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June 19, 2026
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शौर्यपथ

शौर्यपथ


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कृषि क्षेत्र में कार्बन नियंत्रण और जल संवर्धन की संभावनाओं पर हुआ मंथन

राजनांदगांव, । Indian Institute of Technology Bhilai एवं Sri Aurobindo Yoga and Knowledge Foundation के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस एवं सस्टेनेबल इंडिया अवार्ड कार्यक्रम में कृषि, पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।

कार्यक्रम में छुरिया विकासखंड के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री सुदेश पटेल ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से कृषि क्षेत्र में कार्बन उत्सर्जन नियंत्रण तथा जल संरक्षण की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि छुरिया विकासखंड के ग्राम घुपसालकु में जल एवं कार्बन नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए फसल विविधीकरण को बढ़ावा दिया गया है। इसके अंतर्गत रबी सीजन में धान के स्थान पर 100 प्रतिशत क्षेत्र में मक्का की खेती अपनाई गई, जिससे कार्बन नियंत्रण के साथ-साथ जल संरक्षण में भी सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए हैं।

उन्होंने किसानों को ग्रीष्मकालीन धान के स्थान पर वैकल्पिक फसलों को अपनाने तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए जनभागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। प्रस्तुतीकरण में कृषि आधारित सतत विकास मॉडल को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रभावी पहल बताया गया।

कार्यक्रम में Dr. Majumdar, Dr. Mahir Biswas, Dr. Rajiv Prakash, Dr. N. V. Ramanna Rao, Dr. Tom Smahon तथा Dr. S. N. Ghosh सहित अनेक शिक्षाविद्, वैज्ञानिक एवं विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

  राजनांदगांव, । सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत डोंगरगढ़ विकासखंड के ग्राम पंचायत धुसेरा में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ग्राम पंचायत धुसेरा, ठाकुरटोला, कोलेन्द्रा, नागतराई, बेलगांव, हरणसिंघी, अछोली, करवारी, माड़ीतराई, जटकन्हार एवं कुसमी सहित 11 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में सहभागिता की।

शिविर में मांग एवं समस्या संबंधी कुल 1179 आवेदन प्राप्त हुए, जिनके त्वरित निराकरण की कार्रवाई संबंधित विभागों द्वारा की जा रही है। ग्रामीणों की सुविधा के लिए राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, शिक्षा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, लोक निर्माण, जल संसाधन, कृषि, उद्यानिकी, विद्युत, सहकारिता, स्वास्थ्य, परिवहन, वन, मत्स्य, खाद्य, पशुधन विकास तथा प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना सहित 17 विभागों के स्टॉल लगाए गए। विभागीय अधिकारियों ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देकर ग्रामीणों को लाभान्वित किया।

शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा हितग्राहियों को योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ भी प्रदान किया गया। खाद्य विभाग द्वारा 6 हितग्राहियों को नवीन राशन कार्ड वितरित किए गए। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत आवास निर्माण पूर्ण करने वाले 5 हितग्राहियों को उनके नए घरों की चाबी सौंपी गई। बिहान योजना के अंतर्गत 5 महिलाओं को लखपति दीदी प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा एचपीवी वैक्सीन लगवाने वाली 2 बालिकाओं को प्रमाण पत्र तथा 7 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए। कृषि विभाग ने 4 किसानों को हरी खाद हेतु मूंग बीज प्रदान किए। सेवा सहकारी समिति बेलगांव द्वारा 12 किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) ऋण स्वीकृति के चेक वितरित किए गए। शिक्षा विभाग ने कक्षा 10वीं एवं 12वीं के 6 मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित कर प्रमाण पत्र प्रदान किए।

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा गर्भवती माताओं की गोदभराई तथा शिशुओं का अन्नप्राशन संस्कार संपन्न कराया गया। वहीं शिविर स्थल पर आयोजित विशाल रक्तदान तिहार में 15 लोगों ने स्वैच्छिक रक्तदान किया। सभी रक्तदाताओं को हेलमेट एवं प्रशस्ति प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।

शिविर में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती किरण साहू, जनपद पंचायत डोंगरगढ़ की अध्यक्ष श्रीमती लता सिन्हा, उपाध्यक्ष श्री हीराराम वर्मा, जनपद पंचायत सदस्य श्री तामेश्वर साहू, श्रीमती प्रतिमा खरे, श्री अनिल सिन्हा, एसडीएम डोंगरगढ़ श्री एम. भार्गव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि, सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

राम रसोई के स्थापना दिवस समारोह में जुटे शहर के बड़े जनप्रतिनिधि, लेकिन कथित अवैध कब्जे और अनुबंध संबंधी शिकायतों पर अब तक कार्रवाई नहीं; उठ रहे हैं दोहरे मापदंडों के सवाल।

दुर्ग। शौर्यपथ विशेष 

दुर्ग नगर निगम क्षेत्र में अतिक्रमण और अवैध कब्जों के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने शहरी सरकार की कार्यप्रणाली और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर में चर्चा का विषय बने राम रसोई के स्थापना दिवस समारोह में प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, दर्जा प्राप्त कैबिनेट मंत्री ललित चंद्राकर, दुर्ग नगर निगम की महापौर अलका बाघमार सहित कई जनप्रतिनिधि मंच साझा करते नजर आए। आयोजन के केंद्र में रहे राम रसोई के संचालक एवं शहर के व्यापारी चतुर्भुज राठी, जिन पर कथित रूप से शासकीय भूमि पर कब्जा और अनुबंध संबंधी अनियमितताओं के आरोप लगाए जा रहे हैं।

विडंबना यह है कि जिन मामलों में आम नागरिकों और छोटे व्यवसायियों पर तत्काल कार्रवाई की जाती है, उसी प्रकार के आरोपों के बावजूद प्रभावशाली लोगों के खिलाफ प्रशासनिक सख्ती दिखाई नहीं दे रही है। यही कारण है कि अब आम जनता यह पूछ रही है कि क्या दुर्ग में कानून की दो अलग-अलग किताबें चल रही हैं?

अवैध कब्जे के आरोप, लेकिन मंच पर सम्मान

जानकारी के अनुसार इंदिरा मार्केट स्थित भव्य गणेश मंदिर के सामने संचालित राम रसोई को लेकर लंबे समय से शिकायतें की जा रही हैं। आरोप है कि शासकीय सड़क और सार्वजनिक क्षेत्र का उपयोग कर संचालन किया जा रहा है, जिससे गणेश मंदिर की दृश्य भव्यता प्रभावित हुई है। इतना ही नहीं, बस स्टैंड क्षेत्र में अनुबंध अवधि समाप्त होने के बाद भी कब्जा जारी रखने जैसे आरोपों की शिकायतें भी संबंधित विभागों को सौंपे जाने की बात सामने आई है।

इसके बावजूद स्थापना दिवस समारोह में शहर के प्रमुख जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी ने यह संदेश दिया कि शिकायतों की गंभीरता से अधिक महत्व राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव को दिया जा रहा है।

गणेश मंदिर की भव्यता पर भी सवाल

धर्म और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की बात करने वाली राजनीति के बीच यह प्रश्न भी उठ रहा है कि यदि किसी धार्मिक स्थल की पहचान और भव्यता प्रभावित हो रही है तो जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों ने इस विषय पर अब तक कोई सार्वजनिक पहल क्यों नहीं की?

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि गणेश मंदिर के सामने किए गए कथित कब्जे ने मंदिर की दृश्यता को प्रभावित किया है। यदि यही कार्य किसी गरीब ठेला संचालक या छोटे व्यापारी द्वारा किया गया होता तो क्या प्रशासन इतनी ही उदारता दिखाता?

सुशासन बनाम स्थानीय हकीकत

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय लगातार सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही की बात कर रहे हैं। प्रदेशभर में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के मामलों में कार्रवाई भी हो रही है। लेकिन दुर्ग में सामने आ रहे ऐसे मामले यह सवाल खड़ा कर रहे हैं कि क्या स्थानीय स्तर पर मुख्यमंत्री की मंशा को कमजोर किया जा रहा है?

जब शिकायतें दर्ज हैं, दस्तावेज सौंपे जा चुके हैं और आरोप सार्वजनिक रूप से चर्चा का विषय बने हुए हैं, तब जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया आगे क्यों नहीं बढ़ रही?

जनता के बीच उठ रहे सवाल

क्या अतिक्रमण की परिभाषा व्यक्ति की आर्थिक हैसियत देखकर तय होगी?

क्या जनप्रतिनिधियों की मंचीय उपस्थिति शिकायतों को कमजोर करने का संकेत है?

क्या गणेश मंदिर के सामने हुए कथित कब्जे की निष्पक्ष जांच होगी?

क्या नगर निगम समान कानून और समान कार्रवाई का उदाहरण प्रस्तुत कर पाएगा?

बड़ा सवाल:

"दुर्ग में बुलडोजर का रास्ता शायद अब गूगल मैप से नहीं, प्रभावशाली लोगों की पहचान देखकर तय होता है। गरीब की गुमटी पर कानून जाग जाता है, लेकिन रसूखदारों के कब्जे के सामने कानून को शायद मंच की पहली पंक्ति में बैठा दिया जाता है।"

अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि निगम प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारी शिकायतों पर निष्पक्ष कार्रवाई करते हैं या फिर यह मामला भी राजनीतिक संरक्षण और प्रशासनिक चुप्पी के बीच खो जाएगा।

नई दिल्ली। वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में भारत लगातार अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की अप्रैल 2026 रिपोर्ट के अनुसार, नॉमिनल जीडीपी (Nominal GDP) के आधार पर भारत वर्तमान में दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, जबकि क्रय शक्ति समानता (PPP) के आधार पर भारत ने अपना तीसरा स्थान बरकरार रखा है।

हालांकि डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर में उतार-चढ़ाव के कारण नॉमिनल जीडीपी रैंकिंग में भारत एक स्थान नीचे खिसक गया है, लेकिन देश की वास्तविक आर्थिक मजबूती और विकास दर पर इसका कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत आज भी दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।

पिछले पांच वर्षों में भारत की वैश्विक जीडीपी रैंकिंग

2022: भारत ने ब्रिटेन को पीछे छोड़कर दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का गौरव हासिल किया।

2023: तेज आर्थिक विकास दर के दम पर भारत 5वें स्थान पर कायम रहा।

2024: ब्रिटेन पर बढ़त बनाए रखते हुए भारत ने 5वां स्थान बरकरार रखा।

2025: मजबूत घरेलू मांग और आर्थिक सुधारों के चलते भारत कुछ समय के लिए 4थे स्थान तक पहुंचा और जापान को पीछे छोड़ने में सफल रहा।

2026: विनिमय दरों में बदलाव के कारण भारत फिलहाल 6वें स्थान पर है, जबकि जापान और ब्रिटेन उससे आगे निकल गए हैं।

तेज विकास दर से दुनिया का ध्यान भारत पर

अर्थशास्त्रियों के अनुसार भारत की अर्थव्यवस्था का आधार मजबूत घरेलू बाजार, बढ़ता निवेश, डिजिटल क्रांति, विनिर्माण क्षेत्र में विस्तार और आधारभूत संरचना पर हो रहा बड़ा निवेश है। यही कारण है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भी भारत लगातार विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।

2030 तक तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का अनुमान

IMF और विभिन्न वैश्विक आर्थिक संस्थानों के आकलन के अनुसार, यदि वर्तमान विकास दर और आर्थिक सुधारों की गति बनी रहती है तो वर्ष 2030 तक भारत 7.3 ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी के साथ दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। यह उपलब्धि भारत को अमेरिका और चीन के बाद वैश्विक आर्थिक महाशक्ति के रूप में स्थापित करेगी।

नई दिल्ली: 9 जून 2026 की तारीख देश के इतिहास में एक ऐसे सुनहरे अध्याय के रूप में दर्ज हो गई है, जहां एक तरफ भारत ने वैश्विक राजनीति और रणनीतिक ऊंचाइयों को छुआ, तो दूसरी तरफ खेल के मैदान और बुनियादी ढांचे में नए कीर्तिमान स्थापित किए। आइए रुख करते हैं आज की उन बड़ी और धमाकेदार राष्ट्रीय सुर्खियों पर, जिन्होंने पूरे देश को गौरव से भर दिया:

? ऐतिहासिक राजनीतिक मील का पत्थर: मोदी सरकार के 12 साल बेमिसाल

भारतीय राजनीति के इतिहास में आज का दिन बेहद खास रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में केंद्र सरकार ने अपने 12 वर्ष (3 कार्यकाल) का ऐतिहासिक सफर सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। याद दिला दें कि 9 जून 2024 को उन्होंने अपने तीसरे कार्यकाल की शपथ ली थी, जिसके बाद से देश निरंतर विकास की नई परिभाषाएं गढ़ रहा है।

?️ रणनीतिक और बुनियादी ढांचा बुलेटिन: ज़ोजिला में कामयाबी, लद्दाख अब दूर नहीं!

ज़ोजिला टनल (Zojila Tunnel) में बड़ी सफलता: कश्मीर और लद्दाख को हर मौसम में एक-दूसरे से जोड़े रखने वाली देश की सबसे रणनीतिक ज़ोजिला सुरंग परियोजना में आज एक बहुत बड़ा 'ब्रेकथ्रू' (Breakthrough) हासिल कर लिया गया। अब कड़कड़ाती सर्दियों और भारी बर्फबारी में भी लद्दाख तक भारतीय सेना की आवाजाही और रसद आपूर्ति बिना किसी रुकावट के जारी रहेगी।

डिजिटल हुआ सीमा पार व्यापार: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में लैंड पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (LPMS) का भव्य शुभारंभ किया। यह एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म देश के 15 लैंड पोर्ट्स पर सीमा पार होने वाले व्यापार और यात्रियों की आवाजाही को पूरी तरह से पारदर्शी और पेपरलेस बनाएगा।

? स्पोर्ट्स डेस्क: खेल के मैदान से आईं दो बड़ी स्वर्णिम खुशियां!

खेल प्रतियोगिता भारत का प्रदर्शन प्रतिद्वंदी टीम / स्कोर उपलब्धि

सैफ (SAFF) महिला फुटबॉल शानदार जीत बांग्लादेश को 3-1 से हराया छठी बार चैंपियन ?

पुरुष अंडर-18 एशिया कप हॉकी स्वर्ण पदक जापान को फाइनल में दी शिकस्त तीसरी बार खिताब ?

महिला अंडर-18 एशिया कप हॉकी कांस्य पदक दक्षिण कोरिया को 3-0 से रौंदा तीसरा स्थान ?

? नीतिगत और सरकारी घोषणाएं: योजनाओं में बड़े बदलाव

? ₹33,660 करोड़ की 'भव्य' (BHAVYA) योजना: केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री ने देश में 100 विश्व स्तरीय औद्योगिक पार्क विकसित करने के उद्देश्य से BHAVYA डिजिटल पोर्टल को लॉन्च कर दिया है।

? कोल एक्सचेंज रूल्स, 2026: कोयला मंत्रालय ने देश के कोयला बाजार में पारदर्शिता और बाजार-संचालित व्यापार को बढ़ावा देने के लिए नए नियमों को आधिकारिक तौर पर अधिसूचित किया।

? उज्ज्वला योजना में कटौती: केंद्र सरकार ने बड़ा नीतिगत फैसला लेते हुए 'प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना' के तहत मिलने वाले रियायती सिलेंडरों की संख्या सालाना 9 से घटाकर 4 कर दी है। अब लाभार्थियों को केवल शुरुआती 4 रिफिल पर ही ₹300 की सब्सिडी दी जाएगी।

⚖️ रक्षा और न्याय व्यवस्था: SIPRI की रिपोर्ट और एमपी का सियासी घमासान

परमाणु ताकत में बढ़ा भारत का दम: स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की ताजा रिपोर्ट ने पुष्टि की है कि भारत का परमाणु हथियार भंडार बढ़कर 190 वारहेड्स तक पहुंच गया है, और भारत दुनिया का 5वां सबसे बड़ा सैन्य खर्च करने वाला देश बना हुआ है।

राज्यसभा चुनाव पर अदालती साया: मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद सूबे में भारी राजनीतिक घमासान मच गया है, जिसके बाद कांग्रेस ने इंसाफ के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाने का फैसला किया है।

?️ मौसम और अन्य हादसे: कहीं राहत, कहीं आफत

मौसम का डबल रोल: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून ने महाराष्ट्र, कर्नाटक और तेलंगाना में अपनी रफ्तार पकड़ ली है। इसके विपरीत, दिल्ली, यूपी समेत उत्तर भारत के मैदानी इलाके अब भी भीषण गर्मी और लू (Heatwave) के टॉर्चर से जूझ रहे हैं।

विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में धमाका: विशाखापत्तनम के राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (RINL) प्लांट में एक दुखद ब्लास्ट के कारण 8 श्रमिकों की जान चली गई। सरकार ने हादसे की गहराई से जांच के लिए तुरंत 3 सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन कर दिया है।

'द शौर्यपथ टाइम्स' का आज का विशेष समाचार बुलेटिन यहीं समाप्त होता है। देश और दुनिया की तमाम बड़ी खबरों के लिए जुड़े रहिए हमारे साथ!

10 जून का इतिहास: लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर 'कपिल के सूरमाओं' की पहली जीत से लेकर पीएम मोदी के महा-रिकॉर्ड तक!

नई दिल्ली: 10 जून की तारीख भारत और दुनिया के इतिहास में एक सुनहरे अध्याय के रूप में दर्ज है। यह दिन न केवल भारतीय खेल जगत के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है, बल्कि राजनीति, विज्ञान और वैश्विक समाज को बदलने वाली कई बड़ी घटनाओं का गवाह भी रहा है। आइए डालते हैं आज के मुख्य समाचारों पर एक नज़र:

? खेल जगत से बड़ी खबर: लॉर्ड्स के मैदान पर रचा गया था इतिहास

साल 1986 में आज ही के दिन भारतीय क्रिकेट टीम ने लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर पहली बार टेस्ट मैच जीतकर नया इतिहास रचा था। दिग्गज कप्तान कपिल देव के नेतृत्व में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इंग्लैंड को 5 विकेट से करारी शिकस्त दी थी। इस जीत ने वैश्विक क्रिकेट में भारतीय टीम का दबदबा स्थापित कर दिया।

?️ राजनीतिक गलियारे से: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बनाया नया कीर्तिमान

आज के दिन देश ने एक अभूतपूर्व राजनीतिक रिकॉर्ड भी अपने नाम किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज़ाद भारत के इतिहास में पहली लोकसभा के गठन के बाद से लेकर अब तक, लगातार सबसे लंबे समय तक पद पर रहने वाले प्रधानमंत्री का एक नया और ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज कर लिया है।

?? राष्ट्रीय बुलेटिन: भारत की प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएं

सल्तनत काल का नया दौर (1246): सुल्तान नसीरुद्दीन मुहम्मद शाह आज ही के दिन दिल्ली की गद्दी पर आसीन हुए थे।

नौसेना की ताकत में इजाफा (1972): देश के गौरवशाली पोत 'हर्षवर्धन' का मुंबई के मजगांव बंदरगाह से पहली बार जलावतरण किया गया था।

? इंटरनेशनल डेस्क: वैश्विक इतिहास के पन्नों से

रविवार की छुट्टी की शुरुआत (1890): आज जो हम हर हफ्ते रविवार की छुट्टी का आनंद लेते हैं, उसकी शुरुआत ब्रिटिश सरकार द्वारा आज ही के दिन इसे आधिकारिक तौर पर साप्ताहिक अवकाश घोषित करने से हुई थी।

एक नई सामाजिक पहल (1935): अमेरिका के ओहियो में डॉ. रॉबर्ट स्मिथ और बिल विल्सन द्वारा 'अल्कोहलिक्स एनोनिमस' (A.A.) की स्थापना की गई, जिसने लाखों लोगों को नशे की लत से उबारने में मदद की।

द्वितीय विश्व युद्ध (1940): इटली के तानाशाह बेनिटो मुसोलिनी ने फ्रांस और ब्रिटेन के खिलाफ युद्ध का ऐलान कर विश्व युद्ध की आग को और भड़का दिया था।

'सिक्स डे वॉर' का अंत (1967): इजरायल और सीरिया के बीच युद्धविराम के साथ ही छह दिनों से चला आ रहा भीषण युद्ध आज ही के दिन समाप्त हुआ था।

नासा का मंगल मिशन (2003): अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने लाल ग्रह के रहस्यों को तलाशने के लिए अपने प्रसिद्ध 'स्पिरिट रोवर' को अंतरिक्ष में लॉन्च किया था।

? शख्सियत: आज की प्रमुख जयंतियां और पुण्यतिथि

गूगल सीईओ सुंदर पिचाई का जन्मदिन (1972): दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में से एक, अल्फाबेट और गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई का जन्म आज ही के दिन हुआ था। उन्होंने अपनी काबिलियत से पूरी दुनिया में भारत का नाम रोशन किया।

गिरीश कर्नाड को श्रद्धांजलि (2019): मशहूर अभिनेता, लेखक और प्रतिष्ठित ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित गिरीश रघुनाथ कर्नाड का आज ही के दिन लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था।

?️ आज का विशेष दिवस: विश्व नेत्रदान दिवस

आज दुनिया भर में 'विश्व नेत्रदान दिवस' (World Eye Donation Day) मनाया जा रहा है। इस दिन का मुख्य उद्देश्य लोगों को नेत्रदान के प्रति जागरूक करना और किसी की अंधेरी जिंदगी में रोशनी लाने के लिए उन्हें प्रेरित करना है।

शौर्यपथ संदेश: इतिहास हमें सिखाता है कि दृढ़ संकल्प और सही प्रयास से हर क्षेत्र में विजय पाई जा सकती है—चाहे वह खेल का मैदान हो, विज्ञान की प्रयोगशाला या फिर

समाज सेवा।

नमस्कार! 'द एस्ट्रो बुलेटिन' में आपका स्वागत है। आज 10 जून 2026, दिन बुधवार है। आज का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास है। चंद्रमा आज मीन राशि में गोचर कर रहे हैं, वहीं सुबह से प्रीति योग के बाद आयुष्मान योग का निर्माण हो रहा है, जो सेहत और शुभ कार्यों के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है।

आइए रुख करते हैं आज के मुख्य समाचारों यानी आपकी राशियों के हाल की ओर:

? टॉप हेडलाइंस: आज की भाग्यशाली राशियां

मिथुन राशि (Gemini): बुद्धि और चतुराई से बड़ी सफलता! आज आपका अटका हुआ काम पूरा होगा। वैवाहिक जीवन में प्रेम घुलेगा और ऑफिस में आपकी तारीफों के पुल बंधेंगे। भाग्य मीटर: 80%

वृषभ राशि (Taurus): धन लाभ के पक्के योग! पुरानी योजनाओं को नए तरीके से लागू करने का सही समय है। प्रियजनों से मुलाकात होगी और पार्टनर का पूरा सपोर्ट मिलेगा। भाग्य मीटर: 85%

मकर राशि (Capricorn): मुनाफे में बंपर उछाल! आपके करियर विस्तार के प्रयासों को गति मिलेगी। आर्थिक हितों का संरक्षण होगा और लाभ का प्रतिशत बढ़ा रहेगा।

? बिज़नेस और करियर बुलेटिन (आर्थिक राशिफल)

कर्क राशि (Cancer): कारोबार की स्थिति चारों तरफ से मजबूत हो रही है। आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।

धनु राशि (Sagittarius): प्रॉपर्टी और वाहन खरीदने का मन बना रहे हैं, तो आज आपका फोकस सही दिशा में है। व्यावसायिक अनुबंधों में जल्दबाजी से बचें।

कन्या राशि (Virgo): शिक्षा प्रतियोगिता में सफलता के झंडे गाड़ेंगे। बिजनेस की पुरानी समस्याएं आज हल होंगी।

⚠️ सावधान! इन राशियों को सतर्क रहने की सलाह

मेष राशि (Aries): आज शनि-चंद्रमा के संयोग से अनचाहे खर्चों की बाढ़ आ सकती है। पेपरवर्क पर विशेष ध्यान दें और वित्तीय प्रबंधन को कमजोर न होने दें।

सिंह राशि (Leo): आज कार्यस्थल पर किसी से भी उलझने से बचें। गुस्से में लिया गया फैसला भारी पड़ सकता है, धैर्य बनाए रखें।

? बाकी राशियों का संक्षिप्त बुलेटिन

तुला राशि (Libra): सेहत में सुधार होगा और रुका हुआ धन वापस मिलने की पूरी उम्मीद है।

वृश्चिक राशि (Scorpio): दिनभर कड़ी मेहनत करनी पड़ सकती है, लेकिन शाम तक परिणाम आपके पक्ष में आते दिखेंगे।

कुंभ राशि (Aquarius): करियर में सफलता के योग हैं, घर में कोई मांगलिक कार्य तय हो सकता है। बस अपनी वाणी पर थोड़ा कंट्रोल रखें।

मीन राशि (Pisces): आत्मविश्वास सातवें आसमान पर रहेगा। हालांकि, लव लाइफ में पार्टनर के साथ बैठकर पुरानी गलतफहमियां दूर करने की जरूरत है।

? आज का विशेष 'महा-उपाय'

आज बुधवार के शुभ अवसर पर नकारात्मक ऊर्जा से बचने और बिगड़े काम बनाने के लिए भगवान गणेश की पूजा करें और जरूरतमंदों को हरे फल या अनाज का दान करें। आज का अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:59 बजे से 12:52 बजे तक रहेगा, जो किसी भी नए काम की शुरुआत के लिए सर्वश्रेष्ठ है।

आज का एस्ट्रो बुलेटिन यहीं समाप्त होता है। आपका दिन शुभ और मंगलमय हो!

 durg / shouryapath / सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के मानव संसाधन- ज्ञानार्जन एवं विकास विभाग द्वारा अधिकारियों के समग्र व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता संवर्धन तथा मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम ‘प्रखर – व्यक्तिगत उत्कृष्टता की ओर पथ’ (प्रखर– द पाथ टू पर्सनल मास्टरी) का आयोजन बीएमडीसी में किया गया। भावनात्मक बुद्धिमत्ता, स्वास्थ्य एवं कल्याण, तनाव प्रबंधन, ध्यान तथा योग जैसे समकालीन एवं प्रासंगिक विषयों पर आधारित यह कार्यक्रम वर्तमान गतिशील कार्य परिवेश में अधिकारियों को व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करने हेतु सशक्त बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का उद्घाटन महाप्रबंधक (मानव संसाधन-ज्ञानार्जन एवं विकास) श्री सौरभ वार्ष्णेय द्वारा किया गया। अपने उद्घाटन संबोधन में उन्होंने सतत व्यावसायिक उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए भावनात्मक बुद्धिमत्ता, आत्म-देखभाल तथा समग्र स्वास्थ्य के महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्रतिभागियों को प्रशिक्षण सत्रों में सक्रिय सहभागिता करने तथा प्राप्त ज्ञान को अपने दैनिक जीवन एवं कार्यस्थल पर व्यवहार में लाने के लिए प्रेरित किया।

यह कार्यक्रम महाप्रबंधक प्रभारी (मानव संसाधन- ज्ञानार्जन एवं विकास) श्री संजीव कुमार श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ प्रबंधक (बीआरएम) श्री शिव कुमार, एडीएमओ (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. माला चौधरी, प्राचार्य सुश्री महेश्वरी खोबरागड़े तथा पूर्व मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (राउरकेला इस्पात संयंत्र) सुश्री अताशी प्रमाणिक ने संकाय सदस्य के रूप में अपनी विशेषज्ञता एवं व्यावहारिक अनुभव प्रतिभागियों के साथ साझा किए। प्रशिक्षण में नेतृत्व हेतु भावनात्मक बुद्धिमत्ता, स्वास्थ्य एवं तैयारी, रणनीतिक तनाव प्रबंधन, ध्यान, योग तथा सजग जीवनशैली जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

संवादात्मक सत्रों, केस स्टडी, समूह चर्चा, व्यावहारिक प्रदर्शनों एवं अनुभवात्मक अधिगम गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों को आत्म-जागरूकता, भावनात्मक संतुलन, मानसिक दृढ़ता, प्रभावी संप्रेषण, तनाव प्रबंधन तथा स्वस्थ जीवनशैली संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की गईं। प्रशिक्षण का उद्देश्य अधिकारियों की व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक प्रभावशीलता में वृद्धि करते हुए उन्हें अधिक सक्षम, संतुलित एवं भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार बनाना था।

कार्यक्रम में संयंत्र के विभिन्न विभागों से कुल 29 अधिकारियों ने सहभागिता की। उद्घाटन सत्र का संचालन सुश्री पारुल वर्मा द्वारा किया गया, जबकि कार्यक्रम का समन्वयन श्री विकास सरीन द्वारा किया गया।

मानव संसाधन-ज्ञानार्जन एवं विकास विभाग द्वारा समय-समय पर ऐसे नवोन्मेषी एवं आवश्यकता-आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, जो कर्मचारियों की व्यावसायिक दक्षता के साथ-साथ उनके समग्र व्यक्तित्व विकास एवं मानसिक-शारीरिक कल्याण को भी प्रोत्साहित करते हैं।

पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित शासन व्यवस्था को मिलेगा नया आयाम

रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली 1076 की कार्यप्रणाली, तकनीकी व्यवस्थाओं तथा शिकायतों के निराकरण तंत्र का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की और नागरिकों को बेहतर एवं समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए।

इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा तथा कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, सुशासन एवं अभिशरण विभाग के सचिव श्री राहुल भगत, विशेष सचिव श्री रजत बंसल सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे। सभी मंत्रियों ने हेल्पलाइन संचालन व्यवस्था, शिकायत प्रबंधन प्रणाली तथा नागरिकों को प्रदान की जा रही सेवाओं का अवलोकन किया।

मुख्यमंत्री ने हेल्पलाइन सेंटर में पहुंचकर शिकायतों के पंजीयन, उनकी निगरानी एवं समाधान की प्रक्रिया का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से चर्चा करते हुए शिकायतों के त्वरित निराकरण, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की प्राथमिकता प्रत्येक नागरिक की समस्या का समयबद्ध और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है।

मुख्यमंत्री ने सीएम हेल्पलाइन पर कॉलर श्री पूनाराम ठाकरे से की बात

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज सीएम हेल्पलाइन सेंटर के शुभारंभ के अवसर पर सीएम हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली अवलोकन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने हेल्पलाइन पर कॉल करने वाले कॉलर श्री पूना राम ठाकरे से खुद बात की और उनका नाम, निवास तथा समस्या की जानकारी ली । मुख्यमंत्री को श्री ठाकरे ने बताया कि वे रायपुर के रहने वाले हैं और उन्होंने आय प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था जिसके संबंध में शिकायत दर्ज कराने उन्होंने हेल्पलाइन में कॉल किया है। मुख्यमंत्री ने कॉल पर श्री ठाकरे को आश्वस्त किया कि जल्द ही उनकी समस्या का निराकरण हो जाएगा।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय एवं अन्य मंत्रियों ने हेल्पलाइन के माध्यम से जुड़े हितग्राहियों से बातचीत भी की। उन्होंने नागरिकों की समस्याओं और सुझावों को सुना तथा संबंधित मामलों के त्वरित निराकरण का आश्वासन दिया। हितग्राहियों ने भी अपनी समस्याओं को सीधे शासन तक पहुंचाने के लिए इस व्यवस्था की सराहना की।

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली राज्य के सभी विभागों को एकीकृत रूप से जोड़ने वाली व्यवस्था है। इसमें 1,200 से अधिक शिकायत श्रेणियां तथा लगभग 8,000 अधिकारियों को चार प्रशासनिक स्तरों पर मैप किया गया है। ब्लॉक स्तर से लेकर राज्य स्तर तक बहु-स्तरीय एस्केलेशन प्रणाली के माध्यम से शिकायतों के समाधान की सतत निगरानी की जाती है।

मुख्यमंत्री ने हेल्पलाइन संचालन में कार्यरत युवाओं से भी संवाद किया और उनके कार्यों की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान बताया गया कि इस व्यवस्था के संचालन में स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे सेवा गुणवत्ता में सुधार के साथ-साथ रोजगार सृजन को भी बढ़ावा मिला है।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को प्रणाली के अंतर्गत उपलब्ध एमआईएस डैशबोर्ड, शिकायत विश्लेषण प्रणाली तथा विभिन्न विभागों के प्रदर्शन मूल्यांकन संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया को सुशासन का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए शिकायतों के विश्लेषण के आधार पर व्यवस्थागत सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह व्यवस्था केवल शिकायत निवारण तक सीमित नहीं है, बल्कि शासन और जनता के बीच संवाद को मजबूत बनाने का एक प्रभावी माध्यम है। इसके माध्यम से नागरिकों की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ सुनकर उनका समाधान सुनिश्चित किया जा सकेगा तथा प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकेगा।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से बदली तस्वीर, ग्रामीणों को मिली आवागमन, शिक्षा और स्वास्थ्य की बेहतर सुविधा

रायपुर, / बीजापुर जिले के भैरमगढ़ विकासखंड के अतिसंवेदनशील और पूर्व नक्सल प्रभावित अबुझमाड़ क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़क निर्माण कार्य ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है। वर्षों तक विकास से दूर रहे मयूरीपारा तक अब सड़क पहुंचने से लोगों को बेहतर आवागमन, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलने लगा है।

16 किलोमीटर सड़क निर्माण से जुड़ रहा दूरस्थ क्षेत्र

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत बैल से मयूरीपारा तक 16 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण किया जा रहा है। इस परियोजना में अब तक 13 किलोमीटर मिट्टीकृत सड़क का निर्माण पूरा हो चुका है। साथ ही मुरूमीकरण और छह पुलियों का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार शेष कार्य जून माह में पूरा कर लिया जाएगा।

दुर्गम रास्तों से मिल रही राहत

ग्राम बैल की सरपंच श्रीमती जुग्गी अठामी ने बताया कि लंबे समय तक सड़क सुविधा नहीं होने के कारण ग्रामीणों को दैनिक जरूरतों, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य कार्यों के लिए घने जंगलों से होकर कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था। बरसात के मौसम में नदी पार करने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ता था, जिससे समय और परेशानी दोनों बढ़ जाते थे। उन्होंने बताया कि आजादी के 78 वर्षों बाद भी यह क्षेत्र नक्सल प्रभाव और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण विकास की मुख्यधारा से दूर था। अब सड़क निर्माण से हालात तेजी से बदल रहे हैं और लोगों को बड़ी राहत मिली है।

शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मिला नया आधार

सड़क बनने से स्कूली बच्चों का आवागमन आसान हुआ है। वहीं स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच भी बेहतर हुई है। अब जरूरत पड़ने पर मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना संभव हो रहा है, जिससे ग्रामीणों को बड़ी सुविधा मिल रही है।

विकास और समृद्धि की नई उम्मीद

ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क केवल एक मार्ग नहीं, बल्कि क्षेत्र के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और बेहतर भविष्य की नई उम्मीद है। बैल से मयूरीपारा मार्ग के पूर्ण होने के बाद क्षेत्र में सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से अबुझमाड़ जैसे दूरस्थ क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रहा है।


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