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वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई महिला वकीलों के लिए सशक्तिकरण का स्रोत: जस्टिस चंद्रचूड़

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नई दिल्ली / शौर्यपथ / सुप्रीम कोर्ट में वर्चुअल सुनवाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई महिला वकीलों के लिए सशक्तिकरण का स्रोत है. महिला वकीलों व यंग वकीलों के लिए वर्चुअल सुनवाई काफी सुविधाजनक है. खास तौर पर महिला वकीलों के लिए जिनके पास कई जिम्मेदारियां होती हैं. अब उनको पूरा दिन कोर्ट में खड़े रहकर अपने केस का इंतजार नहीं करना पड़ता है. सबसे खुशी की बात ये है कि देश भर के अलग- अलग हिस्सों से यंग वकील सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट से जुड़ रहे हैं. देश विदेश से वकील केस के लिए सुप्रीम कोर्ट से जुड़ते हैं.
जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि हाईब्रिड सुनवाई कब से शुरू होगी ये CJI तय करेंगे लेकिन शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट में रजिस्ट्री ने वर्चुअल सुनवाई शुरू करने के लिए शानदार काम किया. यहां वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा थी लेकिन किसी और काम के लिए. ऐसे में महामारी के चलते इसे शुरू करना पड़ा. अब निजी पार्टियों ने यह संभाल लिया है जो इसके विशेषज्ञ हैं.
इस दौरान वरिष्ठ वकील वी गिरी और केवी विश्वनाथन ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा वर्चुअल सुनवाई की तारीफ की और कहा कि महामारी के दौरान सुप्रीम कोर्ट मामलों की सुनवाई करता रहा है. शुरुआत में ज्यादा दिक्कत थी लेकिन अब ठीक है.
अदालत ने कहा कि गिरी कोच्चि से पेश होते हैं जबकि हरीश साल्वे लंदन से. हालांकि जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि वैसे शारीरिक रूप से सुनवाई का लुत्फ कुछ और ही है. ये बातचीत जस्टिस चंद्रचूड़ और जस्टिस एमआर शाह की बेंच के सामने एक मामले की सुनवाई के दौरान हुई.
दरअसल कोरोना के चलते 23 मार्च 2020 से ही सुप्रीम कोर्ट वर्चुअल सुनवाई कर रहा है. जस्टिस चंद्रचूड़ सुप्रीम कोर्ट की ई कमेटी को हेड कर रहे हैं.

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शौर्यपथ

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