और उनके हाथ कोई सफलता भी नहीं आई। इससे पहले अर्जुन तेंदुलकर को सैय्यद मुश्ताक अली टूर्नामेंट में भी खेलने का मौका मिला था, लेकिन तब भी वो कुछ खास प्रभाव नहीं छोड़ पाए थे। जबकि बाएं हाथ के 19 वर्षीय बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने शतकीय पारी खेली, वहीं ऑस्ट्रेलिया दौरे पर कुछ खास प्रदर्शन नहीं करने वाले पृथ्वी शाॅ ने भी तेज पारी खेलकर सिलेक्शन के लिए अपना दावा ठोक दिया है।
अर्जुन तेंदुलकर ने 18 फरवरी को होने वाले इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल ) के ऑक्शन में अपना नाम दिया है। उन्होंने अपना बेस प्राइज 20 लाख रुपये रखा है। सचिन तेंदुलकर के बेटे होने के कारण उनको लेकर लोगों में खासा दिलचस्पी बनी रहती है।

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