स्कूलों में स्वच्छता का संदेश, लेकिन जिला शिक्षा कार्यालय के बाहर गंदगी का ढेर; सूचना के बाद भी नहीं हुई सफाई
दंतेवाड़ा। एक ओर शिक्षा विभाग स्कूलों में स्वच्छता पखवाड़ा मनाकर विद्यार्थियों को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का पाठ पढ़ा रहा है, वहीं दूसरी ओर जिला मुख्यालय स्थित जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय के बाहर फैली गंदगी विभाग के दावों पर सवाल खड़े कर रही है।
कार्यालय परिसर के समीप बड़ी मात्रा में कचरा बिखरा हुआ है, जिसमें विभागीय कार्यों में उपयोग किए गए कागज, प्लास्टिक की पानी की बोतलें तथा अन्य सूखा कचरा स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह कचरा राहगीरों या आम नागरिकों द्वारा नहीं, बल्कि कार्यालय के कर्मचारियों द्वारा ही फेंका गया है।
स्थिति को और गंभीर बनाता है यह तथ्य कि जिला शिक्षा कार्यालय में सूखा और गीला कचरा अलग-अलग संग्रहित करने की कोई समुचित व्यवस्था दिखाई नहीं देती। डस्टबिन और कचरा प्रबंधन के बुनियादी इंतजाम तक न होने से स्वच्छ भारत मिशन और स्वच्छता पखवाड़ा अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन पर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी प्रमोद ठाकुर को तत्काल सूचना भी दी गई, लेकिन खबर लिखे जाने तक संबंधित स्थान की सफाई नहीं कराई गई थी। इससे विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है।
अब सवाल यह है कि जो विभाग स्कूलों में स्वच्छता का संदेश देने की जिम्मेदारी निभा रहा है, क्या वह पहले अपने कार्यालय परिसर को स्वच्छ रखने की पहल करेगा? या फिर DEO कार्यालय के बाहर पड़ा यह कचरा विभागीय दावों की वास्तविकता उजागर करता रहेगा।
(यदि संबंधित पक्ष का पक्ष प्राप्त होता है, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)