Notice: Trying to get property 'alias' of non-object in /home/u383106781/domains/shouryapathnews.m47.in/public_html/components/com_k2/router.php on line 292
Shourya Path News - बिलासपुर में आकार ले रहा 120 करोड़ का ‘नॉलेज सिटी’ सपना: मुख्यमंत्री साय ने किया नालंदा परिसर और एजुकेशन हब का निरीक्षण

Notice: Undefined property: Joomla\CMS\Object\CMSObject::$id in /home/u383106781/domains/shouryapathnews.m47.in/public_html/plugins/k2/sppagebuilder/sppagebuilder.php on line 85

Warning: count(): Parameter must be an array or an object that implements Countable in /home/u383106781/domains/shouryapathnews.m47.in/public_html/administrator/components/com_sppagebuilder/helpers/sppagebuilder.php on line 156

Warning: count(): Parameter must be an array or an object that implements Countable in /home/u383106781/domains/shouryapathnews.m47.in/public_html/administrator/components/com_sppagebuilder/helpers/sppagebuilder.php on line 156

Warning: count(): Parameter must be an array or an object that implements Countable in /home/u383106781/domains/shouryapathnews.m47.in/public_html/administrator/components/com_sppagebuilder/helpers/sppagebuilder.php on line 156

Notice: Only variables should be assigned by reference in /home/u383106781/domains/shouryapathnews.m47.in/public_html/templates/ts_news247/html/com_k2/templates/default/item.php on line 23
Print this page

बिलासपुर में आकार ले रहा 120 करोड़ का ‘नॉलेज सिटी’ सपना: मुख्यमंत्री साय ने किया नालंदा परिसर और एजुकेशन हब का निरीक्षण

  • rounak group

युवाओं को एक ही परिसर में मिलेगी लाइब्रेरी, छात्रावास और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की आधुनिक सुविधा

बिलासपुर/ छत्तीसगढ़ को शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षा तैयारी के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत बिलासपुर प्रवास के दौरान मधुबन-जूना बिलासपुर क्षेत्र में निर्माणाधीन नालंदा परिसर एवं एजुकेशन हब का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति का जायजा लिया।

मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन परियोजना का अवलोकन करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए तथा परियोजना को निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाए।

उन्होंने कहा कि यह केवल एक अधोसंरचना परियोजना नहीं, बल्कि प्रदेश के हजारों युवाओं के भविष्य को नई दिशा देने वाला ज्ञान एवं अवसरों का केंद्र बनने जा रहा है।


बिलासपुर बनेगा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का बड़ा केंद्र

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बिलासपुर पहले से ही प्रदेश के विभिन्न जिलों से आने वाले विद्यार्थियों का प्रमुख शैक्षणिक केंद्र रहा है। हर वर्ष बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं सीजीपीएससी, यूपीएससी, नीट, जेईई, एसएससी, बैंकिंग, व्यापम और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए यहां पहुंचते हैं।

ऐसे में आधुनिक सुविधाओं से युक्त एजुकेशन हब युवाओं को बेहतर अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराएगा और बिलासपुर को प्रदेश के प्रमुख शिक्षा केंद्र के रूप में स्थापित करेगा।

“यह परियोजना युवाओं के सपनों को नई उड़ान देगी और बिलासपुर को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाएगी।”
— मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय


13 एकड़ में विकसित हो रहा अत्याधुनिक एजुकेशन हब

लगभग 13 एकड़ शासकीय भूमि पर 120 करोड़ रुपये की लागत से विकसित हो रही इस महत्वाकांक्षी परियोजना में विद्यार्थियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अत्याधुनिक सुविधाएं तैयार की जा रही हैं।

परियोजना की प्रमुख विशेषताएं:

? नालंदा डिजिटल पब्लिक लाइब्रेरी

? 300-300 सीटर बालक एवं बालिका छात्रावास

? आधुनिक शैक्षणिक ब्लॉक

? डिजिटल अध्ययन एवं शोध सुविधाएं

? प्रतियोगी परीक्षा तैयारी हेतु अनुकूल वातावरण

? 48 बड़े रेंटल हॉल का निर्माण


अध्ययन, आवास और संसाधन एक ही परिसर में

इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता यह होगी कि विद्यार्थियों को अध्ययन, आवास और शैक्षणिक संसाधनों के लिए अलग-अलग स्थानों पर भटकना नहीं पड़ेगा।

एक ही परिसर में लाइब्रेरी, छात्रावास, अध्ययन कक्ष और अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता से विद्यार्थियों को बेहतर और व्यवस्थित तैयारी का अवसर मिलेगा।

विशेष रूप से दूरस्थ जिलों से आने वाले छात्रों को इसका सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।


नगर निगम के लिए भी बनेगा आय का स्थायी स्रोत

अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि परिसर में बनाए जा रहे 48 रेंटल हॉल भविष्य में नगर निगम के लिए नियमित आय का स्रोत बनेंगे।

यह परियोजना पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर विकसित की जा रही है, जिससे इसका संचालन वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर रहेगा और नगर निगम पर अतिरिक्त आर्थिक भार नहीं पड़ेगा।


‘ज्ञान केंद्र’ के रूप में विकसित होगा परिसर

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का सपना तभी साकार होगा जब युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक संसाधन और प्रतिस्पर्धी माहौल उपलब्ध कराया जाए।

उन्होंने कहा कि नालंदा परिसर और एजुकेशन हब केवल भवनों का समूह नहीं, बल्कि प्रदेश के युवाओं की आकांक्षाओं और सपनों को साकार करने वाला एक सशक्त “ज्ञान केंद्र” होगा।


शिक्षा के क्षेत्र में बिलासपुर की नई पहचान

परियोजना पूर्ण होने के बाद बिलासपुर की पहचान केवल संभागीय मुख्यालय तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह शहर प्रदेश और देश के उभरते शैक्षणिक केंद्रों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह एजुकेशन हब आने वाले वर्षों में हजारों विद्यार्थियों के लिए सफलता का आधार बनेगा और क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास को भी नई गति देगा।

शौर्यपथ विश्लेषण

120 करोड़ रुपये की यह परियोजना केवल अधोसंरचना विकास नहीं, बल्कि मानव संसाधन निर्माण में निवेश है। यदि निर्धारित समय में यह एजुकेशन हब पूर्ण हो जाता है, तो बिलासपुर छत्तीसगढ़ में प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा की तैयारी का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभर सकता है, जिससे युवाओं को महानगरों की ओर पलायन की आवश्यकता भी कम होगी।


Warning: count(): Parameter must be an array or an object that implements Countable in /home/u383106781/domains/shouryapathnews.m47.in/public_html/templates/ts_news247/html/com_k2/templates/default/item.php on line 308
Rate this item
(0 votes)
Last modified on Friday, 05 June 2026 06:57
शौर्यपथ

Latest from शौर्यपथ