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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
स्कूल शिक्षा विभाग के कड़े निर्देश- 15 जून तक पूरे करें मरम्मत के कार्य, प्रिंट-रिच और आकर्षक बनाए जाएंगे स्कूल
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही राज्य सरकार विद्यार्थियों के लिए स्वच्छ, सुंदर और गुणवत्तापूर्ण माहौल तैयार करने जा रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (हृश्वक्क 2020) के अनुरूप, प्रदेशभर में 16 जून 2026 से शाला प्रवेश उत्सव 2026 का गरिमामय आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने मंत्रालय महानदी भवन (नवा रायपुर) से विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
गांवों और शहरों में होगी मुनादी, जनभागीदारी पर जोर
प्रवेश उत्सव को एक उत्सव का रूप देने के लिए इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इसके तहत गांवों और शहरी वार्डों में मुनादी कराई जाएगी। बैनर-पोस्टर और रैलियों के जरिए जागरूकता बढ़ाई जाएगी। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, शाला विकास समितियों और पालकों (अभिभावकों) की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
विभाग ने निर्देश दिया है कि स्कूल खुलने से पहले भवनों, परिसरों और कक्षाओं की पूरी साफ-सफाई और आवश्यक मरम्मत कर ली जाए। मरम्मत योग्य भवनों का काम 15 जून 2026 तक हर हाल में पूरा करने को कहा गया है ताकि बच्चों को एक आकर्षक और प्रिंट-रिच (शैक्षणिक चित्रों और दीवारों पर लिखी जानकारियों से लैस) वातावरण मिल सके।
शाला त्यागी बच्चों की वापसी और अगली कक्षा में सीधा प्रवेश
प्रवेश प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने एक सुव्यवस्थित ढांचा तैयार किया है। कक्षा पहली में आंगनबाड़ी केंद्रों से बच्चों की सूची प्राप्त कर सीधे स्कूलों में प्रवेश दिया जाएगा। कक्षा छठवीं में प्राथमिक शालाओं से कक्षा 5वीं उत्तीर्ण छात्रों की सूची और टीसी (स्थानांतरण प्रमाण-पत्र) लेकर कक्षा 6वीं में उनका दाखिला सुनिश्चित किया जाएगा। शाला त्यागी बच्चे, जो बच्चे पढ़ाई छोड़ चुके हैं, उन्हें ढूंढकर दोबारा मुख्यधारा से जोडऩे पर विशेष जोर रहेगा। इसके अलावा, स्कूलों में विद्यार्थियों और शिक्षकों की 100 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा शिक्षकों के लंबित मामलों का त्वरित निपटारा करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी विषय शिक्षकों को आगामी तीन महीनों का शैक्षणिक रोडमैप भी तैयार करना होगा।
मिलेगी मुफ्त किताबें, यूनिफॉर्म और साइकिल
उत्सव के दौरान स्कूल पहुंचने वाले नवप्रवेशी बच्चों का तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत किया जाएगा। इस मौके पर पात्र छात्रों को नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकें (किताबें), स्कूल गणवेश (यूनिफॉर्म), साइकिल का वितरण किया जाएगा। बोर्ड और स्थानीय परीक्षाओं में टॉप करने वाले होनहार विद्यार्थियों और उत्कृष्ट पालकों को भी सम्मानित किया जाएगा। इस अभियान में स्थानीय समुदाय, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, स्व-सहायता समूहों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों का सहयोग लिया जाएगा। इच्छुक नागरिक अपनी ओर से बच्चों को स्लेट, पेंसिल, कॉपी, कंपास बॉक्स और स्कूल बैग जैसी सामग्रियां भी दान कर सकेंगे।
स्थानीय संसाधनों से होगा आयोजन
स्कूल शिक्षा विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि शाला प्रवेश उत्सव के लिए कोई पृथक (अलग से) बजट जारी नहीं किया जाएगा। इसका आयोजन जिलों में पहले से उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से ही करना होगा। कार्यक्रम के सुचारू संचालन के लिए संयुक्त संचालक, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मिशन समन्वयक, प्राचार्य डाइट, विकासखंड शिक्षा अधिकारी एवं अन्य अधिकारियों को विद्यालयों का सतत निरीक्षण कर आवश्यक अकादमिक मार्गदर्शन प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं।
सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने उम्मीद जताई है कि सभी अधिकारी और कर्मचारी छात्रहित में व्यक्तिगत रुचि लेकर इस अभियान को सफल बनाएंगे, जिससे नए शिक्षा सत्र 2026-27 में प्रदेश को बेहतर शैक्षणिक परिणाम हासिल हो सकें।
इन्वेस्टर कनेक्ट में हैदराबाद के निवेशकों को मुख्यमंत्री साय का न्योता
आईटी, टेक्सटाइल, डेटा सेंटर, फार्मा के क्षेत्र में खुली 7,800 रोजगार की राह
हैदराबाद / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ ने निवेश आकर्षित करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। हैदराबाद में आयोजित 'छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्टÓ कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों की सात प्रमुख कंपनियों ने 9,580 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव दिए हैं, जिनसे 7,800 से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने देश के प्रमुख उद्योगपतियों और निवेशकों को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा विकसित भारत के ग्रोथ इंजन के रूप में छत्तीसगढ़ तेजी से उभर रहा है और राज्य में निवेशकों के लिए 'रेड कारपेटÓ बिछा हुआ है।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन सहित दक्षिण भारत के कई बड़े उद्योगपति, निवेशक और कारोबारी प्रतिनिधि मौजूद रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु के साथ-साथ जापान और दक्षिण कोरिया में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य को 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। राज्य सरकार इन प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए तेजी से कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज निवेश के लिए देश के सबसे बेहतर राज्यों में से एक बनकर उभर रहा है। राज्य में उद्योगों के लिए आसान प्रक्रियाएं, सिंगल विंडो व्यवस्था, बेहतर बुनियादी सुविधाएं और उद्योग अनुकूल नीतियां उपलब्ध हैं। उन्होंने निवेशकों को छत्तीसगढ़ में उद्योग स्थापित करने का आमंत्रण दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हैदराबाद ने आईटी, फार्मा, बायोटेक्नोलॉजी और एयरोस्पेस जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। छत्तीसगढ़ भी इन क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है और दोनों राज्यों के उद्योगपति एवं उद्यमी मिलकर नए अवसरों का लाभ उठा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि मध्य भारत में स्थित छत्तीसगढ़ देश का सबसे उपयुक्त लॉजिस्टिक हब बनने की क्षमता रखता है। छत्तीसगढ़ सात राज्यों से घिरा हुआ है और 60 करोड़ से अधिक उपभोक्ताओं तक सीधी पहुंच प्रदान करता है। रेलवे नेटवर्क, भारतमाला परियोजना, एयर कार्गो सुविधाओं तथा खनिज संसाधनों की उपलब्धता उद्योगों के लिए इसे अत्यंत अनुकूल बनाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश में ग्रीन स्टील को बढ़ावा देने वाले अग्रणी राज्यों में शामिल है। ऊर्जा क्षेत्र में राज्य को 3.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे प्रदेश देश के प्रमुख पावर हब के रूप में उभर रहा है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सात प्रमुख कंपनियों को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए 'इन्विटेशन टू इन्वेस्टÓ (ऑफर लेटर) प्रदान किए। इनमें डेटा सेंटर, सीमेंट, सेमीकंडक्टर एवं जीपीयू इंफ्रास्ट्रक्चर, सौर ऊर्जा उपकरण निर्माण, वस्त्र, फार्मास्यूटिकल और डेयरी प्रसंस्करण क्षेत्रों की अग्रणी कंपनियां शामिल हैं।
सबसे बड़ा निवेश प्रस्ताव हाइपरनेक्स्ट डाटा सेंटर लिमिटेड की ओर से प्राप्त हुआ, जिसने छत्तीसगढ़ में भारत का पहला समर्पित डिजास्टर रिकवरी डेटा सेंटर कैंपस स्थापित करने के लिए ?4,200 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव दिया। इस परियोजना से राज्य में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती मिलेगी और छत्तीसगढ़ डेटा सेंटर क्षेत्र का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकेगा। इस परियोजना से लगभग 250 रोजगार सृजित होंगे।
फीग्रेड एंड कंपनी प्राइवेट लिमिटेड ने सीमेंट क्षेत्र में 2,912 करोड़ रुपये निवेश का प्रस्ताव दिया है, जिससे लगभग 4,000 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। वहीं निवाई लैब्स प्राइवेट लिमिटेड ने ?1,000 करोड़ के निवेश से एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस), जीपीयू इंफ्रास्ट्रक्चर, एडवांस कंप्यूटिंग और सेमीकंडक्टर असेंबली से जुड़ी सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव दिया। इससे राज्य में आधुनिक तकनीकी उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा एवं लगभग 200 रोजगार सृजित होंगे।
सौर ऊर्जा उपकरण निर्माण क्षेत्र की एसजी मार्ट लिमिटेड ने 700 करोड़ रुपये निवेश का प्रस्ताव दिया है, जिससे लगभग 450 लोगों को रोजगार मिल सकता है।
श्री सरवणा मिल्स प्राइवेट लिमिटेड ने ?528 करोड़ के निवेश से अत्याधुनिक टेक्सटाइल और परिधान निर्माण इकाई स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। इस परियोजना से लगभग 2,500 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।
फार्मास्यूटिकल क्षेत्र की काबरा ड्रग्स ने 200 करोड़ रुपये तथा डेयरी क्षेत्र की दिनशॉज़ डेयरी फूड्स प्राइवेट लिमिटेड ने 40 करोड़ रुपये निवेश का प्रस्ताव दिया है। इन दोनों परियोजनाओं से क्रमश: लगभग 250 और 150 रोजगार सृजित होंगे।
हैदराबाद दौरे के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और राज्य के प्रतिनिधिमंडल ने देश की कई अग्रणी कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठकें कीं। इनमें पेज इंडस्ट्रीज और डेल्टा इलेक्ट्रॉनिक्स, एक्सिस एनर्जी, सेल्कॉन ग्रुप, मैग्नमविंग्स जैसी प्रमुख कंपनियां शामिल रहीं। बैठकों में छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं, उपलब्ध औद्योगिक सुविधाओं और राज्य सरकार की उद्योग-अनुकूल नीतियों पर विस्तार से चर्चा हुई।
इसके अलावा स्वामी नारायण गुरुकुल संगठन के प्रतिनिधियों ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात कर रायपुर के टाटीबंध में 650 बिस्तरों वाले चैरिटेबल अस्पताल की स्थापना के प्रस्ताव पर चर्चा की।
इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में आईटी, डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्यूटिकल्स, एयरोस्पेस एवं रक्षा, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) और उन्नत विनिर्माण जैसे भविष्य के उद्योगों में निवेश के अवसरों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया। निवेशकों ने इन क्षेत्रों में विशेष रुचि दिखाई।
कार्यक्रम में सीएसआईडीसी के अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, इन्वेस्टमेंट कमिश्नर सुश्री रितु सैन, सीएसआईडीसी के प्रबंध संचालक श्री विश्वेश कुमार, उद्योग विभाग के संचालक श्री प्रभात मलिक एवं अन्य अधिकारी भी शामिल रहे।
मनपसंद समितियों को प्राथमिकता देने और कथित लेन-देन के आरोपों पर स्वाभिमान मंच ने संभाग आयुक्त से की शिकायत
दुर्ग। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेह प्रशासन को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। शासन की मंशा स्पष्ट है कि प्रत्येक योजना का लाभ निष्पक्षता के साथ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे तथा प्रशासनिक प्रक्रियाओं में किसी प्रकार का भेदभाव या मनमानी न हो। इसके बावजूद कुछ विभागों में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यशैली शासन की इस सकारात्मक छवि को धूमिल करने का प्रयास करती दिखाई दे रही है।
इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूरन लाल साहू ने दुर्ग संभाग के आयुक्त को एक विस्तृत शिकायत सौंपते हुए जिला विपणन कार्यालय (DMO), दुर्ग में धान उठाव एवं डिलीवरी ऑर्डर (DO) जारी करने की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं, पक्षपातपूर्ण रवैये तथा संदिग्ध कार्यप्रणाली की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
शिकायत के अनुसार जिले की सेवा सहकारी समितियों द्वारा किसानों से धान का उपार्जन कर शासन को सौंपने की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है और किसानों को उनके धान का भुगतान भी प्राप्त हो चुका है। वर्तमान विवाद किसानों के भुगतान से नहीं, बल्कि समितियों से धान उठाव एवं मिलरों को DO जारी करने की प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है।
स्वाभिमान मंच का आरोप है कि DMO कार्यालय में DO जारी करने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी नहीं दिखाई दे रही है। शिकायत में कहा गया है कि कई समितियां नियमों के अनुरूप अपने क्रम की प्रतीक्षा कर रही हैं, लेकिन उन्हें समय पर DO नहीं मिल पा रहा है। वहीं कुछ चुनिंदा समितियों एवं मिलरों को प्राथमिकता दिए जाने की चर्चाएं लगातार सामने आ रही हैं। इससे विभागीय निष्पक्षता पर प्रश्नचिन्ह लग रहा है तथा समितियों के बीच असंतोष का वातावरण निर्मित हो रहा है।
शिकायत में विशेष रूप से DMO कार्यालय में पदस्थ कंप्यूटर ऑपरेटर कमल चंद्राकर की भूमिका का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया गया है कि DO वितरण की प्रक्रिया में मनमानी एवं पक्षपातपूर्ण निर्णय लिए जा रहे हैं। शिकायतकर्ता ने आशंका व्यक्त की है कि कुछ समितियों और मिलरों को प्राथमिकता देने के पीछे कथित आर्थिक लेन-देन की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही संभव होगी, लेकिन शिकायत में लगाए गए आरोपों की गंभीरता को देखते हुए मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक मानी जा रही है।
स्वाभिमान मंच का कहना है कि यदि DO वितरण और धान उठाव की प्रक्रिया में इसी प्रकार का भेदभाव जारी रहा तो इसका सीधा प्रभाव सहकारी समितियों की वित्तीय एवं संचालन क्षमता पर पड़ सकता है। कई समितियां निर्धारित समय पर धान उठाव नहीं होने के कारण अतिरिक्त प्रबंधन संबंधी समस्याओं का सामना कर रही हैं। ऐसी स्थिति में शासन की योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू करने वाली समितियों का मनोबल भी प्रभावित होने की आशंका है।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि पूर्व में भी कुछ समितियों के बीच DO वितरण को लेकर असंतोष की स्थिति बनी थी। ऐसे में आवश्यक है कि पूरे मामले की विभागीय स्तर पर गहन जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि DO जारी करने की प्राथमिकता किन मानकों के आधार पर तय की जा रही है और कहीं किसी स्तर पर पक्षपात या अनियमितता तो नहीं हो रही।
पूरन लाल साहू ने संभाग आयुक्त से मांग की है कि जिले की सभी धान उठाव प्रभावित समितियों से संबंधित अभिलेखों की जांच कराई जाए, DO वितरण की प्रक्रिया का ऑडिट कराया जाए तथा शिकायत में नामित कर्मचारियों और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच की जाए। साथ ही भविष्य में ऐसी शिकायतों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए DO प्रणाली को पूर्णतः ऑनलाइन, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाए, जिससे किसी भी व्यक्ति विशेष की मनमर्जी या हस्तक्षेप की गुंजाइश समाप्त हो सके।
प्रदेश में सुशासन और पारदर्शी प्रशासन को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता को देखते हुए अब सभी की निगाहें संभागीय प्रशासन पर टिकी हैं। यदि शिकायत में लगाए गए आरोपों में सत्यता पाई जाती है तो यह केवल एक कर्मचारी का मामला नहीं होगा, बल्कि पूरी व्यवस्था की जवाबदेही तय करने का विषय बन जाएगा। वहीं यदि जांच निष्पक्ष और समयबद्ध होती है तो इससे शासन की पारदर्शिता के प्रति जनता का विश्वास और अधिक मजबूत होगा तथा समितियों के हितों की भी रक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।
महापौर अलका बाघमार के सामने निष्पक्षता की अग्निपरीक्षा
दुर्ग। नगर पालिका निगम दुर्ग द्वारा हाल ही में शहर को पोस्टर-बैनर मुक्त बनाने और बिजली के खंभों, सार्वजनिक दीवारों तथा अन्य सरकारी संपत्तियों पर अवैध प्रचार सामग्री लगाने पर प्रतिबंध की घोषणा की गई है। 10 जून को जारी प्रेस विज्ञप्ति में निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया था कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इस अभियान के दौरान एक सकारात्मक उदाहरण स्वयं महापौर अलका बाघमार ने प्रस्तुत किया था। अपने जन्मदिन के अवसर पर लगाए गए पोस्टर और बैनरों को उन्होंने हटवाकर यह संदेश देने का प्रयास किया कि नियम सभी के लिए समान हैं और शहर की सुंदरता तथा स्वच्छता सर्वोपरि है।
लेकिन अब शहर की राजनीति में एक नया सवाल खड़ा हो गया है। 15 जून को स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव का जन्मदिन है और उनके समर्थकों द्वारा शहर के विभिन्न क्षेत्रों में बड़ी संख्या में पोस्टर-बैनर लगाए जा रहे हैं। कई स्थानों पर बिजली के खंभों और सार्वजनिक स्थलों पर मंत्री के जन्मदिन की शुभकामनाओं वाले पोस्टर दिखाई दे रहे हैं।
ऐसे में नगर निगम की घोषित नीति और जमीनी स्थिति के बीच तुलना स्वाभाविक रूप से होने लगी है। शहर में चर्चा इस बात की है कि क्या निगम प्रशासन और महापौर अपने ही जारी निर्देशों का पालन कराते हुए इन पोस्टरों को भी हटवाएंगे, या फिर राजनीतिक दबाव और सत्ता समीकरणों के कारण नियमों के पालन में भेदभाव दिखाई देगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह केवल पोस्टर-बैनर का मामला नहीं, बल्कि प्रशासनिक निष्पक्षता और कानून के समान अनुपालन की परीक्षा भी है। यदि नियम बनाए गए हैं तो उनका पालन हर व्यक्ति, संगठन और राजनीतिक दल पर समान रूप से लागू होना चाहिए। वहीं यदि कार्रवाई नहीं होती है तो निगम प्रशासन की मंशा और उसकी विश्वसनीयता पर प्रश्न उठ सकते हैं।
अब सबकी निगाहें महापौर अलका बाघमार और निगम प्रशासन पर टिकी हैं। संविधान और कानून के प्रति समान निष्ठा की बात करने वाली शहरी सरकार क्या अपने ही आदेशों को प्रभावी ढंग से लागू करेगी, या फिर यह मामला भी राजनीतिक अपवाद बनकर रह जाएगा? आने वाले दिनों में निगम का कदम इस प्रश्न का उत्तर तय करेगा।
(नोट: यह विषय सार्वजनिक स्थलों पर पोस्टर-बैनर संबंधी नियमों के समान अनुपालन और प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़ा राजनीतिक-प्रशासनिक प्रश्न है।)
दुर्ग। आम जनता पर बढ़ते आर्थिक बोझ, अत्यधिक ई-चालान की कार्रवाई और परिवहन सेवाओं की बढ़ी हुई शुल्क दरों के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग शहर के अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल के नेतृत्व में कांग्रेसजनों ने जोरदार प्रदर्शन कर संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस ने इसे आम नागरिकों, वाहन चालकों, विद्यार्थियों, श्रमिकों और मध्यमवर्गीय परिवारों से जुड़ा गंभीर जनहित का मुद्दा बताते हुए तत्काल राहतकारी कदम उठाने की मांग की।
ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस ने कहा कि यातायात पुलिस एवं परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली के कारण आम लोगों पर आर्थिक दबाव लगातार बढ़ रहा है। ई-चालान की बढ़ती संख्या और परिवहन सेवाओं के शुल्क में वृद्धि से लोगों को अतिरिक्त वित्तीय भार उठाना पड़ रहा है, जिससे व्यापक जनअसंतोष की स्थिति निर्मित हो रही है।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी जनता की आवाज बनकर सड़कों पर उतरी है। आम नागरिकों की जेब पर पड़ रहे अतिरिक्त बोझ को कम करने के लिए सरकार और संबंधित विभागों को संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनसुविधा के नाम पर जनता पर आर्थिक भार डालना उचित नहीं है और कांग्रेस इस मुद्दे पर लगातार संघर्ष करती रहेगी।
कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि ई-चालान प्रणाली को अधिक पारदर्शी, न्यायसंगत और जनहितकारी बनाया जाए तथा परिवहन सेवाओं की बढ़ी हुई शुल्क दरों की पुनर्समीक्षा कर आम लोगों को राहत प्रदान की जाए। साथ ही वाहन चालकों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित करने की भी मांग की गई।
धीरज बाकलीवाल के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि पार्टी सदैव जनसरोकारों के मुद्दों पर जनता के साथ खड़ी रही है और भविष्य में भी आम नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी।
मुख्य मांगें
? अत्यधिक ई-चालान की कार्रवाई पर पुनर्विचार।
? परिवहन सेवाओं की बढ़ी हुई शुल्क दरों में कमी।
? ई-चालान प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करना।
? आम जनता पर बढ़ते आर्थिक बोझ को कम करने के लिए ठोस राहतकारी उपाय लागू करना।
कोंडागांव। छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिला मुख्यालय में इन दिनों पेट्रोल और डीजल की अचानक कमी से आम जनता और किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिले के कई पेट्रोल पंपों पर ईंधन खत्म होने की स्थिति बन गई है, वहीं कुछ पंपों को अस्थायी रूप से बंद भी करना पड़ा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, सुबह से ही कई पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। कई उपभोक्ताओं को घंटों इंतजार के बाद भी खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। इस स्थिति ने परिवहन व्यवस्था के साथ-साथ कृषि कार्यों को भी प्रभावित करना शुरू कर दिया है।
मामले की पड़ताल के लिए आसपास के जिलों—कांकेर, नारायणपुर और जगदलपुर—में संपर्क किया गया, जहां से जानकारी मिली कि वहां पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है और सामान्य रूप से आपूर्ति जारी है। ऐसे में कोंडागांव में ही इस तरह की किल्लत सामने आना कई सवाल खड़े कर रहा है।
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब आसपास के जिलों में पर्याप्त मात्रा में ईंधन उपलब्ध है, तो कोंडागांव में कमी क्यों? क्या यह कृत्रिम संकट पैदा कर कीमत बढ़ने की आशंका में ईंधन का भंडारण (डंपिंग) किया जा रहा है? या फिर कालाबाजारी के लिए आपूर्ति को जानबूझकर रोका जा रहा है?
इस मुद्दे पर स्थानीय प्रशासन की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। आम नागरिकों और किसानों ने जिला प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित करने और ईंधन की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर समस्या का समाधान कितनी जल्दी करता है और जनता को राहत कब तक मिल पाती है।
प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर मुख्यमंत्री ने जताया आभार, कहा— विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को मिली नई शक्ति
रायपुर/शौर्यपथ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के 12 वर्ष पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए एक विस्तृत पत्र के माध्यम से छत्तीसगढ़ के विकास में केंद्र सरकार द्वारा दिए गए सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व, सुशासन, गरीब कल्याण और आत्मनिर्भर भारत की सोच ने छत्तीसगढ़ के विकास को नई दिशा प्रदान की है तथा राज्य के दूरस्थ, आदिवासी और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों तक विकास की रोशनी पहुंचाई है।
मुख्यमंत्री साय ने अपने पत्र में कहा कि केंद्र सरकार की प्रभावी रणनीति और सुरक्षा बलों को मिले संसाधनों के कारण छत्तीसगढ़ नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई में लगातार सफलता प्राप्त कर रहा है। विशेष केंद्रीय सहायता योजना के तहत राज्य को 2,080 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता मिली है, वहीं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 3,222 किलोमीटर सड़कें और 88 बड़े पुलों के निर्माण से विकास एवं सुरक्षा दोनों को मजबूती मिली है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में राज्यों को वित्तीय रूप से अधिक सशक्त बनाने के लिए केंद्रीय करों में हिस्सेदारी बढ़ाई गई, जिससे पिछले 12 वर्षों में छत्तीसगढ़ को 3.46 लाख करोड़ रुपये से अधिक की कर हिस्सेदारी तथा 1.43 लाख करोड़ रुपये से अधिक की केंद्रीय सहायता प्राप्त हुई। इसके अतिरिक्त पूंजीगत निवेश, जीएसटी क्षतिपूर्ति और विभिन्न विकास योजनाओं के लिए हजारों करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क, रेल और डिजिटल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में ऐतिहासिक परिवर्तन देखने को मिला है। राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास के लिए 35,766 करोड़ रुपये तथा विभिन्न सड़क परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश के दूरस्थ अंचल अब विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। डिजिटल इंडिया अभियान के तहत नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 1,247 मोबाइल टावर स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे हजारों गांवों को डिजिटल सेवाओं का लाभ मिल रहा है।
ग्रामीण और गरीब कल्याण योजनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 24.50 लाख आवास स्वीकृत किए गए हैं, जबकि 19.70 लाख से अधिक आवास पूर्ण हो चुके हैं। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के माध्यम से प्रदेश के लगभग 1.99 करोड़ लोगों को हर माह खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं उज्ज्वला योजना के तहत 39.54 लाख महिलाओं को नि:शुल्क गैस कनेक्शन प्रदान किए गए हैं।
कृषि क्षेत्र में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को किसानों के लिए बड़ी राहत बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के 25.51 लाख किसानों को 10,784 करोड़ रुपये की सहायता सीधे उनके खातों में हस्तांतरित की गई है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, कृषि सिंचाई योजना और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन जैसी योजनाओं ने किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
आदिवासी कल्याण को केंद्र सरकार की प्राथमिकता बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम जनमन योजना, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान और वन अधिकारों की मान्यता जैसी पहलों से हजारों आदिवासी परिवार लाभान्वित हुए हैं। प्रदेश में 4.83 लाख व्यक्तिगत और 48 हजार से अधिक सामुदायिक वन अधिकार पत्र वितरित किए जा चुके हैं।
महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में लखपति दीदी, बिहान, सखी वन स्टॉप सेंटर, सक्षम आंगनबाड़ी और स्व-सहायता समूहों को मिली आर्थिक सहायता का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लाखों महिलाएं आज आत्मनिर्भरता की नई मिसाल बन रही हैं। वहीं आयुष्मान भारत, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं का व्यापक विस्तार हुआ है।
मुख्यमंत्री ने पर्यटन, खेल, उद्योग, ग्रामोद्योग, हस्तशिल्प, ऊर्जा, डिजिटल प्रशासन और सुशासन के क्षेत्र में भी केंद्र सरकार के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ आज विकास, निवेश, सुशासन और जनकल्याण के नए मानक स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ का सपना भी तेजी से साकार हो रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पत्र के अंत में छत्तीसगढ़ की साढ़े तीन करोड़ जनता की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि केंद्र सरकार का मार्गदर्शन और सहयोग भविष्य में भी प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा।
रायपुर, । छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज एक दिवसीय हैदराबाद प्रवास पर रहेंगे, जहां वे राज्य में निवेश आकर्षित करने और औद्योगिक विकास को गति देने के उद्देश्य से आयोजित इन्वेस्टर मीट में भाग लेंगे। मुख्यमंत्री का यह दौरा राज्य में उद्योग, रोजगार और निवेश की नई संभावनाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जारी दौरा कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री श्री साय गुरुवार शाम 6:15 बजे नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन से रवाना होकर 7:00 बजे इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचेंगे। इसके बाद वे इंडिगो की उड़ान 6E-6601 से शाम 7:45 बजे हैदराबाद के लिए प्रस्थान करेंगे और रात 10:05 बजे राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, हैदराबाद पहुंचेंगे। वहां से वे होटल पार्क हयात, बंजारा हिल्स में रात्रि विश्राम करेंगे।
शुक्रवार 12 जून को मुख्यमंत्री सुबह से दोपहर तक होटल पार्क हयात में आयोजित इन्वेस्टर मीट में भाग लेंगे। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न औद्योगिक समूहों, निवेशकों और कारोबारी प्रतिनिधियों के साथ छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं, औद्योगिक परियोजनाओं और रोजगार सृजन से जुड़े विषयों पर चर्चा होने की संभावना है।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री दोपहर 3:50 बजे होटल से एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगे और इंडिगो की उड़ान 6E-7248 से शाम 6:00 बजे रायपुर के लिए प्रस्थान करेंगे। वे 7:50 बजे स्वामी विवेकानंद विमानतल, रायपुर पहुंचेंगे तथा रात 8:20 बजे मुख्यमंत्री निवास, सिविल लाइन रायपुर पहुंचकर दौरा समाप्त करेंगे।
राज्य सरकार के अनुसार मुख्यमंत्री का यह दौरा छत्तीसगढ़ को निवेश के प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित करने तथा उद्योगों के माध्यम से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
1.242 किलो नकली सोने के बिस्किट, सिक्का, कार व मोबाइल जब्त; सस्ते दाम में सोना बेचने का लालच देकर बनाते थे शिकार
दुर्ग। जमीन में दबा खजाना मिलने की मनगढ़ंत कहानी सुनाकर लोगों को नकली सोना बेचने वाले अंतरजिला ठगी गिरोह का दुर्ग पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। थाना उतई पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से करीब 1.242 किलोग्राम नकली सोने जैसे धातु के बिस्किट, एक नकली सिक्का, घटना में प्रयुक्त कार, मोबाइल फोन तथा अन्य साक्ष्य सामग्री बरामद की गई है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि बोरसी निवासी जितेंद्र साहू की शिकायत पर उतई थाना में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया था। जांच में सामने आया कि आरोपी लोगों को यह विश्वास दिलाते थे कि उन्हें जमीन में गड़ा हुआ हंडा मिला है, जिसमें सोने के बिस्किट और प्राचीन सिक्के हैं। इसके बाद वे नकली धातु को असली सोना बताकर बाजार मूल्य से बहुत कम कीमत पर बेचने का लालच देते थे और लाखों रुपये की ठगी कर लेते थे।
पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण, निगरानी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर विभिन्न जिलों में दबिश दी और सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस जांच में आरोपी पन्नालाल कुर्रे के खिलाफ इसी प्रकार की ठगी के अन्य मामलों की जानकारी मिली है। वहीं दिनेश कुमार टंडन के विरुद्ध पूर्व से मारपीट और संपत्ति संबंधी अपराध दर्ज पाए गए हैं।
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से सस्ते दाम में सोना-चांदी या अन्य कीमती वस्तुएं खरीदने के लालच में न आने की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि किसी भी लेन-देन से पहले वस्तु का सत्यापन अवश्य करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।
तकनीकी साक्ष्यों और त्वरित कार्रवाई के आधार पर इस संगठित अंतरजिला ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है।
राजनांदगांव - भारतीय जनता पार्टीके प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय, भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष विभा अवस्थी तथा जिला भाजपा अध्यक्ष कोमल सिंह राजपूत की सहमति से भाजपा महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष पुष्पा गायकवाड ने महिला मोर्चा के विभिन्न मंडलों के पदाधिकोरियोंकी नियुक्ति की घोषणा की है।
डोंगरगांव मंडल:- अध्यक्ष एकल बाई साहू, उपाध्यक्ष विभा हिरवानी, मनीषा साहू, मधु यदु, संतोषी मानिकपुरी, महामंत्री अनिता वाल्दे, चित्ररेखा, मंत्री ज्योति साहू, रानी तिवारी, महेश्वरी गंजीर, स्वाति पंसारी, कोषाध्यक्ष ममता उईके, मीडिया प्रभारी अंजना यादव, सोशल मीडिया प्रभारी नीलम चतुर्वेदी, बुथ मित्र प्रभारी कुमारी वैष्णव, सांस्कृतिक प्रभारी अनिता साहू, प्रवक्ता अरूणा पाण्डेय, कार्यालय प्रभारी कुंती आल्हा, मन की बात प्रमुख प्रतिभा पटेल।
राजनांदगांव दक्षिण मंडल:- अध्यक्ष मधु बैद, उपाध्यक्ष शशि सहारे, मंजू यादव, संध्या वर्मा, कृति प्रजापति, महामंत्री करूणा राजपूत, तूईशा वांदिले, मंत्री चन्द्रिका साहू, प्रतिमा खण्डेलवाल, लता यादव, भारतीय सोनकर, कृती साहू, कोषाध्यक्ष ज्योति जैन, मीडिया प्रभारी ज्योति सहारे, सोशल मीडिया प्रभारी अनिता सिन्हा, सह-सोशल मीडिया प्रभारी उतरा दामले, बुथ मित्र प्रभारी लता यादव, सांस्कृति प्रभारी अमृता सिन्हा, प्रवक्ता गीताजंली साहू, कार्यालय पभारी दूर्गा साहू, मन की बात कार्यालय प्रभारी अर्चना अग्रवाल।
राजनांदगांव ग्रामीण पश्चिम मंडल:- अध्यक्ष गायत्री साहू, उपाध्यक्ष पुर्णिमा साहू, मीनाक्षी अम्बादे, दुलारी बाई साहू, लता साहू, महामंत्री भुनेश्वरी साहू, मनिषा साहू, मंत्री मीना चतुर्वेदी, ममता धु्रव, बिसन्तीन नेताम, प्रभा साहू, टोमीन लाउत्रे, कोषाध्यक्ष ज्योति भारद्वाज, मीडिया प्रभारी मिशा साहू, सोशल मीडिया प्रभारी सीमा साहू, मन की बात प्रमुख सोमिता साहू।
अर्जुनी मंडल:- अध्यक्ष ममता पटेल, उपाध्यक्ष कविता साहू, मंजू साहू, नूतन साहू, फुलेश्वरी साहू, महामंत्री पूनम साहू, मंजू वैष्णव, मंत्री चम्पा धनकर, शैल साहू, उमा साहू, जयश्री राधा सोनकर, पूर्णिमा साहू, चन्द्रकली साहू, कोषाध्यक्ष महेश्वरी निषाद, सह-कोषाध्यक्ष ललती निषाद, मीडिया प्रभारी चांदनी निषाद, सह-मीडिया प्रभारी लुकेश्वरी साहू, प्रवक्ता कल्याणी धनकर, सह-प्रवक्ता नीतू साहू, सोशल मीडिया प्रभारी पूजा वैष्णव, पदमनी साहू, बुधंमीन साहू, रेश्मी आदिवासी, कार्यालय मंत्री कामनी रामटेके, सांस्कृतिक कांति साहू, दुलारी बाई साहू।
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष पुष्पा गायकवाड ने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी संगठन कार्यकर्ताओं की मेहनत, समर्पण और सेवा भाव के आधार पर निरंतर आगे गढ़ रही है। महिला मोर्चा की नई टीम संगठन को और अधिक सशक्त बनाने के साथ-साथ पार्टी की रीति-नीति, सिद्धांतों एवं केन्द्र तथा राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। जिला अध्यक्ष पुष्पा गायकवाड ने विश्वास व्यक्त किया कि महिला मोर्चा की नईटीम संगठन के विस्तार एवं पार्टी की मजबूती के लिए सक्रिय रूप से कार्य करेगी तथा आगामी कार्यक्रमों एवं अभियानों को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देगी।
5 संस्थानों और व्यक्तियों को नोटिस जारी, 50 हजार रुपये जुर्माना की तैयारी
दुर्ग, । नगर पालिक निगम दुर्ग ने शहर की सुंदरता और सार्वजनिक संपत्तियों के संरक्षण को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए अवैध होर्डिंग एवं प्रचार सामग्री लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। निगम आयुक्त श्री सुमित अग्रवाल के निर्देश पर बाजार विभाग द्वारा चलाए गए विशेष निरीक्षण अभियान में बिजली खंभों, पेड़ों और सार्वजनिक संपत्तियों पर बिना अनुमति विज्ञापन लगाए जाने के कई मामले सामने आए।
निरीक्षण के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में बिजली के खंभों एवं पोलों पर निजी चिकित्सा संस्थानों के प्रचार संबंधी होर्डिंग लगाए गए पाए गए। वहीं शहर के उद्यानों की दीवारों तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों का भी व्यावसायिक प्रचार-प्रसार के लिए उपयोग किया जा रहा था।
जांच में पेड़ों पर शैक्षणिक संस्थानों के प्रवेश संबंधी विज्ञापन तथा बिजली खंभों पर प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग से जुड़े प्रचार बोर्ड लगाए जाने की पुष्टि हुई। निगम अधिकारियों ने इसे नगर निगम अधिनियम एवं विज्ञापन नियमों का उल्लंघन मानते हुए संबंधित संस्थानों एवं व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई प्रारंभ कर दी है।
मौका निरीक्षण के उपरांत बाजार विभाग द्वारा अवैध रूप से होर्डिंग एवं प्रचार सामग्री लगाने वाले पांच संबंधित व्यक्तियों एवं संस्थानों को नोटिस जारी किया गया है। निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक प्रकरण में 50 हजार रुपये तक जुर्माना अधिरोपित किया जा सकता है। निर्धारित समयावधि में संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं करने पर नियमानुसार आर्थिक दंड के साथ अन्य वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।
नगर निगम आयुक्त श्री सुमित अग्रवाल ने कहा कि शहर की स्वच्छता, सौंदर्यता एवं हरित वातावरण बनाए रखना निगम की प्राथमिकता है। सार्वजनिक स्थलों, बिजली खंभों, पेड़ों एवं शासकीय संपत्तियों का अवैध विज्ञापन के लिए उपयोग किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि निगम द्वारा ऐसे मामलों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध भविष्य में भी अभियान जारी रहेगा। शहर की पहचान और सौंदर्य को प्रभावित करने वाले तत्वों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
थोक कचरा उत्पादकों पर निगम की सख्ती, नियमों की अनदेखी पर होगी वैधानिक कार्रवाई
दुर्ग, । स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत भारत सरकार एवं माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप लागू किए गए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के तहत नगर निगम क्षेत्र के सभी थोक अपशिष्ट उत्पादकों (बल्क वेस्ट जनरेटर्स) के लिए नियमों का पालन अनिवार्य कर दिया गया है। नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के विरुद्ध कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम आयुक्त श्री सुमित अग्रवाल ने बताया कि ऐसे संस्थान, आवासीय परिसर, होटल, रेस्टोरेंट, मैरिज गार्डन, शैक्षणिक संस्थान, अस्पताल, छात्रावास, व्यावसायिक प्रतिष्ठान एवं अन्य बड़े परिसर जहां प्रतिदिन बड़ी मात्रा में कचरा उत्पन्न होता है, उन्हें अपने परिसर में उत्पन्न गीले (जैविक) कचरे का वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण एवं निपटान स्वयं करना होगा।
उन्होंने बताया कि इसके लिए कम्पोस्टिंग, बायोगैस, बायो-मीथनेशन अथवा अन्य स्वीकृत तकनीकों का उपयोग किया जा सकता है। साथ ही सभी थोक अपशिष्ट उत्पादकों को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल पर अनिवार्य रूप से पंजीयन कराना होगा तथा आवश्यक जानकारियां समय-समय पर पोर्टल पर अपलोड करनी होंगी।
निगम प्रशासन के अनुसार गीले एवं सूखे कचरे का स्रोत स्तर पर पृथक्करण करना भी अनिवार्य रहेगा। इसके लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है और निगम की टीमें विभिन्न संस्थानों का निरीक्षण कर नियमों के पालन की समीक्षा करेंगी।
निरीक्षण के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित संस्थान को नोटिस जारी किया जाएगा। निर्धारित अवधि में सुधार नहीं करने पर जुर्माना, पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति तथा अन्य वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम ने बताया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप नियमों की लगातार अवहेलना करने वाले थोक अपशिष्ट उत्पादकों के विरुद्ध बिजली एवं जल प्रदाय सेवाएं बंद करने जैसी कठोर कार्रवाई भी की जा सकती है। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विभागों को भी कार्रवाई हेतु अनुशंसा भेजी जाएगी।
नगर निगम प्रशासन ने सभी थोक अपशिष्ट उत्पादकों से पर्यावरण संरक्षण एवं शहर की स्वच्छता में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की है। गीले कचरे का स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण करने से लैंडफिल पर भार कम होगा, जैविक खाद एवं ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा तथा शहर को स्वच्छ, स्वस्थ और पर्यावरण-अनुकूल बनाने में मदद मिलेगी।
आयुक्त श्री सुमित अग्रवाल ने कहा कि स्वच्छ एवं सतत शहर निर्माण के लिए सभी संस्थानों का सहयोग आवश्यक है। नियमों का पालन सुनिश्चित करना प्रत्येक संस्था की जिम्मेदारी है और उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
सीसी रोड, नाली और पुलिया निर्माण से मजबूत होगी आधारभूत संरचना, नागरिकों को मिलेगी बेहतर सुविधा
दुर्ग, । नगर पालिक निगम दुर्ग द्वारा शहर में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार एवं नागरिकों को बेहतर आवागमन और जल निकासी व्यवस्था उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभिन्न विकास कार्यों को लगातार गति दी जा रही है। इसी क्रम में महापौर श्रीमती अलका बाघमार ने वार्ड क्रमांक 38 एवं 39 में सीसी रोड, आरसीसी नाली एवं पुलिया निर्माण कार्यों का विधिवत भूमिपूजन किया।
वार्ड क्रमांक 39 में डॉ. कौशिक के निवास से मुकुंद भवन तक सीसी रोड एवं नाली निर्माण कार्य की आधारशिला रखी गई। वहीं वार्ड क्रमांक 38 में पदम पाटनी के निवास से आशीष मारूति के निवास तक, मधुबन वाटिका से खंडेलवाल कॉलोनी तक तथा अन्य विभिन्न स्थानों पर आरसीसी नाली एवं पुलिया निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया गया। इसके अतिरिक्त मिलपारा क्षेत्र में भी नाली एवं पुलिया निर्माण कार्य का शुभारंभ किया गया।
भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महापौर श्रीमती अलका बाघमार ने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य प्रत्येक वार्ड में नागरिकों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में जलभराव और आवागमन संबंधी समस्याओं को रोकने के लिए सड़क, नाली और पुलिया निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर कराया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इन निर्माण कार्यों के पूर्ण होने से क्षेत्र में जल निकासी व्यवस्था बेहतर होगी और नागरिकों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। नगर निगम जनहित से जुड़े विकास कार्यों को निरंतर गति प्रदान कर रहा है तथा नागरिकों की आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाबद्ध ढंग से विकास कार्य किए जा रहे हैं।
लोक कर्म प्रभारी श्री देव नारायण चन्द्राकर ने कहा कि निगम क्षेत्र में विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। सड़क, नाली एवं पुलिया जैसे निर्माण कार्य सीधे तौर पर आम नागरिकों की सुविधा से जुड़े होते हैं, इसलिए इनके गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों से प्राप्त सुझावों के आधार पर वार्डों की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्य स्वीकृत किए जा रहे हैं, ताकि लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
इस अवसर पर एमआईसी सदस्य श्री शेखर चन्द्राकर, श्री नीलेश अग्रवाल, पार्षद श्री गुलाब वर्मा, श्री रामचंद्र सेन, श्रीमती रंजीता पाटिल, सहायक अभियंता श्री सुरेश केवलानी, उप अभियंता श्री मोहित मरकाम सहित बड़ी संख्या में वार्डवासी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान स्थानीय नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों ने बारिश से पूर्व महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों की सौगात मिलने पर महापौर श्रीमती अलका बाघमार एवं नगर निगम प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए विकास कार्यों की सराहना की।
प्रतिभाओं का समर कैंप समापन समारोह में समिति अध्यक्ष दीपक कुमार हुए सम्मानित
भिलाई। खुर्सीपार में आयोजित एक माह के "प्रतिभाओं का समर कैंप" के समापन समारोह में समाजसेवा एवं मानवता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए निस्वार्थ सेवा भाव समिति का सम्मान किया गया। समिति के अध्यक्ष दीपक कुमार को रक्तदान जागरूकता एवं रक्तदान सेवा के माध्यम से हजारों जरूरतमंदों के जीवन में नई आशा का संचार करने के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
गौरतलब है कि खुर्सीपार में 9 मई से 7 जून तक आयोजित समर कैंप में लगभग 700 बच्चों ने योग, फिजिकल ट्रेनिंग, कराटे, बॉक्सिंग, एथलेटिक्स, क्रिकेट एवं फुटबॉल सहित विभिन्न खेल एवं शारीरिक गतिविधियों में भाग लिया। कैंप का उद्देश्य बच्चों में खेल प्रतिभा, अनुशासन और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता विकसित करना था।
समापन समारोह का आयोजन खुर्सीपार स्थित श्रीराम चौक दशहरा मैदान में किया गया, जिसमें विधायक देवेंद्र यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं को सम्मानित किया गया।
इसी क्रम में निस्वार्थ सेवा भाव समिति के अध्यक्ष दीपक कुमार को रक्तदान के क्षेत्र में किए जा रहे सतत जनसेवा कार्यों, रक्तदाताओं को प्रेरित करने तथा जरूरतमंद मरीजों तक समय पर रक्त उपलब्ध कराने में उल्लेखनीय भूमिका निभाने के लिए सम्मान प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर, खेल प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष प्रवीण जैन, भिलाई की प्रथम महापौर नीता लोधी, एमआईसी सदस्य लक्ष्मीपति राजू, ब्लॉक अध्यक्ष गुड्डू खान, विधायक प्रतिनिधि इंद्रजीत सिंह सेनी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, खिलाड़ी, प्रशिक्षक एवं नागरिक उपस्थित रहे।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
