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ढाई साल के इंतज़ार के बाद खुला दुर्ग में'एल्डरमैन कार्ड'! जाने किसका है नाम

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दुर्ग निगम में किसकी चली सबसे ज़्यादा? सरोज पांडे का प्रभाव बरकरार, सांसद-विधायक खेमों को भी मिला प्रतिनिधित्व

दुर्ग। लगभग ढाई वर्ष के लंबे इंतज़ार के बाद छत्तीसगढ़ शासन ने प्रदेशभर के नगरीय निकायों में एल्डरमैनों की नियुक्ति प्रक्रिया को गति देते हुए दुर्ग नगर पालिक निगम के लिए 9 एल्डरमैनों की सूची जारी कर दी है। सूची सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। संगठनात्मक समीकरणों और राजनीतिक संतुलन को साधते हुए जारी इस सूची में एक बार फिर भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पांडे का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सूची में शामिल अधिकांश नाम ऐसे हैं, जो लंबे समय से संगठन में सक्रिय रहे हैं अथवा सरोज पांडे के विश्वस्त माने जाते हैं। इसके साथ ही दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल तथा विधायक एवं मंत्री गजेंद्र यादव के करीबी नेताओं को भी स्थान देकर पार्टी नेतृत्व ने सभी प्रमुख शक्ति केंद्रों के बीच संतुलन साधने का प्रयास किया है।

दुर्ग निगम के घोषित 9 एल्डरमैन

श्री मदन वाडई

श्रीमती चमेली साहू

श्री अनुप सोनी

श्री तुलसी यादव

श्री दशरथ निर्मलकर

श्री गौरव शर्मा

श्री तेखन सिन्हा

श्री कांतिलाल जैन (गोलू)

श्री नरेश तेजवानी

संगठन को प्राथमिकता, सामाजिक संतुलन पर भी ध्यान

सूची पर नजर डालें तो इसमें विभिन्न सामाजिक वर्गों और लंबे समय से संगठन में कार्यरत कार्यकर्ताओं को प्रतिनिधित्व देने का प्रयास दिखाई देता है। पार्टी ने अनुभवी चेहरों के साथ सक्रिय कार्यकर्ताओं को भी अवसर देकर यह संदेश देने की कोशिश की है कि संगठन के प्रति समर्पण का सम्मान किया जाएगा।

अब बढ़ेगी निगम की राजनीतिक सक्रियता

एल्डरमैनों की नियुक्ति के बाद दुर्ग नगर निगम में कई महत्वपूर्ण समितियों के गठन का रास्ता साफ हो जाएगा। विकास योजनाओं, निगम की नीतियों और विभिन्न प्रशासनिक निर्णयों में इन मनोनीत सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। ऐसे में यह नियुक्ति केवल औपचारिक नहीं, बल्कि आने वाले समय की स्थानीय राजनीतिक दिशा तय करने वाली भी मानी जा रही है।

चर्चा का विषय बनी सूची

सूची जारी होने के साथ ही भाजपा के भीतर खुशी का माहौल है, वहीं जिन नेताओं के नामों की चर्चा लंबे समय से चल रही थी लेकिन सूची में स्थान नहीं मिला, उनके समर्थकों में हल्की निराशा भी देखी जा रही है। कुल मिलाकर यह सूची संगठनात्मक संदेश देने के साथ-साथ आगामी राजनीतिक रणनीति की झलक भी पेश करती है।

ढाई वर्षों के इंतज़ार के बाद जारी हुई यह सूची साफ संकेत देती है कि भाजपा ने दुर्ग में संगठन, अनुभव और राजनीतिक संतुलन—तीनों को साधने की कोशिश की है। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि नव-नियुक्त एल्डरमैन नगर निगम की कार्यप्रणाली और शहर के विकास में कितनी प्रभावी भूमिका निभाते हैं।

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