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राजनांदगांव/ शौर्यपथ/ शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय स्व. श्री अटल बिहारी वाजपाई स्मृति महाविद्यालय एवं हॉस्पिटल के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. प्रकाश खूंटे ने देश के सबसे बड़े मेडिकल क्षेत्र के मेडिसिन कॉन्फ्रेंस में छत्तीसगढ़ का प्रतिष्ठा बढ़ाया।
इस वर्ष भारतीय चिकित्सकों के संघ के 80वें वार्षिक सम्मेलन में उन्होंने गंभीर मलेरिया बीमारी के डायग्नोसिस और इलाज के नए तरीके पर अपना महत्वपूर्ण लेक्चर दिया।
यह सम्मेलन 23 से 26 जनवरी 2025 तक कोलकाता के विश्व बांग्ला मेला प्रांगण में आयोजित हुआ, जहां देशभर के और विदेशों से भी चिकित्सक, शोधकर्ता और स्वास्थ्य पेशेवर उपस्थित हुए। डॉ. खूंटे छत्तीसगढ़ के चुनिंदा 10 से 12 चिकित्सकों में से एक थे, जिन्होंने इस बड़े मंच पर अपने विचार साझा किए।मलेरिया, खासकर छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या है, और इस क्षेत्र में मलेरिया के मामले उड़ीसा के बाद सबसे अधिक पाए जाते हैं।
डॉ. खूंटे ने मलेरिया के सबसे खतरनाक रूप, फ़ाल्सीपेरम मलेरिया, और इसके इलाज में किए गए नए शोधों पर चर्चा की। इसके साथ ही उन्होंने मलेरिया के लिए उपलब्ध टीका RTS,S की सीमाओं के बारे में भी जानकारी दी, जो केवल मध्यम रूप से प्रभावी है।
इस सम्मेलन में भारत और दुनियाभर से स्वास्थ्य सेवा में प्रगति और उभरते संक्रमणों पर भी चर्चा की गई, और डॉ. खूंटे ने इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता से छत्तीसगढ़ और राजनांदगांव का नाम रोशन किया। डॉ खूंटे स्टेट लेवल में भी मेडिकल कॉन्फ्रेंस में अपना व्याख्यान देते रहते है ।
मौके पर अनुपस्थित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी
मुंगेली/शौर्यपथ / खाद्य सुरक्षा और भंडारण व्यवस्था की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री राहुल देव ने पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल के साथ राज्य भंडार गृह निगम धपई गोदाम का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर और एसपी ने गोदाम में संग्रहित चावल की गुणवत्ता, स्टॉक की उपलब्धता और रखरखाव की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने मौके पर कनिष्ठ तकनीकी सहायक और डिपो इंचार्ज की अनुपस्थिति पाए जाने पर कड़ी नाराजगी जाहिर की और कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि गोदाम में नान एवं वेयरहाउस के जिन अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी लगी है और यदि वे समय पर अनुपस्थित पाए जाते हैं, तो यह अनुशासनहीनता को दर्शाता है।
कलेक्टर ने कहा कि खाद्यान्न की गुणवत्ता सरकारी मानकों के अनुरूप होनी चाहिए। साथ ही मिलर्स को शासन के निर्देशों के अनुसार चावल जमा करना सुनिश्चित कराएं। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि गोदाम में यदि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाई जाती है, तो संबंधित के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि खाद्य भंडारण व्यवस्था की नियमित निगरानी जारी रहेगी, ताकि जनता को गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न उपलब्ध हो सके। जिला प्रबंधक श्री प्रमोद कुमार जांगड़े ने बताया कि माह फरवरी 2025 का पीडीएस भंडारण निर्धारित समयावधि में पूर्ण किया जा चुका है, जिस पर कलेक्टर ने विभागीय अधिकारियों के कार्य की सराहना की। इस अवसर पर संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
राजनांदगांव/शौर्यपथ /उच्च स्तरीय औषधि निपटान समिति द्वारा क्षेत्रीय पर्यावरण अधिकारी छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मण्डल, भिलाई एवं पंचानों की उपस्थिति में समुचित सुरक्षा व्यवस्था के साथ राजनांदगांव रेंज अंतर्गत आने वाले राजनांदगांव, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई, मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिले के कुल 110 प्रकरणों में लगभग 1 करोड़ 74 लाख 70 हजार रूपए के गांजा 1458.518 किलोग्राम, कैप्सूल 4032 नग, ब्राउन शुगर 2548.8 मिलीग्राम, टेबलेट 60 नग को भिलाई इस्पात संयंत्र के एसएमएस-03 भस्मीकरण यंत्र भिलाई जिला दुर्ग में मादक पदार्थ (गांजा) को जलाकर तथा अन्य नशीली दवाईयों सीरप 235 नग एवं इंजेक्शन 60 नग को प्लांट के पास सुरक्षित स्थान पर खुले स्थान में सेसीबी से गड्डा खुदवाकर दबाकर व पाटकर विधिवत नष्टीकरण की कार्रवाई सम्पन्न की गई। नष्टीकरण कार्रवाई के दौरान पुलिस महानिरीक्षक राजनांदगांव रेंज श्री दीपक कुमार झा, पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव श्री मोहित गर्ग, पुलिस अधीक्षक कबीरधाम श्री धर्मेन्द्र सिंह, पुलिस अधीक्षक मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी श्री वायपी सिंह, पुलिस अधीक्षक खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई श्री त्रिलोक बंसल सहित संभागीय उपायुक्त आबकारी दुर्ग क्षेत्र, क्षेत्रीय पर्यावरण अधिकारी कार्यालय छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल भिलाई, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय पुलिस महानिरीक्षक राजनांदगांव रेंज, उप पुलिस अधीक्षक अजाक राजनादगांव, उप पुलिस अधीक्षक कबीरधाम एवं राजनांदगांव, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई, मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिले के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह अंतर्गत विद्यार्थियों को यातायात नियमों का पालन करने किया गया जागरूक
राजनांदगांव /शौर्यपथ / राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह अंतर्गत पंडित किशोरी लाल शुक्ल उद्यानिकी महाविद्यालय पेण्ड्री में विद्यार्थी के हित में सुरक्षित सड़कों की आवश्यकता विषय पर जन जागरूकता अभियान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अधिष्ठाता डॉ. उमेश देशमुख ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सभी व्यक्तियों को जागरूक करने की आवश्यकता है। ट्रैफिक नियमों का पालन करने से सड़क दुर्घटनाओं को कम किया जा सकता है, जिससे लोगों के जान-माल की सुरक्षा होगी। उन्होंने विद्यार्थी को यातायात नियमों का पालन कर एक जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया। डॉ. वर्षा कुमार ने स्पीड ब्रेकर एवं लापरवाही से वाहन चालन के परिणामों के बारे में बताया। डॉ. मेधा शाहा ने ट्रैफिक सिग्नल की आवश्यकता एवं यातायात नियमों का पालन करने के संबंध में जानकारी दी। कार्यक्रम में पुलिसकर्मी श्री ईश्वर वैष्णव ने सभी विद्यार्थियों को यातायात नियमों एवं व्यवस्थाओं के अनुपालन, पैदल यात्रियों की सुरक्षा सहित अन्य विषयों के संबंध में जानकारी दी। विद्यार्थी श्री प्रशांत श्रीवास्तव ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति की सड़क दुर्घटना हो जाती है, उस व्यक्ति को एक जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य निभाते हुए तुरंत अस्पताल ले जाना चाहिए।
राजनांदगांव/शौर्यपथ/ नगर पंचायत लालबहादुर नगर के भाजपा के वार्ड पार्षदों की सूची जारी
राजनांदगांव/शौर्यपथ/नगर पंचायत डोंगरगांव के भाजपा के वार्ड पार्षदों की सूची जारी
- उद्यानिकी महाविद्यालय पेंड्री के विद्यार्थियों ने सीखी रेजिन की कला
राजनांदगांव /शौर्यपथ /अधिष्ठाता उद्यानिकी महाविद्यालय पेंड्री राजनांदगांव डॉ. उमेश देशमुख के मार्गदर्शन महाविद्यालय के विद्यार्थियों को रेजिन के माध्यम से सूखे फूलों से आकर्षक स्वरूप में कलाकृतियां बनाने की प्रक्रिया को बताया गया। डॉ. मेधा शाहा के निर्देशन एवं डॉ. खुशबू शर्मा के सहयोग से महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं को सूखे फूलों को रेजिन के माध्यम से पेपरवेट, पेंडेंट, ट्रे और की चेन जैसे उत्पादों को बनाकर तैयार करने की प्रक्रिया को सीखाया गया। गुलाब, गेंदा और सेवंती जैसे सूखे फूलों एवं पत्तियों से बने खूबसूरत उत्पादों में फूलों की विविध मोहक स्वरूप में प्रस्तुत किया गया है। कई तरह की डिजाइन एवं कलाकृति एवं उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण दिया गया।
यह कला विद्यार्थियों के लिए प्रायोगिक कक्ष में बहुत असरदार साबित होगी। बच्चों ने इसमें अपना हुनर प्रदर्शित किया। इससे छात्र-छात्राओं को रोजगार के अवसर मिलेगा।
- कृषि के क्षेत्र में उपयोग किए जा रहे पानी का विवेकपूर्ण तरीके से उपयोग करना आवश्यक
- कलेक्टर ने कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, कृषि विज्ञान केन्द्र एवं मत्स्यपालन विभाग के कार्यों की समीक्षा की
राजनांदगांव /शौर्यपथ /कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, कृषि विज्ञान केन्द्र एवं मत्स्यपालन विभाग की भौतिक, वित्तीय प्रगति एवं अन्य गतिविधियों की समीक्षा की। कलेक्टर अग्रवाल ने जिले में घटते हुए जल स्तर पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि किसानों को कम पानी उपयोग वाली अधिक लाभकारी फसलों की खेती के लिए किसानों को प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि कृषि के क्षेत्र में उपयोग किए जा रहे पानी का विवेकपूर्ण तरीके से उपयोग करना आवश्यक है। जिले में मक्का, दलहन, तिलहन एवं सब्जी, फल जैसी फसलों की खेती का रकबा बढ़ाने कहा। जिससे किसानों को खेती-किसानी में अधिक लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रगतिशील किसान जो कम पानी उपयोग वाली फसलों के उत्पादन से अधिक आमदानी अर्जित कर रहें हैं उन्हें अन्य किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए कार्यक्रम एवं संगोष्ठियां आयोजित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने बीज की उपलब्ध के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सही समय में पर्याप्त मात्रा में बीज उपलब्ध हो जाना चाहिए। किसानों को किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होनी चाहिए। किसानों को सही समय पर पर्याप्त मात्रा में कम पानी उपयोग वाली बीज उपलब्ध होने से किसानों को सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि बीज उत्पादन कार्यक्रम प्रचलित फसलों की खेती तुलना में आर्थिक रूप से अधिक लाभकारी है। बीज उत्पादन के क्षेत्र में स्वावलंबी बनाने के लिए धान के अलावा दलहन, तिलहन एवं अन्य फसलों की खेती का विस्तार करने के निर्देश दिए। कलेक्टर अग्रवाल ने कहा कि वृक्षारोपण में वृहद स्तर पर नीम के पौधे रोपे जाएंगे। उन्होंने नीम के पौधे तैयार करने के लिए नर्सरी तैयारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कृषि एवं उद्यानिकी फसलों के उत्पादों में उपयोग किए जा रहे हानिकारक रासायनों के कारण स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ी है।
कलेक्टर अग्रवाल ने पधुधन विकास विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों पर असंतुष्टि जाहिर करते हुए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि क्षेत्रवार लक्ष्य निर्धारित करते हुए कार्य करें और लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने बैकयार्ड कुक्कुट ई-वितरण, बकरा वितरण, सांड वितरण, उन्नत मादा वत्स पालन, राज्य डेयरी उद्यमिता विकास के भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कृत्रिम गर्भाधान एवं टीकाकरण योजना में लक्ष्य के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने मत्स्य विभाग द्वारा संचालित प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, मत्स्य बीज उत्पादन, मत्स्योत्पादन, मत्स्य पालन प्रसार योजना, शिक्षण प्रशिक्षण योजना, मछुआ सहकारी समितियों को अनुदान, जलाशयों में मत्स्योद्योग विकास योजना एवं मछुआरों का दुर्घटना बीमा के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने मत्स्य बीज उत्पादन एवं मत्स्योत्पादन योजना में प्रगति लाने के निर्देश दिए। इस अवसर पर उप संचालक कृषि नागेश्वर लाल पाण्डे, उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं डॉ. अनुप चटर्जी, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख कृषि विज्ञान केन्द्र सुरगी डॉ. गुंजन झा, सहायक संचालक उद्यान जीएस सोनकुसले, मत्स्य निरीक्षक मत्स्य पालन सुश्री वर्तिका ठाकुर, बीज प्रबंधक परमानंद वर्मा, सहायक बीज प्रमाणीकरण अधिकारी नीरज अंकुर टोप्पो सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
- वन चेतना केन्द्र में कटहल और जामून का किया पौधा रोपण
राजनांदगांव /शौर्यपथ /वन एवं जलवायु, परिवर्तन, जल संसाधन, कौशल विकास, सहकारिता एवं संसदीय कार्य विभाग मंत्री श्री केदार कश्यप ने आज राजनांदगांव जिले के प्रवास के दौरान वन चेतना केन्द्र मनगट्टा का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत वन चेतना केन्द्र में कटहल और जामुन का पौधा रोपण किया। वन मंत्री श्री कश्यप ने वनचेतना केंद्र मनगट्टा पहुंचने के बाद ट्री हाउस, मड हाउस, निर्माणाधीन स्टोन हाउस का निरीक्षण करने के बाद जीप में बैठकर बफरजोन का दौरा किया। उन्होंने रास्ते भर रूक-रूककर वन्य जीवों के संबंध में अधिकारियों से पूछताछ करते हुए चीतलों के आहार व स्वास्थ्य के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने वन चेतना केन्द्र के क्षेत्र, वन्यजीव और सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। वन मंत्री ने मनगट्टा वन चेतना केन्द्र को पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधायुक्त बनाने की दिशा में कार्य करने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह बहुत अच्छा वन चेतना केन्द्र है। इसे आकर्षक रूप से बनाने के लिए राज्य सरकार पूरा ध्यान दे रही है। वन चेतना केन्द्र में चीतल, पायथन जैसे जानवरों की मौजुदगी इसे विशेष बनाती है। यहां पर और कौन-कौन से वन्यजीव रख सकते हैं इसके लिए परीक्षण किया जाएगा। उन्होंने यहां आने वाले पर्यटकों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। इस अवसर पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री वी श्रीनिवास राव, सीसीएफ वन्य प्राणी, सीएफ, डीएफओ श्री आयुष जैन, एसडीएम श्री खेमलाल वर्मा सहित जनप्रतिनिधि एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
राजनांदगांव/शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड राजनांदगांव सर्किल में नये अधीक्षण अभियंता का पदभार श्री शंकेश्वर कंवर ने आज संभाला। पॉवर मुख्यालय रायपुर द्वारा जारी आदेशानुसार अधीक्षण अभियंता महासमुूंद वृत श्री कंवर का पदस्थापना राजनांदगांव वृत्त में हुआ। तत्पश्चात प्रभारी अधीक्षण अभियंता श्री के0सी0 खोटे अधीक्षण अभियंता कार्या0 कार्यपालक निदेशक (राज0क्षेत्र) ने उन्हे पदभार सौंपा। नये अधीक्षण अभियंता बनाये जाने पर उन्हें राजनांदगांव क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक श्री शिरीष सेलट ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी ।
इस अवसर पर राजनांदगाव सर्किल के नये अधीक्षण अभियंता श्री शंकेश्वर कंवर ने कहा कि विद्युत कंपनी के सेवाकाल में स्थानांतरण एक स्वभाविक प्रक्रिया है और इस प्रक्रिया के तहत मिले नये दायित्वों एवं चुनौतियों का सामना करते हुए कंपनी के हित को सर्वोपरि रखना है। उन्होने कहा कि नये स्थानों पर नये जिम्मेदारियों के लिए सदैव तैयार रहकर कंपनी एवं उपभोक्ता के हित में काम करते हुए अपने पदांे के साथ न्याय करने पर ही संतुष्टि मिलेगी। राजनांदगांव वृत के अन्तर्गत राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी एवं खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, जिलें में सतत् विद्युत आपूर्ति सहित उपभोक्ताओं को बेहतर विद्युत सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगें।
पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी नये अधीक्षण अभियंता श्री कंवर के प्रति अपनी भावनाओं को अभिव्यक्त किया तथा उनके नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं प्रेषित की। इस अवसर पर कार्यपालन अभियंता सुश्री गीता ठाकुर, श्री आर0के0 गोस्वामी, श्री पी.सी. साहू, श्री ए.के.द्विवेदी, श्री ए.के. रामटेके, पीआरओ डी.एस. मंडावी सहायक अभियंता श्री हेमराज साहू, श्री आर.के. राय, श्रीमती उषा साहू, श्रीमती शेष कुमारी साहू, अनुभाग अधिकारी श्री पी.आर. साहू सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए।
- विभिन्न कार्यक्रमों में होंंगे शामिल
राजनांदगांव/शौर्यपथ /राज्यपाल श्री रामेन डेका 10 जनवरी 2025 को राजनांदगांव जिले के प्रवास पर रहेंगे। राज्यपाल श्री रामेन डेका सुबह 10 बजे राजभवन रायपुर से सड़क मार्ग द्वारा प्रस्थान कर सुबह 11.15 बजे छत्तीसगढ़ डेंटल कॉलेज एवं रिसर्च इंस्टीट्यूट सुंदरा राजनांदगांव पहुंचकर एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत वृक्षारोपण करेंगे एवं स्नातक दिवस समारोह कार्यक्रम में शामिल होंगे। राज्यपाल दोपहर 12.32 बजे छत्तीसगढ़ डेंटल कॉलेज एवं रिसर्च इंस्टीट्यूट सुंदरा राजनांदगांव से सड़क मार्ग द्वारा प्रस्थान कर दोपहर 12.47 बजे सर्किट हाऊस राजनांदगांव पहुंचेंगे और समय आरक्षित रहेंगा। राज्यपाल श्री रामेन डेका दोपहर 2.15 बजे सर्किट हाऊस राजनांदगांव से सड़क मार्ग द्वारा प्रस्थान कर दोपहर 2.20 बजे पद्मश्री गोविंदराम निर्मलकर ऑडिटोरियम गौरव पथ पहुंचकर अभिलाषा के वार्षिक दिवस, पुरस्कार वितरण एवं अभिनंदन कार्यक्रम में शामिल होंगे। राज्यपाल श्री रामेन डेका दोपहर 3.30 बजे पद्मश्री गोविंदराम निर्मलकर ऑडिटोरियम गौरव पथ से सड़क मार्ग द्वारा प्रस्थान कर दोपहर 3.35 बजे सर्किट हाऊस राजनांदगांव पहुंचेंगे एवं समय आरक्षित रहेगा। राज्यपाल दोपहर 3.55 बजे सर्किट हाऊस राजनांदगांव से सड़क मार्ग द्वारा प्रस्थान कर शाम 4 बजे कलेक्टोरेट पहुंचकर परिसर में एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत वृक्षारोपण करेंगे एवं प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक लेंगे। राज्यपाल श्री रामेन डेका शाम 5.30 बजे कलेक्टोरेट राजनांदगांव से सड़क मार्ग द्वारा राजभवन रायपुर के लिए प्रस्थान करेंगे।
- निर्माणाधीन कार्यों का किया निरीक्षण
राजनांदगांव /शौर्यपथ /मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह ने आज छुरिया विकासखंड के ग्राम साल्हे, बननवागांव एवं बरबसपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत निर्माणाधीन मकान, आंगनबाड़ी एवं ग्रे-वाटर ट्रीटमेन्ट प्लांट का निरीक्षण किया। उन्होंने निरीक्षण के दौरान योजना अंतर्गत निर्धाणाधीन एवं प्रगतिरत कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने के आवश्यक निर्देश दिए। सीईओ जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह ग्राम साल्हे में आयोजित स्वच्छता त्यौहार कार्यक्रम में शामिल हुई। उन्होंने ग्रामीणों के साथ मिलकर सार्वजनिक स्थल, स्कूल, गली-महोल्लों की साफ-सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया। साथ ही स्कूली बच्चों, स्वच्छाग्राही दीदीयों एवं स्वसहायता समूह की महिलाओं के साथ रैली निकालकर स्वच्छता के लिए जागरूक किया। इस दौरान सीईओ जिला पंचायत ने सभी को स्वच्छता की शपथ भी दिलाई। उन्होंने ग्राम में नियमित कचरा संग्रहण करने, प्रत्येक घरों से स्वछता शुल्क देने, अपने घरों के आसपास की नियमित साफ-सफाई एवं कचरा का सही तरीके के निपटान करने के लिए ग्राम पंचायत, स्वच्छता समूह एवं ग्रामीणों से कहा। इस अवसर पर सीईओ जनपद पंचायत छुरिया श्री होरीलाल साहू, अनुविभागीय अधिकारी ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, जिला समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन, ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव एवं पदाधिकारी, जनपद पंचायत के अधिकारी-कर्मचारी, बिहान की महिला स्वसहायता समूह, स्वच्छता समूह की दीदी, स्कूल के शिक्षक, विद्यार्थी एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
- वन चेतना केन्द्र मनगट्टा को इको टूरिज्म के रूप में किया गया विकसित
- मनगटा में वन्य जीवों का किया गया बेहतरीन संरक्षण
- हरियाली, पर्यावरण, जैव-विविधता और वन्यप्राणियों से भरपूर राजनांदगांव जिले के मूल्यवान धरोहर मनगटा जंगल में चीतल, हिरण का प्राकृतिक अधिवास
- स्थानीय निवासियों को रोजगार के मिले व्यापक अवसर
- सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय विकास की एक अनोखी मिसाल
राजनांदगांव /शौर्यपथ / राजनांदगांव जिले के वन चेतना केन्द्र मनगट्टा के जंगल में सैलानी वन्यजीवों के स्वतंत्र रूप से विचरण करने का आनंद उठा रहे हैं। लगभग 387.500 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले इस जंगल में पर्यटन सुविधाएं विकसित करने के साथ ही वन्य जीवों का बेहतरीन संरक्षण किया गया है। हरियाली, पर्यावरण, जैव-विविधता और वन्यप्राणियों से भरपूर राजनांदगांव जिले के मूल्यवान धरोहर मनगटा जंगल में चीतल, हिरण का प्राकृतिक अधिवास है। प्राकृतिक छटा से भरपूर इस अद्भुत स्थल में जंगली सुअर, अजगर एवं मयूर पक्षी एवं अन्य जीव-जन्तु भी यहां पाये जाते हैं। वन विभाग द्वारा इस क्षेत्र को इको टूरिज्म के रूप में विकसित किया गया है। जंगल सफारी में वन्यजीवों तथा प्रकृति की नैसर्गिक मोहक छटा मन को उल्लास से भर देती है। इस धरोहर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने से पर्यावरण का संरक्षण करने के साथ ही क्षेत्र के लोगों को रोजगार मिला है। मनगट्टा व आसपास के गांवों जैसे झूराडबरी, बघेरा, परसबोड़, बिहावबोड़, मुढ़ीपार और भेंदरवानी के ग्रामीणों के लिए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के व्यापक अवसर मिले हंै। मनगटा वन चेतना केन्द्र सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय विकास की एक अनोखी मिसाल है।
वन मंडल राजनांदगांव के राजनांदगांव परिक्षेत्र अंतर्गत वन प्रबंधन समिति मनगट्टा स्थित है, जिसे चारों ओर खदानों से घिरे आरक्षित वन क्षेत्र कक्ष क्रमांक 548 एवं 549 को संरक्षित कराने की जिम्मेदारी दी गई थी। वर्ष 1998 से ही समिति के सक्रिय योगदान के वजह से यह वन क्षेत्र वनों की अवैध कटाई से पूर्णत: सुरक्षित रहा। जिससे यहां वन्य प्राणी जैसे चीतल, जंगली सूअर, खरगोश एवं अन्य जीव पूर्णत: सुरक्षित रहे। यह वन क्षेत्र वन्य प्राणियों से भरापूरा था एवं राजनांदगांव एवं दुर्ग से लगभग 20 किलोमीटर की दूरी पर था। इसलिये इस छोटे से वन क्षेत्र को वन प्रबंधन समिति के प्रयासों से वन विभाग द्वारा ईको टूरिज्म स्थल के रूप में विकसित किया गया। इस छोटे से वन खण्ड की सीमाएं किसी जंगल से नहीं लगती है। तीन तरफ से इसकी सीमाएं बड़ी-बड़ी जीवित गिट्टी खदानों को छूती है। इसके समीप से ही मुबंई-हावड़ा रेल लाईन गुजरती है। समीपस्थ रेल्वे स्टेशन मुढ़ीपार 3 किलोमीटर दूरी पर है। राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 6 ग्रेट ईस्टर्न रोड पर दुर्ग एवं राजनांदगांव के माध्यम दुर्ग की ओर से ग्राम टेड़ेसरा से नवागांव होते हुए वन चेतना केन्द्र मनगट्टा की दूरी 22 किलोमीटर है।
चारों ओर आबादी एवं औद्योगिक गतिविधियों से घिरे इस छोटे प्राकृतिक वन क्षेत्र पर अत्यधिक जैविक दबाव के कारण वन एवं वन्य प्राणियों का प्राकृतिक आवास अत्यंत विपरीत रूप से प्रभावित हो रहा था। वन्य प्राणी भोजन की तलाश में स्थानीय ग्रामीणों की कृषि फसल को चौपट कर रहे थे। जिसके कारण स्थानीय ग्रामीणों में रोष पनप रहा था। वन प्रबंधन समिति मनगट्टा के ग्रामीणों द्वारा पिछले लगभग 20 वर्षों से इस वन क्षेत्र एवं वन्य प्राणियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही थी। जिसके परिणामस्वरूप इस छोटे से वनक्षेत्र में 250 से अधिक चीतल सुरक्षित विचरण कर रहे थे। परन्तु क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति के कारण प्रतिवर्ष वन विभाग द्वारा 10 से 15 लाख रूपए फसल की क्षति राशि ग्रामीणों को प्रतिपूर्ति की जाती है। ग्रीष्मकाल में पानी की तलाश में प्रति 10 से 15 वन्य जीवों की मौत दुर्घटना से हो रही थी। ऐसी विषम परिस्थितियों को दूर करने के लिए वर्ष 2015 में वन चेतना केन्द्र मनगट्टा को विकसित किया गया। वर्तमान में इस क्षेत्र में चीतल, जंगली सुअर, खरगोश प्रजातियों के पक्षी एवं सरीसृप पाये जाते हैं।
वन चेतना केन्द्र मनगट्टा की स्थापना के प्रथम चरण के रूप में लगभग 11 किलोमीटर लंबाई में वन क्षेत्र को चैनलिंक फेंसिग द्वारा सुरक्षित रखा गया। यहां जो आधारभूत संरचनाएं निर्मित हुई है, वे मुख्यत: सुविधायुक्त बाल उद्यान, पर्यावरणीय शिक्षा प्रदान करने हेतु ओपर एयर थियेटर, पर्यटकों के रहवास हेतु 6 बिस्तरीय चार टेण्ट, दो बिस्तरीय एक ट्री हाऊस, जंगल सफारी, ट्री हाऊस, मड हाऊस, बल उद्यान, पार्किंग, दिनभर की पर्यावरणीय शिक्षा, पाठ्यक्रम के दौरान विश्रांति एवं खान-पान हेतु चार पगोड़ा, एक फारेस्ट डायनिंग, एक फारेस्ट किचन एवं एक वाटरफाल व्यू पांईट का निर्माण किया गया है। प्रकृति से परिचय प्राप्त करने एवं पर्यटकों को वन भ्रमण कराने के उद्देश्य से तीन प्रकृति पथ मनगट्टा प्रकृति पथ, चतरेला प्रकृति पथ तथा पहाड़ीपाट प्रकृति पथ का भी निर्माण किया गया है। वन्य प्राणियों हेतु पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु सोलर चलित ट्यूबवेल 2 तालाब जल संरक्षण अंतर्गत 2 स्टाप डैम, एक जलाशय तथा भोजन व्यवस्था हेतु चारागाह विकास एवं फलदार पौधों का रापेण किया गया है। वन्य प्राणियों के रहवास से सुधार हेतु लेंटना उन्मूलन का भी कार्य कराया गया। वन चेतना केन्द्र मनगट्टा दुर्ग और राजनांदगांव के बीच में प्राकृतिक स्थल होने के कारण यहां शुरूआत से ही पर्यटकों का बहुत ज्यादा आवागमन रहा है। वर्तमान समय में यहां बहुत से निजी होटल एवं रेस्टोरेन्ट खुल चुके हंै। जिससे स्थानीय लोगों के आय में बढ़ोतरी हुई है और लोगों को रोजगार मिल रहा है। वन चेतना केन्द्र मनगट्टा के निर्माण का वन एवं वन्य प्राणियों तथा स्थानीय ग्रामीणों के जीवन स्तर पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। आधारभूत कार्यों के निर्माण से स्थानीय रोजगार सृजन के साथ-साथ वन एवं वन्य प्राणियों को सुरक्षा तो हो ही रही है। साथ ही साथ वन चेतना केन्द्र मनगट्टा ईको-पर्यटन स्थल के रूप में प्रसिद्ध हो गया है। जिससे स्थानीय निवासियों एवं वन प्रबंधन समिति के सदस्यों को आय हो रही है।
राजनांदगांव/शौर्यपथ/ युवा नेता अमर झा ने नगर निगम राजनांदगांव महारानी लक्ष्मी बाई वार्ड नंबर 10 (शांति नगर ) से पार्षद पद की दावेदारी की है । अमर झा कांग्रेस के साथ जुड़े होने के अलावा सामाजिक कार्यों में भी बढ़ चढ़ कर हिस्सेदारी लेते रहते है । उन्होंने क्षेत्र की जनता की समस्याओं के निराकरण को लेकर सदैव संघर्षशील रहने और सदैव तत्पर रहने का वादा किया है । उन्होंने जनता से अपील की है कि उन्हें भारी मतों से विजयी बनाकर विजयी बनाए ताकि क्षेत्र की आवाज को बुलंदी से उठाया जा सके,वार्ड वासी उन्हें कांग्रेस से सशक्त उम्मीदवार के रूप में देखते हुए उनसे बड़ी अपेक्षा रखे हुए है। अमर वार्ड के लोगो के सुख दुःख हर कार्यक्रम में शामिल होतें है , वार्ड के हर सामाजिक गैर सामाजिक सभी कार्यक्रम में बढ़चढ़ के हिस्सा लेते है अमर को वार्ड के युवा बुजुर्ग महिलाओ का अच्छा सहयोग है। पिछले 12वर्षों से कांग्रेस के सक्रिय सदस्य हैं वर्तमान में NSUI जिला अध्यक्ष रहते हुए जिले में सैकड़ों हजारों युवाओं का टिम साथ में है कोरोना काल में भी लोगों की निस्वार्थ सेवा की और अब अपने वार्ड के लोगों की सेवा का मौका चाहते हैं।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
