10.30 करोड़ की स्वीकृति के बावजूद अस्पताल स्थानांतरण की चर्चा से बढ़ी चिंता, भाजपा पदाधिकारियों, पार्षदों और नागरिकों ने सौंपा ज्ञापन
दुर्ग। पटरीपार क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ा एक अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दा अब जनआंदोलन का स्वरूप लेता दिखाई दे रहा है। सिकोला बस्ती, धमधा नाका स्थित प्रस्तावित शासकीय नवीन आयुर्वेदिक चिकित्सालय भवन को उसके वर्तमान स्थान से कहीं और स्थानांतरित किए जाने की आशंकाओं के बीच क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, भारतीय जनता पार्टी सिकोला भाठा पटरीपार मंडल के पदाधिकारियों एवं बड़ी संख्या में नागरिकों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अस्पताल भवन का निर्माण उसी स्वीकृत स्थल पर कराने की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि पटरीपार क्षेत्र में लगभग एक लाख से अधिक नागरिक निवासरत हैं, जो वर्षों से पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं। ऐसे में सिकोला बस्ती, धमधा नाका स्थित आयुर्वेदिक चिकित्सालय गरीबों, मजदूरों, महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के लिए स्वास्थ्य सेवा का एक महत्वपूर्ण केंद्र बना हुआ है।
जनता के लिए जीवनरेखा बना हुआ है अस्पताल
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि आयुर्वेदिक चिकित्सालय के नवीन भवन निर्माण के लिए लगभग 10 करोड़ 30 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की जा चुकी है। किंतु क्षेत्र में यह चर्चा है कि प्रस्तावित भवन को उसके मूल स्थान से हटाकर किसी अन्य क्षेत्र में निर्मित करने का प्रयास किया जा रहा है। इस संभावना ने क्षेत्रवासियों में गहरी चिंता और असंतोष पैदा कर दिया है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि जिस उद्देश्य से यह राशि स्वीकृत हुई है, उसकी सार्थकता तभी सिद्ध होगी जब अस्पताल का निर्माण उसी क्षेत्र में किया जाए जहां इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है। वर्तमान स्थल पर भवन निर्माण के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध होने का भी दावा किया गया है।
15 वार्डों की जनता होगी प्रभावित
ज्ञापन के अनुसार यदि अस्पताल को वर्तमान स्थान से हटाकर किसी अन्य क्षेत्र में स्थापित किया जाता है तो पटरीपार क्षेत्र के लगभग 15 वार्डों की जनता सीधे तौर पर प्रभावित होगी। हजारों गरीब परिवारों, दिहाड़ी मजदूरों, महिलाओं, बुजुर्गों और जरूरतमंद नागरिकों को उपचार के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं तक उनकी पहुंच और अधिक कठिन हो जाएगी।
जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यह केवल एक भवन निर्माण का विषय नहीं है, बल्कि लाखों उम्मीदों, जनभावनाओं और नागरिकों के स्वास्थ्य अधिकारों का प्रश्न है। यदि अस्पताल को अन्यत्र स्थानांतरित किया गया तो यह क्षेत्र की जनता के साथ अन्याय होगा तथा स्वास्थ्य सुविधाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
भाजपा मंडल और पार्षदों ने दिखाई एकजुटता
ज्ञापन पर भाजपा सिकोला भाठा पटरीपार मंडल अध्यक्ष मनमोहन शर्मा के साथ क्षेत्र के कई पार्षदों एवं जनप्रतिनिधियों के हस्ताक्षर हैं। सभी ने एक स्वर में मांग की है कि जनहित को सर्वोपरि रखते हुए आयुर्वेदिक चिकित्सालय के नवीन भवन का निर्माण सिकोला बस्ती, धमधा नाका स्थित वर्तमान स्थल पर ही कराया जाए।
स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए निर्णायक साबित हो सकता है यह फैसला
पटरीपार क्षेत्र लंबे समय से स्वास्थ्य, शिक्षा और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की मांग करता रहा है। ऐसे में यदि स्वीकृत आयुर्वेदिक चिकित्सालय भवन का निर्माण यथास्थान होता है तो यह क्षेत्र की बड़ी आबादी के लिए राहत और स्वास्थ्य सुरक्षा का मजबूत आधार बनेगा। वहीं यदि परियोजना का स्थान बदला जाता है तो यह निर्णय हजारों जरूरतमंद परिवारों के लिए गंभीर कठिनाइयों का कारण बन सकता है।
अब निगाहें जिला प्रशासन के निर्णय पर टिकी हैं। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि जनभावनाओं, जनहित और स्वास्थ्य सुविधाओं की वास्तविक आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ऐसा निर्णय लेगा जो पटरीपार क्षेत्र की एक लाख से अधिक आबादी के हितों की रक्षा कर सके।