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June 19, 2026
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मुख्यमंत्री साय नवनिर्मित नगर पंचायत शिवनंदनपुर के शपथ ग्रहण समारोह में हुए शामिल
मुख्यमंत्री ने विभागीय स्टॉलों का किया अवलोकन, विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को किया लाभान्वित

रायपुर /मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज अपने सूरजपुर प्रवास के दौरान नवनिर्मित नगर पंचायत शिवनंदनपुर के नवनिर्वाचित अध्यक्ष एवं पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। उन्होंने नगर पंचायत अध्यक्ष रितेश जायसवाल सहित सभी नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए जनसेवा और विकास के प्रति समर्पित भाव से कार्य करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने नगर पंचायत शिवनंदनपुर के वार्ड क्रमांक 06 में सुसज्जित मंगल भवन निर्माण की घोषणा कर क्षेत्रवासियों को महत्वपूर्ण सौगात दी। मुख्यमंत्री की घोषणा पर उपस्थित नागरिकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उनका आभार जताया।
    सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शिवनंदनपुर को नगर पंचायत का दर्जा मिलना क्षेत्र की वर्षों पुरानी आकांक्षा की पूर्ति है। इससे क्षेत्र में सुनियोजित नगरीय विकास का मार्ग प्रशस्त होगा तथा नागरिकों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि जनता ने जिस विश्वास के साथ अपने प्रतिनिधियों का चयन किया है, उस विश्वास पर खरा उतरना अब उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
      मुख्यमंत्री ने नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों से बिजली, पानी, सड़क, स्वच्छता तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। जनप्रतिनिधि जनता और शासन के बीच सेतु बनकर जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में अग्रणी भूमिका निभाएं।
मुख्यमंत्री साय ने शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने तथा अपने अधिकारों और सुविधाओं के प्रति जागरूक रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं मुख्यमंत्री कॉल सेंटर के माध्यम से नागरिक अपनी शिकायतें और समस्याएं दर्ज करा सकते हैं। सरकार जनता की समस्याओं के समयबद्ध और प्रभावी निराकरण के लिए प्रतिबद्ध है।
   सभा को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि शिवनंदनपुर के नगर पंचायत बनने से क्षेत्र के समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शिवनंदनपुर में विकास की नई गाथा लिखी जाएगी। उन्होंने नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों से जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने तथा क्षेत्र के विकास के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करने का आह्वान किया।
महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रयासों और दूरदर्शी सोच के कारण शिवनंदनपुर को नगर पंचायत का दर्जा प्राप्त हुआ है। यह क्षेत्र के विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम है, जिससे नागरिकों को बेहतर नगरीय सुविधाएं और विकास कार्यों का लाभ मिलेगा। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने विभागीय स्टॉलों का किया अवलोकन
शपथ ग्रहण समारोह के पश्चात मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी एवं जागरूकता स्टॉलों का अवलोकन किया। समाज कल्याण विभाग के स्टॉल में दो दिव्यांग हितग्राहियों को ट्राइसाइकिल प्रदान की गई तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत तीन हितग्राहियों को उनके नवीन आवास की चाबियां सौंपी गईं।
महिला एवं बाल विकास विभाग के स्टॉल में बच्चों के पोषण हेतु तैयार किए जाने वाले खिचड़ी, हलवा, खुरमा, बर्फी, कटुआ, गुलगुला तथा रेडी-टू-ईट पोषण आहार का प्रदर्शन किया गया। मुख्यमंत्री ने पोषण आहार का अवलोकन कर इसकी सराहना की। इस दौरान तीन गर्भवती महिलाओं की गोदभराई तथा दो बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी संपन्न कराया गया। मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाओं से संवाद कर योजना से प्राप्त लाभों की जानकारी ली।
इसके अलावा आदिवासी विकास विभाग, कृषि विभाग, वन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, जल संसाधन विभाग तथा स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा लगाए गए स्टॉलों का भी अवलोकन किया गया। स्कूल शिक्षा विभाग के स्टॉल में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय करवां के विद्यार्थियों द्वारा सोलर सैनिटेशन किट सहित विभिन्न नवाचारों एवं वैज्ञानिक मॉडलों का प्रदर्शन किया गया, जिसकी मुख्यमंत्री ने सराहना की।

विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को किया गया लाभान्वित
      मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम के दौरान विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के हितग्राहियों को सामग्री एवं लाभ का वितरण किया। मत्स्य पालन प्रसार योजना के अंतर्गत फुटकर मत्स्य विक्रय उपकरण प्रदाय योजना के तहत कुंजनगर निवासी श्रीमती भारती केवट एवं श्रीमती तपेश्वरी राजवाड़े को आइस बॉक्स के साथ 6-6 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई।
सामाजिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य योजनाओं के तहत शिवनंदनपुर निवासी अमरूत को वय वंदन कार्ड प्रदान किया गया। वहीं आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत शिवनंदनपुर एवं कुरूवां के पात्र हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड वितरित कर योजना का लाभ प्रदान किया गया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री दयाल दास बघेल, सांसद चिंतामणि महाराज, प्रेमनगर विधायक भूलन सिंह मरावी, छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष रामसेवक पैकरा, सरगुजा संभाग के आयुक्त नरेंद्र दुग्गा, आईजी दीपक झा, कलेक्टर श्रीमती रेना जमील सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

  रायपुर, / पीएम-सेतु (PM-SETU) योजना के तहत सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) को आधुनिक और उद्योग-अनुकूल बनाया जा रहा है । इस योजना का मुख्य उद्देश्य छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ड्रोन जैसी नई तकनीकों में प्रशिक्षित कर रोजगार के काबिल बनाना है। पुरानी मशीनों को बदलकर नई तकनीक वाली मशीनें लगाई जाएंगी और डिजिटल कंटेंट व स्मार्ट क्लासरूम की सुविधा दी जाएगी।

मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राज्य में पीएम सेतु योजना के तहत गठित राज्य स्तरीय स्टीयरिंग समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में मुख्य सचिव ने योजना के तहत राज्य की चयनित औद्यागिक प्रशिक्षण संस्थानों को अपग्रेड करने की जा रही कार्यवाही की प्रगति की समीक्षा की।

बैठक में पीएम सेतु के तहत राज्य के विभिन्न औद्योगिक संस्थानों की सलाह से स्थानीय रोजगार उपलब्ध कराने के लिए आईटीआई अपग्रेड करने और उद्योग नेतृत्व वाले एंकर इंडस्ट्रियल पार्टनर्स के चयन हेतु जारी किए जाने वाले पात्रता मापदण्डों के संबंध में विस्तार से चर्चा हुई। इसी तरह से ईओआई में भाग लेने वाले उद्योगों सहित समस्त पात्र उद्योगों एवं सार्वजनिक उपक्रमों को प्रस्ताव के लिए अनुरोध के बारे में प्रक्रिया में सहभागिता हेतु अवसर प्रदान करने पर भी चर्चा हुई।

इसी तरह से प्रधानमंत्री सेतु योजना अंतर्गत एंकर इंडस्ट्रियल पार्टनर्स के ऑनबोर्डिंग हेतु जारी किए जाने वाले ड्राफ्ट के प्रस्ताव के अनुरोध के बारे में भी चर्चा हुई। बैठक में वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के सचिव श्री बसवराजु एस. सहित वित्त विभाग, श्रम, स्कूल शिक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी, छत्तीसगढ़ स्टेट काउंसिल, रोजगार एवं प्रशिक्षण, सीआईआई एवं भारत सरकार कौशल विकास और उद्यम शीलता महानिदेशालय छत्तीसगढ़ क्षेत्र के अधिकारियों ने भाग लिया।

समर्थ भारत कॉन्क्लेव 2026 का समापन किया उद्योग मंत्री ने

रायपुर, / वाणिज्य उद्योग एवं श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन आज रायपुर में डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय (बिलासपुर) एवं आइसेक्ट इंडिया गु्रप के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित दो दिवसीय समर्थ भारत कॉन्क्लेव के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर श्री देवांगन ने कहा कि किसी भी देश की सबसे बड़ी ताकत उसका मानव संसाधन होती है। भारत के पास दुनिया की सबसे युवा आबादी है, लेकिन चुनौती है उन्हें आज के दौर के अनुसार हुनरमंद बनाना। श्री देवांगन ने कहा कि आज हम ऐसे दौर में जी रहे हैं जहां परिर्वतन ही एक मात्र स्थिर चीज है और इस दौर में भारत को एक महा शक्ति बनाने का सबसे बड़ा सारथी है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (ए.आई.)।

विकसित भारत के लिए ए.आई. संचालित कौशल विकास वित्तीय समावेशन और सामाजिक उद्यम विषय पर आईसेक्ट द्वारा इसका आयोजन किया गया। केबिनेट मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि जब हम साल 2047 तक विकसित भारत के सपने को साकार करने की बात करते हैं तो ए.आई. केवल एक तकनीक नहीं बल्कि वह इंजन है जो हमारे कौशल, हमारी अर्थव्यव्स्था और हमारे समाज को नई दिशा और रफतार देगी। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तब तक अधूरा है जब तक विकास की रोशनी देश के आखरी कोने में बैठे व्यक्ति तक न पहुंचे। वित्तीय समावेशन का मतलब है, हर नागरिक को बैंकिंग और आर्थिक व्यवस्था से जोड़ना। श्री देवांगन ने कहा कि आजकल सामाज के प्रत्येक वर्ग का व्यक्ति मोबाइल ऐप के माध्यम से सरकार के समस्त योजनाओं की जानकारी घर बैठे प्राप्त कर सकता है। यह केवल तकनीकि उत्थान एवं ए.आई. के माध्यम से संभव हो सका है। इस अवसर पर उद्योग मंत्री ने 5 युवा उद्यमियों को सम्मानित किया।

कार्यक्रम के दौरान डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. पी.के. घोष, आईसेक्ट के चेयरमेन डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर पद्म श्री अजय मंडावी, डॉ. तोपलाल वर्मा,डॉ. अनुराग होता, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के महाप्रबंधक श्री राजेश भुतड़ा, भारतीय स्टेट बैंक के श्री ललित कुमार, सीआईआई के छत्तीसगढ़ प्रमुख श्री पदम गोयल, श्री अनुराग गुप्ता, बजरंग गोयल सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

बिना पंजीयन एवं वैध दस्तावेजों के बैटरी अपशिष्ट का संग्रहण, भंडारण और व्यापार दंडनीय अपराध

रायपुर, /छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने राज्य में अवैध रूप से स्क्रैप एवं प्रयुक्त बैटरियों के संग्रहण, भंडारण, परिवहन, पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) तथा व्यापार में संलिप्त व्यक्तियों एवं संस्थाओं के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। मंडल ने सभी व्यापारियों, कबाड़ संचालकों, स्क्रैप डीलरों, परिवहनकर्ताओं तथा बैटरी अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े हितधारकों को निर्देशित किया है कि वे अपना संचालन केवल बैटरी अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2022 एवं अन्य प्रचलित वैधानिक प्रावधानों के अनुरूप ही करें।

मंडल के संज्ञान में आया है कि राज्य के कुछ क्षेत्रों में बिना आवश्यक पंजीयन, प्राधिकार एवं वैध दस्तावेजों के प्रयुक्त एवं स्क्रैप बैटरियों का संग्रहण, भंडारण, परिवहन तथा क्रय-विक्रय किया जा रहा है। मंडल ने स्पष्ट किया है कि इस प्रकार की गतिविधियां पर्यावरण एवं जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न करती हैं तथा पर्यावरणीय कानूनों का उल्लंघन हैं।

मंडल ने बताया कि बैटरी अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2022 के तहत प्रयुक्त एवं अपशिष्ट बैटरियों का संग्रहण, भंडारण, परिवहन तथा व्यापार केवल विधिवत पंजीकृत एवं अधिकृत संस्थाओं द्वारा ही किया जा सकता है। अपशिष्ट बैटरियों के परिवहन के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन तथा आवश्यक दस्तावेजों का संधारण अनिवार्य है। इसके साथ ही खरीद-बिक्री संबंधी अभिलेख एवं अन्य आवश्यक रिकॉर्ड भी सुरक्षित रखना आवश्यक है।

मंडल ने स्पष्ट किया है कि खुले स्थानों पर अपशिष्ट बैटरियों का भंडारण, अनधिकृत संग्रहण, पर्यावरणीय मानकों के विपरीत संचालन अथवा अवैध व्यापार दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसे मामलों में पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986, बैटरी अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2022 तथा अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के अंतर्गत कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

इस संबंध में राज्यभर में विशेष निरीक्षण एवं प्रवर्तन अभियान चलाया जाएगा। अभियान के दौरान अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों, फर्मों एवं संस्थानों के विरुद्ध जांच, निरीक्षण तथा विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। गंभीर उल्लंघन पाए जाने पर अभियोजन दर्ज कर न्यायालयीन कार्रवाई भी की जा सकती है।

छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने सभी संबंधित हितधारकों से अपने संचालन को तत्काल प्रभाव से नियमों के अनुरूप सुनिश्चित करने तथा आवश्यक पंजीयन एवं अनुमतियां प्राप्त करने का आग्रह किया है। साथ ही आम नागरिकों से अपील की गई है कि यदि कहीं भी स्क्रैप अथवा अपशिष्ट बैटरियों का अवैध संग्रहण, भंडारण, परिवहन अथवा व्यापार किया जा रहा हो तो इसकी सूचना निकटतम क्षेत्रीय कार्यालय अथवा मंडल को दें। मंडल ने कहा है कि पर्यावरण संरक्षण एवं जनस्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नागरिकों और संबंधित संस्थाओं का सक्रिय सहयोग आवश्यक है।

  रायपुर, / मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में टीवी मुक्त भारत के तहत छत्तीसगढ़ को टीवी मुक्त बनाने के लिए किए जा रहे कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। मुख्य सचिव ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम एवं प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत किए जा रहे स्वास्थ्य कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की।

मुख्य सचिव ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत छत्तीसगढ़ में कार्य करने वाले स्वास्थ्य अधिकारियों को कहा है कि राज्य में टीबी के मरीजों की जांच के लिए व्यापक स्तर पर जांच शिविर लगाये जायें। जिसमें जांच के दौरान मिलने वाले टीबी के मरीजों का त्वरित ईलाज किया जाए। इसके लिए प्रत्येक गांव और शहरों में विशेष अभियान चलाया जाए। उन्होंने टीबी मरीजों के जांच के लिए सभी जरूरी उपकरणों एक्स-रे मशीन एवं रेडियोग्राफरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने कहा है।

श्री विकासशील ने मरीजों की शीघ्र पहचान कर ईलाज शुरू किया जाना चाहिए एवं मरीजों को स्वास्थ्य कार्यक्रमों के तहत पोषण आहार एवं पौष्टिक सामग्री हेतु निर्धारित राशि तुरंत उपलब्ध कराया जाना चाहिए। टीबी मुक्त अभियान के अंतर्गत जो गांव और ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त होती है। इसके बारे में गांव में होने वाली ग्राम सभा में लोगों को बताया जाना चाहिए। इसी तरह से प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं की घर-घर जाकर जांच की जाए। महिलाओं के बीपी, वजन, हिमोग्लोबिन इत्यादि की जांच की जाए। आवश्यकता पड़ने पर गर्भवती महिलाओं को एफआरयू में रेफर किए जाए।

मुख्य सचिव ने बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत बच्चों की स्क्रीनिंग की जाए। सभी आंगनबाड़ी, स्कूलों में हर बच्चें की जांच अनिवार्य रूप से की जाए। रोग युक्त पाए जाने बच्चों को बड़े अस्पतालों में ईलाज के लिए भेजा जाए। अस्पतालों में ईलाज करा रहे बच्चों की टैªकिंग की जाकर उनके स्वास्थ्य की लगातार मॉनिटरिंग कर समुचित उपचार दिया जाए। सभी शिशुओं को जरूरी टीके लगाए जाये। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अधिकारियों ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के अंतर्गत राज्य में किए जा रहे कार्यों की विस्तार से जानकारी दी।

  रायपुर, / राज्य नीति आयोग, छत्तीसगढ़ के उपाध्यक्ष श्री गणेश शंकर मिश्रा से आज यूनिसेफ इंडिया के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने नीति भवन नवा रायपुर में सौजन्य भेंट की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व यूनिसेफ इंडिया की फील्ड सेवा प्रमुख सुश्री सोलेदाद हेरेरो ने किया। इस अवसर पर यूनिसेफ छत्तीसगढ़ फील्ड कार्यालय की प्रमुख श्रीमती सीमा कुमार एवं सामाजिक नीति प्रमुख डॉ. बाल परितोष दाश भी उपस्थित रहे।

बैठक में विकसित छत्तीसगढ़ प्रगति फ्रेमवर्क, बाल कल्याण सूचकांक, बच्चों के लिए सार्वजनिक वित्त, सामुदायिक जागरूकता एवं सामाजिक व्यवहार परिवर्तन और बस्तर अंजोर कार्यक्रम पर विस्तृत चर्चा हुई।

विकसित छत्तीसगढ़ - जहाँ बच्चे हैं विकास की नींव

बैठक में राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष श्री मिश्रा ने स्पष्ट किया कि विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना में बच्चे केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि राज्य के विकास की आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि जब तक राज्य के प्रत्येक बच्चे को स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और संरक्षण सुनिश्चित नहीं होता, तब तक विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य अधूरा है। राज्य नीति आयोग ने विकसित छत्तीसगढ़ प्रगति फ्रेमवर्क के अंतर्गत 50 से अधिक विभागों के लिए प्रमुख प्रदर्शन संकेतक विकसित किए हैं, जिसमें बाल कल्याण को एक स्वतंत्र एवं समर्पित विषयक्षेत्र के रूप में सम्मिलित किया गया है।

विकसित छत्तीसगढ़ सामाजिक नीति सहयोग इकाई, नीति और जमीन के बीच सेतु

राज्य नीति आयोग एवं यूनिसेफ के संयुक्त प्रयास से स्थापित विकसित छत्तीसगढ़ सामाजिक नीति सहयोग इकाई (VC-SPS Unit) राज्य में साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण संस्थागत पहल है। यह इकाई विकसित छत्तीसगढ़ प्रगति फ्रेमवर्क, बाल कल्याण सूचकांक, बच्चों के लिए बजट विश्लेषण और सामाजिक संरक्षण को सुदृढ़ करने के लिए राज्य के विभागों को निरंतर तकनीकी सहयोग प्रदान करती है। बैठक में इस इकाई के कार्यों की सराहना की गई और इसे और अधिक सशक्त बनाने पर सहमति व्यक्त की गई।

देश में पहली बार - बाल कल्याण सूचकांक

राज्य नीति आयोग देश में पहली बार एक राज्य-विशिष्ट बाल कल्याण मापन पद्धति एवं बाल वंचना सूचकांक विकसित करेगा। यह सूचकांक राज्य के विभागों को बच्चों तक सेवा वितरण की कमियों की पहचान करने और बाल-केंद्रित नीतियों को सुदृढ़ करने में सहायक होगा। साथ ही बच्चों के लिए बजट का एक मानक ढांचा भी तैयार किया जाएगा। यूनिसेफ प्रतिनिधिमंडल ने इस प्रस्तावित पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह राष्ट्रीय स्तर पर एक अनुकरणीय मॉडल सिद्ध होगा।

बस्तर अंजोर - आदिवासी एवं बाल विकास का ऐतिहासिक अवसर

बैठक में बस्तर अंजोर को आदिवासी समुदायों और बच्चों के कल्याण के लिए एक अभूतपूर्व अवसर के रूप में रेखांकित किया गया। राज्य नीति आयोग द्वारा प्रवर्तित यह अभिनव समन्वय पहल बस्तर संभाग के सातों जिलों को आच्छादित करती है। 3+4 मॉडल पर आधारित यह कार्यक्रम तीन कलेक्टर नेतृत्व वाली जिला पहलों -नियद नेल्ला नार, बस्तर मुन्ने और स्वस्थ बस्तर को चार राष्ट्रीय एवं राज्य मिशनों से जोड़ता है। इस कार्यक्रम के 90 प्रतिशत से अधिक हस्तक्षेप क्षेत्र बाल स्वास्थ्य, पोषण एवं सामाजिक संरक्षण से संबंधित हैं।

यूनिसेफ ने इस कार्यक्रम को संघर्ष प्रभावित क्षेत्र में विकास की रोशनी पहुँचाने का एक दुर्लभ एवं महत्वपूर्ण अवसर बताया और बस्तर अंजोर के औपचारिक लोकार्पण में मुख्य अतिथि एवं रणनीतिक भागीदार के रूप में सहभागिता की सहर्ष स्वीकृति दी।

सामुदायिक जागरूकता, विश्वास निर्माण एवं सामाजिक व्यवहार परिवर्तन

बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि सरकारी योजनाओं की सफलता केवल नीति एवं बजट से नहीं, बल्कि समुदाय के विश्वास और व्यवहार परिवर्तन से भी निर्धारित होती है। बस्तर जैसे आदिवासी एवं संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में सामुदायिक जागरूकता और जन विश्वास का निर्माण विकास की पूर्वशर्त है।

यूनिसेफ की सामाजिक व्यवहार परिवर्तन विशेषज्ञता को बस्तर अंजोर और विकसित छत्तीसगढ़ के जमीनी क्रियान्वयन से जोड़ने पर सहमति व्यक्त की गई। इसके अंतर्गत पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा और बाल संरक्षण के क्षेत्रों में समुदाय स्तर पर जागरूकता अभियान, स्थानीय नेतृत्व का सुदृढ़ीकरण और परिवारों में सकारात्मक व्यवहार परिवर्तन को बढ़ावा देने की दिशा में संयुक्त प्रयास किए जाएंगे।

यूनिसेफ का सहयोग और विस्तार

यूनिसेफ इंडिया की फील्ड सेवा प्रमुख सुश्री सोलेदाद हेरेरो ने कहा कि यूनिसेफ वर्ष 2019 से छत्तीसगढ़ सरकार का विश्वसनीय रणनीतिक भागीदार रहा है और यह साझेदारी आगे और सुदृढ़ होगी। उन्होंने विकसित छत्तीसगढ़, बस्तर अंजोर, बाल कल्याण सूचकांक, सामुदायिक जागरूकता और बच्चों के लिए सार्वजनिक वित्त के क्षेत्रों में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय तकनीकी विशेषज्ञता के माध्यम से सहयोग विस्तार का आश्वासन दिया।

बैठक के अंत में राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष श्री मिश्रा ने यूनिसेफ की पूरी टीम के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी छत्तीसगढ़ के बच्चों के उज्जवल भविष्य और विकसित भारत के स्वप्न को साकार करने की दिशा में एक सशक्त एवं प्रेरणादायी कदम है।

  रायपुर, /राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कमल विहार रायपुर स्थित लगभग 230 एकड़ क्षेत्र में फैले गजराज बांध को रायपुर शहर की पेयजल आवश्यकता की पूर्ति के लिए एक विशाल जलाशय के रूप में विकसित करने की पहल की है। राज्यपाल ने आज लोकभवन में नगर निगम रायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे और अतिरिक्त कमिश्नर श्री विनोद पाण्डेय के साथ इस संबंध में विशेष चर्चा की।

राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान में सिंचाई कार्याे में उपयोग नहीं हो रहे गजराज बांध की आवश्यक मरम्मत कर इसे रायपुर शहर की लाइफलाइन बनाया जा सकता है। इस बांध को एक पेयजल भंड़ार के रूप में विकसित करने से शहर को शुद्ध और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। राज्यपाल ने महापौर से संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय कर इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए दिशा निर्देश दिए है।

 

सरगुजा में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मुख्य आतिथ्य में होंगे आयोजन

रायपुर, / 21 जून 2026 को इस बार “स्वस्थ आयु के लिए योग” थीम पर सामूहिक योगाभ्यास का कार्यक्रम आयोजित होगा। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 21 जून अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के आयोजन को लेकर जिला मुख्यालयों से लेकर ग्राम पंचायत स्तर तक तैयारियां पूरी कर ली गई है। जिला मुख्यालयों में आयोजित सामूहिक योगाभ्यास के कार्यक्रम में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री द्वय, मंत्रीगण, सांसद एवं विधायकगण मुख्य अतिथि होंगे। छत्तीसगढ़ सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार जिला मुख्यालयों में आयोजित होने वाले सामूहिक योगाभ्यास में मुख्य अतिथि नामांकित किया गया है।

राज्यपाल श्री रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में 21 जून को राजधानी रायपुर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर सामूहिक योगाभ्यास का कार्यक्रम आयोजित होगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मुख्य आतिथ्य में सरगुजा जिले में सुबह 7 बजे सामूहिक योगाभ्यास होगा। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल करेंगे।

जारी आदेश के तहत केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू बिलासपुर में, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव दुर्ग में, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा कबीरधाम, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह राजनांदगांव में 21 जून 2026 को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालय में आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम के लिए मुख्य अतिथि होंगें। इसी प्रकार कोरिया जिले में मंत्री श्री रामविचार नेताम, महासमुंद जिले में मंत्री श्री दयालदास बघेल, सुकमा जिले में मंत्री श्री केदार कश्यप, कांकेर जिले में मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, जांजगीर-चांपा जिले में मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में मंत्री श्री टंकराम वर्मा, बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, जशपुर जिले में मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, कोरबा जिले में मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब और बालोद जिले में मंत्री श्री गजेन्द्र यादव 21 जून 2026 को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालय में आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम के लिए मुख्य अतिथि बनाए गए हैं।

विभिन्न जिलों में योग दिवस के गरिमामय आयोजन की कमान माननीय सांसदों और विधायकों में बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, बेमेतरा जिले में सांसद श्री विजय बघेल, मोहला-मानपुर-चौकी जिले में सांसद श्री संतोष पांडेय 21 जून 2026 को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि होंगे। इसी प्रकार सूरजपुर जिले में सांसद श्री चिंतामणी महाराज, गरियाबंद जिले में सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, रायगढ़ जिले में सांसद श्री राधेश्याम राठिया, जांजगीर जिले में सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, नारायणपुर जिले में सांसद श्री महेश कश्यप और कोण्डागांव जिले में सांसद श्री भोजराज नाग 21 जून 2026 को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि होंगे। बीजापुर जिले में विधायक सुश्री लता उसेंडी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में विधायक श्री ललित चंद्राकर, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में विधायक श्री प्रणव कुमार मरपच्ची, मुंगेली जिले में विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले, धमतरी जिले में विधायक श्री अजय चंद्राकर, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में विधायक श्रीमती रेणुका सिंह, बस्तर जिले में विधायक श्री किरण सिंह देव और दंतेवाड़ा जिले में विधायक श्री चैतराम अटामी को 21 जून 2026 को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि बनाए गए हैं। सभी जिलों में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के सामूहिक योग कार्यक्रमों की तैयारियां जिला प्रशासन की देखरेख में अंतिम चरण में हैं।

हाउसिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड द्वारा जारी की गई निविदाएं

रायपुर, / छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल राज्य के विभिन्न शहरों में पाँच प्रमुख रिडेवलपमेंट परियोजनाओं की शुरुआत करने जा रहा है। यह पहल छत्तीसगढ़ शासन द्वारा शहरी विकास, शासकीय परिसंपत्तियों के बेहतर उपयोग तथा आधुनिक नागरिक सुविधाओं के विस्तार की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। इन परियोजनाओं का विकास राज्य की रिडेवलपमेंट नीति के तहत किया जाएगा। इसके लिए आवास एवं पर्यावरण विभाग को नोडल विभाग तथा छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल को क्रियान्वयन एजेंसी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

रिडेवलपमेंट परियोजनाओं के लिए मंडल द्वारा प्रिलिमिनरी प्रोजेक्ट रिपोर्ट (पीपीआर) एवं विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार किए गए हैं। साथ ही निजी डेवलपर्स के चयन हेतु पारदर्शी निविदा प्रक्रिया तथा परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की व्यवस्था की गई है।

मंत्रिपरिषद द्वारा प्रस्तावित परियोजनाओं को सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। इसके पश्चात 27 मई 2026 को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में पाँचों परियोजनाओं के अंतिम स्वरूप पर विस्तृत चर्चा कर उन्हें अनुमोदित किया गया।

प्रस्तावित परियोजनाओं का कुल क्षेत्रफल लगभग 19.14 एकड़ है तथा वर्ष 2025-26 की संशोधित गाइडलाइन दरों के अनुसार इनका अनुमानित मूल्य लगभग 250.30 करोड़ रुपये है। ये परियोजनाएं बी.टी.आई. रोड शंकर नगर (रायपुर), क्लब पारा (महासमुंद), कैलाश नगर (राजनांदगांव), कटघोरा (कोरबा) तथा चांदनी चौक फेज-2 (जगदलपुर) में विकसित की जाएंगी। इन पाँचों रिडेवलपमेंट योजनाओं का टेंडर हाउसिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड द्वारा जारी कर दिया गया है।

राजधानी रायपुर में प्रस्तावित परियोजना विशेष महत्व रखती है। यह परियोजना शहर के प्रमुख एवं विकसित क्षेत्र शंकर नगर स्थित बी.टी.आई. ग्राउंड के सामने, सिंधु भवन के समीप स्थित है। यह क्षेत्र शैक्षणिक, प्रशासनिक, व्यावसायिक तथा आवासीय गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है। परियोजना के विकसित होने से क्षेत्र में आधुनिक अधोसंरचना का विस्तार होगा तथा शासकीय परिसंपत्तियों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा।

रिडेवलपमेंट मॉडल के तहत जर्जर एवं अनुपयोगी शासकीय परिसंपत्तियों के स्थान पर आधुनिक एवं सुव्यवस्थित अधोसंरचना विकसित की जाएगी। इन परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त वित्तीय भार की आवश्यकता नहीं होगी। शासकीय भूमि के मूल्य का उपयोग ही परियोजनाओं के वित्तीय संसाधन के रूप में किया जाएगा। इससे शासकीय भूमि का सर्वोत्तम उपयोग सुनिश्चित होने के साथ-साथ राज्य को अतिरिक्त राजस्व भी प्राप्त होगा।

यह पहल निजी डेवलपर्स के लिए भी आकर्षक अवसर प्रदान करती है। उन्हें शहरों के प्रमुख क्षेत्रों में स्थित प्राइम लोकेशन वाली भूमि पर परियोजनाएं विकसित करने का अवसर मिलेगा। स्पष्ट नीति, पारदर्शी निविदा प्रक्रिया तथा सरकारी एजेंसी के साथ साझेदारी से परियोजनाओं में विश्वास और स्थिरता सुनिश्चित होगी।

आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शहरी विकास को नई दिशा देने के लिए प्रतिबद्ध है। रिडेवलपमेंट नीति के माध्यम से अनुपयोगी एवं जर्जर शासकीय परिसंपत्तियों को आधुनिक तथा उपयोगी अधोसंरचना में परिवर्तित किया जाएगा। इससे शहरों की कार्यक्षमता एवं सौंदर्य में वृद्धि होगी तथा सार्वजनिक संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक-निजी सहभागिता के माध्यम से आधुनिक और नागरिक-केंद्रित शहरी विकास को नई गति मिलेगी।

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंहदेव ने कहा कि मंडल राज्य में रिडेवलपमेंट की नई कार्यसंस्कृति स्थापित कर रहा है। ये परियोजनाएं केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि शहरी क्षेत्रों के समग्र कायाकल्प का प्रयास हैं। उन्होंने कहा कि बी.टी.आई. ग्राउंड, शंकर नगर के सामने प्रस्तावित परियोजना राजधानी रायपुर के लिए एक आदर्श शहरी विकास मॉडल सिद्ध होगी। मंडल गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के साथ इन परियोजनाओं को आगे बढ़ा रहा है।

आयुक्त श्री अवनीश कुमार शरण ने टी.एल. बैठक में इन परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए आगामी रिडेवलपमेंट की आठ नई परियोजनाओं का प्रस्ताव शीघ्र तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

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