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May 09, 2026
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PANKAJ CHANDRAKAR

PANKAJ CHANDRAKAR

हेल्थ टिप्स /शौर्यपथ /

देसी घी का इस्तेमाल हम रोजमर्रा के जीवन में किसी न किसी रूप में जरूर करते हैं, कभी पूजा-पाठ में, तो कभी खाने में. कुछ लोग तो ऐसे होते हैं बिना रोटी में घी लगाए खाना ही नहीं खाते हैं. वहीं, कुछ लोग तो इसे शरीर पर भी लगाते हैं. लेकिन क्या आपको पता है घी को नाक में डालने से क्या फायदे होते हैं, अगर नहीं तो यहां इस आर्टिकल में जान लीजिए. आपको बता दें कि इससे न केवल आपका मानसिक बल्कि शारीरिक स्वास्थ्य भी अच्छा होता है. यह घरेलू नुस्खा दादी-नानियां घर में जमाने से प्रयोग में ला रही हैं.
नाक में घी डालने के फायदे

बाल होते हैं मजबूत आपको बता दें कि नाक में घी डालने से बाल मजबूत होते हैं साथ ही झड़ने, टूटने की भी समस्या से निजात मिलती है. आप हर रोज 2 बूंद नाक में डालते हैं तो फायदा जल्दी होगा.

सिरदर्द में दे राहत

आजकल भागदौड़ भरी जिंदगी और तनाव के चलते लोगों में सिरदर्द की समस्या बहुत आम है. ऐसे में अगर आप घी को नाक में डालती हैं तो माइग्रेन जैसी समस्या से राहत मिलेगी साथ ही दिमाग भी मजबूत होगा.

नाक की एलर्जी रोके

इन सब के अलावा यह घरेलू नुस्खा आपको नाक में होने वाली खुजली, जलन या संक्रमण से भी बचाता है, जैसे बहुत से लोगों को धूल-मिट्टी से बहुत ज्यादा छींक आने लगती है. ऐसे में घी आपकी नाक को साफ करती है.

नींद की समस्या होती है दूर

नाक में घी डालने से नींद की भी समस्या दूर होती है. जो लोग अनिद्रा की बीमारी से जूझ रहे हैं उन्हें नाक में घी डालना शुरू कर देना चाहिए. इससे अच्छी नींद आनी शुरू होती है.
मस्तिष्क होता है मजबूत

नाक में घी डालने से दिमाग भी मजबूत होता है. घी मस्तिष्क की तंत्रिकाओं को उत्तेजित करता है जिससे आपकी स्मरण शक्ति बहुत मजबूत होती है.

मेकअप टिप्स /शौर्यपथ/

मेकअप महिलाओं व लड़कियों के जीवन का अहम हिस्सा है. इससे वह अपने चेहरे को निखारने और संवारने का काम करती आ रही हैं. लेकिन कभी-कभी मेकअप से जुड़ी कुछ ऐसी गलतियां कर जाती हैं, जो उन्हें खूबसूरत दिखाने की बजाय बूढ़ा दिखाने लगते हैं. यह ज्यादातर उनके साथ होता है जिन्होंने नया-नया मेकअप करना शुरू किया होता है. इसी बात को ध्यान में रखकर यहां कुछ ऐसी जानकारी दी जा रही है जिसे आपको मेकअप करते वक्त ध्यान में रखना है.

मेकअप करते वक्त न करें ये गलतियां

सबसे बेसिक मिस्टेक लोग मेकअप करते वक्त करते हैं फाउंडेशन की. असल में बहुत से लोग फाउंडेशन इतना ज्यादा लगा लेते हैं जिसकी वजह से उनके चेहरे पर बिल्कुल फ्लैट नजर आने लगता है. वहीं स्किन से मैच करता हुआ फाउंडेशन न चुनने की वजह से भी स्किन बूढ़ी नजर आने लगती है.
- वहीं, एक से अधिक बार बेस लगाने की वजह से भी आपकी चेहरा खराब नजर आने लगता है. आपके फेस पर बस बेस ही नजर आता है. इसलिए तैयार होते वक्त केवल एक ही लेयर बेस की लगाएं.

- लिप लाइनर को लिपस्टिक की तरह लगाने की वजह से आपके होंठ का शेप उभर कर नहीं आ पाता है. जबकि लिप लाइनर का इस्तेमाल लिपस्टिक लगाने से पहले करना चाहिए.
- अपनी चिक्स को सुंदर और आकर्षक बनाने के लिए लाइट कलर का ही ब्लशर लगाएं. साथ ही इसे मोटे ब्रश से ही अप्लाई करें, इससे गालों का नेचुरल लुक मिलेगा.
- सबसे जरूरी बात मेकअप सोने से पहले जरूर छुड़ाएं अन्यथा यह आपकी स्किन को खराब कर देते हैं. क्लींजिंग मिल्क या नारियल तेल से मेकअप को हटा सकती हैं.

आस्था /शौर्यपथ/

निर्जला एकादशी साल भर की सभी एकादशी से बढ़कर मानी जाती है. निर्जला एकादशी व्रत की पूरी अवधि में कुछ भी नहीं खाया जाता है. यहां तक कि इस व्रत के दौरान जल भी ग्रहण नहीं किया जाता है, इसलिए इस एकादशी का खास महत्व बताया जाता है. निर्जला एकादशी के बारे में मान्यता है कि अगर कोई साल की किसी भी एकादशी का व्रत ना भी रखा हो तो इस एकादशी का व्रत रखने से साल भर की एकदशी जितना पुण्य मिलता है. ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को निर्जला एकादशी कहते हैं. इस साल निर्जला एकादशी का व्रत 10 जून, शुक्रवार को रखा जाएगा. आइए जानते हैं निर्जला एकादशी व्रत का पारण समय और इस दिन किन चीजों का दान करना शुभ माना जाता है.
निर्जला एकादशी पारण का समय और शुभ मुहूर्त
निर्जला एकादशी व्रत तिथि- 10 जून, शुक्रवार 2022
एकादशी तिथि प्रारंभ- 10 जून, सुबह 7 बजकर 25 मिनट से
एकादशी तिथि का समापन- 11 जून, शनिवार सुबह 5 बजकर 45 मिनट पर
निर्जला एकादशी पारण समय- 11 जून सुबह 5 बजकर 49 मिनट से 8 बजकर 29 मिनट तक
निर्जला एकादशी के दिन इन चीजों का किया जाता है दान
धार्मिक मान्यता के मुताबिक निर्जला एकादशी के दिन दान करना अच्छा है. इस दिन अनाज, जल, वस्त्र, पंखा, जूते, फल, आसन गर्मी से राहत देने वाली वस्तुएं इत्यादि का दान करना शुभ माना जाता है. इसके अलावा मान्यता यह भी है कि इस दिन जल से भरे कलश का दान करने से साल भर की एकादशी व्रत का पुण्य मिलता है.
निर्जला एकादशी व्रत के दौरान क्या करें
निर्जला एकादशी के दिन सुबह उठकर स्नान के बाद सूर्य देव को जल अर्पित किया जाता है.
पीले वस्त्र पहनकर भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना की जाती है. साथ ही भगवान को पीले फूल और इसी रंग का चंदन अर्पित किया जाता है. इसके अलावा उन्हें पंचामृत अर्पित किया जाता है.
निर्जला एकादशी के व्रत में जल के सेवन नहीं किया जाता है. ऐसे में इस दिन जल या जल से भरे पात्र का दान करना शुभ होता है.
निर्जला एकादशी के दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी के मंत्रों का जाप करना शुभ माना जाता है. इसलिए भक्त इस दिन प्रभु के मंत्रों का जाप करते हैं.
निर्जला एकादशी व्रत के दौरान व्रती को दिन के समय सोना निषेध माना गया है. इसके अलावा रात में भगवान विष्णु की उपासना की जाती है.
निर्जला एकादशी का व्रत रखने वालों को पारण के दिन ब्रह्मणों को दान-दक्षिणा देकर व्रत खोला जाता है.
निर्जला एकादशी व्रत में नहीं किए जाते हैं ये काम
-निर्जला एकादशी व्रत में सूर्योदय से सूर्यास्त तक जल ग्रहण नहीं किया जाता है. ऐसे में व्रती को इस बात का ध्यान रखना चाहिए.

-निर्जला एकादशी के दिन चावल नहीं खाया जाता है.

-इस दिन तुलसी के पत्ते नहीं तोड़े जाते हैं.

-निर्जला एकादशी के दिन शारीरिक संबंध बनाना बिल्कुल निषेध माना गया है.

-निर्जला एकादशी के दिन लहसुन, प्याज, मांस-मदिरा के सेवन नहीं किया जाता है. मान्यता है कि ऐसा करने से व्रत भंग हो जाता है.

रायपुर /शौर्यपथ/

रायपुर जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में कला जत्था/नाचा दल के माध्यम से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जा रही है। इसके तहत जनसंपर्क विभाग द्वारा रायपुर जिले में 90 स्थानों में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जा रही है।

इसके तहत गत् दिनों अभनपुर विकासखंड के ग्राम टोकरो, मानिकचौरी, बेलडीह, उगेतरा, मंदलौर, कठिया, जौंदी और जोंदा में तथा धरसीवां विकासखंड के ग्राम परसतराई, कपसदा, तिवरैया, सिलतरा, धनेली, साकरां में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गई।

सरल, सहज और सरस तरीके से तथा हिंदी एवं छत्तीसगढ़ी भाषा के माध्यम से इन प्रस्तुतियां के द्वारा राज्य शासन की फ्लेगशिप योजनाओं गोधन न्याय योजना, राजीव गांधी किसान न्याय योजना, राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना, किसानों की कर्जमाफी, धान खरीदी, ब्याजमुक्त कृषि ऋण योजना, मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना, दाई-दीदी क्लीनिक योजना, मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान, मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना, स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट स्कूल, धनवंतरी मेडिकल जैनरिक स्टोर तथा नरवा, गरवा, घुरवा और बारी जैसी अनेक योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। इन कार्यक्रमों के आयोजन में उपकार पंथी लोकनृत्य कल्याण सेवा समिति मंदिर-हसौद, उदग्म सेवा समिति और चित्रोत्पला लोक कला परिषद रायपुर के माध्यम से किया जा रहा है।

रायपुर /शौर्यपथ/

व्यवस्था बनाएं कि मरीजों

प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने आज विभागीय कार्यों की समीक्षा की। महासमुंद जिला पंचायत के सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने महासमुंद मेडिकल काॅलेज और स्वास्थ्य विभाग के कार्यों के साथ ही पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने बैठक में मेडिकल कॉलेज को दवाईयों के लिए सीजीएमएससी को इंडेंट देने के निर्देश दिए। उन्होंने मेडिकल कॉलेज के डाॅक्टरों को जेनेरिक दवाईयां ही प्रिस्क्राइब करने कहा ताकि लोगों को सस्ते दरों पर इलाज मुहैया हो सके। बैठक में वन विकास निगम के अध्यक्ष एवं बसना विधायक श्री देवेन्द्र बहादुर सिंह, जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती उषा पटेल, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री प्रसन्ना आर., स्वास्थ्य विभाग के आयुक्त डाॅ. सी.आर. प्रसन्ना और महासमुंद मेडिकल कॉलेज की डीन डाॅ. यास्मिन खान भी उपस्थित थीं।

स्वास्थ्य मंत्री ने बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और डॉक्टरों को ऐसी व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए जिससे कि मरीजों को ज्यादा से ज्यादा दवाईयां निःशुल्क मिलें। उन्होंने जिले के अस्पतालों में सीजीएमएससी द्वारा भेजी गई दवाईयों को लेने के लिए पुश करने कहा। श्री सिंहदेव ने सिकलसेल, टी.बी. और कुष्ठ रोग के उन्मूलन के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने डाॅ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत शासकीय अस्पतालों में आईपीडी मरीजों को उपलब्ध कराए गए इलाज की क्लेम राशि के प्रस्ताव ज्यादा से ज्यादा संख्या में भेजने कहा। उन्होंने जिले के अस्पतालों द्वारा क्लेम के लिए कम संख्या में प्रस्ताव भेजने पर नाखुशी जतायी।

स्वास्थ्य मंत्री श्री सिंहदेव ने समीक्षा बैठक में जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों और उप स्वास्थ्य केन्द्रों के भवनों की स्थिति, उपकरणों और दवाओं की उपलब्धता तथा स्टाफ की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक योजना के लिए अलग से एमबीबीएस डाॅक्टरों की नियुक्ति की जा रही है। उन्होंने जिले में कोविड टीकाकरण की प्रगति की भी जानकारी ली।

श्री सिंहदेव ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित विभिन्न येाजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने नरवा, गरवा, घुरवा, बारी योजना के तहत गौठान एवं चारागाह निर्माण से संबंधित कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने मनरेगा, गोधन न्याय योजना, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, रूर्बन मिशन, मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना, जीपीडीपी, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, चैदहवें वित्त आयोग के अंतर्गत ग्राम पंचायतों को वितरित राशि तथा ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के कार्याें की समीक्षा की।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों ने बैठक में बताया कि जिले के 551 गौठानों में से 358 में गोधन न्याय योजना के अंतर्गत गोबर की खरीदी की जा रही है। जिले के अलग-अलग गौठानों में कुल 3802 स्व-सहायता समूहों की महिलाएं विभिन्न रोजगारपरक गतिविधियों में संलग्न हैं। जिले के 129 चारागाहों में कुल 751 एकड़ में चारागाह विकसित किया गया है। मिशन अमृत सरोवर के अंतर्गत जिले में बनने वाले 75 सरोवरों में से 53 के लिए प्राक्कलन तैयार किया जा चुका है। अधिकारियों ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2021-22 में 3277 नए परिवारों में व्यक्तिगत शौचालय और 262 सामुदायिक शौचालय बनाए गए हैं।
महासमुंद मेडिकल काॅलेज के कार्याें की समीक्षा के दौरान डीन डाॅ. यास्मिन खान ने बताया कि नए मेडिकल काॅलेज के लिए खरोरा में 90 एकड़ जमीन चिन्हांकित की गई है। उन्होंने काॅलेज और इससे संबद्ध अस्पताल के लिए स्वीकृत सेटअप की जानकारी दी। जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. एस.आर. बंजारे ने बैठक में बताया कि मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक योजना के माध्यम से वर्ष 2021-22 में जिले के 89 हाट बाजारों में एक लाख 12 हजार से अधिक लोगों को इलाज उपलब्ध कराया गया है। इस दौरान जिले में 17 हजार 299 संस्थागत प्रसव कराए गए हैं। बीते वित्तीय वर्ष में करीब 18 हजार बच्चों का नियमित टीकाकरण किया गया है। समीक्षा बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एस. आलोक, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री यतेन्द्र साहू और सिविल सर्जन डाॅ. एन.के. मंडपे सहित अनेक विभागीय अधिकारी मौजूद थे।

 

रायपुर /शौर्यपथ/

उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के बस्तर और सरगुजा संभाग में दूरस्थ इलाकों में नये कॉलेज खोलना प्राथमिकता है, जिससे अनुसूचित जन जातीय इलाकों के विद्यार्थियों को उनके इलाके में ही उच्च शिक्षा हासिल करना सहज हो सके। उच्च शिक्षा मंत्री पटेल आज यहां महानदी मंत्रालय भवन में उच्च शिक्षा परिषद की बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने बैठक में मौजूद विश्वविद्यालयों के कुलपति एवं कॉलेजों के प्राचार्यों से कहा कि वे अपने संस्थानों में शार्ट टर्म रोजगार मूलक कोर्स शुरू कराएं, जिससे प्रदेश के छात्रों को फायदा मिले। उन्होंने सभी स्नातक एवं स्नातकोत्तर कक्षाओं में विद्यार्थियों को कार्ययोजना के अनुसार कम्प्यूटर प्रशिक्षण देने के भी निर्देश दिए।
उच्च शिक्षा मंत्री श्री पटेल ने बैठक में राज्य के शासकीय महाविद्यालयों में नैक के मूल्यांकन कार्य की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि नैक मूल्यांकन का कार्य राज्य के कॉलेजों में तेजी से किया जा रहा है। नैक मूल्यांकन के लिए शेष रहे गए कॉलेजों के मूल्यांकन के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे शीघ्र ही नैक मूल्यांकन की तिथि निश्चित कराने के लिए आवश्यक कार्यवाही करें। उन्हांेंने नैक मूल्यांकन की प्रगति के लिए अधिकारियों को बधाई दी। बैठक में राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के तहत न्यू एजूकेशन पालिसी के अंतर्गत उच्च शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई।
उच्च शिक्षा मंत्री ने प्रदेश के महाविद्यालयों को बहु संकायी रोजगार मूलक सर्टिफिकेट, डिप्लोमा तथा पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रम स्ववित्तीय मोड में प्रारंभ करने के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में एकल विषय पर आधारित संस्थानों को बहुविषयक संस्थान के रूप में उन्नयन किया जाना चाहिए। उन्होंने भविष्य में बहु विषयक संस्थान ही खोले जाने पर जोर देते हुए सुकमा, कोण्डागांव, दंतेवाड़ा, बलरामपुर, सूरजपुर, कोरिया पेंड्रा और जशपुर नगर में प्राथमिकता के आधार पर बहु विषय कॉलेज खोलने की बात कही।
बैठक में राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति, राष्ट्रीय उच्च शिक्षा अभियान कार्यालय में पूर्व एवं वर्तमान में केन्द्रीकृत ऑनलाईन कक्षाओं के संचालन की कार्योत्तर स्वीकृति के संबंध में विस्तार से चर्चा हुई। नई शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन के संबंध में गठित वर्किंग कमेटी की रिपोर्ट पर भी चर्चा की गई। इसी तरह से राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत राज्य के कॉलेजों में सकल दर्ज अनुपात में वृद्धि के लिए कार्ययोजना के तहत कार्य करने के लिए आवश्यक कदम उठाने अधिकारियों से कहा गया। बैठक में इंटर्नशिप एम्बेडेड पाठ्यक्रम लागू करने, सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग एवं एकीकरण तथा उच्च शिक्षा संस्थाओं में शोध एवं नवाचार को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए। बैठक में स्नातक कक्षाओं के पाठ्यक्रमों के निर्माण हेतु गठित केन्द्रीय अध्ययन मण्डल के सदस्यों हेतु प्रस्तावित मार्गदर्शी निर्देशों का अनुमोदन किया गया।
इसी तरह से राष्ट्रीय स्तर के अन्य विश्वविद्यालयों के गुणवत्तापूर्ण पाठ्यक्रम के अनुरूप समान्तर स्नातक स्तर पर पाठ्यक्रम के निर्माण पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। बैठक में राष्ट्रीय उच्चत्तर शिक्षा अभियान फेस तीन के संबंध में भारत सरकार से प्राप्त प्रस्तावित मापदंडों एवं नैक मूल्यांकन कार्य की प्रगति एवं विभागीय प्रयासों की समीक्षा तथा आगामी रणनीति पर सदस्यों ने जरूरी सुझाव दिए।
बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के सचिव श्री भुवनेश यादव, उच्च शिक्षा की आयुक्त श्रीमती शारदा वर्मा, पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर के कुलपति श्री केशरीलाल वर्मा, कुलपति बस्तर विश्वविद्यालय श्री शैलेन्द्र कुमार सिंह, कुलपति बिलासपुर विश्वविद्यालय श्री एडीएम वाजपेयी, कुलपति इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय श्री गिरीश चंदेल सहित छत्तीसगढ़ राज्य उच्च शिक्षा परिषद के सदस्य डॉ. ए.टी.दाबके, श्री एस.एन.अग्रवाल, डॉ. इंद्रा मिश्रा सहित अन्य सदस्य एवं उच्च शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

 

रायपुर /शौर्यपथ/

प्रवास के दूसरे दिन जिला पंचायत परिसर

पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  टी.एस. सिंहदेव ने आज अपने महासमुंद प्रवास के दूसरे दिन जिला पंचायत परिसर में जिले की स्व-सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा निर्मित सामग्रियों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने महिलाओं से चर्चा कर इन समानों को तैयार करने के लिए कच्चे माल की आपूर्ति, इनकी बिक्री और इनसे हो रही कमाई के बारे में भी जानकारी ली।  सिंहदेव ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत गठित जिले के विभिन्न समूहों द्वारा निर्मित मिट्टी के समान, छिंद के समान, लड्डू, पापड़, बड़ी, हल्दी पाउडर, मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर, सजावट के समान, अचार, साबुन, फिनाॅयल, हैण्ड सैनिटाइजर, हैण्ड वाॅश, टाॅयलेट क्लीनर, वाॅशिंग पाउडर, अगरबत्ती, पेन, मोबाइल पर्स, पैरदान, चूड़ी, कुशन, खस और बांस से निर्मित सामग्रियों को बारिकी से देखा। उन्होंने महिलाओं की लगन और कौशल की प्रशंसा करते हुए उनके बनाए समानों की अधिक से अधिक बिक्री के लिए प्रोत्साहित किया।

 

रायपुर /शौर्यपथ/

से सामने लाएं कुशाभाऊ ठाकरे

राज्यपाल एवं कुलाधिपति सुश्री अनुसुईया उइके आज कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर के पंचम दीक्षांत समारोह में शामिल हुईं और स्नातक, स्नातकोत्तर विद्यार्थियों एवं पीएच.डी. धारकों को उपाधि प्रदान की। इस अवसर पर श्री रविशंकर जी महाराज, वरिष्ठ पत्रकार एवं पूर्व महासचिव, ब्रॉडकास्ट एडिटर्स एसोसिएशन श्री एन.के. सिंह, विधायक एवं पूर्व मंत्री  बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर नगर निगम के महापौर श्री एजाज ढेबर उपस्थित थे। दीक्षांत समारोह में वर्ष 2019, 2020 एवं 2021 के 345 स्नातक, 584 स्नातकोत्तर एवं दो शोधार्थियों को पीएच.डी. की डिग्री एवं प्रावीण्य सूची में प्रथम स्थान पर आने वाले विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल प्रदान किया गया।

पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय का पंचम दीक्षांत समारोह संपन्न
राज्यपाल सुश्री उइके ने उपाधि प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को अपनी शुभकामनाएं दी और कहा कि लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका हमेशा से महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने उपाधि प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों का आह्वान किया कि पत्रकारिता के उन आदर्श गुणों को अवश्य अपनाएं, जिससे समाज और राष्ट्र का नव-निर्माण हो सके। आधुनिक संचार के युग में मीडिया के विद्यार्थियों के सामने दोहरी चुनौती है कि वे पत्रकारिता के उच्च मानदंडों के साथ अपना कैरियर बनाने के साथ ही समाज और राष्ट्र के मुख्य मुद्दों पर भी अपनी व्यापक दृष्टि रखें। उन्होंने कहा कि वैचारिक तौर पर मीडिया की विश्वसनीयता और प्रामाणिकता का संकट बढ़ा है। अनेकों बार हम यह देखते हैं कि वंचित-कमजोर वर्ग, महिलाओं और बच्चों से जुड़े मुद्दे उतनी प्रमुखता से नहीं आ पाते। मीडिया के लिए यह एक चुनौती है कि समाज के ऐसे वर्गों को भी राष्ट्र की मुख्यधारा से जोड़ें। उन्होंने कहा कि आज हम स्वाधीनता के 75 वर्ष पूर्ण होने पर आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं। स्वाधीनता आंदोलन में समाचार पत्र-पत्रिकाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उस दौर में पत्रकारिता एक मिशन की तरह की जाती थी। आजादी के अमृत महोत्सव में उन असंख्य पत्रकारों का त्याग हमें नहीं भूलना चाहिए, जिन्होंने स्वाधीनता आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लिया।
सुश्री उइके ने कहा कि सकारात्मक समाचारों को भी प्रमुखता से पाठकों के सामने लाना चाहिए। पॉजिटिव खबरें प्रेरणादायक होती हैं, अन्यथा कई बार सुबह अखबार खोलने पर लगता है कि दुनिया में सब कुछ गलत ही हो रहा है। सकारात्मक विचार जीवन में भी सकारात्मकता लाते हैं और चेहरे पर मुस्कान भी। पत्रकारिता का जनसरोकार, हमेशा समाज की धुरी है। वह उससे अलग कभी नहीं हो सकता है। पत्रकारिता का मार्ग कठिन हो सकता है, लेकिन समाज के सरोकारों से जुड़ी पत्रकारिता, जनसेवा के महान लक्ष्य को पाने में कभी असफल नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि नया मीडिया अनेक संभावनाओं के साथ समाज और देश की नवचेतना जागृत करने में अग्रसर है। सूचना, ज्ञान, मनोरंजन की दुनिया से आगे निकलते हुए आज मीडिया, हमारे जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में प्रभावशाली भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि कई बार मीडिया में छपी खबरों को भी संज्ञान में लेकर उन्होंने जरूरतमंदों की मदद की है। राज्यपाल ने आशा व्यक्त की कि यहां के विद्यार्थी और यह मीडिया गुरुकुल देशभर में छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करेंगे। उन्होंने दीक्षांत समारोह के सफल आयोजन के लिए विश्वविद्यालय परिवार के कुलपति सहित समस्त स्टॉफ को भी हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
दीक्षांत समारोह के मुख्य वक्ता एवं वरिष्ठ पत्रकार श्री एन. के. सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी अब अपने जीवन के नए चरण में प्रवेश कर रहे हैं। यह नया जीवन आसान नहीं होगा इसका मार्ग कांटों से भरा है, परंतु यदि आप सभी अपनी सच्ची निष्ठा से कार्य करें तो जरूर सफल होंगे। उन्होंने कहा कि सच्चे पत्रकार का जीवन एक संत का जीवन होता है। संत की भांति ही पत्रकार को कठोर तप कर समाज के कल्याण के लिए कार्य करना होता है। उन्होंने कहा कि आधुनिक पत्रकारिता के समक्ष हजारों चुनौतियां हैं। उन्हें निष्पक्ष रूप से एवं बहुआयामी सोच के साथ कार्य करने की आवश्यकता है तभी आप एक सफल पत्रकार बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को नैतिक रूप से प्रतिबद्ध करने और आधुनिक ज्ञान देने के साथ पूर्ण व्यक्तित्व का धनी बनाने की जिम्मेदारी विश्वविद्यालय के शिक्षकों पर भी है।
कुलपति प्रो बल्देव भाई शर्मा ने उपाधि प्राप्त विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राष्ट्र और समाज भारतीय पत्रकारिता के केंद्र बिंदु हैं। सजगता, निर्भयता, सत्यान्वेषण और मानवसेवा पत्रकारिता के 4 आयाम हैं। इसे सभी युवा विद्यार्थियों को अपने जीवन मे आत्मसात करते हुए जनकल्याण के लिए पत्रकारिता करनी चाहिए।
इस अवसर पर दीक्षांत समारोह की स्मारिका का विमोचन किया गया। विश्वविद्यालय का कुल गीत और राज्य गीत भी प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार श्री रमेश नैय्यर, श्री सुधीर सक्सेना, कार्य परिषद् और विद्या परिषद् के सदस्य एवं विश्वविद्यालय संकाय सदस्य सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं अभिभावक उपस्थित थे। कुल सचिव श्री आनंद शंकर बहादुर ने धन्यवाद ज्ञापन दिया।

रायपुर /शौर्यपथ/

आगे की तैयारी के लिए 5

मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने ग्रीस में आयोजित आईडब्ल्यूएफ जूनियर वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में तीन रजत पदक जीतने वाली छत्तीसगढ़ की बेटी ज्ञानेश्वरी यादव को आगे की तैयारी के लिए पांच लाख रूपए की आर्थिक सहायता और छत्तीसगढ़ पुलिस में सहायक उपनिरीक्षक के पद पर नियुक्ति देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर ज्ञानेश्वरी यादव के कोच अजय लोहार को भी 5 लाख रूपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।

लाख रूपए की आर्थिक मदद और एएसआई के पद पर नौकरी देने की घोषणा
राजनांदगांव निवासी ज्ञानेश्वरी यादव ने आज मुख्यमंत्री  बघेल से उनके रायपुर स्थित निवास कार्यालय में मुलाकात कर उन्हें अपनी उपलब्धि की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने ज्ञानेश्वरी को इस अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन रजत पदक जीतने पर बधाई और शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। श्री बघेल ने कहा कि ज्ञानेश्वरी ने अपनी उपलब्धि से पूरे छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया है। मुख्यमंत्री ने ज्ञानेश्वरी यादव, उनके कोच श्री अजय लोहार, ज्ञानेश्वरी के पिता श्री दीपक यादव को शाल और स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया।
ग्रीस के हेराक्लिओन शहर में 01 से 10 मई तक आयोजित जूनियर वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में ज्ञानेश्वरी ने 49 किलोग्राम वर्ग के स्नेच, क्लीन एंड जर्क स्पर्धा में रजत पदक जीते। मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान दिग्विजय स्टेडियम राजनांदगांव के मैनेजर श्री रणविजय प्रताप सिंह भी उपस्थित थे।

 

 जगदलपुर / शौर्यपथ /

विशेष कनिष्ठ कर्मचारी चयन बोर्ड बस्तर संभाग के अन्तर्गत कार्यालय कलेक्टर बस्तर से जारी किए विज्ञापन के अनुसार तृतीय श्रेणी के सहायक ग्रेड-3 के रिक्त पदों पर भर्ती हेतु वर्गवार दस्तावेजों की सत्यापन की तिथि निर्धारित कर दी गई है। अपर कलेक्टर एवं चयन समिति के अध्यक्ष श्री अरविंद एक्का ने बताया कि लिखित एवं कौशल परीक्षा में उत्तीर्ण परीक्षार्थियों की प्राप्त वरीयता सूची के अनुसार वर्गवार दस्तावेजों की सत्यापन की तिथि निर्धारित की गई है। इसके अन्तर्गत मंगलवार 7 जून को सुबह 10.30 बजे से अनुसूचित जनजाति वर्ग तथा बुधवार 8 जून को सुबह 10.30 बजे से अन्य पिछड़ा वर्ग तथा दिव्यांग अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। दस्तावेजों का सत्यापन कलेक्टोरेट जगदलपुर के आस्था कक्ष में निर्धारित तिथि एवं समय पर किया जाएगा। सत्यापन हेतु चयनित अभ्यर्थियों की सूची बस्तर जिले की वेबसाईट ूूूण्इेंजंतण्हवअण्पद एवं कलेक्टोरेट जगदलपुर के अलावा जिले के सभी राजस्व अनुविभागीय अधिकारी, तहसील तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत के कार्यालयों के सूचना पटल पर प्रकाशित कर दी गई है।

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