नई दिल्ली / शौर्यपथ / महाराष्ट्र के लेटर बम विवाद मामले में मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने सुप्रीम कोर्ट की शरण ली है. परमबीर ने इस मामले में याचिका दाखिल करके मामले की CBI जांच की मांग की है. पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह की याचिका में कहा गया है कि महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ आरोपों की सीबीआई द्वारा तुरंत निष्पक्ष और सही जांच कराई जाए और उनके ट्रांसफर को रद्द किया जाए.
गौरतलब है कि पूर्व मुंबई पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने पत्र लिखकर गृहमंत्री पर आरोप लगाया था कि 100 करोड़ वसूलने के लिए उन्हें टारगेट दिया गया था. इस मामले को लेकर सियासत भी तेज हो गई है. महाराष्ट्र के गृह मंत्री के देशमुख पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों का मुद्दा आज लोकसभा और राज्यसभा में उठाया गया. संसद में बीजेपी के मनोज कोटक ने 100 करोड़ का मुद्दा उठाया. वहीं, पार्टी के सांसद राकेश सिंह ने सदन में कहा कि 'महाराष्ट्र में बेमेल गठबंधन की सरकार है. क्या वजह है अब गृह मंत्री को बचाया जा रहा है. इसकी निष्पक्ष जांच केंद्रीय एजेंसी से करानी चाहिए.' उन्होंने मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग भी की.
मशहूर उद्योगपति मुकेश अंबानी के मुंबई स्थित निवास के पास एक चार पहिया गाड़ी में विस्फोटक मिलने और फिर गाड़ी के संभावित मालिक मनसुख हीरेन की संदिग्ध मौत की जांच चल रही है. मामले में 'अक्षम्य गलतियां' करने के आरोप में मुंबई पुलिस के आयुक्त परमबीर सिंह को होमगार्ड विभाग में ट्रांसफर कर दिया गया था. इसके बाद परमबीर सिंह ने सीएम उद्धव ठाकरे को एक चिट्ठी लिखकर देशमुख पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे और कहा था कि उन्होंने कई पुलिस अफसरों के सामने 100 करोड़ के वसूली का लक्ष्य रखा था.