February 10, 2026
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राजनीति (1179)

साय सरकार ने 2 साल में 17 जनकल्याणकारी योजनाओं को बंद कर दिया

रायपुर/ शौर्यपथ /

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा सरकार के 2 साल में छत्तीसगढ़ की जनता को निराश किया है। साय सरकार की उपलब्धि के नाम पर पिछली सरकार की योजनायें बंद करना मात्र है। साय सरकार ने जनता के हित में चलाई जाने वाली योजनओं को दुर्भावनापूर्ण बंद किया। 400 यूनिट बिजली बिल हाफ योजना बंद कर दिया, राजीव मितान योजना, गोधन न्याय योजना, शहीद महेन्द्र कर्मा तेंदूपत्ता संग्राहक बीमा योजना, बेरोजगारी भत्ता, रीपा, मुख्यमंत्री कर्ज माफी, सिंचाई कर माफी, महिला समूहों की ऋण माफी, सीएम आदिवासी परब सम्मान निधि, सीएम छत्तीसगढ़ी परब सम्मान निधि, कोदो कुटकी रागी खरीदी, नरवा-गरवा-घुरवा बारी, मुख्यमंत्री वार्ड कार्यालय, मुख्यमंत्री महतारी दुलार, मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन, धरसा विकास, शहरी गरीबों को पट्टा एवं आवास, छत्तीसगढिय़ा ओलिंपिक, मुख्यमंत्री सुपोषण योजना को बंद किया। यह सरकार दुर्भावना वाली सरकार है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा की विष्णुदेव सरकार 2 साल में विफल साबित हो गई। राज्य में भ्रष्टाचार और कुशासन का दौर हावी है। साय सरकार के 2 साल में विष्णु का सुशासन तो दूर विष्णु की सरकार कही नहीं दिख रही। कानून व्यवस्था की स्थिति खराब हो गयी। एसपी कलेक्टर कार्यालय जला दिया गया। हत्याओं का नया रिकॉर्ड बन गया। प्रदेश में मॉब लिचिंग शुरू हो गयी आरंग में दो लोगों की पीट-पीट कर हत्या हो गयी, कवर्धा में एक व्यक्ति को भीड़ के द्वारा जिंदा जला दिया गया, राजधानी में 6 बार गोली बारी हो गयी। गौ तस्करी की घटनाएं शुरू हो गयी। महिलाओं के प्रति अपराधों में बढ़ोतरी हो गयी, पोटाकेबिन में बच्ची की जलकर मौत, अबोध बच्ची मां बनी, नारायणपुर में मासूम बच्चियों से स्कूल में छेडख़ानी हो गयी। बलात्कार, सामूहिक बलात्कार की घटनायें बढ़ गयी। लूट, अपराध, डकैती, चाकूबाजी की घटनायें बढ़ गयी। अपराध और अपराधी बेलगाम हो चुके है। नक्सलवादी घटनाओं में बढ़ोत्तरी हो गयी। नक्सली घटनायें बढ़ गयी, सरकार ने 2 साल में कोई घोषित नक्सल नीति नहीं बनाया। रोज नक्सली हत्यायें कर रहे सरकार बयान देने तक सीमित है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि 18 लाख आवास देने का वादा था, दो साल में हितग्राहियो को मकान नहीं दे पाये। कांग्रेस राज में 7 किलो राशन मिलता था उसमें कटौती हो गयी। सरप्लस बिजली वाले छत्तीसगढ़ में बिजली कटौती शुरू हो गयी। जमीनों की रजिस्ट्री में जनता को लूटा जा रहा है। भूमि के गाईड लाईन के दर में 30 प्रतिशत के छूट को समाप्त कर दिया, गाईडलाईन की दर 800 प्रतिशत तक बढ़ा दिया गया। लेकिन रजिस्ट्री फीस में 4 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी को नहीं हटाया गया। भाजपा के दो साल में किसान आत्महत्या दौर चालू हो गया। किसान आत्महत्या कर रहे राजनांदगांव, बस्तर, बिलासपुर, महासमुंद हर जगह से किसानों की आत्महत्या की खबरे आ रहा।

 भिलाई / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ सरकार की नई जमीन गाइडलाइन से प्रदेशभर में मचे आक्रोश के बीच भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव ने पुलिस प्रशासन द्वारा व्यापारियों पर किए गए बल प्रयोग और लाठीचार्ज को “तानाशाही रवैया” करार देते हुए कड़ी निंदा की है।
विधायक ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे व्यापारियों और आम नागरिकों पर लाठियाँ बरसाना लोकतंत्र का दमन है और भाजपा सरकार जनभावनाओं को दबाने का प्रयास कर रही है।
विधायक यादव ने इसकी विरोधस्वरूप 4 दिसंबर को महात्मा गांधी चौक, दुर्ग में सुबह 9 बजे से एकदिवसीय भूख-हड़ताल करने की घोषणा की है। उन्होंने मांग रखी कि राज्य सरकार तुरंत जमीन की नई गाइडलाइन को वापस ले, क्योंकि इसके लागू होते ही भूमि की कीमतों में 5 से 6 गुना तक की वृद्धि देखी जा रही है, जिससे रियल एस्टेट व्यवसाय, गृह निर्माण की योजना बना रहे परिवार और आम जनता सभी पर भारी आर्थिक बोझ बढ़ गया है।
प्रदेशभर के रियल एस्टेट कारोबारी और जमीन से जुड़े हितग्राही लगातार जिला स्तर पर विरोध दर्ज करा रहे हैं। प्रदर्शनकारी इसे सरकार का अत्यंत जनविरोधी फैसला बता रहे हैं।
विधायक देवेंद्र यादव ने कहा—
“व्यापारियों और जनता पर लाठीचार्ज सरकार के कुशासन की तस्वीर है। सरकार जनता की आवाज़ कुचलने की कोशिश कर रही है, लेकिन हम पीछे हटने वाले नहीं हैं।”
नई गाइडलाइन के विरोध में आंदोलन तेज होता जा रहा है और 4 दिसंबर की भूख-हड़ताल इस मुद्दे पर बड़ा राजनीतिक संदेश देने वाली मानी जा रही है।

धान खरीदी केंद्रों में किसानों से हो रही है अवैध वसूली, बारदाना की कमी, टोकन नहीं मिल रहा

रायपुर / शौर्यपथ / धान बेचने वाले किसानों को बढ़ी हुई समर्थन दर 186 रु मिलाकर 3286 रुपए प्रति क्विंटल की दर से भुगतान करने की मांग करते हुए प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि धान खरीदी शुरू हुए 15 दिन हो गया है। लेकिन खरीदी केंद्रों में व्याप्त समस्याओं को सुधारने में सरकार नाकाम रही है। जो धान बेच चुके है उन्हें धान का समर्थन मूल्य 2369 रु एवं 2388 रु की दर से भुगतान किया जा रहा है। जबकि किसानों को वादानुसार 3100 रु प्रति क्विंटल + बढ़ा हुआ समर्थन मूल्य 186 रु मिलाकर 3286 रु क्विंटल की दर से भुगतान किया जाना था। किसान आज भी पंजीयन नही होने से परेशान है। एग्रीटेक स्टेक पोर्टल में किसानों का डाटा नहीं मिल रहा है। जिसके चलते पंजीयन नहीं हो रहा है। धान खरीदी केंद्रों में नया बारदाना नहीं मिल रहा है। पुराना फटा बारदाना किसानों दिया जा रहा है। किसानों से धान भराई की 7.50 रु क्विंटल दर से अवैध वसूली हो रही है। मोदी की गारंटी के तहत किसी भी ग्राम पंचायत में नगद भुगतान केंद्र शुरू नहीं हुआ है। धान खरीदी पूरी तरह से चरमरा गई है।

प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार किसानों से वादा अनुसार 21 किवंटल प्रति एकड़ धान खरीदना नहीं चाहती है इसीलिए धान खरीदी में व्यवधान उत्पन्न करने के लिए नया-नया षड्यंत्र रचा जा रहा है किसानों को परेशान किया जा रहा है। सरकार की नाकामी के चलते पिछले वर्ष की तुलना में चालू धान खरीदी वर्ष में 1,29,000 किसान कम पंजीकृत हुआ है पिछली साल की तुलना में 500000 हेक्टेयर रकबा काट दिया गया है। इस बार किसानों की संख्या में पिछले साल के मुकाबले कमी हुई है धान का रकबा भी घटा है यह सीधा-सीधा किसानों को नुकसान पहुंचाने रचा गया षड्यंत्र है कांग्रेस पार्टी मांग करती है जिन किसानों का पंजीयन नहीं हुआ है उनका भी धान की सरकार खरीदे। प्रति क्विंटल 3286 रुपए की दर से भुगतान करें।

कांग्रेस करेगी इसके खिलाफ प्रदेशव्यापी आंदोलन
जमीन गाइडलाइन दरों का बढ़ाना जन विरोधी फैसला - दीपक बैज

    रायपुर/ शौर्यपथ / प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि जमीन गाइडलाइन दर में 10 से 100 प्रतिशत की गयी, बेतहाशा बढ़ोतरी सरकार तानाशाही पूर्ण फैसला है। इस फैसले से न सिर्फ जमीन का कारोबार खत्म होगा। गरीबों, किसानों, मध्यवर्गीय परिवार की जमीन खरीद कर मकान बनाने का सपना टूटा है। किसान खेती जमीन खरीद नहीं पाएगा, न ही जरूरत पर जमीन बेच पायेगा। भवन निर्माण कार्य बंद होगा, जिसका असर सीमेंट, स्टील, रेती, गिट्टी, ईटा, सेनेटरी, हार्डवेयर, बिजली समान, फर्नीचर सेक्टर पर भी मंदी आयेगी। भवन निर्माण कार्य में लगे कुशल अकुशल श्रमिक भी बेरोजगारी संकट से जूझेंगे। सरकार को भी राजस्व की हानि होगी। कांग्रेस सरकार के इस निर्णय के खिलाफ प्रदेशव्यापी आंदोलन करेगी।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि 30 लाख की जमीन के लिए 22 लाख की स्टांप ड्यूटी कोई सरफिरि या तुनकमिजाज सरकार ही लगा सकती है। रायपुर शहर के आसपास ऐसी भी स्थिति बन गयी है कि अगर कोई 1000 फीट जमीन की खरीदी 6 लाख रु. में करता है तो उसे 4 लाख 40 हजार रु. रजिस्ट्री शुल्क चुकाना होगा, कुछ क्षेत्रों में रजिस्ट्री शुल्क और जमीन की कीमत एक बराबर होगी, कुछ क्षेत्रों में जमीन की कीमत से ज्यादा रजिस्ट्री शुल्क देना पड़ेगा। ऐसे गरीब आदमी मकान कैसे बनायेगा? तिनका तिनका जोड़कर और कर्ज लेकर जमीन खरीदने वालों को जमीन के साथ रजिस्ट्री के लिए भी कर्ज लेना पड़ेगा, फिर मकान बनाने पैसा कहाँ से इंतजाम करेगा?
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि यह निर्णय किसान विरोधी है इस निर्णय से किसान की जमीन नहीं बिकेगी, मान लो उसने जमीन बेच दिया जरूरत के खर्च के बाद जब वह दूसरी जमीन खरीदना चाहेगा तो उसे ज्यादा स्टांप ड्यूटी पटाना पड़ेगा। किसान न जमीन बेच पायेगा न खरीद पायेगा।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि जमीन की गाइड लाइन की दर बढ़ाने के पीछे सरकार का अपना भ्रष्टाचार का पैसा सफेद करना भी है। भाजपा सरकार के मंत्रियों ने तथा सरकार में बैठे सत्ताधीशों ने पिछ्ले दो सालों की भ्रष्टाचार की काली कमाई के पैसे को जमीनों की खरीदी में लगा दिया तथा काले धन की कमाई की सरकारी वैल्यू बढ़ाने गाइड लाइन की दरों में बेतहाशा बढ़ोतरी कर दिया, ताकि काली कमाई के कच्चे के पैसे से खरीदी गई जमीन की गाइड लाइन दर बढ़ने के बाद मंहगी कीमत में बिक्री हो और उस पर प्रॉपर्टी गेन टेक्स पटा कर भ्रष्टाचार के पैसे को नम्बर एक करवा लिया जाय। जमीन की गाइड लाइन की दर बढ़ाने के पीछे अपनी काली कमाई को सफेद करने का खेल हुआ है। सत्ता में बैठे किस नेता ने दामा खेड़ा के आगे बेमेतरा जिले 300 एकड़ जमीन लिया है, किसने नवा रायपुर के आगे गांव में 275 एकड़ जमीन खरीदा है, यह प्रदेश का बच्चा जानता है। इस पूरी खरीदी की जांच हो जाय तो जमीनों के गाइड लाइन दर बढ़ने की हकीकत सामने आ जाएगी।

धान खरीदी पर सरकार की नीयत में खोट दिख रहा - कांग्रेस
गिरदावरी का बहाना बताकर सरकार 21 क्विंटल खरीदी नहीं कर रही

रायपुर/ शौर्यपथ / प्रदेश में धान खरीदी चल रही है, छत्तीसगढ़ में किसानो की आय का सबसे बड़ा जरिया धान की खेती है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि धान खरीदी को लेकर सरकार की नीयत में खोट दिख रहा है। न समय पर किसानों को टोकन मिल रहा है और न ही पूरे रकबे के हिसाब से तौलाई हो रही है, गिरदावरी और अनावरी रिपोर्ट का हवाला देकर कम धान खरीदा जा रहा है। सरकार घोषित नीति प्रति एकड़ 21 क्विंटल के हिसाब से खरीदी नहीं कर रही किसी भी सोसायटी में 16 से लेकर 19 क्विंटल से अधिक की खरीदी नहीं हो रही। धान बेचने के लिए किसानों को टोकन नहीं मिल पा रहा। बहुत से किसानों का आज भी धान बेचने के लिए एग्री स्टेक पोर्टल में पंजीयन नहीं हो पाया है वे भटक रहे। डबल इंजन की सरकार किसानों का पूरा धान 3100 रु. के भाव से नहीं खरीदना चाहती इसलिए जानबूझकर परेशानी पैदा की जा रही।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि किसानों कापूरा धान तैयार है, लेकिन रिकार्ड में जमीनकम दिखाने से किसान अपना पुरा धान बेच नहीं पा रहे हैं, सरकार और प्रशासन की गलतीसे सीधा नुकसान किसानों को हो रहा है। तहसील ऑफिस, राजस्व कार्यालय, जिला कलेक्टर से लेकरमंत्री विधायकों तक किसान लगातार शिकायत कर रहे हैं लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हैइस सरकार में समाधान के लिए कोई समय सीमा निश्चित नहीं की गई है त्रुटिपूर्ण गिरदावली मोहल्ला पर वही नहीं बल्कि किसानों के अधिकार से खिलवाड़ हैगिरदावाली जैसे महत्वपूर्ण कार्य में पारदर्शिता और जवाबदेही होनी चाहिए लेकिन इससरकार में कहीं दिख नहीं रहा है। प्रशासन के रवैए से स्पष्ट है कि यह सरकारकिसानों से पुरा धान नहीं खरीदना चाहती है।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि एकीकृत किसान पोर्टल और एग्री स्टेक पोर्टल का मिलान करने पर कई किसान गायब मिल रहे हैं, धान के फसल के 5 लाख हेक्टेयर रकबा का पंजीयन कम हुआ है, इसमें से भी डिजिटल कॉर्प सर्वे में खेत के फसल को निरंक बताया गया है, अर्थात जिन किसानों ने अपने खेत में धान का फसल बोया गया है, उनके भी फसल के कॉलम में निरंक दर्ज कर दिया गया है जिससे किसान धान बेचने से वंचित हो रहे हैं। किसानों के खेतों के रकबा में कटौती किसानों की आम समस्या बन गया है।

रायपुर/शौर्यपथ/ अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने अगामी 14 दिसंबर 2025 को दोपहर 1 बजे रामलील मैदान नई दिल्ली में ‘‘वोट चोर-गद्दी छोड़ महारैली’’ का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें पूरे देश से बड़ी संख्या में कांग्रेस के कार्यकर्तागण भाग लेंगे।
देश भर में मतदाता सूचियों में की गई गड़बड़ियों और चुनावी निष्पक्षता की मांग को लेकर कांग्रेस छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में ‘‘वोट चोर, गद्दी छोड़ अभियान’’ चलाया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी देश की चुनावी प्रणाली विशेष कर मतदाता सूची की गड़बड़ियों के जो साक्ष्य प्रस्तुत किया है वह गंभीर है तथा देश के चुनाव प्रणाली में निष्पक्षता पर बड़ा प्रश्नचिन्ह है। देश के लोकतंत्र और चुनावी प्रणाली को बचाए रखने के लिए यह आवश्यक है कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के द्वारा उठाये गये सवालों की गहन जांच हो और पूरे प्रकरण में जो भी दोषी है उन पर कड़ी कार्यवाही की जाए।
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने महाराष्ट्र, कर्नाटक, हरियाणा के लोकसभा चुनाव के मतदाता सूची की गड़बड़ियों के पुख्ता साक्ष्य प्रस्तुत किया है। एक प्रधानमंत्री आवास में 80 वोटर, 46 वोटर एक बियर क्लब के पते पर 68 वोटर होना एक ही मतदाता का बार-बार नाम आना और सभी के द्वारा अलग-अलग मतदान करने के साक्ष्य बताते है कि देश के चुनावों में धांधली हो रही है और वोटरों की चोरी हो रही है। चुनाव आयोग, नेता प्रतिपक्ष के साक्ष्यों से मुंह नहीं छुपा सकता।
देश की चुनाव प्रणाली की निष्पक्षता के लिए देश के प्रजातंत्र की रक्षा के लिए कांग्रेस की यह प्रदेश व्यापी रैली दिल्ली में आयोजित है।

“दुर्ग में विपक्ष गायब! नेता प्रतिपक्ष को बस शासकीय सुविधा चाहिए, जनता की आवाज़ नहीं”
“इतना शांत विपक्ष कभी नहीं देखा—संजय कोहले की चुप्पी ने कांग्रेस संगठन की पोल खोल दी”

दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग नगर निगम में विपक्ष की भूमिका निभा रही कांग्रेस आजकल एक सवाल से घिरी हुई है—क्या उनका नेता प्रतिपक्ष जनता की आवाज़ उठाने के लिए चुना गया था या सिर्फ शासकीय कक्ष पाने के लिए?
शहर में आज यही चर्चा है कि बीते छह महीने में विपक्ष के नेता संजय कोहले की आवाज़ सिर्फ एक ही मुद्दे पर सुनाई दी—अपने लिए कक्ष का आवंटन।

जहाँ दुर्ग में बदबूदार मोहल्लों की समस्या,मुख्य मार्गों पर जानवरों की फौज,गड्ढों से पटी सड़कें,अंधेरी गलियाँ,शनिवार बाजार का अवैध संचालन,नलघर हादसा,और अतिक्रमण पर पक्षपातपूर्ण कार्रवाइयाँ
लगातार जनता को परेशान कर रही थीं वहीं दूसरी ओर विपक्ष के नेता को इन मुद्दों पर न किसी आंदोलन की ज़रूरत महसूस हुई, न किसी सशक्त विरोध की।

कक्ष मिला… और विपक्ष मौन

संजय कोहले ने छह महीनों तक आयुक्त कार्यालय के नीचे जमीन पर बैठकर अपना “कार्यालय” बनाकर विरोध जताया। पर जैसे ही निगम ने कक्ष का आवंटन कर दिया—विरोध भी समाप्त, आवाज़ भी समाप्त, और विपक्ष भी समाप्त।इस खामोशी ने विपक्ष की विश्वसनीयता पर जोरदार सवाल खड़े कर दिए हैं।
जनता तंज कसते हुए कह रही है—
“कोहले जी की आवाज़ जनता के लिए नहीं, बल्कि सिर्फ कक्ष के लिए निकलती है!”

इतिहास में इतना कमजोर विपक्ष कभी नहीं दिखा
दुर्ग के राजनीतिक जानकारों का कहना है कि इतना निष्क्रिय विपक्ष शहर ने दशक भर में पहली बार देखा है।जबकि पिछली परिषद में, तब कम संख्या बल के बावजूद BJP नेता प्रतिपक्ष अजय वर्मा
लगातार—आंदोलन,धरना,तीखे विरोध,और हर नीति-विरुद्ध निर्णय पर सख्त बयान देकर जनता की आवाज़ बनते थे। मगर वर्तमान में नेता प्रतिपक्ष संजय कोहले के कामों का मूल्यांकन जनता यूँ कर रही है—
“10% भी विपक्ष की भूमिका निभा लेते तो बड़ी बात होती।”

क्या परदे के पीछे कोई ‘सेटिंग’?

शहर में यह सवाल अब खुलेआम उठ रहा है कि “क्या शहरी सरकार और विपक्ष के बीच कोई बड़ी सेटिंग है, जिसके कारण कोहले हर मामले में मौन हैं?”कई कांग्रेसी पार्षद भी निजी बातचीत में इस बात पर हैरानी जताते हैं कि इतने बड़े मुद्दों पर संजय कोहले की चुप्पी ने संगठन की छवि को गंभीर नुकसान पहुँचाया है।

पूर्व महापौर धीरज बाकलीवाल की छवि पर भी सवाल

नेता प्रतिपक्ष के चयन में जो महत्वपूर्ण भूमिका पूर्व महापौर धीरज बाकलीवाल की थी,उस पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं कि—“क्या ऐसे निर्जीव नेतृत्व को विपक्ष की बागडोर देना सही निर्णय था?”

कांग्रेस की स्थिति—अस्तित्व संकट?
शहर की राजनीतिक हवा कह रही है कि अगर विपक्ष की यही स्थिति रही तो आने वाले वर्षों में दुर्ग में कांग्रेस का रहा-सहा अस्तित्व भी गायब हो सकता है।आज की स्थिति यह है कि नेता प्रतिपक्ष संजय कोहले अपनी भूमिका का निर्वहन बस कुछ ज्ञापन देकर और कागजी बयान जारी कर कर रहे हैं—
और शहर की जनता पूछ रही है—
“क्या यही है दुर्ग का विपक्ष? या फिर यह विपक्ष सिर्फ सुविधा पाने वाली संस्था बन चुका है?”

सरकारी विभाग में राजस्थान और यूपी से चादर खरीदी के कारण स्थानीय बुनकरों की चार लाख नग चादर गोदाम में पड़ी है

    रायपुर/शौर्यपथ / भाजपा सरकार की गलत नीतियों के कारण स्थानीय 60,000 बुनकरो के सामने रोजी-रोटी का संकट उत्पन्न होने का आरोप लगाते हुये प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि वोकल फॉर लोकल का नारा लगानी वाली भाजपा सरकार ने एक भाजपा नेता को फायदा पहुंचाने यूपी, गुजरात, राजस्थान के व्यापारियों से सरकारी विभागों के लिए चादर खरीदी की है, जिसके कारण प्रदेश के बुनकरों को 14 करोड़ रुपया का नुकसान हुआ है। स्थानीय बुनकरों द्वारा बनाई गई 4 लाख नग चादर गोदाम में जाम हो गई है जिसके कारण 60 हजार बुनकरो के सामने गम्भीर रोजगार संकट उत्तपन्न हो गया है। ये बुनकर कर्ज में दब गये है, अपने भविष्य को लेकर चिंतित है, परेशान है।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार का वोकल फॉर लोकल और आत्मनिर्भर बनाने का नारा सिर्फ विज्ञापन तक सीमित है, धरातल पर इसके विपरीत काम हो रहा है। प्रदेश के बुनकरों के द्वारा बनाई गई चादर ट्राइबल विभाग सहित अन्य विभागों को सप्लाई होना था और राज्य के भंडार क्रय नियम के तहत सरकार के सभी विभाग और सार्वजनिक उपक्रमों में उपयोग होने वाले वस्त्रों और रेडीमेड गारमेंट की सप्लाई राज्य के बुनकरों द्वारा उत्पादित हथकरघा एवं खादी वस्त्र से किए जाने का प्रावधान है, इसके लिए हथकरघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ को नोडल एजेंसी बनाया गया है।
इस क्रय नियम को किनारे कर मोटी कमीशनखोरी और भारी भ्रष्टाचार के लिए यूपी एवं राजस्थान के व्यापारियों से चादर खरीदी की गई। ये तो सीधा-सीधा सरकारी नियमों का उल्लंघन है। जब चादर दूसरे राज्य से खरीदी होगी तो प्रदेश के बुनकर क्या करेंगे? कांग्रेस मांग करती है कि सरकारी विभागों में स्थानिक बुनकरों के द्वारा बनाई गई चादर एवं अन्य कपड़ा की सामग्री की खरीदी किया जाये।

 

बीजापुर के 9 लोगों की आंखों की रोशनी जाना सरकार की लापरवाही

भाजपा सरकार में फिर नसबंदी और ऑंखफोड़वा कांड रमन सरकार के समय की पुनर्रावृत्ति

रायपुर/शौर्यपथ / प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा सरकार पर आम लोगों के जान के साथ खिलवाड़ करने का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण बीजापुर में आंख के ऑपरेशन के बाद 8 महिला एवं 1 पुरुष की आंख से दिखना बंद हो गया, जिसे ईलाज के लिये रायपुर रिफर किया गया है। दुर्ग में नसबंदी के दौरान दो महिलाओं की मौत हो गई। स्वास्थ विभाग की लापरवाही के कारण हुई इस घटना के लिए स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जयसवाल जिम्मेदार है। सरकार के द्वारा खरीदी दवाईया अमानक औऱ नकली है जो जानलेवा साबित हो रही है। अभी हुई नशबंदी कांड और ऑंखफोड़वा कांड ने पूर्व रमन सरकार के दौरान हुई घटना को ताजा कर दिया। भाजपा सरकार में ही इस प्रकार की घटनाएं होने की वजह भाजपा सरकार में दवाई खरीदी में कमीशन खोरी भ्रष्टाचार है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि यह पहली घटना नहीं है, इसके पहले भी बस्तर के एक दर्जन से अधिक लोगों की आंखों की रोशनी सरकार की लापरवाही से गयी थी। स्वास्थ्य विभाग के लापरवाही के चलते नसबंदी और ऑंखफोड़वा कांड के पहले नकली दवाई एवं ईलाज में लापरवाही के कारण मौत हो चुकी है फिर स्वास्थ मंत्री जागे नही है। गैर जिम्मेदार स्वास्थ मंत्री के कारण सरकारी अस्पताल मौत का कारण बन रहे है। सरकारी अस्पताल की विश्वसनीयता संकट में है। गरीब आदमी इलाज कहाँ कराये? निजी अस्पतालों में आयुष्मान योजना से पूरा इलाज नहीं हो रहा है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि प्रदेश में नकली दवाई सप्लाई करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज क्यों नहीं करवाया जा रहा है? क्यों उन्हें बचाया जा रहा है इसे स्पष्ट है की दवा सप्लायरों से भारतीय जनता पार्टी ने मोटी रकम वसूली की है। जिसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में छोटे बच्चों को 14 महीने से क्रीमी की दवाई दी जा रही है, उसे अमानक मान कर अब प्रतिबंध लगा दिया गया। सरकारी अस्पताल में ग्लूकोज की बोतल चढ़ाने पर तबीयत खराब हो जा रहा है, फफूंद लगी दवाईयां दी जा रही है, पेरासिटामोल टेबलेट, सर्जिकल इंजेक्शन, ग्लूकोज ड्रिप, एल्बेंडाजोल टेबलेट, प्रेगनेंसी किट सहित कई दवाईयां अमानक है, इसके लिए जिम्मेदार कौन हैं?

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि सरकार के लापरवाही के चलते अमानक दवाइयों के कारण मरीज की आंखों की रोशनी गयी है, नसबंदी से जिनकी जान गयी है, सरकार उन्हें मुआवजा दे? सरकार यह सुनिश्चित करें कि स्वास्थ्य विभाग के द्वारा मरीज को वितरित की जाने वाली दवाइयां पूर्णत सुरक्षित और तय मानकों को पूरा करने वाला हो? जिन कंपनियों की दवाईयां अमानक पाई गई है उनके खिलाफ अपराध पंजीबद हो दवा सप्लाई करने वाले एजेंसी को ब्लैकलिस्टेड किया जाए, दवा खरीदी में शामिल अधिकारियों को पर भी कड़ी कार्रवाई हो।

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