बेंगलुरु/शौर्यपथ /यौन उत्पीड़न मामले का कथित मास्टरमाइंड प्रज्वल रेवन्ना ने वीडियो मैसेज में कहा था की वो 31 मई को सुबह 10 बजे SIT के सामने आत्मसमर्पण करेगा. प्रज्वल रेवन्ना का Air ticket भी सामने आया है जिसके मुताबिक जर्मनी की राजधानी Munich से वो गुरुवार को दोपहर चलेगा और भारतीय समयानुसार शुक्रवार तड़के बैंगलोर एयरपोर्ट पहुंचेगा. प्रज्वल रेवन्ना के मुताबिक़ उसी दिन यानी 31 मई को प्रज्वल 10 बजे SIT के सामने हाज़िर होगा.
नींबू लेकर विधान सभा आते थे एचडी रेवन्ना
2018 में जब कुमारस्वामी जेडीएस- कांग्रेस की साझा सरकार में मुख्यमंत्री बने तो अपने बड़े भाई एचडी रेवन्ना को कैबिनेट मंत्री बनाया. वो अपने हाथ में नींबू लेकर विधान सभा आते थे क्योंकि ज्योतिषियों की ये सलाह थी की अगर एचडी रेवन्ना ऐसा नहीं करते है तो कुमारस्वामी सरकार और उनके मंत्री पद पर संकट खड़ा हो जाएगा. बीजेपी ने इसपर आपत्ति की थी तो मुख्यमंत्री कुमारस्वामी अपने बड़े भाई एच डी रेवन्ना के साथ खड़े हुए थे.
कुमारस्वामी ने कहा था "आप रेवन्ना पर नींबू ले जाने का आरोप लगाते हैं. आप (भाजपा) हिंदू संस्कृति में विश्वास करते हैं, लेकिन आप उन पर हमला करते हैं. वह नींबू साथ लेकर मंदिर जाते हैं. लेकिन आप उन पर काला जादू करने का आरोप लगाते हैं. क्या काले जादू से सरकार बचाना संभव है?" फिर ज्योतिषियों की सलाह पर एच डी रेवन्ना रोज हासन से बेंगलुरु तक का 200 किलोमीटर का सफर करते थे. क्योंकि एक ज्योतिष ने उन्हे सलाह दी थी की अगर वो मंत्री रहते हुए बेंगलुरु में अपने घर पर सोए तो उनका मंत्री पद जा सकता है.
ऊंची कर दी थी घर की दीवार
2006 में कुमारस्वामी जब पहली बार मुख्यमंत्री बने थे तो उन्होंने अपने सरकारी निवास यानी अनुग्रह की दीवार ऊंची करवा दी थी. ये सलाह उन्हे एक ज्योतिषी ने दी थी. इतना ही नहीं अपने सरकारी आवास अनुग्रह में एक गौशाला भी खोली थी. जब एनडीटीवी ने उनसे पूछा था कि क्या आपको किसी ज्योतिष ने ये सब करने की सलाह दी है तो कुमारस्वामी का जवाब था की" मैं अपने किसी शुभचिंतक की सलाह पर ये सब कर रहा हू"
पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा पर भी ज्योतिषियों का प्रभाव है. कहते है की बगैर ज्योतिषियों की सलाह के देवेगौड़ा कोई क़दम नही उठाते. ऐसे में देवेगौड़ा के पोते प्रज्वल रेवन्ना के बारे में अफवाहों का बाज़ार गर्म है की ज्योतिष के कहने पर ही प्रज्वल रेवन्ना ने देश वापस लौटने की तारीख और SIT के सामने आत्मसमर्पण का समय तय किया है.