August 11, 2026
Hindi Hindi

Login to your account

Username *
Password *
Remember Me
    रायपुर

    रायपुर (6085)

    कांग्रेस का प्रतिनिधि मंडल मेकाहारा जाकर बागबाहरा के किसान मनबोध गाड़ा से मिला

    रायपुर/ sहौर्यपथ / बागबाहरा के किसान मनबोध गाड़ा के द्वारा गला काट कर आत्महत्या के प्रयास पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा“ किसान मनबोध सरकार कि किसान विरोधी नीति का शिकार हुये है। पूरे प्रदेश में धान खरीदी अस्त व्यस्त है। किसान बिल्कुल इस व्यवस्था को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। धान खरीदी में बारदाने की कमी है, तोले में गड़बड़ी है, वजन कम आ रहा है, साड़े 7 तोले के लिए वसूली किए जा रहे हैं। किसानों से सबसे ज्यादा परेशानी अगर किसी चीज से किसानों को है तो वह टोकन का है। ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों में किसान अपना टोकन नहीं कटा पा रहे हैं। लिमिट भी कम कर दिया गया है, ऐसी स्थिति पूरे प्रदेश भर में है। महासमुंद के बागबाहरा का मनबोध गाड़ा एक एकड़ 40 डिसमिल का किसान है। वह लगातार चॉइस सेंटर टोकन काटने के लिए जा रहा है। ऑफलाइन जा रहा है समिति के चक्कर लगा रहा है। लगातार वह इधर से उधर चक्कर काट रहा है और नहीं कटा तो उन्होंने गला काट लिया जो बेहद पीड़ा दायक है। यह विष्णुदेव साय सरकार के गाल में करार तमाचा है की पहली बार ऐसा हुआ है कि किसान अपना गला रेत लिया है।
    कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल जिसमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज रायपुर के मेकाहारा अस्पताल पहुंचे। जहां उन्होंने महासमुंद बागबाहरा के किसान मनबोध गाड़ा के परिवार से मुलाकात की धान खरीदी के समय टोकन ना काटने से उन्होंने गला रेत लिया है, जिस वजह से वह अस्पताल में एडमिट है। उनका ऑपरेशन चल रहा है, कांग्रेस डेलिगेशन ने उनके परिवार से मुलाकात की और हर संभव मदद की बात कही है।

      रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ की राजनीतिक गलियों में देश-भक्ति, संवेदना और लोकतंत्र का सुंदर संगम देखने को मिला। जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के अध्यक्ष अमित बघेल ने पूर्व घोषित योजना के तहत 5 दिसंबर को आत्मसमर्पण किया। लेकिन उसी दिन एक दुखद परमहंस घड़ी भी आई, जब अमित बघेल की माता का देवलोक गमन हो गया।अमित बघेल के इस आत्मसमर्पण का क्षण पहले से तय था, परंतु माताजी के निधन की खबर प्रदेश भर में एक गहरे सन्नाटे और संवेदनशील भावनाओं का दौर लेकर आई।
    ऐसे दुख की घड़ी में गृह मंत्री विजय शर्मा ने एक मानवीय एवं संवेदनशील निर्णय लिया। उन्होंने प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए कि अमित बघेल की माता जी के अंतिम संस्कार में किसी भी तरह की बाधा न आए और पूरा अंत्येष्टि संस्कार पूरी शांति, श्रद्धा और धर्म के अनुसार संपन्न हो।यह निर्णय केवल प्रशासनिक आदेश नहीं था, बल्कि छत्तीसगढ़ की राजनीति में मानवीय सहानुभूति की एक नई मिसाल बना। जहाँ कानून प्रक्रिया अपना स्वाभाविक काम करती रहे, वहीं यह भी दिखा कि राजनीति में संवेदनशीलता और सहिष्णुता की कितनी अहम भूमिका है।
    प्रदेश के गृह मंत्री विजय शर्मा की इस मानवीय पहल की चर्चा सोशल मीडिया से लेकर आम जनता और राजनीतिक दलों के बीच गूंज रही है।यह घटना छत्तीसगढ़ की लोकतांत्रिक संस्कृति को मजबूत करती है और सभी को याद दिलाती है कि राजनीति केवल सत्ता और विरोध तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उसमें मानवीय मूल्य और इंसानियत की भी प्रमुख जगह होनी चाहिए।इस बीच जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के अध्यक्ष अमित बघेल पर धार्मिक टिप्पणी से संबंधित कई थानों में एफआईआर दर्ज हैं और वे पिछले एक महीने से फरार थे। 2 दिसंबर को उन्होंने आत्मसमर्पण की घोषणा की थी जिसे 5 तारीख को अमल में लाया गया। माताजी के निधन के बावजूद उनके अंतिम संस्कार में प्रशासन द्वारा पूरी तरह से बिना किसी रुकावट और श्रद्धा पूर्वक व्यवस्था करना, छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक यादगार पन्ना बन गया है।
    छत्तीसगढ़ की जनता और राजनीतिक समुदाय इस मानवीय पहल की खुले दिल से सराहना कर रहे हैं, जो राजनीति के भीतर सहिष्णुता और संवेदना के नयी मिसाल पेश करती है। ऐसे सजीव उदाहरण से ही लोकतंत्र की खूबसूरती उभरती है।

    बीजापुर मुठभेड़ में बहादुरी जवानों ने 15 नक्सलियों को किया न्यूट्रलाइज : डिप्टी सीएम अरुण साव
    छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में नक्सली अंतिम सांसे गिन रहा, मार्च 2026 तक होगा समूल : उप मुख्यमंत्री अरुण साव

    रायपुर / शौर्यपथ / उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज रायपुर पुलिस लाइन हेलीपेड में बीजापुर नक्सली मुठभेड़ में शहीद तीन जवानों को अपनी विनम्र श्रद्धांजलि दी। वहीं घायल दो जवानों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने नक्सलियों के खात्मे के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि, अब नक्सल अपनी अंतिम सांसे गिन रहा है। सुरक्षाबलों ने सैकड़ों नक्सलियों को न्यूट्रलाइज किया है। वहीं कई माओवादी सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर समाज की मुख्यधारा में वापस लौटे हैं।
    श्री साव ने कहा कि, सुरक्षा बल के बहादुर जवानों ने बीजापुर में बड़े नक्सल ऑपरेशन को अंजाम दिया है। इस मुठभेड़ में जवानों ने 15 नक्सलियों को मार गिराया है। वहीं हमने अपने तीन जवानों को खो दिया। मां भारती की सेवा में अपने प्राणों का न्योछावर करने वाले सच्चे सपूत को नमन करता हूं।
    श्री साव ने कहा कि, हमारे बहादुर जवानों का यह बलिदान जाया नहीं जाएगा। नक्सलियों की कायराना हरकत का माकूल जवाब मिलेगा।माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन एवं माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में मार्च 2026 तक बस्तर सहित पूरे देश से माओवादियों का समूल नाश होने वाला है।

    रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग में प्राचार्य, व्याख्याता एवं प्रधानपाठक सहित अन्य शैक्षणिक पदों पर बड़े पैमाने पर पदोन्नति की प्रक्रिया पूर्ण की जा चुकी है। किन्तु अत्यंत खेद का विषय है कि संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग दुर्ग के कार्यालय में वरिष्ठ लेखा परीक्षक एवं सहायक ग्रेड-1 के रिक्त पद लंबे समय से खाली रहते हुए भी अब तक लिपिक संवर्ग की पदोन्नति प्रक्रिया प्रारंभ नहीं की गई है।

    लोक शिक्षण संचालनालय का स्पष्ट निर्देश होने के बावजूद कार्यवाही लंबित
    संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ द्वारा पत्र क्रमांक स्था-04-ई/विविध/दुर्ग/2024/672, नवा रायपुर, दिनांक 31/12/2024 के माध्यम से दुर्ग संभाग में लिपिक वर्गीय पदोन्नति हेतु स्पष्ट निर्देश जारी किए गए थे।
    इसके बावजूद पदोन्नति प्रक्रिया प्रारंभ न होने से लिपिक संवर्ग विशेष रूप से व्यथित एवं अत्यंत आक्रोशित है। संघ का मानना है कि अन्य संवर्गों की पदोन्नति समय पर की जा रही है, परंतु लिपिक वर्ग के मामलों में स्पष्ट भेदभाव दिखाई दे रहा है।

    संघ ने कलेक्टर दुर्ग को पत्र भेजकर तत्काल कार्रवाई की मांग की
    उपरोक्त स्थिति को गंभीर मानते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ, जिला शाखा दुर्ग के अध्यक्ष एवं
    छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन, दुर्ग के मीडिया प्रभारी भानुप्रताप यादव द्वारा कलेक्टर दुर्ग को औपचारिक पत्र भेजकर शीघ्रातिशीघ्र रिक्त पदों पर पदोन्नति प्रक्रिया प्रारंभ करने की मांग की है। संघ ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि शासन के निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित नहीं किया गया, तो लिपिक संवर्ग आंदोलनात्मक कदम उठाने पर विवश होगा।

     

    रायपुर / शौर्यपथ /

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से विगत दिवस राजधानी रायपुर स्थित उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग 2024 के टॉप 10 अभ्यर्थियों ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री साय ने सभी चयनित अभ्यर्थियों और उनके परिजनों को सफलता के लिए शुभकामनाएं और बधाई दी। इस अवसर पर विधायक ललित चंद्राकर और राजभाषा अधिकारी छगन लाल नागवंशी भी उपस्थित थे।
    मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों से उनकी तैयारी के अनुभव, परीक्षा के दौरान आने वाली चुनौतियों और भविष्य की योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच के कारण विद्यार्थियों ने यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।
    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग 2024 में प्रदेश के युवाओं का उत्कृष्ट प्रदर्शन हम सबके लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आपको हमेशा यह भी याद रखना होगा कि आगे आपकी भूमिका लोकसेवक की होगी। आपको अपने दायित्वों के निर्वहन में धैर्य, विनम्रता और लोक सेवक की सीमाओं का हमेशा ध्यान रखना होगा। आम जनमानस में प्रशासन का विश्वास कायम रखने की दिशा में आप सभी को संवेदनशीलता से प्रयास करना है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की प्रतिष्ठित परीक्षा को पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित करने का निर्णय लिया है और वह परीक्षा परिणामों में साफ नजर आ रहा है।
    टॉपर विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि यह उपलब्धि उनके लिए जिम्मेदारी का नया अध्याय है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ जनता की सेवा करेंगे और प्रदेश के विकास में योगदान देंगे।
    इस अवसर पर छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग 2024 के टॉप 10 चयनित अभ्यर्थी देवेश प्रसाद साहू, स्वप्निल वर्मा, यशवंत कुमार देवांगन, पोलेश्वर साहू, पारस शर्मा, सुश्री शताक्षी पाण्डेय, अंकुश बैनर्जी, सुश्री सृष्टि गुप्ता, प्रशांत वर्मा और सागर वर्मा सपरिवार उपस्थित थे।

      रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज शाम राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रतिनिधिमण्डल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री श्री साय को आगामी 09 दिसंबर से 12 दिसंबर तक सक्ती जिले के ग्राम हसौद में आयोजित होने वाले 251 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ में शामिल होने हेतु आमंत्रित किया।
    मुख्यमंत्री ने आमंत्रण के लिए गायत्री परिवार के सदस्यों का धन्यवाद देते हुए आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर श्री निर्मल सिन्हा, श्री कैलाश साहू, श्री कृष्ण कुमार जायसवाल, श्री आदर्श वर्मा, श्री हेमंत पटेल एवं अन्य सदस्य उपस्थित थे।

    प्रधानमंत्री ने पुलिस के बारे में जनता की धारणा बदलने, युवाओं तक पहुंच बढ़ाने, शहरी और पर्यटन पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने और नए आपराधिक कानूनों के बारे में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया

    प्रधानमंत्री ने प्रौद्योगिकी, एआई और राष्ट्रीय खुफिया ग्रिड एकीकरण के विस्तारित उपयोग का आह्वान किया; द्वीप सुरक्षा, तटीय पुलिस व्यवस्था और फोरेंसिक आधारित जांच में नवाचार पर जोर दिया

    सम्मेलन में राष्ट्रीय सुरक्षा प्राथमिकताओं पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ, जिसमें विजन 2047 पुलिस व्यवस्था रोडमैप, आतंकवाद निरोधक रुझान, महिला सुरक्षा, भगोड़ों का पता लगाना और फोरेंसिक सुधार शामिल रहे

    प्रधानमंत्री ने आपदा से निपटने की बेहतर तैयारी और समन्वित प्रतिक्रिया की आवश्यकता पर बल दिया; चक्रवात, बाढ़ और प्राकृतिक आपात स्थितियों से निपटने के लिए सरकार के समग्र दृष्टिकोण का आह्वान किया

    प्रधानमंत्री ने पुलिस नेतृत्व से विकसित भारत के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप पुलिस व्यवस्था को आधुनिक बनाने और इसमें सुधार करने का आग्रह किया

    प्रधानमंत्री ने विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक प्रदान किए; शीर्ष प्रदर्शन करने वाले शहरों को नव स्थापित शहरी पुलिस व्यवस्था पुरस्कारों से सम्मानित किया

    रायपुर / शौर्यपथ / प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय प्रबंधन संस्थान, रायपुर में पुलिस महानिदेशकों/महानिरीक्षकों के 60वें अखिल भारतीय सम्मेलन में भाग लिया। तीन दिवसीय इस सम्मेलन का विषय 'विकसित भारत: सुरक्षा आयाम' है।

    प्रधानमंत्री ने खासकर युवाओं के बीच पुलिस के प्रति जनता की धारणा बदलने की तत्काल जरूरत पर बल दिया, जिसके लिए दक्षता, संवेदनशीलता और जवाबदेही को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। उन्होंने शहरी पुलिस व्यवस्था को मज़बूत करने, पर्यटक पुलिस को फिर से सक्रिय करने और औपनिवेशिक काल के आपराधिक कानूनों के स्थान पर लागू किए गए नए भारतीय न्याय संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के बारे में जन जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

    प्रधानमंत्री ने राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की पुलिस और व्यापक प्रशासन को निर्जन द्वीपों को एकीकृत करने के लिए नवीन रणनीतियां अपनाने, राष्ट्रीय खुफिया ग्रिड (नेटग्रिड) के अंतर्गत एकीकृत डेटाबेस का प्रभावी उपयोग करने और कार्रवाई योग्य खुफिया जानकारी प्राप्त करने के लिए इन प्रणालियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से जोड़ने का निर्देश दिया। उन्होंने विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों को पुलिस जांच में फोरेंसिक के उपयोग पर केस स्टडी करने के लिए प्रोत्साहित करने का आह्वान किया, और कहा कि फोरेंसिक के बेहतर अनुप्रयोग से आपराधिक न्याय प्रणाली और मजबूत होगी।

    प्रधानमंत्री ने प्रतिबंधित संगठनों की नियमित निगरानी के लिए तंत्र स्थापित करने, वामपंथी उग्रवाद से मुक्त क्षेत्रों का समग्र विकास सुनिश्चित करने और तटीय सुरक्षा को मज़बूत करने के लिए नवोन्मेषी मॉडल अपनाने के महत्व पर ज़ोर दिया। प्रधानमंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि नशीली दवाओं के दुरुपयोग से निपटने के लिए एक समग्र सरकारी दृष्टिकोण की आवश्यकता है, जिसमें प्रवर्तन, पुनर्वास और सामुदायिक स्तर पर हस्तक्षेप एक साथ किया जाए।

    सम्मेलन में राष्ट्रीय सुरक्षा के विविध मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। विज़न 2047 की दिशा में पुलिस व्यवस्था के दीर्घकालिक रोडमैप, आतंकवाद-निरोध और कट्टरपंथ-निरोध में उभरते रुझान, महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाने में तकनीक का लाभ उठाने, विदेशों में रह रहे भारतीय भगोड़ों को वापस लाने की रणनीतियों और प्रभावी जांच एवं अभियोजन सुनिश्चित करने के लिए फोरेंसिक क्षमताओं को मज़बूत करने पर चर्चा हुई।

    प्रधानमंत्री ने मज़बूत तैयारियों और समन्वय की आवश्यकता पर ज़ोर दिया और पुलिस प्रमुखों से चक्रवात, बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपात स्थितियों, जिनमें चक्रवात दित्वा की मौजूदा स्थिति भी शामिल है, के लिए प्रभावी आपदा प्रबंधन तंत्र को मज़बूत करने का आग्रह किया। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि ऐसी घटनाओं के दौरान जीवन की रक्षा और न्यूनतम व्यवधान सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय योजना, तत्क्षण समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया और समग्र सरकारी दृष्टिकोण आवश्यक हैं।

    अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने पुलिस नेतृत्व से आह्वान किया कि वे विकासशील राष्ट्र की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए पुलिस व्यवस्था को फिर से व्यवस्थित करें, ताकि विकसित भारत बनने की राह पर साफ हो सके।

    प्रधानमंत्री ने खुफिया ब्यूरो के अधिकारियों को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक प्रदान किए। उन्होंने शहरी पुलिस व्यवस्था में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले तीन शहरों को भी पुरस्कार प्रदान किए। यह सम्मान शहरी पुलिस व्यवस्था में नवाचार और सुधार को प्रोत्साहित करने के लिए पहली बार स्थापित किया गया है।

    इस सम्मेलन में केंद्रीय गृह मंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, गृह राज्य मंत्री और केंद्रीय गृह सचिव ने भाग लिया। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशक और पुलिस महानिरीक्षक, साथ ही केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) और केंद्रीय पुलिस संगठनों के प्रमुखों ने प्रत्यक्ष रूप से भाग लिया, जबकि देश भर से विभिन्न रैंकों के 700 से अधिक अधिकारी वर्चुअल माध्यम से इस सम्मेलन में शामिल हुए।

       रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में बिहार के पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने श्री नितिन नवीन का आत्मीय स्वागत किया तथा उन्हें शॉल एवं प्रतीक चिन्ह नन्दी भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर विधायक किरण देव एवं छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष सौरभ सिंह उपस्थित थे।

    रायपुर / शौर्यपथ / केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह गुरुवार देर रात रायपुर पहुंचे, जहां स्वामी विवेकानंद विमानतल पर उनका भव्य एवं आत्मीय स्वागत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया। गृह मंत्री शाह के आगमन को लेकर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने कड़े प्रबंध किए थे।
    अमित शाह अपने रायपुर प्रवास के दौरान छत्तीसगढ़ में आयोजित डीजी कॉन्फ्रेंस में शामिल होंगे। देश भर के पुलिस महानिदेशकों, सुरक्षा एजेंसियों के शीर्ष अधिकारियों और केंद्रीय गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी वाली यह कॉन्फ्रेंस राष्ट्रीय सुरक्षा, आंतरिक व्यवस्था और आधुनिक पुलिसिंग से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है।
    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गृह मंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ को डीजी कॉन्फ्रेंस की मेजबानी का अवसर मिलना गर्व की बात है। उन्होंने गृह मंत्री के आगमन को राज्य के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे सुरक्षा संबंधी नीतियों और रणनीतियों को और मजबूती मिलेगी।
    गृह मंत्री शाह के आगमन पर एयरपोर्ट परिसर में केंद्रीय और राज्य सुरक्षा बलों के अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी तथा भाजपा पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। अमित शाह रात में रायपुर में विश्राम कर शुक्रवार से डीजी कॉन्फ्रेंस की बैठकों में शामिल होंगे।

    हमारा शौर्य

    हमारे बारे मे

    whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
     
    CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
    CONTECT NO.  -  8962936808
    EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
    Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
    LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
    © 2015 Shouryapath. All Rights Reserved. Designed By Global Vision