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पाकिस्तान ने भी 'अभिनंदन' के बारे में बता दिया था, पुलिस हमारे लापता साथियों के बारे में नहीं बता रही संयु्क्त किसान मोर्चा

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नई दिल्ली / शौर्यपथ / संयुक्‍त किसान मोर्चा ने कहा है कि कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन के दौरान उसके कुछ साथी 'लापता' हैं. SKM के सदस्‍य राजेंदर सिंह दीपसिंह वाला ने कहा कि गायब हुए अपने साथियों का जानकारी हासिल करना हमारी प्राथमिकता है. उन्‍होंने कहा कि यहां तक कि पाकिस्‍तान, चीन भी इस बारे में जानकारी सामझा करते हैं. दीपसिंह वाला ने कहा कि हम कल दिल्‍ली के सीएम अरविंद केजरीवाल से मिले थे और हमारे जिन साथियों का पता नहीं चल पा रहा है उसकी सूची सौंपी है.किसान नेता ने कहा कि सीएम ने हमें 115 की लिस्‍ट दी है जो जेल में बंद हैं, इसके बावजूद 18 से अधिक किसानों का पता नहीं चल पा रहा है. हम यह नहीं कर रहे कि ये साथी दोषी है या निर्दोष लेकिन हमारे हर साथी को अपना पक्ष रखने के लिए वकील उपलब्‍ध कराया जाना चाहिए.
राजेंदर सिंह ने सरकार और दिल्‍ली पुलिस के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि पाकिस्‍तान ने भी विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान के बारे में भारत को बताया था. उन्‍होंने कहा कि दिल्‍ली से लगी सीमा पर कील और कंटीली फेंसिंग लगाकर हमें अलग-थलग कर दिया.सरकार को बातचीत के लिए उपयुक्‍त माहौल बनाना चाहिए.
दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने भी कहा है कि उनकी सरकार प्रदर्शन स्थलों से गायब हुए किसानों की तलाश में मदद करेगी और जरूरत पड़ने पर उप राज्यपाल और केन्द्र से भी संपर्क करेगी. केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार यहां 26 जनवरी को हुई हिंसा के मामले में विभिन्न जेलों में बंद 115 लोगों के नामों की सूची भी सार्वजनिक करेगी. उन्होंने बुधवार को संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘‘हम 115 प्रदर्शनकारियों के नामों की सूची जारी कर रहे हैं जिन्हें गणतंत्र दिवस पर हिंसा के संबंध में पुलिस ने गिरफ्तार किया था और जो विभिन्न जेल में बंद हैं. हमारी सरकार लापता हुए प्रदर्शनकारियों का पता लगाने का हरसंभव प्रयास करेगी और जरूरत पड़ने पर मैं उप राज्यपाल और केन्द्र सरकार से बातचीत करूंगा.'' गौरतलब है कि संयुक्त किसान मोर्चा की कानूनी टीम के एक प्रतिनिधि दल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी और 29 लापता किसानों के नामों की सूची उन्हें सौंपी थी, इसमें किसानों के प्रदर्शन के खिलाफ कथित साजिश की न्यायिक जांच कराने और जेल में बंद लोगों की जांच के लिए चिकित्सकीय बोर्ड के गठन की मांग भी की गई थी.

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शौर्यपथ

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