नई दिल्ली /शौर्यपथ / गणतंत्र दिवस पर किसान संगठनों की ओर से निकाली गई ट्रैक्टर रैली ने मंगलवार को झड़प का रूप ले लिया था. इसमें 86 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं साथ ही इस घटना को लेकर 15 केस दर्ज किए गए हैं. किसानों ने दिल्ली के कई स्थानों पर जमकर बवाल काटा और पुलिस से उनकी झड़प हुई. हालात को काबू करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज, वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया. कृषि कानूनों के खिलाफ करीब दो माह से दिल्ली में मोर्चे पर डटे किसानों की ओर से निकाली गई रैली के दौरान ट्रैक्टर हादसे में एक किसान की मौत हो गई. दिल्ली पुलिस ने किसानों को राजपथ पर आधिकारिक गणतंत्र दिवस परेड समाप्त होने के बाद निर्धारित मार्गों पर ट्रैक्टर परेड की इजाजत दी थी, लेकिन उस समय अफरातफरी की स्थित पैदा हो गई जब किसान मध्य दिल्ली की ओर जाने पर अड़ गए. किसानों ने तय समय से पहले ही परेड शुरू कर दी और मध्य दिल्ली के ITO पहुंच गए और लुटियन दिल्ली में दाखिल होने की कोशिश करने लगे. प्रदर्शनकारी डंडे लिए हुए थे और आईटीओ पर वे पुलिस के साथ भिड़ गए. ट्रैक्टर रैली को लेकर सेंट्रल दिल्ली में घुस चुके किसान लाल किले तक पहुंच गए थे और यहां पर कुछ प्रदर्शनकारियों को दूसरा झंडा फहराते हुए देखा गया.
दिल्ली में किसानों द्वारा निकाली गई ट्रैक्टर रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों ने काफी हंगामा मचाया. लेकिन वहीं दिल्ली और यूपी के बॉर्डर पर कुछ ऐसे दृश्य भी देखने को मिले, जो दिल को छू जाए. चिल्ला बॉर्डर पर किसान और पुलिसकर्मियों ने एक-दूसरे को फूल दिए.भारत किसान यूनियन (BKU) के यूपी अध्यक्ष योगेश प्रताप सिंह ने नोएडा पुलिस के एडिशनल डिप्टी कमिश्नर रणविजय सिंह को गुलाब का फूल भेंट किया. यहां तक कि उन्होंने प्रदर्शनकारियों द्वारा तैयार किए हुए खाने को भी खाया.
किसान नेता और भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) का दावा है कि प्रदर्शन पर किसान नेताओं का नियंत्रण है. उन्होंने कहा कि गड़बड़ी फैलाने की कोशिश करने वाली की पहचान है. राजनीतिक दलों के लोग हैं, जो आंदोलन को खराब करने की कोशिश में जुटे हैं. वहीं संयुक्त मोर्चा की तरफ से एक बयान जारी कर कहा गया है कि हम इस पूरे घटनाक्रम पर खेद व्यक्त करते हैं.आंदोलन में कुछ अराजक लोग घुस आए हैं.जिन लोगों ने तय रास्ते से बाहर जाने का काम किया है उससे संयुक्त किसान मोर्चा ख़ुद को अलग करता है.
ट्रैक्टर रैली की हिंसा में 86 पुलिसकर्मी घायल, अब तक कुल 15 मामले दर्ज, लाल किले में भारी फोर्स की तैनाती
गणतंत्र दिवस के मौके पर दिल्ली में किसानों की ट्रैक्टर रैली में हुई हिंसा में बुधवार की सुबह तक 15 मामले दर्ज किए जा चुके हैं. दिल्ली पुलिस ने इसकी जानकारी दी है. वहीं मंगलवार पूरे दिन चले इस घटनाक्रम में 86 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं. रैली के रूट से हटकर उग्र होकर लाल किले में पहुंचे सभी प्रदर्शनकारियों को किले से बाहर निकाल दिया गया है और पूरे किले में भारी फोर्स की तैनाती की गई है.