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April 15, 2026
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ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सड़क कनेक्टिविटी के लिए 454 स्टील ब्रिजों के निर्माण के लिए 1100 करोड़ रूपए की स्वीकृति देने का किया आग्रह
ग्रामीण क्षेत्रों की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, बस्तर संभाग में नक्सल चुनौतियों के कारण स्टील ब्रिज बनाना आसान
स्टील ब्रिज प्री फेब्रिकेटेड होते हैं और इनके निर्माण में लगता है कम समय
स्टील ब्रिजों का रख-रखाव और उन्नयन भी सुविधाजनक

रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केन्द्रीय पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर को पत्र लिखकर उनसे छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टीविटी के लिए 454 स्टील ब्रिजों के निर्माण हेतु 1100 करोड़ रूपए की राशि स्वीकृत करने का अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री बघेल ने तोमर को पत्र में लिखा है कि छत्तीसगढ़ सरकार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के चहंुमुखी विकास के लिए इन इलाकों में सड़कों के निर्माण के लिए दृढ़ संकल्पित है। छत्तीसगढ़ का 44 प्रतिशत भू-भाग वनों से अच्छादित है और 76 प्रतिशत जनसंख्या ग्रामीण है, जिनमें बड़ी संख्या में आदिवासी वर्ग के लोग हैं। छत्तीसगढ़ का बड़ा भू-भाग दुर्गम है। जमीन की उत्पादकता वृद्धि, सम्पत्ति के निर्माण, रोजगार सृजन, कृषि उपज के नुकसान को कम करने और लोगों का जीवन स्तर सुधारने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों मंे सड़कों का निर्माण अतिआवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है कि हमारा फोकस अधोसंरचना विकास के कार्यो पर है। राज्य में 33 हजार 622 किलोमीटर लंबी 7300 ग्रामीण सड़कों का 264 बड़े पुलों (एलएसबी) सहित निर्माण किया गया है, जिनमें 9 स्टील ब्रिज हैं। इसके अलावा 7737 किलोमीटर लंबी 1240 सड़कें 114 बड़े पुलों (एलएसबी) सहित निर्माणाधीन हैं। इन क्षेत्रों की दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण वर्ष 2011 के पहले और उसके बाद भी बड़े पुलों का निर्माण नहीं कराया जा सका। राज्य सरकार द्वारा इन क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास के कार्यो का गंभीरता से ध्यान दिया जा रहा है। राज्य सरकार ने लगभग 1100 करोड़ रूपए की लागत के 454 बड़े पुलों (एलएसबी) को निर्माण के लिए चिन्हित किया है, जिनमें 250 स्टील ब्रिज शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है कि बस्तर छत्तीसगढ़ का सुदूर दक्षिण में स्थित संभाग है और नक्सल प्रभावित क्षेत्र है। यह क्षेत्र दुर्गम भौगोलिक चुनौतियों और सघन वनों के साथ सीमावर्ती राज्यों से जुड़ा है। अब तक राज्य सरकार द्वारा बस्तर संभाग मंे 7228 किलोमीटर लंबी 1375 सड़कों का निर्माण किया गया है तथा 3009 किलोमीटर लंबी 692 सड़कें निर्माणाधीन हैं। इन क्षेत्रों में नक्सल गतिविधियों और निर्माण में लगने वाले लंबे समय के कारण बड़े पुलों (एलएसबी) का निर्माण व्यवहारिक (संभव) नहीं है। ऐसे क्षेत्रों में स्टील ब्रिजों का बनाना ज्यादा आसान होगा, क्यांेकि स्टील ब्रिज प्री फेब्रिकेटेड होते हैं और इनके निर्माण में समय भी कम लगता है। इसके अलावा ऐसे ब्रिजों के रख-रखाव और उन्नयन में काफी कम समय लगता है। ऐसे ब्रिजों को आवश्यकतानुसार सड़क सम्पर्क के लिए दूसरे स्थान पर स्थापित किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है कि ऐसे ब्रिजों के निर्माण से आदिवासी और ग्रामीण लोगों को न सिर्फ अच्छी सड़क कनेक्टीविटी मिलेगी, बल्कि राज्य सरकार को इसके माध्यम से उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने और बेहतर सड़क कनेक्टीविटी के कारण उनकी बाजार, शिक्षा, स्वास्थ्य और उचित मूल्य दुकानों तक पहंुच आसान बनाने में सहायता मिलेगी। इससे ग्रामीण और कृषि आय में बढ़ोतरी होगी, उत्पादकता बढ़ेगी, रोजगार के नये अवसर मिलेंगे और गरीबी उन्मूलन के लिए सतत विकास का इको सिस्टम बनेगा।
मुख्यमंत्री बघेल ने पत्र में इन परिस्थितियों के मद्देनजर केन्द्रीय पंचायती राज और ग्रामीण विकास मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर से ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सड़क कनेक्टीविटी के लिए 454 स्टील ब्रिजों के निर्माण के लिए 1100 करोड़ रूप्ए की राशि स्वीकृत करने का अनुरोध किया है।

शौर्यपथ खेल / सुरेश रैना भारतीय क्रिकेट टीम में भले ही नियमित खिलाड़ी नहीं रहे उनका टीम इण्डिया में अन्दर बाहर लगा ही रहा किन्तु टीम इण्डिया के जिस खिलाड़ी के साथ उनकी सबसे ज्यादा बनती थी तो वो महेंद्र सिंह धोनी ही थे दोनों की आपस में काफी निभती थी . महेंद्र सिंह धोनी के सन्यास की घोषणा के कुछ देर बाद सुरेश रैना ने भी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया और अपने सोशल मिडिया में पोस्ट करते हुए काहा माहि आपकी यात्रा ( क्रिकेट से संन्यास ) में हम भी साथ है और इसी के साथ क्रिकेट का एक और सितारा अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया .
भारतीय क्रिकेट टीम के बल्लेबाज रहे सुरैश रैना ने सोशल मीडिया के जरिए अपने रिटायरमेंट का ऐलान किया है. महेंद्र सिंह धोनी के रिटायरमेंट के बाद रैना ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा है कि वो भी इस यात्रा में शामिल हो रहे हैं.
अपने रिटायरमेंट के ऐलान के साथ ही सुरेश रैना ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक तस्वीर शेयर की है. इस तस्वीर के साथ ही सुरैश रैना ने लिखा, 'माही आपके साथ खेलना अच्छा था. पूरे दिल से गर्व के साथ, मैं आपकी इस यात्रा में शामिल होना चाहता हूं. थैंक यू इंडिया. जय हिन्द!'
बता दें कि सुरेश रैना भारतीय क्रिकेट टीम में मध्यक्रम की बल्लेबाजी क्रम में भूमिका निभाते आए हैं. हालांकि अब सुरेश रैना टीम इंडिया के लिए खेलते हुए नजर नहीं आएंगे. वहीं सुरेश रैना आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए खेलते हैं. महेंद्र सिंह धोनी भी आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स का हिस्सा हैं.

नई दिल्ली । शौर्यपथ । जम्मू -कश्मीर में सेना द्वारा चलाये जा रहे आतंक क्लीन मुहिम के दौरान आज बुधवार को पुलवामा सेक्टर में आतंकियों द्वारा भारतीय जवानों के साथ मुठभेड़ में सेना ने एक आतंकी को मार गिराया l वहीं यूपी के जौनपुर जिले का जवान जिलाजीत यादव शहीद हो गया। सेना चारों तरफ से आतंकी को घेर लिया हैl  26 वर्षीय जिलाजीत जौनपुर जिले जलालपुर थाना क्षेत्र के धौरहरा इजरी बहादुरपुर पास स्थित सिरकोनी गांव के निवासी थे। पुलवामा में बुधवार की भोर में शुरू हुए मुठभेड़ में एक आतंकी को भी मार गिराया गया है। फिलहाल इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है। सुरक्षा बलों को खुफिया एजेंसियों को सूचना मिली थी कि पुलवामा के कमराज़ीपोरा में एक बाग में आतंकी छिपे हैं।  सूचना मिलते ही सुरक्षाबलों ने इलाके को घेर लिया और तलाशी अभियान चलाया। खुद को घिरा देख आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग कर दी। सुरक्षाबलों ने भी जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान जिलाजीत शहीद हो गए। मारे गए एक आतंकी के पास से एक-47, ग्रेनेड के साथ ही अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद हुआ है।  जिलाजीत के पिता कांता प्रसाद यादव का दो वर्ष पहले निधन हो चुका है। घर पर मां उर्मिला और पत्नी पूनम अपने सात माह के बेटे के साथ चाचा राम इकबाल यादव, जवाहर यादव के साथ रहती हैं। जिलाजीत की दो बहनें हैं। जिलाजीत ने सरस्वती निकेतन इंटर कॉलेज बैरीपुर सिरकोनी से इंटर मीडिएट करने के बाद सेना में भर्ती हो गए थे। इकलौती संतान के शहीद होने की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गयाl गुरुवार को पार्थिव शरीर आने की संभावना जताई जा रही है।

नई दिल्ली / शौर्यपथ  / दिल्ली के नजदीक मानेसर में एक रिसॉर्ट में राजस्थान के बागी कांग्रेस नेता सचिन पायलट और उनके समर्थक विधायकों के ठहरने के बाद, रिसॉर्ट कोरोनोवायरस महामारी के लिए "क्वॉरंटीन सेंटर" होने का दावा कर रहा है. ये इसलिए अहम हो जाता है क्योंकि कांग्रेस ने बुधवार को सचिन पायलट से कहा कि वे हरियाणा में बीजेपी सरकार की सुरक्षा से बाहर आएं और जयपुर वापिस लौटें. राजस्थान में कांग्रेस सरकार के लिए एक बड़ा संकट खड़ा करने वाले पायलट ने बीजेपी में शामिल होने की किसी भी योजना से इनकार किया है. बेस्ट वेस्टर्न रिसोर्ट के प्रवेश द्वार पर "क्वॉरंटीन सेंटर" साइन लगाया गया है. किसी को भी अंदर नहीं जाने दिया जा रहा है,
गेट पर तैनात गार्ड ने NDTV को बताया ,"COVID मरीज अंदर हैं." हालांकि गार्ड ने मरीजों की संख्या और नए क्वॉरंटीन सेंटर के बारे में अन्य सवालों के जवाब देने से इनकार कर दिया. रिसॉर्ट के कर्मचारियों ने भी जानकारी देने से इनकार कर दिया कि सोमवार से रिसॉर्ट "क्वॉरंटीन सेंटर " के रूप में कैसे काम कर रहा है.

पायलट का समर्थन करने वाले विधायक पहले मानेसर के आईटीसी ग्रैंड भारत होटल में ठहरे थे. बाद में उनमें से कुछ बेस्ट वेस्टर्न रिसोर्ट में शिफ्ट हो गए. इस हफ्ते की शुरुआत में विधायकों के रिसॉर्ट में होने का वीडियो सामने आयाा था. 16 विधायकों को लॉन में बैठा देखा गया था. हालांकि पायलट वीडियो में नजर नहीं आए.

नई दिल्ली / शौर्यपथ / 

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) देश की सैन्य तैयारियों का जायजा लेने और समग्र स्थिति की समीक्षा करने के लिए शुक्रवार को लद्दाख (Ladakh) का दौरा करेंगे. सरकारी सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी. सिंह का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब भारत और चीन (China) तनातनी वाले स्थानों से सैनिकों को पूरी तरह पीछे हटाने के लिए एक कार्ययोजना को अंतिम रूप देने की ओर बढ़ रहे हैं. रक्षा मंत्री के साथ थलसेना अध्यक्ष जनरल एम एम नरवणे भी होंगे. 

 भारत और चीन की सेनाओं के बीच पांच मई को वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर गतिरोध शुरू होने के बाद से राजनाथ सिंह का लद्दाख का यह पहला दौरा होगा. सिंह का दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के तीन जुलाई को लद्दाख के औचक दौरे के कुछ दिन बाद हो रहा है. मोदी ने अपने दौरे के दौरान सैनिकों को संबोधित किया था और सीमा पर जारी गतिरोध से सख्ती से निपटने का संकेत दिया था.

सूत्रों ने कहा कि सिंह जनरल नरवणे, उत्तरी सैन्य कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल योगेश कुमार जोशी, 14वीं कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह तथा अन्य वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के साथ क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति की समग्र समीक्षा करेंगे. लद्दाख से रक्षा मंत्री श्रीनगर जाएंगे जहां वह शनिवार को वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक में पाकिस्तान से लगती नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर स्थिति की समीक्षा करेंगे.

सिंह को पहले तीन जुलाई को लद्दाख जाना था, लेकिन उनका यह दौरा टल गया था. पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन की सेनाओं के बीच कई स्थानों पर पांच मई से गतिरोध जारी था. गलवान घाटी (Galwan Valley) में हिंसक झड़प के बाद भारत और चीन के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया था जिसमें भारतीय सेना के 20 जवानों को जान गंवानी पड़ी थी. 

झड़प में चीनी सेना को भी नुकसान हुआ जिसकी उसने अब तक जानकारी नहीं दी है. अमेरिका की एक खुफिया रिपोर्ट के अनुसार इस झड़प में चीन के 35 सैनिक हताहत हुए, जबकि भारतीय पक्ष ने विभिन्न आकलन के आधार पर यह संख्या इससे भी अधिक बताई थी. हालांकि, कूटनीतिक और सैन्य स्तर की सिलसिलेवार बातचीत के चलते दोनों पक्षों ने पारस्परिक सहमति के आधार पर छह जुलाई से सैनिकों को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी और अब तनातनी वाले ज्यादातर स्थानों से सैनिक पीछे हट गए हैं.

गुना / शौर्यपथ /  मध्यप्रदेश के गुना जिले में किराए की जमीन पर खेती कर रहे किसान पति-पत्नी ने आत्महत्या करने का प्रयास किया. स्थानीय प्रशासन पुलिस वालों के साथ सरकारी जमीन पर अतिक्रमण हटाने पहुंचे था. परिजनों के मुताबिक परिवार पर तीन लाख रूपये से अधिक का कर्जा है, वो किराए पर खेत लेकर कर्ज की रकम चुकाना चाहते थे. दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया. महिला की हालत नाजुक है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घटना की उच्च स्तरीय जांच का आदेश दे दिया है. गुना की घटना का गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुना के कलेक्टर और एसपी को तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए हैं.
गुना के सरकारी पीजी कॉलेज की जमीन पर राजकुमार अहिरवार लंबे समय से खेती कर रहे थे, मंगलवार दोपहर अचानक गुना नगर पालिका का अतिक्रमण हटाओ दस्ता एसडीएम के नेतृत्व में यहां पहुंचा और राजकुमार की फसल पर जेसीबी चलवाना शुरू कर दिया. राजकुमार ने विरोध किया तो उसे पुलिस ने पकड़ लिया.

राजकुमार का कहना था कि ये उसकी पैतृक जमीन है. दादा-परदादा इस जमीन पर खेती करते आ रहे हैं. उसके पास पट्टा नहीं है. जब जमीन खाली पड़ी थी तो कोई नहीं आया. उसने 4 लाख रुपए का कर्ज लेकर बोवनी की है. अब फसल अंकुरित हो आई है. इस पर बुल्डोजर न चलाया जाया. मेरे परिवार में 10-12 लोग हैं. अब मेरे पास कोई दूसरा रास्ता नहीं है. आत्महत्या करूंगा.
थोड़ी देर बाद उसकी पत्नी ने भी जान देने की कोशिश की, अतिक्रमण हटाने आए दस्ते के लोगों ने दोनों को पकड़ने का प्रयास किया तब तक काफी देर हो चुकी थी. बाद में दोनों को जबरन अस्पताल पहुंचाया गया. गुना तहसीलदार निर्मल राठौर ने कहा भूमि की नाप के बाद जब जेसीबी से कब्जा हटाया जा रहा था उस वक्त जो बटाईदार हैं उन्होंने किसी जहरीली वस्तु का सेवन कर लिया, उन्हें इलाज के लिये अस्पताल भेज दिया गया है. अस्पताल में राजकुमार की पत्नी की हालत नाजुक बताई जा रही है.

गुना की घटना का गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुना के कलेक्टर और एसपी को तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की बर्बरता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. गुना मामले में उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं. जो भी इस घटना में दोषी है उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा है कि कल हुई घटना को सरकार ने काफी गंभीरता से लिया है. मुख्यमंत्री ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं. घटना क्यों हुई, कैसे हुई और इसके पीछे कौन दोषी है, इन सब बातों की जल्द रिपोर्ट देने के लिए एक टीम भोपाल से गुना रवाना कर दी गई है.

नई दिल्ली /शौर्यपथ / देश में बुधवार सुबह तक, बीते 24 घंटे में 20,572 लोगों के कोरोना वायरस से संक्रमण मुक्त होने के बाद रोगियों के ठीक होने की दर 63.24 प्रतिशत हो गई है. केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है. हालांकि इस दौरान देश में संक्रमण के 29,429 नए मामले भी सामने आए हैं. मंत्रालय ने कहा कि जांच में तेजी, समय पर इलाज और रोगियों की प्रभावी देखभाल के चलते ठीक होने वालों की संख्या में तेज वृद्धि हुई है. फिलहाल देश में ठीक हो चुके लोगों की तादाद मौजूदा संक्रमितों की तुलना में 2,72,191 अधिक है.
इस, बीच देश में संक्रमित पाए गए लोगों की कुल संख्या बुधवार को 9,36,181 हो गई. इसके अलावा 582 रोगियों की मौत के साथ ही मृतकों की तादाद 24,309 तक पहुंच गई है. भारत में लगातार चौथे दिन कोरोना वायरस संक्रमण के 28 हजार से अधिक मामले सामने आए हैं. सुबह आठ बजे तक अपडेट किये गए स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार बीमारी से उबर चुके लोगों की तादाद 5,92,031 हो गई है. देश में अब भी 3,19,840 लोग वायरस से संक्रमित हैं. सभी रोगी चिकित्सा निगरानी में हैं.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, ''रोगियों के ठीक होने की दर आज बढ़कर 63.24 प्रतिशत हो गई है.'' मंत्रालय ने एक बयान में कहा, 'मौजूदा रोगियों और ठीक हो चुके लोगों की संख्या में अंतराल लगातार बढ़ रहा है. फिलहाल मौजूदा रोगियों के मुकाबले 2,72,191 अधिक लोग ठीक हो चुके हैं.' मंत्रालय ने कहा कि घर में पृथक रहने के नियमों और मानकों तथा ऑक्सीमीटर के इस्तेमाल से अस्पतालों पर दबाव डाले बगैर हल्के लक्षणों वाले या बिना लक्षणों वाले रोगियों का पता लगाने में मदद मिली है.
देश में कोविड-19 रोगियों के इलाज के लिये 1,378 पूरी तरह से कोविड के लिये समर्पित अस्पताल, 3,077 कोविड स्वास्थ्य केन्द्र, 21,738 वेंटिलेटरों वाले 10,351 कोविड देखभाल केन्द्र, 46,487 आईसीयू बिस्तर और 1,65,361 ऑक्सीजन बिस्तर मौजूद हैं. केन्द्र सरकार ने कोविड-19 का प्रभावी नैदानिक प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिये राज्यों, केन्द्र शासित प्रदेशों और केन्द्रीय संस्थानों को 230.98 लाख एन-95 मास्क, 123.56 लाख पीपीई किट और 11,660 वेंटिलेटर वितरित किये हैं.

पटना / शौर्यपथ / बिहार के गोपालगंज में 264 करोड़ की लागत से बना सत्तरघाट महासेतु बुधवार को पानी के दबाव से ध्वस्त हो गया. वहीं इस महासेतु के ध्वस्त होने से चंपारण तिरहुत और सारण के कई जिलों का संपर्क टूट गया है. इस पुल पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है. बीते 16 जून को सीएम नीतीश कुमार ने पटना से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस महासेतु का उद्घाटन किया था. गोपालगंज को चंपारण से और इसके साथ तिरहुत के कई जिलों से इस माह सेतु को जोड़ने का यह अतिमहत्वकांक्षी पुल था. इसके निर्माण में करीब 264 करोड़ की लागत आई थी.
गोपालगंज में आज तीन लाख से ज्यादा क्यूसेक पानी का बहाव था गंडक के इतने बड़े जलस्तर के दबाव से इस महासेतु का एप्रोच रोड टूट गया. जिसकी वजह से आवागमन बंद हो गया है. बैकुंठपुर के फैजुल्लाहपुर में यह पुल टूटा है. जहां पर देखने के लिए लोगो का तांता लगा है.
भाजपा विधायक मिथिलेश तिवारी ने इस मामले की जानकारी बिहार के पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव को दी है. उन्होंने कहा है कि इस मामले की जांच करने के लिए वह आगामी चार अगस्त को शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में उठाएंगे.
इस सेतु का निर्माण बिहार पुल निर्माण विभाग द्वारा कराया गया था. वर्ष 2012 में इस पुल का निर्माण शुरू किया गया था. निर्माण पूरा होने के बाद 16 जून 2020 को इस महासेतु का उद्घाटन किया गया था.

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