दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग जिले में चार निगम क्षेत्र में निकाय चुनाव हो रहे है जिसमे रिसाली निगम के अस्तित्व में आने के बाद पहली बार निगम के चुनाव हो रहे है ऐसे में यह सभी प्रत्याशियों के लिए प्रतिष्ठा की बात बनी हुई है . रिसाली निगम के गठन का वादा चुनावी वादा था जिसे तात्कालिक विधान सभा प्रत्याशी ताम्रध्वज साहू ने आम जनता से किया था और कांग्रेस की पूर्ण बहुमत की सरकार बनने के बाद प्रदेश में गृह मंत्री का प्रभार दुर्ग ग्रामीण विधायक ताम्रध्वज साहू को मिला . सरकार बनते ही गृह मंत्री साहू द्वारा रिसाली निगम के गठन की तैयारी शुरू कर दी गयी और बहुत ही कम समय में रिसाली निगम अस्तित्व में आ गया . निगम के अस्तित्व में आने के बाद क्षेत्र में करोडो रूपये के विकास कार्य भी शुरू हो गए . अब रिसाली निगम चुनाव में गृह मंत्री साहू के लिए रिसाली निगम का चुनाव प्रतिष्ठा से जुड़ गया है वही भाजपा भी पुरजोर कोशिश कर रही कि निगम की पहली निर्वाचित सरकार भाजपा के कब्ज़े में आये इसके लिए भाजपा संगठन ने इसकी जिम्मेदारी प्रदेश में विपक्ष के नेता धरम लाल कौशिक को दी है . चुनावी रुपरेखा बनने के लिए नेता प्रतिपक्ष द्वारा सघन जनसंपर्क किया जा रहा है साथ ही भाजपा संगठन में भिन्न भिन्न पदाधिकारियों को उनकी जिम्मेदारी भी दी गयी है जिसका निर्वहन विश्व की सबसे बड़ी संगठन भाजपा द्वारा बखूबी निभाया जा रहा है .
वही अगर कांग्रेस की बात करे तो कांग्रेस संगठन पूरी तरह से गृह मंत्री साहू के पीछे सिमट गया है . यु तो प्रदेश के गृह मंत्री एवं कई कद्दावर नेता रिसाली निगम में प्रचार कर रहे है और कांग्रेस के समर्थन में वोट मांग रहे है किन्तु दूसरी ओर देखा जाए तो चुनाव कार्यालय की स्थिति चिन्न भिन्न नजर आ रही है . दिखने को तो कार्यालय में भीड़ नजर आ रही है किन्तु किसके पास क्या जिम्मेदारी है ये कोई नहीं बता पा रहा है सभी एक दुसरे के ऊपर अपनी जिम्मेदारी सरकाते हुए बस यही कोशिश में लगे हुए है कि काम तब करे जब गृह मंत्री की नजर उन पर रहे जब तक गृह मंत्री साहू उपस्थित रहते है तब तक सभी आस पास मंडराते है और यही स्थिति जितेन्द्र साहू की उपस्थिति के समय रहती है . कांग्रेस चुनाव कार्यालय की स्थिति देखने से ऐसा प्रतीत होता है कि पुरे चुनाव की जिम्मेदारी सिर्फ गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू एवं प्रदेश महामंत्री जितेन्द्र साहू की है बाकी सिर्फ जी हुजूरी में ही समय व्यतीत करते है .
किसी भी चुनाव में मिडिया का महत्तवपूर्ण स्थान होता है किन्तु कांग्रेस कार्यालय में मिडिया का प्रभार किसे दिया गया है ये भी किसी को मालुम नहीं मिडिया प्रभारी किसी के सामने नहीं आते ऐसी स्थिति में कांग्रेस कार्यालय से प्रचार सम्बन्धी प्रोटोकाल में पहुंचे नेता सम्बन्धी जानकारी के लिए भी मशक्कत करनी होती है .
वर्तमान युग में चुनाव के समय प्रचार प्रसार का काफी महत्तव होता है जिसमे भाजपा संगठन पुरे जोर शोर से आगे बढ़ रहा है और रिसाली में अपनी चुनावी स्थिति को मजबूत कर रहा है वही कांग्रेस इस मामले में अगर शून्य की स्थिति कहा जाए तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी . एक मजबूत कड़ी के नदारद होने से रिसाली निगम क्षेत्र में कांग्रेस भाजपा के मुकाबले कमजोर साबित हो रही है . अब देखना यह है कि मामले पर गृह मंत्री क्या कदम उठाते है .