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खेल / शौर्यपथ / भारत और इंग्लैंड के बीच खेली गई टेस्ट सीरीज के दौरान होम एडवांटेज को लेकर काफी चर्चा हुई थी। इंग्लैंड के कई पूर्व क्रिकेटरों ने आरोप लगाए थे कि टीम इंडिया ने पूरी तरह से स्पिन गेंदबाजों के लिए मददगार पिच बनाकर घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाया था। इसी बीच, भारत के पूर्व क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण ने टेस्ट क्रिकेट में होम एडवांटेज को खत्म करने के लिए एक अनोखा सुझाव दिया है। लक्ष्मण ने कहा कि विदेशी कप्तान को टेस्ट सीरीज के पहले मैच में बिना टॉस के ही बल्लेबाजी या गेंदबाजी चुनने का हक मिलना चाहिए।
स्पोर्ट्स स्टार के साथ बात करते हुए लक्ष्मण ने कहा, 'हमने पिछले कुछ समय में जबरदस्त टेस्ट क्रिकेट देखी है, तो मुझे नहीं लगता कि फॉर्मेट में किसी भी तरह का बदलाव की जरूरत है। जैसे कि हमेशा ही होम टीम को घरेलू परिस्थितियों का फायदा मिलता है, शायद, सीरीज के पहले टेस्ट मैच में, तो विदेशी कप्तान से पूछा जाना चाहिए कि वह पहले क्या करना चाहते हैं।' लक्ष्मण के सुझाव के अनुसार पहले टेस्ट में टॉस की बजाए विदेशी कैप्टन को पहले बैटिंग या बॉलिंग करने के लिए पूछा जाना चाहिए। लक्ष्मण का मानना है कि होम टीम को हमेशा ही घरेलू परिस्थितियों का लाभ मिलता है तो क्यों ना दौरा कर रही टीम को कम से कम पहले ही मैच में कुछ एडवांटेज दिया जाए।
पूर्व भारतीय बल्लेबाज ने आगे कहा, 'जाहिर तौर पर पहले टेस्ट के लिए विदेशी टीम को बल्लेबाजी या गेंदबाजी करने की छूट दी जानी चाहिए। मैंने हमेशा ही विदेशी धरती पर खेलना एंजॉय किया है। वह हमेशा ही मुझे और मेरे साथियों को संतुष्ट करता था, लेकिन सीरीज के पहले टेस्ट में अच्छा प्रदर्शन करना हमेशा ही चैलेंजिग रहता था। आपको कंडिशंस से तालमेल बैठाना होता है। होम एडवांटेज पिच के रूप मे मिलता है जिस पर मैच खेला जाता है, तो जो भी टीम टॉस जीतती है उसको यकीनन एडवांटेज मिलता है। तो होम एडवांटेज को छोड़ देने से कम से कम विदेशी टीम को अच्छा चांस देगा पहले टेस्ट में बेहतर प्रदर्शन करने का। आप सामने वाली टीम को बेस्ट चांस देंगे लड़ने का।'
खेल /शौर्यपथ /टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली से इंग्लैंड रवाना होने से पहले जब सवाल किया गया कि क्या वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल मैच में न्यूजीलैंड को इंग्लैंड कंडीशन्स का फायदा मिलेगा? इस पर उन्होंने तेजतर्रार अंदाज में जवाब दिया था। विराट के इस जवाब की काफी चर्चा हो रही है। टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर रीतेंदर सिंह सोढ़ी की माने तो विराट का जवाब दिखाता है कि वह किस माइंडसेट के साथ वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में उतरना चाहते हैं। विराट ने कहा था कि अगर कोई यह सोचता है कि न्यूजीलैंड को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में कंडीशन्स का फायदा मिलेगा, उसे फ्लाइट पकड़कर वहां खेलने जाने की कोई जरूरत नहीं है।
सोढ़ी ने कहा, 'विराट कोहली दुनिया को बस यह दिखाना चाहते हैं कि क्यों भारतीय टीम टेस्ट क्रिकेट में नंबर-1 टीम है और क्यों उनके बारे में इतनी बातें की गई हैं। हम जिस सकारात्मकता की बात कर रहे हैं, वह रवि शास्त्री ने टीम में भरी है। इस टीम का प्रदर्शन अब बोलता है। टीम के पास अच्छे स्पिनर हैं, कुछ वर्ल्ड क्लास तेज गेंदबाज हैं और बैटिंग भी बहुत मजबूत नजर आती है।'
उन्होंने आगे कहा, 'विराट कोहली ने जिस तरह से प्रेस कॉन्फ्रेंस में जवाब दिया, वह दिखाता है कि वह इसको लेकर कितना फोकस्ड हैं। न्यूजीलैंड को ध्यान से खेलना होगा। यह बड़ा मैच होगा, वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल। जो भी टीम प्रेशर सिचुएशन का अच्छी तरह सामना करेगी, उसके जीतने के मौके ज्यादा होंगे। टीम इंडिया पूरी तैयारी के साथ खेलने उतरेगी।' वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल के बाद टीम इंडिया को इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज भी खेलनी है।
टीम इंडिया के इंग्लैंड दौरे का पूरा शेड्यूल
भारत बनाम न्यूजीलैंड
18-22 जून, वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल, साउथम्पटन
भारत बनाम इंग्लैंड
4-8 अगस्त, पहला टेस्ट मैच, ट्रेंट ब्रिज, नॉटिंघमशर
12-16 अगस्त, दूसरा टेस्ट मैच, लॉर्ड्स, लंदन
25-29 अगस्त, तीसरा टेस्ट मैच, हेडिंग्ले, लीड्स
2-6 सितंबर, चौथा टेस्ट मैच, केनिंग्टन ओवल, लंदन
10-14 सितंबर, पांचवां टेस्ट, एमिरेट्स ओल्ड ट्रैफर्ड, मैनचेस्टर
खेल /शौर्यपथ / लॉर्ड्स के मैदान पर न्यूजीलैंड और इंग्लैंड के बीच खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच के पहले दिन का खेल खत्म होने तक मजबूत स्थिति में नजर आ रही है। टीम ने महज 3 विकेट खोकर 246 रन बना लिए हैं और डेवोन कॉनवे (136 नाबाद) और हेनरी निकोल्स (46) क्रीज पर डटे हुए हैं। हालांकि, न्यूजीलैंड टीम के कप्तान केन विलियमसन पहली पारी में कुछ खास नहीं कर सके और सिर्फ 13 रन बनाकर पवेलियन लौटे। विलियमसन को जेम्स एंडरसन ने बोल्ड किया और टेस्ट क्रिकेट में 7वीं बार कीवी कप्तान का विकेट अपने नाम किया।
दरअसल, न्यूजीलैंड की पारी के 25वें ओवर में केन विलियमसन जेम्स एंडरसन की अंदर आती गेंद को समझने में नाकाम रहे और बॉल बैट का अंदरूनी किनारा लेकर विकेटों में जा लगी। एंडरसन की इस शानदार गेंद का कीवी कप्तान के पास कोई जवाब नहीं था। हालांकि, एंडरसन इसके बाद पहले दिन के खेल में कोई और विकेट नहीं चटका सके। टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू कर रहे न्यूजीलैंड के सलामी बल्लेबाज डेवोन कॉनवे ने अपनी बल्लेबाजी से सभी का दिल जीता और बेहतरीन शतकीय पारी खेली। इंग्लैंड की तरफ से ओली रोबिंसन ने दो विकेट झटके।
जेम्स एंडरसन ने पहले टेस्ट मैच में उतरने के साथ ही इंग्लैंड की तरफ से सर्वाधिक टेस्ट मैच खेलने के मामले में एलिस्टर कुक की बराबरी कर ली है। न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले जाने वाले दूसरे टेस्ट मैच में वो उतरते हैं तो वो इंग्लैंड की तरफ से सबसे ज्यादा टेस्ट मैच खेलने वाले खिलाड़ी बन जाएंगे। एंडरसन की बात करें तो वो अब तक टेस्ट मैच में 614 विकेट ले चुके हैं। बतौर तेज गेंदबाज वे दुनिया के सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं।
खेल /शौर्यपथ / भारतीय टीम में जो कद विराट कोहली का है, ठीक वैसा ही केन विलियमसन का न्यूजीलैंड टीम में है। विलियमसन को दुनिया के बेहतरीन क्रिकेटरों में से एक माना जाता है। किसी भी युवा तेज गेंदबाज के लिए उनका विकेट हासिल करना बहुत बड़ी बात होती है। विलियमसन की नजरें अब अपनी टीम को पहली बार वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप का चैम्पियन बनाने पर हैं, जहां टीम का मुकाबला आत्मविश्वास से भरी हुई भारतीय टीम से होगा। यह फाइनल मुकाबला 18 जून से 22 जून के बीच साउथम्प्टन में खेला जाएगा। विलियमसन का विकेट लेने को लेकर भारत के तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने अपनी रणनीति का खुलासा किया है।
'एबीपी न्यूज' से बात करते हुए उन्होंने कहा कि, 'अगर मुझे मौका मिलता तो मैं अपनी गेंद को लगातार एक खास जगह पर रखने की कोशिश करूंगा, साथ ही मेरी कोशिश होगी कि मैं उन्हें ज्यादा से ज्याद डॉट गेंद फेंक सकूं, जिससे कि वे दवाब में आ जाएं। मैं उन्हें शॉट्स लगाने के लिए उकसाने की कोशिश करूंगा, जिससे कि हम आसानी से उनका विकेट हासिल कर सकें।'
बता दें कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली गई चार मैचों की इस टेस्ट सीरीज में सिराज ने कुल 13 विकेट लिए थे। उन्हें इस दौरे पर ही इंटरनेशनल करियर में डेब्यू करने का मौका मिला था। उन्होंने आखिरी टेस्ट मैच की दूसरी पारी में 5 विकेट लिए। युवा खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन की बदौलत टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया को 2-1 से हराकर बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी अपने पास बरकरार रखी। सिराज ने अपना यह शानदार प्रदर्शन आईपीएल 2021 में जारी रखा और टीम को कई मौकों पर जीत दिलाई। सिराज आईपीएल में विराट कोहली की अगुवाई वाली रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की तरफ से खेलते हैं।
खेल /शौर्यपथ /आज का दिन भारतीय क्रिकेट के लिए बेहद खास है, क्योंकि आज विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश कार्तिक अपना 36वां जन्मदिन मना रहे हैं। 1 जून 1985 को चेन्नई में जन्मे कार्तिक ने साल 2004 में भारतीय टीम में जगह बना ली थी, लेकिन उनका जगह कभी भी टीम में पक्की नहीं रही। कार्तिक उस विश्व विजेता टीम क सदस्य भी रहे हैं, जिसने पहली बार 2007 में आयोजित हुए टी-20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान को हराकर खिताब पर कब्जा जमाया था। उनके जुड़े यादगार लम्हों में 2018 में निदाहास ट्रॉफी के फाइनल में बांग्लादेश के खिलाफ खेली गई 34 रनों की वह पारी शामिल है, जब उन्होंने पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की तरह छक्का लगाकर टीम को खिताब दिलाया था।
कोलंबो में खेले गए इस मुकाबले में कार्तिक ने 8 गेंद पर 29 रनों की पारी खेली थी। भारत को फाइनल मुकाबले में आखिरी दो ओवरों में 34 रन चाहिए थे। कार्तिक ने 19वें ओवर में 22 रन ठोके। भारत को आखिर गेंद पर पांच रनों की जरूरत थी और उस गेंदबाजी बांग्लादेश के पार्टटाइम गेंदबाज सौम्य सरकार कर रहे थे। कार्तिक ने यहां आखिरी गेंद पर एक्सट्रा कवर के ऊपर से छक्का लगाकर भारत को ऐतिहासिक जीत दिलाई। टीम को इस तरह जीत दिलाने से फैन्स उन्हें धोनी के बाद यहा मिस्टर फिनिशर बुलाने लगे थे।
कार्तिक ने मैच को लेकर बाद में बताया था कि, 'पहले मैं नंबर-5 पर बल्लेबाजी करने के लिए तैयार था, लेकिन कप्तान रोहित शर्मा ने कहा कि मैं नंबर-6 पर बल्लेबाजी के लिए जाऊंगा। इसलिए मैं इसके साथ भी खुश था। मैं इसे लेकर पूरी तरह से आश्वस्त था कि मैं नंबर-6 पर बल्लेबाजी करने के लिए जाऊंगा। उन्होंने कहा कि, 'जब चौथा विकेट आउट हो गया था तो मैं बल्लेबाजी के लिए मैदान में उतरने के लिए तैयार था, लेकिन तभी रोहित ने कहा कि विजय शंकर को बल्लेबाजी के लिए जाना चाहिए। इसलिए उस समय मैं काफी निराश और गुस्से में था। लेकिन जाहिर है कि आप कप्तान से सवाल नहीं कर सकते।'
खेल /शौर्यपथ / भारत के महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने ऑस्ट्रेलिया के पूर्व खिलाड़ी और चेन्नई सुपर किंग्स के कोच माइकल हसी के उस बयान पर पलटवार किया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत सुरक्षा के मद्देनजर टी-20 वर्ल्ड कप के लिए उचित जगह नहीं है। वैसे भारत में इस साल टी-20 वर्ल्ड कप होगा या नहीं, यह अभी तक तय नहीं हुआ है। हसी ने यह बयान बायो बबल में ज्यादा कोरोना केस आने के बाद स्थगित हुए आईपीएल 2021 के बाद दिया था। हसी खुद कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे।
हसी को जवाब देते हुए गावस्कर ने कहा कि, 'ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों को तब पैसा कमाने वाले टूर्नामेंट के साथ बने रहने में कोई समस्या नहीं थी, जब भारत के कुछ ही शहरों में कोरोना के मामले एक्टिव थे। ऐसे में अब जब लाखों के मुकाबले केस कम थे, तो तब भी ऑस्ट्रेलिया में से किसी ने ऐसा सुझाव नहीं दिया था कि भारत का दौरा रद्द किया जाना चाहिए। मेलबर्न में तो कोरोना के ज्यादा एक्टिव केस होने के बाद भी ऑस्ट्रेलिया ओपन टेनिस टूर्नामेंट का आयोजन हुआ।'
'द स्पोर्ट्सस्टार' से बात करते हुए उन्होंने भारत के ऑस्ट्रेलिया दौरे की भी बात की। उन्होंने कहा कि, 'उस समय किसी कंगारू खिलाड़ी के मुंह से कोई बात क्यों नहीं निकली, जब भारत ने ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया था। यहां भारत ने तीन वनडे, तीन टी-20 और चार मैचों की टेस्ट सीरीज खेली थी। इस दौरे में भारत ने कोरोना के केस बढ़ने के बावजूद मैच खेले थे।' गावस्कर चाहते हैं कि उन्हें ऑस्ट्रेलिया से टी-20 विश्व कप आयोजित करने में वैसा ही सहयोग मिले, जो भारत ने उन्हें पिछले साल 10 मैचों का दौरा करने के लिए दिया था।
गावस्कर ने आगे कहा कि, 'भारत इस समय बुरे दौरे से गुजर रहा है। यदि अगस्त के आखिर तक भारत में हालात ठीक नहीं होते तो, टी-20 विश्व कप की मेजबानी यूएई ही करेगा। लेकिन, तब तक कृपा करके अचानक से किसी निष्कर्ष पर न पहुंचें।'
खेल /शौर्यपथ / टीम इंडिया के स्टार ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा की टेस्ट टीम में वापसी हुई है। वो चोट की वजह से टीम से बाहर थे। इंग्लैंड दौरे में भारत को रवींद्र जडेजा से काफी उम्मीदें हैं। भारत दो जून को इंग्लैंड दौरे के लिए रवाना होगी। जहां भारत 18 जून से 22 जून तक न्यूजीलैंड के साथ वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल खेलेगी। इसके बाद भारत इंग्लैंड के साथ टेस्ट सीरीज खेलेगी। रवीद्र जडेजा की साल 2018 में टीम में वापसी हुई। इंग्लैंड दौरे से पहले वो 18 महीने तक भारतीय टेस्ट और वनडे टीम से बाहर थे।
जडेजा ने इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में बताया कि टीम इंडिया से बाहर होने के बाद उनके क्या हाल थे। 18 महीने बाद टीम इंडिया में वापसी के सवाल पर उन्होंने कहा,"'सच कहूं तो वो डेढ़ साल रातों की नींद हराम कर गए। उस दौर में मुझे याद है कि मैं सुबह 4-5 बजे तक उठ जाता था। मैं सोच रहा था कि क्या करूं, मैं वापसी कैसे करूं? मैं सो नहीं सका। मैं लेटा रहता था, लेकिन जगा ही रहता था। मैं टेस्ट टीम में था, लेकिन खेल नहीं रहा था क्योंकि हम विदेशों में खेल रहे थे। मैं वनडे नहीं खेल रहा था। मैं घरेलू क्रिकेट भी नहीं खेल रहा था, क्योंकि मैं भारतीय टीम के साथ यात्रा कर रहा था। मुझे खुद को साबित करने का कोई मौका नहीं मिल रहा था। मैं सोचता रहता कि मैं वापस कैसे आऊंगा।"
साल 2018 में ओवल में खेले गए टेस्ट मैच को याद करते हुए उन्होंने कहा कि उस टेस्ट ने मेरे लिए सब कुछ बदल दिया। पूरा खेल,मेरा प्रदर्शन, मेरा आत्मविश्वास, सब कुछ। जब आप सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी आक्रमण के खिलाफ अंग्रेजी परिस्थितियों में स्कोर करते हैं, तो यह आपके आत्मविश्वास को बहुत प्रभावित करता है। यह आपको महसूस कराता है कि आपकी तकनीक दुनिया में कहीं भी स्कोर करने के लिए काफी अच्छी है मुझे याद है कि जब मैं उस टेस्ट में बल्लेबाजी के लिए गया था तो पहले से कोई योजना नहीं थी। इस मैच में 332 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए एक समय टीम इंडिया के 160 पर 6 विकेट गिर गए थे। जडेजा ने उस मैच में 86 रन बनाए थे।
खेल /शौर्यपथ /टीम इंडिया के मौजूदा हेड कोच रवि शास्त्री का आज जन्मदिन है। बेंसन एंड हेजेज वर्ल्ड चैंपियनशिप में 'चैंपिंयन ऑफ चैंपियंस' बनकर छाए टीम इंडिया के पूर्व ऑलराउंडर रवि शास्त्री 27मई को 59 साल के हो गए हैं। एक ओवर में छह छक्के लगाकर गैरी सोबर्स के रिकॉर्ड की बराबरी करने वाले शास्त्री भारतीय क्रिकेट के कई एतिहासिक पलों के गवाह रहे हैं। चाहे वो वो खिलाड़ी के तौर पर हो या कोच के तौर या फिर कमेंटेटेर के तौर पर।
रवि शास्त्री क्रिकेट कमेंट्री के लिए पूरी दुनिया में फेमस रहे हैं। आईसीसी के कई बड़े टूर्नामेंटों समेत उन्होंने कई लोकप्रिय क्रिकेट सीरीज में कमेंट्री की है। रवि शास्त्री बतौर क्रिकेटर वर्ल्डकप 1983 में टीम इंडिया में शामिल थे। वेस्टइंडीज के साथ फाइनल में वो भले ही ना खेल पाए हैं। लेकिन वो भारत के पहली बार वर्ल्डकप जीतने के गवाह बने थे। कपिल देव की अगुवाई में भारत ने पहली बार वर्ल्डकप जीता था। लॉर्ड्स में कपिल देव की अगुवाई वाली भारतीय टीम में वेस्टइंडीज को रोमांचक मैच में हराया था। युवराज सिंह ने साल 2007 के पहले टी20 वर्ल्डकप में इंग्लैंड के गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड के एक ओवर में 6 छक्के मारे थे। उस समय रवि शास्त्री कमेंट्री कर रहे थे।
भारत और पाकिस्तान के खिलाफ खेले गए टी20 वर्ल्डकप के फाइनल में भी वो कमेंटेटर की भूमिका में थे। महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई वाली युवा भारतीय टीम ने पाकिस्तान को हराकर पहला टी20 वर्ल्डकप अपने नाम किया था। इस दौरान भी वो इस ऐतिहासिक जीत के गवाह बने। दुनिया के महान खिलाड़ियों में से एक सचिन तेंदुलकर ने जब वनडे क्रिकेट में पहली बार दोहरा शतक जड़ने का कारनामा किया था, तब भी कमेंट्री कर रहे थे। इसके बाद साल 2011 में भारत ने 28 साल वनडे वर्ल्ड कप जीता था। धोनी ने नुवान कुलसेकरा की गेंद पर छक्का जड़कर भारत को जीत दिलाई थी। इस दौरान भी कमेंट्री बॉक्स में रवि शास्त्री ही कमेंट्री कर रहे थे।
रवि शास्त्री के इंटरनेशनल करियर की बात करें तो उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ 1981 में अपना टेस्ट डेब्यू किया था. उन्होंने 80 टेस्ट मैचों में 11 शतक और 12 अर्धशतक की बदौलत 3830 रन बनाए। टेस्ट मैचों में उनके नाम पर 151 विकेट दर्ज हैं। वहीं रवि शास्त्री ने 150 वनडे इंटरनेशनल मैचों में 4 शतक और 18 अर्धशतक के साथ उन्होंने 3108 रन बनाए है। वनडे मैचों में शास्त्री के नाम 129 विकेट भी हैं। 2014 से 16 तक रवि शास्त्री टीम इंडिया के डायरेक्टर भी रहे। 2017 में उन्हें अनिल कुंबले की जगह भारतीय टीम का हेड कोच बना दिया गया।
खेल /शौर्यपथ /भारत के तेज गेंदबाज दीपक चाहर को लगता है कि महेंद्र सिंह धोनी आईपीएल 2021 के बचे सीजन में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकते हैं। आईपीएल 2021 के स्थगित होने से पहले सीएसके ने इस सीजन में धमाकेदार वापसी की थी। साल 2020 में प्लेऑफ तक नहीं पहुंच सकने वाली चेन्नई आईपीएल 2021 के स्थगित होने से पहले प्वॉइंट टेबल में दूसरे नंबर पर थी। गौरतलब है कि धोनी के इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद
फैंस को आईपीएल में उन्हें देखने का बेसब्री से इंतजार रहता है।
महेंद्र सिंह धोनी पिछले सीजन से ही बल्लेबाजी में संघर्ष करते दिख रहे हैं। आईपीएल 2020 में धोनी ने 14 मैचों में 200 रन बनाए। ये धोनी का सबसे खराब सीजन रहा था। इस साल वो कप्तानी से तो कमाल कर रहे हैं लेकिन बल्ले से अब तक कमाल नहीं कर सके हैं। स्पोर्ट्स कीड़ा के साथ इंटरव्यू में सीएसके की तरफ से खेलने वाले दीपक चाहर ने कहा, "एक बल्लेबाज एक ही तरीके से 15-20 सालों तक बैटिंग नहीं कर सकता है। अगर किसी भी बल्लेबाज ने पहले रेगुलर क्रिकेट नहीं खेला है तो फिर आईपीएल जैसे बड़े टूर्नामेंट में आकर परफॉर्म करना आसान नहीं होता है। उसे अपने आपको ढालने के लिए थोड़ा समय लगता है।"
चाहर ने आगे कहा कि उन्होंने(धोनी) ने हमेशा फिनिशर का रोल निभाया है लेकिन जब आप रेगुलर क्रिकेट ना खेल रहे हों तो फिर और काफी मुश्किल हो जाता है। यहां तक कि 2018 और 2019 के सीजन में भी धोनी भाई ने धीमी शुरुआत की थी लेकिन जैसे-जैसे सीजन आगे बढ़ता गया वो लय में आते चले गए। इसलिए शायद आईपीएल 2021 के दूसरे हाफ में आपको धोनी का सर्वश्रेष्ठ देखने को मिले। धोनी की कप्तानीक की तारीफ करते हुए चहर ने कहा कि खेल को पढ़ने की उनकी क्षमता ही उन्हें एक सफल कप्तान बनाती है।
जब 'India Idol' में सोनू निगम ने लगाई राहुल वैद्य की डांट, बोले थे- तुम बद से बदतर...
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
