February 11, 2026
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बस्तर

बस्तर (1103)

राज्य स्तरीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी लगातार तीन वर्षों से प्रथम पुरस्कार प्राप्त कर रहे हैं

कोंडागांव / शौर्यपथ /
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बड़े बेंदरी के विद्यार्थियों ने एक बार फिर अपनी अद्भुत प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए राज्य स्तर की प्रतियोगिता में शानदार सफलता प्राप्त की है। जशपुर में आयोजित चार दिवसीय राज्य स्तरीय पश्चिम भारत विज्ञान मेला एवं बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी में विद्यालय के बाल वैज्ञानिकों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विद्यालय एवं जिले का नाम गौरवान्वित किया।
विद्यालय के प्राचार्य श्री संजय ठाकुर के संरक्षण तथा व्याख्याता श्री अंकित गुप्ता एवं श्री दिलीप कश्यप के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी में विभिन्न विषयों पर नवाचार आधारित मॉडल प्रस्तुत किए।"स्वच्छता एवं स्वास्थ्य" उप-विषय में जिज्ञासा मानिकपुरी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
वहीं "अपशिष्ट प्रबंधन एवं प्लास्टिक के विकल्प" विषय में गीतांजलि कोर्राम ने अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुति के दम पर प्रथम स्थानअर्जित किया।
विशेष उल्लेखनीय है कि विद्यालय ने अपशिष्ट प्रबंधन विषय में लगातार तीसरी बार राज्य स्तर पर शीर्ष स्थान प्राप्त कर हैट्रिक बनाई है, जो पर्यावरण संरक्षण एवं कचरा प्रबंधन के प्रति विद्यार्थियों की समझ, रचनात्मकता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को दर्शाता है।
विद्यालय विज्ञान के क्षेत्र में निरंतर शानदार प्रदर्शन करता आया है। यहां के विद्यार्थी अपनी तकनीकी दक्षता, नवाचार और परिश्रम के दम पर हर वर्ष राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर के विज्ञान मेलों में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ अर्जित करते हैं।
इस उल्लेखनीय सफलता पर प्राचार्य श्री संजय ठाकुर, शिव कुमार तिवारी, नरेंद्र लोंहरे, अली बक्श शेख, राजकुमार तिग्गा, सरिता मांझी, तनुजा देवांगन, मदन सोनेवारा, निर्मल सिन्हा, धनपत नेताम, किरण पोया, दिगपाल दास मानिकपुरी, कमलेश साहू, कल्पना पैकरा, रुपाली शुक्ला, वंदना भोय, अमर मरकाम, भूनश्वर सूर्यवंशी, अनंत चौरे, अमजद पोयाम, दीपक ध्रुव सहित समस्त स्टाफ ने विजयी विद्यार्थियों एवं मार्गदर्शक शिक्षकों को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।
विद्यालय परिवार को पूर्ण विश्वास है कि विद्यार्थी आगामी प्रतियोगिताओं में भी अपनी उत्कृष्टता जारी रखते हुए जिले और संस्था का नाम ऊँचाइयों पर पहुँचाएँगे।

जगदलपुर में पत्रकारों के बीच पहला शो—बस्तर की वास्तविकता, दर्द और उम्मीद का संजीव चित्रण

 

By- नरेश देवांगन 

जगदलपुर, शौर्यपथ। बहुप्रतीक्षित छत्तीसगढ़ी फिल्म “माटी” शुक्रवार को पूरे प्रदेश में रिलीज होते ही चर्चा का केंद्र बन गई। बस्तर में लंबे समय से प्रतीक्षित यह फिल्म अपने पहले ही दिन जगदलपुर के स्थानीय बिनाका मॉल स्थित मल्टीप्लेक्स में बस्तर जिला पत्रकार संघ के सदस्यों के लिए विशेष शो के रूप में प्रदर्शित की गई। बड़ी संख्या में पहुंचे पत्रकारों ने फिल्म देखकर बस्तर की वास्तविकताओं से रूबरू होने का अनुभव साझा किया।

फिल्म माटी न सिर्फ मनोरंजन करती है, बल्कि बस्तर की मिट्टी, संस्कृति, लोकजीवन और संघर्ष को पहली बार इतने सजीव, भावनात्मक और संवेदनशील रूप में बड़े पर्दे पर सामने लाती है। घने जंगलों, घाटियों, झरनों और दूरस्थ गांवों की प्राकृतिक सुंदरता को कैमरे ने एक ऐसी दृष्टि दी है, जिसने दर्शकों को अपनी ही मिट्टी से नए सिरे से जोड़ दिया।

फिल्म की कहानी नक्सलवाद की छाया में जी रहे बस्तरवासियों की पीड़ा, भय, प्रशासनिक तंत्र की जटिलताओं और आम लोगों के संघर्ष को बिना किसी आडंबर के पेश करती है। हिंसा और अनिश्चितता के बीच पनपती एक शांत, सच्ची और मासूम प्रेम कहानी इस फिल्म की भावनात्मक धड़कन बनकर उभरती है, जो अंधेरे परिस्थितियों में भी उम्मीद और जिंदगी की किरण दिखाती है।

फिल्म की खासियत यह है कि इसमें बस्तर के स्थानीय कलाकारों ने बड़ी संख्या में अभिनय किया है। उनका बोली-बानी, हावभाव और जीवनशैली कहानी को वास्तविक और भरोसेमंद आयाम देती है। निर्देशक ने कलाकारों को सिर्फ अभिनय नहीं कराया, बल्कि उन्हें अपनी ही कहानी को जीने का अवसर दिया है।

चन्द्रिका फिल्म प्रोडक्शन के बैनर तले निर्मित फिल्म के निर्माता व कथाकार सम्पत झा ने कहा कि “माटी सिर्फ एक फिल्म नहीं, यह बस्तर की पहचान और हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। यहां की खुशबू, दर्द और उम्मीद को दुनिया के सामने लाना ही मकसद था।” उन्होंने बताया कि शुरुआती दिनों में नक्सलवाद के डर के कारण स्थानीय लोग शामिल होने से हिचकिचा रहे थे, लेकिन बाद में वे खुद इस प्रोजेक्ट का हिस्सा बनकर गर्व महसूस करने लगे।

फिल्म में 1000 से अधिक स्थानीय लोगों ने छोटी-बड़ी भूमिकाओं में काम किया है, जिससे इसका प्रत्येक दृश्य बस्तर की सच्चाई के और करीब नजर आता है।

फिल्म के निर्देशक अविनाश प्रसाद, जिन्होंने वर्षों तक नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में कार्य किया है, ने बस्तर के सामाजिक ताने-बाने को बेहद जीवंत निर्देशन के साथ परदे पर उतारा है।

छत्तीसगढ़ी फिल्मों के लोकप्रिय संगीतकार अमित प्रधान ने बैकग्राउंड स्कोर से फिल्म को गहराई दी है, वहीं मनोज पांडेय के लिखे गीत कहानी के संवेदनशील पहलुओं को और प्रभावी बनाते हैं।

फिल्म की संपूर्ण शूटिंग बस्तर के नक्सल प्रभावित इलाकों, नदी-घाटियों, पहाड़ों, जंगलों और दुर्गम गांवों में की गई है। इन प्राकृतिक दृश्यों की मौलिक सुंदरता ने फिल्म को दृश्यात्मक रूप से और भी आकर्षक बना दिया है।

मुख्य कलाकारों में महेन्द्र ठाकुर (भीमा), भूमिका साहा (उर्मिला) सहित भूमिका निषाद, राजेश मोहंती, आशुतोष तिवारी, दीपक नाथन, संतोष दानी, निर्मल सिंह राजपूत, जितेन्द्र ठाकुर, नीलिमा, लावण्या मानिकपुरी, पूर्णिमा सरोज, श्रीधर राव, बादशाह खान और कई स्थानीय कलाकारों ने दमदार अभिनय कर दर्शकों का दिल जीता है।

By- नरेश देवांगन 

जगदलपुर, शौर्यपथ। कलेक्टर कार्यालय के नए भवन की लाखों रुपये की लिफ्ट अब शोपीस बन चुकी है। कुछ ही दिन चलने के बाद से यह बंद पड़ी है, और महीनों बीत जाने के बावजूद प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी। जनता और कर्मचारी रोज़ाना इस लापरवाही की सज़ा भुगत रहे हैं।

कार्यालय में रोज़ सैकड़ों लोग अपने कार्यों से आते हैं — जिनमें महिलाएं, बुजुर्ग और दिव्यांग नागरिक भी शामिल हैं। लेकिन लिफ्ट बंद होने से सबको मजबूरी में ऊँची मंज़िलों तक सीढ़ियाँ चढ़नी पड़ रही हैं। सबसे ज़्यादा परेशानी उन कर्मचारियों को हो रही है जिनका रोज़ का काम ऊपर की मंज़िलों पर है।

लोगों का कहना है कि जब प्रशासन ने करोड़ों खर्च कर शानदार भवन बनवाया, तो उसकी सुविधा भी टिकाऊ होनी चाहिए थी। परंतु हकीकत यह है कि दिखावे की चमक के पीछे रखरखाव की जिम्मेदारी कहीं गुम हो गई है।

जनता अब सवाल उठा रही है — “क्या कलेक्टर कार्यालय की यह लिफ्ट जनता की सुविधा के लिए थी या सिर्फ़ उद्घाटन के दिन फोटो खिंचवाने के लिए?”

अगर जल्द ही मरम्मत नहीं कराई गई, तो यह ‘लिफ्ट’ नहीं, प्रशासन की लापरवाही का प्रतीक बन जाएगी?

नगरनार पुलिस की सटीक योजना से पकड़ा गया 56 किलो गांजा, स्कार्पियो वाहन में ‘POLICE’ लिखकर कर रहे थे तस्करी

जगदलपुर, शौर्यपथ। नगरनार पुलिस ने अपनी सजगता और त्वरित कार्रवाई से एक बार फिर यह साबित कर दिया कि अपराध कितना भी शातिर क्यों न हो, क़ानून की पकड़ से बचना नामुमकिन है। उड़ीसा से छत्तीसगढ़ की ओर आ रहे तस्करों की स्कार्पियो वाहन से 56.605 किलोग्राम अवैध गांजा जब्त किया गया है। पुलिस की इस बड़ी सफलता से पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है।

मुखबिर की सूचना पर ग्राम धनपुंजी फॉरेस्ट नाका (NH-63) में पुलिस ने देर रात नाकाबंदी की थी। इसी दौरान सफेद रंग की स्कार्पियो (क्रमांक CG-04-PW-8248) तेज रफ़्तार में आती दिखी, लेकिन पुलिस को देखकर चालक और उसका साथी वाहन छोड़कर अंधेरे में भाग निकले। वाहन की तलाशी लेने पर 11 पैकेट गांजा, कुल कीमत ₹5.66 लाख, और वाहन कीमत ₹5 लाख सहित कुल ₹10.66 लाख का माल जब्त किया गया।

तस्करों ने पुलिस को भ्रमित करने के लिए वाहन में ‘POLICE’ लिखी प्लेट, लाल-नीली बत्ती और सायरन लगाया हुआ था, ताकि वाहन पुलिस पेट्रोलिंग जैसा प्रतीत हो। लेकिन पुलिस की सतर्कता और ठोस रणनीति के आगे उनकी सारी चालाकी धरी की धरी रह गई।

यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश्वर नाग, और नगर पुलिस अधीक्षक सुमीत कुमार डी. धोत्रे के निर्देशन में की गई। टीम में निरीक्षक संतोष सिंह, स.उ.नि. महेन्द्र ठाकुर, महिला प्रधान आरक्षक पीलेश्वरी साहू, आरक्षक दशरू नाग, चंद्रकुमार कंवर, डीएसएफ आर. विरेन्द्र ठाकुर, तथा सैनिक जगन्नाथ नाग की प्रमुख भूमिका रही।

पुलिस ने फरार आरोपियों के विरुद्ध धारा 20 (ख) ii (ग) एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। आरोपियों की तलाश के लिए टीम लगातार छापेमारी कर रही है।

नगरनार पुलिस की इस सटीक और साहसिक कार्रवाई ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि जब पुलिस दृढ़ संकल्प और ईमानदारी से काम करे, तो अपराध की कोई सीमा नहीं टिकती।

जगदलपुर, शौर्यपथ। बस्तर संभाग के सबसे बड़े और सक्रिय पत्रकार संगठन बस्तर जिला पत्रकार संघ के भवन का शुक्रवार को भव्य उद्घाटन किया गया। सन् 1980 में स्थापित यह ऐतिहासिक भवन अब 45 वर्ष पूरे कर चुका है। लंबी यात्रा के बाद इस भवन को आधुनिक स्वरूप में पुनर्निर्मित किया गया है, जिसमें अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त सभागार, बैठक कक्ष एवं तकनीकी उपकरणों को शामिल किया गया है।

कार्यक्रम की शुरुआत भगवान गणेश, मां दंतेश्वरी, मां लक्ष्मी एवं मां सरस्वती की पूजा-अर्चना तथा हवन पूजन के साथ हुई। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूरे परिसर में आध्यात्मिक और उल्लासपूर्ण वातावरण बना रहा। इस अवसर पर बस्तर जिला पत्रकार संघ के सदस्यों ने नए भवन के लिए मंगलकामनाएं व्यक्त कीं।

पूजा अर्चना उपरांत भवन का शुभारंभ संघ के अध्यक्ष मनीष गुप्ता,सचिव धर्मेंद्र महापात्र, कोषाध्यक्ष सुब्बा राव, उपाध्यक्ष शिव प्रकाश सीजी, निरंजन दास, सह सचिव प्रदीप गुहा एवं बादशाह खान ने संयुक्त रूप से सभी सदस्यों की मौजूदगी मेँ फीता काटकर किया।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में पत्रकार साथी उपस्थित रहे। सभी ने भवन के नए स्वरूप की खुलकर सराहना की और कहा कि यह भवन सिर्फ ईंट-पत्थरों का ढांचा नहीं, बल्कि बस्तर की पत्रकारिता की अस्मिता, संघर्ष और एकता का प्रतीक है।

वरिष्ठ पत्रकारों ने कहा कि बस्तर जिला पत्रकार संघ ने सदैव सामाजिक सरोकारों और निष्पक्ष पत्रकारिता को प्राथमिकता दी है। आधुनिक तकनीकी सुविधाओं से लैस यह भवन पत्रकारों के लिए एक नई ऊर्जा का स्रोत बनेगा।

कार्यक्रम के दौरान वर्तमान पदाधिकारियों ने संघ के दिवंगत संस्थापक सदस्यों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके अमूल्य योगदान को याद किया। कहा गया कि उन्हीं की दूरदृष्टि और परिश्रम के कारण आज यह भवन बस्तर की पत्रकारिता का गौरव बना है।

अंत में संघ केअध्यक्ष मनीष गुप्ता,सचिव धर्मेंद्र महापात्र एवं पदाधिकारियों ने आगंतुकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह भवन आने वाले समय में पत्रकारिता के प्रशिक्षण, संवाद, विमर्श और रचनात्मक गतिविधियों का केंद्र बनेगा।

रायपुर | शौर्यपथ संवाददाता
छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने 24 अक्टूबर को अपने बीजापुर प्रवास के दौरान सर्किट हाउस में जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली।
बैठक में उन्होंने पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों को पुनर्वास केंद्र में उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का विस्तारपूर्वक जायजा लिया।


? पुनर्वास केंद्र में सुविधाओं की समीक्षा

उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुनर्वास केंद्र में रह रहे आत्मसमर्पित नक्सलियों की बुनियादी आवश्यकताओं पर संवेदनशीलता के साथ ध्यान रखा जाए।
उन्होंने कहा कि उनके लिए निम्नलिखित सुविधाओं का सुनिश्चित प्रावधान होना चाहिए:

  • नाश्ता और भोजन की नियमित व्यवस्था

  • वस्त्र और खेलकूद की सामग्री

  • योगाभ्यास और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की उपलब्धता

  • वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शासन-प्रशासन से नियमित संवाद


? कौशल विकास और मुख्यधारा में पुनर्संयोजन

श्री शर्मा ने कहा कि कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जाए।

“पुनर्वासित व्यक्तियों की रुचि और योग्यता के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए, ताकि वे समाज की मुख्यधारा में सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सकें।”

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सभी पुनर्वासित व्यक्तियों को कम से कम एक बार रायपुर भ्रमण (एक्सपोज़र विज़िट) कराया जाए।


? स्वास्थ्य और परिवार से संपर्क

उप मुख्यमंत्री ने आत्मसमर्पित नक्सलियों के बेहतर स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन के लिए निम्नलिखित कदम सुझाए:

  • परिजनों से मिलने की तिथि सुनिश्चित करना

  • यदि परिवारजन किसी जेल में हैं, तो उनसे मिलने की सुविधा प्रदान करना

  • प्रत्येक पुनर्वासित सदस्य को निःशुल्क मोबाइल फोन उपलब्ध कराना, ताकि परिवार से नियमित संपर्क बना रहे


? बैठक में उपस्थित प्रमुखजन

बैठक में उपस्थित थे:
दंतेवाड़ा विधायक चैतराम अटामी, एडीजी नक्सल ऑपरेशन विवेकानंद सिन्हा, बस्तर संभाग आयुक्त डोमन सिंह, आईजी बस्तर सुंदरराज पी, डीआईजी कमलोचन कश्यप, कलेक्टर संबित मिश्रा, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र यादव, डीएफओ रंगानाथन रामाकृष्णन वाय, एवं अन्य जिला स्तरीय वरिष्ठ अधिकारी।


? मुख्य बिंदु संक्षेप में

  • उप मुख्यमंत्री ने बीजापुर में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक ली

  • पुनर्वास केंद्र में आत्मसमर्पित नक्सलियों की सुविधाओं का विस्तारपूर्वक निरीक्षण

  • कौशल विकास और मुख्यधारा में पुनर्संयोजन पर विशेष निर्देश

  • स्वास्थ्य, परिवार से संपर्क और मोबाइल सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश

  • जिला अधिकारियों को संवेदनशील और सतत निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी


? रिपोर्ट: शौर्यपथ संवाददाता
? स्थान: बीजापुर, छत्तीसगढ़

रायपुर | शौर्यपथ संवाददाता
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पारंपरिक खेलों को प्रोत्साहन देने और नक्सल प्रभावित अंचलों में युवाओं की खेल प्रतिभा को पहचान दिलाने के उद्देश्य से आयोजित ‘बस्तर ओलंपिक 2025’ का शुभारंभ आज नारायणपुर जिले के सुदूर वनांचल ग्राम कच्चापाल से हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ राज्य के उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने किया।


? खेलों के माध्यम से विश्वास और विकास का संदेश

श्री शर्मा ने शुभारंभ अवसर पर कहा कि बस्तर ओलंपिक केवल एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि “समरसता, बंधुत्व, विश्वास और एकता का प्रतीक” है।
उन्होंने कहा कि इस आयोजन से ग्रामीण और जनजातीय युवाओं को अपनी नैसर्गिक खेल प्रतिभा को प्रदर्शित करने का एक सशक्त मंच मिलेगा।

?️ “हमें पूरा भरोसा है कि बस्तर ओलंपिक से अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी प्रदेश को मिलेंगे, जो पूरे विश्व में बस्तर का नाम रोशन करेंगे।”
— विजय शर्मा, उप मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़


?‍♀️ महिलाओं की शानदार भागीदारी

कार्यक्रम की शुरुआत में ईरकभट्टी और कच्चापाल की महिलाओं के बीच रस्साकसी प्रतियोगिता हुई, जिसमें ईरकभट्टी की टीम ने बाजी मारी।
उप मुख्यमंत्री ने विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि “महिलाओं की भागीदारी ही समाज की सशक्त छवि है।”
उन्होंने प्रतिभागियों को ‘बस्तर ओलंपिक 2025’ की टी-शर्ट्स भी वितरित कीं और सभी का उत्साहवर्धन किया।


? प्रतिभागियों की बड़ी संख्या

बस्तर संभाग में आयोजित इस प्रतियोगिता में लगभग 3 लाख 80 हजार से अधिक खिलाड़ी भाग ले रहे हैं,
जिनमें से 47 हजार से अधिक प्रतिभागी केवल नारायणपुर जिले से हैं।

यह प्रतियोगिता तीन चरणों — विकासखंड, जिला और संभाग स्तर — पर आयोजित की जाएगी।


कई खेल विधाएं शामिल

‘बस्तर ओलंपिक 2025’ में निम्नलिखित खेल शामिल किए गए हैं —
एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, कराटे, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल, रस्साकसी, हॉकी और वेटलिफ्टिंग।

इनमें जूनियर वर्ग (14–17 वर्ष), सीनियर वर्ग (17 वर्ष से अधिक), दिव्यांग खिलाड़ी, और यहां तक कि आत्मसमर्पित नक्सली भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।

? ओलंपिक आयोजन की अवधि: 25 अक्टूबर से 30 नवम्बर 2025 तक


? बस्तर से उभरती नई उम्मीद

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन का उद्देश्य केवल खेल आयोजन नहीं, बल्कि विकास और विश्वास का माहौल बनाना है।
उन्होंने कहा —

“हम चाहते हैं कि बस्तर के युवाओं में आत्मविश्वास जगे और वे खेलों के साथ-साथ जीवन में भी विजेता बनें।”


? कार्यक्रम में उपस्थित रहे

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, उपाध्यक्ष प्रताप सिंह मंडावी, एडीजी विवेकानंद सिन्हा, कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी, कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं, एसपी रॉबिंसन गुड़िया, एसडीएम डॉ. सुमित गर्ग, जनपद उपाध्यक्ष मंगडूराम नूरेटी, सरपंच श्रीमती रजमा नूरेटी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और ग्रामीणजन उपस्थित थे।


? मुख्य बिंदु संक्षेप में

  • नारायणपुर के कच्चापाल से ‘बस्तर ओलंपिक 2025’ का शुभारंभ

  • उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने किया उद्घाटन

  • महिलाओं के बीच रस्साकसी प्रतियोगिता का आयोजन

  • बस्तर संभाग के 3.8 लाख से अधिक खिलाड़ी ले रहे हैं भाग

  • 25 अक्टूबर से 30 नवम्बर तक तीन चरणों में होगा आयोजन


? रिपोर्ट: शौर्यपथ संवाददाता
? स्थान: नारायणपुर, छत्तीसगढ़

सीआरपीएफ कैम्प में जवानों से मुलाकात कर किया उत्साहवर्धन, कहा – “अब नक्सल पीड़ित इलाकों में लौट रहा है विकास और विश्वास”


रायपुर | शौर्यपथ संवाददाता
छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने शनिवार को अपने बस्तर संभाग प्रवास के दौरान नारायणपुर जिले के सुदूर और संवेदनशील वनांचल ग्राम कच्चापाल का दौरा किया।
यह क्षेत्र पहले नक्सल गतिविधियों से प्रभावित था, परंतु अब यहां विकास और स्थिरता की नई कहानी लिखी जा रही है।


? जवानों से मुलाकात और उत्साहवर्धन

श्री शर्मा ने कच्चापाल स्थित सीआरपीएफ कैम्प का निरीक्षण किया और जवानों से मुलाकात कर उनका मनोबल बढ़ाया।
उन्होंने कहा कि –

“कठिन परिस्थितियों में भी आप सबने जिस साहस और समर्पण से क्षेत्र में शांति कायम की है, वह प्रेरणादायक है।”

उन्होंने जवानों के साथ बातचीत करते हुए कहा कि शासन आपके योगदान को सम्मान की दृष्टि से देखता है और क्षेत्र में विकास की गति तेज़ करने के लिए प्रशासन निरंतर कार्यरत है।


? ग्रामीणों से संवाद और विकास की समीक्षा

इसके बाद उप मुख्यमंत्री ने जनचौपाल लगाकर ग्रामीणों से संवाद किया।
ग्राम पंचायत कच्चापाल की सरपंच श्रीमती रजमा नूरेटी ने जानकारी दी कि पंचायत में कुल नौ गांव सम्मिलित हैं, जिनकी कुल जनसंख्या 1235 है।
उन्होंने बताया कि “नियद नेल्ला नार योजना” के अंतर्गत कच्चापाल तक पक्की सड़क पहुँच चुकी है, जिससे जिला मुख्यालय तक आवागमन सुगम हुआ है।

श्री शर्मा ने कहा कि गांव में सुरक्षा कैम्प खुलने के बाद बिजली, पानी, सड़क और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं में बड़ा सुधार आया है।

“जो क्षेत्र कभी भय और हिंसा से ग्रस्त था, वहां अब शांति, समृद्धि और आत्मविश्वास लौट आया है। आदिवासी समाज अब विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहा है।”
— विजय शर्मा, उप मुख्यमंत्री


? मुख्यधारा में लौटने की अपील

श्री शर्मा ने कहा कि यदि कोई युवा हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटना चाहता है, तो शासन उसकी हरसंभव सहायता करेगा।
उन्होंने बताया कि सरकार ने संवेदनशील पुनर्वास नीति बनाई है ताकि भटके हुए युवाओं को सुरक्षित भविष्य मिल सके।


? प्रधानमंत्री आवास निर्माण का निरीक्षण

उप मुख्यमंत्री ने ग्राम कच्चापाल में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन मकानों का भी निरीक्षण किया।
उन्होंने हितग्राहियों चंद्रिका वडडे और सोनाय बाई से चर्चा कर योजनांतर्गत प्राप्त राशि और निर्माण की प्रगति की जानकारी ली।
दोनों लाभार्थियों ने बताया कि उन्हें पीएम आवास के साथ स्वच्छ भारत मिशन से शौचालय निर्माण की सहायता भी प्राप्त हुई है।


? ग्रामीण होटल में जनसंपर्क

निरीक्षण के पश्चात उन्होंने स्थानीय उद्यमी श्रीमती यशोदा के होटल का दौरा किया, वहां ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों के साथ भोजन कर स्थानीय व्यंजनों का स्वाद लिया।
उन्होंने ग्रामीणों को आयुष्मान कार्ड भी वितरित किए।


? कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुखजन

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, उपाध्यक्ष प्रताप सिंह मंडावी, एडीजी विवेकानंद सिन्हा, कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी, कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं, एसपी रॉबिंसन गुड़िया सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित रहे।


? मुख्य बिंदु संक्षेप में

  • उप मुख्यमंत्री ने सीआरपीएफ कैम्प का निरीक्षण कर जवानों का मनोबल बढ़ाया

  • कच्चापाल में जनचौपाल लगाकर ग्रामीणों से संवाद किया

  • पीएम आवास और शौचालय निर्माण कार्यों का निरीक्षण

  • हिंसा छोड़ने वाले युवाओं के लिए पुनर्वास नीति का उल्लेख

  • विकास योजनाओं की समीक्षा और आयुष्मान कार्ड का वितरण


? रिपोर्ट: शौर्यपथ संवाददाता
? स्थान: नारायणपुर, छत्तीसगढ़

पूजा-अर्चना कर क्षेत्र के सुख-शांति की कामना, बच्चों से संवाद में झलकी आत्मीयता
बोले – “हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले, यही हमारी सरकार की प्राथमिकता है”


रायपुर | शौर्यपथ संवाददाता
छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने शनिवार को अपने नारायणपुर प्रवास के दौरान कच्चापाल स्थित रामकृष्ण मिशन आश्रम पहुंचकर पूजा-अर्चना की और क्षेत्र की सुख-शांति की कामना की।
उन्होंने आश्रम के प्राचार्य स्वामी वसुदानंद महाराज से मुलाकात कर क्षेत्रीय विकास और आश्रम की शैक्षणिक सुविधाओं पर चर्चा की।


? पूजा-अर्चना और संवाद

श्री शर्मा ने आश्रम परिसर में पूजा-अर्चना के बाद कहा कि “रामकृष्ण मिशन जैसे संस्थान समाज में शिक्षा, सेवा और संस्कार के अद्भुत प्रतीक हैं।”
उन्होंने बताया कि शासन की प्राथमिकता शिक्षा और संस्कार को साथ लेकर चलने की है ताकि आने वाली पीढ़ी सक्षम और जिम्मेदार नागरिक बन सके।


? बच्चों के साथ आत्मीय मुलाकात

आश्रम में अध्ययनरत बच्चों से मुलाकात के दौरान उप मुख्यमंत्री ने उनसे बातचीत की और उनके प्रश्नों के उत्तर दिए।
बच्चों की तत्परता और समझदारी देखकर उन्होंने प्रशंसा व्यक्त की।

?️ “आप सबकी जिज्ञासा और आत्मविश्वास देखकर खुशी हुई। अच्छे से पढ़िए, आगे बढ़िए और देश के विकास में योगदान दीजिए।”
— विजय शर्मा, उप मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़

उन्होंने बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर भोजन किया — यह दृश्य आत्मीयता और संवेदनशीलता का प्रतीक रहा।
बच्चों ने भी राज्य के उप मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर प्रसन्नता व्यक्त की।


? शिक्षा पर बल और प्रोत्साहन

श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए संकल्पित है।
उन्होंने बच्चों को बताया कि शासन द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में कई कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं।

उन्होंने कहा –

“यदि किसी भी बच्चे को शिक्षा में कोई कठिनाई होती है तो तुरंत जिला प्रशासन को अवगत कराएं। शासन आपके साथ है।”


? मुख्य बिंदु संक्षेप में

  • उप मुख्यमंत्री ने कच्चापाल स्थित रामकृष्ण मिशन आश्रम का दौरा किया

  • पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-शांति की प्रार्थना की

  • बच्चों से आत्मीय संवाद और उनके साथ जमीन पर बैठकर भोजन किया

  • आश्रम प्राचार्य स्वामी वसुदानंद महाराज से विकास और शिक्षा पर चर्चा

  • बच्चों को शिक्षा में उत्कृष्टता के लिए प्रेरित किया


? रिपोर्ट: शौर्यपथ संवाददाता
? स्थान: नारायणपुर, छत्तीसगढ़

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