
CONTECT NO. - 8962936808
EMAIL ID - shouryapath12@gmail.com
Address - SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
खेल / शौर्यपथ / टेस्ट क्रिकेट में इंग्लैंड की गिनती दुनिया की सबसे खतरनाक टीमों में की जाती है। इंग्लिश कंडिशंस में कितनी भी मजबूत टीम क्यों ना हो सब इंग्लैंड के सामने घुटने टेकने पर मजबूर हो जाती हैं। इंग्लैंड का पेस अटैक अपनी सरजमीं पर बड़े से बड़े बल्लेबाजों की नाक में दम करके रखता है। लेकिन, पिछले कुछ समय में जो रूट की अगुवाई में टीम अपनी ही धरती पर जीत के लिए तरस रही है। न्यूजीलैंड के हाथों हार झेलने के बाद अब अंग्रेजों की टोली पर विराट कोहली की सेना भी भारी पड़ रही है। इंग्लैंड को होम कंडिशंस में पिछले छह टेस्ट मैचों में जीत नसीब नहीं हुई और इस दौरान टीम ने दो दफा हार का सामना भी किया है।
इंग्लैंड ने अपनी धरती पर आखिरी टेस्ट मैच पाकिस्तान के खिलाफ साल 2020 में जीता था। यह सीरीज का पहला मुकाबला था और इसके बाद के दोनों ही टेस्ट मैच पाकिस्तान की टीम ड्रॉ करवाने में सफल रही थी। पाकिस्तान के बाद वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल से पहले न्यूजीलैंड की टीम ने इंग्लिश टीम को धूल चटाते हुए टेस्ट सीरीज को 1-0 से अपने नाम किया था, जबकि दो मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला ड्रॉ रहा था। कीवी टीम के हाथों सीरीज गंवाने के बाद भारत के खिलाफ खेली जा रही पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में भी इंग्लैंड की हालत खस्ता है। ट्रेंट ब्रिज में बारिश ने अंग्रेजों की लाज बचाई, लेकिन लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर टीम को शर्मनाक हार झेलनी पड़ी। यानी इंग्लिश कंडिशंस में जो रूट की टीम ने पिछले 6 टेस्ट मैचों से जीत का मुंह नहीं देखा है। इसका असर आने वाले मैचों में टीम के प्रदर्शन पर जरूर पड़ सकता है।
भारत और इंग्लैंड के बीच सीरीज का तीसरा टेस्ट मैच 25 अगस्त से हेडिंग्ले लीड्स में खेला जाना है। इससे पहले दूसरे टेस्ट मैच में गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन और मोहम्मद शमी और जसप्रीत बुमराह की यादगार साझेदारी के दम पर टीम इंडिया ने लॉर्ड्स में इंग्लैंड को 151 रनों से रौंदा था। वहीं, सीरीज का पहला मैच बारिश के चलते ड्रॉ रहा था। भारत ने इंग्लैंड में आखिरी बार टेस्ट सीरीज 2007 में राहुल द्रविड़ की कप्तानी में जीती थी। सीरीज में 1-0 की बढ़त ले चुकी भारतीय टीम के पास 14 साल बाद इंग्लिश टीम को उनके घर में पटखनी देने का यह सबसे शानदार मौका है।
खेल / शौर्यपथ /बेहतरीन बॉलिंग अटैक, उम्दा कप्तान और शानदार जीत के जज्बे के साथ भारतीय क्रिकेट टीम ने लॉर्ड्स मैदान पर इंग्लैंड का गुरूर तोड़ते हुए 151 रनों की जीत दर्ज की। इस जीत के नायक तो वैसे कई खिलाड़ी रहे, जिसमें सबसे ऊपर युवा तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज हैं। सिराज ने लॉर्ड्स टेस्ट की दोनों पारियों में चार-चार विकेट झटक असंभव सी जीत को संभव बनाया। लेकिन आज हम उनकी नहीं, बल्कि जसप्रीत बुमराह की बात करेंगे, जिन्होंने बल्ले के साथ-साथ गेंदबाजी में ऐसे समय में कमाल किया, जहां टीम को विकेट की सख्त जरूरत थी। बुमराह ने इंग्लैंड की दूसरी पारी के दौरान 'मैजिकल' ओवर' डालते हुए ओली रॉबिन्सन का विकेट झटका और इंग्लैंड को आठवां झटका दिया।
सिराज के एक ही ओवर में मोइन अली और सैम करन को आउट करने के बाद भारत की जीत आसान लग रही थी, लेकिन इसके बाद भी विकेटकीपर बल्लेबाज जोस बटलर और ऑली रॉबिन्सन हार मानने के लिए तैयार नहीं थे। दोनों ने 12 ओवरों से ज्यादा क्रीज पर टिककर भारत की जीत को टाला। उस समय इंग्लैंड टीम को लगभग 10 ओवर और बल्लेबाजी करनी थी और उसके तीन विकेट बाकी थी।
इंग्लैंड की पारी का 51वां ओवर डालने आए बुमराह ने यहां रोबिन्सन के खिलाफ बाउंसर के साथ शुरुआत की। उन्होंने तीन गेंद डालने के बाद राउंड द विकेट गेंदबाजी करने का फैसला किया और चेतेश्वर पुजारा को सिली प्वॉइंट पर लगाया। उन्होंने फिर रोबिन्सन के खिलाफ दो लगातार बाउंसर गेंदें डाली, जिसमें एक नो बॉल हो गई। इसके बाद बुमराह ने स्लॉअर वन बॉल का इस्तेमाल किया, जिसे रॉबिन्सन ने रोकना चाहा, लेकिन गेंद उनके पैड से टकरा गई। पैड से टकराते ही पूरी भारतीय टीम ने जोरदार अपील की, लेकिन अंपायर ने नकार दिया।
टीम ने इसके बाद रिव्यू लिया और फिर अंपायर को अपना फैसला बदलना पड़ा और टीम इंडिया को आठवां विकेट मिल गया। रोबिन्सन के आउट होने का फायदा यह हुआ कि लंबे समय से भारत की जीत टालने में जुटे बटलर का भी ध्यान भटक गया और वे भी अगले ओवर में मोहम्मद सिराज की गेंद पर विकेटकीपर ऋषभ पंत को कैच दे बैठे। सिराज ने इसी ओवर में जेम्स एंडरसन को क्लीन बोल्ड कर भारत की ऐतिहासिक और यादगार जीत पर मुहर लगा दी।
खेल / शौर्यपथ / भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का दूसरा मैच लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर खेला जा रहा है। टेस्ट मैच के तीसरे दिन दर्शकों ने शर्मनाक हरकत की। इससे विराट कोहली बेहद नाराज आए। दरअसल तीसरे दिन फील्डिंग कर रहे केएल राहुल को दर्शकों द्वारा शैम्पेन कॉर्क फेंककर मारने की कोशिश की गई। हालांकि उन्हें ये शैम्पेन कॉर्क नहीं लगी। विराट कोहली ने इसके बाद केएल राहुल को इशारा कर कॉर्क को वापस फेंकने का इशारा किया गया।
ये घटना उस समय घटी जब भारत के पेसर मोहम्मद शमी इंग्लिश कप्तान जो रूट को गेंदबाजी कर रहे थे। इस वाकये के बाद थोड़ी देर के लिए खेल को रोका भी गया। सोशल मीडिया पर इसकी तस्वीरें काफी वायरल हो रही हैं। विराट इस घटना के बाद तुरंत इस मामले में कूद पडे़। उन्होंने राहुल को इशारा किया कि इसे वापस दर्शकों की तरफ फेंक दो। विराट के इस इशारे को क्रिकेट फैन्स ने सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है।
गौरतलब है कि लॉर्ड्स टेस्ट में केएल राहुल ने पहली पारी में 129 रनों की पारी खेली थी। उनके शतक के दम पर टीम इंडिया ने पहली पारी में 364 रन बनाए। खबर लिखे जाने तक इसके जवाब में इंग्लैंड ने पहली पारी में 4 विकेट खोकर 258 रन बना लिए हैं। जो रूट ने इंग्लैंड की तरफ से शतक जड़ा और वो 117 रन बनाकर नाबाद हैं।
खेल / शौर्यपथ / टोक्यो ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली भारतीय पुरुष हॉकी टीम के गोलकीपर पीआर श्रीजेश को गुरुवार को प्रवासी भारतीय व्यवसायी द्वारा घोषित एक करोड़ रूपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया।
पूर्व भारतीय हॉकी गोलकीपर मैनुअल फ्रेडरिक ने यहां एक कार्यक्रम में मौजूदा भारतीय हॉकी टीम के गोलकीपर को यह पुरस्कार दिया। फ्रेडरिक म्यूनिख ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थे। संयुक्त अरब अमीरात(यूएई) में स्थित वीपीएस हेल्थकेयर के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक डा शमशीर वयालिल ने इस नकद पुरस्कार की घोषणा की थी। ओलंपियन श्रीजेश ने शमशीर द्वारा पूर्व हॉकी गोलकीपर फ्रेडरिक के लिये 10 लाख रुपये के नकद पुरस्कार का खुलासा किया।
फ्रेडरिक बेंगलुरू से श्रीजेश को सम्मानित करने पहुंचे थे और इससे हैरान हो गए। उन्होंने कहा कि शमशीर जैसे लोगों को देखना अच्छा है जो खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए आगे आए। उन्होंने कहा कि इससे निश्चित रूप से केरल के खेल सितारों की अगली पीढ़ी प्रेरित होगी।
खेल / शौर्यपथ / पाकिस्तान क्रिकेट टीम के कप्तान बाबर आजम, विकेटकीपर मोहम्मद रिजवान, ऑलराउंडर हसन अली और तेज गेंदबाज शाहीन शाह अफरीदी ने अपने क्रिकेट बोर्ड से मैच फीस बढ़ाने की अपील की है। वेबसाइट 'क्रिकेट पाकिस्तान' में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार इन चारों खिलाड़ियों ने बोर्ड के एक सीनियर अधिकारी से कहा कि उनकी मैच फीस में संशोधन किया किया जाना चाहिए। इन चारों को हाल में कॉन्ट्रैक्ट में 'ए' ग्रेड में रखा गया था।
रिपोर्ट के अनुसार, ये सभी खिलाड़ी इस बात से नाखुश हैं कि नए सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में उनकी टेस्ट, वनडे और टी-20 की मैच फीस नहीं बढ़ाई गई। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने 2021-22 के सीजन के लिए जुलाई में प्रदर्शन के आधार पर अलग-अलग कैटेगरी में 20 खिलाड़ियों को सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट सौंपा था। इसमें हालांकि सभी कैटेगरी के लिए मैच फीस बराबर रखी गई थी। इन चारों खिलाड़ियों के अलावा अन्य सीनियर खिलाड़ियों अजहर अली को 'बी' और पूर्व कप्तान सरफराज अहमद को 'सी' ग्रेड में रखा गया है।
इसके अलावा दिग्गज मोहम्मद हफीज, शोएब मलिक और वहाब रियाज को कोई कॉन्ट्रैक्ट नहीं दिया गया है। सभी फॉर्मेट में बराबरी लाने के लिए पीसीबी ने टेस्ट, वनडे और टी-20 मैच फीस में बढ़ोतरी की, जबकि ग्रेड ए में केवल रिटेनरशिप परसेंट को 25 पर्सेंट बढ़ाया गया था। हालांकि ग्रेड बी में टेस्ट मैच फीस को 15 पर्सेंट बढ़ाया गया और वनडे और टी-20 में क्रमश: 20 और 25 पर्सेंट बढ़ोतरी हुई। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पीसीबी ने इस बात से इनकार किया है कि किसी क्रिकेटर ने उनसे उनकी मैच फीस को लेकर शिकायत की थी।
खेल / शौर्यपथ / टोक्यो ओलंपिक में इतिहास रचने के बाद भारतीय मेंस और विमेंस हॉकी टीम आज शाम को दिल्ली पहुंचेगी। भारतीय मेंस हॉकी टीम ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया, जबकि विमेंस टीम चौथे स्थान पर रही। दोनों टीमों ने अपने प्रदर्शन से फैन्स का दिल जीत लिया। मेंस हॉकी टीम ने 41 साल बाद ओलंपिक मेडल अपनी झोली में डालकर देश को गौरवान्वित किया, तो वहीं विमेंस टीम भले ही मेडल से चूक गई, लेकिन अपने खेल और जज्बे से सबका दिल जीत लिया। मनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली मेंस टीम ने ब्रॉन्ज मेडल मैच में जर्मनी को 5-4 से हराया था, जबकि विमेंस टीम को ग्रेट ब्रिटेन के हाथों 2-3 से हार का सामना करना पड़ा था।
दोनों टीमें आज शाम 5:15 बजे साथ में दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंड करेंगीं। एयरपोर्ट के बाद दोनों टीमें चाणक्यपुरी के अशोका होटल के लिए प्रस्थान करेंगीं। भारत के लिए टोक्यो ओलंपिक काफी यादगार रहा। भारत एक गोल्ड, दो सिल्वर और चार ब्रॉन्ज मेडल के साथ प्वॉइंट टेबल में 48वें नंबर पर रहा। ओलंपिक खेलों में यह भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी है। इससे पहले लंदन ओलंपिक में भारत ने कुल छह मेडल (दो सिल्वर और चार ब्रॉन्ज) जीते थे। भारत की ओर से जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने गोल्ड मेडल अपने नाम किया, जो एथलेटिक्स में भारत की ओर से पहला ओलंपिक मेडल भी है। भारत के लिए वेटलिफ्टर मीराबाई चानू और रेसलर रवि दहिया ने सिल्वर मेडल जीते जबकि मेंस हॉकी टीम, रेसलर बजरंग पूनिया, बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु और महिला बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए।
टोक्यो में कुछ ऐसा रहा मेंस हॉकी टीम का सफर
मनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली भारतीय मेंस हॉकी टीम ने पूल ए में न्यूजीलैंड, स्पेन, अर्जेंटीना और जापान को हराकर क्वार्टर फाइनल तक का सफर तय किया। क्वार्टर फाइनल में टीम ने ग्रेट ब्रिटेन को हराया और सेमीफाइनल में जगह पक्की की। सेमीफाइनल में भारत को बेल्जियम के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा और फिर ब्रॉन्ज मेडल के लिए खेले गए मैच में टीम ने जर्मनी को हराया। भारतीय मेंस हॉकी टीम ने टूर्नामेंट में दो ही मैच गंवाए और दोनों मैच ऑस्ट्रेलिया और बेल्जियम के खिलाफ थे, जिन्होंने फाइनल में जगह बनाई थी। बेल्जियम ने फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया था, जबकि ऑस्ट्रेलिया को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा था। भारतीय टीम पूल-ए में दूसरे नंबर पर रहकर क्वार्टर फाइनल में पहुंची थी।
टोक्यो में कुछ ऐसा रहा विमेंस हॉकी टीम का सफर
भारतीय विमेंस हॉकी टीम की बात करें तो पूल-ए में चौथे नंबर पर रहकर टीम क्वार्टर फाइनल में पहुंची थी। रानी रामपाल की कप्तानी वाली भारतीय विमेंस टीम को नीदरलैंड, जर्मनी और ग्रेट ब्रिटेन के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद टीम ने टूर्नामेंट में वापसी करते हुए आयरलैंड और दक्षिण अफ्रीका को हराया और क्वार्टर फाइनल का टिकट कटाया। क्वार्टर फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय विमेंट टीम ने ऑस्ट्रेलिया को 1-0 से हराकर सेमीफाइनल का टिकट कटाया। सेमीफाइनल में भारत को अर्जेंटीना के खिलाफ 1-2 से हार झेलनी पड़ी। जबकि ब्रॉन्ज मेडल के मैच में ग्रेट ब्रिटेन ने 4-3 से जीत दर्ज कर भारतीय विमेंस टीम के मेडल जीतने की उम्मीदों को तोड़ दिया। क्वार्टर फाइनल से ब्रॉन्ज मेडल के मैच तक भारतीय विमेंस हॉकी टीम ने अपने प्रदर्शन से करोड़ों फैन्स का दिल जीत लिया।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / टोक्यो ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम ने तीसरा स्थान प्राप्त किया, उनकी इस जीत की खुशी पूरे भारत देश में मनाई जा रही है। हॉकी नर्सरी राजनांदगांव में भी छत्तीसगढ हॉकी व जिला हॉकी संघ राजनांदगांव के तत्वधान में अंतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम से मानव मंदिर चौक तक खिलाड़ियों द्वारा भव्य रैली निकालकर मानव मंदिर चौक में अतिशबाजी के साथ फटाका फोड़कर केक काटकर तथा मिठाई बांटकर खुशी मनाई गई।
इस अवसर पर श्रीमति हेमा सुदेश देशमुख महापौर नगर पालिक निगम, जितेन्द्र मुदलियर अध्यक्ष युवा आयोग छग शासन, हरिनारायाण (पप्पू) धकेता अध्यक्ष नगर पालिक निगम राजनांदगांव, कुलबीर सिंह छाबडा, अध्यक्ष शहर कांग्रेस कमेटी आदि की उपस्थिति में केक काटकर जीत का जश्न मनाया।
इसके पूर्व भारतीय हॉकी टीम की जीत पर शहर के गौरव पथ स्थित अंतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में भी राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष जितेन्द्र मुदलियार, छत्तीसगढ हॉकी संघ के अध्यक्ष फिरोज अंसारी, कुतबुद्दीन सोलंकी, रमेश डाकलिया, एलेक्सेडंर किरो, मृणाल चौबे व वरिष्ठ हॉकी खिलाडियों की उपस्थिति में खिलाड़ियों के बीच केक काटकर कर जीत कि खुशी मनाई गई।
भारतीय हॉकी टीम ने इतिहास रचते हुए 41 साल बाद ओलंपिक में पदक हासिल कर लिया है। भारतीय हॉकी टीम ने ओलंपिक में जर्मनी को 5-4 से हराते हुए कांस्य पदक अपने नाम कर लिया है। भारत ने ओलंपिक हॉकी में आखिरी स्वर्ण पदक 1980 में मॉस्को में जीता था, तब से भारत को हॉकी में पदक का इंतजार था, जिसे मौजूदा हॉकी टीम ने खत्म कर दिया। पुरूष हॉकी में भारत ने 8 गोल्ड मेडल जीते है। भारत ने ओलंपिक में सबसे ज्यादा मेंडल पुरूष हॉकी में जीते है।
टीम ने 1928, 1932, 1936, 1948, 1952, 1956, 1964, और 1980 ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीता था। इसके अलावा 1960 में सिल्वर और 1968, 1972 और 2021 (टोक्यो ओलंपिक 2020) में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया है।
उक्त सभी कार्यक्रम में प्रमुख रूप से, सूर्यकांत जैन, विकास त्रिपाठी, हॉकी कोच भुषण सॉव, हॉकी कोच अनुराज श्रीवास्तव, सुश्री ऑशा थॉमस, दौलत चंदेल, गणेश प्रसाद शर्मा, आशोक यादव, अब्दुल कादिर, महेन्द्र सिंग ठाकुर, विरेन्द्र सिंग भाटिया, ज्ञानचंद जैन, कुमार स्वामी, राजु रंगारी, गुणवंत पटेल, डॉ. शास्त्री द्विवेदी, राम साहू, विकास वैष्णाव, अनिल यादव, राम अवतार जोशी, प्रिंस भाटिया, श्रीमति ममता गुप्ता, किशोर धीवर, विष्णु सिन्हा, तीरथ गोस्वामी, शब्बीर सोलंकी, मनीष गौतम, अजय झा, नरेश सिन्हा, सुरेश तराणे, लक्ष्मण यादव, शकिल अहमद, अश्विनी राजपूत आदि शामिल थे।
खेल / शौर्यपथ / इंग्लैंड की कंडीशन्स में बल्लेबाजी करना आसान नहीं होता है। यहां गेंद स्विंग करती है, विकेट में उछाल और तेजी होती है, ऐसे में टिककर खेल पाना काफी मुश्किल हो जाता है। टीम इंडिया के सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा ने केएल राहुल के साथ मिलकर टीम इंडिया को अच्छी शुरुआत दी। रोहित ने 107 गेंदों का सामना करके 36 रन बनाए। रोहित ने मैच के दूसरे दिन का खेल खत्म होने का बाद बताया कि इंग्लैंड की कंडीशन्स में बल्लेबाजी के लिए उन्होंने खुद में क्या बदलाव किए हैं।
रोहित ने दूसरे दिन का खेल खत्म होने के बाद कहा, 'हां, आपको काफी कुछ बदलना होता है और यह कुछ ऐसा जो मैंने भी किया है। जब गेंद स्विंग होती है तो आपके खेल के बहुत सारे तकनीकी पहलू होते हैं, जिसका आपको एक सलामी बल्लेबाज के रूप में इस्तेमाल करने की जरूरत होती है।' उन्होंने कहा, 'इन परिस्थितियों में खेलना कभी आसान नहीं होता, लेकिन आप मुश्किल परिस्थितियों में हमेशा खुद को एक बल्लेबाज के रूप में चुनौती देते हैं। मैं भी यही करने की कोशिश कर रहा हूं।'
उन्होंने कहा, 'मैंने अपनी तकनीक में भी कुछ बदलाव किए हैं। मैं क्रीज में ज्यादा हिलने-डुलने की कोशिश नहीं कर रहा हूं, बल्ले को शरीर के करीब रखते हुए जितना हो सके स्थिर रहने की कोशिश कर रहा हूं।' रोहित बल्लेबाजी के लिए मुश्किल परिस्थितियों का सामना करने के बाद पुल शॉट खेलने के कारण 36 रन पर आउट हो गए। उन्होंने इस शॉट का बचाव करते हुए कहा कि अगर गेंद उनकी पहुंच में रही तो वह शॉट खेलेंगे। खराब रोशनी और बारिश के कारण दिन में केवल 33.4 ओवर का खेल ही हो पाया, जिसमें भारत ने अपनी पहली पारी में चार विकेट पर 125 रन बनाए। तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन की अगुवाई में इंग्लैंड ने 15 रन के अंदर चार विकेट निकालकर भारत को बैकफुट पर ढकेल दिया। भारत इंग्लैंड के 183 रन से 58 रन पीछे है।
खेल /शौर्यपथ /19 सितंबर से युनाइटेड अरब अमीरात (यूएई) में इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का दूसरा फेज खेला जाना है। इससे ठीक पहले न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम पांच मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज के लिए बांग्लादेश के दौरे पर जाएगी। बांग्लादेश और न्यूजीलैंड के बीच 1 से 10 सितंबर के बीच पांच मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज खेली जाएगी, जिसके सभी मैच ढाका के शेर-ए-बांग्ला स्टेडियम पर होंगे। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने इसकी घोषणा की है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीसी) और इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने आपसी सहमति से सितंबर में होने वाली लिमिटेड ओवर को मार्च 2023 तक के लिए स्थगित कर दिया था। आईपीएल में न्यूजीलैंड और बांग्लादेश दोनों देशों के क्रिकेटर्स हिस्सा लेंगे, ऐसे में टी20 सीरीज खत्म होते ही, आईपीएल में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ी एकसाथ यूएई के लिए रवाना हो सकते हैं।
आईपीएल के तुरंत बाद आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप खेला जाना है। टी20 वर्ल्ड कप 17 अक्टूबर से यूएई और ओमान में खेला जाना है। ऐसे में यह टी20 इंटरनेशनल सीरीज बांग्लादेश और न्यूजीलैंड दोनों टीमों के लिए काफी अहम साबित हो सकती है। टी20 वर्ल्ड कप यूएई और ओमान में खेला जाना है, ऐसे में बांग्लादेश की परिस्थितियों में खेलने का कीवी टीम को फायदा मिल सकता है। फिलहाल ऑस्ट्रेलियाई टीम बांग्लादेश के दौरे पर है और दोनों टीमों के बीच पांच मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज खेली जा रही है। बांग्लादेश सीरीज में 1-0 से आगे है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
