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सभी जिलों में जुलूस, रैलियों, पब्लिक गैदरिंग, सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और खेल आयोजनों पर लगाई जाए रोक
चार प्रतिशत या अधिक पॉजिटिव रेट वाले जिलों में सभी स्कूलों, आंगनबाड़ी केन्द्रों, पुस्तकालयों, स्वीमिंग पूल और सार्वजनिक स्थानों को बंद रखा जाए: रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक रात्रिकालीन क्लैम्प डाउन लगाएं
सार्वजनिक स्थानों, भीड़-भाड़ वाले बाजारों और दुकानों में संक्रमण से बचाव के लिए मास्क के उपयोग को सख्ती से लागू करें
सभी एयरपोर्ट पर आरटीपीसीआर जांच अनिवार्य की जाए
सभी रेल्वे स्टेशनों और राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण की रेन्डम टेस्टिंग के निर्देश
आवश्यतानुसार माइक्रो और मिनी कंटेनमेन्ट जोन बनाएं
होम आईसोलेशन वाले मरीजों के लिए सप्ताह में सातों दिन 24 घंटे कॉल सेंटर्स संचालित हों
कोविड-19 संक्रमण के नियंत्रण के लिए निजी डॉक्टरों, निजी अस्पतालों, एनजीओ, मीडिया प्रतिनिधियों के साथ आयोजित की जाएं बैठकें
हॉस्पिटल बेड, दवाईयों के स्टॉक, पीएसए प्लांट्स और ऑक्सीजन की उपलब्धता की डेली रिपोर्टिंग के निर्देश
चार प्रतिशत या अधिक पॉजिटिव रेट वाले स्थानों में मॉल, सिनेमा, स्वीमिंग पूल, मेरिज पैलेस, होटल, रेस्टोरेंट, ऑडिटोरियम पर प्रतिबंध लगाने और अन्य जिलों में एक तिहाई क्षमता से संचालित करने के निर्देश
रायपुर /शौर्यपथ/
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश मेें कोविड-19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए सभी कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए कोविड-19 गाइडलाईन के तहत सख्ती से हर संभव उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि हमारा मुख्य उद्देश्य कोविड-19 संक्रमण और इससे संबंधित रिस्क को सीमित करना है, न कि आर्थिक गतिविधियों को धीमा करना।
इस संबंध में जारी निर्देश में कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों से कहा गया है कि प्रदेश के ऐसे जिले जहां पॉजिटिव रेट 4 प्रतिशत या इससे अधिक है, वहां रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक रात्रिकालीन क्लैम्प डाउन लगाया जाए और नॉन कमर्शियल गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगाई जाए। इसके लिए जहां जरूरी हो वहां धारा 144 तथा महामारी अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाए, जिन जिलों में पॉजिटिव रेट 4 प्रतिशत से ज्यादा है, वहां सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केन्द्रों, पुस्तकालयों, स्वीमिंग पूल और ऐसे सार्वजनिक स्थानों को बंद रखा जाए। ऐसे जिले जहां बीते 7 दिनों में कोरोना पॉजिटिविटी रेट 4ः से कम है, वहां कलेक्टर अन्य जिलो के प्रावधान लागू कर सकेंगे।
सभी जिलों में जुलूसों, रैलियों, पब्लिक गैदरिंग, सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और खेल आयोजनों पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए गए हैं। जहां जरूरी हो वहां धारा 144 तथा महामारी अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई करने को कहा गया है।
सभी कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों से कहा गया है कि कोविड-19 संक्रमण के नियंत्रण के लिए निजी डॉक्टरों, निजी अस्पतालों, एनजीओ, मीडिया प्रतिनिधियों के साथ बैठकें आयोजित की जाएं। कोरोना संक्रमण नियंत्रण के उपायों का स्थानीय प्रचार माध्यमों में प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए और नकारात्मक तथा असत्य खबरों पर सख्ती से रोक लगाई जाए। कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक, चौम्बर ऑफ कामर्स के प्रतिनिधियों, मॉल के मालिकों, थोक विक्रेताओं, जिम, सिनेमा और थिएटर के मालिकों, होटल-रेस्टोरेंट, स्वीमिंग पूल, ऑडिटोरियम, मेरिज पैलेस, इवेंट मैनेजमेंट समूहों के साथ बैठक करके यह सुनिश्चित करें कि इन स्थानों में क्षमता के केवल एक तिहाई लोगों को प्रवेश दिया जाए। ऐसे जिलों में जहां पॉजिटिव रेट 4 प्रतिशत से अधिक है, वहां इनकी गतिविधियों पर रोक लगाई जाए।
कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि प्रदेश के सभी एयरपोर्ट पर आरटीपीसीआर जांच अनिवार्य की जाए। ऐसे व्यक्ति जिन्हें कोविड-19 के दोनो टीके लगाए जा चुके हैं वे यात्रा की तिथि के 72 घंटे की आरटीपीसीआर की नेगेटिव रिपोर्ट प्रस्तुत करें। साथ ही एयरपोर्ट पर आने वाले सभी यात्रियों की आरटीपीसीआर जांच अनिवार्य रूप से की जाए। सभी रेल्वे स्टेशनों और राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण की रेन्डम जांच के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को यह निर्देश भी दिए हैं कि जहां आवश्यक हो, वहां कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए माइक्रो या मिनी कंटेनमेंट जोन बनाए जाएं। जहां आवश्यक हो वहां संक्रमितों की पहचान के लिए ट्रेसिंग और ट्रेकिंग की जाए। होम आईसोलेशन वाले संक्रमितों के लिए सप्ताह में सातों दिन 24 घंटे कॉल सेंटर्स को सक्रिय किया जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में मितानिनों के माध्यम से संक्रमण की स्थिति पर नजर रखी जाए। उन्होंने जिला प्रशासन को हॉस्पिटल बेड, दवाईयों के स्टॉक, पीएसए प्लांट्स और ऑक्सीजन की उपलब्धता डेली रिपोर्टिंग के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने जिला प्रशासन को यह सुुनिश्चित करने के यह भी निर्देश दिए हैं कि कोरोना की पिछली दो लहर के दौरान सभी शासकीय और निजी अस्पतालों में बिस्तरों की उपलब्धता की जानकारी रियल टाईम में ऑनलाईन उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने एनजीओ और निजी संगठनों को कोरोना नियंत्रण के उपायों के लिए सहयोग और आवश्यक सामाग्रियों के दान हेतु प्रोत्साहित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक स्थानों, भीड़-भाड़ वाले बाजारों और दुकानों में संक्रमण से बचाव के लिए मास्क के उपयोग को सख्ती से लागू करने के निर्देश जिला प्रशासन को दिए हैं। ऐसे लोग जो मास्क नहीं लगाते हैं उनका पुलिस और नगर निगम के स्टाफ के माध्यम से सख्ती से चालान किया जाए। मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठकें आयोजित करने तथा शासकीय अधिकारियों, कर्मचारियों को जब तक बहुत जरूरी न हो हवाई यात्रा या रेल से यात्रा नहीं करने को कहा है।
रायपुर /शौर्यपथ/
नगरीय निकाय निर्वाचन के तहत रायपुर के नगर पालिक निगम बीरगांव के सभाकक्ष में आज कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सौरभ कुमार ने नवनिर्वाचित पार्षदों को शपथ दिलाई। इस अवसर पर उप जिला निर्वाचन अधिकारी यू एस अग्रवाल तथा नगर निगम आयुक्त श्रीकांत वर्मा भी उपस्थित थे।
ये मैं हूं /शौर्यपथ/
18 साल पहले की बात है, जब एक दिन चूल्हे-चौके में काम करने के बाद मैं खेतों में जलाने के लिए लकड़ियां जुटा रही थी। उस वक्त जुटाई गई लकड़ियों में मैंने देखा कि सफेदे ( यूकेलिप्टस) की लकड़ी में ढेर सारे दीमक लगी हुई है। मेरे मन में यह ख्याल आया कि जिस सफेदे को दीमक इतने प्रेम से खाती हैं, अगर उसे फसलों के बीच-बीच में रख दिया जाए तो शायद दीमक फसलों को छोड़कर सफेदे की लकड़ियों को खाने लगेंगी। मैंने सबसे पहले इस तरकीब को गेहूं की फसल में आजमाकर देखा। यह तरकीब रंग लाई। यह कहना है राजस्थान के सीकर जिले की 70 साल की महिला किसान भगवती देवी का, जो अब किसानों की रोल मॉडल हैं।
'खेतों के वैज्ञानिक' सम्मान और 50 हजार रुपए के 'कृषि प्रेरणा सम्मान' से नवाजी जा चुकीं भगवती देवी भास्कर वुमन से बातचीत में वैसे तो राजस्थानी में अपनी बात कहती हैं, मगर उनके पति सुंडाराम वर्मा इसका हिंदी में तर्जुमा भी करते जाते हैं, जो खुद कृषि वैज्ञानिक हैं और नए-नए प्रयोगों को अंजाम देने में लगे रहते हैं। भगवती देवी कहती हैं कि मैंने जब यह तरकीब अपनी फसलों पर आजमाई तो यह बेहद कारगर साबित हुई। उसके बाद से तो मैंने दीमक को अपना दाेस्त ही बना लिया।
सफेदा खरीदने की जरूरत नहीं, बस आप अपने खेतों में लगाइए
सीकर जिले के दांतारामगढ़ गांव की महिला किसान भगवती देवी कहती हैं, फसलों को नुकसान पहुंचाने में दीमक सबसे आगे होती हैं। यह कीड़ा किसी भी मौसम, नमी, सूखा, गर्मी, सर्दी या किसी भी परिस्थिति में लग जाता है। इससे फसलें बर्बाद हो जाती हैं। मगर, सफेदे की लकड़ी से किसान के हर साल हजारों रुपए बच सकते हैं। न प्रदूषण का झंझट, न उर्वरता का खतरा। सफेदा खरीदने की भी जरूरत नहीं है। बस, आप अपने खेत में यूकेलिप्टस के एक-दो पेड़ लगा लें और दीमक से मुक्ति पाएं। सफेदे की ये लकड़ियां ही दीमक को ललचाएंगी। भगवती देवी के खेत में खेजड़ी, बबूल, बेर, अरड़ू, शीशम, सफेदा और नीम के वृक्ष मुख्य रूप से लगे हुए हैं। इसके अलावा भी कुछ अन्य प्रजातियों के पेड़ पौधे हैं। इन पेड़ों की लकड़ियां हर साल खेत में सफाई के दौरान खेत के चारों ओर बनी सीमा पर डाल दी जाती हैं।
पहला प्रयोग 2004 में आजमाया, दीमक भी केंचुए की तरह ही जमीन के लिए कारगर
भगवती देवी बताती हैं कि मैंने अपना पहला प्रयोग 2004 में किया। अपनी तरकीब को मैंने गेहूं के खेत में आजमाया, जाे कामयाब रहा। 3 फीट की सफेदे की लकड़ी गेहूं की दो कतारों के बीच इस तरह जमीन में गाड़ा कि उसका आधा हिस्सा जमीन में रहे। बाद में देखा तो गेहूं की फसल में दीमक नहीं लगी। सारे दीमक सफेदे की लकड़ी चूसने में लगी हुई थीं। वहीं, सफेदे की लकड़ी के नीचे जहां दीमक थे, उसके पास के दाने ज्यादा अच्छे और चमकदार निकले। इससे यह भी पता चला कि दीमक भी केंचुए की तरह ही मिट्टी को उपजाऊ बनाते हैं। फिर तो मैंने बाकी खेतों में भी यही तरकीब अपनाई। यह बात इतनी तेजी से इलाके में फैली कि लोग हमारे खेतों को देखने दूर-दूर से आने लगे।
मेरी तरकीब को बीकानेर के विश्वविद्यालय ने जांचा-परखा, तब दी मान्यता
भगवती देवी कहती हैं कि मेरी इस तरकीब के बारे में जब कृषि वैज्ञानिकों को पता चली तो हकीकत जानने के लिए राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय (बीकानेर) के कृषि अनुसंधान निदेशक डॉ. एमपी साहू भगवती देवी के खेतों पर पहुंच गए। उस वक्त मेरे खेत में मिर्च की फसल लगी हुई थी। मैंने उन्हें अपना प्रयोग दिखाया। सफेदे की लकड़ी फसल के बीच रखकर अपना प्रयोग डॉ साहू को दिखा दिया। उसके बाद डॉ साहू के निर्देशन में मेरी तकनीक का पुनः शेखावटी कृषि अनुसंधान केंद्र पर किया गया। जब वहां भी प्रयोग सफल रहा तो मेरे प्रयोग को मान्यता मिल गई।
पति का मिला कदम-कदम पर साथ, कुछ नहीं समझ आता तो बड़े प्यार से बताते
भगवती देवी बताती है कि मैं तो अंगूठाछाप हूं। जब मैं पति के घर आई तो मैंने देखा कि मेरे पति दिन-रात किसानी में लगे रहते हैं और नई-नई तरकीब आजमाते रहते हैं। उनकी यह कोशिश देख मैं भी उनके साथ खेती-किसानी में जुट गई। मेरे पति को बीते साल कृषि में उनके नए-नए प्रयोगों के लिए पद्मश्री से नवाजा गया। उनके द्वारा एक लीटर पानी से एक पौधा उगाने की तकनीक को देश-दुनिया में पहचान मिली है। वह भी मेरा कदम-कदम पर साथ दे रहे हैं और इस तकनीक को देश के बाकी किसानों तक पहुंचाने की कोशिश में जुटे है। मुझे जब कुछ भी नहीं समझ आता था तो वह मुझे प्यार से विज्ञान की बारीकियों के बारे में बताते।
बचपन में तंगहाली के चलते नहीं कर सकी पढ़ाई, आज महिलाओं को देती हूं ट्रेनिंग
भगवती देवी कहती है कि सीकर जिले के गोवटी गांव में टेडूरामजी के यहां 1952 में मेरा जन्म हुआ। मेरे पिता पहाड़ी के मकानों में छत के लिए काम आने वाली पट्टियां निकालते और मां मूलीदेवी के साथ हम पांच भाई और दो बहनें खेत में काम करतीं। 1971 में मेरी शादी दांता निवासी सुंडाराम वर्मा से हुई। मेरे पति ने बीएससी की पढ़ाई की थी। मैं पढ़ी तो नहीं थी, मगर उनकी पढ़ाई-लिखाई मेरे काम आई। मैंने पढ़ाई नहीं की, मगर चाहत बहुत थी। घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने की वजह से मैं पढ़ नहीं पाई। मगर, पति की वजह से अब यह मलाल नहीं रहा। अब तो मैं दूसरों को कीटनाशकों के छिड़काव से बचने की ट्रेनिंग देती हूं। महिलाओं को नए-नए प्रयोगों के लिए उनका उत्साह बढ़ाती हूं। आज हमारी स्वाभिमान नाम की एक संस्था है, जो आसपास की महिला-पुरुष किसानों को प्रेरित करने का काम करती है। यह संस्था उन्नत बीजों और खेती के नए तौर-तरीकों और कीटनाशकों के नुकसान के बारे में किसानों को जागरूक कर रही है।
ज्यादा कीटनाशक के इस्तेमाल से जमीन हो जाती है जहरीली
भगवती देवी कहती हैं, अगर किसी फसल पर कीटों का प्रकोप होता है तो एक हेक्टेयर में 1 लीटर कीटनाशक का छिड़काव किया जाता है। वहीं, दीमक का प्रकोप होता है तब 1 हेक्टेयर खेत में साल भर में 10 लीटर कीटनाशक का छिड़काव करना पड़ता है। इतने कीटनाशक से जमीन खराब और जहरीली हो जाती है। वहीं, सफेदे की लकड़ी का इस्तेमाल सस्ता और सुरक्षित भी है।
बारिश का पानी बर्बाद न हो, इसके लिए भी खोज निकाला नया तरीका
पूरे राजस्थान में पानी की किल्लत रहती है। इसे देखते हुए वॉटर हॉर्वेस्टिंग भी भगवती देवी ने अनूठे तरीके से की है। भगवती देवी ने बरसात के पानी की बर्बादी को रोकने के लिए खेतों में पॉलीथिन बिछा दी, जिससे होकर पानी एक बड़े गड्ढे में ठहर जाता है। यह पानी साल भर फसलों की सिंचाई के काम आता है।
शरद पवार ने खेतों के वैज्ञानिक सम्मान से नवाजा था
मेरे इस काम के लिए 2011 में उस समय के केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार ने ‛खेतों के वैज्ञानिक’ सम्मान से नवाजा था। इसके अलावा राजस्थान पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, बीकानेर और मौलाना आजाद यूनिवर्सिटी, जोधपुर की ओर से भी ‛खेतों के वैज्ञानिक’ सम्मान मिला है। दिल्ली में ‛महिंद्रा समृद्धि इंडिया एग्री अवार्ड्स’ में ‛कृषि प्रेरणा सम्मान’ (उत्तरी ग्रामीण क्षेत्र) के लिए भी मुझे 2013 में 50,000 रुपए का पुरस्कार मिल चुका है। भगवती देवी के दो बेटे और 5 बेटियां हैं। सभी की शादियां हो चुकी हैं।
भगवती देवी का कहना है कि मैं बिना किसी कीटनाशक के दीमक को काबू करना चाहती थी। मैंने अपने अनुभव को दूसरी फसलों पर भी आजमाया। मुझे इस बात की भी खुशी है कि मैंने अनाज के अलावा दलहनी एवं तिलहनी फसलों और सब्जियों में भी इस प्रयोग को किया और हर बार जीत मिली। इस सफलता से मेरा हौसला कुछ नया करने को बढ़ता गया।
हेल्थ टिप्स /शौर्यपथ/
हेल्दी और सेहतमंद रहने में हमारी डाइट अहम भूमिका निभाती है. खासतौर पर हमारा ब्रेकफास्ट. सुबह का नाश्ता दिन का सबसे जरूरी मील होता है. ब्रेकफास्ट हमेशा हेल्दी होना चाहिए. असल में बहुत से लोग ब्रेकफास्ट करना स्किप कर देते हैं. वो भी इसलिए क्योंकि वो वजन को कम करना चाहते हैं. लेकिन, आपको बता दें कि ब्रेकफास्ट न करने से वजन और तेजी से बढ़ता है. अगर आप ब्रेकफास्ट में हेल्दी चीजों को शामिल कर लेते हैं तो वजन को आसानी से कम कर सकते हैं. क्योंकि ब्रेकफास्ट में खाई गई चीजें आपको लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराती हैं, जिससे आप अधिक खाने से बचे रहते हैं. और वजन को तेजी से कम कर सकते हैं.
वजन को कम करने के इन चीजों को करें सेवनः
1. सलादः
ब्रेकफास्ट में सलाद का सेवन सबसे अच्छा और हेल्दी माना जाता है. आप सलाद में कई तरह की सब्जियों और फलों को शामिल कर सकते हैं. इनमें पाए जाने वाले पोषक तत्व आपको हेल्दी रखने और वजन को कम करने में मदद कर सकते हैं.
2. उबला अंडाः
अंडे को प्रोटीन का सबसे अच्छा सोर्स माना जाता है. आप ब्रेकफास्ट में अंडे का सेवन कर सकते हैं. ये आपको हेल्दी रखने के साथ-साथ वजन को भी कम करने में मदद कर सकता है.
3. मौसमी फलः
हर मौसम के अपने फल होते हैं. और उन फलों के कुछ खास फायदे. फलों में भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट, मिनरल्स और विटामिन्स होते हैं. सर्दियों के मौसम में आने वाले मौसमी फलों को आप ब्रेकफास्ट में शामिल कर वजन को आसानी से कम कर सकते हैं.
4. अंकुरित अनाजः
अंकुरित अनाज को सेहत के लिए काफी अच्छा माना जाता है. अगर आप वजन को कम करना चाहते हैं तो ब्रेकफास्ट में अंकुरित अनाज में सब्जी और फलों को डालकर हेल्दी ब्रेकफास्ट बना सकते हैं.
सुकमा /शौर्यपथ/
पढ़ई तुहंर दुआर-2.0 के तहत पठन, लेखन, गणितीय कौशल एवं सामाजिक विज्ञान तथा विज्ञान के प्रोजेक्ट की प्रतियोगिता का विकासखण्ड स्तरीय आयोजन शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोण्टा में सम्पन्न हुआ। इस प्रतियोगिता में विकासखण्ड कोण्टा के संकुल स्तर पर चयनित प्रतिभागी शामिल हुये।
प्रतियोगिता का विधिवत शुभारंभ विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी एस. के. दीप ने किया। इस अवसर पर खण्ड स्त्रोत समन्वयक महेन्द्र बहादुर सिंह, सहायक खण्ड शिक्षा अधिकारी पी. श्रीनिवास राव, प्राचार्य सहदेव सिंह, दुसन लाल मार्गे, वरिष्ठ शिक्षक बी. विश्वेश्वर राव, सुश्री बी. शैल कुमारी, सुशील कुमार श्रीवास, टी. श्रीनिवास वासू, डी.व्ही.एस. प्रसाद एवं अन्य शिक्षक उपस्थित हुए। कार्यक्रम का संचालन संकुल समन्वयक जगमोहन, जी. मलेश ने किया। बच्चों के द्वारा बनाये गये मॉडल, सृजनात्मक लेखन एवं पठन, गणित कौशल के प्रस्तुतीकरण पर अधिकारियों ने संतोष जाहिर करते हुए प्रोत्साहित कर जिला स्तर की प्रतियोगिता के लिए आवश्यक मार्गदर्शन दिया।
विकासखण्ड स्तर पर आयोजित इस प्रतियोगिता में सृजनात्मक लेखन कौशल की विधा में संकुल केन्द्र कोण्टा-1 के स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय कोण्टा की छात्रा कु. वेट्टी सानिया ने प्रथम एवं संकुल केन्द्र कोण्टा के शासकीय कन्या माध्यमिक शाला अंग्रेजी माध्यम कोण्टा की छात्रा कु. इस्मिता राय ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
विज्ञान प्रोजेक्ट प्रदर्शन की विधा में संकुल केन्द्र कोण्टा के स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय कोण्टा के छात्र दिवाकर यादव ने प्रथम एवं संकुल केन्द्र कोण्टा के शासकीय कन्या माध्यमिक शाला अंग्रेजी माध्यम कोण्टा के छात्र यश मण्डल ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
पठन कौशल की विधा में संकुल केन्द्र पेण्टा के कन्या आश्रम नागलगुण्डा के विद्यार्थी कु. शेख जास्मिन ने प्रथम एवं कु. मड़कम कविता ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। गणित कौशल की विधा में संकुल केन्द्र कोण्टा-1 के स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय कोण्टा के विद्यार्थी निखिल कुमार प्रथम एवं तरुण सलवम ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
सामाजिक विज्ञान प्रोजेक्ट फाईल की विधा में संकुल कोण्टा के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय कोण्टा की छात्रा कु. खुशी मण्डल ने प्रथम एवं शासकीय कन्या माध्यमिक शाला अंग्रेजी माध्यम कोण्टा की छात्रा कु. शिवानी नाग ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। सभी विजयी प्रतिभागियों को विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी के द्वारा पुरस्कार वितरण किया गया।
रायपुर /शौर्यपथ/
राज्य स्तर पर 18 छात्र-छात्राओं का चयन
राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित ऑनलाइन कला उत्सव में छत्तीसगढ़ के दो प्रतिभागियों ने आज एकलवादन शास्त्रीय संगीत में तबलावादन प्रस्तुत कर देशवासियों का मन मोह लिया। रायपुर के जे.एन. पाण्डेय स्कूल के जयंत चौहान और जांजगीर चांपा जिले से साधना साहू ने यह प्रस्तुति दी। इस अवसर पर समग्र शिक्षा अभियान के प्रबंध संचालक नरेन्द्र कुमार दुग्गा ने जयंत चौहान और साधना साहू को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा विभाग के अजय पिल्ले, प्रशांत पाण्डेय, नीलम कुशवाहा, शैलेन्द्र वर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के कला एवं सौन्दर्य बोध विभाग द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्तर के ऑनलाइन कला उत्सव का आयोजन 01 से 6 जनवरी तक किया जा रहा है। स्कूल शिक्षा विभाग के समग्र शिक्षा अभियान की ओर से दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम साईंस कॉलेज के मंच से ऑनलाइन प्रस्तुति दी जा रही है। एक जनवरी को केपीएस भिलाई स्कूल की कुमारी अनुपमा बेनर्जी और पेण्ड्रा रोड की कृष्णम शुक्ला ने एकल गायन शास्त्रीय संगीत प्रस्तुत किया। राष्ट्रीय स्तर पर इस प्रतियोगिता में राज्य के 18 छात्र-छात्राओं का राज्य स्तर पर चयन किया गया। इन विधाओं में गायन, वादन, पारंपरिक लोक संगीत, नृत्य, दृश्य कला प्रिंटिंग, मूर्तिकला, स्थानीय खेल एवं खिलौने सहित कुल 9 प्रकार की विधाओं में प्रत्येक विधा से एक बालक और एक बालिका को मिलाकर 18 छात्र-छात्राओं का चयन प्रदेश स्तर पर किया गया।
इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ से कुमारी दिव्या महंत, भूपेश देवांगन, कु.रूमा, उपेन्द्र यादव, कुं. परिधि गजेन्द्र, दुर्गा प्रसाद, कु. भूमिका, डोमेश पाल, कु. तुलिका बनर्जी, विवेक राजवाड़े, कु. अनिता यादव, ताम्रध्वज साहू, कु. सलमिता एक्का, चेतन डिगरे अपनी प्रस्तुति देंगे।
रायपुर /शौर्यपथ/
राज्यपाल अनुसुईया उइके से राजभवन में गायत्री शक्तिपीठ हरिद्वार के प्रमुख एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय शांतिकुंज के प्रति कुलपति डॉ. चिन्मय पण्डया ने मुलाकात की। राज्यपाल ने डॉ. पण्डया का श्रीगणेश जी की प्रतिमा भेंटकर, शाल से स्वागत एवं सम्मान किया। इसके साथ ही अन्य उपस्थित प्रमुखों का भी शॉल से सम्मान किया।
इस दौरान गायत्री शक्तिपीठ हरिद्वार द्वारा प्रदेश एवं देश में चलाए जा रहे जन जागृति एवं समाज सुधार के कार्यों पर चर्चा हुई एवं युग निर्माण योजना की गतिविधियों पर चर्चा की। राज्यपाल को डॉ. पण्डया द्वारा हरिद्वार आश्रम आने का आमंत्रण भी दिया गया। इस अवसर पर दुर्ग सांसद विजय बघेल, सुखदेव निर्मलकर, जोन प्रभारी शांतिकुंज मोहितराम गुरूवंश उपस्थित थे।
रायपुर /शौर्यपथ/
हाथकरघा से जुड़े बुनकर अपनी जिंदगी के ताने-बाने तो बुन ही रहे हैं। इसी तारतम्य में टाई डाई साड़ियों की बुनाई करके संजय की जिंदगी भी खुशहाल हो गई है। यह कहानी महासमुंद जिले के सरायपाली तहसील के ग्राम सिंघोड़ा निवासी श्री संजय मेहेर की है। जो बचपन से ही अपने परंपरागत व्यवसाय बुनाई कार्य कर रहे हैं। उनके द्वारा तैयार की गई मयूरी साड़ी की बाजार में बड़ी अच्छी मांग है। इस साड़ी की विशेषता यह है कि साड़ी के किनारे में डाबी डिजाईन, पल्लू में फूल और साड़ी में जीव-जंतुओं की आकृति को डिजाईन देकर दो दिन में साड़ी तैयार की जाती है। इसकी बुनाई से उन्हें 1200 रूपए की बुनाई मजदूरी मिलती है।
उन्होंने बताया कि उनके पिताजी और दादा जी के समय से दो साड़ियों की बुनाई कर उसे गांव-गांव में जाकर बेचा करते थे। इससे उन्हें 500 से 1000 तक की आय होती थी, जिससे उनके पूरे परिवार का बड़ी मुश्किल से खर्च चलता था। श्री संजय ने बताया कि आज वे विभिन्न प्रकार की साड़ियों की डिजाईन जैसे- पेपर, महाली, बाबता, डिजाईन की टाई डाई साड़ियों की बुनाई कर रहे हैं। इन साड़ियों की बुनाई से प्रति साड़ी ढाई से तीन हजार रूपए तक की बुनाई मजदूरी मिलती है, जिसके कारण आज वे अपने एक पुत्र और दो पुत्री की पढ़ाई-लिखाई और अपने परिवार का गुजारा बुनाई कार्य से हाने वाले आमदनी से बड़ी आसानी से कर रहे हैं। उनके पास आज 4 एकड़ कृषि योग्य भूमि, मोटर सायकल और उनका खुद का पक्का मकान है, यह सब बुनाई कार्य से हुई आमदनी से ही संभव हुआ है। श्री संजय मेहेर ने बुनकर समिति में 2010-11 से सदस्यता ग्रहण कर विभिन्न डिजाइनों की साड़ियों की बुनाई कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वे विगत 40 वर्षों से उड़िया टाई डाई साड़ी का बुनाई कार्य कर रहे है। आज उनके द्वारा 1000 से 10,000 रूपए तक की टाई डाई सम्बलपुरी साड़ी तैयार की जाती है। उन्होंने बताया कि ग्रामोद्योग विभाग के वरिष्ट अधिकारियों द्वारा उन्हें छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती जिलों में ओडिसा प्रांत से संबंधित पैटर्न के वस्त्र का प्रचलन है, इन पैटर्न की साड़ियों के उत्पादन करने के निर्देश प्राप्त हुए थे। जिसके तहत विरेन्द्र बहादुर बुनकर सहकारी समिति मर्यादित सलडीह के बुनकर सदस्यों द्वारा कादम्बनी साड़ी तैयार कर प्रस्तुत किया गया। जिसे बिलासा हैण्डलूम में बिक्री हो रही है। इससे बुनकरों को उनकी आय में आर्थिक बढ़ोत्तरी हो रही है।
263 करोड़ की लागत से सिद्ध बाबा जलाशय के निर्माण होगा
समाज सुधारक सावित्री बाई फूले के व्यक्तित्व का संक्षिप्त विवरण
पाठ्यक्रम में होगा शामिल
सामाजिक भवन हेतु 50 लाख रूपए की घोषणा की
गंडई में हाई-टेक सब्जी मण्डी एवं हाई-टेक नर्सरी के निर्माण की घोषणा की
साल्हेवारा में तत्काल तहसीलदार पदस्थापना के निर्देश
छुईखदान के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति,
ब्लड बैंक, हमर लैब, सोनाग्राफी मशीन स्थापित किए जाने की घोषणा
रायपुर /शौर्यपथ/
साल्हेवारा में तत्काल तहसीलदार पदस्थापना के निर्देश
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज राजनांदगांव जिले के गण्डई में समाज सुधारक सावित्री बाई फुले जयंती एवं सम्मान समारोह, मां भगवती शाकम्भरी पूजा-अर्चना कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री बघेल ने इस अवसर पर छुईखदान एवं गण्डई क्षेत्र को 58 करोड़ 89 लाख रूपए के विकास कार्यों की सौगात दी। मुख्यमंत्री ने छुईखदान एवं गण्डई में धन्वंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर का भी शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री बघेल ने इस अवसर पर सावित्रीबाई एवं ज्योतिबा फुले के सामाजिक कार्यों का उल्लेख किया और कहा कि मेरे जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में मुझे ज्योतिबा फुले सम्मान का मिलना है। सावित्रीबाई एवं ज्योतिबा फुले का योगदान समाजोत्थान में कभी नहीं भुलाया जा सकता। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की सरकार मजदूर, किसान और हर वर्ग की सरकार है। हमारी सभी योजनाएं जनहित और आम जन की सुविधा और उन्हें अच्छी व्यवस्था देने के लिए ही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी मौजूद लोगों को नए साल की बधाई दी। कार्यक्रम में कृषि एवं जल संसाधन मंत्री रविन्द्र चौबे, खाद्य मंत्री एवं राजनांदगांव जिले के प्रभारी मंत्री अमरजीत भगत, मध्यप्रदेश के लांजी-किरनापुर की विधायक हिना कांवरे विशेष रूप से उपस्थित थीं।
मुख्यमंत्री बघेल ने कार्यक्रम में गंडई में हाई-टेक सब्जी मण्डी
मुख्यमंत्री बघेल ने कार्यक्रम में गंडई में हाई-टेक सब्जी मण्डी, गंडई में उद्यानिकी हाईटेक नर्सरी, मरार समाज के लिए सावत्री बाई फूले के नाम पर एक एकड़ भूमि, सामाजिक भवन निर्माण के लिए 50 लाख रूपए स्वीकृत किए जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने 263 करोड़ रूपए की लागत से सिद्ध बाबा जलाशय का निर्माण कराए जाने की भी स्वीकृति दी। इस जलाशय के निर्माण से 34 गांवों के किसानों को लगभग 2500 हेक्टेयर में सिंचाई के लिए जलापूर्ति होगी। मुख्यमंत्री बघेल ने इस मौके पर प्राथमिक एवं माध्यमिक स्कूलों में सावित्री बाई फूले की फोटो लगाने एवं उनके व्यक्तित्व का संक्षिप्त विवरण पाठ्यक्रम में शामिल करने, छुईखदान-गण्डई क्षेत्र में भी कोदो-कुटकी की समर्थन मूल्य पर खरीदी की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने टिकरापारा-खैरागढ़ मार्ग में एवं जालबांधा-खैरागढ़ मार्ग में नैरो ब्रिज के निर्माण, ग्राम भुरभुंदी, लिमो एवं ढाबा हाई स्कूल भवन निर्माण तथा गंडई में 2 आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण की भी घोषणा की।
मुख्यमंत्री बघेल ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र छुईखदान के भवन निर्माण कार्य का भूमि पूजन किया
मुख्यमंत्री बघेल ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र छुईखदान के भवन निर्माण कार्य का भूमि पूजन किया और कहा कि यहां स्त्री एवं बाल रोग विशेषज्ञ की शीघ्र नियुक्ति एवं विभिन्न प्रकार के टेस्ट के लिए हमर लैब, ब्लड बैंक, सोनोग्राफी मशीन भी स्थापित की जाएगी। उन्होंने गंडई नगर पंचायत में बस स्टैण्ड एवं यात्री प्रतीक्षालय का निर्माण कराए जाने तथा खैरागढ़ एवं छुईखदान विकासखण्ड में पी.एम. आवास योजना के तहत स्वीकृत आवास की बकाया राशि शीघ्र दिए जाने की बात कही। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में मांग अनुसार निर्माण कार्य हेतु 10 करोड़ रूपये, छुईखदान एवं गण्डई नगर पंचायत को विकास कार्य के लिए 3-3 करोड़ रूपए की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने साल्हेवारा अंचल के लोगों की सहूलियत के लिए कल 4 जनवरी से उप-तहसील साल्हेवारा में तहसीलदार पदस्थ किए जाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नगर पंचायत गण्डई के वार्ड क्रमांक-7 में 25 लाख 3 हजार रूपए की लागत
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नगर पंचायत गण्डई के वार्ड क्रमांक-7 में 25 लाख 3 हजार रूपए की लागत से पौनी-पसारी योजना के तहत निर्मित अधोसंरचना तथा छुईखदान ब्लॉक के ग्राम खैरबना में 77.23 लाख रूपए की लागत से निर्मित शासकीय हाई स्कूल भवन का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री बघेल ने सुगम सड़क योजना के अंतर्गत निर्मित पहुंच मार्गों का भी लोकार्पण किया, जिसमें 19.99 लाख रूपए की लागत से गण्डई कन्या हायर सेकेण्डरी स्कूल भवन पहुंच मार्ग, 19.99 लाख रूपए की लागत से हाई स्कूल भवन घिरघोली एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल भवन जंगलपुर के लिए निर्मित पहुंच मार्ग, 10 लाख रूपए की लागत से हाई स्कूल भवन कुम्हरवाड़ा पहुंच मार्ग, 15.49 लाख रूपए की लागत से निर्मित हाई स्कूल भवन घोघा पहुंच मार्ग, 19.84 लाख रूपए की लागत से निर्मित माध्यमिक शाला भवन छुईखदान पहुंचमार्ग, 11.36 लाख रूपए की लागत से बने गण्डई थाना भवन पहुंच मार्ग, 19.94 लाख रूपए की लागत से सामुदायिक केन्द्र गण्डई में पहुंच मार्ग तथा 19.55 लाख रूपए की लागत से खैरबना हाई स्कूल भवन एवं साल्हेकसा में पशु औषधालय तक निर्मित पहुंच मार्ग शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर गण्डई एवं छुईखदान क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण एवं विस्तार हेतु
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर गण्डई एवं छुईखदान क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण एवं विस्तार हेतु 5 करोड़ रूपए की लागत वाले कार्यों का भूमिपूजन किया। जिसमें 2.50 करोड़ की लागत से 30 बिस्तर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन निर्माण, छुईखदान ग्राम लक्ष्मणपुर, 74.56 लाख रूपए की लागत से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र छुईखदान एवं गण्डई में 10-10 बिस्तर वाले आईसोलेशन वार्ड का निर्माण, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पैलीमेटा में 28 लाख रूपए की लागत से निर्मित होने वाले 2 नग एच टाईप स्टाफ क्वाटर, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र घिरघोली में 90 लाख रूपए की लागत से बनने वाले 2-2 नग एच एवं जी टाईप क्वाटर तथा ग्राम धोधा एवं कोपरो में 55.46 लाख रूपए की लागत से बनने वाले उप स्वास्थ्य केन्द्र भवन का निर्माण शामिल है। मुख्यमंत्री बघेल ने राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत खैरागढ़ ब्लॉक के ग्राम कुकुरमुड़ा में एक करोड़ की लागत से निर्मित होने वाले हाईटेक उद्यान नर्सरी की भी आधारशिला रखी। जल जीवन मिशन के तहत छुईखदान गंडई क्षेत्र के 66 गांवों में 50 करोड़ 41 लाख रूपए की लागत से निर्मित होने वाली नल जल प्रदाय योजनाओं का भी भूमिपूजन किया।
इस अवसर पर राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष जितेन्द्र मुदलियार
इस अवसर पर राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष जितेन्द्र मुदलियार, जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष नवाज खान, शाकम्भरी बोर्ड के अध्यक्ष रामकुमार पटेल, आईजी दुर्ग संभाग ओपी पॉल, कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा, समाज सेवी पदम कोठारी सहित टिकेश्वरी पटेल, सुखदेव पटेल, विजय पाटिल, देवचरण पटेल, राजेन्द्र नायक, आत्माराम पटेल, पतिराम पटेल, बरतराम पटेल, गजेन्द्र ठाकुर एवं जनसामान्य उपस्थित थे।
रायपुर /शौर्यपथ/
छत्तीसगढ़ पुलिस में मैदानी स्तर पर बड़ा फेरबदल हुआ है। सरकार ने भारतीय पुलिस सेवा के 9 अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली हैं। इनमें से 7 जिलों के पुलिस अधीक्षक भी शामिल हैं। छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल 6ठीं वाहिनी के सेनानी और मुख्यमंत्री सुरक्षा के SP भी इस फेरबदल की जद में आए हैं
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
